Saturday, January 24, 2026
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क्रिसमस और 31st सेलिब्रेशन:नैनीताल और कैंचीधाम आ रहे है तो इस बात का रखे ख्याल,वाहनों का दबाव बढ़ा तो जाएंगे शटल सेवा से

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क्रिसमस और 31st के साथ-साथ नए साल का उत्सव मनाने के लिए हर साल महानगरों से बड़ी संख्या में पर्यटक पहाड़ों का रुख करने को तैयार हैं। नैनीताल,भवाली, भीमताल, कैंचीधाम, अल्मोड़ा के लिए सर्वाधिक पर्यटक आते हैं। जिसको देखते हुए यातायात व्यवस्था और पर्यटकों की सुरक्षा के लिए नैनीताल पुलिस प्रशासन ने तैयारियां शुरू कर दी है। ट्रैफिक प्लान और सुरक्षा की दृष्टिगत नैनीताल पुलिस ने पुलिस मुख्यालय के माध्यम से दूसरे जनपदों से बड़ी मात्रा में पुलिस फोर्स की मांग की है। वही पहाड़ों पर ट्रैफिक दबाव को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने प्लान तैयार किया है जहां पहाड़ों पर यातायात का दबाव बढ़ने पर बाहर से आने वाले पर्यटकों के गाड़ियों को हल्द्वानी, कालाढूंगी और रामनगर में रोककर अतिरिक्त बनाई गई अस्थाई पार्किंग में पार्क कराएगा। जिसके बाद पर्यटकों को शटल सेवा के माध्यम से नैनीताल और कैंची धाम भेजने की योजना तैयार किया है। यही नहीं क्रिसमस और 31st के मौके पर बाहर से आने वाले पर्यटकों की होटल के बुकिंग के दौरान होटल के पास पार्किंग सेवा या उसकी बुकिंग उपलब्ध नहीं होने पर पर्यटकों की गाड़ियों को नैनीताल नहीं जाने दिया जाएगा। एसएसपी नैनीताल डॉ.मंजूनाथ टीसी ने बताया क्रिसमस और 31st के मौके पर ट्रैफिक प्लान तैयार किया गया है जहां टैक्सी यूनियन और होटल एसोसिएशन के साथ भी बैठक हो चुकी है पुलिस के अधिकारियों के साथ बैठक कर ली गई है।नैनीताल में पार्किंग फुल होने की स्थित में पर्यटकों के वाहनों को कालाढूंगी रामनगर और हल्द्वानी बनाए गए अस्थाई पार्किंग में खड़ा किया जाएगा। पुलिस ने पर्यटकों से अपील करते हुए कहा कि क्रिसमस और 31st के मौके पर अनावश्यक ओवरटेकिंग न करें। कोई हुडदंग न करें, शांति व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें।

शर्मनाक : आंदोलनरत नर्सिंग अभ्यर्थी को पुलिस ने जड़ा थप्पड़, हुआ बवाल

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उत्तराखंड में एक नर्सिंग अभ्यर्थी को पुलिस कांस्टेबल द्वारा थप्पड़ मारे जाने की घटना ने पूरे राज्य को झकझोर दिया है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में दिख रहा है कि शांतिपूर्ण ढंग से अपनी मांग रख रहीं महिलाओं और युवाओं के साथ पुलिस का व्यवहार आक्रामक रहा, जिसके बाद यह मामला प्रदेशभर में गुस्से का कारण बन गया है। अभ्यर्थियों का आरोप है कि वे सिर्फ अपनी लंबे समय से लंबित नर्सिंग भर्ती की मांग कर रहे थे, लेकिन पुलिस ने उनके साथ जोर-जबर्दस्ती, धक्कामुक्की और हिंसक व्यवहार किया।

युवाओं का सवाल है कि आखिर नौकरी की मांग करना कब से गुनाह बन गया? पिछले कुछ समय से भर्ती परीक्षाओं में देरी, पेपर लीक और अनियमितताओं को लेकर युवा पहले ही निराश हैं। ऐसे में जब वे शांतिपूर्ण ढंग से अपनी बात रखते हैं, तब उन पर लाठीचार्ज या थप्पड़ जैसे घटनाएं होना कहीं न कहीं व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

