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यूसीसी, शीतकालीन यात्रा व प्लास्टिक मुक्त अभियान पर उत्तराखंड को बड़ी शाबासी

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बड़ा मंच, तीन विषय और उत्तराखंड को बड़ी शाबासी

यूसीसी, शीतकालीन यात्रा व प्लास्टिक मुक्त अभियान पर मोदी ने की सराहना

राष्ट्रीय खेल के मंच से देश-दुनिया को बताए उत्तराखंड के प्रयास

शीतकालीन यात्रा की ब्रांडिंग कर सरकार के प्रयासों को दी गति

मंगलवार को यह बड़ा मंच राष्ट्रीय खेलों का था, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खेल विकास से जुड़ी कई अहम बातें कीं। मगर तीन ऐसे विषय भी उठाए, जिनमें उत्तराखंड के विशेष प्रयास हैं। प्रधानमंत्री ने उत्तराखंड के इन प्रयासों को नए सिरे से रेखांकित करते हुए धामी सरकार की खुलकर सराहना की और शाबासी दी। यह तीन विषय थे-यूसीसी, शीतकालीन यात्रा और प्लास्टिक मुक्त अभियान।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सराहना के बाद धामी सरकार के प्रयास देश-दुनिया तक और प्रभावी ढंग से पहुंचे हैं। एक दिन पहले उत्तराखंड में लागू समान नागरिक संहिता यानी यूसीसी का प्रधानमंत्री ने खास तौर पर जिक्र किया। खेल और यूसीसी में सबको साथ लेकर चलने की अंतर्निहित भावना को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिलचस्प ढंग से जोड़ा।

हाल ही में शीतकालीन यात्रा के लिए जिस तरह से धामी सरकार ने पहल की है, उसे प्रधानमंत्री के पूर्ण समर्थन के खास मायने रहे। उत्तराखंड की स्थानीय आर्थिकी के व्यापक हितों के लिए शुरू की गई शीतकालीन यात्रा के संबंध में प्रधानमंत्री का यह वक्तव्य अहम रहा कि वह खुद इस यात्रा का हिस्सा बनना चाहते हैं। पिछले दिनों अपने दिल्ली प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री से भेंट कर उन्हें शीतकालीन यात्रा पर आने के लिए आमंत्रित भी किया था। यात्रा की ब्रांडिंग कर प्रधानमंत्री राज्य सरकार के प्रयासों को भी गति दे गए।

राष्ट्रीय खेलों की ग्रीन गेम्स की थीम पर प्रधानमंत्री प्रभावित नजर आए। ई-वेस्ट से पदक निर्माण, विजेता खिलाड़ियों के स्तर पर पौधरोपण जैसी पहल पर प्रधानमंत्री खूब बोले। उन्होंने इसके साथ ही, धामी सरकार के प्लास्टिक मुक्ति के लिए किए जा रहे प्रयासों को भी खुलकर सराहा।

38वें राष्ट्रीय खेल सोने पर सुहागा धामी बोले गौरव क्षण

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देहरादून में 38वें राष्ट्रीय खेलों के आयोजन की तैयारियाँ पूरी जोर-शोर से चल रही हैं, और यह आयोजन उत्तराखंड के लिए खास महत्व रखता है, खासकर राज्य की रजत जयंती वर्ष के दौरान। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शाम 6 बजे महाराणा प्रताप स्टेडियम में इन खेलों का शुभारंभ करेंगे, और इस ऐतिहासिक मौके पर राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और अन्य बड़े नेता भी मौजूद रहेंगे।

इस आयोजन की तैयारी को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने खुद निरीक्षण किया और सुनिश्चित किया कि किसी भी प्रकार की कमी न रहे। वे यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि इस खेल आयोजन से उत्तराखंड के खेल और पर्यटन दोनों सेक्टर को जबरदस्त बढ़ावा मिले।

मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय खेलों के महत्व पर बात करते हुए कहा कि यह आयोजन उत्तराखंड के लिए गर्व का विषय है। इसके जरिए राज्य में खेलों के ढांचे में सुधार हुआ है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार ने खिलाड़ियों के पलायन को रोकने के लिए कई कदम उठाए हैं, जिनमें पुरस्कार राशि को दोगुना करना और खिलाड़ियों को राज्य में ही खेलने के लिए प्रेरित करना शामिल है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस आयोजन से राज्य के खिलाड़ी अपने राज्य में खेलकर अच्छा प्रदर्शन करेंगे, क्योंकि घर में खेलना उन्हें अतिरिक्त आत्मविश्वास प्रदान करता है।

प्रधानमंत्री मोदी के बारे में मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके नेतृत्व में खेलों के क्षेत्र में अभूतपूर्व विकास हुआ है, और राज्य के विकास में उनका सहयोग हमेशा महत्वपूर्ण रहा है। वे इस आयोजन को लेकर खासे उत्साहित हैं और आश्वस्त हैं कि इससे राज्य को ना केवल खेलों के क्षेत्र में बल्कि पर्यटन के क्षेत्र में भी लाभ मिलेगा।

राज्य में राष्ट्रीय खेलों के आयोजन से पर्यटन को बढ़ावा मिलने की संभावना है, क्योंकि इसमें वॉटर स्पोर्ट्स जैसी आकर्षक स्पर्धाएँ भी शामिल हैं, जो पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बन सकती हैं। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने से राज्य की आर्थिक स्थिति भी मजबूत होगी, क्योंकि इससे रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और राज्य में खेलों के प्रति जनमानस की रुचि भी बढ़ेगी।

