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सीएम धामी बोले-हर जिले में बनेंगे मॉडल आयुष ग्राम

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा, आयुर्वेद व वेलनेस को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश के हर जिले में मॉडल आयुष ग्राम बनाए जाएंगे। इसके साथ ही 50 व 10 बेड के आयुष अस्पतालों का निर्माण किया जाएगा। उत्तराखंड जल्द ही देश की पहली योग नीति को लागू करेगा। यह नीति आयुर्वेद और योग के माध्यम से स्वास्थ्य के क्षेत्र में नई क्रांति लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। राज्य में अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान खोलने के लिए केंद्र सरकार स्तर पर प्रक्रिया चल रही है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी व केंद्रीय आयुष राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) प्रताप राव जाधव ने दसवें विश्व आयुर्वेद कांग्रेस एवं आरोग्य एक्सपो शुभारंभ किया। इस मौके पर सीएम धामी ने कहा, विश्व आयुर्वेद कांग्रेस आयुष क्षेत्र में परस्पर ज्ञान साझा करने व विभिन्न शोध कार्यों को बढ़ावा देने के साथ व्यापार के नए अवसरों को बढ़ावा देगा। उत्तराखंड योग व आयुर्वेद की प्रज्ञा भूमि रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से प्राचीन चिकित्सा विज्ञान को विश्व में मान्यता मिल रही है

National Games राष्ट्रीय खेल लॉन्च होंगे लोगो, एंथम और शुभंकर समेत 5 सिंबल

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देहरादून 12 दिसंबर । आगामी 28 जनवरी से उत्तराखंड में होने वाले 38 वे राष्ट्रीय खेलों National Games के पांच सिंबल लोगो, एंथम, शुभंकर, टॉर्च और जर्सी 15 दिसंबर को लॉन्च किए जाएंगे । इस मौके पर केंद्रीय खेल राज्य मंत्री और भारतीय ओलंपिक संघ अध्यक्ष पीटी उषा भी मौजूद रहेंगे । गुरुवार को राज्य की खेल मंत्री रेखा आर्या ने यह जानकारी सचिवालय मीडिया सेंटर में आयोजित प्रेस वार्ता में दी।

खेल मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि बुधवार को कैबिनेट मीटिंग खत्म होने के बाद वह दिल्ली रवाना हो गई थी, जहां उन्होंने केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडवीया, केंद्रीय खेल राज्य मंत्री रक्षा खडसे और भारतीय ओलंपिक संघ अध्यक्ष पीटी उषा से मुलाकात की। उन्होंने बताया कि 15 दिसंबर को होने वाले सिंबल लॉन्चिंग कार्यक्रम में शामिल होने के लिए उन्होंने केंद्रीय मंत्री और पीटी उषा को निमंत्रण भी दिया ।

खेल मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि 15 दिसंबर को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी आगामी राष्ट्रीय खेलों का लोगो, एंथम, शुभंकर और टॉर्च लॉन्च करेंगे। इसके अलावा इन खेलों में उत्तराखंड के खिलाड़ियों के लिए विशेष रूप से तैयार की गई जर्सी की लॉन्चिंग भी की जाएगी। लॉन्चिंग के बाद टॉर्च को एकता और सामूहिकता के प्रतीक के रूप में पूरे राज्य में घुमाया जाएगा।

खेल मंत्री ने बताया कि फिलहाल प्रदेश में राष्ट्रीय खेलों के लिए खिलाड़ियों को तैयार करने के मकसद से कुल 42 कैंप चल रहे हैं जिनमें 1260 खिलाड़ी प्रशिक्षण ले रहे हैं। बेहतर प्रशिक्षण देने के उद्देश्य से न सिर्फ दूसरे राज्यों से अच्छे कोचों को बुलाया गया है बल्कि कुछ कोचों को विदेशों से भी आमंत्रित किया गया है। इस अवसर पर विशेष सचिव अमित सिन्हा भी मौजूद रहे।

