Friday, January 23, 2026
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सर्दी में खांसी-जुकाम से हैं परेशान? तो जरूर आजमाएं ये चमत्कारी आयुर्वेदिक लड्डू, बीमारियां रहेंगी कोसों दूर

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जब मौसम बदलता है, तो कुछ लोगों को सर्दी और खांसी हो जाती है. आयुर्वेद इस समस्या के लिए एक असरदार इलाज बताता है, जानें…

मौसम बदलने के साथ ही खांसी, जुकाम और बुखार जैसी समस्याएं आम हो जाती हैं. इसलिए, ठंड के मौसम में अपनी सेहत का ख्याल रखना बहुत जरूरी है. इस दौरान शरीर को गर्म और स्वस्थ रखने के लिए अच्छा और हेल्दी खाना खाने की सलाह दी जाती है, क्योंकि सर्दियों में खांसी और जुकाम बहुत आम हैं. ऐसा इसलिए होता है क्योंकि ठंडी, सूखी हवा वायरस को फैलाने में मदद करती है, और कम धूप से इम्यून सिस्टम कमजोर हो जाता है, जिससे इन्फेक्शन का खतरा बढ़ जाता है, और नाक बंद होना, गले में खराश, छींक आना और खांसी जैसे लक्षण दिखाई देते हैं.

इन समस्याओं से बचने के लिए लोग तरह-तरह के घरेलू नुस्खे आजमाते हैं, अलग-अलग दवाएं लेते हैं. आयुर्वेद में खांसी और जुकाम के लिए कई असरदार नुस्खे हैं, जिनसे दो दिन में आराम मिल सकता है. जानें एक ऐसे ही खास हर्बल नुस्खे के बारे में जो इस समस्या से तुरंत आराम दिलाता है. इस नुस्खे को कैसे तैयार करें, इसके लिए किन चीजों की जरूरत होगी?

सर्दी-जुकाम से बचने के खास आयुर्वेदिक नुस्खे

इस खास आयुर्वेदिक नुस्खे को बनाने के लिए आपको ज्यादा पैसे खर्च करने या ज्यादा मेहनत करने की जरूरत नहीं पड़ेगी. आपको सिर्फ तीन चीजों की जरूरत होगी

समाग्री

  • पहली चीज है अदरक का पाउडर – लेकिन ध्यान रखें कि यह सूखा हुआ हो, ताजा नहीं.
  • दूसरी चीज है गुड़ (jaggery)
  • तीसरी चीज है गाय के दूध से बना घी.

तैयारी करने की विधि
इसे बनाने के लिए, तीनों चीजों को बराबर मात्रा में लें. अब, सभी सामग्रियों को एक कटोरे में डालकर अच्छी तरह मिला लें. फिर, इस मिश्रण से छोटी-छोटी गोलियां या लड्डू बना लें. बस तैयार है घर की बनी यह खास आयुर्वेदिक दवा.

यह खास आयुर्वेदिक दवा कैसे काम करती है?
आयुर्वेद के अनुसार, ये आयुर्वेदिक गोलियां खांसी, जुकाम और वायरल इन्फेक्शन जैसी बीमारियों से पीड़ित लोगों को दी जानी चाहिए. इन्हें बच्चे और बड़े दोनों ले सकते हैं। इन्हें बस मुंह में रखकर घुलने देना ही काफी है. विशेषज्ञों का कहना है कि यह एलर्जी से पीड़ित बच्चों के लिए बहुत असरदार दवा है. यह इन्फेक्शन से बचाती है और खांसी-जुकाम से जल्दी राहत देती है.

इतना ही नहीं, यह दवा पेट की समस्याओं के लिए भी असरदार मानी जाती है. यह पेट की सूजन से पीड़ित लोगों को राहत देती है. यह पाचन संबंधी समस्याओं को भी कम करती है. इसके अलावा, एक्सपर्ट्स का कहना है कि यह कमजोर इम्यूनिटी वाले लोगों और जो लोग कमजोर दिखते हैं, उनके लिए सबसे ज्यादा असरदार है.

