Sunday, March 8, 2026
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Uttarakhand Weather: कई जिलों में घना कोहरा का यलो अलर्ट

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Uttarakhand Weather :मौसम विभाग ने शुक्रवार को कई जिलों में घने कोहरे के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। पूर्वानुमान के अनुसार, देहरादून, हरिद्वार, उधम सिंह नगर, नैनीताल, चंपावत और पौड़ी जिलों में घना कोहरा छाए रहने की संभावना है।

इस बीच, उधम सिंह नगर और हरिद्वार जिलों के कुछ इलाकों में ठंड का मौसम रहने की संभावना है। 20 और 21 दिसंबर को पहाड़ी इलाकों में बारिश और बर्फबारी की उम्मीद है। इसके बाद, 22 से 24 दिसंबर तक पूरे राज्य में मौसम सूखा रहेगा।

गुरुवार के तापमान की बात करें तो देहरादून में अधिकतम तापमान 24.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से तीन डिग्री ज़्यादा था। रात का न्यूनतम तापमान भी 9.5 डिग्री सेल्सियस था, जो सामान्य से दो डिग्री ज़्यादा था। राज्य के अन्य हिस्सों में भी ऐसी ही स्थिति रही। उत्तर प्रदेश और आसपास के इलाकों में घने कोहरे के कारण ट्रेनों की रफ्तार धीमी हो गई है। गुरुवार को लिंक, राप्ती गंगा और कुंभ एक्सप्रेस ट्रेनें देहरादून में देरी से पहुंचीं। इससे यात्रियों को काफी परेशानी हुई। कोहरे के कारण कई ट्रेनें देहरादून टर्मिनल पर देरी से पहुंचीं। नतीजतन, देहरादून से जाने वाली ट्रेनें भी देरी से चलीं। मैदानी इलाकों में घने कोहरे के कारण पिछले चार दिनों से यह समस्या हो रही है। लिंक एक्सप्रेस 14113 अपने तय समय दोपहर 12:20 बजे के बजाय पांच घंटे देरी से स्टेशन पहुंची।

राप्ती गंगा एक्सप्रेस 15005 सात घंटे देरी से और कुंभ एक्सप्रेस 12369 तीन घंटे देरी से पहुंची। गोरखपुर-देहरादून एक्सप्रेस 5001 अपने तय समय दोपहर 3:15 बजे के बजाय लगभग सात घंटे देरी से स्टेशन से रवाना हुई। ट्रेनों के आने-जाने में देरी के कारण यात्रियों को कई घंटों तक इंतजार करना पड़ा। यात्रियों ने पूछताछ काउंटर पर ट्रेनों के बारे में बार-बार पूछताछ की।

1 जनवरी से स्वास्थ्य विभाग में बायोमेट्रिक हाजिरी अनिवार्य, अनुपस्थिति पर सख्ती

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स्वास्थ्य विभाग में एक जनवरी से अनिवार्य होगी बायोमेट्रिक हाजिरी

विभागीय मंत्री डॉ. रावत ने अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश, विभागीय नोडल अधिकारी करेंगे स्वास्थ्य इकाइयों का निरीक्षण

देहरादून। स्वास्थ्य विभाग के अधीन प्रदेश में संचालित सभी सरकारी अस्पतालों में आगामी एक जनवरी से बायोमेट्रिक उपस्थिति अनिवार्य रूप से लागू की जाएगी। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने इस संबंध में स्वास्थ्य महानिदेशक को बायोमेट्रिक उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके अलावा स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर व सुगम

बनाने लिए उच्च अधिकारी जिलों में जाकर चिकित्सा इकाइयों का निरीक्षण करेंगे।

बृहस्पतिवार को स्वास्थ्य मंत्री ने शासकीय आवास पर प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण को लेकर स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक ली। उन्होंने प्रदेशभर के सभी राजकीय चिकित्सालयों में चिकित्सकों, पैरामेडिकल, तकनीकी व अन्य समस्त स्टॉफ की बायोमेट्रिक उपस्थिति सुनिश्चित

