Saturday, January 24, 2026
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बड़ी खबर : अब भूकंप आने से पहले अलर्ट करेगा ‘भूदेव’ एप, कुछ सेकंड पहले करेगा सतर्क

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देहरादून। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने भूकंप पूर्व चेतावनी प्रणाली को मजबूत बनाने के उद्देश्य से भूदेव मोबाइल एप के अनिवार्य उपयोग के निर्देश जारी किए हैं।

सचिव, राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जनपद के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को ऐप इंस्टॉल कराने तथा आम जनता को भी जागरूक कर ऐप डाउनलोड करवाने के निर्देश दिए हैं।

भूदेव एप भूकंप के कुछ सेकंड पूर्व अलर्ट जारी करने में सक्षम है, जिससे समय रहते अधिक से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया जा सकेगा। इसके अलावा एप में भूकंपीय गतिविधियों की दैनिक जानकारी, जियो-रेफरेंस्ड लोकेशन के साथ इंटरेक्टिव मैप और आपात स्थिति में एसओएस फीचर के माध्यम से लाइव लोकेशन साझा करने की सुविधा उपलब्ध है

जिला प्रशासन ने सभी विभागाध्यक्षों एवं कार्यदायी संस्थाओं को एप इंस्टॉल कर अपने अधीनस्थ कर्मचारियों को भी इंस्टॉल करने के लिए आदेशित किया है। प्रशासन ने एप इंस्टॉल करने की सरल प्रक्रिया भी साझा की है।

प्ले स्टोर या एप स्टोर में भूदेव सर्च कर इंस्टॉल करना होगा। मोबाइल नंबर, लोकेशन अनुमति और आपातकालीन संपर्क जोड़ने के बाद ऐप सक्रिय हो जाता है।

Dehradun Accident: आर्मी का वाहन सड़क किनारे खड़े सीमेंट मिक्सर ट्रक से भिड़ा, चार सैन्य कर्मी घायल

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हरिद्वार से देहरादून की तरफ जा रहे सेना की स्कार्पियो गाड़ी सड़क किनारे खड़े सीमेंट मिक्सर वाहन (कैप्शूल ट्रक) से पीछे से जा भिड़ा। घटना शनिवार रात्रि करीब सवा 10 बजे हरिद्वार-देहरादून राजमार्ग पर सत्यनारायण मंदिर रायवाला के पास हुई।

घटना की सूचना मिलते ही कोतवाली रायवाला से पुलिस टीम मौके पर पहुंची और बुरी तरह घायल चार सैन्य कर्मियों को आपातकालीन चिकित्सा सेवा वाहन 108 की मदद से एम्स ऋषिकेश भिजवाया। साथ ही घटना की सूचना रायवाला कैंट में मिलिट्री पुलिस को दी। जिसके बाद सेना रायवाला कैंट से सेना पुलिस के जवान भी मौके पर पहुंच गए।

वाहन में सेना के कौन लोग सवार थे, अभी इसकी जानकारी नहीं मिल पाई है। दुर्घटनाग्रस्त वाहन लक्जरी है, ऐसे में माना जा है वाहन में सेना के अधिकारी स्तर के लोग सवार रहे होंगे। कोतवाली रायवाला के प्रभारी निरीक्षक राजेंद्र सिंह खोलिया ने बताया कि घायल लोग अपने बारे में बताने की स्थिति में नहीं थे। उनको तत्काल अस्पताल भिजवाया गया है।

सुशासन में उत्कृष्टता के लिए बंशीधर तिवारी को राष्ट्रीय सम्मान, मुख्यमंत्री धामी ने किया सम्मानित

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देहरादून में आयोजित 47वीं ऑल इंडिया पब्लिक रिलेशंस कॉन्फ्रेंस उत्तराखंड के लिए गौरवपूर्ण क्षण लेकर आई। इस राष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित आयोजन के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपर सचिव एवं सूचना महानिदेशक बंशीधर तिवारी को सुशासन में उत्कृष्टता हेतु राष्ट्रीय सम्मान प्रदान कर सम्मानित किया। यह सम्मान प्रशासनिक दक्षता, पारदर्शी शासन व्यवस्था और प्रभावी जनसंचार के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए दिया गया।

