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राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत उत्तराखंड में सीएचओ के 134 पदों पर भर्ती, आवेदन प्रक्रिया आज से शुरू

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स्वास्थ्य विभाग में सीएचओ के 134 पदों पर होगी भर्ती

देहरादून। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत स्वास्थ्य विभाग में 134 पदों पर सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (सीएचओ) की भर्ती की जाएगी। एचएनबी चिकित्सा शिक्षा विश्वविद्यालय के माध्यम से इन पदों के लिए आज से ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने बताया कि प्रदेश में बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के लिए स्वास्थ्य व चिकित्सा शिक्षा विभाग में खाली पदों पर लगातार भर्ती की जा रही है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के माध्यम से 134 सीएचओ पदों पर 22 दिसंबर से आवेदन प्रक्रिया शुरू होगी। खाली पदों में अल्मोड़ा में 15, चमोली में 13, चंपावत में सात, देहरादून में छह, हरिद्वार में 14, नैनीताल में चार, पौड़ी में 24, पिथौरागढ़ में 16, टिहरी में 10, ऊधमसिंह नगर में 20, उत्तरकाशी जिले में पांच सीएचओ की नियुक्ति की जाएगी।

दुखद : यहां आग लगने से दो मंजिला भवन हुआ खाक, ढाई माह की बच्ची के जिंदा जलने से मौत

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रविवार शाम एक घर में आग लगने से ढाई माह की बच्ची जिंदा जल गई। परिवार के अन्य लोगों ने भाग कर अपनी जान बचाई। आग से घर में रखा सामान जलकर राख हो गया। आग लगने का कारण जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।

उत्तरकाशी के बड़कोट के कोटि गगटाड़ी निवासी शैलेन्द्र चौहान का लसरी नामे तोक में दो मंजिला आवासीय मकान और छानी है। शैलेन्द्र के यहां काम करने वाला नेपाली मूल का मन बहादुर भी परिवार के साथ यहां रहता है। रविवार शाम इस मकान में आग लग गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग इतनी तेजी से फैली कि मकान के भीतर मौजूद लोग किसी तरह जान बचाकर बाहर निकल पाए। लेकिन मन बहादुर की ढाई माह की बच्ची अंदर ही रह गई। आग में जलने से उसकी मौत हो गई।

मकान में रखा घरेलू सामान भी आग की भेंट चढ़ गया। बच्ची की मौत से परिजन बेहाल हैं। ग्रामीणों ने बताया कि क्षेत्र में आग बुझाने के पर्याप्त संसाधन नहीं होने से आगजनी की घटनाओं में बहुत नुकसान हो रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से प्रभावित परिवार को त्वरित राहत और आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है।

उधर, घर में आग लगने की सूचना मिलते ही नायब तहसीलदार खजान असवाल के नेतृत्व में राजस्व विभाग की टीम तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना हो गई। एसडीएम बृजेश कुमार तिवारी ने बताया कि राजस्व विभाग की टीम के मौके पर पहुंचने के बाद आग लगने के कारणों की जांच की जाएगी।

हरिद्वार में शर्मनाक: मानसिक बीमार महिला को खंभे से बांधकर पीटा

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रानीपुर की लेबर कॉलोनी में मानसिक रूप से कमजोर महिला को खंभे से बांधकर पीटने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पुलिस ने 5 नामजद आरोपियों पर केस दर्ज किया है। पूरी खबर पढ़ें।

हरिद्वार। धर्मनगरी के रानीपुर कोतवाली क्षेत्र स्थित लेबर कॉलोनी से इंसानियत को झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। यहाँ एक मानसिक रूप से कमजोर महिला को स्थानीय लोगों ने खंभे से बांधकर बेरहमी से पीटा। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। पुलिस ने पीड़ित महिला के बेटे की शिकायत पर पाँच नामजद और एक अज्ञात महिला के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, लेबर कॉलोनी निवासी शुभम ने पुलिस को बताया कि शनिवार सुबह उसकी माँ सुनीता टहलने निकली थीं। सुनीता की मानसिक स्थिति ठीक नहीं है, जिसके कारण वह अनजाने में पड़ोस के एक घर में दाखिल हो गई थीं। इसी बात से आक्रोशित होकर राहुल, इंदर, आशु, नागेश और राकेश ने एक अन्य महिला के साथ मिलकर उन्हें पकड़ लिया। आरोपियों ने महिला को बिजली के खंभे से बांधा और गाली-गलौज करते हुए जमकर मारपीट की।

[सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में साफ़ देखा जा सकता है कि महिला असहाय अवस्था में खंभे से बंधी है और लोग उसे थप्पड़ मार रहे हैं।]

घटना का वीडियो वायरल होने के बाद आम जनता में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि आखिर भीड़ को कानून हाथ में लेने का अधिकार किसने दिया? यदि महिला घर में घुसी भी थी, तो इसकी सूचना तुरंत रानीपुर कोतवाली पुलिस को दी जानी चाहिए थी। किसी बीमार महिला के साथ इस तरह का अमानवीय कृत्य समाज की संवेदनहीनता को दर्शाता है। वीडियो में एक महिला पीछे से गला दबाने का आरोप लगाती भी सुनाई दे रही है, लेकिन इसकी पुष्टि नहीं हुई है।

कोतवाली प्रभारी शांति कुमार गंगवार ने बताया कि पीड़ित महिला को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली है। फिलहाल सभी आरोपी फरार हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस दबिश दे रही है। पुलिस का कहना है कि कानून हाथ में लेने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। मामले की गहनता से जाँच जारी है।

उत्तराखंड बैडमिंटन क्लब की 10वीं अंतर्विभागीय बैडमिंटन प्रतियोगिता 2025 का भव्य समापन, पुलिस और कुमाऊँ–गढ़वाल टीमों का शानदार प्रदर्शन

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उत्तराखण्ड बैडमिंटन क्लब द्वारा आयोजित दसवी अंतर्विभागीय बैडमिंटन प्रतियोगिता 2025 के आयोजन के अंतिम दिवस में आज पुरुष एकल वर्ग, पुरुष युगल वर्ग, महिला एकल वर्ग, महिला युगल वर्ग एवं टीम इवेंट के मुक़ाबले खेले गए। पुरुष एकल वर्ग का फाइनल शिक्षा विभाग के अजयपाल और पुलिस विभाग के युगल गौड़ के मध्य खेला गया । महिला एकल वर्ग के फाइनल में पुलिस विभाग की खिलाड़ी मेघना नेगी ने सचिवालय की बिमला आर्य को २१-१७, २१-६ से हराया। महिला वर्ग के युगल मुक़ाबले में पुलिस विभाग की काव्यांजलि रावत एवं मेघना नेगी की जोड़ी ने टीएचडीसी की भावना रावत और कृष्णेंदु पी०जे० की जोड़ी को २१-१८,२१-१८ से हराया।टीम इवेंट के फाइनल मुक़ाबला पुलिस विभाग और कुमाऊँ गढ़वाल एजुकेशन के मध्य खेल गया, जिसमें कुमाऊँ गढ़वाल की टीम ने पुलिस विभाग की टीम को विपक्षी टीम को हराया ।

टीम इवेंट में उत्तराखंड सचिवालय की टीम तृतीय स्थान पर रही।वहीं पुरुष युगल वर्ग में पुलिस विभाग के महेश कंडवाल व प्रदीप की जोड़ी ने ओएनजीसी के अभिषेक दूबे व असिन शर्मा की जोड़ी को १३-२१, १०-२१ के सीधे सेट में हराया ।