करने के निर्देश विभागीय अधिकारियों को दिए।

उन्होंने बताया कि प्रदेश के जिलों से चिकित्सकों व पैरामेडिकल स्टॉफ की अनुपस्थिति को लेकर शिकायतें मिल रही है। उन्होंने कहा, स्वास्थ्य सेवाओं के सुधारीकरण के लिए सभी चिकित्सा इकाइयों में एक जनवरी 2026 से बायोमेट्रिक उपस्थिति अनिवार्य रूप से लागू करने का निर्णय लिया गया है। उपस्थिति के आधार पर ही

अधिकारियों व कार्मिकों का वेतन अहरण किया जायेगा।

विभागीय मंत्री ने अस्पतालों का स्थलीय निरीक्षण के लिए पूर्व में नामित नोडल अधिकारियों को संबंधित जिलों का भ्रमण कर स्वास्थ्य सुविधाओं का भौतिक निरीक्षण कर रिपोर्ट शासन को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

बैठक में विशेषज्ञ चिकित्सकों का अलग कैडर बनाने, केंद्रीयकृत क्रय कार्पोरेशन का गठन करने, स्वास्थ्य

इकाइयों वार्ड वॉय, तकनीकी संवर्ग के पदों को भरने, स्वास्थ्य केंद्रों में सफाई की उचित व्यवस्था बनाए रखने, मेडिकल कॉलेजों व जिला चिकित्सालयों में मरीजों को दिए जाने वाले भोजन की गुणवत्ता, चिकित्सा इकाइयों में प्रत्येक दिवस के अनुसार चादर बदलने, स्वास्थ्य कार्यकर्ता व स्वास्थ्य पर्यवेक्षक को पांच साल की सेवा के बाद एक बार जिला परिवर्तन करने का प्रस्ताव कैबिनेट में लाने के लिए निर्देश दिए।

CM Dhami: प्रदेश के सभी मदरसों में उत्तराखंड बोर्ड का पाठ्यक्रम होगा लागू, छात्र हित में उठाए जा रहे जरूरी कदम

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सीएम धामी ने कहा कि सरकार छात्र हित में कई अहम कदम उठा रही है। राज्य में समान नागरिक संहिता लागू कर सामाजिक न्याय और समानता की दिशा में पूरे देश को एक नई दिशा दिखाने का कार्य किया है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा, प्रदेश के सभी मदरसों और अल्पसंख्यक विद्यालयों में उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा बोर्ड की ओर से निर्धारित पाठ्यक्रम पढ़ाया जाएगा।  राज्य के अल्पसंख्यक समुदायों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से प्रदेश में नया अल्पसंख्यक शिक्षा कानून लागू किया है।

विश्व अल्पसंख्यक अधिकार दिवस पर हिमालयन सांस्कृतिक केंद्र में आयोजित कार्यक्रम में सीएम धामी ने कहा कि सरकार ने राज्य में समान नागरिक संहिता लागू कर सामाजिक न्याय और समानता की दिशा में पूरे देश को एक नई दिशा दिखाने का कार्य किया है।
 
सीएम ने कहा कि मुख्यमंत्री अल्पसंख्यक प्रोत्साहन योजना के माध्यम से अल्पसंख्यक छात्र-छात्राओं को विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए प्रोत्साहन राशि दी जा रही है।

बड़ी खबर : यहां 10 दरोगाओं के हुए तबादले

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देहरादून। एसएसपी देहरादून अजय सिंह ने 18 दिसंबर 2025 की देर शाम जन सुरक्षा को और मजबूत करने के उद्देश्य से देहरादून जनपद में तैनात कई दरोगाओं के तबादले कर दिए हैं। जारी आदेश के अनुसार 10 उप निरीक्षकों/उप निरीक्षक स्तर के अधिकारियों को नई तैनाती दी गई है। सभी स्थानांतरण तत्काल प्रभाव से लागू किए गए हैं।

तबादला सूची :

