Saturday, March 7, 2026
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हल्द्वानी: मुखानी थाना क्षेत्र में दो सगे भाई सुनील और मनोज की संदिग्ध मौत, इलाके में सनसनी

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हल्द्वानी के मुखानी थाना क्षेत्र अंतर्गत बच्ची नगर के पास एक घर में दो सगे भाइयों सुनील और मनोज की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत से हड़कंप मच गया। घटना की सूचना मिलते ही सीओ सिटी पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे, वहीं फोरेंसिक टीम ने भी घटनास्थल की गहन जांच शुरू की।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार दोनों भाई घर के अंदर मृत अवस्था में मिले। आसपास के लोगों ने जब यह दृश्य देखा तो तुरंत पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने क्षेत्र को घेराबंदी कर सुरक्षित किया और साक्ष्य जुटाने का काम शुरू किया।

स्थानीय लोगों का कहना है कि दोनों भाई अक्सर शराब का सेवन करते थे, हालांकि पुलिस इस पहलू सहित सभी संभावित कारणों की जांच कर रही है। फिलहाल मौत के कारणों का खुलासा नहीं हो पाया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फोरेंसिक जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

मामले की जांच अलग-अलग बिंदुओं पर की जा रही है और पुलिस ने कहा है कि किसी भी संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। जांच पूरी होने के बाद ही आगे की कार्रवाई और निष्कर्ष सामने आएंगे।

डीएम ने परखी रेनबसेरों की व्यवस्था; नगर निगम को दिए आवश्यक दिशा-निर्देश

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जिलाधिकारी सविन बंसल ने लालपुल स्थित नगर निगम के रैनबसेरा का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने रैनबसेरा में उपलब्ध मूलभूत सुविधाओं का जायजा लेते हुए संबंधित अधिकारियों को समुचित व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने रैनबसेरा में प्रतिदिन ठहरने वाले निराश्रित व्यक्तियों की जानकारी ली, जिस पर बताया गया कि विगत एक सप्ताह से प्रतिदिन लगभग 15 से 19 निराश्रित लोग रैनबसेरा में रात्रि विश्राम कर रहे हैं। जिलाधिकारी ने रैनबसेरा परिसर में नियमित साफ-सफाई बनाए रखने तथा रहने वाले व्यक्तियों को स्वच्छ वातावरण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

 

जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि शहर के सभी रैनबसेरों में शौचालय, पेयजल, प्रकाश, बिस्तर सहित अन्य आवश्यक मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध रहें एवं साफ-सफाई व्यवस्था में किसी प्रकार की लापरवाही न हो। उन्होंने शीतलहर के दृष्टिगत निर्देश दिए कि निराश्रित एवं बेसहारा व्यक्तियों को रैनबसेरों में सुरक्षित रूप से ठहराया जाए तथा शहर के चिन्हित सार्वजनिक स्थलों पर अलाव की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

जिलाधिकारी ने कहा कि शीतकाल में निराश्रितों की सुरक्षा एवं सुविधा प्रशासन की प्राथमिकता है तथा इस संबंध में सभी विभाग आपसी समन्वय से कार्य करें। निरीक्षण के दौरान मुख्य नगर आयुक्त नगर निगम नमामी बंसल, उप जिलाधिकारी सदर हरिगिरि सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

औचक निरीक्षण में कार्रवाई: गैरहाजिर प्रधानाध्यापक निलंबित, सहायक अध्यापक सेवानिवृत्त

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गैरहाजिर प्रधानाध्यापक निलंबित शिक्षक को किया सेवानिवृत्त

स्कूल में अनियमितताएं मिलने पर डीईओ ने की कार्रवाई

रुद्रपुर। विभाग को बिना सूचना दिए स्कूल से गैरहाजिर रहने पर जिला शिक्षाधिकारी ने जसपुर के राजकीय प्राथमिक विद्यालय इस्लामनगर के प्रधानाध्यापक को निलंबित कर दिया। इसी विद्यालय में सेवा विस्तार का लाभले रहे सहायक अध्यापक को सेवानिवृत्ति दे दी है।

