Sunday, March 8, 2026
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बड़ी खबर(देहरादून)बीस साल का साइबर अपराधी एसटीएफ के आया चंगुल में ।।

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डिजिटल अरेस्ट ठगी में STF की बड़ी कार्रवाई, ₹47 लाख की साइबर ठगी का इनामी अभियुक्त गिरफ्तार

देहरादून। उत्तराखण्ड STF की साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन देहरादून ने डिजिटल अरेस्ट के जरिए 85 वर्षीय वरिष्ठ नागरिक से ₹47 लाख की साइबर ठगी करने वाले ₹15 हजार के इनामी अभियुक्त अनमोल (20 वर्ष) को करीब 07 माह की कड़ी मशक्कत के बाद गिरफ्तार किया है। अभियुक्त हरियाणा के हिसार जिले का निवासी है।

पुलिस महानिदेशक उत्तराखण्ड दीपम सेठ के निर्देश और आईजी साइबर STF डॉ. नीलेश आनन्द भरणे के पर्यवेक्षण में चलाए जा रहे अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक STF नवनीत सिंह ने बताया कि अगस्त 2024 में दर्ज मामले (FIR 55/2024) में अभियुक्त व उसके गिरोह ने खुद को मुंबई पुलिस व CBI अधिकारी बताकर पीड़ित को डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाया और खातों के “वेरिफिकेशन” के नाम पर RTGS से ₹47 लाख ट्रांसफर करवा लिए।

जांच के दौरान मोबाइल नंबर, बैंक खाते व डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर अभियुक्त की पहचान हुई, लेकिन लगातार ठिकाने बदलने के कारण गिरफ्तारी टलती रही। बाद में न्यायालय से वारंट जारी हुआ और जुलाई 2025 में इनाम घोषित किया गया। अंततः STF टीम ने अभियुक्त को गिरफ्तार कर लिया।

गिरफ्तारी टीम में निरीक्षक देवेंद्र नबियाल, अ0उ0नि0 मुकेश चन्द व हेड कांस्टेबल दिनेश पालीवाल शामिल रहे।

CM धामी अचानक पहुंचे पुलिस स्टेशन, गायब मिले थानेदार साहब; तत्काल किया लाइन हाजिर

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून स्थित डालनवाला पुलिस स्टेशन के औचक निरीक्षण के दौरान थानेदार के ड्यूटी से अनुपस्थित पाए जाने पर तत्काल प्रभाव से उन्हें लाइन हाजिर करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कड़े शब्दों में कहा कि कानून व्यवस्था और जनसेवा जैसे संवेदनशील दायित्वों में किसी भी स्तर की लापरवाही अक्षम्य अपराध है और ऐसे मामलों में तत्काल एवं कठोर कार्रवाई की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि कानून व्यवस्था और जनसेवा से जुड़े पदों पर किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। लापरवाही करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों पर तत्काल और सख़्त कार्रवाई होगी।

औचक निरीक्षण से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। मुख्यमंत्री के सामने थाने की वास्तविक स्थिति, व्यवस्थाओं की खामियां और कर्मचारियों की कार्यशैली खुलकर सामने आई। सीएम के निर्देश पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) देहरादून तत्काल डालनवाला पुलिस स्टेशन पहुंचे। उन्होंने मौके पर स्थिति का जायजा लिया और आवश्यक अनुशासनात्मक कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की।

थाने में स्थित हवालात और परिसर में गंदगी व अव्यवस्था देखकर मुख्यमंत्री ने गहरी नाराज़गी जताई। उन्होंने तुरंत साफ-सफाई और मानकों के अनुरूप व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने क्षेत्र की ट्रैफिक व्यवस्था पर भी असंतोष व्यक्त किया और वाहन जांच, वेरिफिकेशन ड्राइव व अपराध नियंत्रण अभियानों की समीक्षा करते हुए विस्तृत जांच कर जिम्मेदारी तय करने के आदेश दिए।

रिवर्स पलायन को बढ़ावा देने के लिए प्रवासी पंचायतों का राज्यभर में आयोजन किया जाए: मुख्यमंत्री

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ग्रामीण आजीविका बढ़ाने के लिए राज्य सरकार कर रही है ठोस प्रयास