प्रतियोगिता के समापन के अवसर पर अंतर्राष्ट्रीय वेटेरन खिलाड़ी श्रीमति पुनीता नागलिया, श्री एस के पटेट, ख्यातिप्राप्त अंतर्राष्ट्रीय खिलाड़ी सहित सचिवालय बैडमिंटन क्लब के अध्यक्ष श्री हीरा सिंह बसेड़ा, महासचिव श्री प्रमोद कुमार, उपाध्यक्ष श्री एम० एस. सजवाण, कोषाध्यक्ष श्री चन्दन सिंह बिष्ट, संयुक्त सचिव श्री पुष्कर सिंह नेगी एवं श्री संजय जोशी, सम्पादक श्री भूपेन्द्र बसेडा, उप सम्पादक श्री सन्दीप कुमार सहित श्री चन्द्रशेखर, दीप काण्डपाल, दीपा बोहरा, विमला आर्य, दीपक बिष्ट एवं रणजीत सिंह रावत आदि मौजूद रहे

मंदिर दरगाह बाबा श्री पीर रतन नाथ जी (पेशावर वाले) समिति द्वारा शांतिपूर्ण प्रदर्शन

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एंकर- 29 नवंबर को दिल्ली में झंडेवाला स्थित मंदिर दरगाह बाबा श्री पीर रतन नाथ जी महाराज (पेशावर वाले) पर MCD और DDA द्वारा की गई बुलडोजर कार्रवाई को लेकर आज राजधानी देहरादून के खुड़बुड़ा मोहल्ला में मंदिर दरगाह समिति द्वारा शांतिपूर्ण तरीके ‘राम नाम’ का पाठ करते हुए पद यात्रा निकाली गई।

वहीं इस दौरान पूरे मामले को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस की गई। प्रेस कांग्रेस के दौरान मंदिर दरगाह के प्रधान चंद्र मोहन कपूर सहित समिति के सदस्य भी मौजूद रहे। आपको बता दे की दिल्ली के झंडेवालान में स्थित करीब 1400 वर्ष पुराने ऐतिहासिक बाबा श्री पीर रत्ननाथ मंदिर परिसर में 29 नवम्बर को डीडीए ओर एमसीडी द्वारा की गई तोड़फोड़ कार्यवाही को लेकर देश विदेश में बसे श्रद्धालुओं में भारी रोष है। 29 नवम्बर को डीडीए एवं एमसीडी के अधिकारियों द्वारा भारी पुलिस बल की उपस्थिति में की गई कार्रवाई के दौरान मंदिर परिसर की बाउंड्री-वॉल, तुलसी वाटिका, जल टंकियाँ, सीवर लाइन, अस्थायी लंगर हॉल, बिजली पैनल एवं अन्य धार्मिक उपयोग में आने वाले ढाँचों को ध्वस्त किया गया।

जिससे लगभग 15 घंटे तक धार्मिक गतिविधियाँ बाधित रहीं। इस घटना से देश-विदेश में जुड़े करोड़ों श्रद्धालुओं एवं सेवक परिवारों की धार्मिक भावनाएँ आहत हुई हैं। वहीं मंदिर दरगाह का 3803 वर्गगज भूमि पर 1948 से विधिवत कब्ज़ा है तथा 1973 से वैध लीज़ उपलब्ध है। मंदिर दरगाह से जुड़े सवा करोड़ अनुयायी देश के विभिन्न राज्यों सहित जर्मनी, ऑस्ट्रेलिया, लंदन, अमेरिका, कनाडा एवं नेपाल जैसे देशों में भी निवास करते हैं और यह स्थान धार्मिक ही नहीं, बल्कि सामाजिक सेवा का भी महत्वपूर्ण केंद्र रहा है। जिसके चलते अभी तक मंदिर प्रबंधन एवं 2500 से अधिक परिवार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, ग्रह मंत्री अमित शाह ओर दिल्ली सरकार से शांतिपूर्ण एवं न्यायोचित हस्तक्षेप की अपेक्षा करते हुए मंदिर को उसकी वैध भूमि पर पुनः बाउंड्री-वॉल निर्माण की अनुमति दी जाने की मांग रखी है, ताकि धार्मिक व सेवा कार्य निर्बाध रूप से संचालित हो सकें।

उत्तराखंड महाकौथिक में पहुंचे मुख्यमंत्री धामी, प्रवासी उत्तराखंडियों से किया संवाद