युवाओं ने आरोप लगाया कि पुलिस बार-बार अत्यधिक बल प्रयोग कर रही है, और यह वही पुलिस है जो हाल के महीनों में अपने गलत आचरण को लेकर कई बार सुर्खियों में रही है। अभ्यर्थियों ने यह भी पूछा कि किसके इशारे पर बेरोज़गार युवाओं और युवतियों पर हाथ उठाया जा रहा है? क्या सरकार युवाओं की आवाज़ सुनने के बजाय उसे दबाने की कोशिश कर रही है।
राजनीतिक और सामाजिक संगठनों ने भी इस घटना पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उनका कहना है कि यदि राज्य सरकार भर्ती नहीं दे पा रही है, तो कम से कम युवाओं की गरिमा की रक्षा करे। नौकरी मांगना अपराध नहीं है, यह उनका संवैधानिक अधिकार है।

विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की घटनाएं सरकार की छवि पर सीधा पुलिस की कार्य प्रणाली पर असर डालती हैं। युवाओं की आवाज दबाने से समस्याओं का समाधान नहीं होगा, बल्कि असंतोष और गहरा सकता है। अभी तक इस मामले में अधिकारी स्तर पर जांच की मांग की जा रही है, जबकि अभ्यर्थी दोषी पुलिसकर्मी पर कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

एमडीडीए ने लगभग 72 बीघा में की जा रही अवैध प्लॉटिंग को किया ध्वस्त, नियमों से खिलवाड़ करने वालों पर कड़ी कार्रवाई

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एमडीडीए का लक्ष्य है- एक स्वच्छ, संगठित और पारदर्शी शहरी विकास मॉडल तैयार करना, जिसमें जनता की सुरक्षा और हित सबसे ऊपर हों- बंशीधर तिवारी

मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने प्राधिकरण क्षेत्रान्तर्गत अवैध प्लॉटिंग के खिलाफ अपनी सख्त कार्रवाई को और तेज कर दिया है। नियोजित एवं सुरक्षित शहरी विकास को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से एमडीडीए की टीम ने विकासनगर, सहसपुर, सेलाकुई, होरोवाला रोड सहित विभिन्न क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर सीलिंग और ध्वस्तीकरण की कार्यवाही की। प्राधिकरण का स्पष्ट संदेश है कि नियमों से खिलवाड़ करने वालों के लिए किसी भी प्रकार की ढिलाई नहीं बरती जाएगी। अवैध कॉलोनाइज़रों के खिलाफ यह अभियान शहरी विकास को अनुशासित और पारदर्शी दिशा देने की कड़ी में महत्वपूर्ण कदम है।

मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण की अवैध लॉटिंग पर सख्त कार्रवाई लगातार जारी है। विकासनगर, सहसपुर, सेलाकुई, होरोवाला रोड सहित विभिन्न क्षेत्रों में आज व्यापक अभियान चलाते हुए सीलिंग व ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई। जिशान खान द्वारा होरोवाला रोड, देहरादून में लगभग 40-45 बीघा में की जा रही अवैध प्लॉटिंग को ध्वस्त किया गया। इसी प्रकार परमजीत रिखोल द्वारा खैरी गांव, मुर्गी निगम रोड, सेलाकुई में लगभग 05 बीघा क्षेत्र में की गई अवैध प्लॉटिंग पर भी कार्रवाई की गई। राहुल धनोला एवं अन्य द्वारा ग्राम शंकरपुर, नवोदय विद्यालय निकट, कैचीवाला रोड, सहसपुर में लगभग 22 बीघा में की जा रही अवैध प्लॉटिंग को भी ध्वस्त किया गया। उक्त कार्यवाही में अवर अभियन्ता शिद्धार्थ सेमवाल, अमन पाल, सुपरवाइज़र एवं पुलिस बल मौजूद रहा।

