Thursday, March 5, 2026
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झारखंड के टाटानगर के पास फिर हुआ रेल हादसा

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झारखंड के टाटानगर के पास फिर हुआ रेल हादसा

झारखंड के टाटानगर के पास चक्रधरपुर में फिर रेल हादसा हो गया। हावड़ा से मुंबई जा रही हावड़ा-सीएसएमटी मेल के 18 डिब्बे पटरी से उतर गए है। इस हादसे में कम से कम दो यात्रियों की मौत हो गई, जबकि 50 लोग घायल हो गए। बताया जाता है कि इस रूट पर दो दिन पहले एक मालगाड़ी भी पटरी से उतरी थी। आंकड़ों के मुताबिक, देश में पिछले 14 महीनों में चार बड़े रेल हादसे हुए हैं, जिसमें 320 से ज्यादा यात्रियों ने अपनी जान गंवाई है।

दरअसल, भारतीय रेलवे से हर दिन एक लाख किमी से अधिक फैले देशव्यापी ट्रेक नेटवर्क पर करीब ढाई करोड़ यात्रियों को अपने गंतव्य स्थान तक पहुंचाती है। साल 2019-20 के लिए एक सरकारी रेलवे सुरक्षा रिपोर्ट में पाया गया है कि 70 फीसदी रेलवे दुर्घटनाओं के लिए उनका पटरी से उतरना जिम्मेदार था, जो पिछले वर्ष 68 फीसदी से अधिक था। इसके बाद ट्रेन में आग लगने और टक्कर लगने के मामले आते हैं, जो कुल दुर्घटनाओं में क्रमश: 14 और आठ फीसदी के लिए जिम्मेदार हैं। इस रिपोर्ट में साल 2019-20 के दौरान 33 यात्री ट्रेनों और सात मालगाड़ियों से संबंधित 40 पटरी से उतरने की घटनाएं गिनाई गईं। इनमें से 17 पटरी से उतरने की घटनाएं ट्रैक खराबियों के कारण हुईं। जबकि नौ घटनाएं ट्रेनों, इंजन, कोच, वैगन में खराबी के कारण हुईं है।

रेलवे बोर्ड के एक पूर्व अधिकारी का कहना है कि ट्रेनों का पटरी से उतरना रेलवे के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है। एक ट्रेन कई कारणों से पटरी से उतर सकती है। ट्रैक का रखरखाव खराब हो सकता है, कोच खराब हो सकते हैं, और गाड़ी चलाने में गलती हो सकती है। ट्रेन हादसों को रोकने के लिए ट्रेन की पटरियों का मरम्मत कार्य होते रहना बहुत जरूरी है। धातु से बनी रेलवे पटरियां गर्मी के महीनों में फैलती हैं और सर्दियों में तापमान में उतार-चढ़ाव के कारण सिकुड़ती है। ऐसे में इन्हें नियमित रखरखाव की जरूरत होती है। जरा सी लापरवाही बड़े हादसे की वजह बन सकती है। ढीले ट्रैक को कसना, स्लीपर बदलना और अन्य चीजों के अलावा, चिकनाई और समायोजन स्विच। इस तरह का ट्रैक निरीक्षण पैदल, ट्रॉली, लोकोमोटिव और अन्य वाहनों द्वारा किया जाता है।

सरकार/ प्रशासन की छवि धूमिल करने वालों पर पुलिस का सख्त एक्शन

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सरकार/ प्रशासन की छवि धूमिल करने वालों पर पुलिस का सख्त एक्शन।

मुख्यमंत्री कोष से सहायता दिलाने के नाम पर एक्सटोर्शन व दलाली करने वाले 02 अभियुक्तों को उधम सिह नगर पुलिस द्वारा किया गया गिरफ्तार