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नोएडा/गौतमबुद्धनगर। पुष्कर सिंह धामी ने नोएडा में पर्वतीय सांस्कृतिक संस्था द्वारा आयोजित 15वें उत्तराखंड महाकौथिक में सहभागिता की। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में प्रवासी उत्तराखंडी नागरिक, कलाकार, युवा और महिलाएं मौजूद रहीं। मुख्यमंत्री ने आयोजन स्थल पर पहुंचकर कलाकारों का उत्साहवर्धन किया और आयोजन को उत्तराखंड की लोकसंस्कृति के संरक्षण का सशक्त मंच बताया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में रहते हुए भी उत्तराखंडी समाज द्वारा अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, लोक परंपराओं और पहचान को जीवंत बनाए रखना अत्यंत प्रशंसनीय है। प्रवासी उत्तराखंडी राज्य की संस्कृति के ब्रांड एम्बेसडर हैं, जो दूर रहकर भी अपनी जड़ों से जुड़े हुए हैं। उन्होंने कहा कि पिछले 15 वर्षों से निरंतर आयोजित हो रहा उत्तराखंड महाकौथिक लोक कला, लोक संगीत, पारंपरिक विरासत और पहाड़ी उत्पादों को व्यापक पहचान दिला रहा है। यह आयोजन विभिन्न क्षेत्रों से आए उत्तराखंडियों को एक सूत्र में पिरोने के साथ-साथ सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण और संवर्धन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। महाकौथिक की बढ़ती लोकप्रियता का प्रमाण इसकी अवधि का पांच से बढ़ाकर सात दिन किया जाना है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि महाकौथिक में पारंपरिक वेशभूषा, हस्तशिल्प, कारीगरी, जैविक उत्पादों और पहाड़ी व्यंजनों के साथ-साथ जागर, बेड़ा, मांगल, खुदेड़, छोपाटी जैसे लोकगीतों तथा छोलिया, पांडव और झोड़ा-छपेली जैसे लोकनृत्यों के माध्यम से उत्तराखंड की जीवंत लोकसंस्कृति सजीव रूप में देखने को मिलती है।

पर्वतीय सांस्कृतिक संस्था की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि संस्था राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में उत्तराखंड की संस्कृति और परंपराओं को सहेजने का सराहनीय कार्य कर रही है। उन्होंने नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ‘वोकल फॉर लोकल’ और ‘मेक इन इंडिया’ पहलों का उल्लेख करते हुए कहा कि इनसे स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली है। ‘हाउस ऑफ हिमालयाज’ के माध्यम से स्थानीय उत्पादों को वैश्विक बाजार तक पहुंचाया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार देवभूमि उत्तराखंड को विश्व की आध्यात्मिक राजधानी के रूप में स्थापित करने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। केदारखंड–मानसखंड मंदिर क्षेत्रों के सौंदर्यीकरण, हरिद्वार–ऋषिकेश और शारदा कॉरिडोर, दिल्ली–देहरादून एलिवेटेड रोड, ऑल वेदर रोड, भारत माला–पर्वतमाला और ऋषिकेश–कर्णप्रयाग रेल परियोजना से बुनियादी ढांचे को नई मजबूती मिल रही है।

उन्होंने बताया कि ‘एक जनपद, दो उत्पाद’, स्टेट मिलेट मिशन, एप्पल मिशन, नई पर्यटन व फिल्म नीति, होम-स्टे, वेड इन उत्तराखंड और सौर स्वरोजगार योजना जैसी पहलों से स्थानीय अर्थव्यवस्था और पर्यटन को बढ़ावा मिला है। इन प्रयासों के चलते उत्तराखंड ने सतत विकास लक्ष्यों में देश में प्रथम स्थान, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में एचीवर्स और स्टार्टअप रैंकिंग में लीडर्स की श्रेणी प्राप्त की है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि समग्र विकास के साथ-साथ देवभूमि की संस्कृति और डेमोग्राफी की रक्षा सरकार की प्राथमिकता है। अवैध गतिविधियों, अतिक्रमण और राष्ट्रविरोधी मानसिकता के विरुद्ध सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

Breaking News :-एसएसपी दून के निर्देश पर दून पुलिस द्वारा चलाया गया स्वच्छता/सफाई अभियान

