Tuesday, January 27, 2026
spot_imgspot_imgspot_img
Home Blog Page 93

दुखद : नहीं रहा शोले का ‘वीरू’

0

मुंबई। हिंदी सिनेमा के ‘ही-मैन’ और लाखों दिलों की धड़कन धर्मेंद्र अब इस दुनिया में नहीं रहे। सोमवार देर रात 89 वर्षीय अभिनेता ने मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में अंतिम सांस ली। लंबे समय से बीमार चल रहे धर्मेंद्र को सांस लेने में तकलीफ के चलते वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया था। उनके निधन से बॉलीवुड समेत पूरे देश में शोक की लहर दौड़ गई है।

धर्मेंद्र के बेटे सनी देओल, बॉबी देओल सहित पूरा देओल परिवार अस्पताल में मौजूद रहा। सलमान खान, शाहरुख खान और कई अन्य सितारे भी अभिनेता की तबीयत जानने पहुंचे थे। बताया जा रहा है कि धर्मेंद्र पिछले कई दिनों से डॉक्टरों की निगरानी में थे, लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका।

धर्मेंद्र का जन्म 8 दिसंबर 1935 को पंजाब में हुआ था। उनका पूरा नाम धर्म सिंह देओल था। उनके पिता एक स्कूल में हेडमास्टर थे। बचपन में सुरैया की फिल्म ‘दिल्लगी’ देखने के बाद धर्मेंद्र को अभिनय का ऐसा जुनून चढ़ा कि उन्होंने 40 दिनों तक लगातार वही फिल्म देखी। फिल्म देखने के लिए वे मीलों पैदल चलते थे।

एक दिन उन्हें पता चला कि फिल्मफेयर पत्रिका प्रतिभा की खोज कर रही है। उन्होंने फॉर्म भरा और टैलेंट हंट में चुनकर मुंबई आ गए। इसके बाद उनकी किस्मत ने ऐसी करवट ली कि उन्होंने दशकों तक हिंदी सिनेमा पर राज किया। ‘शोले’, ‘चुपके चुपके’, ‘सीता और गीता’, ‘धर्म-वीर’ जैसी फिल्मों ने उन्हें घर-घर में लोकप्रिय बना दिया।

धर्मेंद्र का जाना सिर्फ एक अभिनेता का नहीं, एक युग का अंत है। उनके अभिनय की सादगी, संवाद अदायगी और ज़मीन से जुड़ा व्यक्तित्व उन्हें आम जनता के दिलों में अमर बना गया। फिल्म इंडस्ट्री में उन्हें ‘ही-मैन’ के नाम से जाना जाता था, और उन्होंने अपने करियर में 250 से अधिक फिल्मों में काम किया।

उनके निधन की खबर से न सिर्फ उनके परिवार, बल्कि उनके प्रशंसकों और फिल्म जगत में गहरा शोक व्याप्त है। अमेरिका से उनकी बेटियों अजीता और विजेता देओल को भी बुलाया गया है।

श्रद्धांजलि:
धर्मेंद्र की यादें, उनके संवाद और उनका मुस्कुराता चेहरा सदा हमारे दिलों में जीवित रहेगा। हिंदी सिनेमा उन्हें कभी नहीं भूल पाएगा।

पिथौरागढ़ में होटल के पास जंगल में मिला युवक का शव, लोग कर रहे तरह-तरह की चर्चा, पुलिस कर रही है जांच

0

पिथौरागढ़ के चंडाक क्षेत्र स्थित एक होटल के ठीक नीचे करीब 100 मीटर दूर पुनेड़ी के जंगल में पुलिस को शव पड़ा मिला

पिथौरागढ़: जिले के चंडाक में जंगल में एक युवक का शव मिलने से हड़कंप मच गया. सोमवार देर शाम पुलिस ने रेस्क्यू कर शव जंगल से निकाला. शव के चेहरे पर चोट के निशान भी हैं. शव मिलने से क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं हैं. कोई इसे हत्या से जोड़ रहा है, तो कोई कुछ और कहानी बता रहा है. फिलहाल मामले में पुलिस ने जांच शुरू कर दी है.

पुनेड़ी के जंगल में मिला युवक का शव: पिथौरागढ़ के चंडाक क्षेत्र स्थित एक होटल के ठीक नीचे करीब 100 मीटर दूर पुनेड़ी के जंगल में पुलिस को शव पड़ा होने की सूचना मिली. प्रभारी कोतवाल मदन सिंह बिष्ट के नेतृत्व में पुलिस बल मौके पर पहुंचा. शव एक पुरुष का होना सामने आया. बाद में पुलिस टीम ने रस्सियों के सहारे कड़ी मशक्कत कर किसी तरह शव जंगल से सड़क तक पहुंचाया. शव की शिनाख्त अब तक नहीं हो सकी है.

