Sunday, January 25, 2026
spot_imgspot_imgspot_img
Home Blog Page 78

सांख्य योग फाउंडेशन और इंटरनेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ़ साइकोमेट्रिक काउंसलिंग के पदाधिकारियों ने जिलाधिकारी से की शिष्टाचार

0

आज सांख्य योग फाउंडेशन, उत्तराखंड और इंटरनेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ़ साइकोमेट्रिक काउंसलिंग के पदाधिकारियों ने जिलाधिकारी से शिष्टाचार भेंट की। इस अवसर पर दोनों संस्थाओं ने सामाजिक क्षेत्र में किए जा रहे अपने प्रयासों और भविष्य की योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की।

भेंट के दौरान, संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने समाज में उत्पन्न विभिन्न समस्याओं जैसे युवा में नशे की प्रवृत्ति, शिक्षा में असमानताएँ और स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता पर अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने जिलाधिकारी को पिछले 20 वर्षों में संस्थाओं द्वारा किए गए महत्वपूर्ण कार्यों के बारे में भी जानकारी दी, जिसमें समाज के विभिन्न वर्गों, विशेषकर युवाओं और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए किए गए योगदान पर विशेष जोर दिया गया।

संस्थाओं ने अपने प्रमुख सामाजिक अभियानों के बारे में भी विस्तृत जानकारी दी, जिनमें शामिल हैं:

ड्रग्स फ्री अभियान: जिसमें अब तक 1,07,000 युवाओं को इस अभियान से जोड़ा गया है, ताकि उन्हें नशे की प्रवृत्ति से दूर रखा जा सके।
ब्लड डोनेशन कैंप: नियमित रक्तदान शिविरों का आयोजन कर स्वास्थ्य सेवा में योगदान।
निर्धन छात्रों की शिक्षा सहायता: आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों की फीस का भुगतान कर उनके शैक्षणिक जीवन को सुनिश्चित करना।

इस अवसर पर वार्ता में सांख्य योग फाउंडेशन की सचिव गीता चौधरी, विधि सलाहकार अधिवक्ता रितु गुजराल, और अध्यक्ष डॉ. मुकुल शर्मा उपस्थित रहे। उन्होंने जिलाधिकारी के मार्गदर्शन और सहयोग की आशा व्यक्त की, तथा संस्थाओं द्वारा किए गए प्रयासों को और प्रभावी बनाने के लिए उनके सुझावों को महत्व देने की इच्छा जताई।

इस भेंट ने समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने और युवाओं, छात्रों तथा जरूरतमंद वर्ग के कल्याण हेतु संस्थाओं और प्रशासन के बीच सहयोग को और सुदृढ़ करने का एक महत्वपूर्ण अवसर प्रदान किया।

त्यूणी की रीना और बांग्लादेशी युवक गिरफ्तार: फेसबुक दोस्ती से निकाह तक का मामला

0

पूर्व पति के नाम से बनाए गए कागजात से बाउंसर की नौकरी

देहरादून में सनसनी :  फर्जी आधार और पैन कार्ड के जरिए देहरादून में क्लब में नौकरी कर रहा था आरोपी 

एक विदेशी नागरिक और देहरादून की महिला ने फेसबुक दोस्ती से लेकर शादी तक का जाल बुनकर शहर में हड़कंप मचा दिया। रीना चौहान ने अपने पूर्व पति के नाम पर फर्जी दस्तावेज बनवाए और ममून हसन को भारत में बसाया। फर्जी आधार, पैन और अन्य पहचान पत्र के सहारे ममून ने देहरादून के एक क्लब में सचिन चौहान नाम से नौकरी करना शुरू कर दिया। पुलिस ने ऑपरेशन कालनेमि के तहत इस सनसनीखेज साजिश को पकड़ा।

देहरादून पुलिस को सूचना मिली कि एक विदेशी युवक अवैध रूप से भारत में रह रहा है और नेहरू कॉलोनी क्षेत्र में महिला के साथ रहता है। पकड़े गए बांग्लादेशी ममून हसन ने बताया कि वह मेहरपुर (बांग्लादेश) का निवासी है, जबकि महिला ने खुद को रीना चौहान, त्यूणी निवासी बताया।

