Wednesday, January 21, 2026
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देहरादून : बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने शीतकालीन यात्रा के लिए श्रद्धालुओं को दिया आमंत्रण…

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बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने नये वर्ष की शुभकामनाओं के साथ शीतकालीन यात्रा के लिए श्रद्धालुओं को दिया आमंत्रण

देहरादून: 1 जनवरी। श्री बदरीनाथ – केदारनाथ मंदिर समिति ( बीकेटीसी) अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने देश विदेश के तीर्थयात्रियों को नये वर्ष की शुभकामनाएं देते हुए शीतकालीन यात्रा हेतु आमंत्रण दिया,कहा कि यात्रा वर्ष 2026के मद्देनज बीकेटीसी यात्रा कार्ययोजनाएं बनायेगी। कहा कि नया वर्ष सबके जीवन में सुख, समृद्धि,उलास और निरंतर प्रगति लेकर आये ऐसी मंगलकामना की है उन्होंने भगवान बदरीविशाल एवं भगवान केदारनाथ जी से सबके कल्याण की कामना की है साथ ही श्री बदरीनाथ केदारनाथ धाम के 31 दिसंबर के फोटो भी जारी किये।

बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने बताया कि अभी तक 17 हजार से अधिक श्रद्धालु श्री बदरीनाथ तथा श्री केदारनाथ धाम के शीतकालीन पूजा स्थलों में दर्शनार्थ पहुंच चुके है। 31 दिसंबर तक श्री नृसिंह मंदिर ज्योतिर्मठ में 4452 श्रद्धालु दर्शन को पहुंचे वहीं श्री योगबदरी पांडुकेश्वर में 467 तीर्थयात्रियों ने दर्शन किये,इसी तरह भगवान केदारनाथ जी के शीतकालीन गद्दीस्थल श्री ओंकारेश्वर मंदिर उखीमठ में 12430 तीर्थयात्रियों ने दर्शन कर लिए है इस तरह यह संख्या 17349 पहुंच गयी है।

हेमंत द्विवेदी ने कहा कि देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी का ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ के मूल मंत्र को प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जी ने नये वर्ष के प्रारंभ से पहले ही आत्मसात किया है। वर्तमान में “जन जन की सरकार जन जन के द्वार” कार्यक्रम से समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक शासकीय योजनाओं का लाभ पहुंच रहा है।

श्री बदरीनाथ–केदारनाथ धाम की परंपराएं, आस्था और सेवा-भावना हमारी पहचान हैं। यात्रा वर्ष 2026 हेतु श्री बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति तीर्थयात्रियों की सुविधा, व्यवस्थाओं के सुदृढ़ीकरण तथा शीतकालीन यात्रा के प्रोत्साहन जैसे प्रयास निरंतर आगे बढ़ रहे हैं।

न्यू ईयर पर अल्मोड़ा में सनसनी: जंगल से मिला नर कंकाल, जेब में मिली पर्ची से हुई पहचान, 2 माह से बागेश्वर में खोज रहा था परिवार

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नए साल के पहले ही दिन अल्मोड़ा के बिनसर में एक व्यक्ति का कंकाल मिला है। जंगल में पड़े इस कंकाल को सबसे पहले वहां से गुजर रहे लोगों ने देखा, जिसके बाद पुलिस और वन विभाग को सूचना दी गई।

सूचना मिलते ही पुलिस, वन विभाग और पटवारी टीम मौके पर पहुंची। घटनास्थल की स्थिति को देखते हुए शुरुआत में यह स्पष्ट हो गया कि शव काफी पुराना है और जंगली इलाके में लंबे समय से पड़ा हुआ था।

जांच के दौरान मिले एक पर्चे से कंकाल की पहचान गोविंद लाल (55) के रूप में हुई, जो बीते करीब दो महीनों से लापता थे। जांच में सामने आया है कि परिवार लगातार उन्हें बागेश्वर में तलाश रहा था। अब पुलिस और वन विभाग की टीम मौत के कारणों की विस्तृत जांच में जुटी है।