उ0नि0 कुलदीप शाह — कोतवाली पटेलनगर → एसआईएस शाखा, पुलिस कार्यालय

उ0नि0 प्रमोद शाह — एसआईएस शाखा → कोतवाली पटेलनगर

उ0नि0 आशीष कुमार — चौकी लक्खीबाग → चौकी प्रभारी आईएसबीटी

उ0नि0 जयवीर सिंह — थाना नेहरू कॉलोनी → चौकी प्रभारी लक्खीबाग

उ0नि0 संजय रावत — चौकी बालावाला → चौकी प्रभारी मयूर विहार

उ0नि0 सुनील नेगी — कोतवाली डोईवाला → चौकी प्रभारी बालावाला

उ0नि0 राजीव धारीवाल — चौकी मयूर विहार → थाना सहसपुर

उ0नि0 विजय थपलियाल — थाना सहसपुर → थाना डोईवाला

उ0नि0 मुकेश नेगी — रिजर्व पुलिस लाइन → थाना बसंत विहार

उ0उ0नि0 मदन बिष्ट — रिजर्व पुलिस लाइन → थाना नेहरू कॉलोनी

सूत्रों के मुताबिक, यह फेरबदल कानून-व्यवस्था को और सुदृढ़ करने के साथ-साथ पुलिसिंग को अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से किया गया है।

चिकित्सक पर लापरवाही का आरोप, युवक की मौत, लोगों ने लगाया जाम

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राजधानी देहरादून के रायपुर थाना क्षेत्र लाडपुर में स्थित एक निजी चिकित्सालय में एक युवक की मौत के बाद हंगामा मच गया है। परिजनों ने अस्पताल प्रशासन व चिकित्सक पर गंभीर आरोप लगाते हुए हंगामा मचाया और शव को रायपुर मार्ग पर रखकर प्रदर्शन किया। सूचना मिलने के बाद तमाम पुलिस अधिकारियों समेत रायपुर पुलिस थाना से फोर्स मौके पर मौजूद है। पुलिसकर्मियों द्वारा प्रदर्शन करियों को समझाने का प्रयास किया जा रहा है तो वही यातायात संचालन की व्यवस्था भी सुचारू की जा रही है। परिजनों का आरोप है कि चिकित्सा मे लापरवाही बढ़ती गई है जिस कारण छत्तीसगढ़ से युवक की मृत्यु होगई।

प्रदेशाध्यक्ष भट्ट ने राष्ट्रीय अध्यक्ष से मुलाकात कर बधाई दी!

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27 में जीत की हैट्रिक का भरोसा दिलाया!

देहरादून 18 दिसंबर। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद श्री महेंद्र भट्ट ने आज दिल्ली राष्ट्रीय कार्यालय में पार्टी राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष श्री नितिन नबीन से मुलाकात कर बधाई दी। इस दौरान उन्होंने उम्मीद जताई कि आपके कुशल एवं दूरदर्शी नेतृत्व में पार्टी संगठन और अधिक समर्थ एवं प्रभावी बनेगा। पीएम नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन एवं आपके नेतृत्व में पार्टी की जीत के अश्वमेघ का घोड़े बंगाल, तमिलनाडु होते हुए यूपी उत्तराखंड में सफलता से प्रवास करेगा। उन्होंने राष्ट्रीय अध्यक्ष को सांगठनिक गतिविधियों की जानकारी देते हुए विश्वास दिलाया कि उत्तराखंड में पार्टी जीत की हैट्रिक लगाएगी। इस दौरान उनके साथ राज्यसभा सांसद श्री नरेश बंसल, श्रीमती कल्पना सैनी, विधायक श्री प्रदीप बत्रा, श्री राजेश शुक्ला भी मौजूद रहे।

23 दिसंबर से शुरू होगी मुख्यमंत्री चैंपियंस ट्रॉफी- रेखा आर्या

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न्याय पंचायत, विधानसभा क्षेत्र, संसदीय क्षेत्र और राज्य स्तरीय, चार चरणों में स्पर्धा

कुल 26 खेल स्पर्धाएं, ट्रॉफी विजेता को मिलेंगे 5 लाख

देहरादून। खेल महाकुंभ इस साल नए प्रारूप में मुख्यमंत्री चैंपियंस ट्रॉफी 2025-26 के नाम से आयोजित किया जाएगा और इसकी शुरुआत 23 दिसंबर से होने जा रही है। गुरुवार को खेल मंत्री रेखा आर्या ने सचिवालय में प्रेसवार्ता के दौरान यह जानकारी दी।