कितने लड्डू खाना सुरक्षित है?
एक्सपर्ट्स का कहना है कि इसे दिन में एक या दो बार ही लेना है. आयुर्वेद के अनुसार, गुड़ और सूखी अदरक सेहत के लिए फायदेमंद माने जाते हैं. दोनों सर्दी और खांसी से लड़ने में मददगार होते हैं. सूखी अदरक खाने से बलगम कम होता है और सांस की समस्याओं को रोकने में बहुत फायदेमंद है. लेकिन, घी के बारे में एक सुझाव कि जिन लोगों को साइनस जैसी समस्याओं के कारण बार-बार सर्दी-जुकाम होता है, उन्हें घी खाने से बचना चाहिए. माना जाता है कि यह सर्दी और खांसी को और खराब कर सकता है.

हल्द्वानी में पुलिस की दबंगाई:दुकानदार गाड़ी हटाने को कहा तो हुआ आग बबूला,पुलिसकर्मी ले गए घसीटते हुए

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नैनीताल पुलिस कर्मियों की दबंगई सामने आई है। हल्द्वानी कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत एक दुकानदार को पुलिसकर्मी से गाड़ी हटाने के लिए कहना भारी पड़ गया। फिर क्या पुलिस कर्मी आग बबूला हो गया और 112 नंबर पर फोन कर अपने पुलिस साथियों को बुला लिया।मामले में पुलिसिया रौब दिखाते हुए पुलिसकर्मियों ने घसीटते हुए दुकानदार को डायल 112 के वाहन में बिठा लिया।

फिलहाल पूरे मामले में पुलिस अपनी सफाई दे रही है। बताया जा रहा कि मामला शनिवार का है जहां नैनीताल रोड पर बेस अस्पताल के निकट एक दुकानदार चाय का खोखा चलाता है। शनिवार को पुलिसकर्मी आया और दुकान के आगे काली रंग की कार लगा दी। दुकानदार ने वाहन हटाने को कहा तो उसे यह बात नागवार गुजरी। आरोप है कि पहले उसने दुकानदार को गालियां दी फिर डायल 112 पर कॉल कर पुलिसकर्मियों को बुला लिया। सूचना के बाद मौके पर एक एसआई और दो कांस्टेबल पहुंचे और दुकानदार को ही कॉलर पकड़ते हुए घसीटते हुए गाड़ी में बैठाकर ले गए। पुलिस की दबंगई का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है जिस पर लोग पुलिसकर्मी की कार्यशैली पर सवाल उठा रहे हैं। हल्द्वानी कोतवाली प्रभारी विजय सिंह मेहता ने बताया कि जांच में पता चला कि पहले दुकानदार की ओर से पुलिसकर्मी को अपशब्द कहे गए। इसके बाद पुलिसकर्मी ने 112 पर सूचना दी।इस पर दुकानदार ने हीरानगर चौकी में माफीनामा भी दिया है।

नो एंट्री में घुसना पड़ा भारी,टापू में फंसे 5 लोग:देहरादून में SDRF ने टॉर्च की रोशनी में किया रेस्क्यू, रस्सियों के सहारे यमुना कराई पार

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देहरादून के विकासनगर में रविवार शाम 5 लोगों ने सेल्फी के चक्कर में अपनी जान जोखिम में डाल दी। दरअसल विकासनगर के कटापत्थर क्षेत्र में नो एंट्री के बावजूद ये पांचों लोग यमुना नदी के बीच बने टापू तक पहुंच गए थे।

इसी बीच डैम से पानी छोड़ दिया गया। हालांकि हूटर भी बजा लेकिन सभी मस्ती में इतने मस्त थे की किसी ने हूटर की आवाज सुनी ही नहीं।

देखते ही देखते जब टापू चारों तरफ से पानी से घिर गया तब इन्हें पता चला की हम तो मुसीबत में फंस गए हैं। किसी तरह किसी ने पुलिस को सूचना दी, मौके पर एसडीआरएफ भी तुरंत पहुंची और रस्सियों के सहारे टॉर्च की रोशनी में इन सभी का रेस्क्यू किया गया।