नंदा-सुनंदा; बालिकाओं की शिक्षारूपी पूजा से जिला प्र्रशासन ने शुरू किया वर्ष का पहला दिन

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नववर्ष के प्रथम दिवस जिला प्रशासन देहरादून द्वारा समाज के अंतिम छोर पर खड़ी जरूरतमंद बालिकाओं के जीवन में शिक्षा की नई किरण प्रज्वलित की गई। जिला कलेक्टेªट सभागार में आयोजित कार्यक्रम में प्रोजेक्ट नंदा-सुनंदा के अंतर्गत 04 बालिकाओं की बाधित शिक्षा को 1.55 लाख धनराशि से पुनर्जीवित किया गया। इस अवसर पर जिलाधिकारी श्री सविन बंसल द्वारा बालिकाओं को शिक्षा सहायता हेतु चेक वितरित किए गए।
जिलाधिकारी ने अवगत कराया कि प्रोजेक्ट नंदादृसुनंदा के अब तक 11वां संस्करण आयोजित किए जा चुके हैं, जिनके माध्यम से 33.50 लाख रुपये की सहायता से 93 बालिकाओं की शिक्षा पुनर्जीवित की गई है। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी सविन बंसल ने कहा कि नववर्ष की शुरुआत हम सभी पूजा-अर्चना से करते हैं, ऐसे में वर्ष के प्रथम दिवस जरूरतमंद नंदा-सुनंदा बालिकाओं की शिक्षा पुनर्जीवित कर कार्य की शुरुआत करना अत्यंत संतोष और पुण्य का कार्य है। उन्होंने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री जी के स्पष्ट निर्देश एवं निरंतर प्रयास रहते हैं कि समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े बुजुर्गों, महिलाओं एवं बच्चों को जनकल्याणकारी योजनाओं से आच्छादित किया जाए। इसके लिए जिलों को स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप योजनाएं सृजित करने निर्देश दिए गए हैं।
जिलाधिकारी ने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन एवं सहयोग से जनपद देहरादून में प्रोजेक्ट नंदा-सुनंदा सहित कई महत्वपूर्ण सामाजिक सरोकारों से जुड़े नवाचारात्मक प्रोजेक्ट संचालित किए जा रहे हैं। उन्होंने बालिकाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि जीवन में परिस्थितियाँ आती रहती हैं, उनसे घबराने की आवश्यकता नहीं है, बल्कि साहस एवं संकल्प के साथ उनका सामना करते हुए आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रशासन का यह सहयोग तभी सार्थक होगा जब बालिकाएं लक्ष्य निर्धारित कर पूरी निष्ठा और परिश्रम के साथ शिक्षा जारी रखेंगी। उन्होंने अपेक्षा की कि भविष्य में सक्षम होने के उपरांत बालिकाएं अन्य जरूरतमंदों की सहायता हेतु आगे आएँगी तथा समाज सेवा, संवेदनशीलता एवं सहयोग की भावना को आत्मसात करेंगी। जिलाधिकारी ने आश्वस्त किया कि सरकार एवं जिला प्रशासन बालिकाओं के उज्ज्वल भविष्य के लिए सदैव सहयोगी रहेगा। कार्यक्रम के दौरान लाभान्वित बालिकाओं ने भावुक होकर जिला प्रशासन एवं सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया।
बालिका नंदनी राजपूत ने बताया कि वर्ष 2018 में उनके पिता का दुर्घटना में निधन हो गया था। वह तीन बहनें हैं और माता सिलाई-बुनाई कर परिवार का भरण-पोषण करती हैं। आर्थिक तंगी के कारण 11वीं कक्षा की फीस जमा न हो पाने से उनकी शिक्षा बाधित हो रही थी, जिसे जिला प्रशासन ने पुनर्जीवित किया। बालिका दिव्या ने बताया कि उनके पिता दुर्घटना में दिव्यांग हो गए थे और लगभग 18 माह तक बेड पर रहे, जिससे परिवार की आर्थिक स्थिति अत्यंत कमजोर हो गई। गरीबी उनकी पढ़ाई में बाधा बनने लगी थी, ऐसे में जिला प्रशासन द्वारा उनकी 9वीं कक्षा की शिक्षा पुनर्जीवित की गई। आकांशी धीमान ने बताया कि परिवार की खराब आर्थिक स्थिति के कारण उनकी 8वीं कक्षा की पढ़ाई बाधित हो रही थी, जिसे जिला प्रशासन की सहायता से पुनः सुचारू किया गया। नव्या नैनवाल ने बताया कि पिता की मृत्यु के उपरांत परिवार पर गहरा आर्थिक संकट आ गया था और उनकी शिक्षा उनके परिजन पर बोझ बन गई थी, जिसे जिला प्रशासन ने संवेदनशीलता के साथ पुनर्जीवित किया।
इसके अतिरिक्त दून विश्वविद्यालय से स्नातक कर रही जीविका अंथवाल ने बताया कि उनके पिता लंबे समय से गंभीर रूप से बीमार हैं और आईसीयू में भर्ती हैं। आर्थिक स्थिति अत्यंत कमजोर होने के कारण उनकी उच्च शिक्षा बाधित हो रही थी। अपनी व्यथा सुनाते हुए वह भावुक हो उठीं और बताया कि जिला प्रशासन के सहयोग से उनकी शिक्षा पुनर्जीवित हो सकी है। कार्यक्रम का समापन लाभार्थी बालिकाओं द्वारा सरकार, माननीय मुख्यमंत्री एवं जिलाधिकारी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए किया गया।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, जिला कार्यक्रम अधिकारी जितेन्द्र कुमार, जिला प्रोबेशन अधिकारी मीना बिष्ट, जिला शिक्षा अधिकारी प्रेमलाल भारती सहित सीडीपीओ, आंगनबाड़ी कार्यकत्री तथा बालिओं के अभिभावक उपस्थित रहे।