उत्तराखण्ड में भष्ट्राचार की साजिश करने वाले अपराधियों को नही जायेगा बक्शा।

दिनांक 28-07-2024 को वादी राजस्व उपनिरीक्षक श्री प्रकाश रावत द्वारा सोशल मीडिया पर विभिन्न माध्यम से प्रसारित ऑडियो क्लिप के सम्बन्ध में एक लिखित तहरीर थाना ट्रांजिट कैम्प में दी थी । वादी द्वारा बताया गया कि उक्त ऑडियो क्लिप में एक जावेद नामक व्यक्ति द्वारा लाभार्थी भगवान दास से मुख्यमन्त्री विवेकाधीन कोष से सहायार्थ आवंटित 5000/- रुपये के चैक के भुगताने के लिये 3000/- रुपये के कमीशन की मांग तथा भविष्य में 20000/- रुपये का अन्य चैक दिलाने की बात कर रहा है। सम्बन्धित लिखित तहरीर पर थाना ट्रांजिट कैम्प में दिनांक 30-07-2024 को FIR NO-203/2024 धारा 308(2)/61(b) BNS पंजीकृत किया गया है।

श्रीमान वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक महोदय के निर्देशानुसार व पुलिस अधीक्षक अपराध, पुलिस अधीक्षक नगर रुद्रपुर एवं सहायक पुलिस अधीक्षक/ क्षेत्राधिकारी नगर रुद्रपुर महोदया के पर्यवेक्षण में मुकदमा उपरोक्त से सम्बन्धित अभियुक्त की गिरफ्तारी हेतु विभिन्न टीमें गठित की गयी। गठित टामों द्वारा घटना के सम्बन्ध में तकनीकी विश्लेषण / सी०डी०आर०, साक्ष्य संकलन के आधार पर दिनांक 30-07- 2024 को FIR FIR NO-203/2024 धारा 308(2) /61(b) BNS में अभियुक्त- जावेद पुत्र स्व० सकूर निवासी वार्ड नं0 06 जगतपुरा आवास विकास थाना ट्रांजिट कैम्प रुद्रपुर जनपद उधम सिह नगर व उसके साथी सुरजीत शर्मा पुत्र रामधुन शर्मा निवासी- गोलमडैय्या थाना ट्रांजिट कैम्प मूल पता निवासी टाण्डा मीरनगर थाना बहेड़ी बरेली उत्तर प्रदेश को गिरफ्तार किया गया।

अभियुक्तगणों द्वारा जनता की विभिन्न समस्याओं हेतु राहत कोष में आवेदन करने के उपरान्त धनराशि मिलने का आश्वासन दिया जाता था एवं आवेदन प्रक्रिया में मदद करने की बात कहकर कमीशन लिया जाता था। इसके साथ ही चैक वितरण एवं भुगतान के लिये भी कमीशन की मांग कर एक्सटोर्सन (Extortion) किया जाता था। दोनों ही अभियुक्तगण टैक्सी ड्राईवर / ट्रैवल एजेन्ट का कार्य करते हुए भी दोनों के कई लेन देन के प्रकरण जाँच करने पर सामने आये हैं। अभियुक्त पूर्व में पैसे की लेन-देन एवं दलाली के कार्य में लिप्त थे।

ट्रैवल एजेन्ट का काम साथ करने के पश्चात दोनों के द्वारा संगठित तरीके से तहसील में आने- जाने वाले जरुरतमंद लोगों को बहला फुसलाकर एवं राहत कोष से राशि दिलवाने के झूठे वादे करके पैसा मांगा जाता था । अभी तक की विवेचना / जाँच में किसी भी तहसील कर्मचारी अथवा जन प्रतिनिधि के किसी कर्मचारी की कोई संलिप्तता नही पायी गयी। यह भी तथ्य प्रकाश में आये है कि अभियुक्तों का किसी तहसील कर्मी से कोई सम्पर्क नही था इसमें लाभार्थियों को सहायता दिलाने का झूठा आश्वासन देकर उगाही करते थे।