उपाध्यक्ष एमडीडीए बंशीधर तिवारी का बयान
एमडीडीए का मूल उद्देश्य सुव्यवस्थित, सुरक्षित और योजनाबद्ध शहरी विकास को लागू करना है। इसी भावना के तहत प्राधिकरण द्वारा अवैध निर्माणों और अवैध प्लॉटिंग के विरुद्ध शून्य-सहिष्णुता की नीति अपनाई गई है। हमने बीते कुछ महीनों में बड़े पैमाने पर ऐसी गतिविधियों पर निर्णायक कार्रवाई की है। अवैध कॉलोनाइज़रों द्वारा बिना मानचित्र स्वीकृति, बिना बुनियादी सुविधाओं की व्यवस्था किए प्लॉटिंग करना न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि भविष्य में नागरिकों के लिए गंभीर जोखिम भी पैदा करता है। एमडीडीए की ओर से साफ निर्देश है कि जो भी व्यक्ति या संस्था नियमों से खिलवाड़ करेगी, उस पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी। हम जनता से भी अपील करते हैं कि किसी भी भूखंड या प्लॉट को खरीदने से पहले उसकी विधिक स्थिति अवश्य जांच लें और एमडीडीए की स्वीकृत कॉलोनियों में ही निवेश करें। हमारा लक्ष्य है-एक स्वच्छ, संगठित और पारदर्शी शहरी विकास मॉडल तैयार करना, जिसमें जनता की सुरक्षा और हित सबसे ऊपर हों।

सचिव एमडीडीए मोहन सिंह बर्निया का बयान
प्राधिकरण अवैध निर्माणों पर लगातार निगरानी रख रहा है और जहां भी अवैध गतिविधियों की जानकारी प्राप्त होती है, तत्काल कार्रवाई की जाती है। विकास क्षेत्रों की भौतिक रूप से जांच की जा रही है ताकि किसी भी स्तर पर अवैध प्लॉटिंग या निर्माण पनप न सके। नागरिकों एवं निवेशकों से अनुरोध है कि मानचित्र स्वीकृति एवं विधिक प्रक्रिया की पुष्टि कर ही भूमि खरीदें। एमडीडीए का प्रयास है कि विकास कार्य नियमों के अनुरूप और पारदर्शी ढंग से आगे बढ़ें।

बनभूलपुरा रेलवे भूमि फैसले से पहले नैनीताल पुलिस अलर्ट, सघन चेकिंग व कड़ी निगरानी शुरू

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बनभूलपुरा रेलवे भूमि प्रकरण में संभावित फैसले के दृष्टिगत कानून व्यवस्था बनाए रखने हेतु नैनीताल पुलिस है तैयार

SSP NAINITAL मंजुनाथ टीसी ने पुलिस बल के साथ अहम मीटिंग कर आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी करने के दिए निर्देश

सघन चेकिंग चलाकर संदिग्धों पर कड़ी कार्यवाही के दिए निर्देश

चप्पे चप्पे पर होगा पुलिस का कड़ा पहरा, संदिग्धों की होगी सघन चेकिंग

सोशल मीडिया पर पुलिस की पैनी नज़र, भड़काऊ संदेश प्रसारित करने वालों पर भी होगी कड़ी कार्यवाही