शव की नहीं हो सकी शिनाख्त: पुलिस के मुताबिक मृत मिले युवक की उम्र 35 से 40 वर्ष के करीब हो सकती है. शव भी तीन से चार दिन पुराना होने की आशंका है. इधर प्रभारी कोतवाल मदन सिंह बिष्ट का कहना है कि-

पुनेड़ी के जंगल में युवक का शव मिला है. शव का पोस्टमार्टम करने के बाद मौत का कारण पता चल सकेगा. मामले की जांच प्रकिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट जानकारी सामने आएगी. शव की शिनाख्त करने के प्रयास भी किए जा रहे हैं.
-मदन सिंह बिष्ट, प्रभारी कोतवाल-

दिल्ली धमाके मामले में दो लोग हिरासत में, पुलिस की जांच तेज

0

दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किले के पास सोमवार शाम हुए विस्फोट ने पूरे शहर को हिलाकर रख दिया. शाम 6 बजकर 52 मिनट पर लालकिले के पास एक कार में धमाका हुआ, जिसमें करीब नौ लोगों की मौत हो गई और 20 लोग घायल हो गए. यह धमाका, लालकिला मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर एक के बाहर आई-20 कार में हुआ. इस धमाके ने न केवल आसपास के बाजार क्षेत्र में अफरा-तफरी मचा दी, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा पर गंभीर सवाल भी खड़े कर दिए हैं. फिलहाल पुलिस ने इस मामले में UAPA के तहत मामला दर्ज कर लिया है. जांच एजेंसियां सभी एंगल से पड़ताल कर रही हैं.

अस्पताल के बाहर मृतकों के परिजन

कल लाल किले के पास हुए विस्फोट में नौ लोगों की मौत हो गई है. मरने वालों के परिजन लोक नायक जय प्रकाश नारायण (एलएनजेपी) शवगृह के बाहर मौजूद हैं. अस्पताल के बाहर पुलिस को तैनात कर दिया गया है, किसी को अंदर नहीं जाने दे रही है.

दिल्ली ब्लास्ट मामले में दो लोग हिरासत में

लाल किला विस्फोट के मामले में कम से कम दो लोगों को हिरासत में लिया गया है. सलमान और देवेंद्र नाम के इन दोनों लोगों के पास पहले वह कार थी जिसमें सोमवार को दिल्ली के चांदनी चौक में विस्फोट हुआ था. पुलिस ने सोमवार रात बताया कि आगे के सुराग जुटाने के लिए कार की बिक्री का विस्तृत इतिहास खंगाला जा रहा है. इससे पहले लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास विस्फोट के संबंध में कोतवाली पुलिस स्टेशन में गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) की धारा 16, 18 और विस्फोटक अधिनियम और BNS की विभिन्न धाराओं के तहत पुलिस ने मामला दर्ज़ किया था.

आढ़त बाजार शिफ्टिंग प्रक्रिया तेज, प्रभावितों को मिला मुआवजा : बंशीधर तिवारी

0

सड़क चौड़ीकरण के साथ क्षेत्र होगा और सुंदर, बनेगा फुटपाथ, स्ट्रीट लाइटिंग और पार्किंग की नई व्यवस्था

आढत बाजार-तहसील चौक सड़क चौड़ीकरण परियोजना से जुड़े प्रभावित लोगों को मुआवजा देने और भूखंड आवंटन की प्रक्रिया में मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने बड़ी प्रगति की है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा-निर्देशों और जनहित को ध्यान में रखते हुए एमडीडीए ने आज एक अहम कदम उठाया। आढत बाजार क्षेत्र के दाहिनी ओर स्थित दो परिसम्पत्तियों की रजिस्ट्री लोक निर्माण विभाग के पक्ष में कराई गई। साथ ही, इन परिसम्पत्तियों के प्रभावितों को लगभग कुल 5 करोड़ का मुआवजा चैक के माध्यम से प्राधिकरण द्वारा रजिस्ट्री के समय कर दिया गया। भुगतान प्रभावितों को मौके पर ही चेक के माध्यम से किया गया।

एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने बताया कि यह एमडीडीए की कोशिश है कि आढ़त बाजार शिफ्टिंग, सड़क चौड़ीकरण जैसे सार्वजनिक कार्यों में लोगों को किसी तरह की परेशानी न हो और सभी को समय पर उचित मुआवजा मिले। सड़क चौड़ीकरण के पहले चरण में लगभग 80 प्रभावित परिसम्पत्तियाँ की रजिस्ट्री में आने वाले व्यय 25 हजार रुपये प्रति रजिस्ट्री की दर से लगभग 20 लाख रुपये की राशि प्राधिकरण द्वारा लोक निर्माण विभाग को हस्तांरिंत कर दी गई है।