अभी तक की तमामी विवेचना में यह सामने आया है कि दौनों अभियुक्तों द्वारा जरुरतमंद लोगों को गुमराह कर एवं झूठा आश्वासन देकर उनके सहायता कोष हेतु आवेदन प्रेषित करने एवं कोष की राशि का भुगतान करने के लिये पैसे मांगे जाते थे एवं पैसा न देने की परिस्थिति में आवेदन निरस्त एवं भुगतान रोकने की धमकी दी जाती थी। अभियोग में दौनों अभियुक्तों को विरुद्ध जुर्म धारा – 308(2)/61(b) BNS के अन्तर्गत गिरफ्तार कर अग्रिम कार्यवाही अमल में लायी जायेगी।

गिरफ्तार अभियुक्त –

1- जावेद पुत्र स्व० सकूर निवासी वार्ड नं0 06 जगतपुरा आवास विकास थाना ट्रांजिट कैम्प रुद्रपुर

2- सुरजीत शर्मा पुत्र रामधुन शर्मा निवासी-गोलमडैय्या थाना ट्रांजिट कैम्प मूल निवासी टाण्डा मीरनगर थाना बहेड़ी बरेली उत्तरप्रदेश ।

कांवड़ियों को चरण वंदन, हेलीकॉप्टर से हुई पुष्प वर्षा

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कांवड़ियों को चरण वंदन, हेलीकॉप्टर से हुई पुष्प वर्षा

हरिद्वार में ओम ब्रिज के पास हेलीकॉप्टर से कांवड़ियों पर बरसाए गए फूल

धर्मरक्षक धामी ने धर्मनगरी हरिद्वार में किया कांवड़ियों का स्वागत

कांवड़ियों के पैर धोकर एवं शॉल और माला पहनाकर किया अभिनंदन

सीएम धामी के स्वागत-सत्कार से गदगद कांवड़िए

हरिद्वार में इन दिनों भोले की जयकारों से हरि की नगरी शिवमय बनी हुई है। ऐसे में हर साल उत्तराखंड सरकार कांवड़ियों पर फूलों की वर्षा करती है। हरिद्वार में आज शिव भक्त कांवड़ियों के ऊपर हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा की गई, भोले की जयकारों के साथ पूरी हरिद्वार नगरी शिवमय नजर आ रही है। कावड़ यात्रा को लेकर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कांवड़ियों के चरण धोकर भगवान शिव का आशीर्वाद प्राप्त किया।

माननीय मुख्यमंत्री उत्तराखंड पुष्कर सिंह धामी द्वारा हरिद्वार ओम पुल घाट पर 21 कांवड़ियों के चरण पखारे व आशीर्वाद लिया एवं उनको गंगाजल व फल इत्यादि देकर खूब सम्मान सहित विदा किया।


वायनाड में भूस्खलन से मची तबाही, लोग लगा रहे बचने की गुहार

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वायनाड में भूस्खलन से मची तबाही, लोग लगा रहे बचने की गुहार

एक तरफ देश के कई राज्य बारिश होने की दुआ कर रहे हैं तो वहीं कई राज्यों में बारिश अपना कहर बरपा रही है। असम से लेकर केरल तक मूसलाधार बारिश हो रही है, जिससे लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस बीच केरल के वायनाड जिले में मेप्पाडी के पास पहाड़ी इलाकों में मंगलवार तड़के भारी भूस्खलन हुआ है, जिसमें सैकड़ों लोग फंसे हुए हैं। वहीं, इस हादसे में अबतक 50 से अधिक लोगों की मौत हो गई है। इस बीच, वायनाड जिले के ऊंचाई वाले गांवों में मंगलवार तड़के भूस्खलन होने के बाद तबाह हुए घरों और मलबे के ढेर के बीच फंसे लोग फोन करके मदद की गुहार लगा रहे हैं।