रेस्क्यू किए गए लोगों में साक्षी (23), मानसी (23), अदिति (15), देवांश (15) और नीलम (33) शामिल हैं। सभी जीवनगढ़ क्षेत्र, कोतवाली विकासनगर के निवासी हैं।

पुलिस के अनुसार सभी लोग आपस में परिचित थे और पिकनिक मनाने यहां पर पहुंचे थे, तभी एक सदस्य ने सेल्फी के लिए टापू पर चलने के लिए बोला और सभी जान की परवाह किए बिना टापू पर पहुंच गए।

PRSI Conference – सशक्तीकरण के लिए महिलाओं की आर्थिक स्वतंत्रता अनिवार्य : ऋतु खंडूड़ी

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PRSI के वार्षिक सम्मेलन में डा. निशंक बोले, देश के विकास में जनसंचार और कम्युनिकेशन की निर्णायक भूमिका। स्वास्थ्य सेवाओं में उत्कृष्ट योगदान के लिए स्वास्थ्य सचिव डा. आर. राजेश कुमार को राष्ट्रीय सम्मान

महिलाओं का वास्तविक सशक्तीकरण तभी संभव है जब वे आर्थिक रूप से स्वतंत्र हों। जब तक महिलाओं को रोजगार, उद्यमिता और निर्णय प्रक्रिया में समान अवसर नहीं मिलेंगे, तब तक समावेशी विकास की कल्पना अधूरी रहेगी। पब्लिक रिलेशन सोसाइटी ऑफ इंडिया (PRSI) के 47वें वार्षिक राष्ट्रीय सम्मेलन के दूसरे दिन मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए उत्तराखंड विधानसभा की अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण ने ये बातें कहीं।

उन्होंने यह भी कहा कि जनसंचार और पब्लिक रिलेशन आज देश और प्रदेश के विकास का एक प्रभावी माध्यम बन चुका है, जिसके जरिए सरकार और जनता के बीच मजबूत संवाद स्थापित किया जा सकता है। उन्होंने पीआरएसआई की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि यह संस्था सरकार की नीतियों, योजनाओं और विकास कार्यों को आम जनता तक पहुंचाने में एक सशक्त सेतु का कार्य कर रही है। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि आज का युग सूचना और संवाद का है। जनसंचार के माध्यम से अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं की जानकारी पहुंचाई जा सकती है। उन्होंने इस क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने पर विशेष जोर देते हुए कहा कि पीआर और कम्युनिकेशन जैसे क्षेत्रों में महिलाओं के लिए अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि पीआर इंडस्ट्री का आकार लगातार बढ़ रहा है, लेकिन इसके साथ-साथ यह चुनौती भी है कि सूचना विश्वसनीय, पारदर्शी और प्रभावी तरीके से जनता तक पहुंचे। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष ने पीआरएसआई के माध्यम से जनसंचार के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाली विभिन्न एजेंसियों, संस्थानों और व्यक्तियों को सम्मानित भी किया।

जनसंचार देश के विकास की रीढ़ : निशंक

PRSI सम्मेलन को संबोधित करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री डा. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ ने कहा कि जनसंचार और कम्युनिकेशन देश के विकास की रीढ़ बन चुका है। उन्होंने कहा कि पीआरएसआई जैसी संस्थाएं सरकार और समाज के बीच संवाद की कड़ी को मजबूत कर रही हैं। यह अत्यंत सराहनीय है कि देशभर से पब्लिक रिलेशन इंडस्ट्री से जुड़े विशेषज्ञ एक मंच पर एकत्र होकर भविष्य की चुनौतियों और संभावनाओं पर मंथन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि बदलते तकनीकी परिदृश्य में पीआर इंडस्ट्री को नवाचार, डिजिटल माध्यमों और विश्वसनीयता पर विशेष ध्यान देना होगा, ताकि लोकतंत्र की जड़ें और अधिक मजबूत हो सकें।