दिनांक 10.12.2025 को रेलवे भूमि अतिक्रमण मामले में निर्णय हेतु तिथि नियत है। निर्णय के उपरांत शांति एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए आज दिनाक- 08-12-2025 को *SSP NAINITAL डॉ0 मंजुनाथ टीसी* द्वारा पुलिस अधिकारियों संग अहम मीटिंग कर आवश्यक व्यवस्थाएं समय से पूरी करते हुए निम्न निर्देश दिए गए।
✔ संपूर्ण प्रभावित क्षेत्र की बैरिकेटिंग की जाएगी।
✔ बनभूलपुरा की लोकल 🆔 न होने पर कोर क्षेत्र में प्रवेश वर्जित रहेगा।
✔ बनभूलपुरा तथा हल्द्वानी क्षेत्र में आज से ही BDS द्वारा चैकिंग की जाएगी।
✔ संभावित उपद्रवियों के विरुद्ध मुचलका पाबंद की कार्यवाही की जाएगी।
✔ पुलिस द्वारा सघन चेकिंग अभियान चलाकर संदिग्धों पर कड़ी कार्यवाही की जाएगी।
✔ दिनांक 09.12.2025 को बनभूलपुरा क्षेत्र में फ्लैग मार्च निकाला जाएगा।
✔ यातायात व्यवस्था सुदृढ़ करने एवं डायवर्सन प्लांट समय से जारी करने के निर्देश दिए गए।

SSP NAINITAL ने कहा कि कानून व्यवस्था बनाए रखना हमारी प्राथमिकता है। कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को बिल्कुल बख्शा नहीं जाएगा।

सोशल मीडिया में भी पुलिस की पैनी नजर

नैनीताल पुलिस हर मोर्चे पर तैयार है, फील्ड के साथ साथ सोशल मीडिया पर भी पैनी नज़र बनाए हुए है। किसी भी प्रकार से भ्रामक सूचना फैलाने, भड़काऊ संदेश प्रचारित करने तथा कानून व्यवस्था को प्रभावित करने की कोशिश करने वालों पर भी कड़ी कार्यवाही की जाएगी।

उक्त गोष्ठी में पुलिस अधीक्षक क्राइम/यातायात डॉ0 जगदीश चंद्र, पुलिस अधीक्षक हल्द्वानी श्री मनोज कुमार कत्याल, पुलिस अधीक्षक दूरसंचार श्री रेवाधर मठपाल, क्षेत्राधिकारी हल्द्वानी श्री अमित कुमार सहित अन्य अधिकारी गण मौजूद रहे।

गोवा नाइटक्लब अग्निकांड: उत्तराखंड के नागरिकों के संभावित प्रभावित होने की सूचना पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने की गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत से वार्ता

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देहरादून : गोवा के अरपोरा क्षेत्र में हुए गंभीर नाइटक्लब अग्निकांड को लेकर प्राप्त मीडिया रिपोर्टों एवं स्थानीय स्तर की सूचनाओं के अनुसार, इस घटना में उत्तराखंड के कुछ नागरिकों के संभावित रूप से प्रभावित होने की आशंका व्यक्त की गई है। इस स्थिति को अत्यंत गंभीरता से लेते हुए उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने तत्काल गोवा के मुख्यमंत्री डॉ. प्रमोद सावंत से दूरभाष पर वार्ता कर विस्तृत जानकारी प्राप्त की।

मुख्यमंत्री धामी ने गोवा सरकार से अनुरोध किया है कि यदि किसी भी प्रभावित व्यक्ति की पहचान उत्तराखंड निवासी के रूप में होती है, तो उनके परिजनों से तुरंत संपर्क स्थापित किया जाए तथा आवश्यक सहायता—विशेष रूप से पहचान, उपचार, सहायता राशि एवं अन्य औपचारिकताओं—को प्राथमिकता के साथ सुनिश्चित किया जाए। गोवा के मुख्यमंत्री ने उन्हें आश्वस्त किया कि सभी प्रभावितों को आवश्यक चिकित्सा एवं प्रशासनिक सहयोग उपलब्ध कराया जा रहा है।

मुख्यमंत्री धामी ने उत्तराखंड सरकार के सभी संबंधित विभागों को निर्देशित किया है कि वे घटना पर लगातार नजर रखें और यदि राज्य के किसी नागरिक के प्रभावित होने की पुष्टि होती है तो परिजनों को हर आवश्यक सहायता—चिकित्सा, कानूनी, परामर्श अथवा अन्य किसी भी प्रकार की—तत्परता से प्रदान की जाए। राज्य सरकार पीड़ित परिवारों के साथ पूर्ण संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता के साथ खड़ी है।