परंपरागत खेलों को मेडल गेम्स में लाने के लिए पीटी उषा से वार्ता

इस मौके पर खेल मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि प्रदेश के परंपरागत खेलों योग, मलखंब, राफ्टिंग, कलारीपट्टू आदि को कोर इवेंट के रूप में राष्ट्रीय खेलों में शामिल करने के मुद्दे पर बुधवार रात को उनकी भारतीय खेल संघ अध्यक्ष पीटी उषा से वार्ता हुई। उन्होंने बताया कि संघ अध्यक्ष पीटी उषा ने इस पर सकारात्मक रवैया दिखाया है और संभावत: 15 दिसंबर को सिंबल लॉन्चिंग होने से पहले इस पर फैसला भी हो जाएगा ।

जहां इवेंट वही ट्रेनिंग लेंगे प्रदेश के खिलाड़ी

खेल मंत्री ने बताया कि प्रदेश के खिलाड़ियों का इन खेलों में प्रदर्शन बेहतर से बेहतर हो सके इसके लिए यह कोशिश की जा रही है कि जिन स्थानों पर जो इवेंट होने हैं उनके खिलाड़ियों को उन्हीं स्थानों पर प्रशिक्षण दिया जाए । ताकि वह खेल स्थल के वातावरण से पूरी तरह परिचित हो सके । उन्होंने कहा कि वह खुद खेल प्रशिक्षण शिविरों का लगातार निरीक्षण करके खिलाड़ियों से बातचीत कर रही है, ताकि उन्हें सारी सुविधाएं मिल सकें।

खिलाड़ियों से पूछा और क्या चाहिए बताओ

खेल मंत्री रेखा आर्या में गुरुवार को बास्केटबॉल और लाॅनबॉल शिविरों का निरीक्षण भी किया । राजीव गांधी स्पोर्ट्स स्टेडियम में चल रहे बास्केटबॉल प्रशिक्षण सिविर में उन्होंने पहले ही प्रयास में बाॅल पाॅड कर खिलाड़ियों की तालियां बटोरी। उन्होंने खिलाड़ियों से पूछा कि उन्हें डाइट में क्या-क्या मिल रहा है, कोच कैसे हैं, ट्रेनिंग अच्छी हो रही है या नहीं । मंत्री ने खिलाड़ियों से एक-एक कर यह भी पूछा कि अगर उन्हें किसी और चीज की आवश्यकता है या कोई कमी महसूस होती है तो उसके बारे में भी बताइए । उन्होंने खिलाड़ियों को नेशनल गेम्स में बेस्ट परफॉर्मेंस देने के लिए प्रेरित भी किया।

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आईपीएस अफसरों के तबादले, स्वरूप बने आईजी गढ़वाल

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शासन ने बुधवार रात पुलिस विभाग में बड़ा फेरबदल किया है। पांच आईपीएस अधिकारियों के तबादले किए गए हैं। शासन ने बुधवार रात पुलिस विभाग में बड़ा फेरबदल किया है। दो साल से भी ज्यादा समय से आईजी गढ़वाल की जिम्मेदारियां देख रहे करण सिंह नगण्याल का तबादला करते हुए अब ये जिम्मेदारी राजीव स्वरूप को दी गई है। एडीजी अमित सिन्हा के पास अब शासन में खेल विभाग और डाइरेक्टर एफएसएल की जिम्मेदारी रहेगी। राष्ट्रीय खेलों को देख उनसे सीसीटीएनएस की जिम्मेदारी हटा दी गई है। उधर, पूर्व डीजीपी अभिनव कुमार के जाने के बाद मुख्यालय में कानून व्यवस्था किसी के पास नहीं थी।

मुरुगेशन के पास सीबीसीआईडी और निदेशक विजिलेंस का चार्ज भी बना रहेगा। बता दें कि कानून व्यवस्था का चार्ज पिछले दिनों मुख्यमंत्री के मुख्यालय निरीक्षण के बाद पूर्व डीजीपी अभिनव कुमार के पास चला गया था। इनके अलावा एडीजी एपी अंशुमन को सीसीटीएनएस और दूरसंचार का अतिरिक्त कार्यभार दिया है। अंशुमन के पास प्रशासन व इंटेलिजेंस सिक्योरिटी व पीएसी की जिम्मेदारी बनी रहेगी। आईजी करण सिंह नगण्याल को अब आईजी इंटेलिजेंस व सिक्योरिटी का चार्ज दिया गया है। 