उत्तराखंड ने 25 वर्षों में तय की विकास की लंबी यात्रा : पद्मश्री डा.संजय

विशिष्ट अतिथि पद्मश्री डा. बी.के. संजय ने उत्तराखंड राज्य के 25 वर्षों की विकास यात्रा पर प्रकाश डालते हुए कहा कि बीते ढाई दशकों में राज्य ने उल्लेखनीय प्रगति की है। उन्होंने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य, मेडिकल एजुकेशन और आधारभूत ढांचे के क्षेत्र में उत्तराखंड ने नए मानक स्थापित किए हैं। मूलभूत सुविधाओं में लगातार सुधार हुआ है और राज्य विकास के नए आयाम छू रहा है।

स्वास्थ्य सचिव डा. आर. राजेश कुमार को राष्ट्रीय सम्मान

सम्मेलन के दौरान उत्तराखंड के स्वास्थ्य सचिव डा. आर. राजेश कुमार को राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए पीआरएसआई राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया। यह पुरस्कार उन्हें विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण एवं पूर्व मुख्यमंत्री डा. ‘निशंक’ द्वारा प्रदान किया गया। सम्मान ग्रहण करते हुए डा. आर. राजेश कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत के मार्गदर्शन में प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं में निरंतर सुधार किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि राज्य में टेलीमेडिसिन सेवाओं का विस्तार किया गया है तथा दुर्गम क्षेत्रों के लिए एयर एम्बुलेंस सेवा शुरू की गई है। उन्होंने कहा कि यह सम्मान मुख्यमंत्री के नेतृत्व और स्वास्थ्य विभाग की पूरी टीम को समर्पित है। हमारा लक्ष्य राज्य के अंतिम छोर तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना है।

इस अवसर पर पीआरएसआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष अजीत पाठक ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए उन्हें स्मृति चिन्ह भेंट किए। सम्मेलन के दूसरे दिन गेल के सीईओ संदीप गुप्ता, स्वास्थ्य सचिव डा. आर. राजेश कुमार, सचिव मुख्यमंत्री एवं एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी, प्रो. दुर्गेश पंत, संयुक्त निदेशक सूचना नितिन उपाध्याय, वरिष्ठ पत्रकार अनुपम त्रिवेदी, डा. हिमांशु शेखर, सीआईएमएस के चेयरमैन एडवोकेट ललित जोशी, डा. सुरभि दहिया, समिदा देवी, मेजर अतुल देव, सी. रविंद्र रेड्डी सहित देशभर से आए पीआर और मीडिया जगत के अनेक प्रतिष्ठित प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

हर ग्राम-न्याय पंचायत तक पहुंचेगी सरकार, 17 दिसंबर से शुरू होगा व्यापक जनसंपर्क अभियान

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उत्तराखंड सरकार राज्य के दूरदराज़ इलाकों तक शासन की पहुंच सुनिश्चित करने के लिए एक बड़े अभियान की शुरुआत करने जा रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर 17 दिसंबर से “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” अभियान का शुभारंभ होगा, जिसके तहत सरकार स्वयं जनता के बीच पहुंचेगी।


45 दिनों तक चलेगा अभियान, हर न्याय पंचायत होगी केंद्र में

इस अभियान की अवधि 45 दिन तय की गई है। इस दौरान प्रदेश की प्रत्येक ग्राम-न्याय पंचायत तक सरकार के विभिन्न विभागों की सीधी पहुंच बनाई जाएगी। अभियान का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र व्यक्ति सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे।


23 से अधिक विभाग एक मंच पर, बहुद्देशीय शिविरों का आयोजन

अभियान के तहत राज्य सरकार के 23 से अधिक विभाग मिलकर न्याय पंचायत स्तर पर बहुद्देशीय शिविर लगाएंगे। इन शिविरों में राजस्व, ग्राम्य विकास, पंचायती राज, कृषि, समाज कल्याण, महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास, खाद्य आपूर्ति, श्रम, चिकित्सा स्वास्थ्य, आयुष, पशुपालन, शिक्षा, पेयजल, सिंचाई, वन, ऊर्जा, सहकारिता, लोक निर्माण विभाग, आपदा प्रबंधन, कौशल विकास और बैंकिंग व वित्तीय संस्थानों के अधिकारी मौके पर मौजूद रहेंगे।