टीवी चैनलों पर कई लोगों की फोन पर हुई बातचीत सुनाई गई। बातचीत में लोग रो रहे थे और अनुरोध कर रहे थे कि कोई उन्हें आकर बचा ले, क्योंकि वे या तो अपने घरों में फंसे हुए हैं या उनके पास आने-जाने का कोई रास्ता नहीं है। यहां हालात बदतर बनी हुई है। पुल बह गए हैं और सड़कें जलमग्न हैं।

चूरलमाला शहर की रहने वाली एक महिला ने फूट-फूटकर रोते हुए कहा कि उसके परिवार का एक सदस्य मलबे में फंसा हुआ है। उसे वहां से बाहर नहीं निकाला जा सकता। रोते हुए महिला ने आगे कहा, ‘कृपया कोई यहां आओ और हमारी मदद करो। हमने अपना घर खो दिया है। हम नहीं जानते कि नौशीन (परिवार की एक सदस्य) जिंदा भी है या नहीं। वह दलदल में फंस गई है। हमारा घर शहर में ही है।’

चूरलमाला के एक अन्य निवासी ने फोन पर बातचीत के दौरान कहा कि धरती अभी भी कांप रही है और उन्हें नहीं पता कि क्या करना है। यहां बहुत शोर है। हमारे पास चूरलमाला से आने का कोई रास्ता नहीं है। 

इसके अलावा, एक शख्स ने फोन पर जानकारी दी कि मुंडक्कई में बड़ी संख्या में लोग दलदल में फंसे हुए हैं। यहां लोग जिंदगी और मौत से जूझ रहे हैं। उसने कहा कि अगर कोई मेप्पाडी से वाहन द्वारा यहां आ सकता है, तो हम सैकड़ों लोगों की जान बचा सकते हैं।

वायनाड जिले में मंगलवार को हुए भूस्खलन में अब तक कईयों की मौत हो चुकी है। मुंडक्काई, चूरालमाला, अट्टामाला और नूलपुझा गांव भूस्खलन से प्रभावित क्षेत्र हैं। 

ईट राइट इंडिया अभियान से जुड़ेंगे शिक्षण संस्थान

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ईट राइट इंडिया अभियान से जुड़ेंगे शिक्षण संस्थान

स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा, प्रदेश के राजकीय शिक्षण संस्थानों को ईट राइट इंडिया अभियान से जोड़ा जाएगा। इस अभियान के तहत शिक्षण संस्थानों, महाविद्यालयों एवं विवि में संचालित कैंटीनों में हाईजेनिक फूड प्रणाली विकसित की जाएगी।

इसके लिए विभाग की ओर से प्रशिक्षण की ठोस कार्ययोजना तैयार कर कैंटीन संचालकों काे प्रशिक्षण दिया जाएगा। हेल्दी एंड हाईजेनिक फूड स्ट्रीट प्रोग्राम के तहत पहले चरण में प्रदेश के चार नगर निगम क्षेत्रों में फूड स्ट्रीट को विकसित किया जाएगा, जिसमें मोटे अनाजों से बने खाद्य उत्पादों को प्रोत्साहित किया जाएगा।

सोमवार को खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग के सभागार में विभागीय समीक्षा बैठक में स्वास्थ्य मंत्री ने कहा, हेल्दी एंड हाइजेनिक फूड स्ट्रीट्स कार्यक्रम के तहत प्रदेश के चार नगर निगमों देहरादून (तरला नागल), रुद्रपुर (मुख्य बाजार), नैनीताल (तिकोनिया चौराहा) और हरिद्वार (मायापुर) में फूड स्ट्रीट विकसित की जाएगी।

जिसमें स्थानीय मोटे अनाजों से तैयार भोजन को प्रोत्साहित किया जाएगा। इसके लिए केंद्र सरकार से एक-एक करोड़ की धनराशि स्वीकृत की गई है। राज्य में जन औषिधि केंद्रों को बढ़ावा देने के साथ ही मेडिकल स्टोरों पर फार्मासिस्टों की तैनाती सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए। इसके साथ ही राज्य में फार्मा इंडस्ट्री को बढ़ावा के लिए नई कंपनियों की स्थापना के लिए सिंगल विडो सुविधा प्रदान करने को कहा।