आढत बाजार-तहसील चौक सड़क चौड़ीकरण परियोजना शहर के लिए बहुत अहम है। इससे न केवल यातायात सुगम होगा बल्कि बाजार क्षेत्र का सौंदर्य भी बढ़ेगा। प्रभावित संपत्तिधारकों को पूरी पारदर्शिता के साथ मुआवजा और भूखंड आवंटन दिया जा रहा है। हमारा उद्देश्य है कि सभी कार्य गुणवत्तापूर्ण और समय पर पूरे हों। उन्होंने कहा कि यह सड़क चौड़ीकरण देहरादून के भीड़भाड़ वाले इलाकों में यातायात दबाव को कम करेगा। इसके साथ ही सड़क चौड़ीकरण के बाद क्षेत्र में फुटपाथ, स्ट्रीट लाइटिंग, पार्किंग और सौंदर्यीकरण की भी योजना है। यह परियोजना देहरादून को नई दिशा देने वाली साबित होगी। इससे न केवल यातायात व्यवस्था सुधरेगी, बल्कि नागरिकों के लिए शहर को और भी सुरक्षित और व्यवस्थित बनाया जा सकेगा।

एमडीडीए सचिव मोहन सिंह बर्निया ने बताया कि प्राधिकरण ने प्रभावित संपत्तियों के प्रतिकरण और रजिस्ट्री की प्रक्रिया को पूरी पारदर्शिता और कानूनी रूप से सुरक्षित तरीके से आगे बढ़ाया है। लोक निर्माण विभाग सहित सभी संबंधित विभागों के साथ लगातार समन्वय बनाया गया है, ताकि कार्य निर्धारित समय में पूरा हो सके। उन्होंने आगे बताया कि अगले चरण में शेष प्रभावित परिसम्पत्तियों की रजिस्ट्री और मुआवजा प्रक्रिया जल्द पूरी की जाएगी। एमडीडीए लगातार ऐसे विकास कार्य कर रहा है जो शहर की सूरत निखारने के साथ-साथ नागरिकों के जीवन को आसान बनाने में मददगार हैं।

Delhi Blast: लाल किला मेट्रो स्टेशन पर जबरदस्त कार ब्लास्ट, 8 लोगों की मौत, 24 घायल!

0

Delhi Blast: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली का हृदय स्थल लाल किला मेट्रो स्टेशन सोमवार शाम एक भीषण धमाके से थर्रा उठा। शाम करीब 6 बजकर 55 मिनट पर स्टेशन के गेट नंबर-1 के पास स्थित पार्किंग क्षेत्र में खड़ी एक कार में हुए जबरदस्त धमाके ने पूरे इलाके में मौत का तांडव मचा दिया। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस हादसे में अब तक 8 लोगों के मारे जाने और 24 के घायल होने की पुष्टि हुई है। घटना के बाद से ही पूरे दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में सुरक्षा के कड़े इंतजाम कर दिए गए हैं और मुंबई समेत अन्य महानगरों को भी हाई अलर्ट पर रखा गया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार अचानक एक जोरदार धमाका हुआ और देखते ही देखते पूरी पार्किंग आग की लपटों में घिर गई। धमाके की तीव्रता इतनी जबरदस्त थी कि विस्फोट वाली कार के आसपास खड़ी तीन अन्य गाड़ियां भी झटके में आग की चपेट में आ गईं और कुछ ही मिनटों में सभी वाहन जलकर खाक हो गए। धमाके की आवाज इतनी तेज थी कि आसपास के इलाकों के लोग दहशत में सड़कों पर भागने लगे।

घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की एक से बढ़कर एक टीमें मौके पर पहुंच गईं और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाने में सफलता हासिल की। दिल्ली पुलिस ने तत्काल प्रभाव से पूरे इलाके को कड़े सुरक्षा घेरे में ले लिया और फॉरेंसिक विशेषज्ञों की टीम्स को घटनास्थल का मुआयना करने के लिए बुला लिया गया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि धमाके के सही कारणों का पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी गई है और आसपास के सभी सीसीटीवी कैमरों के फुटेज को एकत्र करके उनका विश्लेषण किया जा रहा है।

इस भीषण घटना में घायल हुए लोगों को तुरंत LNJP अस्पताल समेत दिल्ली के अन्य प्रमुख अस्पतालों में पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों की टीमें उनके इलाज में जुट गई हैं। अस्पताल सूत्रों के मुताबिक, कुछ घायलों की हालत गंभीर बनी हुई है और उन्हें आईसीयू में रखा गया है। दिल्ली के मुख्यमंत्री ने इस घटना पर गहरी चिंता जताते हुए त्वरित राहत और बेहतर इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