बंशीधर तिवारी ने सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के माध्यम से सरकारी नीतियों, योजनाओं और जनकल्याणकारी कार्यक्रमों को आम जनता तक सरल, स्पष्ट और प्रभावी ढंग से पहुँचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। डिजिटल माध्यमों के बेहतर उपयोग, नवाचार और संवेदनशील संचार रणनीतियों के जरिए उन्होंने सुशासन की अवधारणा को और सुदृढ़ किया है।

गौरतलब है कि देहरादून 13 से 15 दिसंबर तक 47वीं ऑल इंडिया पब्लिक रिलेशंस कॉन्फ्रेंस की मेज़बानी कर रहा है, जिसमें देशभर से जनसंपर्क, मीडिया और कम्युनिकेशन क्षेत्र के विशेषज्ञ भाग ले रहे हैं। पब्लिक रिलेशंस सोसाइटी ऑफ इंडिया (PRSI) द्वारा आयोजित यह सम्मेलन “विकसित भारत @2047: विकास भी, विरासत भी” विषय पर केंद्रित है। सम्मेलन में सुशासन, पारदर्शिता, डिजिटल कम्युनिकेशन और राष्ट्र निर्माण में जनसंपर्क की भूमिका पर गहन विचार-विमर्श किया जा रहा है। यह आयोजन उत्तराखंड को राष्ट्रीय संवाद के एक प्रभावशाली केंद्र के रूप में स्थापित कर रहा है।

हल्द्वानी बनभूलपुरा रेलवे भूमि अतिक्रमण मामला फिर टला:तीन बार टल चुकी है सुनवाई,अब 3 फरवरी 2026 को संभावित सुनवाई

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उत्तराखंड के हल्द्वानी स्थित बहुचर्चित बनभूलपुरा रेलवे भूमि प्रकरण की सुनवाई एक बार फिर आगे खिसक गई है। सुप्रीम कोर्ट की अधिकृत वेबसाइट के अनुसार अब इस मामले की संभावित सुनवाई 3 फरवरी 2026 को दर्शाई जा रही है। जबकि इससे पहले 16 दिसंबर 2025 की तारीख संभावित रूप से थी। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट में 2 दिसंबर और 10 दिसंबर 2 दिसंबर सुनवाई होनी थी लेकिन सुनवाई टल गई।इसके बाद इसे 16 दिसंबर 2025 को संभावित रूप से सुने जाने की संभावना जताई गई थी। जो अब बदलकर 3 फरवरी 2026 हो गई है। लंबे समय से लंबित इस प्रकरण को लेकर उत्तराखंड, खासकर हल्द्वानी के बनभूलपुरा क्षेत्र में अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है। सुप्रीम कोर्ट में अगली सुनवाई की तारीख आगे बढ़ने से स्थानीय लोगों, प्रशासन और संबंधित पक्षों की प्रतीक्षा और लंबी हो गई है।

अब सभी की निगाहें 3 फरवरी 2026 में होने वाली संभावित सुनवाई पर टिकी हैं।गौरतलब हैं की हल्द्वानी बनभूलपुरा रेलवे भूमि अतिक्रमण की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट में चल रही है। हाई कोर्ट ने अतिक्रमण खाली करने के निर्देश दिए थे जिसके बाद मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा जहां सुप्रीम कोर्ट में मामले की सुनवाई चल रही है। करीब 30 हेक्टेयर अतिक्रमण भूमि पर करीब 50 हजार लोग निवास करते हैं। बताया जा रहा है कि अतिक्रमण मामले की सुनवाई अंतिम चरण में है सुप्रीम कोर्ट इसमें कोई बड़ा फैसला दे सकता है। जिसको देखते हुए सुनवाई के दिन नैनीताल पुलिस पूरी तरह से अलर्ट मोड पर काम कर रही है।

मुख्यमंत्री ने उत्तराखण्ड महक क्रांति नीति-2026-36 का शुभारम्भ

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लगभग 23 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सुगंधित फसलों की होगी खेती
आगामी सालों में करीब 1 लाख किसानों को जोड़ने का है लक्ष्य