उत्तराखंड सरकार गोवा प्रशासन से सतत संपर्क में है और घटना से जुड़ी अद्यतन जानकारी प्राप्त होते ही आवश्यक कदम तुरंत उठाए जाएंगे।

सीएम पुष्कर सिंह धामी ने होमगार्ड स्वयंसेवकों को दी बड़ी सौगात, अब मिलेगा वर्दी, भोजन और प्रशिक्षण भत्ता

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होमगार्ड स्थापना दिवस पर मुख्यमंत्री ने कई अहम घोषणाएं की। इसमें महिला होमगार्ड को मातृत्व अवकाश दिए जाने सहित कई घोषणाएं शामिल हैं।

होमगार्ड एवं नागरिक सुरक्षा स्थापना दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वार्षिक कैलेंडर का विमोचन किया। इसके साथ मुख्यमंत्री धामी ने अहम घोषणाएं भी की। होमगार्ड जवानों को साल में 12 आकस्मिक अवकाश मिलेंगे। महिला होमगार्ड को मातृत्व अवकाश मिलेगा।

सीएम धामी ने घोषणा की कि 9000 फीट से ऊपर तैनाती पर 200 प्रोत्साहन राशि  पुलिस-एसडीआरएफ की तर्ज पर दिया जाएगा। एसडीआरएफ ट्रेनिंग प्राप्त होमगार्ड को 100 रुपये अतिरिक्त भत्ता दिया जाएगा। इसके अलावा वर्दी भत्ता भी दोबारा शुरू, किया गया  है। भोजन भत्ते में भी 50 फीसदी की बढ़ोतरी होगी। ट्रेनिंग भत्ता 50 रुपये से बढ़ाकर 140 रुपये किया गया।

प्रथम सीडीएस को दी श्रद्धांजलि
वहीं सीएम धामी ने कनक चौक स्थित पार्क में भारत के प्रथम चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ स्व. जनरल बिपिन रावत की चतुर्थ पुण्यतिथि पर उनकी प्रतिमा पर पुष्पचक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री ने जनरल रावत के अदम्य साहस, नेतृत्व क्षमता और राष्ट्र के प्रति उनके सर्वोच्च समर्पण को स्मरण करते हुए उन्हें उत्तराखंड एवं देश का गौरव बताया। उन्होंने कहा कि जनरल बिपिन रावत का जीवन देशभक्ति, अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा की प्रेरणादायक मिसाल है, जो आने वाली पीढ़ियों को सदैव राष्ट्रसेवा के लिए प्रेरित करता रहेगा।

मुख्यमंत्री ने उपस्थित जनप्रतिनिधियों, सैनिकों एवं नागरिकों के साथ दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और शहीदों के सम्मान में राज्य सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।

पंतनगर यूनिवर्सिटी के हॉस्टल में स्टूडेंट ने लगाई फांसी:दोस्तों ने शव लटका देखा, चिल्लाने पर स्टाफ मदद के लिए दौड़ा; 4 महीने में दूसरा मामला

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उत्तराखंड के पंतनगर यूनिवर्सिटी के हॉस्टल में आज सुबह बीटेक के स्टूडेंट ने सुसाइड कर लिया। स्टूडेंट ने अपने कमरे में फांसी लगाई। पंतनगर यूनिवर्सिटी में लगातार सुसाइड के मामले सामने आ रहे हैं। इससे पहले सितंबर में भी बीटेक के स्टूडेंट ने हॉस्टल में ही सुसाइड किया था।

आज साथी स्टूडेंट जब अक्षत को नाश्ते के लिए बुलाने उसके कमरे में पहुंचे तो उसे फंदे से लटका देखा। इसके बाद स्टूडेंट जोर-जोर से चिल्लाने लगे। चिल्लाने की आवाज सुनकर तुरंत यूनिवर्सिटी प्रशासन पहुंचा और शव को नीचे उतारा।