खेल मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि यह प्रतियोगिता न्याय पंचायत, विधानसभा, संसदीय क्षेत्र और राज्य स्तरीय चार चरणों में आयोजित की जाएगी।

प्रतियोगिता के दौरान कुल 26 खेल स्पर्धाएं आयोजित होंगी जिनमें इस बार परंपरागत खेलों को भी जगह दी गई है। चैंपियनशिप का समापन 28 जनवरी को किया जाएगा और इस दिन मुख्यमंत्री चैंपियंस ट्रॉफी के साथ विजेता को ₹5 लाख की धनराशि भी दी जाएगी। चैंपियन का निर्णय उनके द्वारा जीते गए मेडल के आधार पर प्रदान किए गए अंकों के योग से किया जाएगा।

इसके अतिरिक्त सांसद ट्रॉफी जीतने वाली टीम को 2 लाख और विधानसभा ट्रॉफी जीतने वाली टीम को ₹1 लाख की नगद इनाम धनराशि दी जाएगी।

खेल मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि नेशनल रिकॉर्ड तोड़ने पर खिलाड़ी को ₹1 लाख की अतिरिक्त इनाम राशि दी जाएगी।

खेल मंत्री ने बताया कि चैंपियनशिप के लिए रजिस्ट्रेशन 14 अक्टूबर से शुरू कर दिए गए थे, अभी तक 1 लाख 10 हजार से ज्यादा खिलाड़ी अपना पंजीकरण करा चुके हैं। उन्होंने बताया कि ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन 22 दिसंबर तक खुले रहेंगे।

दिव्यांग खिलाड़ियों के लिए अलग प्रतियोगिता

इसके साथ-साथ प्रदेश के दिव्यांग खिलाड़ियों के लिए एथलेटिक्स, बैडमिंटन और तैराकी की स्पर्धा अलग से आयोजित की जाएगी। खेल मंत्री ने बताया कि इस श्रेणी के लिए भी रजिस्ट्रेशन शुरू कर दिए गए हैं।

बिना जूते, ट्रैकसूट ना हो कोई खिलाड़ी
गुरुवार को खेल मंत्री रेखा आर्या ने सचिवालय स्थित एनआईसी कार्यालय में सभी जनपद के जिलाधिकारी के साथ इस आयोजन को लेकर एक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की। उन्होंने सभी जिलाधिकारी को निर्देशित किया कि ट्रायल और खेलों में हिस्सा लेने वाले सभी खिलाड़ी के पास जूते और ट्रैकसूट हो, यह सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने साथ ही सर्दी से खिलाड़ियों का बचाव करने के लिए पर्याप्त व्यवस्था करने, हर खेल स्थल पर स्वास्थ्य विभाग की टीम को तैनात करने, आवश्यकता पड़ने पर खिलाड़ियों को रात में ठहराने और भोजन आदि की व्यवस्था करने के भी निर्देश दिए।

Dehradun : सेंट ज्यूड चौक पर बस में लगी आग, बाल-बाल बची 40 छात्रों की जान

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उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में एक दिल दहला देने वाली घटना हुई, जब शहर के व्यस्त सेंट ज्यूड चौक के पास एक प्राइवेट बस में अचानक आग भड़क उठी। बस में सवार तमिलनाडु के लगभग 40 छात्र उस वक्त घबराहट में आ गए, जब इंजन से घना धुआं निकलने लगा और देखते ही देखते लपटें उठने लगीं।

ये छात्र देश भर की सैर पर निकले एक ग्रुप का हिस्सा थे। वे सुबह हरिद्वार से रवाना होकर देहरादून के मशहूर फॉरेस्ट रिसर्च इंस्टीट्यूट (एफआरआई) घूमने जा रहे थे। एफआरआई वनस्पति और जंगल से जुड़े शोध के लिए जाना जाता है, जहां पर्यटक और छात्र अक्सर प्रकृति के करीब आने आते हैं। लेकिन रास्ते में यह हादसा हो गया, जो किसी बड़े संकट में बदल सकता था।