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को सगंध पौधा केन्द्र, सेलाकुई, देहरादून में आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग करते हुए उत्तराखण्ड महक क्रांति नीति-2026-36 का शुभारम्भ किया। उन्होंने सेटेलाइट सेन्टर भाऊवाला का लोकार्पण एवं सगंध पौधा केन्द्र, सेलाकुई स्थित ए.एम.एस (C-14) प्रयोगशाला का भी शिलान्यास किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कुल 5 सेटेलाइट सेन्टरों का भी शिलान्यास किया। यह सेटेलाइट सेंटर — परसारी (चमोली), रैथल (उत्तरकाशी), भैसोड़ी (अल्मोड़ा), खतेड़ा (चंपावत) एवं विषाड (पिथौरागढ़) — में स्थापित किये जाएंगे।

कार्यक्रम के दौरान सुगंध पौधा केन्द्र और डाबर इंडिया लिमिटेड के बीच एम.ओ.यू. पर हस्ताक्षर भी किये गये। इस समझौता ज्ञापन का उद्देश्य विस्तार (एक्सटेंशन), अनुसंधान एवं विकास, मानव संसाधन विकास, मार्केटिंग आदि के क्षेत्र में CAP और डाबर के बीच सहयोग के लिए एक रूपरेखा तैयार करना है। एम.ओ.यू. के दौरान CAP की ओर से निदेशक श्री नृपेन्द्र सिंह चौहान एवं डाबर की अधिशासी निदेशक डा. सौरभ लाल उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री ने CAP के फाउंडर वैज्ञानिकों एवं लेमनग्रास–तुलसी की खेती करने वाले किसानों को भी सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने परफ्यूमरी प्रयोगशाला का भी भ्रमण किया। मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड महक क्रांति नीति के शुभारम्भ को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि इस नीति के अंतर्गत 7 एरोमा वैलियों को विकसित करने की शुरुआत होगी। प्रथम चरण में:

  • पिथौरागढ़ में तिमूर वैली,

  • चमोली एवं अल्मोड़ा में डैमस्क रोज वैली,

  • ऊधमसिंह नगर में मिन्ट वैली,

  • चंपावत और नैनीताल में सिनेमन वैली,

  • हरिद्वार और पौड़ी में लेमनग्रास एवं मिन्ट वैली विकसित की जाएगी।

उन्होंने कहा कि नीति के अंतर्गत राज्य में लगभग 23 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सुगंधित फसलों की खेती को विकसित कर करीब 1 लाख किसानों को जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। आगामी दस वर्षों में राज्य में सुगंधित फसलों की खेती के टर्नओवर को 100 करोड़ रुपये से बढ़ाकर लगभग ₹1200 करोड़ तक पहुंचाने में सफलता मिलेगी, जिससे किसानों के साथ राज्य की आय में अभूतपूर्व वृद्धि होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में राज्य सरकार प्रदेश के किसानों के उत्थान एवं समृद्धि हेतु संकल्पित होकर निरंतर कार्य कर रही है। प्रदेश में किसानों को ₹3 लाख तक का ऋण बिना ब्याज के उपलब्ध कराया जा रहा है। कृषि उपकरण खरीदने के लिए फार्म मशीनरी बैंक योजना के माध्यम से 80 प्रतिशत तक की सब्सिडी प्रदान की जा रही है। राज्य में गेहूं खरीद पर किसानों को ₹20 प्रति क्विंटल बोनस, तथा गन्ने के रेट में ₹30 प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी की गई है। किसानों के हित में नहरों से सिंचाई मुफ्त भी की जा रही है।