कड़के की ठंड सीएम धामी ने जरूरतमंदों को वितरित किए कंबल

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देहरादून उत्तराखंड सीएम पुष्कर सिंह धामी कड़के की ठंड के बीच ऐसे जरूरतमंद लोगों के बीच पहुंचें जिनको कंबल वितरित कर सीएम ने उनकी कुशल शेम पूछी धामी ने जरूरतमंदों से बात भी की

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को देर रात आई.एस.बी.टी, देहरादून में बेसहारा एवं बेघर लोगों, मलिन बस्तियों में रहने वाले लोगो को सर्दी से बचाव हेतु कंबल वितरित किए। मुख्यमंत्री ने ट्रांसपोर्ट नगर आईएसबीटी स्थित रैन बसेरे का भी औचक निरीक्षण कर विभिन्न व्यवस्थाओं का जयजा लिया। उन्होंने रैन बसेरे में रह रहे लोगों का कुशलक्षेम भी जाना।

दीपक रावत दरबार में गुंजा करोड़ों का गबन मामला चौपड़ा दंपति पर गिरफ्तारी की लटकी तलवार

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हल्द्वानी IAS दीपक रावत उत्तराखंड में सबसे तेज कारवाही किए जाने वाले अफसरों में जाने जाते है उनके दरबार में सियासत नहीं चलती बल्कि सीधे पीड़ित की सुनवाई होती है दीपक रावत हरिद्वार में रहते हुए सबसे अधिक वायरल आईएएस बने थे उनका पीछा सोशल मीडिया पर उत्तराखंड का कोई भी IAS अफसर नहीं कर सका है

पब्लिक से जुड़े मामलों पर उनकी तुरत कारवाही लोगो को अपनी तरफ आकर्षित लिए जाने में अहम है उनके अंदर राजनेताओं जैसी प्रतिभा देखने को मिलती है उत्तराखंड के सबसे तेज वायरल अफसरों में पहचान रखने वाले आईएएस दीपक रावत वर्तमान में कुमायूं मंडल कमिश्नर है उनका जनता दरबार हर समय शिकायतों पर तुरत कारवाही करता देखा जाता है

मंगलवार को कैंप हल्द्वानी में सचिव/कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत के सामने 6 से 7 करोड़ के गबन का मामला जनसुनवाई में आया। जिसमें समूह के नाम पर 50 से अधिक व्यक्तियों के साथ धोखाधड़ी की गई है।

शिकायतकर्ताओं ने कुमाऊं आयुक्त से गुहार लगाते हुए समूह के नाम पर धोखाधड़ी करने वाले पति-पत्नी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तार करने की गुहार लगाई है।

हल्द्वानी की कई महिलाओं ने शिकायत की कि रामपुर रोड निवासी भारती चोपड़ा और उसके पति विकास चोपड़ा एक समूह चलाते थे जिसमें जमा की गई रकम से कहीं ज्यादा धनराशि दी जाती थी। इसी को देखते हुए उन्होंने समूह में धनराशि जमा करनी शुरू की गई।

कमिश्नर दरबार में आई शिकायतकर्ताओं ने बताया कि वह 2016 से समूह में रकम जमा कर रही थी। कई महिलाओं ने 20 लाख, 34 लाख, 7 लाख 45 हजार, 14 लाख जैसी रकम जमा कर दी। इसी प्रकार लगभग समूह में 50 से अधिक व्यक्तियों ने लगभग 6 से 7 करोड़ रुपया जमा किया। लेकिन अब समूह चलाने वाली भारती चोपड़ा एवं उसके पति विकास चोपड़ा ना तो समूह के सदस्यों का फोन उठा रहे हैं और ना ही कोई जवाब उनकी तरफ से दिया जा रहा है। शिकायतकर्ताओं ने कहा कि उनका शक है कि भारती चोपड़ा और विकास चोपड़ा शहर से भाग सकते हैं लिहाजा उन पर मुकदमा दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया जाए।

हरिद्वार के संतों ने किया गंगा में ड्रेजिंग का समर्थन

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हरिद्वार के संतों ने किया गंगा में ड्रेजिंग का समर्थन