अच्छी खबर परिवहन निगम के बेड़े में शामिल हुईं 112 नई बसें, सीएम ने दिखाई हरी झंडी

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उत्तराखंड में परिवहन निगम के बेड़े में 112 नई बसें शामिल हुई है। देहरादून में सीएम धामी ने बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

सीएम ने कहा कि नए साल पर आज हमारे लिए यह खुशी और गर्व की बात है कि हम ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन के बेड़े में नई बसें शामिल हुई हैं। इससे हमारे राज्य का ट्रांसपोर्ट सिस्टम और मज़बूत होगा और देश भर से राज्य में आने वाले यात्रियों के लिए सुविधा होगी।

खुशखबरी: नए साल में शिक्षा विभाग में होंगी बंपर भर्तियां, 6000 नौकरियां देगी सरकार

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देहरादून: साल 2026 में प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ एवं आधुनिक बनाने की दिशा में नई शिक्षा नीति-2020 (एनईपी-2020) के तहत एक व्यापक कार्ययोजना तैयार की जा रही है. इस कार्ययोजना का मुख्य उद्देश्य प्रदेश में शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार, सकल नामांकन अनुपात बढ़ाना और विद्यालयी शिक्षा में प्रदर्शन ग्रेडिंग सूचकांक रैंकिंग को देशभर में दो अंकों से नीचे तक पहुंचाना है.

इसके लिये शैक्षणिक ढांचे, मानव संसाधन, डिजिटल शिक्षा और पाठ्यक्रम में बड़े स्तर पर सुधार किए जाएंगे. शिक्षा विभाग द्वारा विद्या समीक्षा केन्द्र को अपग्रेड करते हुए प्रदेश के शत-प्रतिशत विद्यालयों को इससे जोड़ा जाएगा, जिससे सभी विद्यालयों का शैक्षणिक, प्रशासनिक एवं आधारभूत ढांचे से संबंधित डाटा एक क्लिक पर उपलब्ध हो सकेगा. इससे नीतिगत निर्णयों को अधिक प्रभावी और समयबद्ध तरीके से लागू किया जा सकेगा.