उन्होंने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने के लिए पॉलीहाउस निर्माण हेतु ₹200 करोड़ की राशि का प्रावधान किया गया है। किसमें लगभग 115 करोड़ की सहायता से 350 पॉलीहाउस स्थापित किये जा चुके हैं। उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों में वर्षा आधारित खेती को सहायता देने के लिए लगभग ₹1000 करोड़ की लागत से उत्तराखंड क्लाइमेट रिस्पॉन्सिव रेन-फेड फार्मिंग प्रोजेक्ट स्वीकृत किया गया है। राज्य में सब्जियों के समान फलों के उत्पादन को भी बढ़ाने के लिए विभिन्न स्तरों पर काम चल रहा है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने ₹1200 करोड़ की लागत से नई सेब नीति, कीवी नीति, स्टेट मिलेट मिशन, और ड्रैगन फ्रूट नीति जैसी नीतियाँ लागू की हैं, जिनके तहत किसानों को 80 प्रतिशत तक सब्सिडी मिल रही है। सुगंध उत्पादों को प्रोत्साहित करने के लिए काशीपुर में 40 एकड़ में एरोमा एवं परफ्यूमरी उद्योगों का विकास हेतु ₹300 करोड़ का एरोमा पार्क भी स्थापित किया जा रहा है। “हाउस ऑफ हिमालयाज” के माध्यम से सुगंध तेलों को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने का प्रयास भी जारी है। धौलादेवी, मुन्स्यारी और बेतालघाट के चाय बागानों को जैविक चाय बागान के रूप में परिवर्तित किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार मिलेट उत्पादन में निवेश पर 80 प्रतिशत तक का अनुदान दे रही है। पंक्ति बुआई पर ₹4000 प्रति हेक्टेयर और अन्य विधियों पर ₹2000 प्रति हेक्टेयर प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। इसके साथ ही, मिलेट उत्पाद की खरीद पर ₹300 प्रति क्विंटल अतिरिक्त प्रोत्साहन भी प्रदान किया जाएगा। ये प्रयास किसानों की आय बढ़ाने में फलदायी साबित हो रहे हैं; परिणामतः राज्य ने देशभर में किसानों की आय वृद्धि में प्रथम स्थान प्राप्त किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड हर क्षेत्र में नंबर-वन बन रहा है। राज्य सरकार द्वारा लिए गए निर्णय देश के लिए नजीर बन रहे हैं, जैसे ईज-ऑफ-डूइंग-बिजनेस, सतत् विकास सूची में प्रथम स्थान, समान नागरिक संहिता लागू करना, तथा मदरसा एक्ट का समाप्त करना। उत्तराखंड के स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के प्रयास भी जारी हैं। स्वयं सहायता समूह के उत्पादों को उपहारों के रूप में दिया जा रहा है और सरकारी कार्यक्रमों में इन्हें खरीदने को कहा गया है।

कृषि मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि उत्तराखंड में एरोमा क्षेत्र में अपार संभावनाएँ हैं और आने वाले समय में प्रदेश की अर्थव्यवस्था में कृषि, बागवानी और CAP की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। उन्होंने बताया कि वर्ष 2003 में जहाँ इस क्षेत्र का टर्नओवर मात्र ₹1 करोड़ था, वहीं आज यह ₹100 करोड़ से अधिक हो गया है।

समारोह में विधायक सहदेव पुंडीर, उपाध्यक्ष जड़ी बूटी सलाहकार समिति भुवन विक्रम डबराल, जिला अध्यक्ष भाजपा मीता सिंह, गिरीश डोभाल, सचिव श्री सुरेंद्र नारायण पांडे, एसेंशियल ऑयल एसोसिएशन ऑफ इंडिया के सचिव पी.के. जैन, अध्यक्ष नगर पंचायत सुमित चौधरी एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

IMA में पासिंग आउट परेड शुरू:पटियाला कोच में पहुंचे आर्मी चीफ, 525 कैडेट्स बनेंगे सेना में ऑफिसर

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देहरादून स्थित भारतीय सैन्य अकादमी (आईएमए) के ऐतिहासिक ड्रिल स्क्वायर में आज 157वीं पासिंग आउट परेड का भव्य आयोजन किया गया। इस मौके पर अधिकारी कैडेट्स को भारतीय सेना में कमीशन प्रदान किया गया। थल सेना प्रमुख जनरल उपेन्द्र द्विवेदी ने परेड की समीक्षा की और नव-नियुक्त अधिकारियों को प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूर्ण करने पर बधाई दी।

थल सेना प्रमुख ने युवा अधिकारियों के उच्च स्तर के अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और सहनशक्ति की प्रशंसा करते हुए उन्हें भारतीय सेना की गौरवशाली परंपराओं का निर्वहन करने और निष्ठा, प्रतिबद्धता और सम्मान के साथ राष्ट्र सेवा करने का आह्वान किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि सेना में कमीशन प्राप्त करना केवल प्रशिक्षण की समाप्ति नहीं, बल्कि राष्ट्र के प्रति आजीवन कर्तव्य और निस्वार्थ सेवा की शुरुआत है।