देहरादून: मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री आवास में ग्राम्य विकास एवं पलायन निवारण आयोग, उत्तराखंड की 10वीं बैठक की। उन्होंने कहा कि पलायन की समस्या राज्य के लिए एक चुनौती रही है। पिछले चार- वर्षों में रिवर्स पलायन को प्रोत्साहित करने की दिशा में राज्य सरकार ने कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों की आजीविका के साधन बढ़ाने के लिए अनेक योजनाएं लागू की गई हैं। इन योजनाओं के अंतर्गत स्वरोजगार पर पात्र लाभार्थियों को अनुदान (सब्सिडी) भी प्रदान की जा रही है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति मिल रही है।

प्रवासी पंचायतों और वेडिंग डेस्टिनेशन विकास पर विशेष बल

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि राज्यभर में प्रवासी पंचायतों का आयोजन किया जाए, जिससे देश एवं विदेश में बसे प्रवासियों को आमंत्रित किया जाए। उन्हें राज्य सरकार की रिवर्स पलायन से जुड़ी पहल की जानकारी दी जाए और उनसे सुझाव भी प्राप्त किए जाएं।
मुख्यमंत्री ने आयोग के सदस्यों से अन्य राज्यों में जाकर रिवर्स पलायन के लिए राज्य सरकार द्वारा किए गए कार्यों की जानकारी देने के साथ ही पलायन रोकने और रिवर्स पलायन से जुड़े नवाचारों का अध्ययन करने के निर्देश भी दिए।

उन्होंने कहा कि त्रियुगीनारायण की तर्ज पर राज्य के 25 नए स्थलों को वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में विकसित किया जाए। इन स्थलों में सभी मूलभूत सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जाए। पर्वतीय क्षेत्रों के विकास के लिए लघु उद्योगों के संवर्धन पर भी बल दिया गया।

रिवर्स पलायन की दिशा में उत्साहजनक परिणाम

ग्रामीण विकास एवं पलायन निवारण आयोग के उपाध्यक्ष डॉ. एस.एस. नेगी ने बताया कि राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में अब रिवर्स पलायन का रुझान देखने को मिल रहा है। अब तक लगभग 6282 व्यक्ति वापस अपने गांवों में लौटे हैं। इनमें देश के भीतर और विदेशों से लौटे लोग भी शामिल हैं। अधिकतर लोग पर्यटन एवं लघु उद्योग के क्षेत्र में कार्यरत हैं और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। बैठक में आयोग के सदस्यों ने रिवर्स पलायन को गति देने के लिए कई रचनात्मक सुझाव प्रस्तुत किए।

बैठक में सचिव श्री विनय शंकर पाण्डेय, श्री धीरज गर्ब्याल, डॉ. श्रीधर बाबू अढ़ाई, श्री श्री. रविशंकर, अपर सचिव श्रीमती अनुराधा पाल, डॉ. मेहरबान सिंह बिष्ट, श्री चंद्र सिंह भभूत, श्री संतोष बडोनी, श्री सुरेश जोशी, ग्राम्य विकास एवं पलायन निवारण आयोग के सदस्य श्री अनिल सिंह शाही, श्री दिनेश रावत, श्री सुरेश सुयाल, श्री राम प्रकाश पैन्यूली एवं श्रीमती रजना रावत उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री धामी 22 दिसंबर को अल्मोड़ा आएंगे:22 से 24 दिसंबर तक चलेगा खेल महोत्सव, तैयारियों को लेकर हुई बैठक

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अल्मोड़ा में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के आगामी दौरे और सांसद खेल महोत्सव 2025 की तैयारियों को लेकर एक बैठक आयोजित की गई। यह बैठक स्थानीय सांसद कार्यालय में हुई, जिसकी अध्यक्षता जिलाध्यक्ष महेश नयाल ने की। बैठक में मुख्यमंत्री द्वारा स्वयं खेल महोत्सव के उद्घाटन कार्यक्रम की विस्तृत रूपरेखा तय की गई।

सांसद खेल महोत्सव के तहत 22 से 24 दिसंबर तक तीन दिवसीय खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा। इन प्रतियोगिताओं में फुटबॉल, बॉक्सिंग, कबड्डी, खो-खो, वॉलीबॉल, बैडमिंटन और क्रॉस कंट्री जैसे विभिन्न खेल शामिल होंगे।