नई कार्ययोजना का सबसे अहम और प्रमुख बिंदु शिक्षा विभाग में बड़े पैमाने पर भर्ती है. वर्ष 2026 में प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा के विभिन्न संवर्गों में 6000 से अधिक रिक्त पदों को भरा जाएगा. प्राथमिक शिक्षा विभाग में सहायक अध्यापक (बेसिक) के 1670 रिक्त पदों, सहायक अध्यापक के पदों पर भर्ती की प्रक्रिया जारी है. वहीं माध्यमिक शिक्षा विभाग में प्रवक्ता के 808 पदों पर भर्ती चल रही है, जबकि सहायक अध्यापक एलटी के एक हजार से अधिक पदों को नए वर्ष में भरा जाएगा.

इसके अलावा समग्र शिक्षा के अंतर्गत 324 लेखाकार सह सपोर्टिंग स्टाफ, 161 विशेष शिक्षक, 95 कैरियर काउंसलर तथा विद्या समीक्षा केन्द्र के 18 पदों पर नियुक्ति की जाएगी. शिक्षा विभाग के विभिन्न कार्यालयों और विद्यालयों में चतुर्थ श्रेणी कार्मिकों के 2364 रिक्त पदों को आउटसोर्स के माध्यम से भरा जाएगा. इस बड़े स्तर की भर्ती से विद्यालयों में शिक्षकों की कमी दूर होगी और शिक्षण व्यवस्था को मजबूती मिलेगी.

एनईपी-2020 के तहत एससीईआरटी द्वारा तैयार नई राज्य पाठ्यचर्या को लागू किया जाएगा. इसमें विद्यालयी शिक्षा के साथ-साथ व्यावसायिक शिक्षा पर विशेष फोकस किया गया है. प्रभावी क्रियान्वयन के लिये 240 दिवस का शैक्षणिक सत्र निर्धारित किया गया है, जिसमें 200 शिक्षण दिवस, 20 दिवस परीक्षा व मूल्यांकन तथा 10-10 दिवस बस्ता रहित एवं अन्य गतिविधियों के लिये रखे गए हैं. कक्षा 11 से विद्यार्थियों को अपनी रुचि के अनुसार विषय चुनने की स्वतंत्रता दी जाएगी.

राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद और जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थानों के ढांचे का पुनर्गठन किया जाएगा. इसके लिये यूजीसी मानकों के अनुरूप सेवा नियमावली तैयार कर पृथक शिक्षक संवर्ग का गठन किया जाएगा, जिससे शिक्षक प्रशिक्षण की गुणवत्ता में सुधार होगा.

डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देते हुए प्रदेश के 840 राजकीय विद्यालयों को वर्चुअल क्लास नेटवर्क से जोड़ा जाएगा. हाइब्रिड मोड में वर्चुअल और स्मार्ट क्लास के माध्यम से पढ़ाई कराई जाएगी, जिससे सीमांत क्षेत्रों के विद्यार्थियों को भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सकेगी.

Dehradun: डोईवाला में हादसा, लोहाघाट से देहरादून आ रही रोडवेज बस में लगी भीषण आग, 15 लोग थे सवार

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देहरादून के डोईवाला में तड़के हादसा हो गया। लोहाघाट से देहरादून आ रही एक बस में अचानक आग लग गई। इस दौरान चीख पुकार मच गई। गनीमत रही कि सभी सवारियां सुरक्षित हैं।

जानकारी के अनुसार, घटना तड़के चार बजे की है। लालतप्पड़ साईं मंदिर के सामने पहुंचते ही बस ने अचानक आग पकड़ ली। आग लगती देख हड़कंप मच गया। बस में 15 सवारियां थीं। आग लगने की खबर लगते ही ड्राइवर ने सूझबूझ दिखाते हुए बस को साइड में लगाया और सभी सवारियों को उतारा। सूचना पर पहुंची फायर ब्रिगेड की टीम ने किसी तरह आग पर काबू पाया।

