Thursday, March 5, 2026
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मन की बात के 112वां संस्करण को पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ सुनते कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी

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मन की बात के 112वां संस्करण को पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ सुनते कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी

देहरादून: कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने रविवार को हाथीबड़कला स्थित कैंप कार्यालय देहरादून में मसूरी विधानसभा क्षेत्र के बूथ संख्या 72 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मासिक रेडियो कार्यक्रम “मन की बात” का 112वां संस्करण को पार्टी कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों के साथ सुना।

कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मन की बात कार्यक्रम में पेरिस ओलिंपिक, मैथ्स ओलंपियाड, टाइगर डे, वनों के संरक्षण और स्वतंत्रता दिवस पर बात की। प्रधानमंत्री ने देशवासियों के मां के नाम पेड़ लगाने के अभियान से जुड़ने की अपील की ओर ड्रग्स से निपटने तथा लोकल प्रोडक्ट को बढ़ावा के लिए अपने यहां के लोकल प्रोडक्ट को #माई प्रोडक्ट माई प्राइड के नाम से सोशल मीडिया पर अपलोड करने और पेरिस ओलिंपिक में अपने खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाने सहित कई महत्वपूर्ण विषयों पर देशवासियों को संबोधित किया।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने कहा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आवाहन पर शुरू हुए एक पेड़ मां के नाम अभियान के अंतर्गत देशभर में करोड़ों की संख्या में वृक्षारोपण किया जा रहा है। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अपील के बाद आज पूरा देश 15 अगस्त को हर घर तिरंगा अभियान में जुड़ कर पूरा देश तिरंगामय होता है। कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि लोकल उत्पादों को बढ़ावा देने प्रदेश सरकार द्वारा स्थानीय उत्पादों को जीआई टैग की कार्यवाही की जा रही है। जिससे लोकल उत्पादों को अंतराष्ट्रीय बाजार उपलब्ध हो सके।

उन्होंने कहा कि समूह के माध्यम से महिलाओं के सशक्तिकरण और उनकी आजीविका बढ़ाने के लिए केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा अनेक जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित की जा रहा है।उन्होंने कहा कि आज समूह में माध्यम से महिलाएं आत्मनिर्भर बन रही हैं। कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के मासिक रेडियो कार्यक्रम “मन की बात” में लोगों को अनेक प्रकार की विभिन्न जानकारी मिलती है और लोगों को समाज के लिए अनेक कार्य करने की प्रेरणा देता है। उन्होंने सभी से मन की बात कार्यक्रम को अवश्य सुनने की भी अपील की।

इस अवसर पर डॉ. ए.के.श्रीवास्तव, डॉ.अमोली, डॉ. बबिता सहोत्रा, हेमराज, मनोहर भंडारी, सुशील नैनवाल, मोहन बहुगुणा, प्रदीप सजवाण सहित पार्टी कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

सीएम धामी ने दिए डीएम को निर्देश, आपदा प्रभावित क्षेत्रो के लोगों को सुरक्षित स्थानों पर करें शिफ्ट

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सीएम धामी ने दिए डीएम को निर्देश, आपदा प्रभावित क्षेत्रो के लोगों को सुरक्षित स्थानों पर करें शिफ्ट

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने टिहरी के बाल गंगा व बूढ़ा केदार में हुई भारी बारिश और भूस्खलन के संबंध में विधायक घनसाली शक्ति लाल शाह और डीएम मयूर दीक्षित से राहत एवं बचाव कार्यों के बारे में जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने डीएम को निर्देश दिए कि प्रभावित क्षेत्र के संवेदनशील गांवों को तत्काल चिन्हित कर लोगों को सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट किया जाए।

बता दें कि भूस्खलन होने से गांव के 50 से अधिक परिवारों को प्रशासन ने राजकीय इंटर कॉलेज विनयखाल में आपदा राहत शिविर में रखा है। यहां पर 70 से अधिक लोगों ने आपदा राहत शिविर में शरण ली है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गढ़वाल आयुक्त विनय शंकर पांडेय और टिहरी डीएम मयूर दीक्षित को राहत एवं बचाव कार्य प्रभावी तरीके से चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रभारी मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल को घटनास्थल पर पहुंचकर भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र के हालात की समीक्षा करने को कहा। सीएम ने टिहरी प्रशासन को निर्देश दिए कि प्रभावित क्षेत्र के संवेदनशील गांवों को तत्काल चिह्नित कर प्रभावितों को सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट किया जाए।

मुख्यमंत्री धामी ने यह भी निर्देश दिए कि स्थानीय निवासियों के साथ ही मवेशियों एवं अन्य पालतू पशुओं को भी सुरक्षित स्थानों पर रखे जाने की व्यवस्था की जाए। उन्होंने जिलाधिकारी को निर्देश दिए कि राहत कैंप में बिजली, पेयजल इत्यादि की व्यवस्था प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित की जाए और पीड़ितों को अनुमन्य राहत राशि भी तुरंत प्रदान की जाए।

बालगंगा एवं बूढ़ाकेदार के आपदा प्रभावित क्षेत्र में राहत एवं बचाव कार्य

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बालगंगा एवं बूढ़ाकेदार के आपदा प्रभावित क्षेत्र में राहत एवं बचाव कार्य