बैठक में वक्ताओं ने बताया कि ऐसे आयोजन युवाओं को खेलों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ये खेल अनुशासन, नेतृत्व क्षमता, टीम भावना और सकारात्मक सोच विकसित करने में सहायक होते हैं। साथ ही, युवाओं को नशे और नकारात्मक गतिविधियों से दूर रखकर स्वस्थ और सक्रिय जीवनशैली की ओर प्रेरित करते हैं।

मुख्यमंत्री के स्वागत-सत्कार की तैयारियों के संबंध में नगर अध्यक्ष विनीत बिष्ट ने जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री के आगमन पर मुख्य द्वार से मंच तक पुष्प वर्षा की जाएगी। इसके अतिरिक्त, महिला मोर्चा की पदाधिकारी पारंपरिक वेशभूषा में तिलक लगाकर उनका स्वागत करेंगी। फुटबॉल और बैडमिंटन प्रतियोगिताओं का उद्घाटन हेमवती नंदन बहुगुणा स्टेडियम में किया जाएगा।

इस तैयारी बैठक में पूर्व विधायक कैलाश शर्मा, रघुनाथ सिंह चौहान, मेयर अजय वर्मा, ब्लॉक प्रमुख त्रिलोक रावत, पूर्व जिलाध्यक्ष रवि रौतेला, पूर्व दर्जा राज्य मंत्री बिट्टू कर्नाटक, मंडल प्रभारी देवेंद्र नयाल, जिला उपाध्यक्ष संदीप श्रीवास्तव, महामंत्री दर्शन रावत और मीडिया प्रभारी मनीष जोशी मंटू सहित कई जनप्रतिनिधि, पदाधिकारी, महिला मोर्चा की पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित थे।

दारू पीकर ऑपरेशन का आरोप : युवक की मौत, डॉ. टम्टा पर गंभीर सवाल

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देहरादून के एक निजी अस्पताल में पथरी के ऑपरेशन के बाद युवक की मौत से आक्रोश फैल गया है। परिजनों ने सर्जन डॉ. केके. टम्टा पर नशे की हालत में ऑपरेशन और गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

  • ऑपरेशन टेबल से अर्थी तक: देहरादून में कथित मेडिकल लापरवाही से युवक की जान गई
  • गर्भवती पत्नी और बूढ़े माता-पिता को छोड़ गया युवक, डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप
  • निजी अस्पताल में हंगामा, सर्जन डॉ. केके. टम्टा हिरासत में
  • ‘सच नहीं बताया गया’: मरीज की हालत बिगड़ने पर परिजनों से जानकारी छिपाने का आरोप

देहरादून। उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में एक निजी अस्पताल में हुए पथरी के ऑपरेशन के बाद युवक की मौत ने चिकित्सा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मृतक के परिजनों ने सर्जन डॉ. के.के. टम्टा पर इलाज में घोर लापरवाही, समय पर सही जानकारी न देने और यहां तक कि नशे की हालत में ऑपरेशन करने जैसे बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। युवक की मौत के बाद अस्पताल परिसर में देर रात तक हंगामा होता रहा, जिसके बाद पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा। जानकारी के अनुसार मृतक अजय सोनकर को पित्त की थैली में पथरी की शिकायत थी।

पेट दर्द की समस्या होने पर परिजन उसे डॉ. के.के. टम्टा के निजी क्लीनिक पर दिखाने ले गए थे। वहीं से डॉक्टर की सलाह पर अजय को देहरादून के रायपुर क्षेत्र स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। परिजनों का कहना है कि ऑपरेशन से पहले अजय की हालत सामान्य थी और किसी भी तरह का गंभीर खतरा नहीं बताया गया था। परिजनों का आरोप है कि ऑपरेशन के दौरान भारी लापरवाही बरती गई। उनका कहना है कि ऑपरेशन के बाद अजय की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी, लेकिन अस्पताल प्रशासन और डॉक्टरों ने स्थिति की गंभीरता को छिपाए रखा। जब तक परिजनों को सही जानकारी दी गई, तब तक बहुत देर हो चुकी थी और कुछ ही समय में युवक की मौत हो गई।

परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि ऑपरेशन करने वाले डॉक्टर नशे की हालत में थे, जिसकी निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए। युवक की मौत की खबर फैलते ही परिजन और स्थानीय लोग अस्पताल परिसर में जमा हो गए और जमकर विरोध प्रदर्शन किया। गुस्साए परिजनों ने डॉक्टर और अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की। स्थिति बिगड़ने पर देहरादून पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को नियंत्रित किया। पुलिस ने आरोपी सर्जन डॉ. के.के. टम्टा को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।

मृतक के मामा राजेश ने बताया कि अजय घर का इकलौता कमाने वाला था। ऑपरेशन से पहले किसी तरह के खतरे की बात नहीं कही गई थी, लेकिन ऑपरेशन के बाद अचानक मौत हो जाना साफ तौर पर लापरवाही की ओर इशारा करता है। वहीं मृतक की पत्नी के भाई अनिल ने बताया कि अजय की पत्नी सात माह की गर्भवती है और घर में बुजुर्ग माता-पिता हैं। परिवार के सामने अब रोजी-रोटी और भविष्य का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। उन्होंने सरकार और प्रशासन से आर्थिक सहायता के साथ-साथ दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

दूसरी ओर अस्पताल प्रशासन की ओर से सफाई भी दी गई है। प्राइमस हॉस्पिटल के डायरेक्टर डॉ. जैनेंद्र कुमार का कहना है कि मरीज डॉ. के.के. टम्टा के निजी क्लीनिक से परामर्श के बाद अस्पताल आया था और ऑपरेशन ऑन-कॉल आधार पर अस्पताल की ओटी में किया गया। उनके अनुसार ऑपरेशन के बाद मरीज की पल्स रेट अचानक बढ़ गई और वेंट्रिकुलर कार्डियक अरेस्ट के कारण उसकी मौत हुई। हालांकि परिजन इस दावे से संतुष्ट नहीं हैं और स्वतंत्र जांच की मांग कर रहे हैं।

फिलहाल पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि हो सकेगी। यदि जांच में मेडिकल लापरवाही या अन्य आरोप सही पाए जाते हैं, तो संबंधित डॉक्टर और अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यह मामला एक बार फिर निजी अस्पतालों में इलाज की जवाबदेही और मरीजों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है।

गोलियों की तड़तड़ाहट से दहला कोटाबाग, खड़ी कार पर की गई अंधाधुंध फायरिंग, गांव में दहशत का माहौल

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नैनीताल जिले का कालाढूंगी थाना क्षेत्र शुक्रवार को गोलियों की तड़तड़ाहट से दहल गया. कोटाबाग इलाके की ग्राम सभा पतलिया-गाजा में उस समय हड़कंप मच गया, जब अज्ञात युवक ने खड़ी एक हुंडई कार पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी. फायरिंग की इस सनसनीखेज वारदाद से पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया.

प्राप्त जानकारी के अनुसार कोटाबाग की ग्राम सभा पतलिया-गाजा में सड़क किनारे खड़ी हुंडई कार संख्या UK04 K 2997 को निशाना बनाकर अचानक गोलियां चलाई गईं. घटना के बाद मौके पर 12 बोर का एक खाली कारतूस भी बरामद हुआ है, जिससे फायरिंग की पुष्टि हुई है. गोली चलने की आवाज से आसपास के ग्रामीण घबरा गए थे. कुछ लोग तो भागकर अपने घरों में चले गए थे.

बताया जा रहा है कि फायरिंग करने के बाद आरोपी युवक मौके से फरार हो गया. ग्रामीणों में डर और अफरा-तफरी के माहौल को देखते हुए तत्काल 112 नंबर पर पुलिस को सूचना दी गई. सूचना मिलते ही कालाढूंगी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे क्षेत्र को घेराबंदी कर जांच शुरू कर दी.

पुलिस द्वारा घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया गया है. कार पर फायरिंग के निशानों की जांच की जा रही है. वहीं आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है, ताकि आरोपी की पहचान की जा सके पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि फायरिंग के पीछे कोई पुरानी रंजिश थी या फिर यह किसी और आपराधिक वारदात से जुड़ा मामला है.