सोमवार सुबह 11 बजे डीईओ हरेंद्र कुमार मिश्रा ने जसपुर के राजकीय प्राथमिक विद्यालय इस्लामनगर का औचक निरीक्षण किया। प्रधानाध्यापक सौरभ कुमार के बना सूचना दिए अनुपस्थित रहने व विद्यालय में कक्षा व परिसर में गंदगी, अन्य अध्यापकों को अनुशासनहीनता में सहयोग देने के लिए उनको निलंबित कर उप शिक्षाधिकारी कार्यालय से संबद्ध कर दिया है।

स्कूल की दैनिक पंजिका में छात्रों की उपस्थिति कम थी, मध्यान्ह भोजन में उपयोग होने वाले चावल व अन्य सामग्री का भी भंडारण नहीं था। इस पर डीईओ ने विद्यालय में सेवा विस्तार का लाभ ले रहे सहायक अध्यापक भूरे सिंह के सत्रांत लाभको तत्काल प्रभाव से निरस्त कर कार्यमुक्त कर दिया।

विद्यालय में अनियमितताएं मिलने पर सहायक अध्यापक को सेवानिवृत्त व प्रधानाध्यापक पर बिना सूचना गैरहाजिर मिलने पर निलंबन की कार्रवाई की है। निलंबित शिक्षक को उपशिक्षाधिकारी कार्यालय से अटैच किया गया है। – हरेंद्र कुमार मिश्रा, डीईओ

बार-बार क्यों होता है सिरदर्द? जानें नेचुरल तरीके से सिरदर्द से छुटकारा कैसे पाएं

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एक्सपर्ट्स के अनुसार, कई कारण है जिससे सिरदर्द हो सकता है, कुछ सावधानियां बरतने से इस समस्या को कम करने में मदद मिल सकती है…

सिरदर्द कभी न कभी हर किसी को परेशान करता है. सिरदर्द के कारण हर इंसान में अलग-अलग हो सकते हैं. यह एक आम समस्या बन गई है. मौसम में बदलाव से भी सिरदर्द हो सकता है. नींद की कमी, खराब लाइफस्टाइल, गलत बैठने का तरीका, पानी की कमी, ज्यादा शराब पीना और स्ट्रेस भी सिरदर्द का कारण बन सकते हैं. इससे अक्सर समस्या और बढ़ जाती है. बहुत से लोग सिरदर्द से छुटकारा पाने के लिए कई तरह के उपाय करते हैं. वे दर्द निवारक दवाएं लेते हैं. जो लोग ज्यादा परेशान होते हैं, वे डॉक्टर से सलाह लेते हैं. लेकिन एक्सपर्ट्स के अनुसार, सिरदर्द के कुछ आम कारण लाइफस्टाइल से जुड़े होते हैं. आइए जानते हैं कि वे क्या हैं.