योजनाओं की जानकारी के साथ मौके पर मिलेगा लाभ

शिविरों में केंद्र व राज्य सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी जाएगी। साथ ही पात्र लाभार्थियों को मौके पर ही योजनाओं का लाभ प्रदान करने की व्यवस्था की जाएगी। अधिकारी शिविर के साथ-साथ संबंधित गांवों का भ्रमण भी करेंगे, जिससे जमीनी स्तर की समस्याओं को सीधे समझा जा सके।


वंचितों की पहचान के लिए पहले होगा सर्वे

अभियान शुरू होने से पहले न्याय पंचायत स्तर पर वंचित और पात्र लाभार्थियों का सर्वे कराया जाएगा। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि शिविरों में सही लोगों तक योजनाओं का लाभ पहुंचे और वास्तविक जरूरतमंदों को प्राथमिकता मिले।


हर तहसील में नियमित शिविर, प्रचार-प्रसार पर जोर

राज्य सरकार ने जिलाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि प्रत्येक तहसील में हर सप्ताह कम से कम दो से तीन कार्यदिवस न्याय पंचायतों में शिविर अनिवार्य रूप से लगाए जाएं। साथ ही शिविरों से पहले व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए, ताकि अधिक से अधिक लोग इसका लाभ उठा सकें।


निष्कर्ष

“जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” अभियान उत्तराखंड में शासन और जनता के बीच की दूरी को कम करने की एक महत्वपूर्ण पहल है। सरकार के इस प्रयास से योजनाओं का लाभ सीधे गांवों तक पहुंचेगा, पारदर्शिता बढ़ेगी और वंचित वर्ग को सशक्त बनाने में मदद मिलेगी। यह अभियान राज्य में सुशासन और जनकल्याण की दिशा में एक मजबूत कदम माना जा रहा है।

बिहार, उत्तराखंड के बीच पर्यटन गतिविधियों को बढ़ाया जाएगा: महाराज

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बिहार विधानसभा अध्यक्ष ने किया सद्भावना सत्संग समारोह का शुभारंभ

गयाजी (बिहार)/देहरादून, आध्यात्मिक और समाजिक संस्था मानव उत्थान सेवा समिति की शाखा मानव धर्म मंदिर गया जी के तत्वावधान में रामपुर स्थित गया कॉलेज के खेल परिसर में दो दिवसीय सद्भावना सत्संग समारोह का शुभारंभ प्रख्यात समाजसेवी, आध्यात्मिक गुरु और उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, बिहार विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार एवं गया जी की जिला परिषद अध्यक्ष श्रीमती नयना कुमारी ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। कार्यक्रम के दौरान विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेमकुमार ने बिहार की पावन धरती पर सतपाल महाराज सहित सभी दिव्य परिवार का ह्रदय से आभार जताते हुए उन्हें फिर से बिहार आने का न्योता भी दिया।

सद्भावना सत्संग समारोह को संबोधित करते हुए प्रख्यात समाजसेवी, आध्यात्मिक गुरु और उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि गया (बोधगया) स्थित महाबोधि मंदिर, वह पवित्र स्थान है जहाँ गौतम बुद्ध को बोधिवृक्ष के नीचे ज्ञान (बोधि) प्राप्त हुआ था, और यह यूनेस्को द्वारा विश्व धरोहर स्थल घोषित है। जिस प्रकार से गया में श्राद्ध कर्म आदि का विधान है उसी प्रकार उत्तराखंड स्थित हरिद्वार एवं बद्रीनाथ धाम के ब्रह्मकपाल में में भी श्राद्ध कर्म का विशेष महत्व है। इन सभी स्थानों को मानचित्र पर अंकित किया जायेगा।

महाबोधि मंदिर के भ्रमण के दौरान मीडिया से बातचीत करते हुए श्री महाराज ने कहा कि आध्यात्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए जल मार्ग से प्रयागराज से बनारस और पटना होते हुए क्रूज़ और कार्गो चलना चाहिए। उन्होंने कहा कि बिहार एवं उत्तराखंड के बीच पर्यटन गतिविधियों को बढ़ाने के लिए समन्वय स्थापित किया जाएगा ताकि अधिक से अधिक संख्या में पर्यटक राज्य में आ सकें।

