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सीएम धामी ने किया ऐतिहासिक गौचर मेले का शुभारंभ, जानिये क्या है इसका इतिहास

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चमोली गौचर मेले में सात दिनों तक रंगारंग कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा.

देहरादून: उत्तराखंड के ऐतिहासिक गौचर मेला का शुभारंभ हो गया है. सीएम धामी ने आज चमोली गौचर मेले का उद्घाटन किया. गौचर मेला सात दिन चलेगा. इन सात दिनों में गौचर मेले में सांस्कृतिक कार्यक्रम व खेलकूद प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी. मेले के दौरान गौचर बाजार और क्षेत्र का विशेष सौंदर्यीकरण, नगर में पार्किंग, परिवहन, साफ-सफाई एवं सुरक्षा के सभी इंतेजाम किये गये हैं.

बता दें कि गौचर मेला लंबे समय से आयोजित होता आ रहा है. किसी जमाने में इसे उत्तराखंड का सबसे बड़ा मेला माना जाता था.यहां पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ ही खेलकूद प्रतियोगिताएं भी आयोजित की जाती थी. इन प्रतियोगिताओं में भाग लेने के लिए उत्तराखंड के साथ ही देश के विभिन्न राज्यों से कलाकार और खिलाड़ी गौचर पहुंचते थे. इसके साथ ही यहां का कृषि मेला भी देश भर में प्रसिद्ध था. मेले में बीते वर्षों में लाई गई लौकी और मूली की लंबाई देखकर मेला देखने आए लोग अचंभित रह जाते थे.गौचर मेला ऐतिहासिक व्यापारिक मेले के रूप में जाना जाता है.जिसमें जिले को लोग बढ़-चढ़ कर भाग लेते हैं.

गौचर मेले की शुरुवात तिब्बत की सीमा से लगने वाले 2 जनपदों पिथौरागढ़ व चमोली मे भोटिया जनजाति के लोगों की पहल पर शुरू हुआ. गौचर मेला उत्तराखंड के चमोली जनपद में जीवन की रोजमर्रा की आवश्यकताओं का हाट बाजार और यह हाट बाजार धीरे-धीरे मेले के रूप में परिवर्तित हो गया.

चमोली जनपद में नीती माणा घाटी के जनजातीय क्षेत्र के प्रमुख व्यापारी एवं जागरूक जनप्रतिनिधि स्वर्गीय बाल सिंह पाल,पान सिंह बमपाल , एवं गोविंद सिंह राणा ने चमोली जनपद में भी इसी प्रकार के व्यापारिक मेले के आयोजन का विचार प्रतिष्ठित पत्रकार एवं समाजसेवी स्वर्गीय गोविंद सिंह नोटियाल के समक्ष रखा, गढ़वाल के तत्कालीन डिप्टी कमिश्नर के सुझाव पर 1943 में गौचर में व्यापारिक मेले के आयोजन की शुरुवात की गई,बाद में धीरे-धीरे गौचर मेले ने औद्योगिक एवं सांस्कृतिक रूप धारण कर लिया.

बिहार चुनाव में एनडीए की जीत विकास-केंद्रित नीतियों की जीत है: महाराज

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देहरादून। प्रदेश पर्यटन, लोक निर्माण, सिंचाई, पंचायतीराज, ग्रामीण निर्माण, जलागम, धर्मस्व एवं संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज ने बिहार में एनडीए की जीत को मोदी सरकार के विकास और राज्य में डबल इंजन सरकार की सफलता की जीत बताया है।

कैबिनेट मंत्री श्री महाराज ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गृहमंत्री अमित शाह और सभी सहयोगी दलों को बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए की प्रचंड जीत पर शुभकामनाएं देते हुए कहा कि एनडीए ने विकास-केंद्रित नीतियों पर जोर दिया, जिससे बिहार में बुनियादी ढांचे, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के अवसरों में सुधार हुआ। महिलाओं को 10,000 रुपये की सीधी मदद और अन्य कल्याणकारी योजनाओं ने महिलाओं में भरोसा जगाया और उन्हें एनडीए के पक्ष में मतदान करने के लिए प्रेरित किया।

