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मुर्शिदाबाद: निलंबित TMC विधायक हुमायूं कबीर आज रखेंगे ‘बाबरी मस्जिद’ की नींव, सुरक्षा कड़ी

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मुर्शिदाबाद (प. बंगाल) में निलंबित TMC विधायक हुमायूं कबीर आज बेलडांगा में प्रस्तावित ‘बाबरी मस्जिद’ की नींव रखेंगे। कार्यक्रम को लेकर जिले में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। कबीर ने कहा कि कोई भी ताकत उन्हें रोक नहीं सकती और हाई कोर्ट के आदेशों का पालन किया जाएगा। सुबह से ही बड़ी संख्या में लोग ईंटें लेकर समारोह स्थल पर जुट रहे हैं। केंद्रीय बलों और स्थानीय पुलिस द्वारा कड़े इंतज़ाम किए गए हैं। विवाद बढ़ने के बाद TMC ने 4 दिसंबर को कबीर को पार्टी से निलंबित कर दिया था।

रामनगर-हल्द्वानी मार्ग पर अब सांभर के साथ सेल्फी नहीं ले पाएंगे लोग, वन विभाग ने किया रेस्क्यू

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रामनगर में रामनगर-हल्द्वानी मार्ग पर लंबे समय से दिख रहे सांभर को रेस्क्यू कर लिया गया है.

रामनगर: लंबे समय से रामनगर-हल्द्वानी मार्ग पर कोसी बैराज के पास लोगों के बीच आकर्षण का केंद्र बने सांभर को आखिरकार वन विभाग ने सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया है. लगातार पर्यटक और राहगीर उसके साथ सड़कों पर सेल्फी ले रहे थे. वहीं कई लोग उसे बिस्कुट जैसे अनुपयुक्त खाद्य पदार्थ भी खिला रहे थे. जिसके बाद वन विभाग ने सांभर को रेस्क्यू करने का विचार बनाया.

इस सांभर हिरण की वजह से रामनगर–हल्द्वानी मार्ग पर कई बार जाम की स्थिति भी बन रही थी. रामनगर वन प्रभाग के रेंज अधिकारी शेखर तिवारी ने बताया कि वन्यजीव और आम जनता की सुरक्षा को देखते हुए डॉ. साकेत बडोला के निर्देश पर रामनगर वन विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कोसी बैराज से सांभर को सफलतापूर्वक रेस्क्यू कर लिया.

रेस्क्यू के बाद इस सांभर हिरण को कॉर्बेट टाइगर रिजर्व क्षेत्र में स्थित रेस्क्यू सेंटर भेजा गया, जहां अब उसकी पूरी देखरेख विशेषज्ञों द्वारा की जाएगी. खास बात यह है कि यह रेस्क्यू सेंटर में लाया गया पहला सांभर हिरण है. बता दें कि केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण (Central Zoo Authority) ने 23 मार्च 2025 को इस रेस्क्यू सेंटर की क्षमता बढ़ाने की स्वीकृति दी थी. इसके तहत अब यहां 32 बाघ, 48 गुलदार, 5 हाथी, विभिन्न प्रजातियों के हिरणों तथा कुमाऊं क्षेत्र में पहली बार घायल पक्षियों के इलाज की भी अनुमति मिल चुकी है.

उत्तराखंड में फ्लाइट के साथ रेल यात्रियों की भी बढ़ी मुश्किलें, कई ट्रेन कैंसिल, कुछ शॉर्ट टर्मिनेट

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उत्तराखंड के देहरादून हरिद्वार और ऋषिकेश से चलने वाली कई ट्रेनों को कैंसिल और शॉर्ट टर्मिनेट किया गया.

देहरादून: हवाई यात्रा के साथ-साथ उत्तराखंड में ट्रेन मार्ग पर भी असर पड़ा है. देहरादून के जौलीग्रांट एयरपोर्ट पर जहां दोपहर एक बजे तक चार फ्लाइड कैंसिल हुई है तो वहीं रेलवे ने कुछ ट्रेनों को कैंसिल किया है, जिससे यात्रियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा है.

रेलवे से मिली जानकारी के अनुसार देहरादून, हरिद्वार और ऋषिकेश के चलने वाले करीब 24 ट्रेन अगले पांच दिनों तक प्रभावित करेंगी. कई ट्रेनों के रद्द किया गया है तो कुछ ट्रेनों शॉर्ट टर्मिनेट.