नैनीताल में रात में घर में लगी आग:युवती की जलने से मौत, पिता गंभीर रूप से झुलसे

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नैनीताल जिले के रामगढ़ ब्लॉक अंतर्गत दियारी गांव में बुधवार देर रात एक दर्दनाक हादसा हो गया। अज्ञात कारणों से घर में आग लगने से 19 वर्षीय युवती की जलकर मौत हो गई, जबकि उसे बचाने पहुंचे पिता गंभीर रूप से झुलस गए।

प्राप्त जानकारी के अनुसार दियारी निवासी गोविंद लाल के मकान में रात करीब 11 बजे एक कमरे में अचानक आग लग गई। उस समय कमरे में उनकी 19 वर्षीय बेटी मीना आर्य मौजूद थीं, जबकि गोविंद लाल पास के कमरे में खाना खा रहे थे। आग लगते ही उन्होंने बेटी को बचाने का प्रयास किया, लेकिन इस दौरान वह भी आग की चपेट में आकर झुलस गए।

घटना की सूचना मिलते ही आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और पुलिस को जानकारी दी। सूचना के बाद क्वारब चौकी पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों के सहयोग से आग बुझाने का प्रयास किया। चौकी प्रभारी एसआई मनोज अधिकारी ने बताया कि आग की चपेट में आने से मीना आर्य की मौके पर ही मौत हो गई।

घटना की गंभीरता को देखते हुए नैनीताल से अग्निशमन वाहन भी मौके पर पहुंचा, जिसके बाद आग पर पूरी तरह काबू पाया जा सका। फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है और पूरे मामले की जांच की जा रही है।

घटना के बाद गांव में शोक का माहौल है।

नैनीताल और मसूरी में लोगों ने किया नए साल का ग्रेंड वेलकम, जश्न में डूबे रहे लोग

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नैनीताल और मसूरी में नव वर्ष के स्वागत की पार्टियों की धूम रही. सैलानियों ने एक दूसरे को गले लगाकर नए का ग्रेंड वेलकम किया.

मसूरी/नैनीताल: नववर्ष 2025 के स्वागत में ‘पहाड़ों की रानी’ मसूरी पूरी तरह जश्न के रंग में रंगी नजर आई. 31 दिसंबर की रात से लेकर नए साल के पहले दिन तक मसूरी में देश-विदेश से आए हजारों पर्यटकों ने ठंड के बीच उत्साह और उल्लास के साथ नववर्ष का जश्न मनाया. माल रोड, केम्पटी फॉल, गनहिल और लाइब्रेरी क्षेत्र में देर रात तक रौनक बनी रही. लोगों ने नए साल पर प्रदेश और देश की सुख-समृद्धि की कामना की और एक-दूसरे को शुभकामनाएं दी. नैनीताल में कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला, जहां सैलानियों ने न्यू ईयर सेलिब्रेट किया.

मसूरी में नववर्ष के मौके पर मसूरी के होटल, गेस्ट हाउस और होमस्टे लगभग फुल रहे. हालांकि कुछ सोशल मीडिया पोस्ट में पहाड़ों के जाम और भीड़ की तस्वीरें सामने आने से कुछ पर्यटकों ने अपनी बुकिंग रद्द की, लेकिन इसके बावजूद ओवरऑल पर्यटन कारोबार संतोषजनक रहा. होटल और रेस्टोरेंट संचालकों ने पर्यटकों के स्वागत में विशेष पैकेज, लाइव म्यूजिक, डीजे नाइट और पारंपरिक पहाड़ी व्यंजनों की व्यवस्था की थी, जिसका पर्यटकों ने भरपूर आनंद लिया. नए साल के जश्न को शांतिपूर्ण और सुरक्षित बनाने के लिए मसूरी पुलिस पूरी तरह मुस्तैद रही.

पुलिस क्षेत्राधिकारी मनोज असवाल के नेतृत्व में माल रोड सहित प्रमुख इलाकों में मार्च पास्ट किया गया. उन्होंने बताया कि नववर्ष के मद्देनजर मसूरी में 3 इंस्पेक्टर, 26 सब इंस्पेक्टर और 60 कांस्टेबल तैनात किए गए थे. इसके अलावा पीएसी के दो बैटैलियन भी सुरक्षा व्यवस्था में लगाए गए. पुलिस ने हुड़दंग मचाने वालों और सार्वजनिक स्थानों पर शराब पीने वालों पर कड़ी नजर रखी. खुले में शराब पीते पाए जाने पर कई लोगों के खिलाफ चालान और कार्रवाई भी की गई.