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वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून द्वारा सभी अधीनस्थों को अपने- अपने थाना/चौकियों में प्रत्येक रविवार को 01 घंटे अनिवार्य रूप से श्रमदान कर पुलिस राजकीय भवनों की स्वच्छता/सफाई किये जाने हेतु निर्देशित किया गया है।

निर्देशों के अनुपालन में आज दिनांक 21-12-25 को जनपद के नगर तथा ग्रामीण क्षेत्र के सभी थाना/चौकी परिसर में पुलिसकर्मियों द्वारा श्रमदान करते हुए व्यापक स्तर पर स्वच्छता अभियान चलाया गया।

इस दौरान पुलिस कर्मियों द्वारा थाना/ चौकी परिसर में, कर्मचारी बैरक, भोजनालय, कार्यालय, हवालात की साफ-सफ़ाई करते हुए अभिलेखों/ रजिस्टरों के रख रखाव को सुव्यवस्थित किया गया। इसके उपरांत कर्मियों द्वारा शस्त्रागार के असलहों की साफ सफाई की गई।

एसएसपी दून द्वारा सभी पुलिस अधीक्षक, क्षेत्राधिकारियों को लगातार आकस्मिक रूप से थाने ,चौकियों के निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं।

अर्थिक रूप से कमजोर बच्चों को मुफ्त शिक्षा प्रदान करने हेतु डीएम ने यूजीवीएनएल के सीएसआर फंड से दिलवाए 4.50 लाख

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देहरादून दिनांक 21 दिसम्बर 2025 (सूवि) जिलाधिकारी सविन बसंल द्वारा जिले में शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ एवं सर्वसुलभ बनाने की दिशा में जिला प्रशासन द्वारा निरंतर प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं। इसी क्रम में जिले की दूरस्थ तहसील त्यूणी अंतर्गत ग्राम एवं पोस्ट अटाल के आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों को मुफ्त शिक्षा सहायता एनजीओ को बच्चों की शिक्षा के लिए धनराशि देकर जिला प्रशासन द्वारा महत्वपूर्ण पहल की गई है।
 
ग्राम अटाल क्षेत्र के निवासियों एवं मुक्त शिक्षा हेतु कार्य कर रहे हैं एनजीओ  द्वारा जिलाधिकारी सविन बंसल के समक्ष यह अनुरोध किया गया था कि क्षेत्र के अनेक मेधावी बच्चे शिक्षा प्राप्त करना चाहते हैं, किंतु आर्थिक अभाव के कारण उनकी पढ़ाई बाधित हो रही है। इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने मुख्य विकास अधिकारी एवं मुख्य शिक्षा अधिकारी को आवश्यक प्रस्ताव तैयार कर सीएसआर (कॉर्पाेरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी) मद से धनराशि उपलब्ध कराने के निर्देश दिए थे।
 
जिलाधिकारी के निर्देशों के क्रम में यूजीवीएनएल द्वारा सीएसआर फंड के अंतर्गत 4.50 लाख रुपये की धनराशि स्वीकृत एवं आवंटित की गई है। इस धनराशि के माध्यम से ग्राम अटाल क्षेत्र के लगभग 300 आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों को मुफ्त शिक्षा का लाभ मिल सकेगा। इस पहल से न केवल क्षेत्र में शिक्षा का स्तर सुदृढ़ होगा, बल्कि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को आगे बढ़ने का अवसर भी प्राप्त होगा। जिला प्रशासन द्वारा भविष्य में भी इस प्रकार के जनहितकारी प्रयास निरंतर जारी रखे जाएंगे
 
जिलाधिकारी ने कहा कि शिक्षा प्रत्येक बच्चे का अधिकार है और आर्थिक स्थिति किसी भी बच्चे की प्रतिभा के विकास में बाधा नहीं बननी चाहिए। जिला प्रशासन का निरंतर प्रयास है कि दूरस्थ एवं पिछड़े क्षेत्रों के बच्चों को भी समान शैक्षणिक अवसर उपलब्ध कराए जाएं।