सेलाकुई परफ्यूम फैक्ट्री में लगी भयंकर आग, फायर ब्रिगेड ने संभाला मोर्चा

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इंडस्ट्रीयल एरिया सेलाकुई क्षेत्र मे एक परफ्यूम बनाने वाली फैक्ट्री में अचानक आग लग गई. फैक्ट्री में आग लगने की जानकारी आनन फानन में फायर ब्रिगेड को दी गई. जिसके बाद पुलिस के साथ ही फायर सर्विस की टीम मौके पर पहुंची. मौके पर पहुंचने के बाद फायर ब्रिगेड की टीम ने आग बुझाने के प्रयास शुरू किया.

सेलाकुई की जिस परफ्यूम फैक्ट्री में आग गी है उसका नाम जय श्री बालाजी इंडस्ट्रीज है. फैक्ट्री में आग लगने से बड़ी बड़ी आग की लपटें और धुएं का गुबार फैल गया. मौके पर इस बीच अफरा तफरी मच गई. जिसके बाद फायर ब्रिगेड की टीम ने मोर्चा संभाला है.

Dehradun: जिला प्रशासन की बड़ी कार्रवाई; सुभारती कॉलेज को 87.50 करोड़ का वसूली वारंट जारी

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देहरादून:, जिले के बड़े बकायेदारों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत जिला प्रशासन ने सुभारती समूह पर अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है। जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देशों के अनुपालन में लंबित बकाया वसूली के तहत रू 87.50 करोड़ की कुर्की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है।

जिलाधिकारी ने सुभारती समूह से बकाया राजस्व वसूली सुनिश्चित करने के लिए संबंधित अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। जिला प्रशासन का कहना है कि भविष्य में भी किसी बड़े या छोटे बकायेदार को बकाया राशि न जमा करने पर कानूनी कार्रवाई से नहीं बख्शा जाएगा। जनपद में राजस्व वसूली को गति देने तथा सरकारी धन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से यह कार्यवाही कर कड़ा संदेश दिया है। जिलाधिकारी ने द्वारा जारी कुर्की वारंट से स्पष्ट किया गया है कि बार-बार नोटिस दिए जाने के बावजूद भुगतान न होने पर यह कठोर कदम उठाया गया है।

जिलाधिकारी ने कहा कि ‘जनता के धन की लूट करने वालों को किसी भी स्थिति में छोड़ा नहीं जाएगा।” उन्होंने निर्देशित किया है कि समस्त उप जिलाधिकारी अपने-अपने तहसील क्षेत्रों में ऐसे सभी छोटे एवं बड़े बकायेदारों की सूची तैयार करें, जिन्होंने लंबे समय से देय राशि जमा नहीं की है या जानबूझकर भुगतान से बच रहे हैं। जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि इनके विरुद्ध विशेष वसूली अभियान चलाकर तत्परता से वसूली सुनिश्चित की जाए।

संस्थान को 6 वर्षों से 300 छात्रों से पूर्ण शुल्क वसूलने के बावजूद संरचना विहीन संस्थान में रखना भारी पड़ गया है, जिला प्रशासन ने वसूली वारंट जारी कर दिया है, अगले कुछ ही दिवसों में संस्थान का बैंक खाता सीज संपत्ति कुर्क करने की कार्रवाई की जा सकती है।चिकित्सा शिक्षा निदेशक ने डीएम से की सिफारिशचिकित्सा शिक्षा निदेशक ने संस्थान से पूर्ण वसूली के जाने के सिफारिश जिलाधिकारी को की थी।