एसडीएम मसूरी राहुल आनंद और पालिकाध्यक्ष मीरा सकलानी ने बताया कि प्रशासन की प्राथमिकता रही कि पर्यटकों को सुरक्षित, सुगम और यादगार अनुभव मिले. कड़ी सुरक्षा, सुंदर सजावट, ठंडी हवाओं के बीच पहाड़ी व्यंजनों की खुशबू और रंगीन बाजारों ने मसूरी को नववर्ष के लिए खास बना दिया.

विश्व नगर प्रसिद्ध जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क व सरोवर नगरी नैनीताल में नए साल का जश्न इस बार खासा उत्साह और उमंग के साथ मनाया गया. सरोवर नगरी नैनीताल से लेकर कॉर्बेट पार्क तक पर्यटकों की भारी आमद देखने को मिली. देश–विदेश से आए सैलानियों ने शुद्ध और शांत वातावरण के बीच प्रकृति की गोद में नए वर्ष 2026 का स्वागत किया. नए साल के मौके पर कॉर्बेट पार्क और उसके आसपास स्थित सरकारी व निजी रिसॉर्ट्स पूरी तरह से गुलजार नजर आए. पर्यटकों ने जंगल सफारी, प्राकृतिक सौंदर्य और वन्यजीवों के बीच नए साल का जश्न मनाया. खास बात यह रही कि इस दौरान पर्यावरण संरक्षण का भी विशेष ध्यान रखा गया और प्लास्टिक मुक्त नए साल का संदेश दिया गया.

उत्तराखंड पत्रकार महासंघ ने मनाया नव वर्ष मिलन कार्यक्रम

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कार्यक्रम में नव निर्वाचित प्रेस क्लब अध्यक्ष एवं महामंत्री को बुके देकर किया सम्मानित

देहरादून। नव वर्ष की पावन बेला पर आज उज्जवल रेस्तरां में उत्तराखंड पत्रकार महासंघ ने नव वर्ष मिलन कार्यक्रम आयोजित किया। जिसमें सभी पत्रकार साथियों ने महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष श्री निशीथ सकलानी को पुष्प गुच्छ भेंट कर उन्हें नव वर्ष की बधाई दी ।

श्री सकलानी ने कार्यक्रम में उपस्थित सभी सदस्यों का आभार व्यक्त करते हुए उन्हें नववर्ष की शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड पत्रकार महासंघ सदैव पत्रकार हितों के लिए मांग उठाता आ रहा है। उन्होंने महासंघ के सभी सदस्यों से अपेक्षा व्यक्ति की है की शासन व सरकार में बेहतर समन्वय स्थापित करें ताकि पत्रकार हितों के लिए अपना अमूल्य योगदान देने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर सकें। इस मौके पर उत्तरांचल प्रेस क्लब की निर्वाचित कार्यकारिणी को बधाई देते हुए महासंघ के नव वर्ष कार्यक्रम में प्रतिभाग करने पर नव निर्वाचित अध्यक्ष अजय राणा व महासचिव योगेश सेमवाल को बुके देकर महासंघ की ओर से उन्हें शुभकामनाएं दी गई और उनसे अपेक्षा व्यक्ति की कि महासंघ के सदस्यों को भी उत्तरांचल प्रेस क्लब की सदस्यता दिलाने में अध्यक्ष एवं महासचिव भविष्य में अपनी अहम भागीदारी प्रस्तुत करेंगे।