पूछताछ में पता चला कि दोनों की पहचान फेसबुक के जरिए हुई। ममून 2019 से 2021 के बीच तीन बार टूरिस्ट वीजा पर भारत आया और रीना से मिला। 2022 में ममून ने रीना को अवैध तरीके से बांग्लादेश ले जाकर शादी की और फिर दोनों भारत लौट आए।

रीना ने अपने पूर्व पति सचिन चौहान के नाम पर ममून के लिए फर्जी आधार, पैन और अन्य दस्तावेज बनवाए। इन दस्तावेजों के आधार पर ममून देहरादून के एक क्लब में सचिन चौहान नाम से बाउंसर के रूप में काम कर रहा था।

पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से फर्जी दस्तावेज बरामद किए। अब जांच जारी है कि इनके पीछे और कोई साजिश तो नहीं।

उत्तराखंड-मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने IAS अधिकारियों के साथ की बैठक

0

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की उपस्थिति में आज मुख्यमंत्री आवास में उत्तराखण्ड के आईएएस अधिकारियों की एक अनौपचारिक बैठक आयोजित की गई। बैठक में राज्य के मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन सहित सभी वरिष्ठ एवं युवा IAS अधिकारी उपस्थित रहे। यह बैठक वर्तमान में चल रहे प्रशासनिक अधिकारी सम्मेलन (AOC) के संदर्भ में थी।

बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों का स्वागत करते हुए कहा कि उत्तराखण्ड ने अपनी 25 वर्ष की यात्रा में अनेक चुनौतियों का सामना किया है और इन उपलब्धियों के पीछे राज्य के प्रशासनिक तंत्र की कड़ी मेहनत, निष्ठा और दूरदर्शिता का महत्वपूर्ण योगदान है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान समय अधिक गति, अधिक दृढ़ता और अधिक संकल्प के साथ काम करने का है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के शब्दों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान दशक उत्तराखण्ड का दशक है और इस संकल्प को साकार करना उत्तराखण्ड के प्रशासनिक अधिकारियों का दायित्व है। उन्होंने कहा कि आने वाले पाँच वर्ष उत्तराखण्ड के लिए निर्णायक होंगे और हमें राज्य को ऐसे मोड़ पर लेकर जाना है, जहाँ हर नागरिक यह महसूस करे कि राज्य निर्णायक और सकारात्मक परिवर्तन से गुजर रहा है।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि प्रशासन को तेजी और पारदर्शिता के साथ काम करना होगा। हर योजना और निर्णय लक्ष्य-आधारित और जन-केंद्रित होना चाहिए। व्यवस्था ऐसी बने कि फाइलों का निस्तारण समयबद्ध हो। योजनाओं का प्रभाव जमीनी स्तर पर तुरंत दिखाई दे। हर प्रक्रिया में जवाबदेही स्पष्ट हो।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सेवा की मूल भावना का स्मरण कराते हुए कहा कि उन्होंने यह सेवा धन, पद या सुरक्षा के लिए नहीं चुनी होगी, बल्कि राष्ट्र एवं समाज के लिए कुछ करने की भावना से चुनी होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि कभी-कभी जनता की शिकायतें प्रशासन की छवि को आहत करती हैं। लालफीताशाही, शिकायत न सुने जाने और फाइलों में अनावश्यक देरी जैसी बातें व्यवस्था पर नकारात्मक प्रभाव डालती हैं। उन्होंने कहा कि अधिकारियों को जनता के विश्वास को सर्वोपरि रखना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशासनिक इतिहास में सूर्यप्रताप सिंह, टी. एन. शेषन, नृपेंद्र मिश्र जैसे अनेक अधिकारी ऐसे रहे हैं जिन्होंने अपनी ईमानदारी, संकल्प और जनसेवा के माध्यम से समाज में स्थायी छाप छोड़ी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पद प्रतिष्ठा केवल सेवा कार्यकाल तक सीमित है, लेकिन कार्यों का सम्मान आजीवन रहता है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वे अपने पद को केवल नौकरी नहीं, बल्कि समाज सेवा का पवित्र अवसर समझें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज के ‘नए भारत’ में उदासीन कार्यशैली बर्दाश्त नहीं की जाती। उन्होंने निर्देश दिए कि कोई भी कार्य अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए। सभी योजनाओं का लाभ पात्र व्यक्तियों तक पारदर्शिता और समयबद्धता से पहुँचे। उन्होंने कहा कि अधिकारियों को अपने क्षेत्रों में मासिक समीक्षा, निरंतर मॉनिटरिंग और साइट निरीक्षण करना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार “विकल्प रहित संकल्प” के मंत्र के साथ उत्तराखण्ड को देश के अग्रणी राज्यों में शामिल करने के लिए कार्यरत है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि IAS अधिकारी अपनी निष्ठा, मेहनत और संकल्प के साथ इस लक्ष्य को प्राप्त करने में अग्रणी भूमिका निभाते रहेंगे। कार्यक्रम में मुख्य सचिव ने वर्तमान में चल रहे प्रशासनिक अधिकारी सम्मेलन (AOC) के अनुभव साझा किये ।