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भिलंगना विकासखंड के बालगंगा एवं बूढ़ाकेदार क्षेत्र में हुई भारी बारिश और भूस्खलन को लेकर लगातार विधायक घनसाली शक्ति लाल शाह एवं जिला अधिकारी टिहरी गढ़वाल मयूर दीक्षित से राहत एवं बचाव कार्यों के बारे में लगातार जानकारी ले रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन को तिनगढ़ गांव के अलावा आपदा प्रभावित क्षेत्र के अन्य संवेदनशील गाँवों को तत्काल चिन्हित कर प्रभावितों को सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट करने के निर्देश दिए। इसके साथ स्थानीय निवासियों के मवेशियों एवं अन्य पालतू पशुओं को भी सुरक्षित स्थानों पर रखे जाने की व्यवस्था करने तथा राहत एवं बचाव कार्य प्रभावी तरीके से चलाए जाने के निर्देश दिए है।

जिलाधिकारी ने बताया कि बालगंगा क्षेत्र तोली गांव में 02 जनहानि हुई, मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख के राहत राशि के चेक तथा आवास क्षति का 01 लाख 35 हजार रुपए का चेक कल ही तत्काल उपलब्ध कराए गए। 2 पशु हानि होने पर संबंधित पशुपालकों को 57 हजार 500 रुपए की मुआवजा राहत राशि के चेक वितरित किए गए।

जिलाधिकारी ने बताया कि तिनगढ गांव को कल ही खाली कराकर प्रभावित परिवारों को अस्थाई राहत शिविर रा.ई.का. बिनकखाल में शिफ्ट किया गया। शिविर में प्रभावितों हेतु सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं।

आपदाग्रस्त ग्राम तोली, जखाणा, कोट, विशन, थाती बूढाकेदार, पिंसवाड़ उरणी, अगुण्डा, कोटी आदि ग्रामों में सार्वजनिक रास्ते, कृषि भूमि, सड़क, पेयजल लाईन, विद्युत आदि परिसम्पत्तियों के क्षति आंकलन/सर्वे कार्य हेतु कृषि, पशुपालन, स्वास्थ्य, राजस्व, उद्यान, समाज कल्याण, सहकारिता विभाग के अधिकारियों की टीमें गठित की गई हैं।

जिलाधिकारी ने बताया कि 27 जुलाई को अतिवृष्टि/बादल फटने से पिन्सवाड़ में तोली, कोटी, जखाणा, पिन्सवाड़, अगुण्डा में ट्रांसफार्मर व विद्युत पोल क्षतिग्रस्त होने से विद्युत आपूर्ति बाधित है, जिसकी सुचारीकरण की कार्यवाही की जा रही है।

घनसाली के अंतर्गत ग्राम थाती बुढाकेदार, झाला पेयजल योजना, कोट विशन पेयजल योजना, विशन विद्यालय पेयजल, सेन्दुल सिन्सरगाड पेयजल योजना, चमियाला पदोका पेयजल योजना, पिन्सवाड पेयजल योजना, कोट बुढाकेदार पेयजल योजना, अगुण्डा पेयजल, खवाड़ा पेयजल, डालगांव पेयजल, कुण्डयाली पेयजल, कुण्डयाली-सौला पेयजल, गेवाली पेयजल, तोली पेयजल लाईन क्षतिग्रस्त होने से बाधित है. जिसकी सुचारीकरण की कार्यवाही की जा रही है। इसके साथ ही ग्राम तोली के अन्तर्गत ग्राम पंचायत की 01 पेयजल योजना तथा ग्राम जखाणा की 01 पेयजल योजना क्षतिग्रस्त है।

विकासखण्ड भिलंगना में स्योरा तोक तोली, चौरी तोक, सेरा से खंजर, दुगई तोक, घटतोक विशन, फकोरा, केमरियासौड, कोठियाडा, कोठियाडा कीडर, चमियाला, अन्द्रिया मण्टगांव, सिरस, जखाली पिलखी, बौर, सिलासेरा में नहर क्षतिग्रस्त हुई है।

दैवीय आपदा से न्याय पंचायत थाती बुढाकेदार के ग्राम भिगुन में लगभग 0.15 है., तिनगढ़ लगभग 0.20 है. तथा तोली लगभग 0:25 है. कृषि क्षति हुई है।

IAS दीपक रावत दरबार में सबकी पूरी होती मुराद

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हल्द्वानी उत्तराखंड में एक ऐसे अफसर है दीपक रावत जिनके दरबार में सबकी सुनवाई होती है राज्य में अभी तक जितने भी अफसरों की फौज है उसमें दीपक रावत का कोई जवाब नहीं उनके दरबार में आते ही हर फरियादी की बात सुनी जाती है जो अभी तक 100 डिलीवरी करते देखे गए है

दीपक रावत के दरबार में आने के लिए हर वो फरियादी इंतजार करता है जिसकी कही कोई सुनवाई नहीं होती लेकिन अगर वो दीपक रावत दरबार में पहुंच गया तो खाली हाथ नहीं लौटता सरकार के लिए दीपक रावत ऐसे Ias अफसर है जो सो प्रतिशत डिलीवरी देने का काम करते है

कैम्प कार्यालय में आयुक्त दीपक रावत ने शनिवार को जनसुनवाई कर मौके पर शिकायतों का समाधान किया। जन शिकायतों में अधिकांश शिकायतें, भूमि विवाद, पारिवारिक विवाद व अतिक्रमण, सडक, जलभराव, आपदा राहत आदि से सम्बन्धित आई।

कई वर्षों से लम्बित भूमि विवाद की समस्याओं में धनराशि व भूमि वापस मिलने पर लोगों द्वारा आयुक्त का आभार व्यक्त किया।
जनसुनवाई आयुक्त के संज्ञान में शिकायत आई कि जनपद अल्मोडा के विकास खण्ड भिकियासैन क्षेत्र में भूमि धार्मिक प्रयोजन हेतु भूमि का अधिग्रहण किया गया था लेकिन उक्त भूमि पर जांच के दौरान पाया गया कि उक्त भूमि पर अन्य गतिविधियां संचालित हो रही थी जिस पर आयुक्त ने कडी नाराजगी व्यक्त करते हुये तहसीलदार को उक्त भूमि जब्त कराने के निर्देश दिये साथ ही उन्होने मण्डल के सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिये कि इस प्रकार के प्रकरण पाये जाने पर जांच कर कार्यवाही करने के भी निर्देश दिये।