रेलवे ने पहले ही एक अपील जारी की थी, जिसमें यह बताया गया था कि गढ़वाल की तरफ आने वाली ट्रेनों को कुछ समय के लिए कैंसिल या शॉर्ट टर्मिनेट किया जा सकता है. क्योंकि इस मार्ग पर पड़ने वाले रेलवे पुलों की मरम्मत का काम आज से शुरू होगा.

देहरादून रेलवे से मिली जानकारी के अनुसार आने वाले पांच दिनों तक 24 ट्रेन है, जिनमें लगभग 58 फेरे होते हैं. वह प्रभावित रहेंगी. देहरादून-अमृतसर लाहोरी एक्सप्रेस 14631/14632 अगले तीन दिनों तक रद्द रहेगी.

इसके साथ ही सहारनपुर पैसेंजर 10 दिसंबर तक पूरी तरह से रद्द रहेगी. इसके अलावा जो ट्रेन देहरादून तक आती है, उन्हें संभावित हरिद्वार, लक्सर या रुड़की में ही रोका जाएगा. वहीं से वह ट्रेन चलेगी. कई यात्री देहरादून से फ्लाइट कैंसिल होने के बाद यदि कुछ यात्री ऋषिकेश, हरिद्वार या देहरादून से ट्रेन पकड़ने की सोच रहे है तो उन्हें भी थोड़ी मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है.

ये ट्रेनों देरी से चलेगी: देहरादून से दिल्ली जाने वाली शताब्दी एक्सप्रेस ट्रेन भी सात दिसंबर तक करीब एक घंटा देरी से चलेगी. इसके साथ ही दिल्ली से आने वाली अलग-अलग तीन ट्रेन का समय भी बदल गया है. लिंक एक्सप्रेस 8 दिसंबर को देहरादून से देरी से चलेगी. यह देरी लगभग 2 घंटे की हो सकती है. इसी के साथ राप्ती गंगा एक्सप्रेस भी 8 दिसंबर को मुजफ्फरनगर से 3 घंटे देरी से चलेगी. इसके साथ ही कुछ ट्रेन देहरादून नहीं आएगी, जिसमें हावड़ा देहरादून उपासना एक्सप्रेस रविवार और सोमवार को हरिद्वार तक ही आएगी.

इसके साथ ही वंदे भारत एक्सप्रेस जो कि लखनऊ से देहरादून के लिए चलती है, वह भी हरिद्वार तक ही आएगी. दिल्ली-देहरादून शताब्दी एक्सप्रेस भी हरिद्वार तक आएगी. जबकि मसूरी एक्सप्रेस 9 दिसंबर को हरिद्वार तक ही आएगी. इसके साथ ही कोटा से आने वाली नंदा देवी एक्सप्रेस भी 9 ओर 10 दिसंबर को हरिद्वार तक ही आएगी.

गढ़वाल सांसद ने संसद में उठाया वन्यजीव हमलों का मुद्दा

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उत्तराखंड में लगातार बढ़ रहे वन्यजीव हमलों को लेकर गढ़वाल सांसद अनिल बलूनी ने शुक्रवार को लोकसभा में गंभीर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ दिनों से पहाड़ों में भालू और गुलदार के हमले खतरनाक स्तर तक बढ़ गए हैं और हालात कर्फ्यू जैसे बनते जा रहे हैं।

सांसद बलूनी ने संसद में केंद्र सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की मांग करते हुए कहा कि पिछले तीन हफ्तों में चार लोगों की मौत और 15 से ज्यादा लोगों के घायल होने की घटनाएं साबित करती हैं कि यह अब सामान्य परिस्थिति नहीं है। बच्चों का स्कूल से निकलना, महिलाओं का जंगल जाना और ग्रामीणों का रोजमर्रा का काम करना खतरे से खाली नहीं है।

उन्होंने इस मुद्दे पर वन मंत्री भूपेंद्र यादव से तुरंत कदम उठाने, विशेषज्ञ टीम भेजने और आधुनिक पिंजरों सहित संसाधनों की आपूर्ति बढ़ाने की अपील की। बलूनी ने एक्स पर भी पोस्ट कर इसे “जनसुरक्षा का गंभीर संकट” बताया और कहा कि इसके लिए ठोस रणनीति तुरंत लागू करनी होगी।