CM की अपील: बोली-भाषा अपनाएँ, नई पीढ़ी को विरासत से जोड़ें

0

किताबें पढ़ने की आदत को बढ़ावा दें: ‘बुके नहीं बुक दीजिए’—मुख्यमंत्री धामी का आह्वान

AI कितना भी उन्नत हो जाए, किताबों का कोई विकल्प नहीं: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी

स्थानीय भाषाओं के संरक्षण को सरकार की प्राथमिकता—गढ़वाली, कुमाऊँनी, जौनसारी के डिजिटलाइजेशन पर जोर

मुख्यमंत्री की अपील: घर-विद्यालयों में बढ़ाएँ अपनी बोली-भाषा का उपयोग, नई पीढ़ी को जोड़ें विरासत से

डिजिटल माध्यमों से मजबूत होंगी मातृभाषाएँ, सरकार तैयार कर रही नई पहलें

साहित्य और लोक संस्कृति को नई पीढ़ी तक पहुँचाने के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी: मुख्यमंत्री धामी

सीएम पुष्कर सिंह धामी ने वरिष्ठ पत्रकार जय सिंह रावत की पुस्तक “उत्तराखंड राज्य का नवीन राजनीतिक इतिहास” का किया विमोचन

राज्य की 25 वर्ष की राजनीतिक यात्रा का तथ्यपरक संकलन—मुख्यमंत्री ने पुस्तक की सराहना की

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज मुख्यमंत्री आवास में वरिष्ठ पत्रकार एवं प्रतिष्ठित लेखक जय सिंह रावत द्वारा लिखित पुस्तक “उत्तराखंड राज्य का नवीन राजनीतिक इतिहास” का विमोचन किया। यह पुस्तक उत्तराखंड राज्य के राजनीतिक, प्रशासनिक एवं क्रमिक विकास की संपूर्ण और प्रामाणिक दस्तावेज़ी यात्रा को प्रस्तुत करती है।

कार्यक्रम के शुभारंभ में मुख्यमंत्री ने उपस्थित महानुभावों, लेखकों, पत्रकारों तथा जनप्रतिनिधियों का स्वागत करते हुए लेखक जय सिंह रावत को इस महत्वपूर्ण कार्य के लिए हार्दिक बधाई दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि वरिष्ठ पत्रकार जय सिंह रावत ने राज्य के गठन के बाद की 25 वर्षों की राजनीतिक यात्रा को जिस सुसंगतता और प्रमाणिकता के साथ संकलित किया है, वह अत्यंत सराहनीय है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड के इतिहास, संस्कृति और लोक परंपराओं पर कई पुस्तकें उपलब्ध हैं, लेकिन राज्य स्थापना के बाद की ढाई दशक की घटनाओं को तथ्यों, दस्तावेजों और विश्लेषण के आधार पर संग्रहित करना एक चुनौतीपूर्ण कार्य है, जिसे लेखक ने उत्कृष्टता के साथ प्रस्तुत किया है। उन्होंने बताया कि पांच भागों में विभाजित यह पुस्तक शोधार्थियों, विद्यार्थियों और प्रशासनिक सेवाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए विशेष रूप से उपयोगी सिद्ध होगी।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राज्य बनने के बाद उत्तराखंड ने एक लंबा राजनीतिक अस्थिरता का दौर भी देखा, जिसका प्रभाव विकास की गति पर पड़ा। रावत ने इस संपूर्ण कालखंड का प्रामाणिक प्रस्तुतिकरण करते हुए दुर्लभ दस्तावेज़ों और प्रेस कतरनों की मदद से एक महत्वपूर्ण ऐतिहासिक संकलन तैयार किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि “इतिहास लिखना एक गंभीर दायित्व है, जिसमें तथ्य, दृष्टि और ईमानदारी का होना आवश्यक है। रावत ने पत्रकारिता की निष्ठा और निर्भीकता के साथ इस कालखंड को सहेजने का कार्य किया है।”