शैक्षिणक सत्र 2017-18 में प्रवेश पाये द्वितीय बैच के कुल 74 छात्रों द्वारा मा० उच्चतम न्यायालय में एंव रिट याचिका (सिविल) योजित की गई थी, जिसमें में छात्रों की ओर से संस्थान में संरचना उपलब्ध नहीं है, से लगतार शिक्षा प्राप्त नही कर सकते है। याचिका में एम०सी०आई० द्वारा अपने तथ्य रखे गये थे और याचिका में यह प्रश्न था कि छात्रों को अन्य संस्थान में प्रवेश देकर अन्तरित किया जायें। वर्ष 2019 में मा0 उच्चतम न्यायालय ने यह निर्देश दिया गया था कि 300 छात्राओं को राज्य के तीन राजकीय मेडिकल कॉलेजों में अन्तरित किया जाये। मा० उच्चतम न्यायालय ने यह भी आदेश दिया गया था कि यह छात्र केवल राजकीय मेडिकल कॉलेज में लागू फीस का ही भुगतान करेगे। मा० उच्चतम न्यायालय ने अपने आदेश को 12 अप्रैल 2019 के आदेश में पुनः पुष्ट किया गया था। श्रीदेव सूमन सुभारती मेडिकल कॉलेज में इन सभी 300 छात्राओं को राजकीय मेडिकल कॉलेजों में समयोजित किये जाने हेतु लगभग एक नये मेडिकल कॉलेज को खोलने के अनुरूप अपेक्षित संरचना स्थापित करने की आवश्यकता थी, जिसमें राज्य सरकार पर अनापेक्षित वित्तीय भार आ गया था, जबकि उक्त संस्था द्वारा इन छात्रों से शुल्क बिना किसी काम के संग्रहित किया गया था।

जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि राजस्व की हानि किसी भी प्रकार से स्वीकार्य नहीं है। बकायेदारों द्वारा देरी या भुगतान से बचने की प्रवृत्ति पर अब सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सभी राजस्व अधिकारियों को निर्देश दिए कि बकायेदारों की विस्तृत रिपोर्ट तत्काल तैयार करें, प्राथमिकता के आधार पर बड़े बकायेदारों पर कार्रवाई करें, लगातार फॉलोअप करते हुए वसूली की दैनिक प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करें, आवश्यक होने पर कुर्की, नोटिस, बैंक खाता कुर्की या अन्य विधिक कार्रवाई भी अमल में लाई जाए।

जिलाधिकारी ने कहा कि सरकारी योजनाओं एवं विकास कार्यों के लिए जनता की कमाई से जुटाया गया धन अत्यंत महत्वपूर्ण है। ऐसे में किसी भी प्रकार की लापरवाही या लूट बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने निर्देशित किया कि अभियान को पूरी गंभीरता और पारदर्शिता के साथ चलाया जाए ताकि जनपद में राजस्व वसूली की स्थिति मजबूत हो सके।

Uttarakhand: तुषार हत्याकांड…एनकाउंटर में एक आरोपी पकड़ा, पैर में लगी गोली, अन्य आरोपियों की तलाश जारी

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स्लाम नगर से आए कुछ युवकों ने रोडवेज स्टाॅपेज के पास एक युवक की चाकू से गोदकर हत्या कर दी जबकि दो अन्य युवक घायल हो गए।

खटीमा के तुषार हत्याकांड मामले में शनिवार देर रात एनकाउंटर के दौरान एक हत्यारोपी हाशिम को पुलिस ने पकड़ लिया है। उसके पैर में गोली लगने से वह घायल हुआ है। वह झनकट क्षेत्र में छुपा हुआ था। रात एक बजे झनकट ईंट भटठे के पास पुलिस की घेराबंदी के बाद उसने पुलिस टीम पर फायर किया। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में उसके पैर में गोली लगी। सीओ खटीमा विमल रावत ने बताया कि अन्य फरार आरोपियों की पुलिस  तलाश कर रही है।