कार्यक्रम में महासंघ की वरिष्ठ पदाधिकारी बीना उपाध्याय, प्रदेश सचिव सुभाष कुमार, जिला अध्यक्ष कैलाश सेमवाल, जिला महासचिव कृपाल सिंह बिष्ट, जिला कोषाध्यक्ष टीना वैश्य, घनश्याम जोशी, जिला उपाध्यक्ष राकेश भट्ट, राजेंद्र सिंह सिराडी, इंद्रेश्वरी, मंमगाई, यशराज आनंद, राजेश बहुगुणा,भूपेंद्र भट्ट,हेमंत शर्मा, धन सिंह बिष्ट, ओमी पाल, विनोद ममगाईं, आजाद सिंह, मदन उपाध्याय, शादाब त्यागी आदि लोग शामिल थे।

सीएम धामी के नेतृत्व में 2025: उत्तराखंड के स्वास्थ्य योद्धाओं ने रचा सेवा का नया इतिहास

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सीएम धामी के नेतृत्व में 2025: उत्तराखंड के स्वास्थ्य योद्धाओं ने रचा सेवा का नया इतिहास

‘हेल्थ हीरो ईयर’ — चारधाम यात्रा और आपदाओं में स्वास्थ्य व्यवस्था बनी राज्य की सबसे मजबूत ढाल

हिमालय केवल पर्वतों की श्रृंखला नहीं, बल्कि धैर्य, साहस और सहनशक्ति की कठोर परीक्षा है। वर्ष 2025 में उत्तराखंड ने इस परीक्षा को स्वास्थ्य सेवाओं के मोर्चे पर पूरे आत्मविश्वास और समर्पण के साथ पार किया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत के कुशल नेतृत्व में राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था ने दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों को चुनौती देते हुए असाधारण कार्य किया।

चाहे चारधाम यात्रा के दौरान लाखों श्रद्धालुओं की स्वास्थ्य सुरक्षा हो या मॉनसून में आई प्राकृतिक आपदाओं के बीच जीवन रक्षा—स्वास्थ्य विभाग हर परिस्थिति में अग्रिम पंक्ति में डटा रहा। यह केवल सरकारी आंकड़ों की उपलब्धि नहीं, बल्कि उन डॉक्टरों, नर्सों, पैरामेडिकल कर्मियों, एंबुलेंस चालकों और फील्ड स्टाफ की सेवा गाथा है, जिन्होंने बर्फ, बारिश और जोखिम के बीच मानवता को सर्वोपरि रखा। यही कारण है कि वर्ष 2025 उत्तराखंड के इतिहास में ‘हेल्थ हीरो ईयर’ के रूप में दर्ज हुआ।

आस्था के मार्ग पर स्वास्थ्य सुरक्षा का अभेद्य कवच

वर्ष 2025 की चारधाम यात्रा ने नया कीर्तिमान स्थापित किया। केदारनाथ, बद्रीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री में 47 लाख से अधिक श्रद्धालु पहुंचे। इतनी विशाल संख्या में यात्रियों की स्वास्थ्य सुरक्षा सुनिश्चित करना किसी बड़े अभियान से कम नहीं था। इसे ध्यान में रखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने यात्रा से पूर्व ही बहुस्तरीय कार्ययोजना लागू की।

13 भाषाओं में जारी हेल्थ एडवाइजरी में हृदय रोग, उच्च रक्तचाप, डायबिटीज़, ऊँचाई से जुड़ी बीमारियों और आपात स्थितियों से जुड़ी सावधानियों की जानकारी दी गई, जो पिछले वर्षों की तुलना में लगभग 20 प्रतिशत अधिक प्रभावी साबित हुई। देहरादून, हरिद्वार, टिहरी और पौड़ी को ट्रांजिट मेडिकल हब के रूप में विकसित कर यात्रा से पहले ही स्क्रीनिंग और काउंसलिंग सुनिश्चित की गई।

49 स्थायी इकाइयाँ, 20 मोबाइल रिस्पॉन्स पोस्ट

चारधाम मार्ग पर 49 स्थायी चिकित्सा इकाइयों के साथ 20 मोबाइल रिस्पॉन्स पोस्ट तैनात की गईं, जिन्होंने दुर्गम और जोखिमपूर्ण क्षेत्रों में तत्काल चिकित्सा सहायता प्रदान की। स्क्रीनिंग कियोस्क की संख्या 50 से बढ़ाकर 57 की गई। इन केंद्रों पर 10,69,792 यात्रियों की जांच की गई, जिनमें 28,323 सह-रोगी चिन्हित हुए। समय पर परामर्श और उपचार ने कई संभावित आपात स्थितियों को टाल दिया।