पुस्तक अध्ययन पर बल देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आज के इंटरनेट युग में जानकारी तत्काल उपलब्ध हो जाती है, लेकिन किताबों का महत्व कभी कम नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि पुस्तकें हमारे विचारों को गहराई देती हैं और ज्ञान को स्थायी रूप से संजोती हैं।

मुख्यमंत्री ने सभी से अपील की कि—
“किसी भी कार्यक्रम में ‘बुके नहीं, बुक दीजिए’। इससे जहां पुस्तकों के प्रति रुचि बढ़ेगी, वहीं लेखकों को भी प्रेरणा मिलेगी।”

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के इस तेज़ी से बदलते दौर में तकनीक का उपयोग आवश्यक है, लेकिन इसके साथ ही अपनी गढ़वाली, कुमाऊँनी, जौनसारी सहित सभी क्षेत्रीय भाषाओं और बोलियों को सुरक्षित रखना हम सभी का सामूहिक दायित्व है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विद्यार्थियों को अपनी मातृभाषा में भाषा कंटेंट, साहित्य, और लोकपरंपरा से जुड़े कार्यों को बढ़ावा देना चाहिए। सरकार भी इस दिशा में गंभीरता से प्रयास कर रही है तथा नई पीढ़ी के कंटेंट क्रिएटर के लिए इस दिशा में प्रतियोगिताएं आयोजित कर रही है |

उन्होंने कहा कि राज्य स्तर पर स्थानीय भाषाओं में लेखन, गीत-संग्रह, शोध और डिजिटल कंटेंट तैयार करने वाले विद्यार्थियों को प्रोत्साहन और सम्मान दिए जाने की दिशा में सरकार सतत प्रयासरत है।

उन्होंने कहा कि “भाषा, संस्कृति और रीति–रिवाज़ केवल अभिव्यक्ति के माध्यम नहीं, बल्कि हमारी पहचान और विरासत की नींव हैं। इसलिए आवश्यक है कि हम अपनी बोली-भाषाओं का संरक्षण करें और आने वाली पीढ़ियों में इनके प्रति गर्व की भावना विकसित करें।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज की नई पीढ़ी को यह बताना बहुत ज़रूरी है कि हमारे पूर्वजों ने कितनी कठिनाइयों और संघर्षों के बीच अपनी परंपराओं, सामाजिक मूल्यों और भाषा को बचाए रखा। उन्होंने कहा कि जब बच्चे अपनी जड़ों को समझते हैं, तो उनमें आत्मविश्वास और सांस्कृतिक चेतना मजबूत होती है।

पुस्तक पढ़ने की आदत पर बल देते हुए मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि “AI कितनी भी उन्नत क्यों न हो जाए, पुस्तकों को रिप्लेस करने का कोई अवसर नहीं है। पुस्तकें केवल ज्ञान का स्रोत नहीं, बल्कि सोचने, समझने और सीखने की एक गहरी प्रक्रिया हैं।”

मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से अपील की कि वे अपने घरों, विद्यालयों और समुदायों में स्थानीय भाषाओं के उपयोग को बढ़ावा दें तथा साहित्य और लोक संस्कृति को नई पीढ़ी तक पहुँचाने का प्रयास करें। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार भाषा संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए अनेक नई पहलें प्रारंभ कर रही है और आगे भी इस दिशा में प्रभावी कदम उठाए जाएंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार स्थानीय बोली-भाषाओं, साहित्य और पारंपरिक बोलियों के डिजिटलाइजेशन पर विशेष ध्यान दे रही है, ताकि गढ़वाली, कुमाऊँनी, जौनसारी सहित सभी क्षेत्रीय भाषाओं का सांस्कृतिक खजाना सुरक्षित रहे और नई पीढ़ी आसानी से इन तक पहुँच सके।

उन्होंने कहा कि डिजिटल माध्यमों पर सामग्री उपलब्ध होने से हमारी मातृभाषाएँ न केवल संरक्षित होंगी, बल्कि आधुनिक समय के अनुरूप और अधिक सशक्त रूप में आगे बढ़ेंगी।