  • डिहाइड्रेशन: अगर आपको बिना किसी साफ वजह के सिरदर्द हो रहा है, तो एक्सपर्ट्स रोजाना पानी पीने की मात्रा चेक करने की सलाह देते हैं. वे कहते हैं कि शरीर में पानी का लेवल थोड़ा भी कम होने पर सिरदर्द हो सकता है. इसके अलावा, जब शरीर में पानी की कमी होती है, तो दिमाग अस्थायी रूप से सिकुड़ जाता है. एक्सपर्ट्स के अनुसार, इससे दिमाग खोपड़ी से दूर खिंच सकता है, जिससे दर्द होता है. पर्याप्त पानी पीने से यह संतुलन फिर से बन जाता है, और नतीजतन, दर्द कम हो जाता है. नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ की एक स्टडी में कहा गया है कि डिहाइड्रेशन से सिरदर्द हो सकता है.
  • अनियमित खाने की आदतें: एक्सपर्ट्स का कहना है कि खाना स्किप करने से भी सिरदर्द हो सकता है. जिन्हें बार-बार सिरदर्द होता है, उन्हें इस बात का ध्यान रखना चाहिए. एक्सपर्ट्स के अनुसार, कुछ लोगों को कार्बोहाइड्रेट और मीठी चीजें खाने के बाद भी सिरदर्द हो सकता है. अगर आपको ऐसा होता है, तो इन चीजों से बचना ही बेहतर है.
  • गलत पोस्चर: एक्सपर्ट्स का कहना है कि गलत तरीके से बैठने और खड़े होने से सिर, गर्दन, जबड़े और ऊपरी पीठ की मांसपेशियों पर दबाव पड़ता है. अगर आप लंबे समय तक इस पोस्चर को बनाए रखते हैं, तो यह उन हिस्सों की नसों को दबा सकता है. इससे सिरदर्द हो सकता है. क्लीवलैंड क्लिनिक की एक स्टडी में भी कहा गया है कि गलत पोस्चर सिरदर्द का कारण हो सकता है.
  • नींद की कमी: एक्सपर्ट्स का कहना है कि पर्याप्त नींद न लेने या सात से आठ घंटे की नींद न लेने से सिरदर्द हो सकता है. वे यह भी कहते हैं कि सोने से पहले दांत ब्रश न करने और सोने से पहले सख्त खाना चबाने से भी सिरदर्द हो सकता है. इसके अलावा, अगर तकिया सही नहीं है, तो यह कंधे और गर्दन की मांसपेशियों पर दबाव डाल सकता है, जिससे सिरदर्द हो सकता है.
  • स्मोकिंग और शराब पीने की आदतें: एक्सपर्ट्स का कहना है कि रात में धूम्रपान और शराब पीने से नींद खराब हो सकती है. वे यह भी कहते हैं कि शराब पीने से बार-बार पेशाब आता है. पेशाब के साथ नमक, विटामिन और मिनरल्स भी शरीर से बाहर निकल जाते हैं. इससे शरीर में पानी और मिनरल्स का संतुलन बिगड़ सकता है और सिरदर्द हो सकता है. मेयो क्लिनिक की एक स्टडी के अनुसार, शराब, खासकर रेड वाइन, सिरदर्द को ट्रिगर कर सकती है.
  • स्वास्थ्य समस्याएं: एक्सपर्ट्स का कहना है कि सर्दी, एलर्जी और वायु प्रदूषण के कारण होने वाली सांस लेने की समस्याओं से भी सिरदर्द हो सकता है. इसके अलावा, तनाव और चिंता से हार्मोनल असंतुलन हो सकता है. इससे सिरदर्द और दर्द हो सकता है.

नेचुरल तरीके से सिरदर्द से छुटकारा कैसे पाएं

  • nhs.uk की एक स्टडी में सिरदर्द होने पर ज्यादा पानी पीने की सलाह दी गई है. एक्सपर्ट्स का कहना है कि छाछ जैसे लिक्विड पीना सबसे अच्छा होता है.
  • कानों के आस-पास, माथे और सिर की मालिश करने की भी सलाह दी जाती है. नाक के ऊपरी हिस्से से नीचे की ओर मालिश करने और दबाव डालने से ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है और सिरदर्द से राहत मिलती है. कानों के पीछे मालिश करने से भी सिरदर्द में कुछ राहत मिल सकती है.
  • एक्सपर्ट्स का कहना है कि सांस लेने की एक्सरसाइज से सिरदर्द कम करने में मदद मिल सकती है. उनका कहना है कि ऐसा करने से ब्लड सर्कुलेशन और दिमाग में ऑक्सीजन की सप्लाई बेहतर होती है. इससे सिरदर्द कम करने में मदद मिल सकती है.
  • एक्सपर्ट्स कुर्सी पर बैठते समय अपनी पीठ सीधी रखने की सलाह देते हैं. वे यह भी सलाह देते हैं कि आपके पैर फर्श के समानांतर होने चाहिए.
  • एक्सपर्ट्स का कहना है कि सोने से पहले धूम्रपान और शराब पीने से बचना सबसे अच्छा है.

अल्मोड़ा : सीएम पुष्कर धामी ने प्रातः काल भ्रमण के दौरान लोगों से चाय पर चर्चा कर “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” लिया फीडबैक

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मुख्यमन्त्री पुष्कर सिंह धामी ने जनपद अल्मोड़ा के दो दिवसीय दौरे पर आज प्रातः काल भ्रमण के दौरान स्थानीय लोगों से चाय पर चर्चा कर “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” अभियान का फीडबैक लिया। लोगों ने इस कार्यक्रम की सराहना करते हुए सरकार का धन्यवाद किया।

निश्चित तौर पर इस अभियान से जनता और शासन के बीच विश्वास, संवाद एवं सहभागिता और अधिक सशक्त हो रही है। इस पहल से सरकार सीधे आमजन से जुड़कर उनकी समस्याओं को समझ रही है और उनका त्वरित समाधान सुनिश्चित कर रही है।