लोकसभा में बलूनी ने कही ये 3 बड़ी बातें…

  • गढ़वाल में मैन-एनिमल कॉन्फ्लिक्ट अपने चरम पर: सांसद बलूनी ने कहा माननीय सभापति जी, मैं आपके माध्यम से, सरकार से और हमारे वन मंत्री आदरणीय भूपेंद्र यादव जी भी यहां बैठे हैं उनसे भी आग्रह है कि उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में और विशेषकर गढ़वाल लोकसभा जो क्षेत्र है उसमें पिछले कई दिनों से मैन एनिमल कॉन्फ्लिक्ट अपने चरम पर है। माननीय सभा पति जी, पिछले तीन हफ्ते के अंदर चार लोगों की मौत हो गई है तेंदुए के हमले के कारण, और पिछले कुछ दिनों में इसमें वृद्धि आई है। 15 से अधिक लोग घायल हुए हैं। पिछले तीन हफ्ते में भालू के हमले अचानक बढ़े हैं। इस मौसम में आमतौर पर भालू के हमले नहीं होते थे वो भी तेजी के साथ हो रहे हैं।
  • स्कूल तक बच्चे नहीं भेज पा रहे, कर्फ्यू जैसे हालात: पहाड़ों पर बच्चों को लोग स्कूल भेजना बंद कर रहे हैं, क्योंकि बच्चों पर तेजी से हमले हो रहे हैं।अंधेरा होते ही पहाड़ों पर कर्फ्यू जैसी हालत हो जा रही है।इतना ज्यादा मैन एनिमल कॉन्फ्लिक्ट बढ़ा है।
  • WII की टीम तुरंत भेजी जाए, आधुनिक पिंजरों की जरूरत: उन्होंने आगे कहा- मेरा वन मंत्री जी से आग्रह है कि इसमें राज्य की मदद करनी चाहिए, संसाधनों की आवश्यकता है बहुत बड़ी मात्रा में।हम लोगों को नए आधुनिक पिंजरों की जरूरत है। मेरा आग्रह है कि वाइल्ड लाइफ इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (WII) की जो टीम है, उसे तुरंत उत्तराखंड भेजना चाहिए, ये जानने के लिए कि आखिर अचानक से इन हमलों में तेजी क्यों आई है, इसकी जांच होनी चाहिए।इसके साथ ही जो लोग अपने परिजनों को खो रहे हैं, उनकी वन विभाग द्वारा या फिर भारत सरकार द्वारा और क्या क्या मदद हो सकती है, उसका ध्यान रखा जाना चाहिए।

हरिद्वार मोर्चरी में लापरवाही: चूहों ने शव कुतरा, परिजनों का हंगामा—जांच व कार्रवाई की मांग तेज

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हरिद्वार। जिला अस्पताल की मोर्चरी में गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है। शुक्रवार रात से मोर्चरी में रखे पंजाबी धर्मशाला, ज्वालापुर के मैनेजर लखन शर्मा उर्फ लकी (36) के शव को चूहों द्वारा कुतर दिए जाने की घटना ने स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

शनिवार सुबह जब परिजन पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी पहुंचे तो उन्होंने देखा कि शव के चेहरे, सिर और एक आंख पर गहरे घाव थे। मोर्चरी के अंदर चूहे दौड़ते नजर आए, जिसके बाद परिजन भड़क उठे और अस्पताल परिसर में हंगामा कर दिया।

जानकारी के अनुसार, लखन शर्मा की शुक्रवार शाम अचानक हृदयगति रुकने से मौत हो गई थी। देर शाम परिजन शव को पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी लाए थे, लेकिन प्रक्रिया अगले दिन सुबह के लिए टाल दी गई। इसी दौरान रात में शव को चूहों ने नुकसान पहुंचा दिया।

घटना की सूचना मिलते ही कांग्रेस नेता भी मौके पर पहुंच गए और मोर्चरी व्यवस्था व स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ नारेबाजी की। परिजनों का आरोप है कि मोर्चरी में सुरक्षा और सफाई की स्थिति बदहाल है, जिसके कारण शव भी सुरक्षित नहीं रह पा रहे।