बैठक में अधिकारियों ने बताया, वर्ष 2024 में अब तक ड्रग्स के 313 सैंपल लिए गए। इसमें 252 मानकों पर खरे पाए गए, जबकि 64 सैंपल फेल मिले। 14 फर्मों के खिलाफ कार्रवाई की गई, जबकि तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया। वर्ष 2023-24 में खाद्य संरक्षा के तहत 1,603 खाद्य पदार्थों के सैंपल लिए थे। इसमें 28 सैंपल असुरक्षित पाए गए।

यात्रा मार्गों पर चलाए गए अभियान के तहत कई खाद्य पदार्थों के 601 सैंपल की जांच की गई, जिसमें 529 असुरक्षित पाए गए। बैठक में अपर आयुक्त खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन ताजबर सिंह जग्गी, संयुक्त निदेशक खाद्य डॉ. आरके सिंह, उपायुक्त एफडीए जीसी कंडवाल, डॉ. सुधीर कुमार, डॉ. नीरज कुमार, जिला अभिहित अधिकारी पीसी जोशी आदि मौजूद थे।

Tehri: आपदा प्रभावितों से मिलने पहुंचे सीएम धामी, बुजुर्गों ने बयां किया दर्द

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Tehri: आपदा प्रभावितों से मिलने पहुंचे सीएम धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी टिहरी आपदा प्रभावित क्षेत्र का दौरा करने पहुंचे। उन्हें आपदा शिविर राजकीय इंटर कॉलेज विनयखाल में रह रहे पीड़ितों से मुलाकात की और हर संभव मदद का भरोसा दिलाया। सीएम के सामने इस दौरान कई पीड़ित भावुक हो गए है। खास तौर पर बुजुर्ग महिलाओं के आंसू छलक गए।

उत्तराखंड के कई इलाकों में भारी बारिश के चलते जन-जीवन अस्त व्यस्त हो गया है। भूस्खलन की घटनाएं बढ़ गईं। बीते शनिवार को टिहरी के तिनगढ़ गांव में एक बार फिर भूस्खलन हुआ। इसमें 15 आवासीय मकान मलबे में दब गए। हालांकि प्रशासन ने सुबह ही इन घरों को खाली करा लिया था, जिसके कारण कोई हताहत नहीं हुआ। ग्रामीणों को विनकखाल इंटर कॉलेज में शिफ्ट किया गया।

टिहरी के भिलंगना ब्लॉक के तोली गांव में भूस्खलन की चपेट में आए एक मकान के अंदर मां और बेटी दब गईं। जिससे दोनों की मौत हो गई। परिवार के अन्य सदस्यों ने देर रात किसी तरह बाहर भाग कर जान बचाई। मुख्यमंत्री पुष्कप सिंह धामी आज प्रभावितों का हाल जानने पहुंचे। सीएम ने कहा सरकार पीड़ितों के साथ खड़ी है।

भिलंगना ब्लाॅक के आपदा प्रभावित क्षेत्र का जायजा लेने के लिए सोमवार को गढ़वाल कमिश्नर विनय शंकर पांडेय भी पहुंचे थे। उन्होंने प्रभावितों को हर संभव मदद का भरोसा दिया है। उन्होंने जीआईसी विनयखाल में बनाए गए राहत शिविर में रह रहे प्रभावितों के लिए जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।

कमिश्रर ने कहा कि आपदा प्रभावित तिनगढ़ गांव का विस्थापन सुरक्षित जगह पर किया जाएगा। जबकि खतरे की जद में आए जखाणा और तोली गांव का शीघ्र ही भूगर्भीय सर्वेक्षण कराया जाएगा।