कार्यक्रम में पूर्व मुख्यमंत्री एवं महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी, पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, विधायक बृज भूषण गैरोला, पत्रकार, साहित्यकार एवं अन्य गणमान्य लोग उपस्थित थे।

कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने 169 निशुल्क मोटराइज्ड ट्राईसाइकिलें वितरित कीं

0

देहरादून आज कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने देहरादून के राष्ट्रीय दृष्टि दिव्यांगजन सशक्तिकरण संस्थान परिसर में एलिम्को के माध्यम से आयोजित दिव्यांगजनों को मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल (इलेक्ट्रिक) वितरण कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में प्रतिभाग किया। कार्यक्रम में पावर फाइनेंस कॉर्पोरेशन लिमिटेड (पीएफसी) की सीएसआर निधि से 169 दिव्यांगजनों को निशुल्क इलेक्ट्रिकमोटराइज्ड ट्राईसाइकिलें वितरित की गईं।

कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने इस सराहनीय पहल के लिए पावर फाइनेंस कॉर्पोरेशन लिमिटेड के अधिकारियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि संस्था द्वारा अपने निगमित सामाजिक दायित्व के अंतर्गत लगभग 1 करोड़ रुपए की धनराशि इस उद्देश्य के लिए उपलब्ध कराई गई है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का आभार जताते हुए कहा कि विकलांग से दिव्यांग जैसे सम्मान जनक नाम प्रधानमंत्री मोदी ने दिया। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री के नेतृत्व में दिव्यांगजनों एवं वरिष्ठ नागरिकों के उत्थान हेतु निरंतर नई योजनाएं चलाई जा रही हैं, जिनका लक्ष्य उनके जीवन को अधिक सुलभ, सम्मानजनक और आत्मनिर्भर बनाना है।

मंत्री जोशी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास के मंत्र को साकार करते हुए केंद्र सरकार समाज के अंतिम पंक्ति के वर्गों के सामाजिक, सांस्कृतिक एवं आर्थिक सशक्तिकरण के लिए अनेक केन्द्रीकृत योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन कर रही है। उन्होंने कहा कि देशभर में दिव्यांगजनों के लिए एक केन्द्रीयकृत डेटा बेस बनाने हेतु विशिष्ट दिव्यांगता पहचान पत्र परियोजना लागू की गई है, जो अब देश के सभी 785 जिलों में संचालित हो रही है।

उन्होंने कहा कि देशभर में प्रधानमंत्री दिव्याशा केंद्रों की स्थापना की जा रही है। उत्तराखण्ड में देहरादून, ऋषिकेश और हल्द्वानी में ऐसे तीन केंद्र पहले ही स्थापित हो चुके हैं। इसके अतिरिक्त भारतीय सांकेतिक भाषा को बढ़ावा देने के लिए दिल्ली में एक समर्पित संस्थान स्थापित किया गया है। उन्होंने कहा कि आईएसएल डिक्शनरी में 10,000 शब्द शामिल थे और अब इसमें 2,500 नए शब्द जोड़कर इसे 10 भाषाओं में विकसित किया जा रहा है, जिससे बधिरजनों को विशेष लाभ मिल रहा है।

दिव्यांगजनों को ट्राईसाइकिल वितरित करते हुए मंत्री जोशी ने कहा कि यह केवल एक वितरण कार्यक्रम नहीं, बल्कि दिव्यांगजनों के आत्मसम्मान, आत्मनिर्भरता और सशक्तिकरण की दिशा में उठाया गया एक महत्वपूर्ण कदम है। मोटराइज्ड ट्राईसाइकिलें उनकी गतिशीलता बढ़ाने के साथ-साथ जीवन में नए अवसरों के द्वार खोलेंगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए लगातार प्रयासरत है कि दिव्यांगजन शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका, परिवहन और सामाजिक सुरक्षा जैसी सभी सुविधाओं से बराबरी के साथ लाभान्वित हों।

कार्यक्रम में महाप्रबंधक पीएफसी दुर्गेश रंगेरा, जिला समाज कल्याण अधिकारी दीपांकर घिल्डियाल, वरिष्ठ प्रबंधक एलिम्को हरीश कुमार, एनआईवीएच आदर्श स्कूल के प्रधानाचार्य अमित शर्मा, अनिल सिंह सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

दिल्ली: अंतरराष्ट्रीय फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़, 8 गिरफ्तार; मास्टरमाइंड सानू फरार