मुख्यमंत्री धामी ने उत्तराखंड @25 कार्यक्रम में किया ‘थ्रोन ऑफ द गॉड्स’ बुक विमोचन और अल्ट्रा मैराथन लोगो लॉन्च

0

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को हिमालयन सांस्कृतिक केन्द्र, गढ़ी कैण्ट, देहरादून में पर्यटन विभाग द्वारा आयोजित उत्तराखण्ड @25 “रोमांच, अध्यात्म और अनोखी संस्कृति का उत्सव” कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने नीति में आयोजित होने वाले अल्ट्रा मैराथन रेस के लोगो का अनावरण एवं पर्यटन विभाग द्वारा तैयार की गई थ्रोन आफ द गॉड्स कॉफी टेबल बुक का विमोचन किया।

मुख्यमंत्री ने फोटो प्रदर्शनी प्रतियोगिता के विजेताओं को पुरस्कार प्रदान कर उन्हें सम्मानित किया। उन्होंने 13 जिलों के उत्कृष्ट होम स्टे संचालकों को भी पुरस्कार वितरित किए। उन्होंने राज्यभर के एस्ट्रो टूर गाइड एवं टूर मैनेजर को सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने काला नाग चोटी का सफल आरोहण करने वाले पर्यटन विभाग की ओर से चयनित पर्वतारोहियों और आईटीबीपी के 13 सदस्यीय दल को भी सम्मानित किया।

मुख्यमंत्री ने सभी विभागों, अधिकारियों, कर्मचारियों का धन्यवाद करते हुए कहा कि सभी लोगों की कड़ी मेहनत से प्रदेशभर में रजत जयंती पर्व के सभी कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुए। उन्होंने कहा 25 वर्ष पूर्व राज्य निर्माण के बाद इस नवोदित राज्य ने तेजी से उन्नति की है। यह तरक्की आंदोलनकारियों की तपस्या का परिणाम है।

मुख्यमंत्री ने कहा राज्य सरकार, प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में प्रदेश के सर्वांगीण विकास के लिए कार्य कर रही है। राज्य में पर्यटन, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल औऱ कनेक्टिविटी सहित सभी प्रमुख क्षेत्रों में इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत किया जा रहा है। उन्होंने कहा जहाँ कभी सड़कें बनना मुश्किल था, आज उस स्थान पर ऑल-वेदर रोड का निर्माण किया जा रहा है। जहाँ कभी संचार एक सपना हुआ करता था, वहाँ अब डिजिटल उत्तराखंड आकार ले रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा गांव घरों में स्टार्टअप्स और स्वरोजगार के काम प्रारंभ किए जा रहे हैं। प्रदेश में पर्यटन विभाग की अनेक योजनाओं से लोगों को आगे बढ़ाया जा रहा है। वीर चंद्र सिंह गढ़वाली पर्यटन स्वरोजगार योजना और दीनदयाल उपाध्याय गृह आवास (होमस्टे) योजना से हजारों युवाओं को आत्मनिर्भर बनने में सहायता प्राप्त हुई है। पर्यटन एवं आतिथ्य कौशल विकास कार्यक्रमों के माध्यम से 8,000 से अधिक युवक-युवतियों को प्रशिक्षित प्रदान किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा टूर गाइड, नैचुरलिस्ट, टूर मैनेजर, स्ट्रीट फूड वेंडर जैसे क्षेत्रों में प्रशिक्षण से युवाओं को रोजगार के अवसर मिल रहे हैं। नई पर्यटन नीति बनने के बाद राज्य में 207 से अधिक निवेशकों की ₹ 5,500 करोड़ से अधिक की परियोजनाएँ प्रगति पर हैं।
शीतकालीन पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए शीतकालीन चारधाम यात्रा और उच्च हिमालयी क्षेत्रों, जादूंग, दारमा घाटी, पंचाचुली बेस कैम्प में भी गतिविधियाँ प्रारंभ की गई हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा उत्तराखंड, तीर्थाटन के साथ एडवेंचर टूरिज्म का भी केंद्र बन रहा है। चमोली से टिहरी झील तक, मसूरी से मुनस्यारी तक, प्रत्येक घाटी में रोमांच का नया संसार बस रहा है। पैराग्लाइडिंग, ट्रेकिंग, रिवर राफ्टिंग, माउंटेन बाइकिंग जैसे रोमांचक खेलों को बढ़ावा देकर युवाओं के लिए साहसिक खेलों के क्षेत्र में नए अवसर खोले गए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि एस्ट्रो टूरिज्म, वेड-इन-उत्तराखंड और स्पिरिचुअल डेस्टिनेशन डेवलपमेंट राज्य के पर्यटन को नई दिशा दे रही हैं। उन्होंने कहा रविवार को प्रधानमंत्री ने कहा उत्तराखंड की शक्ति इसकी आध्यात्मिक शक्ति है। केदारनाथ, बदरीनाथ, गंगोत्री, यमुनोत्री, हरिद्वार, ऋषिकेश आदि धार्मिक स्थान उत्तराखंड के साथ भारत की आस्था और ऊर्जा के भी केंद्र भी हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा राज्य में एक जनपद, दो उत्पाद योजना, हाउस ऑफ हिमालयाज ब्रांड, स्टेट मिलेट मिशन, फार्म मशीनरी बैंक, एप्पल मिशन, नई पर्यटन नीति, नई फिल्म नीति, होम स्टे, वेड इन उत्तराखंड और सौर स्वरोजगार योजना जैसी पहलों के माध्यम से प्रदेश की स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है। बीते साढ़े चार वर्षों में प्रदेश ने कई उल्लेखनीय उपलब्धियाँ हासिल की हैं, जिनकी गूंज आज पूरे देश में सुनाई दे रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा पर्यटन के क्षेत्र में राज्य में हो रही निरंतर प्रगति को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सराहा गया है। वर्ष 2023 और 2024 में जखोल, हर्षिल, सुपी और गुंजी जैसे गाँवों को सर्वश्रेष्ठ पर्यटन ग्राम के रूप में चयनित किया गया। वर्ष 2024-25 में इंटरनेशनल सेंटर फॉर रिस्पांसिबल टूरिज्म द्वारा, स्किल डेवलपमेंट इन रिस्पांसिबल टूरिज्म श्रेणी में उत्तराखंड को विशेष सम्मान प्राप्त किया गया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने के लिए उत्तराखंड को आगामी 25 वर्षों का रोडमैप तय करना होगा। मुख्यमंत्री ने कहा हर उत्तराखंडी अपने-अपने क्षेत्र में पूरी निष्ठा, समर्पण और ईमानदारी के साथ योगदान देगा तो उत्तराखंड को एक विकसित, आत्मनिर्भर और समृद्ध राज्य अवश्य बनेगा।