बस जैसे ही सेंट ज्यूड चौक के नजदीक पहुंची, इंजन से धुआं उठता दिखा। बस के अंदर धुआं भरते ही छात्रों में हड़कंप मच गया। ड्राइवर ने फौरन समझदारी दिखाते हुए बस को सड़क किनारे रोका। इसी बीच वहां तैनात ट्रैफिक पुलिस के जवान और कुछ राहगीर तुरंत हरकत में आ गए।

ट्रैफिक पुलिस की टीम ने बिना समय गंवाए रेस्क्यू शुरू कर दिया। बस के दरवाजे और खिड़कियां खोलकर एक-एक करके सभी छात्रों को बाहर निकाला गया। दमकल विभाग की गाड़ियां भी जल्दी पहुंचीं और आग पर काबू पाया। अच्छी बात यह रही कि आग ज्यादा फैलने से पहले ही सभी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।

कुछ छात्रों को धुएं से परेशानी हुई, जिसके बाद उन्हें प्राथमिक इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल भेजा गया। लेकिन राहत की बात है कि किसी को गंभीर चोट नहीं आई और सभी छात्र सकुशल हैं।

देहरादून पुलिस और प्रशासन की तारीफ करनी होगी कि उनकी फुर्ती से एक बड़ा हादसा टल गया। छात्रों का ग्रुप अब सुरक्षित है और उनकी आगे की यात्रा जारी रहेगी। ऐसी घटनाएं हमें याद दिलाती हैं कि सड़क यात्रा में सतर्कता कितनी जरूरी है।

पत्रकार पंकज मिश्रा मौत मामला: जर्नलिस्ट अमित सहगल और उनका सहयोगी अरेस्ट, जल्द होगा बड़ा खुलासा

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देहरादून में वरिष्ठ पत्रकार पंकज मिश्रा की संदिग्ध मौत मामले में पुलिस ने मिश्रा के साथ मारपीट करने वाले अमित सहगल और उसके साथी को अरेस्ट कर लिया है।

पत्रकार पंकज मिश्रा मौत मामले में अमित सहगल और सहयोगी अरेस्ट

देहरादून के दून विहार क्षेत्र में संदिग्ध परिस्थितियों में हुई पत्रकार पंकज मिश्रा की मौत मामले में पुलिस ने मारपीट करने वाले अमित सहगल (51) पुत्र स्वर्गीय अशोक सहगल और पार्थोशील (45) पुत्र मनिंद्रनाथ सील निवासी ईस्ट मुंबई को गिरफ्तार कर लिया है। मृतक के भाई अरविंद ने जान से मारने की नियत से सहगल और उसके साथियों पर मारपीट करने के गंभीर आरोप लगाए थे।

अचेत अवस्था में थे पंकज मिश्रा

घटना 16 दिसंबर की है। पुलिस को सूचना मिली थी कि दून विहार क्षेत्र में किराए पर रहने वाला व्यक्ति अचेत अवस्था में पड़ा है और कोई प्रतिक्रिया नहीं दे रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने देखा कि मकान के पीछे वाले कमरे में बेड के पास फर्श पर पंकज मिश्रा मुंह के बल अचेत अवस्था में पड़े थे। उन्हें तत्काल एम्बुलेंस से दून चिकित्सालय ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

मौत से एक दिन पहले हुई थी बुरी तरह से मारपीट

16 दिसंबर की रात मृतक के भाई अरविंद मिश्रा, निवासी लखनऊ, अन्य परिजनों के साथ देहरादून पहुंचे और एसएसपी देहरादून से मुलाकात की। परिजनों ने मामले की तहरीर दी। जिसमें उन्होंने बताया कि 15 दिसंबर को कुछ लोग मृतक के घर आए थे, जहां गाली-गलौच, मोबाइल फोन छीनने और जान से मारने की नीयत से मारपीट की। परिजनों का दावा है कि इसी मारपीट के कारण पंकज मिश्रा की मौत हुई है।

देहरादून की टोंस नदी में अंधाधुंध खनन, आपदा से भी नहीं चेते, नदी का बदल दिया स्वरूप