157वें रेगुलर कोर्स, 46वें टेक्निकल एंट्री स्कीम, 140वें टेक्निकल ग्रेजुएट कोर्स, 55वें स्पेशल कमीशंड ऑफिसर्स कोर्स और टेरिटोरियल आर्मी ऑनलाइन एंट्रेंस एग्जाम 2023 कोर्स के कुल 525 अधिकारी कैडेट्स के साथ-साथ 14 मित्र राष्ट्रों के 34 विदेशी अधिकारी कैडेट्स को कमीशन प्रदान किया गया। यह कमीशनिंग न केवल भारत के रक्षा नेतृत्व को सुदृढ़ करती है, बल्कि मित्र देशों के साथ दीर्घकालिक सैन्य सहयोग को भी सशक्त बनाती है।

डायवर्जन और सुरक्षा इंतजाम

आज सुबह 5:30 बजे से दोपहर 12 बजे तक IMA की ओर सभी आम यातायात पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा और पूरा क्षेत्र जीरो जोन घोषित किया गया है। इस दौरान बल्लूपुर से प्रेमनगर जाने वाले वाहनों को रांघड़वाला-मीठी बेरी के मार्ग से डायवर्ट किया जाएगा। छोटे वाहन प्रेमनगर चौक से एमटी गेट, मीठी बेरी गेट और रांघड़वाला होते हुए शहर में प्रवेश करेंगे। वहीं, भारी वाहन धूलकोट तिराहा, सिंघनीवाला और नया गांव मार्ग से शहर की ओर जाएंगे। देहरादून से विकासनगर जाने वाले वाहन शिमला बाईपास होकर डायवर्ट होंगे।

उत्तराखंड में अब वापस लौट रहे लोग:CM धामी बोले- रिवर्स पलायन 44% बढ़ा, बेरोजगारी दर 4.4% घटी, मिशन मोड में चल रहा है काम

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शुक्रवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी नैनीताल जिले के लेटीबुंगा मैदान में पहुंचे, जहां उन्होंने ₹112 करोड़ 34 लाख की 17 विकास योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। कार्यक्रम में पहुंचने के बाद मुख्यमंत्री ने महिला स्वयं सहायता समूहों और विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का निरीक्षण किया और महिला उत्पादों की सराहना की।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि पलायन आयोग की नई रिपोर्ट के अनुसार उत्तराखंड में रिवर्स पलायन में 44% की बढ़ोतरी दर्ज हुई है। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि राज्य में बेरोजगारी दर में भी 4.4% की कमी आई है, जो सरकारी पहलों के सकारात्मक परिणाम को दर्शाता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में उत्तराखंड में सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल समेत सभी क्षेत्रों में तेज़ी से इन्फ्रास्ट्रक्चर विकसित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि कैंची धाम, नैनादेवी मंदिर और मुक्तेश्वर धाम जैसे पौराणिक मंदिरों का पुनर्विकास कार्य मिशन मोड में चल रहा है।

सीएम ने कही 5 बड़ी बातें…

  • भीमताल क्षेत्र में नई परियोजनाओं की झड़ी: सीएम धामी ने घोषणा की कि भीमताल क्षेत्र के भीड़ापानी, नाई, डालकन्या, देवनगर, सिलौटी और सुन्दरखाल में मिनी स्टेडियम बनेंगे। उन्होंने ओखलकांडा के करायल बैण्ड–टकुरा वन चौकी रोड के डामरीकरण, भीमताल बाईपास नहर कवरिंग के शेष कार्य पूर्ण कराने, नई पार्किंग व नया रोडवेज बस स्टेशन बनाने और भीमताल नगर में अग्निशमन केंद्र खोलने की भी घोषणा की।
  • नैनीताल जिले का समग्र विकास हमारी प्राथमिकता: सीएम ने कहा कि सरकार भीमताल विधानसभा सहित पूरे नैनीताल जिले के विकास के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने बताया कि क्षेत्रीय विधायक की मांग पर सरकार ने मुख्य मार्ग–10 की खराब हालत का संज्ञान लेते हुए लगभग ₹9.5 करोड़ सड़क पुनर्निर्माण के लिए तुरंत स्वीकृत किए हैं।
  • मिशन मोड में चल रहा है धार्मिक स्थलों का पुनर्विकास: सीएम ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में उत्तराखंड हर क्षेत्र में नए आयाम गढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा और पेयजल व्यवस्था के साथ–साथ कैंची धाम, नैनादेवी मंदिर और मुक्तेश्वर धाम जैसे पौराणिक धार्मिक स्थलों का पुनर्विकास मिशन मोड में किया जा रहा है।
  • हमारी योजनाओं से स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई ऊर्जा: धामी ने कहा कि पहाड़ों से पलायन रोकने के लिए ‘एक जनपद–दो उत्पाद’, ‘हाउस ऑफ हिमालयाज’, ‘स्टेट मिलेट मिशन’, ‘होमस्टे’ और ‘वेड इन उत्तराखंड’ जैसी योजनाएं महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने कहा कि इन्हीं योजनाओं के कारण पलायन आयोग की रिपोर्ट के अनुसार रिवर्स पलायन 44% बढ़ा है और बेरोजगारी कम हुई है। उन्होंने यह भी कहा कि SDG इंडेक्स में उत्तराखंड देश में प्रथम स्थान पर है।
  • नकल माफियाओं पर सबसे सख्त कानून, 26 हजार युवाओं को नौकरी: सीएम धामी ने कहा कि राज्य में नकल माफियाओं के खिलाफ देश का सबसे सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया गया है। इसके परिणामस्वरूप पिछले कुछ वर्षों में 26 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी मिली है और 100 से अधिक नकल माफियाओं को जेल भेजा गया है। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस नीति के तहत विजिलेंस ने 200 से अधिक अधिकारियों–कर्मचारियों पर कार्रवाई की है।