नए साल में पहली बार होगा उत्तराखंड ट्रैवल कॉन्क्लेव, देशभर में होंगे रोड शो

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यह काॅन्क्लेव इंडियन एसोसिएशन ऑफ टूर ऑपरेटर्स के सहयोग से होगा, जिसमें होटल एवं रेस्टोरेंट एसोसिएशन, उत्तराखंड टूरिज्म रिप्रेजेंटेटिव एसोसिएशन, टूर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड और एडवेंचर टूर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया की सक्रिय भागीदारी रहेगी।

नए साल में उत्तराखंड में पहली बार उत्तराखंड ट्रैवल काॅन्क्लेव होगा। पर्यटन विभाग ने इसकी तैयारी शुरू कर दी है। इसमें देशभर के हितधारक शामिल होंगे व वेडिंग टूरिज्म, साहसिक पर्यटन पर जोर दिया जाएगा।शनिवार को मुख्य कार्यकारी अधिकारी व सचिव धीराज सिंह गर्ब्याल की अध्यक्षता में उत्तराखंड पर्यटन विकास बोर्ड की बैठक हुई, जिसमें काॅन्क्लेव के आयोजन पर सैद्धांतिक सहमति प्रदान की गई। राज्य के इतिहास में पहली बार उत्तराखंड टूरिज्म काॅन्क्लेव का आयोजन होगा।

यह काॅन्क्लेव इंडियन एसोसिएशन ऑफ टूर ऑपरेटर्स के सहयोग से होगा, जिसमें होटल एवं रेस्टोरेंट एसोसिएशन, उत्तराखंड टूरिज्म रिप्रेजेंटेटिव एसोसिएशन, टूर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड और एडवेंचर टूर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया की सक्रिय भागीदारी रहेगी। सचिव गर्ब्याल ने कहा कि यह दो दिवसीय बी2बी काॅन्क्लेव राज्य को वेडिंग टूरिज्म, साहसिक पर्यटन और जिम्मेदार पर्यटन के एक प्रमुख गंतव्य के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक निर्णायक कदम होगा।

जम्मू-कश्मीर और हिमाचल से होते हुए उत्तराखंड पहुंची हवाएं, आज भी कोल्ड डे कंडीशन

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Uttarakhand Weather Update: उत्तराखंड में कल अचानक मौसम बदला और शीत दिवस जैसी स्थिति हो गई। दिनभर चली सर्द हवाओं ने ठंउ मं इजाफा कर दिया है। आज भी कई जगहों पर सुबह कोहरा छाया रहा।

मैदानी इलाकों में शनिवार को हुई कड़ाके की ठंड के बाद से हर किसी के मन में यह सवाल था कि आखिर अचानक बिना बारिश के इतनी ठंड कैसे हुई। मौसम वैज्ञानिकों ने बताया, जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश से होते हुए पश्चिमी विक्षोभ की सर्द हवाएं उत्तराखंड के मैदानी इलाकों में पहुंची। जिसके चलते कोहरे मात्र से शीत दिवस जैसी स्थिति बन गई।

मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक सीएस तोमर ने बताया, अभी तक कोहरा हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर जिले के ही कुछ हिस्सों में देखने को मिल रहा था। लेकिन शनिवार को पश्चिमी विक्षोभ के साथ आई हवाओं में नमी देखने को मिली। इसके चलते तापमान में गिरावट दर्ज की गई। यह हवाएं बारिश और बर्फबारी के लिए अनुकूल परिस्थितियां बनाती हैं और तापमान में तेजी से गिरावट आती है।
 
यही वजह है कि 21 दिसंबर को प्रदेश के कुछ इलाकों में बारिश की संभावना है। बारिश और बर्फबारी न होने की वजह पर उन्होंने बताया, जलवायु परिवर्तन और मौसम के बदले पैटर्न के चलते बारिश की बेरुखी देखने को मिल रही है और बर्फबारी के लिए बारिश का होना बहुत जरूरी है। हालांकि 27 दिसंबर के बाद उत्तराखंड में बारिश के आसार हैं।