जनपद स्तर पर सर्वश्रेष्ठ होमस्टे में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले अल्मोड़ा जिले से श्री हरेंद्र सिंह बिष्ट, बागेश्वर से श्री मोहन चंद्र कांडपाल , चमोली से श्रीमती सरिता देवी, देहरादून से श्रीमती नीलम चौहान, हरिद्वार से श्रीमती सुनीता सिंह, चंपावत से श्री नीरज जोशी , रुद्रप्रयाग से श्री कैलाश पुष्पवाण, पौड़ी से श्री त्रिभुवन उनियाल, पिथौरागढ़ से श्री मथुरा दत्त कालोनी, नैनीताल से श्री उमंग वासुदेव, टिहरी से श्री जितेंद्र सिंह, उत्तरकाशी से श्री अखिल पंत , उधम सिंह नगर से श्री दीपक चतुर्वेदी हैं।

इस अवसर विधायक श्री खजान दास श्रीमती सविता कपूर, बीकेटीसी के अध्यक्ष श्री हेमंत द्विवेदी, सचिव श्री धीराज सिंह गर्ब्याल, अपर सचिव श्री अभिषेक रुहेला एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री ने गैरसैंण में 142.25 करोड़ की विकास योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया

0

मुख्यमंत्री ने राज्य आंदोलन के शहीदों को श्रद्धांजलि दी, आंदोलनकारियों को किया सम्मानित

उत्तराखण्ड की रजत जयंती के मौके पर ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण में आयोजित हुआ दो दिवसीय समारोह

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को उत्तराखण्ड के रजत जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में राज्य की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण (भराड़ीसैंण) में आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। विधानसभा परिसर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने राज्य आंदोलन के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर उन्होंने राज्य आंदोलनकारियों को शाल ओढ़ाकर सम्मानित भी किया। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने जनपद की 142.25 करोड़ रुपये की विकास योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास भी किया, जिनमें 43.63 करोड़ की 27 विकास योजनाओं का लोकार्पण तथा 98.62 करोड़ रुपये की 33 विकास योजनाओं का शिलान्यास शामिल है।

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम स्थल पर विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का अवलोकन किया। खेल, शिक्षा, कृषि और अन्य क्षेत्रों में सराहनीय कार्य करने वाले लोगों को भी मुख्यमंत्री ने सम्मानित किया। कार्यक्रम के दौरान आईटीबीपी, आईआरबी, नागरिक पुलिस, होमगार्ड, महिला आरक्षी, नागरिक पुलिस/फायर सर्विस तथा एनसीसी महिला दस्ते ने 46वीं वाहिनी पीएसी के बैंड की धुन पर शानदार रैतिक परेड का प्रदर्शन किया। मुख्यमंत्री ने रैतिक परेड का निरीक्षण भी किया।