निरंजनी अखाड़ा के महामंडलेश्वर ललितानंद गिरी महाराज ने गंगा सहित सभी नदियों में नियमित सफाई (ड्रेजिंग) कार्य का समर्थन किया है, उन्होंने गंगा से सिल्ट हटाए जाने को खनन करार दिए जाने पर भी सवाल उठाए हैं।
एएनआई से बातचीत में महामंडलेश्वर ललितानंद गिरी महाराज ने कहा कि बीते कई सालों से हरिद्वार से बहने वाली गंगा नंदी में ड्रेजिंग नहीं हो पाने के कारण, नदी तटों के साथ ही आस पास के क्षेत्रों में बाढ़ जैसी स्थिति पैदा हो रही है।

इस कारण अब गंगा नदी की समुचित गहराई बरकरार रखने के लिए नदी से सिल्ट हटाने काम किया जा रहा है, लेकिन मातृ सदन के संतों द्वारा इसे खनन करार देकर विरोध किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बाढ़ जैसी स्थिति से बचने के लिए गंगा ही नहीं सभी नदियों में ड्रेजिंग आवश्यक है। ऐसा नहीं होने पर प्रतिवर्ष मानूसन सीजन के दौरान नदी में सिल्ट और पत्थर जमा हो जाते हैं। जिससे नदी तल उठने से बाढ़ का पानी लोगों के घरों में घुस जाता है।

इसलिए मातृ सदन के संतों को ड्रेजिंग कार्य के खिलाफ अनशन के बजाय सरकार से बात करनी चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर मातृ सदन के संत अकेले अनशन क्यों कर रहे हैं, उन्हें इसके लिए पूरे संत समाज से बात करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि इस विषय पर अनावश्यक राजनीति नहीं होनी चाहिए।

सीएम पुष्कर फायर नेता फॉयर ब्रांड नेता टी राजा के ट्वीट वायरल

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तेलांगना के फॉयर ब्रांड नेता टी राजा ने ट्वीट कर की सीएम धामी की जमकर प्रशंसा करते हुए उनको फायर नेता करार दिया है ट्विटर पर पोस्ट वायरल हुई तो मीडिया में खबर की सुर्खियां एक बार फिर सीएम धामी बन गए है हिन्दूवादी संगठनों के उत्तरकाशी में आयोजित महापंचायत में पहुंचे टी राजा ने लैंड जेहाद, लव जेहाद और थूक जेहाद पर मुख्यमंत्री के एक्शन को ऐतिहासिक बताते हुए धामी को फायर नेता बताया

रिकॉर्ड समय में देवभूमि को 5000 एकड़ से भी ज्यादा अतिक्रमण मुक्त करने पर धाकड़ धामी बने पूरे देश के लिए मिसाल : टी राजा

देहरादून। उत्तरकाशी में मस्जिद बनाए जाने का ताजा मामला भले ही अब सुर्खियों में आया हो लेकिन धामी सरकार पहले से ही लैंड जेहाद के खिलाफ सख्त रुख अपनाए हुए है। पुष्कर सिंह धाम के कड़े निर्देश पर प्रदेशभर में धार्मिक स्थलों की आड़ में जमीनों पर किए जा रहे अवैध अतिक्रमण को एक अभियान चलाकर घ्वस्त किया गया। अब तक 5000 एकड़ से ज्यादा भूमि अतिक्रमण से मुक्त करवाई जा चुकी है। इन जमीनों पर हरी, नीली और पीली चादर चढ़ाकर अतिक्रमण किया गया था। इतना ही नहीं धामी सरकार ने देवभूमि में धर्मांतरण विरोधी सख्त कानून बनाकर लव जेहाद करने वालों के मनसूबों पर भी पानी फेरा है। थूक जेहाद के खिलाफ धामी का एक्शन भी देशभर में सुर्खियों में रहा। रविवार को हिन्दू संगठनों की महापंचायत में उत्तरकाशी पहुंचे हिस्सा लेने के लिए बीजेपी के फायर ब्रांड नेता टी राजा ने भी लैंड जेहाद, लव जेहाद और थकू जेहाद के खिलाफ की गई धामी सरकार की कार्रवाई की जमकर प्रशंसा की है। इस सम्बंध में उन्होंने बाकायदा ट़विट किया है।