रिपोर्ट के आधार पर गांवों को आसपास सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने पुनर्वास और अन्य ट्रीटमेंट कार्य के लिए बनाई जाने वाली कमेटी में स्थानीय लोगों को भी शामिल करने के निर्देश दिए हैं।

गढ़वाल कमिश्नर ने कहा कि आपदा पीड़ितों के जीवन को पटरी पर लाने के लिए हर संभव मदद दी जा रही है। आपदा प्रभावित क्षेत्र की समस्याओं के समाधान के लिए धन की कमी आड़े नहीं आएगी। उन्होंने लोगों को बताया कि सीएम ने आपदा प्रबंधन सचिव को निर्देश दिए हैं कि टिहरी जिला प्रशासन से आपदा प्रभावित गांवों के पुनर्वास और ट्रीटमेंट आदि कार्य के लिए जो भी प्रस्ताव आएगा उसके अनुसार बजट शीघ्र जारी करें।

देहरादून से मंसूरी टनल परियोजना नए फ्लाई ओवर

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नई दिल्ली सूबे के कृषि व ग्रामीण विकास विकास मंत्री गणेश जोशी ने नई दिल्ली स्थित ट्रांसपोर्ट भवन में केंद्रीय सड़क, परिवहन एवं राजमार्ग राज्य मंत्री अजय टम्टा से भेंट की। मुलाकात के दौरान कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने केंद्रीय राज्य मंत्री अजय टम्टा से मसूरी टनल निर्माण तथा किमाड़ी मोटर मार्ग के निर्माण का अनुरोध किया।

कैबिनेट मंत्री जोशी ने मसूरी टनल परियोजना के संबंध मे चर्चा की। केंद्रीय मंत्री ने बताया कि मसूरी टनल का नवीन संरक्षण के साथ डीपीआर गठित किए जाने की कार्यवाही की जा रही है। मसूरी टनल निर्माण के बाद देहरादून मसूरी मार्ग पर जाम की स्थिति नहीं रहेगी। इसके निर्माण के बाद स्थानीय निवासियों के साथ-साथ पर्यटकों को भी लाभ होगा। चारधाम यात्रा के दौरान गंगोत्री और यमुनोत्री जाने वाले तीर्थ यात्रियों को भी सहूलियत होगी।
इसके अतिरिक्त, देहरादून से किमाड़ी होकर हाथीपांव मसूरी जाने वाली सड़क के चौड़ीकरण का अनुरोध भी केंद्रीय राज्य मंत्री से किया। उन्होंने बताया कि देहरादून मसूरी मार्ग पर जाम होने के कारण इस मार्ग को बाईपास के तौर पर प्रयोग किया जाता है। कैबिनेट मंत्री ने किमाड़ी-मसूरी सड़क की महत्ता को देखते हुए केंद्रीय सड़क निधि के माध्यम से इस सड़क निर्माण के लिए बजट स्वीकृत करने का अनुरोध किया। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सीआरएफ मद (केंद्रीय सड़क निधि) के माध्यम से प्रस्ताव भेजने पर अप्रूवल दिया।
इस दौरान कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने केंद्रीय राज्य मंत्री अजय टम्टा से दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस वे, देहरादून मसूरी कनेक्टिविटी रोड़, देहरादून रिंग रोड़ तथा देहरादून-पांवटा साहिब परियोजना के संबंध में विस्तार से चर्चा की गई।

हंसराज रघुवशी शिवमय करेंगे शिव समागम

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हंसराज रघुवशी शिवमय करेंगे शिव समागम