शर्मनाक : यहां हॉस्टल में छात्रा से किया दुष्कर्म

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नैनीताल के एक शैक्षणिक संस्थान की छात्रा ने काशीपुर के युवक साहिल वर्मा पर दुष्कर्म के आरोप लगाए हैं। पुलिस ने तहरीर के आधार पर आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। जानिए क्या है पूरा मामला।

नैनीताल। नैनीताल के एक प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थान में पढ़ने वाली हल्द्वानी निवासी छात्रा ने काशीपुर के एक युवक पर सनसनीखेज दुष्कर्म के आरोप लगाए हैं। युवती की शिकायत के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया और जेल भेज दिया है। यह घटना सोशल मीडिया के माध्यम से होने वाली दोस्ती के खतरों को एक बार फिर उजागर करती है।

पीड़ित छात्रा ने पुलिस को दी गई अपनी तहरीर में बताया कि वह शहर के एक हॉस्टल में रहकर पढ़ाई कर रही है। करीब एक वर्ष पहले सोशल मीडिया अकाउंट चलाते समय उसका परिचय काशीपुर के सुभाषनगर कॉलोनी निवासी साहिल वर्मा से हुआ था, जो उसके साथ ही पढ़ता था। दोस्ती होने के बाद आरोपी साहिल ने छात्रा को बहला-फुसलाकर अपने जाल में फंसाया।

छात्रा का आरोप है कि आरोपी साहिल वर्मा एक बार उसे बहलाकर कालाढूंगी रोड क्षेत्र स्थित जंगल में ले गया। वहां उसने जबरन उसके साथ दुष्कर्म किया। इसके बाद भी युवक ने कई बार अलग-अलग बहाने बनाकर उससे जबरदस्ती शारीरिक संबंध बनाए। युवती ने हिम्मत दिखाते हुए कोतवाली में साहिल के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल कार्रवाई की। एसपी डॉ. जगदीश चन्द्र ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि छात्रा की तहरीर के आधार पर आरोपी साहिल वर्मा के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 64 के तहत गंभीर मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस ने बुधवार को ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद साहिल वर्मा को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है। पुलिस ने युवाओं से सोशल मीडिया पर अनजान लोगों से दोस्ती करते समय सावधानी बरतने की अपील की है।

उत्तराखंड में 15 आईपीएस अधिकारियों के तबादले:तृप्ति भट्ट को अपर सचिव गृह की जिम्मेदारी, फायर पुलिस अधीक्षक का भी प्रभार

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उत्तराखंड पुलिस विभाग में आईपीएस अधिकारियों के बंपर तबादले हुए हैं शासन ने 15 आईपीएस अधिकारियों की तबादला सूची जारी की है।

आईपीएस अधिकारी तृप्ति भट्ट को अपर सचिव गृह एवं कारागार विभाग के पद पर नियुक्त किया गया है। इसके साथ ही उन्हें फायर पुलिस अधीक्षक की भी जिम्मेदारी दी गई है। उनके साथ-साथ 14 अन्य आईपीएस अधिकारियों के कार्यभार में भी फिर बदलाव किया गया है।