इस दौरान दिल्ली से आए पर्यटकों से मुलाक़ात कर उनके शीतकाल यात्रा अनुभव को जाना। उनसे मिला सकारात्मक फीडबैक हमें जनहित में अहर्निश कार्य करने की प्रेरणा प्रदान करता है।

रजत जयंती वर्ष में नैनीसैनी एयरपोर्ट का विस्तार उत्तराखंड के विकास की दिशा में ऐतिहासिक कदम : पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज

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प्रदेश के माननीय पर्यटन मंत्री श्री सतपाल महाराज अपने दो दिवसीय जनपद भ्रमण कार्यक्रम के अंतर्गत आज पिथौरागढ़ पहुंचे। इस अवसर पर उन्होंने नैनीसैनी एयरपोर्ट के विस्तारीकरण एवं उन्नयन कार्यों का स्थलीय निरीक्षण कर संबंधित अधिकारियों से प्रगति की विस्तृत जानकारी प्राप्त की।

निरीक्षण के दौरान माननीय मंत्री ने कहा कि उत्तराखंड राज्य के रजत जयंती वर्ष में नैनीसैनी एयरपोर्ट का विकास राज्य सरकार की एक ऐतिहासिक एवं दूरदर्शी उपलब्धि है। उन्होंने बताया कि 9 नवंबर 2025 को उत्तराखंड राज्य स्थापना की रजत जयंती समारोह के अवसर पर राज्य सरकार एवं भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) के मध्य नैनीसैनी एयरपोर्ट, पिथौरागढ़ के अधिग्रहण एवं विकास हेतु एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। यह MoU देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की गरिमामयी उपस्थिति में संपन्न हुआ, जो इस परियोजना के महत्व को दर्शाता है।

माननीय मंत्री ने जानकारी दी कि इस समझौते के अंतर्गत AAI द्वारा नैनीसैनी एयरपोर्ट का चरणबद्ध तरीके से विस्तार एवं आधुनिकीकरण किया जाएगा, जिससे भविष्य में बड़े विमानों का संचालन संभव हो सकेगा। वर्तमान में यह एयरपोर्ट लगभग 70 एकड़ भूमि पर विकसित है, जबकि 72 सीटर विमानों के नियमित संचालन के लिए लगभग 50 से 53 हेक्टेयर अतिरिक्त भूमि की आवश्यकता होगी। उन्होंने बताया कि भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है तथा शीघ्र ही इसे पूर्ण कर लिया जाएगा, ताकि विकास कार्यों में किसी प्रकार की बाधा न आए।

माननीय पर्यटन मंत्री ने कहा कि वर्तमान में पिथौरागढ़ से दिल्ली के लिए 42 सीटर विमान (एलायंस एयर) की हवाई सेवा सप्ताह में तीन दिन सफलतापूर्वक संचालित की जा रही है। इस सेवा से न केवल देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों को सुविधा मिल रही है, बल्कि स्थानीय नागरिकों, व्यापारियों, छात्रों एवं मरीजों को भी आवागमन में उल्लेखनीय राहत मिली है।

उन्होंने कहा कि नैनीसैनी एयरपोर्ट के पूर्ण विकास के पश्चात पिथौरागढ़ जनपद देश के प्रमुख महानगरों से सीधे तौर पर जुड़ सकेगा। इससे जनपद के पर्यटन क्षेत्र को अभूतपूर्व बढ़ावा मिलेगा। आदि कैलाश, ओम पर्वत, मुनस्यारी, धारचूला, चंडाक, अस्कोट सहित अन्य प्रमुख पर्यटन एवं धार्मिक स्थलों तक पहुंच आसान होने से पिथौरागढ़ पर्यटन मानचित्र पर एक महत्वपूर्ण गंतव्य के रूप में उभरेगा।

माननीय मंत्री ने यह भी कहा कि एयरपोर्ट का विकास केवल पर्यटन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इससे व्यापार, रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं एवं आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में भी व्यापक सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। आपातकालीन परिस्थितियों में हवाई संपर्क सुदृढ़ होने से राहत एवं बचाव कार्यों को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा।

एयरपोर्ट निरीक्षण के उपरांत माननीय पर्यटन मंत्री श्री सतपाल महाराज ने विकास भवन सभागार में आयोजित जनसुनवाई कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस दौरान उन्होंने जनसामान्य एवं पार्टी कार्यकर्ताओं से भेंट कर उनकी समस्याएं, सुझाव एवं मांगें सुनीं तथा संबंधित अधिकारियों को जनहित से जुड़े मामलों का शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