0

नई दिल्ली, 21 नवंबर । दिल्ली पुलिस ने दक्षिणी दिल्ली के सतबरी गांव में चल रहे एक अंतरराष्ट्रीय फर्जी कॉल सेंटर का खुलासा करते हुए आठ लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में एक महिला भी शामिल है, जबकि गिरोह का सरगना सानू मौके से फरार हो गया। पुलिस ने उसकी तलाश में विशेष टीम गठित की है।

विदेशी नागरिक थे निशाने पर

पुलिस के मुताबिक यह कॉल सेंटर एक आवासीय भवन में संचालित हो रहा था, जिसमें वीओआईपी कॉलिंग सिस्टम और विदेशी डेटाबेस की मदद से विदेशी नागरिकों को निशाना बनाया जाता था। कॉल सेंटर की व्यवस्था इतनी प्रोफेशनल थी कि यह देखने में एक वैध अंतरराष्ट्रीय कस्टमर सपोर्ट ऑफिस जैसा दिखाई देता था।

छापेमारी में जब्त हुई बड़ी इलेक्ट्रॉनिक सामग्री

पुलिस ने मौके से कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए हैं, जिनमें—

कंप्यूटर सिस्टम

मोबाइल फोन

वीओआईपी सॉफ्टवेयर

विदेशी डेटा

धोखाधड़ी में इस्तेमाल दस्तावेज

शामिल हैं। जांच में पता चला है कि जिस इमारत से यह सेंटर चलता था वह सानू के भाई रिहान उर्फ टिन्नी के नाम दर्ज है। पुलिस ने इमारत सील कर दी है।

बड़े साइबर नेटवर्क का हिस्सा

दिल्ली पुलिस की यह कार्रवाई हाल ही में शुरू किए गए बड़े साइबर ऑपरेशन का हिस्सा है। इससे पहले 10 नवंबर को दिल्ली, हरियाणा, उत्तराखंड और पंजाब में बड़े पैमाने पर छापेमारी कर डिजिटल अरेस्ट और निवेश धोखाधड़ी से जुड़े कई अपराधियों को पकड़ा गया था।

स दौरान पुलिस को:

5 करोड़ रुपये से अधिक की क्रिप्टोकरेंसी,

फर्जी कंपनियों का रिकॉर्ड,

सैकड़ों मोबाइल फोन, सिम और चेकबुक

बरामद हुए थे।

डर, ब्लैकमेल और फर्जी निवेश थे तरीके

जांच में पता चला कि गिरोह खुद को विदेशी एजेंसियां, पुलिस या इंटरपोल का अधिकारी बताकर लोगों को डराता था और “डिजिटल अरेस्ट” के नाम पर ब्लैकमेल करता था। इसके अलावा यह गिरोह फर्जी निवेश प्लेटफॉर्म बनाकर ऊंचे रिटर्न का लालच देकर बड़ी ठगी करता था।

युवाओं और छात्रों को बना रहे थे ‘म्यूल’

गिरफ्तार आरोपी आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों, पीजी में रहने वाले युवाओं और बेरोजगारों को पैसे का लालच देकर म्यूल अकाउंट खुलवाते थे, जिनसे अंतरराष्ट्रीय लेनदेन को छिपाया जाता था।

मुजरिम अभी भी बाहर, बड़े खुलासों की उम्मीद

फरार मास्टरमाइंड सानू की तलाश जारी है। पुलिस का कहना है कि प्रारंभिक जांच से यह नेटवर्क बड़े अंतरराष्ट्रीय साइबर सिंडिकेट से जुड़ा हुआ है और आने वाले दिनों में और गिरफ्तारी हो सकती हैं।

गिरफ्तार आरोपी

सुमित कुमार

अतुल शर्मा (कुरुक्षेत्र)

राहुल मांडा (हिसार)

वरुण अंचल उर्फ लक्की (जालंधर)

अमित कुमार सिंह उर्फ कार्तिक (सारण)

तीन अन्य आरोपी

गोदियाल के अध्यक्ष बनने के बाद बदलने लगा कांग्रेस प्रदेश कार्यालय का स्वरूप, इन नेताओं को कक्ष आवंटित

0

देहरादून प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में नेताओं को कक्ष आवंटित करने के साथ ही नेमप्लेट भी लगा दी गई है.