2013 बैंच की आईपीएस को महत्वपूर्ण जिम्मेदारी 2013 बैंच की आईपीएस तृप्ति भट्ट को महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई हैं। उन्हें पुलिस अधीक्षक फायर सर्विस के साथ-साथ अपर सचिव गृह भी बनाया गया है। वर्तमान में वे देहरादून में एसपी इंटेलिजेंस एंड सिक्योरिटी के पद पर कार्यरत थीं। तृप्ति भट्ट ने अल्मोड़ा से शुरुआती शिक्षा प्राप्त की और पंतनगर विश्वविद्यालय से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में बीटेक किया।

विम्मी सचदेवा रमन को पुलिस महानिरीक्षक मुख्यालय से हटाया आईपीएस विम्मी सचदेवा रमन के कार्यभार में फिर बदलाव करते हुए उनके पास से पुलिस महानिरीक्षक मुख्यालय का पद हटाया गया है। उनके पास अब पुलिस महानिरीक्षक प्रॉविजनिंग एंड मॉडर्नाइजेशन का पदभार रहेगा। आईपीएस नीरू गर्ग के पास से पुलिस महानिरीक्षक पीएसी/एटीसी हटाकर उन्हें पुलिस महानिरीक्षक फायर सर्विस की जिम्मेदारी दी गई है।


मुख्तार मोहसिन को पुलिस महानिरीक्षक जीआरपी की जिम्मेदारी
आईपीएस कृष्ण कुमार वीके को अब केवल पुलिस महानिदेशक पुलिस दूरसंचार की जिम्मेदारी दी गई है। उनके पास से पुलिस महानिरीक्षक सीआईडी की जिम्मेदारी वापस ले ली है। आईपीएस मुख्तार मोहसिन के पास से पुलिस महानिरीक्षक फायर सर्विस की जिम्मेदारी हटाकर उन्हें पुलिस महानिरीक्षक जीआरपी की नई जिम्मेदारी दी गई है।

करन सिंह नगन्याल को पुलिस महानिरीक्षक कारागार की अतिरिक्त जिम्मेदारी
आईपीएस करन सिंह नगन्याल को पुलिस महानिरीक्षक अभिसूचना/सुरक्षा के साथ-साथ पुलिस महानिरीक्षक कारागार की भी जिम्मेदारी दी गई है। आईपीएस अरुण मोहन जोशी के पास से पुलिस महानिरीक्षक एसडीआरएफ की जिम्मेदारी हटाकर पुलिस महानिरीक्षक सीआईडी की नई जिम्मेदारी दी है।

नीलेश आनंद भरणे को महानिरीक्षक पीएसी की जिम्मेदारी
आईपीएस नीलेश आनंद भरणे को अब पुलिस महानिरीक्षक पीएसी की नई जिम्मेदारी भी दे दी गई है। आईपीएस सुनील कुमार मीणा के पास अब पुलिस महानिरीक्षक अपराध एवं कानून व्यवस्था/सीसीटीएनएस/एससीआरबी की ही जिम्मेदारी रहेगी। उनके पास से पुलिस महानिरीक्षक जीआरपी हटाया गया है।


योगेंद्र सिंह रावत के पास पुलिस महानिदेशक मुख्यालय की जिम्मेदारी
आईपीएस योगेंद्र सिंह रावत को पुलिस महानिरीक्षक कार्मिक के साथ-साथ पुलिस महानिदेशक मुख्यालय की भी जिम्मेदारी दी गई है। आईपीएस निवेदिता कुकरेती से पुलिस उपमहानिरीक्षक फायर सर्विस हटाकर पुलिस उप महानिदेशक एसडीआरएफ बनाया गया है।

रामचंद्र राजगुरु को पुलिस अधीक्षक पुलिस मुख्यालय की जिम्मेदारी
आईपीएस यशवंत सिंह को सेनानायक 31वीं वाहिनी पीएसी रुद्रपुर के साथ-साथ सी नायक आईआरबी प्रथम रामनगर की भी जिम्मेदारी दे दी गई है। आईपीएस रामचंद्र राजगुरु से सेनानायक आईआरबी प्रथम रामनगर हटाकर उन्हें पुलिस अधीक्षक पुलिस मुख्यालय की नई जिम्मेदारी मिली है।