इस दौरान जिलाध्यक्ष भाजपा गिरीश जोशी, जिला पंचायत अध्यक्ष जितेंद्र प्रसाद, मेयर नगर निगम कल्पना देवलाल, जिलाधिकारी आशीष भटगांई, पुलिस अधीक्षक रेखा यादव, सीडीओ डॉ0 दीपक सैनी, समेत पार्टी कार्यकर्ता विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

अवैध प्लॉटिंग पर एमडीडीए का कड़ा प्रहार, शहर की सुनियोजित विकास नीति पर कोई समझौता नहीं

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अवैध निर्माण और भू-माफिया के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’, सख्त कार्रवाई जारी

शहर और आसपास के क्षेत्रों का विकास मास्टर प्लान और निर्धारित मानकों के अनुरूप ही होगा- बंशीधर तिवारी

मसूरी–देहरादून विकास प्राधिकरण द्वारा प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध प्लॉटिंग के विरुद्ध सख्त रुख अपनाते हुए ध्वस्तीकरण की कार्यवाही लगातार जारी है। एमडीडीए की टीमों द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में बिना स्वीकृति विकसित की जा रही कॉलोनियों, अवैध प्लॉटिंग, अनधिकृत सड़क कटान और नियमों के विपरीत किए गए निर्माणों को चिन्हित कर त्वरित कार्रवाई की जा रही है। प्राधिकरण का स्पष्ट संदेश है कि शहर और आसपास के क्षेत्रों का विकास केवल निर्धारित मानकों और स्वीकृत मास्टर प्लान के अनुरूप ही होगा। एमडीडीए को लगातार शिकायतें प्राप्त हो रही थीं कि कुछ भू-माफिया और निजी डेवलपर्स नियमों को दरकिनार कर कृषि भूमि एवं अन्य श्रेणी की भूमि पर अवैध प्लॉटिंग कर रहे हैं। इन गतिविधियों से न केवल शहर की भौगोलिक संरचना और पर्यावरण को नुकसान पहुंच रहा है, बल्कि आम नागरिकों को भी भ्रमित कर अवैध रूप से भूखंड बेचे जा रहे हैं। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए एमडीडीए ने विशेष प्रवर्तन टीमें गठित की हैं, जो नियमित रूप से क्षेत्रवार निरीक्षण कर रही हैं।

प्राधिकरण की कार्रवाई के दौरान कई स्थानों पर अवैध रूप से विकसित की जा रही कॉलोनियों में बनाई गई आंतरिक सड़कें, बाउंड्री वॉल और प्लॉटिंग के अन्य ढांचे ध्वस्त किए गए। एमडीडीए ने स्पष्ट किया कि भविष्य में भी इस तरह की कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी और किसी भी स्तर पर दबाव या प्रभाव को स्वीकार नहीं किया जाएगा। आम नागरिकों से भी अपील की गई है कि वे किसी भी भूमि या भूखंड की खरीद से पहले उसकी वैधानिक स्थिति की जांच अवश्य करें और एमडीडीए से स्वीकृति की पुष्टि करें। अवैध प्लॉटिंग न केवल शहरी अव्यवस्था को बढ़ावा देती है, बल्कि जल निकासी, यातायात, हरित क्षेत्र और बुनियादी सुविधाओं पर भी नकारात्मक प्रभाव डालती है। इसी को देखते हुए प्राधिकरण ने अवैध प्लॉटिंग और निर्माण के विरुद्ध ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति अपनाई है। प्रवर्तन कार्यवाही के साथ-साथ संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ नियमानुसार नोटिस, सीलिंग और विधिक प्रक्रिया भी अमल में लाई जा रही है। एमडीडीए यह भी सुनिश्चित कर रहा है कि भविष्य में ऐसी गतिविधियों की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए नियमित मॉनिटरिंग, ड्रोन सर्वे और स्थानीय स्तर पर सूचना तंत्र को मजबूत किया जाए। प्राधिकरण का उद्देश्य केवल ध्वस्तीकरण नहीं, बल्कि आमजन में नियमों के प्रति जागरूकता बढ़ाना और सुनियोजित, सुरक्षित व पर्यावरण संतुलित विकास को बढ़ावा देना है।