हंसराज रघुवशी शिवमय करेंगे शिव समागम देहरादून सावन महीने भगवान शिव की माँ गंगा के जल को लाने वाले शिव भक्तो के रंग से हरी का द्धार पूरी तरह शिवमय हो चूका है मंगलवार को हरिद्वार पुलिस ने शाम चार बजे से ॐ घाट पर शिव समागम में फेमस गायक हंसराज रंघुवशी अपने भजन से शिव भक्तो को अपनी तरफ आकर्षित करेंगे उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी हरिद्वार में आयोजित हो रहे कार्यक्रम में शामिल होने के साथ साथ शिव भक्त कावड़ियों से भी मिलेंगे हर साल कावड़ यात्रा में उत्तराखंड सरकार भोले के भक्तो पर पुष्प वर्षा करती है

कांवड़ मेला पूरी तरह चरम पर पहुंच चुका है और गंगा घाटों से लेकर हाईवे केसरिया रंग में रंगा नजर आ रहा है। सोमवार को 62 लाख कांवड़ यात्रियों ने गंगाजल भरा और अपने गंतव्य के लिए रवाना हो गए। आठ दिन के अंदर एक करोड़ 83 लाख 40 हजार कांवड़ियों की संख्या पहुंच गई है। 47 कांवड़ियों को डूबने से बचाया गया है और एक कांवड़िया डूबकर लापता हो गया।

धर्मनगरी में पैदल जाने वाले कांवड़ यात्रियों की संख्या में कमी आई है तो डाक कांवड़ियों का सैलाब उमड़ पड़ा है। हरिद्वार से जाने और आने वाले रास्तों पर डाक कांवड़ियों का कब्जा है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेंद्र सिंह डोबाल ने बताया कि सोमवार की शाम छह बजे तक 62 लाख कांवड़ यात्री गंगाजल भरकर रवाना हुए हैं।

जम्मू कश्मीर के सोपोर में सोमवार दोपहर को रहस्यमयी विस्फोट

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जम्मू कश्मीर के सोपोर में सोमवार दोपहर को रहस्यमयी विस्फोट

उत्तरी कश्मीर के सोपोर में सोमवार दोपहर को रहस्यमयी विस्फोट में चार लोगों की मौत हो गई। अधिकारियों ने बताया कि शायर कॉलोनी सोपोर में एक रहस्यमयी विस्फोट हुआ, जिसमें चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए और उन्हें बाद में नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उनमें से तीन को मृत घोषित कर दिया।

गंभीर रूप से घायल एक अन्य व्यक्ति को एसकेआईएमएस सौरा रेफर किया गया, हालांकि अस्पताल ले जाते समय उसकी मौत हो गई। अधिकारियों ने मृतकों की पहचान शायर कॉलोनी निवासी नजीर अहमद नदरु, शायर कॉलोनी निवासी आजम अशरफ मीर और आदिल राशिद भट के रूप में की गई है। अन्य व्यक्ति की पहचान की जा रही है। इस बीच पुलिस ने इस संबंध में मामला दर्ज कर लिया है और जांच शुरू कर दी है।

हाइड्रोजन ट्रेन को हरी झंडी की तैयारी

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हाइड्रोजन ट्रेन को हरी झंडी की तैयारी

केंद्र सरकार भारतीय रेलवे का कायाकल्प के लिए लगातार कोशिश कर रही है। इसमें यात्रियों को सुरक्षा देने से लेकर ट्रेनों में कवच सिस्टम लगाना भी शामिल है। इस बीच भारतीय रेलवे ने हाइड्रोजन गैस से ट्रेन चलाने की तैयारी शुरू कर दी है। रेलवे बोर्ड के सदस्य अनिल कुमार खंडेलवाल ने कहा कि भारत इस साल अपनी पहली हाइड्रोजन ट्रेन का संचालन शुरू कर देगा। 2047 तक ऐसी ट्रेनों की संख्या बढ़कर 50 हो जाएगी।