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्यवासियों को उत्तराखण्ड स्थापना की रजत जयंती की बधाई देते हुए देश की रक्षा में सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर जवानों तथा उत्तराखण्ड राज्य के निर्माण के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले सभी अमर बलिदानियों और राज्य आंदोलनकारियों को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने उत्तराखण्ड के रजत जयंती वर्ष के मुख्य कार्यक्रम में शिरकत कर राज्य का मान बढ़ाने का कार्य किया है। इस दौरान उन्होंने राज्य को 8,200 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं की सौगात भी दी है और राज्य के विकास के लिए लक्ष्य भी निर्धारित किए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की ओर से उत्तराखण्ड को विश्व की आध्यात्मिक राजधानी बनाने के लिए निरंतर कार्य किए जा रहे हैं। राज्य में तीर्थाटन विकास के लिए केदारखण्ड और मानसखण्ड में स्थित पौराणिक मंदिरों का पुनरुद्धार एवं सौंदर्यीकरण का कार्य तेज गति से किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर भारत रत्न, पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी जी का भी भावपूर्ण स्मरण किया। उन्होंने कहा कि अटल जी ने हमें नया राज्य देने के साथ ही विशेष औद्योगिक पैकेज प्रदान कर राज्य को नई दिशा और मजबूती दी थी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा गैरसैंण के विकास के लिए विभिन्न विकास योजनाओं का संचालन किया जा रहा है। सारकोट गांव को गोद लेकर ग्रामीणों और विभागों के समन्वय से गांव को मॉडल गांव के रूप में विकसित करने का कार्य किया जा रहा है। साथ ही राज्य के समग्र विकास के लिए नई नीतियों और योजनाओं का नियोजन कर राज्य को विकसित करने का कार्य किया जा रहा है। इसका परिणाम है कि उत्तराखण्ड राज्य आज देश की अनेक योजनाओं में अग्रणी राज्य के रूप में जाना जा रहा है। राज्य की विकास दर में तेजी से वृद्धि हुई है और कृषकों की आय में बढ़ोतरी हो रही है। राज्य में बेरोजगारी में 4.4 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। सतत विकास सूचकांक में उत्तराखण्ड को देश में प्रथम स्थान तथा मोस्ट फिल्म फ्रेंडली स्टेट अवॉर्ड भी मिला है। केंद्र सरकार के सहयोग से बुनियादी ढांचा, शिक्षा, स्वास्थ्य, हवाई एवं रेल कनेक्टिविटी के क्षेत्र में राज्य निरंतर प्रगति कर रहा है। उन्होंने कहा कि मंदिर माला मिशन, एक जिला एक मेला योजना और साहसिक पर्यटन को प्रोत्साहन देकर राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान की जा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में सख्त भू-कानून लागू किया गया है। भू-कानून लागू कर भू-माफिया पर अंकुश लगाया गया है। सख्त नकल विरोधी कानून लागू कर भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के “लोकल टू ग्लोबल” मंत्र को साकार करने में राज्य ने अग्रणी भूमिका निभाई है। इस दौरान उन्होंने गैरसैंण एवं आसपास के क्षेत्रों को स्मार्ट सिटी की तर्ज पर विकसित करने के लिए मास्टर प्लान की डीपीआर तैयार कर कार्य करने की बात कही। साथ ही उन्होंने चौखुटिया, ज्योतिर्मठ और घनशाली को उड़ान योजना से जोड़ने की घोषणा की।

इस मौके पर कैबिनेट मंत्री एवं चमोली जनपद के प्रभारी मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, कर्णप्रयाग विधायक श्री अनिल नौटियाल, थराली विधायक श्री भूपाल राम टम्टा, रुद्रप्रयाग विधायक श्री भरत सिंह चौधरी, रानीखेत विधायक श्री प्रमोद नैनवाल, कपकोट विधायक श्री सुरेश गड़िया, रुड़की विधायक श्री प्रदीप बत्रा, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री दौलत सिंह बिष्ट, उपाध्यक्ष बीकेटीसी श्री ऋषि प्रसाद सती, राज्यमंत्री श्री रामचंद्र गौड़, श्री हरक सिंह नेगी, भाजपा जिलाध्यक्ष श्री गजपाल बर्त्वाल, नगर पालिका अध्यक्ष श्री गणेश शाह, श्री संदीप रावत, ब्लॉक प्रमुख गैरसैंण श्रीमती दुर्गा देवी, ग्राम प्रधान सारकोट सुश्री प्रियंका नेगी, पूर्व कर्णप्रयाग विधायक एवं राज्य आंदोलनकारी श्री सुरेंद्र सिंह, भाजपा महामंत्री श्री अरुण मैठाणी, श्री विनोद कनवासी, जिलाधिकारी श्री गौरव कुमार, पुलिस अधीक्षक श्री सुरजीत सिंह पंवार, मुख्य विकास अधिकारी डॉ. अभिषेक त्रिपाठी सहित स्थानीय लोग उपस्थित रहे।