आयुक्त ने मण्डल के सभी उपजिलाधिकारी एवं तहसीलदारों को भूमि विवाद के मामले जनपद स्तरीय कोर्ट मे सुलझाने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि लोग छोटी-छोटी शिकायतों को लेकर जनसुनवाई में आते जो उचित नही है। आयुक्त श्री रावत ने उपजिलाधिकारी एवं तहसील से कहा कि उनके स्थानीय कोर्ट मेंं भूमि के फ्रॉड के केसों को प्राथमिकता के साथ सुना जाए ताकि एक सामान्य व्यक्ति को समय से न्याय मिल सके। 

आयुक्त ने कहा बैंक जिस भूमि को बंधक बनाकर लोन देते उसकी सूचना तहसील स्तर पर नही दी जाती है जिससे बंधक भूमि का अंकन खतौनी में नही होने से भू-माफियाओं द्वारा भूमि को लगातार क्रय-विक्रय किया जाता है जिससे आम आदमी को परेशानी से गुजराना पडता है। आयुक्त ने मण्डल के सभी बैंक के अधिकारियों को निर्देश दिये है कि जो भी बैंक भूमि को बंधक बनाते है उसकी सूचना तत्काल तहसील/भूलेख कार्यालय स्तर पर सूचना देना सुनिश्चित करें ताकि खतौनी में बंधक भूमि का अंकन हो सके, तथा फर्जीवाड़े से लोगो निजात मिल सके।

विगत जनसुनवाई में जनपद उधमिंसंह, लालपुर निवासी जयश्री ने बताया कि उन्होंने सतपाल से जमीन क्रय की थी धनराशि देने के पश्चात सतपाल द्वारा उक्त जमीन की ना तो रजिस्ट्री की और ना ही कब्जा दिलाया। आयुक्त ने सतपाल को कार्यालय में तलब कर रजिस्ट्री एवं कब्जा जयश्री को दिलाया जिस पर जयश्री ने आयुक्त का आभार व्यक्त किया।

आनसिंह रामड़ी के निवासियों द्वारा बताया गया कि उनके निकट मंगल सिंह कुटियाल बिल्डर्स द्वारा रिहायशी विला का निर्माण किया जा रहा है जिसका पानी उनकी कॉलोनी में आता है और उससे लोगां का आवागमन बाधित होता है। इस मौके पर कुटियाल बिल्डर्स के सुपरवाईजर द्वारा बताया गया कि विला में कुल 40 प्लेटस बन रहे है।

जिस पर आयुक्त ने पूछा कि उक्त स्थान पर एसटीपी,पार्क, ड्रेनेज सिस्टम, वाटर हार्वेसिंटग आदि का निमार्ण नही किया है। जिस पर आयुक्त ने कठोर आपत्ति जताई और सब रजिस्टार को कुटियाल द्वारा बनाई गई कॉलोनी पर क्रय-विक्रय पर रोक लगाई जाए। उन्होंने उपजिलाधिकारी, प्राधिकरण के अधिकारी एवं तहसीलदार संयुक्त टीम बनाकर सर्वे कर रिपोर्ट प्रस्तुत करें।

आयुक्त ने जनसुनवाई में आम जनता से अपील की है कि भूमि खरीदने से पहले जिसके द्वारा भूमि बेची जाती उसके बारे में नाम, पता की जांच अवश्यक करें। जिससे भविष्य में होने वाली धोखाधडी से बचा जा सकता है। उन्होंने कहा जनसुनवाई मे अधिकांश भू-माफिया बार-बार इस प्रकार के प्रकरणों में लिप्त पाये जाते है ऐसे भू-माफियाओं के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत एफआईआर की कार्यवाही की जायेगी।

जनसुनवाई में जयंती देवी निवासी किच्छा ने रिर्पोट दर्ज कराने,सरोज बोहरा निवासी कालटैक्स ने आंगन में गटर पाईप उनके आंगन में आने से, गुरमीत सिंह द्वारा अनैतिक तरीके से भूमि का रजिस्ट्री कराने, नरेश कुमार वर्मा ने न्याय दिलाने की मांग की। आयुक्त ने जनसुनवाई में अधिकांश शिकायतों का मौके पर समाधान किया।

नीति आयोग मीटिंग में हिमालयी राज्यों के लिए बड़ी लकीर खींचते सीएम धामी

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नीति आयोग की बैठक में मुख्यमंत्री ने हिमालयी राज्यों के लिए विशिष्ट नीतियां बनाने का किया अनुरोध

ऊर्जा की कमी को पूरा करने हेतु राज्यों को 25 मेगावाट से कम क्षमता की जल विद्युत परियोजनाओं के अनुमोदन तथा क्रियान्वयन की अनुमति प्रदान करने का किया अनुरोध

लघु जल विद्युत परियोजनाओं के निर्माण के लिए प्रस्तावित 24 प्रतिशत कैपिटल सब्सिडी के प्रस्ताव को पूर्वोत्तर राज्यों के साथ ही हिमालयी राज्यों में भी लागू करने का किया अनुरोध

पी.एम कृषि सिंचाई योजना की गाईडलाइन्स में लिफ्ट इरिगेशन को शामिल करने के लिए भी मुख्यमंत्री ने अनुरोध किया