उत्तराखंड में वर्ष 2023 में लैंड जिहाद को लेकर व्यापक अभियान छेड़ा गया था। वन भूमि पर बनी मजारों के खिलाफ अभियान चलाते हुए जमीनों को मुक्त कराया गया। लैंड जिहाद के नाम पर वन भूमि और सरकारी भूमि पर बनी मजारों और मस्जिदों को हटा कर जमीनों को अतिक्रमणमुक्त कराया गया। हालांकि, कई स्थानों पर सरकारी तंत्र को विरोध का सामना भी करना पड़ा, लेकिन सीएम धामी के सख्त आदेश के चलते सरकारी जमीनों को अतिक्रमणमुक्त कराने में पूरा अमला जुटा रहा। इस दौरान 5000 एकड़ से भी अधिक सरकारी जमीन से अतिक्रमण हटाया गया। यह अभियान अभी भी बदस्तूर जारी है। इसके साथ ही धर्मांतरण को लेकर भी सीएम धामी ने सख्त कानून बना कर इसका सख्ती से पालन करवाने के निर्देश अफसरों को दिए हैं। प्रदेश में किसी तरह का दंगा न हो, कोई आगजनी की घटना न हो, सार्वजनिक संपत्ति को कोई नुकसान न पहुंचाए इसको देखते हुए दंगारोधी कानून भी बना दिया गया है।

जिहादियों के लिए खौफ बने सीएम धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड में अतिक्रमण और लैंड जिहाद के खिलाफ जो अभियान शुरू किया है, वह न केवल प्रदेश की सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत की रक्षा के लिए एक मील का पत्थर साबित हुआ है, बल्कि पूरे देश में एक प्रेरणादायक मिसाल बन गया है। उनकी सख्त और निर्णायक नीतियों ने उन्हें ‘धर्मरक्षक’ के रूप में पहचान दिलाई है, जो अब केवल उत्तराखंड तक सीमित नहीं, बल्कि देशभर में गूंज रही है। देवभूमि उत्तराखंड धर्म, संस्कृति, और आध्यात्मिकता का केंद्र है। यहां की पवित्र भूमि पर अतिक्रमण और लैंड जिहाद जैसे कृत्यों ने प्रदेश की गरिमा को चुनौती दी थी। जब मुख्यमंत्री धामी ने तीन वर्ष पूर्व प्रदेश की बागडोर संभाली, तब से उन्होंने यह स्पष्ट कर दिया था कि धर्म, संस्कृति और स्वाभिमान को चोट पहुंचाने वालों को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

अन्य राज्यों के लिए प्रेरणा

सीएम धामी की दबंग छवि और उनके सख्त फैसलों ने उन्हें केवल उत्तराखंड में ही नहीं, बल्कि देशभर में एक आदर्श नेता के रूप में स्थापित किया है। उनके कार्यों से प्रेरित होकर अन्य राज्य भी लैंड जिहाद और अवैध अतिक्रमण जैसी समस्याओं पर सख्त कदम उठाने की योजना बना रहे हैं। यह उनकी कड़ी नीतियों और नेतृत्व क्षमता का ही परिणाम है कि उन्हें अब पूरे देश में धर्मरक्षक मुख्यमंत्री के रूप में सम्मानित किया जा रहा है। सीएम धामी ने अपने निर्णयों से यह सुनिश्चित किया है कि धर्म, संस्कृति, और प्रदेश की अस्मिता की रक्षा केवल एक प्रशासनिक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि एक नैतिक कर्तव्य भी है। उनकी नीतियां न केवल वर्तमान पीढ़ी के लिए सुरक्षित भविष्य का आधार तैयार कर रही हैं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए भी देवभूमि की पवित्रता को संरक्षित करने का मार्ग प्रशस्त कर रही हैं।

सीएम पुष्कर पहुंचे राजू भैया पान वाले की दुकान पुरानी यादें ताजा कर कुछ इस अंदाज में मिले

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देहरादून सीएम पुष्कर सिंह धामी का पुराना अंदाज एक बार फिर देखने को मिला है देहरादून यमुना कॉलोनी में जाते हुए धामी ने अपने पुराने परिचित राजू भाई पान वाले की दुकान पर सरकारी काफिला रुकवाते हुए हाल चाल जाना सीएम धामी ने कई दूसरे दुकानदारों से भी बात चीत करते हुए सरकार का फीडबैक भी लिया

सरल स्वभाव मिलनसार सीएम पुष्कर सिंह धामी अपने अंदाज से लोगो को अपनी तरफ आकर्षित करते रहते है देहरादून में अपने पुराने परिचित राजू भाई की दुकान पर पहुंचे तो उनको देखकर अपने बीच राजू उर्फ राजेश खासे प्रभावित नजर आए है धामी ने कई दूसरे दुकानदारों के बीच पहुंचकर खरीदारी भी की