उन्होंने कहा कि एनडीए का मजबूत गठबंधन और सही सामाजिक समीकरण ने वोटों को बंटने से रोका और एनडीए को निर्णायक बढ़त दिलाई।मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का नेतृत्व और उनकी विकास नीतियों ने राज्य में स्थिरता और विकास को बढ़ावा दिया। केंद्र सरकार की सहायता ने राज्य में विकास परियोजनाओं को तेजी से पूरा करने में मदद की। इन कारणों से एनडीए को बिहार में प्रचंड बहुमत मिला और मोदी सरकार के विकास की जीत हुई।

उत्तराखंड में खुलेगा राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र, सरकार ने शुरू की प्रक्रिय़ा

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राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र खुलने से ब्लॉक और जिला स्तर पर रोगों की रोकथाम और उपचार पर बेहतर निगरानी की जा सकेगी.

देहरादून: उत्तराखंड सरकार प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर करने पर जोर दे रही है. जिससे लोगों को आसानी से बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिल सके. इसी क्रम में अब उत्तराखंड स्वास्थ्य विभाग, प्रदेश में संचारी एवं गैरसंचारी रोगों की रोकथाम के साथ ही इन रोगों का समय पर पहचान के लिए राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र खोलने का निर्णय लिया है. इसके लिए राज्य सरकार ने प्रक्रिया भी शुरू कर दी है. राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र खुलने से ब्लॉक और जिला स्तर पर रोगों की रोकथाम और उपचार पर बेहतर निगरानी की जा सकेगी.

देशभर में तेजी से फैल रहे संचारी एवं गैर संचारी रोग एक बड़ी चुनौती बनी हुई हैं. जिसको देखते हुए भारत सरकार की राष्ट्रीय संचारी रोग संस्थान (एनआईसीडी) की ओर से संचारी एवं गैरसंचारी रोगों के नियंत्रण पर रिसर्च करने के साथ ही इलाज के लिए दिशा निर्देश जारी करता रहा है. ऐसे में अब एनआईसीडी, संचारी एवं गैरसंचारी रोगों की निचले स्तर पर मॉनिटरिंग किए जाने को लेकर देश भर के सभी राज्यों में रोग नियंत्रण केंद्र स्थापित करने की योजना तैयार की है. जिसको देखते हुए उत्तराखंड स्वास्थ्य विभाग ने केंद्र खोलने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. साथ ही देहरादून में केंद्र खोलने के लिए जगह चिन्हित करने की प्रक्रिया चल रही है.

दरअसल, बदलते मौसम के बीच संचारी रोगों से ग्रसित मरीजों की संख्या में काफी तेजी से उछाल देखा जाता है. संचारी रोग एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में तेजी से फैलती है. संचारी रोगों की बात करें तो, इसमें सर्दी जुकाम, फ्लू, एचआईवी एड्स, खसरा और हेपेटाइटिस ए, बी, और सी, टाइफाइड, मलेरिया, डेंगू, टीबी, हैजा शामिल है. इसी तरह गैरसंचारी रोगों में हाई ब्लड प्रेशर, ब्लड शुगर, हृदय रोग, कैंसर, सांस से संबंधित रोग अस्थमा एवं क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी शामिल हैं. ऐसे में इन रोगों की की रोकथाम और जांच पर निगरानी, राष्ट्रीय रोग केंद्र के जरिए की जाएगी. जिससे सरकार के पास इन बीमारियों से ग्रसित मरीजों का डाटा भी तैयार हो जाएगा.

उत्तराखंड सचिव स्वास्थ्य आर. राजेश कुमार ने कहा प्रधानमंत्री आयुष्मान स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन के तहत राज्य में राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र बनाए जाएंगे. इस केंद्र के बनने के बाद प्रदेश में एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैलने वाले संचारी रोग एवं गैरसंचारी रोगों की रोकथाम एवं जांच के लिए बेहतर रणनीति तैयार करने को निगरानी भी की जाएगी. उन्होंने कहा सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए स्वास्थ्य महानिदेशालय में इमरजेंसी ऑपरेशन सेल भी तैयार किया जाएगा. इससे राज्य में आपदा के दौरान और अन्य दुर्घटनाओं के समय में तत्काल इलाज की सुविधा पहुंचाने के लिए समन्वय बनाया जाएगा.