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में आयोजित नीति आयोग की बैठक में प्रतिभाग करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत के लक्ष्य को पूर्ण करने की दिशा में उत्तराखण्ड भी निरंतर कार्य कर रहा है।

उत्तराखण्ड आपदा की दृष्टि से अति संवेदनशील राज्य है, इस बार के केन्द्रीय बजट में इसको दृष्टिगत रखते हुए विशेष वित्तीय प्राविधान किये जाने पर उन्होंने प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि हाल ही में जारी सस्टेनेबल डेवलपमेंट गोल्स इंडेक्स रैंकिंग में उत्तराखण्ड ने प्रथम स्थान प्राप्त किया है, जो राज्य के लिए गर्व का विषय है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में राज्य ने ‘समान नागरिक संहिता’ विधेयक को उत्तराखण्ड में पारित किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के कई शहरों में पेयजल का गंभीर संकट दिखाई दिया है, इस समस्या के समाधान के के लिए भू जल स्तर बढ़ाने के साथ-साथ जल संरक्षण पर विशेष कार्य करने की आवश्यकता है। उत्तराखण्ड में इसके लिए स्प्रिंग एंड रिवर रिज्यूविनेशन ऑथोरिटी का गठन किया है, जो जल संरक्षण और जल स्रोतों को पुनर्जीवित करने और हिम आधारित नदियों को वर्षा आधारित नदियों से जोड़े जाने की परियोजना पर कार्य कर रही है। उन्होंने इसके लिए केन्द्र सरकार से विशेष वित्तीय सहायता एवं तकनीकि सहयोग का अनुरोध किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित भारत के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में उद्यमिता को और अधिक बढ़ावा देने की आवश्यकता है, जिसके लिए कलस्टर आधारित इंक्यूबेशन सेंटर तथा ग्रोथ सेंटर महत्वपूर्ण साबित होंगे। उत्तराखण्ड में पायलट प्रोजक्ट के रूप में दो रूरल इंक्यूबेशन सेंटर तथा 110 ग्रोथ सेंटर स्थापित किये गये हैं। उन्होंने इंक्यूबेशन सेंटर्स स्थापित करने के लिए केन्द्र सरकार से तकनीकि और वित्तीय सहयोग के लिए अनुरोध किया।

मुख्यमंत्री ने ऊर्जा की कमी को पूरा करने के लिए राज्यों को 25 मेगावाट से कम क्षमता की जल विद्युत परियोजनाओं के अनुमोदन तथा क्रियान्वयन की अनुमति प्रदान करने तथा लघु जल विद्युत परियोजनाओं के निर्माण के लिए प्रस्तावित 24 प्रतिशत कैपिटल सब्सिडी के प्रस्ताव को पूर्वोत्तर राज्यों के साथ ही हिमालयी राज्यों में भी लागू करने का अनुरोध किया। ‘पी.एम कृषि सिंचाई योजना’ की गाईडलाइन्स में लिफ्ट इरिगेशन को शामिल करने के लिए भी मुख्यमंत्री ने अनुरोध किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्लोबल वार्मिंग तथा क्लाईमेट चेंज जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी हमें विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। इसके दृष्टिगत उत्तराखण्ड सरकार ईकोलॉजी और ईकॉनॉमी के समन्वय से विकास योजनाओं को संचालित करने पर विशेष ध्यान दे रही है। राज्य में जीडीपी की तर्ज पर जीईपी जारी करने की शुरूआत की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी विकसित राष्ट्र में उनके शहरी क्षेत्र ग्रोथ इंजन के रूप में विशेष योगदान देते हैं। रोजगार सृजन बड़े शहरों में अधिक होता है, जिस कारण इन शहरों में अत्यधिक जनसंख्या के कारण मूलभूत सुविधाएं देना कठिन हो जाता है। इस समस्या के समाधान के लिए देश के विभिन्न शहरों के बीच ‘काउंटर मैग्नेट एरियाज’ विकसित करने होंगे। उन्होंने कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत की संकल्पना शोध विकास एवं नवाचार के लिए ए.आई रेडीनेस और क्वांटम रेडीनेस पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले वर्ष नीति आयोग की आठवीं बैठक में हिमालयी राज्यों के विकास संबंधित कुछ प्रस्ताव रखे गये थे, उन प्रस्तावों पर हिमालयी राज्यों के परिपेक्ष में विशिष्ट नीतियां बनाने का उन्होंने अनुरोध किया।

उत्तराखंड में विकास की गति तेज करने वाला है बजट: गृह राज्य मंत्री

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उत्तराखंड में विकास की गति तेज करने वाला है बजट: गृह राज्य मंत्री

केंद्रीय बजट विकसित भारत निर्माण की कल्पना को करेगा साकार: नित्यानंद

देहरादून: बजट पर चर्चा करने उत्तराखंड पहुंचे केंद्रीय गृह राज्य मंत्री श्री नित्यानंद राय ने वर्तमान बजट को 2047 के विकसित भारत निर्माण को साकार करने वाला बताया। उन्होंने इसे किसान, महिला, युवा और गरीबो की तरक्की और खुशहाली के साथ उत्तराखंड में विकास की गति तेज करने वाला बताया ।
बजट पर चर्चा कार्यक्रम के तहत राजधानी के सुभाष रोड स्थित होटल में पत्रकारों से वार्ता करते हुए श्री राय ने 2024 के बजट को विकसित भारत के सपने को साकार करने वाला बजट बताया । उन्होंने केन्द्रीय बजट के प्रावधानों और विशेषकर उत्तराखंड के संदर्भ में इसे विकास की गति तेज करने वाला बताया। उन्होंने बजट में उत्तराखंड के राष्ट्रीय राज्य मार्गो के निर्माण एवं बहुमुखी विकास की चिंता करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का आभार प्रकट भी किया है। साथ ही कहा कि प्रधानमंत्री हमेशा देश के विकास और खुशहाली के लिए काम कर रहे हैं। उन्होंने केंद्रीय बजट से उत्तराखंड को होने वाले लाभ की चर्चा करते हुए कहा, इस वित्तीय वर्ष में कई नीतियां की पहल की गई है, जो देश के आर्थिक, औद्योगिक, पर्यटन और कृषि क्षेत्र में उत्तराखंड की स्थिति को और मजबूत करेंगी।