उपाध्यक्ष एमडीडीए बंशीधर तिवारी का बयान
मसूरी–देहरादून विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध प्लॉटिंग और अनधिकृत निर्माण के खिलाफ किसी भी प्रकार की नरमी नहीं बरती जाएगी। शहर और आसपास के क्षेत्रों का विकास मास्टर प्लान और निर्धारित मानकों के अनुरूप ही होगा। जो लोग नियमों को ताक पर रखकर अवैध प्लॉटिंग कर रहे हैं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। आम नागरिकों से अपील है कि वे किसी भी प्रकार की भूमि खरीदने से पहले उसकी वैधानिक स्थिति की पुष्टि एमडीडीए से अवश्य करें, ताकि भविष्य में किसी तरह की परेशानी से बचा जा सके।

सचिव एमडीडीए मोहन सिंह बर्निया का बयान
एमडीडीए के सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि अवैध प्लॉटिंग के खिलाफ चल रही कार्रवाई पूरी तरह नियमों के अनुरूप और पारदर्शी है। प्रवर्तन टीमें नियमित रूप से क्षेत्रीय निरीक्षण कर रही हैं और जहां भी अनियमितता पाई जा रही है, वहां तत्काल कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि प्राधिकरण का उद्देश्य दंड देना नहीं, बल्कि शहर का सुनियोजित और सुरक्षित विकास सुनिश्चित करना है।

हल्द्वानी: रेलवे ट्रैक पर मिला 2 वर्षीय मासूम, बच्चा है सुरक्षित, परिजनों की तलाश जारी

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हल्द्वानी में उस वक्त हड़कंप मच गया जब रेलवे स्टेशन के पास रेलवे ट्रैक के पास एक करीब दो वर्षीय मासूम बच्चा अकेला मिला। बताया जा रहा है कि बच्चा लगभग दो घंटे पहले ट्रैक के किनारे भटकता हुआ पाया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल थाना बनभूलपुरा जीआरपी, हल्द्वानी रेलवे स्टेशन को सूचना दी गई।

फिलहाल मासूम बच्चा पूरी तरह सुरक्षित है और उसे जवाहर नगर स्थित आरा मशीन पर रखा गया है। बच्चे की देखरेख अनस वारसी कर रहे हैं। सूचना के अनुसार बच्चे के परिजनों की तलाश जारी है। अल्पसंख्यक आयोग के पूर्व उपाध्यक्ष मजहर नईम नवाब भी परिजनों को ढूंढने का प्रयास कर रहे हैं।

प्रशासन और पुलिस से अपील की गई है कि संबंधित थाना क्षेत्र सक्रिय होकर बच्चे के परिजनों तक जल्द से जल्द पहुंचने का प्रयास करे। वहीं स्थानीय लोगों से भी अनुरोध है कि यदि कोई व्यक्ति बच्चे के माता-पिता या परिजनों के बारे में जानकारी रखता हो तो तुरंत सूचना दे। संपर्क नंबर 8193810151

जनता दर्शन बना भरोसे का मंच: डीएम ने 171 शिकायतों पर त्वरित समाधान, शिक्षा-भरण पोषण-धोखाधड़ी मामलों में सख्त कार्रवाई

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जिलाधिकारी सविन बसंल ने सोमवार को ऋषिपर्णा सभागार में आयोजित जनता दर्शन कार्यक्रम के दौरान जन समस्याएं सुनी। जनता दरबार में दूर दराज से बडी संख्या में पहुंचे लोगों ने भूमि विवाद, भूमि का पट्टा निर्गत करने, आपसी विवाद, मारपीट, ऋण माफी, मुआवजा, आर्थिक सहायता, स्कूल फीस, भरण पोषण आदि से जुड़ी 171 समस्याएं जिलाधिकारी के समक्ष रखी। जिलाधिकारी ने बारी बारी से सबकी समस्याएं सुनी और कई मामलों का मौके पर ही निस्तारण किया और विभागों से संबंधित कुछ प्रकरणों को इससे जुड़े विभागों को अग्रसारित करते हुए विधि सम्मत त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