खटीमा में शुक्रवार देर रात करीब 10 बजे आश्रम पद्धति स्कूल के पीछे रहने वाला तुषार शर्मा (24) बस स्टॉपेज के पास वाल्मीकि बस्ती निवासी अभय और पकड़िया निवासी सलमान के साथ एक चाय की दुकान के पास खड़ा था। वहां गोटिया, इस्लाम नगर से आए कुछ युवकों के साथ उनकी कहासुनी हो गई। देखते ही देखते दोनों पक्षों में मारपीट शुरू हो गई। इसी बीच, आरोपियों ने तीनों पर चाकुओं से हमला कर दिया। मौके पर पहुंची पुलिस ने तीनों घायलों को खटीमा उप जिला अस्पताल पहुंचाया। यहां डॉक्टर ने तुषार को मृत घोषित कर दिया जबकि दो घायलों को हायर सेंटर रेफर कर दिया।

शनिवार सुबह युवक की हत्या की घटना शहर में आग की तरह फैल गई। विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के आक्रोशित कार्यकर्ताओं समेत सैकड़ों लोगों ने घटनास्थल के पास चाय की दुकान को आग के हवाले कर दिया। बगल में खुली दुकानों में तोड़फोड़ कर दी। सूचना पर सीओ विमल रावत, कोतवाल विजेंद्र शाह, एसएसआई ललित रावल, बाजार चौकी प्रभारी जीवन चुफाल समेत अग्निशमन दल ने मौके पर दुकान में चाय की दुकान में लगी बुझाई।

देहरादून में खुले में कूड़ा फेंका, ड्रोन से कटा चालान:5 को नोटिस जारी, कंट्रोल रूम में बैठी टीम तुरंत ले रही एक्शन

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उत्तराखंड में ड्रोन से कूड़ा फेंकने वाले के खिलाफ कार्रवाई हुई है। मामला राजधानी देहरादून से सामने आया है, जहां एक शख्स इधर-उधर देखकर जैसे ही सार्वजनिक स्थान पर कूड़ा डाल रहा था, वह ऊपर उड़ रहे ड्रोन कैमरे में कैद हो गया।

इसके बाद नगर निगम की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और नियमों के तहत चालान की कार्रवाई की गई। नगर आयुक्त नमामि बंसल ने बताया कि पायलेट प्रोजेक्ट के तहत सफाई तंत्र को हाईटेक बनाने के लिए ड्रोन मॉनिटरिंग सिस्टम तैयार किया गया है।

इसी के तहत शनिवार को जब ड्रोन से निगरानी की जा रही थी तभी कुछ लोगों ने सार्वजनिक जगहों पर कूड़ा फेंका। ड्रोन ने उनकी तस्वीर ले ली, जिसके बाद उनके खिलाफ चालान की कार्रवाई की गई।

इन वार्डों में खास निगरानी

ड्रोन मॉनिटरिंग फिलहाल 15 वार्डों में शुरू की गई है, जिनमें कारगी, आईएसबीटी, धर्मपुर, जीएमएस रोड, सहारनपुर रोड, कांवली रोड, हरिद्वार रोड, राजपुर रोड, डालनवाला, ईसी रोड, सुभाष रोड, पलटन बाजार क्षेत्र, भंडारी बाग और आसपास के क्षेत्र शामिल है। इसके अलावा, नगर निगम के अन्य क्षेत्रों में धीरे-धीरे इसका दायरा बढ़ाया जाएगा।

सफाई व्यवस्था में पारदर्शिता लाना मकसद

सौरभ थपलियाल, मेयर ने कहा कि ड्रोन मॉनिटरिंग से सफाई व्यवस्था में पारदर्शिता आएगी। अब कूड़ा फेंकने और जलाने वालों पर कड़ा एक्शन होगा। शहर स्वच्छ बनाने की दिशा में ये अहम कदम है। वहीं, नमामी बंसल, नगर आयुक्त ने कहा कि कंट्रोल रूम में विशेष टीम तैनात है। ड्रोन से मिले डेटा पर तुरंत प्रतिक्रिया होगी।

कूड़ा दिखाई देने पर संबंधित सफाई निरीक्षकों को तुरंत सूचना दी जाएगी और तुरंत कार्रवाई होगी। इस हाईटेक ड्रोन सिस्टम से दून की सफाई व्यवस्था को आसमानी सुरक्षा कवच मिल गया है। अब न गाड़ियां गायब होंगी, न कूड़ा अनजाने में डंप होगा।