हंगामे के बावजूद स्वास्थ्य विभाग का कोई जिम्मेदार अधिकारी मौके पर देर तक उपस्थित नहीं हुआ, जिससे परिजनों और कार्यकर्ताओं का आक्रोश और बढ़ गया। सभी ने दोषियों पर कड़ी कार्रवाई और मोर्चरी व्यवस्था की जांच की मांग की है।

हल्द्वानी : चौकी इंचार्ज को तेज रफ्तार स्कार्पियो ने मारी टक्कर

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हल्द्वानी- अनियंत्रित वाहन का शिकार हुए भोटिया पड़ाव चौकी इंचार्ज

भोटिया पड़ाव चौकी इंचार्ज अनिल कुमार को तेज रफ्तार स्कार्पियो ने मारी टक्कर

चौकी इंचार्ज अनिल कुमार को आई गंभीर चोटें

चेकिंग के दौरान हुआ हादसा

नशे में धुत बताया जा रहा है स्कार्पियो चालक रक्षित हर्बोला

स्कार्पियो का नम्बर UK04AK9211 है

पुलिस ने स्कार्पियो सहित चालक को लिया हिरासत में

मेडिकल के साथ ही कार्यवाही में जुटी कोतवाली पुलिस।

उत्तराखंड में सिख समाज पर विवादित टिप्पणी:सिख एडवोकेट ने जताई आपत्ति, हरक सिंह रावत बोले- सॉरी मेरे मुहं से निकल गया

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उत्तराखंड के पूर्व कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत ने सिख समाज के खिलाफ विवादित टिप्पणी कर दी, जिसके बाद उनका यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इससे आक्रोशित सिख समाज के लोगों ने आज देहरादून के घंटाघर चौक पर प्रदर्शन कर उनका पुतला फूंका।

विवाद बढ़ता देख हरक सिंह रावत ने तुरंत माफी मांग ली। दरअसल कल यानी शुक्रवार को वकीलों के धरने में शामिल होने आए हरक सिंह रावत ने प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने भाषण के बीच में जोश-जोश में सिख समाज के खिलाफ विवादित टिप्पणी कर दी।

घटना से जुड़ा एक 25 सेकेंड का वीडियो भी वायरल हो रहा है, जिसमें हरक सिंह रावत कहते है कि बार एसोसिएशन जिंदाबाद के नारे सब दोहराए। इसी दौरान उन्होंने एक सरदार जी को हाथ खड़े करने को कहा। सरदार जी के सिर हिलाने के बाद हरक सिंह रावत सिख समाज के खिलाफ विवादित टिप्पणी कर देते हैं।

उनके इतना बोलते ही आसपास मौजूद लोग हंस पड़ते हैं। इसके बाद मौके पर सिख एडवोकेट नाराजगी जताते हैं और वो तुरंत माफी मांगने को कहते हैं। विवाद बढ़ता देख हरक सिंह रावत कहते हैं कि सॉरी, अरे यार आपकी तरफ है प्रेम हमारा। चलो सॉरी मैं माफी मांगता हूं। मेरे मुंह से निकल गया।

बाबा साहेब की पुण्यतिथि पर सीएम धामी ने दी श्रद्धांजलि, समान नागरिक संहिता को बताया ऐतिहासिक कदम

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मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री आवास में श्रद्धासुमन अर्पित किए

बाबा साहेब के योगदान को किया स्मरण

शिक्षा, समानता और स्वाभिमान को बताया प्रेरणास्त्रोत

उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता को बताया ऐतिहासिक निर्णय

देहरादून। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को भारतीय संविधान के निर्मात्ता, भारत रत्न बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर की पुण्य तिथि पर मुख्यमंत्री आवास में उनके चित्र पर श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके योगदान को भावपूर्वक स्मरण किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बाबा साहेब ने जीवन भर शिक्षा, समानता और स्वाभिमान की अलख जगाई। उन्होंने कहा कि बाबा साहेब के आदर्श सामाजिक समरसता और न्याय की प्रेरणा देते हैं।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि उन्हीं की विचारधारा से प्रेरित होकर उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता को लागू किया गया है, जो सामाजिक समानता और न्याय के सपने को साकार करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम हैं