गरीब, असहाय बिहार निवासी महिला रीना देवी ने डीएम को अपनी व्यथा सुनाते हुए बताया कि उनका 11 वर्ष का बेटा कुछ बोल और सुन नहीं पाता है। अपने पुत्र को पढ़ाना चाहती हूॅ। मजदूरी करके किसी तरह परिवार का पालन पोषण हो रहा है। स्कूल की फीस देने में सक्षम नहीं हूॅ। इस पर जिलाधिकारी ने जिला प्रोबेशन एवं समाज कल्याण अधिकारी को बालक का स्पेशल चाइल्ड विद्यालय में निःशुल्क दाखिला करवाने के निर्देश दिए।

आर्थिक संकट से जूझ रही बंजारावाला निवासी रश्मि चौहान ने अपने दो बच्चों की फीस माफ करने की गुहार पर जिला शिक्षा अधिकारी को प्रश्नगत प्रकरण पर संबंधित विद्यालयों से वार्ता करते हुए फीस का समाधान करने और बच्चों की पढ़ाई हर हाल में जारी रखवाने के निर्देश दिए।

जन सुनवाई में पहुंचे 70 वर्षीय बुजर्ग बीमार एवं दिव्यांग मदन सिंह ने अपनी पीडा सुनाते हुए कहा कि मेरे बच्चों एवं पत्नी द्वारा मेरे साथ धोखा करके फर्जी तरीके से मुझे मेरी ही संपत्ति से बेदखल कर दिया है। उन्होंने जीवन यापन हेतु सुरक्षा देने और जमीन पर कब्जा दिलाने की मांग पर डीएम ने मौके पर ही भरण पोषण में वाद दर्ज कराया।

पति द्वारा प्रताड़ित पत्नी मंगला सिंह ने बताया कि उनके पति ने मारपीट कर उनको दो वर्ष पूर्व घर से निकाल दिया है। पूर्व में मुकदमे के बाद पति द्वारा भरण पोषण भत्ता मिलता था, जिससे वो गुजारा करती थी। लेकिन पिछले 05 महीनों से पति द्वारा भरण पोषण भत्ता न दिए जाने और जान से मारने की धमकी दी जा रही है। इस पर एसडीएम और सीओ प्रेम नगर को पीडित महिला को त्वरित न्याय दिलाने के निर्देश दिए।

गाजियाबाद निवासी विकास ने बताया कि भूमि के एवज में अनुबंध पत्र पर जालसाजी करके उनके साथ 07 लाख की धोखाधड़ी की गई है। अपने पैसे वापस मांगने पर अब जान से मारने की धमकी दे रहे है। इस पर जिलाधिकारी मौके पर दूसरे पक्ष के विरुद्ध एफआईआर दर्ज करवाई।

सहसपुर से होरावाला-कोटडा तक तीन वर्ष पहले बसों का संचालन बंद होने पर कुछ समय पहले से टाटा मैजिकों का संचालन भी बंद होने से इलाके में ग्रामीणों को आवागमन में हो रही परेशानी की शिकायत पर रोडवेज परिवहन को तत्काल बसों के संचालन हेतु आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।

सेलाकुई नगर पालिका के पर्यावरण मित्र सौरभ ने विगत पांच महीनों से वेतन न मिलने की ईओ नगर पालिका को संबंधित ठेकेदार के विरुद्ध एक्शन लेते हुए पर्यावरण मित्रों का मानदेय भुगतान कराने के निर्देश दिए।

शाकुम्भरी गौ रक्षा सेवा समिति के पदाधिकारियों ने निराश्रित गौवंश के आश्रय के लिए भूमि उपलब्ध कराने की मांग पर एसडीएम और सीवीओ को भूमि चयन करते हुए गौवंश संचालन हेतु तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।
ग्राम पंचायत कांडी च्यामा गाता के अंतर्गत ग्राम गाता में जल जीवन मिशन के तहत स्वीकृत पेयजल योजना के टैंक व चौंबर का निर्माण न होने के बावजूद पेयजल लाइन का भुगतान करने की शिकायत पर सीडीओ को जल जीवन मिशन के नोडल अधिकारी से 05 जनवरी तक रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। ग्राम भट्ोवाला ऋषिकेश में बिला जल कनेक्शन के पानी के बिल जारी किए जाने शिकायत पर सीडीओ को जांच सौंपी।

ग्राम धनपौ से लोहारी तक दैवीय आपदा से क्षतिग्रस्त पैदल मार्ग की मरम्मत न होने की शिकायत पर एसडीमए चकराता को पैदल मार्ग की मरम्मत का प्रस्ताव शीघ्र उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