केंद्रीय बजट 2024-25 में उत्तराखण्ड में दैवीय आपदा से होने वाले नुकसान के लिए विशेष सहायता पैकेज देने की घोषणा के लिए उन्होंने प्रदेश की तरफ से पीएम एवं वित्त मंत्री का विशेष आभार व्यक्त किया । उन्होंने जोर देते हुए कहा, इस विशेष पैकेज की मदद से, आपदा के चलते राज्य की विकास की गति अब बाधित नहीं होगी ।

उन्होंने रेल बजट में उत्तराखंड को आवंटित 5 हजार 2 सौ 14 करोड की धनराशि का स्वागत किया । साथ ही इसे राज्य में रेल सुविधाओं के विकास में बेहद जरूरी माना। जिसका लाभ सामरिक एवं सामाजिक दृष्टि से महत्वाकांक्षी ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना, राज्यहित की बागेश्वर टनकपुर बागेश्वर, उत्तरकाशी तथा देहरादून सहारनपुर रेलवे लाइनों तथा 3 रेल परियोजनाओं लाभ मिलेगा ।

केंद्रीय मंत्री ने दावा किया कि केंद्र सरकार ने विकसित भारत के लिए जिन 9 प्राथमिकताओं को बजट में शामिल किया है, वे सभी भारत के साथ उत्तराखंड के समग्र विकास में कारगर सिद्ध होंगे । उन्होंने स्पष्ट किया कि यूपीए सरकार की अवधि 2009-14 की तुलना में, उत्तराखंड के कर हस्तांतरण में 240% की भारी वृद्धि की है, जबकि एनडीए 2019-24 के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार द्वारा सहायता अनुदान में भी 253% की वृद्धि हुई है। इसमें कोई दो राय नहीं कि एनडीए सरकार ने उत्तराखंड के लोगों के प्रति मजबूत प्रतिबद्धता दर्शायी है। बजट के तहत, वर्ष 2020 और 2023 के बीच उत्तराखंड को ₹3,975 करोड़, पूंजीगत व्यय/निवेश हेतु प्रदान की गई विशेष सहायता से भी लाभ हुआ है। इस बजट के तहत राज्यों द्वारा पूंजीगत व्यय के लिए मुफ्त ऋण का लाभ उत्तराखंड को मिलता रहेगा। उन्होंने जानकारी दी कि वित्त वर्ष 2024-25 में, उत्तराखंड को संघ कर और शुल्क से आय के वितरण से कुल ₹ 13,943.81 करोड़ प्राप्त हुए हैं।

उन्होंने बताया कि उत्तराखंड में कृषि विकास के लिए, उत्पादकता और जलवायु-अनुकूल फसल किस्मों का विकास करने एवं व्यापक कृषि अनुसंधान की घोषणा बेहद लाभकारी होगी। इस पहल का उद्देश्य फसलों को जल-कुशल और कीट-प्रतिरोधी बनाना है, जिससे राज्य को काफी लाभ हो सकता है जहां अर्थव्यवस्था में कृषि का योगदान 23.4% है। कृषि क्षेत्रों में और बागवानी की 109 नई उच्च उपज देने वाली और जलवायु-लचीली किस्मों को शुरू किया जा रहा है। जिससे पानी की कमी से फसलों को होने वाले नुकसान से बचा जा सकेगा, जिसका लाभ उत्तराखंड के किसानों, खासकर बागवानी करने वालों को होना तय है । इसी तरह वित्त मंत्री ने केंद्रीय बजट 2024-25 में ₹598 करोड़ का फंड पर्यावरण अनुकूल टिकाऊ कृषि परियोजना के लिए आवंटित किया है, जिससे उत्तराखंड के किसानों को काफी मदद मिलेगी।

पर्यटन को लेकर केंद्रीय बजट की अवधारणा पर बोलते हुए उन्होंने कहा, वैश्विक पर्यटन स्थल के रूप में भारत की स्थिति को बढ़ाने की योजना का फायदा उत्तराखंड को मिलना है । उसमें शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में पर्यटन और रोजगार सृजन में काफी योगदान मिलेगा ।
वहीं पीएम-स्वनिधि योजना में अतिरिक्त कवरेज से देहरादून और हरिद्वार जैसे शहरी केंद्रों को मदद मिलेगी, जिससे अनौपचारिक अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और औपचारिक अर्थव्यवस्था आगे की ओर अग्रसर होगी। उत्तराखंड के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों से गरीबी कम करने में मदद एवं स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से राष्ट्रीय आजीविका मिशन के कार्यान्वयन को बढ़ावा मिलेगा। इस मिशन से उत्तराखंड की महिलाओं को स्वरोजगार और कुशल रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे।
उन्होंने बताया, वर्ष 2024-25 के बजट में केंद्र सरकार ने हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के लिए औद्योगिक विकास योजना 2017 के तहत ₹567 करोड़ आवंटित किए। औद्योगिक गतिविधि, राज्य की आर्थिक लचीलापन और समृद्धि को और बढ़ा रही है। बुनियादी ढांचे के विकास का समर्थन करके और व्यवसायों के लिए प्रोत्साहन प्रदान करते हुए, यह योजना उत्तराखंड में बदलाव लाएगी।