मुख्य सचिव का निर्देश: मुख्यमंत्री घोषणाओं की प्रोएक्टिव निगरानी करें अधिकारी

0

मुख्यमंत्री घोषणाओं की प्रोएक्टिव निगरानी करें अधिकारी: मुख्य सचिव

पूर्ण और गतिमान घोषणाओं का वित्तीय और भौतिक अपडेट प्रस्तुत करें तथा जिनके क्रियान्वयन में समस्याएं आ रही है उनका विवरण भी दें

गतिमान घोषणाओं का 3 दिन में और जिनके क्रियान्वयन में बाधाएं आ रही हैं उनमें समस्या की प्रकृति बताते हुए 7 दिन में विवरण दें

गणतंत्र दिवस,स्वतंत्रता दिवस और राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर की गई घोषणाओं को प्राथमिकता में लेने के दिए निर्देश

मुख्य सचिव आनंद बर्धन की अध्यक्षता में मुख्यमंत्री घोषणाओं की समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

मुख्य सचिव ने संबंधित सचिवों, विभागाध्यक्षों और जिलाधिकारियों को पूर्ण हो चुकी, गतिमान और किसी विशेष इश्यू के चलते अभी तक प्रारंभ नहीं की जा सकी ऐसी सभी सीएम घोषणाओं तथा गणतंत्र दिवस, स्वतंत्रता दिवस तथा राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर की गई सभी घोषणाओं का प्रथक- पृथक विवरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।

उन्होंने गतिमान घोषणाओं की भौतिक और वित्तीय प्रगति का अपडेट तीन दिवस की अवधि में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।

ऐसी घोषणाएं जिनको किसी भी प्रकार के इश्यू के चलते अभी तक प्रारंभ नहीं किया जा सका उनका विवरण कार्य प्रारंभ न करने का कारण बताते हुए सात दिवस की अवधि में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने निर्देशित किया कि गणतंत्र दिवस, स्वतंत्रता दिवस और राज्य स्थापना दिवस पर की गई मुख्यमंत्री घोषणाओं की सूची अलग से तैयार करें तथा उनको उच्च प्राथमिकता में लेते हुए अग्रिम कार्रवाई करना सुनिश्चित करें।

उन्होंने संबंधित विभागों और जिलाधिकारियों को कहा कि ऐसी घोषणाऐं जिनको तत्काल प्रारंभ करने में कोई इशू नहीं है उनके तत्काल प्रस्ताव प्रस्तुत करें। जिन घोषणाओं को प्रारंभ करने में कोई इशू है उनकी समस्या की प्रकृति बताते हुए उचित निराकरण हेतु प्रथम बार विभागीय सचिव स्तर से निस्तारित कराएं यदि सचिव स्तर पर निस्तारण नहीं हो पाता तो उन्होंने उनके स्तर पर निराकरण हेतु प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने सचिव एस एन पांडेय को निर्देशित किया कि मुख्यमंत्री घोषणाओं की प्रगति तेजी से पूरी हो इसके लिए निगरानी का प्रभावी मेकैनिज्म बनाएं तथा जिन विभागों की जिस घोषणा में प्रगति संतोषजनक न हो उनको व्यक्तिगत अथवा दैनिक रूटीन से अवगत कराते हुए उसकी प्रगति बढ़ाएं।

मुख्यमंत्री की कुल 3575 घोषणाओं में से 2215 घोषणाएं पूर्ण हो चुकी हैं, 777 पर कार्रवाई गतिमान हैं तथा 583 घोषणाएं अपूर्ण हैं।

बैठक में अपर सचिव नवनीत पांडेय व जगदीश कांडपाल, उपसचिव हीरा सिंह बसेड़ा, आर सी शर्मा सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

सीएम धामी ने गैरसैंण में राज्य आंदोलनकारियों को किया सम्मानित, करोड़ों की योजनाओं की दी सौगात

0

सीएम धामी ने चमोली के गैरसैंण स्थित भराड़ीसैंण विधानसभा भवन प्रांगण में राज्य आंदोलनकारियों को सम्मानित किया.

गैरसैंण: उत्तराखंड राज्य गठन के 25 वर्ष पूरे होने पर प्रदेश सरकार उत्तराखंड रजत जयंती महोत्सव मना रही है. 1 नवंबर से शुरू कार्यक्रम 11 नवंबर तक जारी रहेंगे. 9 नवंबर को मुख्य कार्यक्रम देहरादून स्थित एफआरआई में आयोजित किया गया, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुख्य अतिथि के तौर पर शिरकत की. उन्होंने 8 हजार करोड़ रुपए से अधिक की योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास भी किया. वहीं अगले दिन प्रदेश की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण के भराड़ीसैंण स्थित विधानसभा भवन के प्रांगण में कार्यक्रम आयोजित किया गया.