Pithoragarh: मुनस्यारी ब्लॉक में एक दिवसीय बायर–सेलर मीट, ग्रामोत्थान परियोजना के अंतर्गत

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पिथौरागढ़: मुनस्यारी ब्लॉक में ग्रामोत्थान परियोजना द्वार एक दिवसीय बायर–सेलर मीट व योजनात्मक कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस आयोजन का प्रमुख उद्देश्य ग्रामीण उद्यमियों, स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं व स्थानीय नागरिकों को विभिन्न विभागीय योजनाओं, व्यापारिक अवसरों एवं उद्यमिता से जोड़ना था।

कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य विकास अधिकारी ने किया। इस अवसर पर उन्हाेंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाएं एवं ग्रामवासी विभागों की योजनाओं की जानकारी प्राप्त कर उनका लाभ उठाएं, ताकि वे आत्मनिर्भर बनकर स्वरोज़गार एवं व्यवसाय के नए अवसरों से जुड़ सकें। उन्होंने समेकित कृषि प्रणाली की आवश्यकता पर विशेष बल देते हुए कहा कि पारंपरिक खेती को पशुपालन, मत्स्य पालन, उद्यान, मधुमक्खी पालन व प्रसंस्करण के साथ जोड़कर किसानों की आय में कई गुना वृद्धि संभव है। मुख्य विकास अधिकारी ने स्थानीय उत्पादों को ब्रांडिंग, मार्केटिंग और मार्केट लिंकिंग से जोड़ने का आग्रह किया, ताकि ग्रामीण उद्यमिता, सांस्कृतिक अनुभव एवं पारंपरिक उत्पादों का व्यापक प्रचार–प्रसार हो सके।

कार्यक्रम में देवभूमि चित्रकला, प्राइड ऑफ हिमालया, प्रियंका ऐपन आर्ट, मुख्यमंत्री उद्यमशाला, लोकल चित्रकारों एवं ग्रामोत्थान सहित अनेक स्थानीय उद्यमियों ने अपने उत्पादों के स्टॉल लगाए। यहां पारंपरिक हस्तशिल्प, ऐपन कला, स्थानीय जैविक अनाज, पर्वतीय चाय, हस्तनिर्मित वस्तुएं एवं पहाड़ी व्यंजनों का प्रदर्शन और बिक्री की गई। प्रदर्शनियों ने स्थानीय उद्यमिता की पहचान को मजबूत किया व संभावित खरीदारों और बाजार प्रतिनिधियों के साथ व्यापारिक संवाद का अवसर प्रदान किया।

पशुपालन, मत्स्य, उद्यान, उद्योग, ग्रामोत्थान, मुख्यमंत्री उद्यमशाला और विभागों के अधिकारियों ने प्रतिभागियों को विभिन्न योजनाओं, अनुदानों, प्रशिक्षण, ऋण सुविधा, रोजगार एवं उद्यम स्थापना प्रक्रियाओं की जानकारी प्रदान की। अधिकारियों ने युवाओं एवं महिलाओं को इन अवसरों का लाभ उठाकर छोटे उद्यमों को व्यापारिक स्वरूप देने के लिए प्रेरित किया।

शिक्षा विभाग में 52 टीचरों पर लटकी जांच की तलवार, फर्जी प्रमाण पत्रों से जुड़ा है मामला

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हाईकोर्ट में योजित जनहित याचिका में आयुक्त दिव्यांगजन द्वारा राज्य चिकित्सा परिषद द्वारा अपात्र 52 शिक्षकों की सूची जांच के लिये उपलब्ध कराई गई

देहरादून: उत्तराखंड में शिक्षा विभाग के अंतर्गत 52 शिक्षकों पर अब जांच की तलवार लटक रही है. वैसे तो फर्जी प्रमाण पत्र मामले को लेकर काफी पहले ही कई शिक्षक सवालों के घेरे में आ चुके थे, लेकिन मामले के कोर्ट तक पहुंचने के बाद शिक्षा विभाग भी प्रकरण पर गहरी नींद से जाग गया है. मामले में अब फर्जी दिव्यांग प्रमाण पत्र बनाकर नौकरी पाने वालों के खिलाफ जांच का दावा किया गया है.