इसी तरह वित्त मंत्री ने विनिर्माण क्षेत्र में एमएसएमई के लिए क्रेडिट गारंटी योजना की घोषणा की है। एमएसएमई को मशीनरी और उपकरण की खरीद के लिए बिना तृतीय-पक्ष गारंटी योजना द्वारा सावधि ऋण की सुविधा प्रदान की गयी है। एक स्व-वित्तपोषण गारंटी फंड ₹100 करोड़ तक का कवरेज प्रदान करेगा। इस योजना से उत्तराखंड में एमएसएमई को विशेष रूप से पिथोरागढ़ उत्तरकाशी, और ऋषिकेश, जैसे विनिर्माण केंद्रों में लाभ होगा, जो मशीनरी और उपकरणों के उन्नयन के लिए सावधि ऋण का लाभ उठा सकते हैं। इससे उनकी उत्पादन क्षमताएं और प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ेगी

इस बजट में पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना को जारी रखने की घोषणा हुई है, जिससे उत्तराखंड को भी काफी फायदा हो सकता है। इस राज्य में पर्याप्त धूप और पर्वतीय गाँव इसे छत पर सौर स्थापना के लिए आदर्श बनाते हैं। इस पहल से ग्रामीण क्षेत्रों को हर महीने 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली मिलेगी, जिससे उनके बिजली बिल में कमी आएगी और नवीकरणीय ऊर्जा उपयोग को बढ़ावा देने से परिवारों को सक्षम बनाने में सहायता मिलेगी।

बजट में 25,000 ग्रामीण बस्तियों को हर मौसम में कनेक्टिविटी प्रदान करने हेतु प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के चौथे चरण की घोषणा की गई है। इससे उत्तराखंड के ग्रामीण क्षेत्र में सुधार होगा । उत्तराखंड में पीएमजीएसवाई ने पहले ही 20,188.14 किमी सड़क का निर्माण कर लिया है, इन सभी से कनेक्टिविटी बाजारों, स्वास्थ्य देखभाल और शिक्षा तक पहुंच के कारण ग्रामीण विकास को बढ़ावा मिला है। केंद्रीय बजट 2024-25 में मोदी सरकार ने उत्तराखंड के ग्रामीण-शहरी क्षेत्रों के लिए जल आपूर्ति कार्यक्रम के लिए ₹206.33 करोड़ अलग रखे हैं। उत्तराखंड में जल उपलब्धता में सुधार के लिए यह वरदान साबित होगा ।

उत्तराखंड में अभूतपूर्व गति से राजमार्ग निर्माण और विस्तार हो रहा है। वर्ष 2022 से 2024 तक अकेले राज्य में परियोजनाओं को पूरा करने के लिए ₹7,764 करोड़ जारी किए गए हैं। केन्द्रीय बजट में दिये गये समर्थन से प्रस्तावित एवं निर्माण परियोजनाओं से राज्य को लाभ होगा ।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि बजट में रोजगार सृजन पर विशेष ध्यान दिया गया है। मोदी सरकार 3:0 के इस बजट में युवाओं के कौशल विकास, शिक्षा, कृषि और रोजगार सृजन जैसे क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया गया है। जिसमे 2 लाख करोड़ रुपये के प्रावधान के साथ युवाओं के लिए 5 स्कीम है, जिससे 5 करोड़ से ज्यादा युवाओं को लाभ होगा। वहीं कृषि व उससे जुड़े सेक्टर के लिए बजट में 1.52 लाख करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है जिससे देश के अन्नदाताओं को सीधे फायदा होगा और किसानो की जिंदगी में नए सिरे से खुशहाली, तरक्की, उन्नति और प्रगति होगी।

पत्रकार वार्ता में प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट, कैबिनेट मंत्री प्रेम चंद अग्रवाल, गणेश जोशी, प्रदेश महामंत्री आदित्य कोठारी, प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर चौहान, प्रबुद्घ सम्मेलन संयोजक अनिल गोयल, सुनील उनियाल गामा, राजेंद्र नेगी, संजीव वर्मा, राजेंद्र ढिल्लो समेत अनेक पार्टी पदाधिकारी मौजूद रहे ।

आयुष्मान कार्ड बनाने का काम होगा तेज: डॉ धन सिंह रावत

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आयुष्मान कार्ड बनाने का काम होगा तेज: डॉ धन सिंह रावत

स्वास्थ्य मंत्री ने आयुष्मान योजना की समीक्षा कर अधिकारियों को दिए आवश्यक निर्देश

आयुष्मान कार्ड बनाने में कमतर रहे जनपदों की जिम्मेदारी प्राधिकरण के अधिकारियों को सौंपी

राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में स्वास्थ्य मंत्री डा धन सिंह रावत ने कहा कि प्रदेश में अधिक से अधिक लोगों के आयुष्मान कार्ड बनाए जाने हैं। जिन जनपदों में अभी कम कार्ड बने हैं वहां प्राधिकरण के अधिकारी भ्रमण करेंगे और लक्ष्य हासिल करने के लिए प्रोत्साहित करेंगे।