इसी दौरान पंतनगर थाना के SHO नंदन सिंह रावत ने बताया कि साथी स्टूडेंट ने तुरंत उसे उतारा और इसकी सूचना यूनिवर्सिटी प्रशासन, सुरक्षा विभाग, वार्डन और अधिष्ठाता छात्र कल्याण को दी।

सूचना मिलते ही मौके पर सुरक्षा अधिकारी, वार्डन, प्रबंधक और पुलिसकर्मी पहुंचे। स्टूडेंट के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए ले जाया जा रहा है। परिवार रुड़की में रहता है और माता-पिता गाजियाबाद रहते हैं। वहीं जॉब करते है। दोस्तों ने बताया कि, मृतक स्टूडेंट एक साल से डिप्रेशन में था।

सिडकुल IT पार्क भूमि आवंटन में 4000 करोड़ घोटाले का आरोप: गायब फाइलों पर FIR और उच्चस्तरीय जांच की मांग

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सिडकुल, IT Park देहरादून में 4000 करोड़ की 98.5 एकड़ सरकारी भूमि आवंटन के संभावित घोटाले की ” ग़ायब फ़ाइल ” पर तत्काल FIR दर्ज कर उच्चस्तरीय जांच हो ! – अभिनव थापर

27 नवंबर 2025 को कांग्रेस मुख्यालय देहरादून में आयोजित अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में वरिष्ठ कांग्रेस नेता व अधिवक्ता अभिनव थापर ने सिडकुल IT पार्क देहरादून की 98.5 एकड़ सरकारी भूमि, जिसकी बाजार मूल्य ₹4,000 करोड़ से अधिक है, के आवंटन में भारी अनियमितताओं और रिकॉर्ड के गायब होने के मामले को उजागर किया था। यह प्रकरण उत्तराखंड के इतिहास के सबसे बड़े संभावित भूमि घोटालों में से एक के रूप में सामने आ रहा है।

वरिष्ठ कांग्रेस नेता व अधिवक्ता अभिनव थापर की प्रेस कॉन्फ्रेंस के ठीक अगले दिन, 28 नवंबर 2025, सिडकुल प्रशासन ने “दस्तावेज़ उपलब्ध कराने” के नाम पर सिर्फ 2 पन्नों की नोटशीट दी—और वह भी सिर्फ 04.10.2002 तक की। वर्ष 2002 से वर्ष 2025 तक के सभी नोटशीट, निर्णय, अनुमोदन, आवंटन प्रक्रिया और फाइल मूवमेंट का पूरा रिकॉर्ड गायब है। यह स्थिति गहरी साजिश, रिकॉर्ड दबाने और करोड़ों की सरकारी भूमि से जुड़े दस्तावेज़ों को जानबूझकर मिटाने जैसे गंभीर अपराध की ओर संकेत करती है।

सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि मुख्य सूचना आयुक्त के अंतिम आदेश (दिनांक 16 सितंबर 2025) में स्पष्ट निर्देश दिया गया था कि— “आंवटन प्रकिया फाइल की संपूर्ण प्रमाणित प्रति आवेदक को उपलब्ध कराई जाए।” इसके बावजूद आजतक पूरी फाइल की एक भी कॉपी उपलब्ध नहीं कराई गई, और 23 वर्षों का अत्यंत गंभीर सरकारी रिकॉर्ड आज भी गायब है। यह सूचना आयुक्त के आदेशों की खुली अवमानना है और सरकारी तंत्र में गहरे स्तर पर भ्रष्टाचार और फाइल छिपाने की आशंका को और मजबूत करती है।

इन्हीं चिंताजनक तथ्यों के आधार पर वरिष्ठ कांग्रेस नेता व अधिवक्ता अभिनव थापर ने मुख्यमंत्री, उद्योग विभाग के प्रमुख सचिव और सिडकुल MD को 03 दिसंबर 2025 को भेजे गए अपने पत्र में तत्काल FIR दर्ज कर, फाइल पुनर्निर्माण और उच्च स्तरीय स्वतंत्र जांच की मांग की है।