चमोली जिले के भराड़ीसैंण विधानसभा परिसर में आयोजित उत्तराखंड रजत जयंती कार्यक्रम में सीएम पुष्कर सिंह धामी ने शिरकत की. कार्यक्रम के मुताबिक सीएम धामी ने पहले भराड़ीसैंण में आयोजित रैतिक परेड का निरीक्षण किया और इसके बाद राज्य आंदोलनकारियों को सम्मानित किया. इसके बाद सीएम धामी ने करोड़ों रुपयों की 60 योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया.

इस दौरान सीएम धामी ने राज्य आंदोलनकारियों और मौजूद जनता को संबोधित भी किया. उन्होंने कहा कि, ‘इस ऐतिहासिक अवसर पर मैं देश की रक्षा करते हुए अपना सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर जवानों और उत्तराखंड राज्य के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले सभी अमर बलिदानियों को श्रद्धांजलि और राज्य आंदोलनकारियों को नमन करता हूं’.

उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी को भी नमन करते हुए कहा कि जिनके कार्यकाल में उत्तराखंड राज्य की स्थापना हुई, उन्हीं के नेतृत्व में राज्य को विशेष औद्योगिक पैकेज के माध्यम से नई दिशा और मजबूती प्रदान करने का कार्य हुआ. उन्होंने कहा कि, हम उत्तराखंड के लोग, सौभाग्यशाली हैं कि हमें कल हमारे गौरवशाली राज्य की स्वर्णिम यात्रा के 25 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित रजत जयंती समारोह में हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सानिध्य प्राप्त हुआ. प्रधानमंत्री ने फिर कहा कि यह उत्तराखंड का दशक होगा. उनके शब्दों को हकीकत में बदलने के लिए हमारी सरकार अथक प्रयास करने के लिए प्रतिबद्ध है.

उन्होंने कहा कि पिछले चार वर्षों में सरकार ने रोजगार बढ़ाने और राज्य के समग्र दृष्टिकोण को आगे बढ़ाने और इसे प्रगति के पथ पर अग्रसर करने के लिए विभिन्न क्षेत्रों में 30 से अधिक नई नीतियों को लागू किया है. इन प्रयासों के परिणामस्वरूप, हमारा राज्य विभिन्न चुनौतियों पर विजय प्राप्त कर कई क्षेत्रों में देश में अग्रणी राज्य के रूप में उभरा है.

300 मीटर गहरी खाई में गिरा वाहन, एक व्यक्ति की मौत, दो गंभीर रूप से घायल

0

चमोली जिले में सोमवार को वाहन करीब 300 मीटर गहरी खाई में गिर गया. इस हादसे में एक व्यक्ति की मौत हो गई.

थराली: उत्तराखंड के चमोली जिले में सोमवार सुबह को भीषण सड़क हादसा हो गया. हादसा चमोली जिले में नारायणबगड़ के गढ़कोट इलाके में हुआ. इस हादसे में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए.

नारायणबगड़ थानाध्यक्ष विनोद चौरसिया ने बताया कि चमोली में नारायबगड ब्लॉक के मींग गधेरा-हंसकोटी- खेनोली मोटर मार्ग पर एक वाहन (Uk_TA 2296 बोलेरो) गड़कोट लेलाछिमा तोक के पास दुर्घटनाग्रस्त होकर 300 मीटर गहरी खाई में जा गिरा. हादसे के वक्त वाहन में तीन लोग सवार थे.

पुलिस ने बताया कि स्थानीय लोगों ने ही उन्हें हादसे की सूचना दी थी. हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस और DDRF की टीम मौके पर पहुंची. पुलिस और DDRF की संयुक्त टीम ने खाई में उतर कर वाहन सवार सभी लोगों को खाई से बाहर निकाला और उन्हें सड़क पर लेकर आई.

पुलिस ने बताया कि तीनों व्यक्ति को पास के हॉस्पिटल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने एक व्यक्ति को मृत घोषित कर दिया. हादसे में मरने वाले व्यक्ति का नाम प्रकाश सिंह पुत्र बलबीर सिंह उम्र 35 निवासी गड़कोट तहसील नारायणबगड़ है. वहीं सड़क हादसे में घायल हुए व्यक्यितों के नाम दर्शन सिंह पुत्र पुष्कर सिंह उम्र 33 और विक्रम सिंह पुत्र पुष्कर सिंह उम्र 28 निवासी ग्वाड़ लगा गड़कोट तहसील नारायणबगड़ है.