सीएम धामी ने जौलजीबी मेले का किया शुभारंभ, मां के साथ पैतृक गांव भी पहुंचे, शेयर किये अनुभव

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सीएम धामी आज अपने पैतृक गांव पहुंचे. यहां सीएम धामी गांव की पगडंडी पर मां का हाथ पकड़े घूमते नजर आये.

पिथौरागढ़: सीएम पुष्कर धामी एक दिवसीय दौरे पर शुक्रवार को पिथौरागढ़ पहुंचे हैं. यहां सीएम धामी ने जौलजीबी मेले का शुभारंभ किया. ऐतिहासिक जौलजीबी मेला भारत और नेपाल की साझी संस्कृति का प्रतीक है. काली और गौरी नदी के संगम पर लगने वाले इस मेले ने कुमाऊं क्षेत्र के सबसे बड़े व्यापारिक मेलों के रूप में पहचान बनाई. धीरे-धीरे इस मेले को इतनी प्रसिद्धि मिली कि भारत के शहरों के साथ ही नेपाल और तिब्बत के व्यापारी भी यहां पहुंचने लगे. इस मौके पर डीडीहाट के विधायक फकीर राम टम्टा, जिला पंचायत अध्यक्ष जितेन्द्र प्रसाद सहित आदि मौजूद रहे.

मेले के शुभारंभ के बाद सीएम धामी पहली बार अपने गांव टुंडी बारमौ पहुंचे. यहां सीएम धामी गांव की पगडंडी पर मां का हाथ पकड़े घूमते नजर आये. इस दौरान सीएम धामी ने इस दौरान गांव के लोगों से भी बातचीत की है.

सीएम ने सोशल मीडिया पर भी अपनी इस यात्रा को लेकर पोस्ट किया. सीएम धामी ने लिखा-

आज सुबह मां के साथ अपने पैतृक क्षेत्र कनालीछीना के टुंडी–बारमौं पहुंचना मेरे लिए बेहद भावुक क्षण था यह वही धरा है जहां मैंने बचपन बिताया, पहली बार विद्यालय की राह पकड़ी और जहां गांव के स्नेह, संस्कृति और परम्पराओं की समृद्ध छाया ने मेरे व्यक्तित्व को आकार दिया. गांव पहुंचते ही बुजुर्गों का स्नेह आशीर्वाद और मातृशक्ति का अथाह प्रेम मन को भावनाओं से भर गया. कई बुजुर्ग आज भी मुझे बचपन के नाम से पुकारते हैं. यह अपनत्व शब्दों में समाना मुश्किल है. नौनिहालों और युवाओं की मुस्कुराहटों में वह सारी स्मृतियां फिर जीवंत हो उठीं, जिन्होंने मुझे मूल्य सिखाए और आगे बढ़ने की प्रेरणा दी.

पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री

पैतृक गांव में सीएम धामी ने ब्रह्मचारी मंदिर में पूजा-अर्चना की. सीएम धामी ने इसी गांव के प्राथमिक स्कूल से तीसरी तक की पढ़ाई की है. बाद में उनका परिवार यहां से खटीमा चला गया. इस मेले में भारत और नेपाल के व्यापारी पारंपरिक कपड़े, ऊनी सामान, जड़ी-बूटियां और हस्तशिल्प बेचते हैं.

गांव की यात्रा के बारे में सीएम धामी ने लिखा-

हर चेहरा अपना लगा हर आंगन स्मृतियों से भरा और हर कदम बचपन की गलियों से होकर गुजरता हुआ महसूस हुआ. टुंडी–बारमौं मेरे लिए सिर्फ एक गांव नहीं बल्कि मेरी जड़ें, संस्कार और मेरी पहचान है।आप सभी का स्नेह मेरे लिए शक्ति, प्रेरणा और जिम्मेदारी है. आज का दिन हमेशा हृदय में अंकित रहेगा. आपका प्रेम और विश्वास ही मेरी सबसे बड़ी पूंजी है, जो हर कदम पर मेरा मार्गदर्शन करता रहेगा.

पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री

बता दें सीएम धामी दो दिन की कुमाऊं यात्रा पर हैं. सीएम ने इस दौरान कई कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे. साथ ही सीएम धामी कुमाऊं को कई सौगात भी दे रहे हैं.

रुद्रपुर में घर के आंगन में दिखा विशालकाय इंडियन रॉक पायथन, लोगों में मचा हड़कंप

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शांतिपुरी में एक घर के आंगन में विशालकाय इंडियन रॉक पायथन दिखने से ग्रामीणों में हड़कंप मच गया.

रुद्रपुर: जनपद के ग्रामीण क्षेत्र शांतिपुरी में एक घर के आंगन में इंडियन रॉक पायथन के दिखने से हड़कंप मच गया. आनन फानन में वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और अजगर का बमुश्किल रेस्क्यू किया गया. रेस्क्यू किए गए पायथन तीन से चार साल का लग रहा है, जिसकी लंबाई 12 फीट से अधिक थी. वन विभाग की टीम ने अजगर को रेस्क्यू कर जंगल में छोड़ा. जिसके बाद लोगों ने राहत की सांस ली.

ग्रामीण क्षेत्र शांतिपुरी नंबर 2 में एक घर के आंगन में विशालकाय अजगर आने से हड़कंप मच गया. जैसे ही ग्रामीणों को इस बात की भनक लगी वैसे ही अजगर को देखने के लिए ग्रामीणों का तांता लग गया. आनन फानन में लोगों ने वन विभाग को मामले की सूचना दी गई. मौके पर पहुंची टीम ने अजगर को रेस्क्यू कर उसे जंगल में छोड़ा.

देहरादून में चलती कार बनी आग का गोला, चालक ने कूदकर बचाई जान

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देहरादून में एक चलती कार में अचानक आग लगने से लोगों में हड़कंप मच गया. आग पर दमकल विभाग ने बमुश्किल काबू पाया.

देहरादून: कोतवाली पटेल नगर क्षेत्र के अंतर्गत देर रात माजरा चमन विहार के पास चलती कार अचानक आग का गोला बन गई. कार में अचानक आग लगने से मौके पर अफरातफरी मच गई. कार में उठी लपटें कुछ ही सेकंड में विकराल रूप में बदल गईं और यह हादसा पेट्रोल पंप के बेहद करीब हुआ. जिसके कारण बडे़ हादसे का खतरा बना रहा. चालक द्वारा फायर ब्रिगेड को सूचना दी गई, सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम ने मौके पर पहुंच कर आग पर बमुश्किल काबू पाया. लेकिन तब तक कार जलकर खाक हो गई. साथ ही पुलिस द्वारा घटना के संबंध में अग्रिम कार्रवाई जारी है.

चालक रजत निवासी देवबंद, सहारनपुर ने बताया कि वह स्विफ्ट डिजायर को टैक्सी के रूप में चलाता है. गुरुवार शाम को वह महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कालेज में बुकिंग छोड़ने के बाद आईएसबीटी की तरफ जा रहा था. निरंजनपुर सब्जी मंडी से आगे पेट्रोल पंप के सामने कार में अचानक आग लग गई. समय रहते वह कार से बाहर कूद गया. देखते ही देखते ही आग ने विकराल रूप ले लिया और आसपास अफरातफरी का माहौल हो गया. साथ ही पास में पेट्रोल पंप होने के कारण बड़ा हादसा होने की आशंका थी, लेकिन हादसा टल गया.

उत्तराखंड में भीषण सड़क हादसा: गहरी खाई में गिरी कार, 2 युवकों की दर्दनाक मौत

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डूनी से चहज जाने वाले मार्ग पर एक कार हादसे का शिकार हो गई. घटना में दो युवकों की मौत हो गई.