घटना को लेकर स्थानीय समाजसेवी महेंद्र पाल ने बताया कि इस तरह की घटनाओं से ग्रामीणों में भय का माहौल बन रहा है. उन्होंने पुलिस प्रशासन से क्षेत्र में गश्त बढ़ाने और आरोपी की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की है. फिलहाल कालाढूंगी थाना पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है. पुलिस का कहना है कि जल्द ही फायरिंग करने वाले युवक की पहचान कर उसे गिरफ्तार किया जाएगा. इलाके में शांति बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है.

उत्तराखंड:मुख्य सचिव ने कहा कि विभागों द्वारा निर्धारित समय सीमा के अंतर्गत सेवाओं को उपलब्ध कराया जाए

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मुख्य सचिव श्री आनन्द बर्द्धन ने आज सचिवालय में सेवा का अधिकार के अंतर्गत संचालित सेवाओं की समीक्षा की। मुख्य सचिव ने कहा कि अधिक से अधिक नागरिक केंद्रित सेवाओं को सेवा का अधिकार एक्ट के दायरे में लाया जाना चाहिए। उन्होंने ITDA को आरटीएस और नॉन आरटीएस 1053 अधिसूचित सेवाओं को शीघ्र ऑनलाइन किए जाने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने कहा कि विभागों द्वारा निर्धारित समय सीमा के अंतर्गत सेवाओं को उपलब्ध कराया जाए। निर्धारित समयावधि में उक्त सेवा प्रदान नहीं की जाती है तो सिस्टम द्वारा अपनेआप उच्च स्तरीय अधिकारी तक पहुंच जाए।

सीएस ने सेवा का अधिकार के तहत विभागों द्वारा दी जा रही सेवाओं की जानकारी अनिवार्य रूप से कार्यालयों के आगे पटल पर प्रदर्शित किए जाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही कहा कि प्रथम एवं द्वितीय अपीलीय प्राधिकारी की जानकारी भी प्रदर्शित की जाए।

मुख्य सचिव ने आयुक्त, सेवा का अधिकार आयोग को सेवा का अधिकार के लिए ड्राफ्ट नियम तैयार किए जाने की बात कही, ताकि इसे और प्रभावी रूप से लागू किया जा सके।

इस अवसर पर सचिव श्री नितेश कुमार झा, आयुक्त सेवा का अधिकार आयोग श्री भूपाल सिंह मनराल एवं निदेशक आईटीडीए श्री आलोक पाण्डेय भी उपस्थित थे।

धामी सरकार की बड़ी कार्यवाही यहां पर बनी अवैध मस्जिद को किया सील

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एक बार फिर धामी सरकार ने बड़ी कार्यवाही की है। धर्म की आड़ में अवैध रूप से निर्मित मस्जिद को सील कर दिया है। दरअसल ये मामला देहरादून का है। इधर थानों में मस्जिद को सील किया गया है। ये मस्जिद अवैध रूप से बनाई गई थी।

धामी सरकार की बड़ी कार्यवाही

धामी सरकार ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। मसूरी–देहरादून विकास प्राधिकरण (MDDA) ने नियमों का उल्लंघन कर बनाई गई एक मस्जिद को सील कर दिया है। बता दें कि मस्जिद बिना नक्शा पास कर बनाई गई थी। जिसके चलते MDDA की टीम ने मौके पर पहुंचकर मस्जिद की पहली मंजिल को सील किया।

अवैध मस्जिद को किया सील

बता दें कि धामी सरकार का मोटिव साफ है कि प्रदेश में अवैध निर्माण या नियमों के खिलाफ बने भवनों पर सख्स रुख अपनाया जाएगा। इसको लेकर सरकार लगातार अवैध निर्माणाधीन भवनों पर कार्यवाही कर रही है।

उत्तराखंड हाईकोर्ट के नए मुख्य न्यायाधीश होंगे मनोज गुप्ता, सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने की संस्तुति

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कॉलेजियम ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के वरिष्ठ न्यायाधीश जस्टिस मनोज कुमार गुप्ता को उत्तराखंड हाईकोर्ट का नया मुख्य न्यायाधीश नियुक्त करने की सिफारिश की है।

सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने देश के पांच उच्च न्यायालयों में नए मुख्य न्यायाधीशों की नियुक्ति के लिए सिफारिशें की हैं। इस सूची में उत्तराखंड उच्च न्यायालय का नाम भी शामिल है।

कॉलेजियम ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के वरिष्ठ न्यायाधीश जस्टिस मनोज कुमार गुप्ता को उत्तराखंड हाईकोर्ट का नया मुख्य न्यायाधीश नियुक्त करने की सिफारिश की है। यह निर्णय 18 दिसंबर 2025 को हुई कॉलेजियम की बैठक में लिया गया। उत्तराखंड हाईकोर्ट के वर्तमान मुख्य न्यायाधीश जी नरेन्दर 9 जनवरी 2026 को सेवानिवृत्त हो रहे हैं। उनके पद छोड़ने के बाद जस्टिस मनोज कुमार गुप्ता कार्यभार संभालेंगे।
 
 

सहकारिता मेले में दिखेगा सांस्कृतिक वैभव, संगीत, नृत्य और परंपरा का संगम

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देहरादून में 20 से 28 दिसंबर 2025 तक रेंजर्स ग्राउंड में सहकारिता मेले का भव्य आयोजन किया जाएगा। मेला प्रतिदिन प्रातः 11 बजे से रात्रि 09 बजे तक आमजन के लिए खुला रहेगा। इस मेले की थीम “सहकारिता से शहरी ग्रामीण एकता” निर्धारित की गई है। मेले को लेकर रेंजर्स ग्राउंड में तैयारियां पूरी हो गई है।

जिलाधिकारी सविन बंसल ने मेले के सफल आयोजन के लिए जिला स्तर पर मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में जिला स्तरीय कार्यान्वयन समिति का गठन किया गया है। समिति द्वारा विभिन्न विभागों को उनके दायित्व सौंपे गए हैं, ताकि मेला सुव्यवस्थित एवं प्रभावी ढंग से आयोजित किया जा सके।

मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह ने बताया कि संयुक्त राष्ट्र महासंघ द्वारा वर्ष 2025 को अंतरराष्ट्रीय सहकारिता वर्ष घोषित किए जाने के उपलक्ष्य में उत्तराखंड सरकार के सहकारिता विभाग द्वारा राज्य के सभी जनपदों में थीम आधारित सहकारिता मेलों के आयोजन का निर्णय लिया गया है। इन मेलों का उद्देश्य सहकारिता की मूल भावना को स्थानीय स्तर पर साकार करना, राज्य की अर्थव्यवस्था में सहकारिता विभाग के योगदान को रेखांकित करना तथा सहकारिता से जुड़े सभी संस्थानों को एक साझा मंच प्रदान करना है।

सहकारिता मेले में विभिन्न विभागों, सहकारी समितियों एवं स्वयं सहायता समूहों द्वारा स्थानीय उत्पादों के आकर्षक एवं विशिष्ट स्टॉल लगाए जाएंगे। मेले में जनपद की सभी स्थानीय सहकारी समितियों, संस्थाओं, स्वयं सहायता समूहों, किसानों एवं काश्तकारों को प्रतिभाग के लिए आमंत्रित किया गया है।

मेले के दौरान प्रत्येक दिवस विषय विशेषज्ञों द्वारा पैनल चर्चाएं, तकनीकी सत्र, निर्यात परामर्श, उत्पाद पैकेजिंग एवं ब्रांडिंग, प्रशिक्षण सत्र, युवा उद्यमिता संवाद, स्टार्टअप एवं तकनीकी समाधान, किसान गोष्ठी, श्वेत क्रांति एवं दुग्ध क्रांति, डिजिटल साक्षरता, फूड स्टॉल, ई-कॉमर्स, वित्तीय समावेशन तथा महिला सशक्तिकरण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विशेष सत्र आयोजित किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त विभिन्न प्रतियोगिता, मनोरंजन, झूले एवं मेले में उत्तराखंड की समृद्ध लोक संस्कृति को दर्शाते रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए जाएंगे, जो आगंतुकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहेंगे।

सहकारिता मेला न केवल सहकारिता आंदोलन को नई दिशा देगा, बल्कि शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों के बीच आर्थिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक समन्वय को भी मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।