यमुना कॉलोनी से पुष्कर सिंह धामी का काफी पुराना नाता है जब वो विधायक नहीं बने थे उससे पहले से उनकी राजनीति का ठिकाना यही होता था पुराने साथी मित्र यमुना कॉलोनी में आकर पुष्कर सिंह धामी से मिला करते थे अपने बीच सीएम धामी को पाकर कई दुकानदार प्रसन्न नजर आए

केदारनाथ चक्रव्यूह भांपने में कामयाब रही धामी टीम लहरा दिया विजय का भगवा

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उत्तराखंड सियासत के युवा दिलो से लेकर हर दिल अजीज मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी केदारनाथ

केदारनाथ में पुष्कर बैटिंग से कांग्रेस सेमीफाइनल रूपी चुनाव हारी

भगवा लहराकर धामी ने बढ़ाया अपना राजनैतिक कद

धामी टीम ने भाप लिया था केदार चक्रव्यूह फिर ऐसे किया राजनैतिक प्रहार

केदारनाथ उपचुनाव में कांग्रेस को 2027 के सेमीफाइनल का राजनैतिक राग अलापना महंगा साबित पढ़ा है राज्य के सीएम पुष्कर सिंह धामी के खिलाफ केदारनगरी में यात्रा मार्ग पर कांग्रेस का नकारात्मक प्रचार बीजेपी को जीत की चौखट पर पहुंचाने में कामयाब रहा धामी टीम ने समय रहते कांग्रेस चक्रव्यूह को भाप लिया था जिसका नतीजा चुनावी जीत के रूप में भगवा है

केदारनाथ उपचुनाव में सीएम धामी की घेराबंदी करके कांग्रेस ने जो चक्रव्यूह तैयार किया था उसको राजनैतिक जनसेवक पुष्कर सिंह धामी ने आसानी से भेदकर कांग्रेस को सेमीफाइनल रूपी केदारनाथ से बाहर का रास्ता दिखा दिया अब राजनैतिक गलियारों में चर्चा है जो पार्टी केदारनाथ का उपचुनाव हार कर सेमीफाइनल से बाहर हो गई वो कैसे 2027 के राजनैतिक मैच में खेलेगी बरहाल केदारनाथ चुनाव जीत कर पुष्कर सिंह धामी ने अपने राजनैतिक कौशल से देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगाध आस्था से जुड़ी सीट केदारनाथ में भगवा लहरा कर अपने राजनैतिक विरोधियों को कड़ा जवाब दिया है

उत्तराखंड सियासत के युवा दिलो से लेकर हर दिल अजीज मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी केदारनाथ

बीजेपी सूत्र बताते है केदारनाथ उपचुनाव में बीजेपी के बूथ अध्यक्ष अपना बूथ नहीं बचा सके उनके ऊपर जवाब दिए जाने का दवाब बन गया है बीजेपी जल्द अपने हारे बूथ की समीक्षा करेंगी ताकि पता लगाया जा सके चूक कैसे हुई और भविष्य का समाधान क्या है

सीएम पुष्कर सिंह धामी केदारनाथ की जीत से राजनैतिक गलियारों में अपना प्रभाव मजबूत किए जाने में कामयाब रहे है विकास विजन पर वो केदार नगरी में मतदाताओं के भरोसे को आने वाले दिनों में अधिक मजबूती देते नजर आएंगे केदारनाथ उपचुनाव में पुष्कर सिंह धामी अपने राजनैतिक नजरिए से 12 की SC जनसभा से चुनावी टेंपू मेंटेन करते देखे गए थे

राजनैतिक गलियारों में उसी दिन से चुनाव उठना शुरू हुआ जो एक सप्ताह तक बीजेपी वर्कर के बीच आशा की किरण के रूप में बीजेपी की आशा का विजय शंखनाद तय कर गया था कुल मिलाकर सीएम पुष्कर सिंह धामी ने केदारनाथ उपचुनाव जीतकर अपनी राजनैतिक विरोधी कांग्रेस को सेमीफाइनल में हरा कर बाहर का रास्ता दिखा दिया है