पिथौरागढ़: गंगोलीहाट पिथौरागढ़ मोटर मार्ग से डूनी से चहज जाने वाले मार्ग में गुरुवार देर रात्रि लगभग 11 बजे एक कार दुर्घटनाग्रस्त हो गई. जिसमें एक युवक की मौत मौके पर हो गई थी और दूसरे की जिला चिकित्सालय पिथौरागढ़ में उपचार के दौरान मौत हुई है. सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. हादसे में युवकों की मौत के बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है. फिलहाल पुलिस हादसे की जांच में जुट गई है.

बताया जा रहा है कि डूनी निवासी सुरेश सिंह (उम्र 30 वर्ष) पुत्र चंद्र सिंह निवासी डूनी और पवन सिंह (उम्र 35 वर्ष) पुत्र रघुवीर सिंह निवासी ग्राम निगलटी गुरुवार दोपहर खटीमा ब्रेजा कार से घर को निकले थे.

जियो थर्मल पॉलिसी बनाने वाला उत्तराखंड देश का पहला राज्य: डॉ आर मीनाक्षी सुंदरम

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छोटे देहरादून अंतर्राष्ट्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी महोत्सव के दूसरे दिन ग्रीन एनर्जी कॉन्क्लेव में बोले प्रमुख सचिव ऊर्जा

छठे देहरादून अंतरराष्ट्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी महोत्सव के दूसरे दिन आयोजित ग्रीन एनर्जी कॉन्क्लेव में मुख्य अतिथि के रूप में बोलते हुए प्रदेश के ऊर्जा एवं नियोजन सचिव डॉक्टर आर मीनाक्षी सुंदरम ने कहा कि उत्तराखंड देश का पहला राज्य है जिसने जियोथर्मल एनर्जी पॉलिसी को बनाया। उन्होंने बताया कि इसी पॉलिसी के आधार पर भारत सरकार ने भी जियो थर्मल पॉलिसी पर आगे काम शुरू किया। डॉ सुंदरम ने बताया कि 2047 तक विकसित राष्ट्र का सपना पूरा करने के लिए सबसे प्राथमिक आवश्यकता ऊर्जा की होगी और हमें ऊर्जा की वृद्धि एक्स्पोनेंशियल रूप से करनी होगी, इसी को ध्यान में रखते हुए ग्रीन ऊर्जा के ऐसे गैर परंपरागत स्रोत जिसमें कार्बन फुटप्रिंट ना हो इन पर पूरे देश में काम चल रहा है। उन्होंने बताया कि सोलर एनर्जी ग्रीन एनर्जी का एक बहुत बड़ा स्रोत है लेकिन सोलर एनर्जी का उपयोग हम रात में नहीं कर पा रहे हैं। जैसे ही हम सोलर एनर्जी को बैटरी बेस एनर्जी के अंदर परिवर्तित करते हैं तो उसकी लागत मूल्य में बहुत अधिक वृद्धि हो जाती है। अभी इस पर रिसर्च चल रहा है कि किस तरह से सोलर एनर्जी को स्टोर करके रात में उसका उपयोग किया जाए, जिससे उसके लागत मूल्य में वृद्धि न हो। ओएनजीसी के मुख्य महाप्रबंधक ई संजय मुखर्जी ने बताया कि ओएनजीसी ने उत्तराखंड राज्य में 62 ऐसे जगह को चिन्हित किया है जहां पर जियोथर्मल का स्रोत है, उन स्रोत के माध्यम से जियोथर्मल एनर्जी को दोहन किया जा सकता है जिस पर काम चल रहा है। उरेडा ने प्रेजेंटेशन के माध्यम से पूरे प्रदेश में सोलर एनर्जी के रूप के विकास में किए गए कार्यों के बारे में बताया।