रेलवे बोर्ड के सदस्य अनिल कुमार खंडेलवाल का कहना है कि 16 जुलाई को कवच के चौथे वर्जन का अंतिम विनिर्देश कर लिया गया है। अब हम इसे पूरे देश में लागू करने जा रहे हैं। 1,400 किलोमीटर के ट्रैक पर काम पूरा हो चुका है। दिल्ली-मुंबई और दिल्ली-हावड़ा के 3,000 किलोमीटर के लिए बोलियां स्वीकार की जा रही हैं। इस बजट में रेलवे को 2,62,200 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। इसमें से करीब 1.08 लाख करोड़ रुपये केवल सुरक्षा बढ़ाने के लिए उपयोग किए जाएंगे।

रेलवे अफसरों का कहना है कि गति शक्ति के आने से काम की रफ्तार में इजाफा हुआ है। अब सालाना 70 से 80 प्रोजेक्ट अप्रूवल किए जा रहे हैं, इनकी संख्या पहले 7 से 8 थी। रेलवे प्रतिदिन 14.50 किलोमीटर ट्रैक का निर्माण कर रहा है। पिछले वर्ष 5,000 किलोमीटर के ट्रैक का निर्माण किया गया। उन्होंने बुलेट ट्रेन को लेकर कहा कि 2027 तक देश में पहली बुलेट ट्रेन देखने को मिल सकती है।

क्या है हाइड्रोजन ट्रेन:
हाइड्रोजन ट्रेन हाइड्रोजन फ्यूल से चलने वाली ट्रेन है। इस रेलगाड़ियों में डीजल इंजन के बजाए हाइड्रोजन फ्यूल सेल्स लगाए जाते है। ये ट्रेनें कार्बन डाइऑक्साइड, नाइट्रोजन या पार्टिकुलेट मैटर जैसे हानिकारक प्रदूषकों का उत्सर्जन नहीं होता। इन ट्रेनों के चलने से प्रदूषण को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी। हाइड्रोजन फ्यूल सेल्स की मदद से हाइड्रोजन और ऑक्सीजन को बदलकर बिजली पैदा की जाती है। इसी बिजली का इस्तेमाल ट्रेन को चलाने में किया जाता है।

ट्रेन की खासियत:
हाइड्रोजन से चलने वाली ट्रेनों को हाइड्रेल भी कहते है। इस ट्रेन की खासियत की बात करें, तो ये ट्रेनें बिना धुआं छोड़े दौड़ेंगी, जिससे प्रदूषण नहीं होगा। इस ट्रेन में 4 से 6 कोच होंगे। सबसे पहले ये ट्रेन हरियाणा के जींद और सोनीपत के बीच चलेगी। इसके बाद दार्जिलिंग हिमालयन रेलवे, नीलगिरी माउंटेन रेलवे, कालका शिमला रेलवे, माथेरान रेलवे, कांगड़ा घाटी, बिलमोरा वाघई और मारवाड़-देवगढ़ मदारिया रूट पर चलेगी। ये ट्रेन 140 किमी/घंटे की रफ्तार से 1000 किमी दौड़ सकती है। हालांकि भारत में चलने वाली ये ट्रेने फिलहाल 100 किमी की दूरी तय करेगी। रेलवे के कपूरथला और इंटीग्रल कोच फैक्ट्री में इन ट्रेनों को तैयार किया जा रहा है।

केंद्रीय बजट में रेलवे को 2 लाख 62 हजार करोड़ का बजट आवंटन दिया है। इसमें 1 लाख 8 हजार करोड़ रुपये सेफ्टी बढ़ाने के लिए है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का कहना है कि पीएम मोदी ने 10 वर्षों में रेलवे को मजबूत करने के हर तरीके पर ध्यान दिया है। 2014 के पहले 60 साल देखें तो 20,000 किलोमीटर रेलवे का विद्युतीकरण हुआ था। 10 सालों में 40,000 किलोमीटर रेलवे विद्युतीकरण हुआ है। 2014 में नए ट्रैक 3 से 4 किलोमीटर एक दिन में बनते थे। पिछले वर्ष 14.50 किलोमीटर प्रतिदिन, पूरे साल में 5,300 किलोमीटर नए ट्रैक बने हैं।