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खनन के नाम पर नदी का रुख बदला, आसपास की कालोनियों पर मंडराया संकट

सुद्धोवाला क्षेत्र में टोंस नदी पर चल रहा खनन एक बार फिर विवादों में घिर गया है। वर्षाकाल के बाद नदी में खनन सामग्री के चुगान की अनुमति मिलने के बावजूद स्थानीय लोगों ने गंभीर आरोप लगाए हैं कि अनुमति की आड़ में अनियंत्रित खुदान किया जा रहा है और नदी के प्राकृतिक प्रवाह से छेड़छाड़ कर उसका रुख कालोनी की ओर मोड़ा जा रहा है। इससे त्रिलोकपुरम सहित आसपास की बस्तियों पर भविष्य में भारी जान-माल के नुकसान का खतरा गहरा गया है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि इसी वर्ष मानसून के दौरान टोंस नदी में आई भीषण बाढ़ ने नंदा की चौकी स्थित पुल को ध्वस्त कर दिया था। उस दौरान एक खनन कार्य में लगी ट्रैक्टर-ट्रॉली भी बह गई थी और जनहानि की घटनाएं भी सामने आई थीं। तब भी अवैध और मानकों से अधिक खनन को बाढ़ के विनाश का बड़ा कारण बताया गया था। अब मानसून के बाद खनन की अनुमति मिलते ही बड़ी संख्या में ट्रैक्टर-ट्रॉली, डंपर और जेसीबी नदी में उतार दिए गए हैं, जिससे मानकों के उल्लंघन के आरोप लग रहे हैं।

हंगामे के बाद प्रशासन मौके पर पहुंचा

बुधवार को स्थिति उस समय और गंभीर हो गई जब त्रिलोकपुरम कॉलोनी के बड़ी संख्या में निवासी नदी के बीच चल रहे खनन कार्य को रुकवाने मौके पर पहुंच गए। स्थानीय लोगों का आरोप है कि सिंचाई विभाग की अनुमति के अनुसार नदी के मध्य भाग में चैनलाइजेशन किया जाना था, लेकिन वास्तविकता में नदी का प्रवाह एक किनारे की ओर मोड़ दिया गया है, जिससे कालोनी सीधे बाढ़ के खतरे की जद में आ गई है। हंगामे की सूचना पर प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और शिकायत की जांच का आश्वासन दिया।

बताया जा रहा है कि उपजिलाधिकारी विकासनगर, सिंचाई विभाग के अधिकारी, पुलिस चौकी झाझरा, ग्राम प्रधान और राजस्व उपनिरीक्षक की मौजूदगी में भी यह सामने आया कि कार्य स्वीकृति के अनुरूप नहीं किया जा रहा है।

जिलाधिकारी से की तत्काल हस्तक्षेप की मांग

त्रिलोकपुरम विकास समिति की ओर से जिलाधिकारी देहरादून को ज्ञापन सौंपकर मामले में त्वरित कार्रवाई की मांग की गई है। समिति के सचिव मुकेश ध्यानी ने बताया कि इस वर्ष नदी का पानी तटबंध से ऊपर होकर कालोनी के कई मकानों तक पहुंच गया था। ऐसे में यदि नदी का रुख इसी तरह बदला गया तो भविष्य में बड़ी आपदा से इनकार नहीं किया जा सकता।

ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि समिति के पदाधिकारियों ने मौके पर जाकर जेसीबी संचालकों और वहां मौजूद प्रतिनिधियों को नियमों के अनुसार कार्य करने को कहा, लेकिन इसके बावजूद नियमविरुद्ध खनन जारी रहा।

आंदोलन की चेतावनी

कालोनीवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए खनन और चैनलाइजेशन कार्य को तत्काल प्रभाव से स्थगित किया जाए। चेतावनी दी गई है कि यदि जनहित और नियमों के अनुरूप कार्रवाई नहीं की गई तो त्रिलोकपुरम विकास समिति को उग्र आंदोलन के लिए मजबूर होना पड़ेगा।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए गए तो टोंस नदी एक बार फिर भारी तबाही का कारण बन सकती है।