छठे देहरादून विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी महोत्सव के दूसरे दिन कुल 9 से अधिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया जिसमें मुख्य रूप से स्पेस साइंस क्विज, रूरल एंटरप्रेन्योरशिप एवं स्टार्टअप कांक्लेव, मैजिक ऑफ़ मैथ्स, मॉडल रॉकेट्री वर्कशॉप, स्टेम वर्कशॉप, बायो टेक्नोलॉजी कांक्लेव, साइबर सिक्योरिटी कांक्लेव और कांस्टा कॉन्फ्रेंस शामिल थी।

साइबर सिक्योरिटी कॉन्फ्रेंस में मुख्य अतिथि के रूप में एसटीएफ के एसएसपी श्री नवनीत भुल्लर और नेशनल ई गवर्नेंस प्रोग्राम के उत्तराखंड हेड श्री रवि शंकर सिंह और माया देवी विश्वविद्यालय की वाइस प्रेसिडेंट तृप्ति ज्वेल से मल ने प्रतिभा किया। बायोटेक्नोलॉजी कॉन्क्लेव में भारतीय चिकित्सा परिषद के अध्यक्ष डॉ. जे एन नौटियाल, डॉ राजीव कुरेले, डॉक्टर पीयूष गोयल ने उपस्थित छात्रों को बायोटेक्नोलॉजी क्षेत्र और स्वास्थ्य के क्षेत्र में हो रहे महत्वपूर्ण कार्यों के बारे में बताया और बताया कि बायोटेक्नोलॉजी के क्षेत्र में पूरे विश्व में भारत आठवें स्थान पर है। रूरल एंटरप्रेन्योरशिप एवं स्टार्टअप कॉन्क्लेव में मुख्य अतिथि के रूप में भाग प्रतिभा करते हुए नियोजन विभाग के निदेशक डॉ मनोज पंत एवं इंडस्ट्री विभाग के संयुक्त निदेशक डॉक्टर दीपक मुरारी ने उपस्थित जन समुदाय के साथ संवाद किया और कुछ ऐसे प्रतिभागी जिन्होंने हिमालय की परंपरागत प्रौद्योगिकी और उत्पादों के माध्यम से स्टार्टअप खड़े किए उनके सक्सेस स्टोरी को सुना और किस तरह से ग्रामीण क्षेत्रों में उपलब्ध चीजों को लेकर नए-नए स्टार्टअप्स प्रारंभ किया जा सकते हैं उन पर चर्चा की। साइंस क्विज, मैजिक ऑफ मैथ आदि वर्कशॉप में 1000 से अधिक छात्रों ने भाग लिया। छठे देहरादून अंतर्राष्ट्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी महोत्सव के दूसरे दिन लगभग 4000 से भी अधिक छात्रों ने विभिन्न कार्यक्रमों में प्रतिभा किया और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी प्रदर्शनी का लाभ उठाया 3 दिन तक चलने वाली इस विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी महोत्सव में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी आधारित प्रदर्शनी में 70 से अधिक स्टॉल लगे हैं जिनमें एसडीआरएफ, उत्तराखंड पुलिस टेलीकॉम , एसटीएफ, सुगंध पौधा केंद्र, उत्तराखंड ऑर्गेनिक बोर्ड और भांग और बिच्छू घास के रेशे से बने वस्त्रों की अनोखी एग्जीबिशन सबको अपनी ओर आकर्षित कर रही है।

डिजिटल अरेस्ट कर 87 लाख हड़पने वाला बेंगलुरु से गिरफ्तार

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देहरादून, 14 नवंबर 2024 : उत्तराखंड एसटीएफ की साइबर क्राइम टीम ने डिजिटल अरेस्ट स्कैम का बड़ा खुलासा करते हुए 87 लाख की ठगी करने वाले गिरोह के मुख्य आरोपित को बेंगलुरु से गिरफ्तार किया है। यह गिरोह खुद को सीबीआई और मुंबई क्राइम ब्रांच का अधिकारी बताकर व्हाट्सएप वीडियो कॉल के जरिए लोगों को डराता था और उन्हें घर में ही “डिजिटल अरेस्ट” कर भारी रकम ठगता था।