बैठक में स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि जिन जनपदों में 70 फीसद से कम आयुष्मान कार्ड बन पाए हैं वहां विशेष ध्यान दिए जाने की जरूरत है। आयुष्मान कार्ड बनाने के अभियान को गति प्रदान करने के उद्देश्य से हरिद्वार, टिहरी, पिथोरागढ़, रूद्रप्रयाग, चमोली आदि जनपदों मेें समन्वय हेतु अधिकारियों को जिम्मेदारियां दी गई हैं। जनपद के अधिकारियोें के साथ बैठक कर लक्ष्य तय किया जाएगा। मंत्री ने कहा कि इस कार्य मेें पंचायती राज, बाल विकास, समाज कल्याण, शिक्षा व खाद्य एवं पूर्ति विभाग का भी सहयोग लिया जाएगा। कहा कि आपसी समन्वय के लिए सभी जनपदों के मुख्य चिकित्सा अधिकारियों की बैठक बुलाई जाएगी। और प्रतिदिन कम से कम 1500 आयुष्मान कार्ड बनाने का लक्ष्य दिया गया।

बैठक में विभागीय मंत्री ने कहा कि प्रदेश में उत्कृष्ट कार्य करने वाले अस्पतालों को ग्रीन चैनल घोषित किया जाना है। इसके लिए उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया। कहा कि पहाड़ी जनपदों में कोई निजी अस्पताल सूचीबद्धता के लिए आवेदन करता है तो उसका सहयोग करें।

बैठक में स्वायतशासी संस्थाओं के कर्मचारियों व पेंशनरों को राज्य स्वास्थ्य योजना के अंतर्गत शामिल किए जाने पर भी चर्चा हुई।

इस मौके पर राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डा आनंद श्रीवास्तव, निदेशक डा बीएस टोलिया, अतुल जोशी आदि मौजूद रहे।

किच्छा क्षेत्र में परिवार के सदस्यों के बेहोश होने और घर मे चोरी होने की घटना का ऊधम सिंह नगर पुलिस ने किया खुलासा

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किच्छा क्षेत्र में परिवार के सदस्यों के बेहोश होने और घर मे चोरी होने की घटना का ऊधम सिंह नगर पुलिस ने किया खुलासा

प्रेम प्रसंग के चलते खाने में मिलायी गयी थी नींद की गोलियां।

नींद की गोलियां खिलाने वाली घटना को चोरी का एंगल दिखाने के लिए घर में रखे गहने व नकदी भी की गई चोरी।

किच्छा पुलिस ने घटना में शामिल 01 महिला सहित दो लोगों को किया गिरफ्तार।

आरोपियों से चोरी की नकदी और गहने बरामद।

दिनांक 24 जुलाई 2024 को चौकी कोलकाता फॉर्म क्षेत्र के गांव से सूचना प्राप्त हुई की एक ही घर के कई सारे लोग बेहोशी की हालत में है और पूरी रात से सो रहे हैं तथा अभी जाग नहीं रहे हैं और उनके घर में चोरी भी हुई है इस सूचना की प्राथमिक की जांच के लिए प्रभारी निरीक्षक किच्छा मय टीम के मौके पर गए तो घर के कुछ लोग पूरी रात से दोपहर तक लगातार सो ही रहे थे तथा उनकी तबीयत धीरे-धीरे बिगड़ रही थी । उनका यह कहना था कि रात में किसी ने उनको बेहोश किया और घर में रखे गहने और नगदी चोरी कर लिए ।

घटना की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक उधम सिंह नगर महोदय के निर्देशानुसार उक्त घटना के खुलासे के लिए टीम का गठन किया गया।

पुलिस अधीक्षक नगर महोदय व सहायक पुलिस अधीक्षक महोदय के पर्यवेक्षण में टीम द्वारा गहन जांच और पूछताछ की गई तो प्रकाश में आया कि अमरजीत सिंह की पत्नी सुखविंदर का अपने ही गांव के पड़ोसी अमन सिंह पुत्र स्वर्गीय बच्चन सिंह के साथ प्रेम प्रसंग है। अमन सिंह को यह पता था कि श्रीमती सुखविंदर का पति अमृतसर गया है, तो अमन सिंह ने सुखविंदर से सारी रात मिलने की बात कही तो श्रीमती सुखविंदर ने उसे रात में घर के सदस्यों द्वारा देख लेने की बात कही ।

तब दोनों ने मिलकर घर के सभी सदस्यों को रात के खाने में नींद की गोलियां मिलाकर सुला देने का षड्यंत्र रचा ।

श्रीमती सुखविंदर कौर ने घर में मौजूद सभी सदस्यों और मेहमानों को खाने में नींद की गोलियां मिलाकर खिला दी ताकि वह गहरी नींद में सो जाए और उन दोनों को प्रेम प्रसंग करते ना देख पाए ।

उसके बाद अपने घर वालों को गुमराह करने के लिए दोनों ने मिलकर घर में रखे गहने व नगदी चोरी भी कर लिए ताकि किसी को किसी भी प्रकार का शक ना हो।

आज दिनांक 27-07- 2024 को बाद आवश्यक जांच व पूछताछ के सुखविंदर कौर पुत्री प्रेम सिंह हाल निवासी भगवानपुर भक्तपुर और अमन सिंह पुत्र स्वर्गीय वचन सिंह निवासी उपरोक्त को चोरी गए गहनों व नगदी के साथ अंतर्गत धारा 135, 305 a भारतीय न्याय संहिता के गिरफ्तार कर लिया गया है।

श्रद्धालु का खोया हुआ मोबाइल ढूंढकर सकुशल किया मोबाइल स्वामी के सुपुर्द, कावडियों ने कहा थैंक्यू दून पुलिस

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श्रद्धालु का खोया हुआ मोबाइल ढूंढकर सकुशल किया मोबाइल स्वामी के सुपुर्द, कावडियों ने कहा थैंक्यू दून पुलिस