वरिष्ठ कांग्रेस नेता व अधिवक्ता अभिनव थापर ने कहा कि कांग्रेस इस मामले को किसी भी तरह दबने नहीं देगी। उन्होंने कहा—“ 98.5 एकड़ सरकारी भूमि जनता की अमानत है जिसकी वर्तमान बाजार मूल्य लगभग ₹4,000 करोड़ है। फाइलें गायब होना, सूचना आयुक्त आदेशों की अवहेलना करना और रिकॉर्ड छिपाना एक बडे घोटाले का स्पष्ट संकेत देता है। सिडकुल को तत्काल FIR दर्ज कर, फाइल पुनर्निर्माण और उच्च स्तरीय स्वतंत्र जांच करवाकर जनता के सामने स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए और दोषियों पर तत्काल कठोर कार्रवाई होनी चाहिए, यह भ्रष्टाचार का गंभीर विषय है।

जंगलों के किनारे कूड़ा कचरा वन्यजीवों पड़ रहा भारी:कूड़ा डालने वाली की अब खैर नही, CCTV से होगी निगरानी

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उत्तराखंड में जंगलों के किनारे फेंका जा रहा कूड़ा-कचरा वन्यजीवों के लिए खतरा बनता जा रहा है। कूड़ा खाने की आदत पड़ने से वन्यजीव अपने प्राकृतिक व्यवहार से भटक रहे हैं और आबादी वाले क्षेत्रों में पहुंचकर मानव-वन्यजीव संघर्ष बढ़ा रहे हैं।

तराई पूर्वी वन प्रभाग अब कार्रवाई के लिए तैयार है। डीएफओ हिमांशु बागरी के अनुसार, जंगलों के किनारे कूड़ा फेंकने वालों की पहचान व निगरानी के लिए पेड़ों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं। फुटेज के आधार पर दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होगी।

इसके साथ ही वन विभाग आसपास के इलाकों में जन-जागरूकता अभियान भी चला रहा है, ताकि लोग जंगल किनारे कूड़ा न फेंकें और वन्यजीवों को असामान्य भोजन के कारण होने वाली बीमारियों व संघर्षों से बचाया जा सके।

प्रसिद्ध पर्वतारोही और समाजसेवी धर्मशक्तू का निधन, सीमांत में शोक की लहर

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पिथौरागढ़। जाने-माने पर्वतारोही, समाजसेवी और भारत संचार निगम लिमिटेड के सेवानिवृत्त अधिकारी पुरमल सिंह धर्मशक्तू का निधन हो गया है। उनके निधन से पूरे सीमांत क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है। वह पिछले कुछ हफ्तों से किडनी संबंधी गंभीर बीमारी के चलते हल्द्वानी के एक अस्पताल में उपचाराधीन थे, जहां उन्होंने रविवार को अंतिम सांस ली और दुनिया को अलविदा कह दिया।

पुरमल सिंह धर्मशक्तू को उनके सेवाकाल के दौरान और उसके बाद भी सामाजिक कार्यों में बढ़-चढ़कर भागीदारी करने के लिए जाना जाता था। वह हमेशा जरूरतमंद लोगों की मदद को तत्पर रहते थे। उन्होंने विशेष रूप से नौजवानों को पर्वतारोहण के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया और उन्हें आगे बढ़ाने के लिए बहुत कार्य किए, जिस कारण वह युवाओं के लिए एक सच्चे प्रेरणा स्रोत बन गए थे। उनके निधन को समाज के लिए एक अपूरणीय क्षति माना जा रहा है। उनके परिवार में अब दो बेटी और एक बेटा हैं। दुखद यह है कि एक लंबी बीमारी के बाद पिछले वर्ष ही उनकी धर्मपत्नी का भी निधन हो गया था। उनके निधन की खबर मिलते ही जिले के विभिन्न संगठनों और राजनीतिक दलों के लोगों ने गहरा दुख व्यक्त किया है।