सरिता डोभाल को पुलिस अधीक्षक एटीएस की जिम्मेदारी
आईपीएस सरिता डोभाल को पुलिस अधीक्षक अभिसूचना मुख्यालय के साथ-साथ पुलिस अधीक्षक एटीएस की भी जिम्मेदारी दे दी गई है। आईपीएस हरीश वर्मा से पुलिस अधीक्षक (क्षेत्रीय) हल्द्वानी हटाकर उन्हें सेनानायक 40वीं वाहिनी पीएसी हरिद्वार भेजा गया है।

मोदी सरकार का बड़ा फैसला: देश में पहली बार डिजिटल जनगणना होगी, 11,718 करोड़ का बजट मंजूर

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में शुक्रवार, 12 दिसंबर 2025 को केंद्रीय कैबिनेट की अहम बैठक हुई, जिसमें देश के लिए तीन बड़े फैसलों पर मुहर लगाई गई। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि 2027 की जनगणना पहली बार पूरी तरह डिजिटल होगी, कोयला क्षेत्र में ऐतिहासिक सुधार किए गए हैं और किसानों के हित में भी महत्वपूर्ण फैसला लिया गया है।

भारत में पहली बार डिजिटल जनगणना

केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि सरकार ने सेंसस 2027 के लिए 11,718 करोड़ रुपये का बजट मंजूर कर दिया है। यह जनगणना देश के इतिहास में पहली बार डिजिटल माध्यम से की जाएगी।

कैसे होगी डिजिटल जनगणना?

जनगणना दो चरणों में होगी –

पहला चरण – 1 अप्रैल 2026 से सितंबर 2026 तक – हाउस लिस्टिंग और हाउसिंग सेंसस

दूसरा चरण – फरवरी 2027 जनसंख्या गणना

डेटा कलेक्शन मोबाइल एप्लीकेशन के माध्यम से किया जाएगा।

ऐप हिंदी, अंग्रेजी और सभी प्रमुख क्षेत्रीय भाषाओं में उपलब्ध रहेगा।

डिजिटल डिजाइन तैयार करते समय डेटा सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है।

जाति बताना वैकल्पिक

सरकार ने साफ किया कि जनगणना के दौरान जाति की जानकारी देना अनिवार्य नहीं होगा। नागरिक चाहें तो यह जानकारी ना भी दें।
सिर्फ एग्रीगेटेड (समेकित) डेटा जारी किया जाएगा, जबकि माइक्रो डेटा सार्वजनिक नहीं किया जाएगा। इससे नागरिकों की गोपनीयता सुरक्षित रहेगी।

कोयला क्षेत्र में बड़ा सुधार – ‘कोल सेतु’ को मंजूरी

कैबिनेट ने कोयले की नीलामी के लिए नई व्यवस्था ‘कोल सेतु’ को मंजूरी दे दी है।

केंद्रीय मंत्री के अनुसार:

यह कदम भारत को कोयला उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाएगा।

विदेशी कोयले पर निर्भरता कम होने से देश हर साल करीब 60,000 करोड़ रुपये की बचत करेगा।

2024–25 में देश ने 1 बिलियन टन घरेलू कोयला उत्पादन का रिकॉर्ड बनाया है।

पावर प्लांट्स में रिकॉर्ड स्तर का कोल स्टॉक उपलब्ध है, जिससे बिजली आपूर्ति और भी स्थिर होगी।

किसानों को बड़ा फायदा – खोपरा (Coconut Copra) का MSP बढ़ा

सरकार ने किसानों के हित में बड़ा निर्णय लेते हुए वर्ष 2026 के लिए खोपरा के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में बढ़ोतरी की है।

नया MSP –

पिसाई खोपरा ₹12,027 प्रति क्विंटल
गोल खोपरा ₹12,500 प्रति क्विंटल

इसके लिए NAFED और NCCF को नोडल एजेंसियां नियुक्त किया गया है, जो किसानों से खरीद सुनिश्चित करेंगी।

केंद्रीय कैबिनेट के इन फैसलों से एक ओर जहां देश डिजिटल भविष्य की ओर कदम बढ़ा रहा है, वहीं ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता और किसानों की आय सुरक्षा को भी मजबूत आधार मिला है। आने वाले वर्षों में इन नीतियों का सीधा प्रभाव देश की अर्थव्यवस्था और आम नागरिकों के जीवन पर दिखाई देगा।