देहरादून: कांग्रेस पार्टी का अध्यक्ष बनने के बाद गणेश गोदियाल ने प्राथमिकता के आधार पर कांग्रेस प्रदेश मुख्यालय में स्थित फ्रंट ऑफिसों में भी बदलाव किए हैं. सूर्यकांत धस्माना के कमरे में अब चुनाव प्रचार समिति के अध्यक्ष प्रथम सिंह बैठेंगे, जबकि कांग्रेस चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष हरक सिंह रावत, निवर्तमान अध्यक्ष और वर्तमान में सीडब्ल्यूसी के आमंत्रित सदस्य करन माहरा, नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य व पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के महिला कांग्रेस के कमरे में में बैठने का इंतजाम किया है.

महिला कांग्रेस को पुराना ऑफिस दोबारा से अलॉट किया गया है. कांग्रेस भवन में सभी नेताओं की नई नेम प्लेट लगा दी गई है. अभी तक कांग्रेस प्रदेश मुख्यालय में प्रदेश अध्यक्ष के साथ ही अन्य प्रदेश कार्यकारिणी के पदाधिकारियों के बैठने की व्यवस्था हुआ करती थी. लेकिन प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद गणेश गोदियाल ने कांग्रेस भवन में पार्टी के सभी वरिष्ठ नेताओं के बैठने की शुक्रवार से व्यवस्था कर दी है.

पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने अपेक्षा की है कि पार्टी के सभी वरिष्ठ नेता कांग्रेस भवन में नियमित रूप से बैठें, ताकि 2027 की रूपरेखा बनाई जा सके. अगर बड़े नेता कांग्रेस भवन में बैठेंगे तो पार्टी की गतिविधियां बढ़ने के साथ ही 2027 का किला फतह करने में सफलता मिलेगी. पार्टी के प्रवक्ता शीशपाल बिष्ट ने बताया कि पार्टी के अध्यक्ष गोदियाल भरसक प्रयास कर रहे हैं कि आने वाले चुनाव के लिए कोई कोर कसर बाकी नहीं रहे.

कांग्रेस पार्टी की लीडरशिप की एकजुटता प्रदर्शित भी हो और धरातल पर दिखाई भी दे, इसलिए कांग्रेस भवन में यह आमूल चूल परिवर्तन किया गया है. कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने सभी वरिष्ठ नेताओं को सम्मान देने के लिए नेम प्लेट्स भी कांग्रेस भवन में लगवा दी हैं. फ्रंट ऑफिस में चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष हरक सिंह रावत, दूसरी तरफ चुनाव प्रचार समिति की कैंपेन कमेटी के अध्यक्ष प्रीतम सिंह, इसी तरह से फ्रंट ऑर्गनाइजेशन को शिफ्ट किया जा रहा है. जबकि अन्य वरिष्ठ पदाधिकारियों को फ्रंट में ऑफिस आवंटित किए जाने की कार्रवाई की जा रही है. इसके अलावा पार्टी के उपाध्यक्षों और महामंत्रियों को शिफ्ट किए जाने के साथ ही उनकी जिम्मेदारियों को बढ़ाया जा रहा है और उनके जवाब देही भी तय की जा रही है.

लालढांग–गैंडीखाता रोड पर हादसा, ग्रामीण की मौत

0

लालढांग–गैंडीखाता मार्ग पर शुक्रवार शाम एक बेहद दर्दनाक दुर्घटना सामने आई, जहाँ इंद्रा नगर बस्ती के समीप सड़क पार कर रहे एक ग्रामीण की डंपर से कुचलकर मौके पर ही मौत हो गई। मृतक की पत्नी भी उसी समय साथ मौजूद थी और घटना की प्रत्यक्षदर्शी बनी।

जानकारी के मुताबिक ग्राम रसूलपुर मीठीबेरी के ढढियांवाला निवासी 42 वर्षीय जगमोहन सिंह पुत्र होरी सिंह अपनी पत्नी के साथ गैंडीखाता में रिश्तेदारों से मिलने जा रहे थे। दोनों ऑटो से उतरकर सड़क पार करने लगे ही थे कि उसी दौरान भागुवाला से लालढांग की ओर जा रहा एक डंपर तेज रफ्तार में पहुँचा और जगमोहन सिंह उसकी चपेट में आ गए।

भीषण टक्कर के बाद ग्रामीण ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। सूचना मिलते ही श्यामपुर थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