एसटीएफ एसएसपी नवनीत सिंह ने बताया कि बसंत विहार के एक बुजुर्ग से अगस्त–सितंबर में मनी लॉन्ड्रिंग में फंसाने की धमकी देकर 87 लाख रुपये विभिन्न खातों में जमा कराए गए। यह रकम राजेश्वरी जीएके एंटरप्राइज नामक फर्म के यस बैंक खाते में मिली। तकनीकी विश्लेषण से संदिग्ध मोबाइल नंबर, बैंक खातों और कॉल डिटेल्स की जांच की गई, जिसके बाद आरोपी किरण कुमार केएस, निवासी येलहंका (बेंगलुरु) की पहचान हुई। स्थानीय पुलिस की मदद से आरोपी को दबोचा गया। उसके पास से तीन मोबाइल, एक लैपटॉप, कई सिम कार्ड और फर्जी चेकबुक भी बरामद की गईं।

जांच में सामने आया कि आरोपी के खाते से जुड़े 24 से अधिक साइबर फ्रॉड मामलों में देशभर में शिकायतें दर्ज हैं और उसके खाते में नौ करोड़ से अधिक की संदिग्ध लेनदेन प्रविष्टियां पाई गई हैं। एसटीएफ ने आरोपी को छह दिन की ट्रांजिट रिमांड पर लिया है।

साइबर क्राइम से ऐसे बचें
एसटीएफ ने चेतावनी दी है कि कोई भी सरकारी एजेंसी ऑनलाइन “अरेस्ट” नहीं करती। अज्ञात नंबर से आने वाले वीडियो कॉल, धमकी या जांच के नाम पर मांगी जा रही जानकारी पर विश्वास न करें और तुरंत पुलिस या साइबर हेल्पलाइन से संपर्क करें।

Bihar Election Result 2025: रुझानों में NDA बहुमत से काफी आगे, महागठबंधन का बुरा हाल

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Bihar Election Result 2025: बिहार चुनाव के रुझानों में एनडीए को 135 सीटों पर बढ़त मिलती दिख रही है. वहीं, तेजस्वी यादव के महागठबंधन को 65 सीटों पर बढ़त और अन्य के खाते में पांच सीटें आती दिख रही हैं.

चुनाव आयोग क्या कह रहा?

चुनाव आयोग के आंकड़ों के मुताबिक, बीजेपी 21, जेडीयू 16, आरजेडी 8, एलजेपी 4, कांग्रेस 3 और सीपीआई 1 सीट पर आगे चल रही है.

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की मतगणना शुरू हो चुकी है. शुरुआती रुझानों में एनडीए को बढ़त मिलती दिख रही है. आज तय हो जाएगा कि बिहार की गद्दी पर कौन बैठने वाला है. एनडीए और महागठबंधन दो छोर पर खड़े हैं और नीतीश-तेजस्वी में कड़ी टक्कर देखने को मिल रही है. सूबे की 243 सीटों के लिए हुए दो चरणों में पड़े वोटों की गिनती 46 केंद्रों पर हो रही है. नीतीश कुमार ने पूरे जोश-ओ-खरोश के साथ जीत का दम भरा है, तो वहीं तेजस्वी यादव ने भी 18 नवंबर को शपथ लेने का दावा किया है.

एग्जिट पोल में महिलाओं और ओबीसी का समर्थन एनडीए को मिलने की संभावना जताई गई है. एग्जिट पोल के मुताबिक, एनडीए को महिलाओं, ओबीसी और ईबीसी वर्ग का मजबूत समर्थन मिला है. चुनाव नतीजे तय करेंगे कि सत्ता नीतीश की रहेगी या तेजस्वी बिहार के मुस्तकबिल की नई कहानी लिखेंगे.

सबसे पहले पोस्टल बैलेट की गिनती और इसके बाद EVM की गिनती हो रही है. 243 सीटों में बहुमत के लिए 122 सीटें जरूरी हैं. वोटों की गिनती के मद्देनजर प्रशासन ने सभी जिलों में सुरक्षा के जरूरी इंतजाम किए हैं. चुनाव आयोग भी अपने स्तर पर सभी तरह की तैयारियां कर चुका है.