शिक्षा विभाग में फर्जी प्रमाण पत्रों के जरिए नौकरी पाने के मामले यूं तो पहले भी आते रहे हैं, लेकिन इस बार मामला दिव्यांग जनों के हक से खिलवाड़ करने का है. इस मामले में शिक्षा विभाग पहले ही काफी हद तक यह स्पष्ट कर चुका है कि कई शिक्षकों द्वारा फर्जी तरह से दिव्यांग प्रमाण पत्र बनवाए गए और इसी के आधार पर उन्होंने शिक्षा विभाग में नौकरी पाई.

मामला तब सामने आया जब खुद दिव्यांग जन फर्जी प्रमाण पत्र की शिकायतों को लेकर कोर्ट की शरण में पहुंच गए. इस मामले में न्यायालय आयुक्त दिव्यांगजन ने जनहित याचिका के आधार पर शिक्षा विभाग से उन शिक्षकों की सूची मांगी है, जिनके प्रमाण पत्र पूर्व में फर्जी पाए गए थे. खास बात यह है कि इसके बाद जाकर शिक्षा विभाग ने आनन फ़ानन में ऐसे शिक्षकों को 15 दिन के भीतर जवाब देने के लिए नोटिस जारी कर दिया. इस मामले में दिव्यांग जन लगातार ऐसे फर्जी शिक्षकों पर कार्रवाई की मांग करते रहे हैं. लेकिन इसके बावजूद करीब 2 साल बीतने के बाद भी इन पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है.

बड़ी बात यह है कि मेडिकल बोर्ड द्वारा ऐसे शिक्षकों को किस तरह प्रमाण पत्र दे दिए गए, इस पर भी अभी कोई जवाब देही तय नहीं हुई है. हालांकि जांच के दौरान यह स्पष्ट हुआ है कि प्रमाण पत्र फर्जी तरीके से बनाए गए.

उधर अब शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत विद्यालयी शिक्षा विभाग के अंतर्गत दिव्यांगता प्रमाण पत्र का गलत लाभ उठाने वाले शिक्षकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात कह रहे हैं. उन्होंने कहा कि इसके लिये विभागीय स्तर पर निदेशक माध्यमिक शिक्षा की अध्यक्षता में चार सदस्यीय समिति गठित कर दी गई, जो केस-टू-केस के आधार पर शिक्षकों के दिव्यांगता प्रमाण पत्रों की गहन जांच कर अपनी रिपोर्ट शासन को उपलब्ध करायेगी.

सूबे के विद्यालयी शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत ने बताया कि दिव्यांगता प्रमाण पत्रों का अनुचित लाभ उठाने वाले शिक्षकों के खिलाफ जांच बिठा दी गई है. निदेशक माध्यमिक शिक्षा की अध्यक्षता में गठित चार सदस्यीय समिति केस-टू-केस के आधार पर शिक्षकों के प्रमाण पत्रों की गहन जांच कर अपनी रिपोर्ट शासन को सौंपेगी. जांच रिपोर्ट के आधार पर गलत लाभ लेने वाले शिक्षकों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जायेगी.

52 टीचरों की सूची जांच के लिए उपलब्ध कराई गई है: धन सिंह रावत ने बताया कि-

उच्च न्यायालय में योजित जनहित याचिका के क्रम में आयुक्त दिव्यांगजन द्वारा राज्य चिकित्सा परिषद द्वारा अपात्र 52 शिक्षकों की सूची जांच के लिये उपलब्ध कराई गई थी. इनमें 02 प्रधानाध्यापक, 21 प्रवक्ता व 29 सहायक अध्यापक शामिल थे. इन सभी शिक्षकों को विभागीय स्तर पर कारण बताओ नोटिस जारी किया गया. इसके क्रम में 20 प्रवक्ता तथा 9 सहायक अध्यापकों ने अपना जवाब विभाग को उपलब्ध करा दिया है. रावत ने बताया कि गलत तरीके से आरक्षण का लाभ उठाने वाले शिक्षकों व शिक्षणेत्तर कार्मिकों के खिलाफ ठोस कार्रवाई की जायेगी. इसके लिये विभागीय स्तर पर अन्य कार्मिकों के भी प्रमाण पत्रों की पृथक जांच से की जायेगी.
-धन सिंह रावत, विद्यालयी शिक्षा मंत्री, उत्तराखंड-