थाना प्रभारी मनोज शर्मा ने बताया कि दुर्घटना में शामिल डंपर को पुलिस ने जब्त कर लिया है जबकि चालक घटना के बाद फरार हो गया, जिसकी तलाश जारी है।

हल्द्वानी: बिना डॉक्टर अल्ट्रासाउंड, सत्यम डायग्नोस्टिक सेंटर पकड़ा गया

0

कुमाऊं के मुख्य प्रवेश द्वार हल्द्वानी शहर में चल रहे अल्ट्रासाउंड सेंटरों की कार्यप्रणाली पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। शुक्रवार को जिलाधिकारी और मुख्य चिकित्सा अधिकारी के निर्देश पर पीसीपीएनडीटी अधिनियम के तहत दो प्रमुख केंद्रों राघव पैथ लेब, मुखानी और सत्यम डायग्नोस्टिक सेंटर, हीरा नगर का औचक निरीक्षण किया गया।

निरीक्षण दल में सिटी मजिस्ट्रेट गोपाल सिंह चौहान, एसीएमओ डॉ. स्वेता भंडारी, ललित ढोंडियाल और जगदीश चंद्र शामिल थे।

सत्यम डायग्नोस्टिक सेंटर पर भारी लापरवाही

हीरा नगर स्थित सत्यम डायग्नोस्टिक सेंटर में जांच के दौरान टीम को कई गंभीर अनियमितताएं मिलीं हैं।

यहां जो सबसे हैरानी की बात सामने आई वो यह कि रेडियोलॉजिस्ट की पूरी तरह अनुपस्थित के बावजूद 26 मरीजों के अल्ट्रासाउंड की पर्चियाँ काटी गईं। इसका मतलब बड़ा गड़बड़झाला है। इसके अलावा एएनसी रजिस्टर और फॉर्म–F पर रेडियोलॉजिस्ट के हस्ताक्षर नहीं,,सीसीटीवी रिकॉर्डिंग मांगी गई तो स्टाफ ने कैमरा खराब होने की बात कही।

इन बड़ी और गंभीर लापरवाहियों पर निरीक्षण टीम ने प्रबंधन को कड़ी फटकार लगाई।और मौके पर ही अल्ट्रासाउंड कक्ष में ताला मार दिया गया। चाबी प्रशासन ने अपने कब्जे में ले ली है।

साथ ही केंद्र को 3 दिनों के भीतर लिखित स्पष्टीकरण देने के आदेश जारी किए गए।

राघव पैथ लेब में सब कुछ ठीक

वहीं मुखानी स्थित राघव पैथ लेब की जांच के दौरान दस्तावेज और व्यवस्थाएँ संतोषजनक पाई गईं।

उत्तराखंड: भू-माफिया ने बुजुर्ग महिला की 6 बीघा जमीन पर प्लॉटिंग कर बेच डाली

0

भूमाफिया ने एनआरआइ बुजुर्ग महिला की छह बीघा जमीन पर प्लाटिंग कर बेच डाली,27 आरोपितों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज।

देहरादून- दून में सक्रिय भूमाफिया ने एनआरआइ बुजुर्ग महिला की छह बीघा जमीन पर प्लाटिंग कर बेच डाली। महिला को जमीन खुर्दबुर्द होने की जानकारी मिली तो वह देहरादून पहुंचीं। इस जमीन पर कुछ मकान बन गए तो कुछ ने मकान बनाने के लिए बुनियाद का काम शुरू कर दिया है। महिला ने रजिस्ट्रार कार्यालय से दस्तावेज निकलवाए तो पता चला कि भूमाफिया ने फर्जी दस्तावेज बनाए हुए थे। मामले में क्लेमेनटाउन पुलिस ने 27 आरोपितों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर लिया है।पुलिस को दी तहरीर में महारानी बाग, दक्षिण दिल्ली निवासी 80 वर्षीय नीलम मिसाल ने बताया कि उनकी दून के भारुवाला ग्रांट में पुस्तैनी जमीन है। वह वर्तमान में अमेरिका में रहती हैं। इसका फायदा उठाकर भूमाफिया ने फर्जी दस्तावेज तैयार कर उनकी जमीन बेच दी। आरोपितों की ओर से फर्जी बैनामे कराए गए।अजय सिंह एसएसपी देहरादून ने बताया कि तहरीर के आधार पर आरोपित 27 आरोपितों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर लिया है।