बर्फीली ऊँचाइयों पर आधुनिक चिकित्सा की विजय

केदारनाथ धाम में स्थापित 17 बेड का अत्याधुनिक अस्पताल यात्रा 2025 की बड़ी उपलब्धि रहा। ऑक्सीजन थेरेपी, आईसीयू और इमरजेंसी सुविधाओं से युक्त इस अस्पताल ने सैकड़ों श्रद्धालुओं को नया जीवन दिया।
स्थानीय स्तर पर 31 विशेषज्ञ डॉक्टर, 200 चिकित्सा अधिकारी और 381 पैरामेडिकल कर्मी तैनात रहे। रोस्टर सिस्टम के तहत अन्य जिलों, भारत सरकार और मेडिकल कॉलेजों से भी विशेषज्ञों की तैनाती की गई। यह एक ऐसी राष्ट्रीय स्वास्थ्य टीम थी, जो 24×7 अलर्ट मोड में कार्यरत रही।

आंकड़ों में झलकती सेवा की व्यापकता

चारधाम यात्रा 2025 के दौरान—

  • कुल ओपीडी मरीज: 4,78,189

  • इमरजेंसी केस: 51,719

  • दुर्घटना में घायल: 8,450

  • एंबुलेंस रेफरल: 963

  • हेलीकॉप्टर रेफरल: 43

154 एंबुलेंस और AIIMS ऋषिकेश की हेली-एम्बुलेंस ने समय पर गंभीर मरीजों को उच्च चिकित्सा केंद्रों तक पहुंचाया। ‘104 हेल्थ हेल्पलाइन’ पर 32,242 कॉल्स का त्वरित समाधान किया गया।

जागरूकता से सुरक्षा तक

इलाज के साथ-साथ जागरूकता को भी प्राथमिकता दी गई। होटल, धर्मशाला और घोड़ा-खच्चर संचालकों के लिए हाई-रिस्क अलर्ट वर्कशॉप आयोजित की गईं। यात्रा मार्ग पर फ्लेक्स, डिजिटल स्क्रीन और होर्डिंग्स के माध्यम से “यात्रा से पहले चेकअप, जिंदगी का पहला कदम” जैसे संदेश लगातार प्रसारित किए गए।

आपदाओं में भी सेवा का संकल्प

मॉनसून के दौरान उत्तरकाशी, चमोली, बागेश्वर और रुद्रप्रयाग में आई आपदाओं में स्वास्थ्य टीमें बिना रुके सक्रिय रहीं। 50 से अधिक मोबाइल मेडिकल कैंप लगाए गए और गंभीर घायलों को हेली-एम्बुलेंस से उच्च चिकित्सा केंद्रों तक पहुंचाया गया।

‘वल्नरेबल केयर’ बना जीवन रक्षक

बच्चों, गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों और क्रॉनिक मरीजों के लिए विशेष ‘वल्नरेबल केयर प्रोटोकॉल’ लागू किया गया। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में हाई-रिस्क व्यक्तियों को प्राथमिकता से सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया और विशेष देखभाल उपलब्ध कराई गई।

नेतृत्व की आवाज

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि 2025 स्वास्थ्य सेवाओं की मानवीय प्रतिबद्धता का प्रतीक है।
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने इसे सतत प्रयासों का परिणाम बताया।
स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा कि नीति, नेतृत्व और संवेदना के समन्वय ने हिमालय जैसी चुनौतियों को भी संभव बना दिया।

निष्कर्ष:
चारधाम यात्रा और आपदाओं के बीच बचाई गई हर सांस, हर जीवन—यही वर्ष 2025 की सबसे बड़ी उपलब्धि है। यह केवल एक साल की कहानी नहीं, बल्कि भविष्य के लिए उत्तराखंड की प्रेरणादायक स्वास्थ्य गाथा है।