कांवड यात्रा के दौरान एक कावडिये का मोबाइल फोन छूट गया था प्राइवेट वाहन में।

सीसीटीवी कैमरों की सहायता से वाहन स्वामी का पता कर मोबाइल फोन किया बरामद।

कोतवाली ऋषिकेश: वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून द्वारा कावंड मेले में आये सभी श्रद्धालू कॉवडियों की हर संभव सहायता करने हेतु सभी अधीनस्थों को आदेशित किया गया है। आज दिनांक 27-07-24 की प्रातः एक कांवड़ यात्री द्वारा कोतवाली ऋषिकेश में आकर बताया कि कल रात्रि एक डी.सी.एम से लिफ्ट लेकर वह ऋषिकेश तक आया था, जिसमें उसका मोबाइल छूट गया तथा उस मोबाइल में उनका महत्वपूर्ण डाटा तथा आवश्यक कागजातों का बैकअप भी है।

सूचना पर पुलिस टीम द्वारा तत्काल् कावंड यात्री द्वारा बताये गये मार्ग पर लगे सीसीटीवी कैमरों को चैक करते हुए उक्त वाहन का पता किया, फुटेज से पुलिस टीम को उक्त वाहन का रजिस्ट्रेशन नम्बर प्राप्त हुआ। जिसकी सहायता से उस वाहन के स्वामी से सम्पर्क किया गया, वाहन स्वामी द्वारा किसी कावड यात्री का मोबाइल फोन उनके वाहन में छूट जाने की बात पुलिस टीम को बताई। जिसके पश्चात वाहन स्वामी द्वारा स्वंय कोतवाली ऋषिकेश आकर उक्त मोबाइल को पुलिस टीम को सौंपा गया, जिसे पुलिस टीम द्वारा मोबाइल स्वामी के सुपुर्द किया गया। मोबाइल वापस मिलने पर उक्त कावड यात्री तथा उनके समस्त दल द्वारा उत्तराखण्ड पुलिस की कार्यशैली की प्रशंसा करते हुए दून पुलिस का आभार व्यक्त किया गया।

डोईवाला निवासी शहीद चंद्र मोहन सिंह नेगी को श्रद्धांजलि

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डोईवाला निवासी शहीद चंद्र मोहन सिंह नेगी को श्रद्धांजलि

डोईवाला निवासी आईटीबीपी निरीक्षक शहीद चंद्र मोहन सिंह नेगी को श्रद्धांजलि अर्पित करते सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी।

देहरादून: सैनिक कल्याण मंत्री गणेश ने डोईवाला पहुंचकर हिमाचल के लाहौल स्पीति में भारत-चीन सीमा पर पेट्रोलिंग के दौरान वीरगति को प्राप्त हुए देहरादून निवासी आईटीबीपी के निरीक्षक शहीद चंद्र मोहन सिंह नेगी को पुष्पचक्र अर्पित कर अपनी और प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की ओर से श्रद्धांजलि दी। सैनिक कल्याण मंत्री ने परिवारजनों से मुलाकात कर उन्हे ढांढस बंधाया। सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि हम शहीद को वापस नहीं ला सकते लेकिन शहीद की वीरता का बखान करना और उनको यादों की जिंदा रखने का कार्य पुष्कर सिंह धामी सरकार बखूबी से अपनी जिम्मेदारी निभा रही है। उन्होंने कहा कि दुःख की इस घड़ी में राज्य सरकार परिवार जनों के साथ खड़ी है।

सैनिक कल्याण मंत्री ने मुख्यमंत्री द्वारा शौर्य दिवस के अवसर पर अमर शहीदों के परिजनों को मिलने वाली राशि को ₹10 लाख से बढ़ाकर ₹50 लाख करने तथा शहीदों के परिजन को सरकारी नौकरी के लिए आवेदन करने लिए पांच वर्ष तक करने साथ ही उन्हें जिलाधिकारी कार्यालय के अतिरिक्त अन्य विभागों में भी नियुक्ति प्रदान करने और सैनिक कल्याण विभाग में कार्यरत संविदा कर्मियों को उपनल कर्मियों के समतुल्य अवकाश दिये जाने की घोषणा पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का आभार भीं प्रकट किया।

बताते चले कि चंद्रमोहन सिंह नेगी भारत तिब्बत सीमा पुलिस बल में चौबीस सितंबर 1987 में कांस्टेबल (जीडी) के पद पर भर्ती हुए थे। वर्तमान में वे निरीक्षक (जीडी) के पद पर कार्यरत थे। चंद्रमोहन सिंह नेगी (55) 17 बटालियन आईटीबीपी में तैनात थे। जो इन दिनों हिमाचल प्रदेश के रिकांग पियो में स्पीति घाटी लाहौल में भारत पोस्ट पर तैनात थे।अस्थायी पुल बनाने के बाद बृहस्पतिवार शाम अपने जवानों को नाला पार कराते समय गिर गए और पानी के तेज बहाव में बह गए।

चंद्रमोहन सिंह नेगी आईटीबीपी में वो अपनी कर्तव्यनिष्ठा के लिए जाने जाते थे। उन्हें मार्शल आर्ट में दक्षता हासिल थी। उन्होंने काफी समय तक आईटीबीपी अकादमी मसूरी में एक कुशल प्रशिक्षक के रूप में भी कार्य किया।

इस दौरान डोईवाला विधायक बृजभूषण गैरोला, आईटीबीपी के आईजी संजय गुंजियाल, ज़िला सैनिक कल्याण अधिकारी कर्नल वीरेन्द्र भट्ट सहित आईटीबीपी, प्रशासन और पुलिस के अधिकारी तथा स्थानीय निवासियो ने अमर शहीद को श्रद्धासुमन अर्पित किए।