ग्राम भट्ोवाला में लोक निर्माण विभाग द्वारा निर्मित सार्वजनिक मार्ग पर अवैध कब्जा करते हुए दीवार निर्माण करने तथा मार्ग को निजी भूमि बताने की शिकायत पर एसडीएम ऋषिकेश एवं एक्शन लोनिवि को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। अजबपुर कलां में सरकारी भूमि पर कब्जा करने की शिकायत पर उप नगर आयुक्त को तत्काल अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए।

जन सुनवाई में मोहना निवासी मोहन सिंह, सुशीला देवी, कालू राम आदि ने बताया कि 50-60 वर्षाे से मजदूरी करते हुए मोहना में निवास करते है। उन्होंने भूमि का पट्टा दिलाए जाने की गुहार लगाई। इस दौरान पीडित लोगों ने भूमि का सीमांकन, रजिस्ट्री, अवैध कब्जा हटवाने से जुड़ी तमाम शिकायतें और समस्याएं जिलाधिकारी के समक्ष रखी। जनता दरबार में एसडीमए स्मृता परमार, एसडीएम अपूर्वा सिंह, एसडीएम विनोद कुमार, परियोजना निदेशक विक्रम सिंह, जिला प्रोबेशन अधिकारी मीना बिष्ट, जिला समाज कल्याण अधिकारी दीपांकर घिल्डियाल सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद थे।

स्कूलों में गूंजेंगे श्रीमद्भागवत गीता के श्लोक, धामी सरकार ने किया अनिवार्य

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‘देवभूमि’ उत्तराखंड में स्कूली शिक्षा को लेकर सरकार ने एक बड़ा और अहम फैसला लिया है। राज्य सरकार ने प्रदेश के सभी स्कूलों में श्रीमद्भागवत गीता के श्लोकों का पाठ अनिवार्य कर दिया है। इस निर्णय का उद्देश्य नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति, नैतिक मूल्यों और जीवन जीने की कला से परिचित कराना है।

क्या है नया आदेश?

शिक्षा विभाग द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, यह व्यवस्था राज्य के सभी सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूलों में लागू की जाएगी। यद्यपि अभी विस्तृत रूपरेखा सामने आनी बाकी है, लेकिन माना जा रहा है कि स्कूलों में सुबह की प्रार्थना सभा (मॉर्निंग असेंबली) के दौरान छात्रों द्वारा गीता के श्लोकों का सस्वर पाठ किया जाएगा। यह पाठ दैनिक दिनचर्या का हिस्सा होगा।

सरकार का तर्क – नैतिक मूल्यों का होगा विकास

सरकार का मानना है कि श्रीमद्भागवत गीता केवल एक धार्मिक ग्रंथ तक सीमित नहीं है, बल्कि यह संपूर्ण मानवता के लिए जीवन जीने का एक मार्गदर्शक दर्शन है। सरकार का तर्क है कि आज के प्रतिस्पर्धी दौर में छात्रों को मानसिक तनाव से निपटने के लिए गीता की शिक्षाएं मददगार साबित होंगी।

कर्तव्य बोध – गीता कर्म प्रधान ग्रंथ है, जो छात्रों को उनके कर्तव्यों के प्रति जागरूक करेगा।

सांस्कृतिक जुड़ाव: इससे बच्चे अपनी जड़ों और प्राचीन भारतीय ज्ञान परंपरा से जुड़ सकेंगे।

उत्तराखंड सरकार के इस कदम को शिक्षा में सांस्कृतिक मूल्यों को शामिल करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है। कई शिक्षाविदों और सामाजिक संगठनों ने इस फैसले का स्वागत किया है, उनका कहना है कि इससे छात्रों के चरित्र निर्माण में मदद मिलेगी।
हालाँकि, शिक्षा के धर्मनिरपेक्ष ढांचे में किसी एक धार्मिक ग्रंथ को अनिवार्य करने पर कुछ स्तरों पर बहस छिड़ने की भी संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है।

बहरहाल, अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि इस आदेश का जमीनी स्तर पर किस तरह से क्रियान्वयन किया जाता है और स्कूली पाठ्यक्रम के साथ इसका सामंजस्य कैसे बैठाया जाएगा।