यह आयोजन न केवल राज्य के लिए बल्कि देशभर के खिलाड़ियों के लिए एक बड़ा मौका है, और यह उत्तराखंड में खेलों के भविष्य के लिए एक सकारात्मक कदम साबित होने जा रहा है।

बीजेपी का दिल्ली गेम प्लान ऐसे फतह करेंगे नेता विधानसभाएं

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बीजेपी का दिल्ली गेम प्लान ऐसे फतह करेंगे नेता विधानसभाएं

दिल्ली विधानसभा चुनाव के प्रचार में बीजेपी ने अपनी पूरी ताकत झोंकी है, और पार्टी के दिग्गज नेताओं को चुनावी मैदान में उतार दिया है। चुनाव प्रचार में महज कुछ दिन बाकी हैं, और बीजेपी ने अपने सभी नेताओं को एक टारगेट दिया है: पिछली बार के मुकाबले हर विधानसभा सीट पर 20,000 से ज्यादा वोट हासिल करना।

बीजेपी का दिल्ली गेम प्लान ऐसे फतह करेंगे नेता विधानसभाएं

बीजेपी के प्रचार में शामिल नेताओं में केंद्रीय मंत्री, सांसद, और भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्री-उपमुख्यमंत्री शामिल हैं। पार्टी ने प्रत्येक नेता को दो विधानसभा सीटों का जिम्मा सौंपा है, और उनका मुख्य लक्ष्य हर बूथ पर 50 प्रतिशत से अधिक वोट प्राप्त करना और मतदान के दिन पिछली बार के मुकाबले अधिक मतदान सुनिश्चित करना है।

कुछ प्रमुख नेताओं और उनकी जिम्मेदार सीटों पर नजर डालें:

  • केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल को दिल्ली कैंट और वजीरपुर सीटों की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
  • केंद्रीय मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान को मालवीय नगर और ग्रेटर कैलाश सीट पर प्रचार का जिम्मा सौंपा गया है।
  • भूपेंद्र यादव को महरौली और बिजवासन सीटों पर काम सौंपा गया है।
  • गजेंद्र सिंह शेखावत को नरेला और बवाना सीटों पर प्रचार करने की जिम्मेदारी दी गई है।
  • मनसुख मांडविया को शकूरबस्ती और मादीपुर सीटों पर प्रचार करना है।
  • अनुराग ठाकुर को मुस्तफाबाद और करावल नगर सीटों की जिम्मेदारी दी गई है।
  • ब्रजेश पाठक (यूपी के उपमुख्यमंत्री) को आदर्श नगर और बुराड़ी सीटों पर काम सौंपा गया है।
  • विनोद तावड़े को जनकपुरी और उत्तम नगर सीटों की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

इसके अलावा, बीजेपी ने दिल्ली में रहने वाले दूसरे राज्यों के मतदाताओं को भी ध्यान में रखते हुए उन राज्यों के सांसदों, विधायकों और मंत्रियों को वोटर्स के बीच काम करने का जिम्मा सौंपा है। इस रणनीति के जरिए पार्टी ने प्रत्येक राज्य के मतदाताओं तक पहुंचने की योजना बनाई है, ताकि चुनावी समर में कोई कसर न छोड़ी जाए।

बीजेपी की यह रणनीति दिल्ली में वोटों के ध्रुवीकरण को सुनिश्चित करने के लिए बेहद अहम है, और पार्टी पूरी कोशिश कर रही है कि हर विधानसभा क्षेत्र में पिछली बार के मुकाबले बेहतर प्रदर्शन हो।

अक्षय तृतीया 2025 चार धाम यात्रा तिथि की घोषणा

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अक्षय तृतीया 2025 चार धाम यात्रा तिथि की घोषणा

चार धाम यात्रा 2025 का आगाज इस बार 30 अप्रैल को अक्षय तृतीया के दिन होगा, जो हर साल की तरह गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने की तिथि के रूप में मनाई जाएगी। धार्मिक परंपरा के अनुसार, गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट एक ही दिन खुलते हैं, और इस साल भी यही परंपरा जारी रहेगी।

कार्यक्रम की रूपरेखा:

  1. 30 जनवरी को श्रीनृसिंह मंदिर ज्योतिर्मठ में डिमरी धार्मिक केंद्रीय पंचायत को तेल कलश गाडू घड़ा सौंपा जाएगा। यह कार्यक्रम योगबदरी पांडुकेश्वर और श्रीनृसिंह मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद सम्पन्न होगा। इसके बाद पंचायत के प्रतिनिधि 2 फरवरी को यह कलश राजमहल को सौंपेंगे।
  2. इस कलश में निर्धारित तिथि पर राजमहल से तिलों का तेल पिरोकर, यह बदरीनाथ धाम पहुंचेगा।
  3. केदारनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि 26 फरवरी को महाशिवरात्रि के दिन ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ में पंचांग गणना के बाद तय की जाएगी। रावल, धर्माधिकारी और वेदपाठी मिलकर इस तिथि का निर्धारण करेंगे।
  4. गंगोत्री मंदिर समिति और यमुनोत्री मंदिर समिति दोनों ही मंदिरों के कपाट खुलने की तिथियों और देवडोलियों के धाम पहुंचने के कार्यक्रम की घोषणा करेंगे।
  5. द्वितीय केदार मद्महेश्वर और तृतीय केदार तुंगनाथ के कपाट खुलने की तिथि वैशाखी पर तय की जाएगी।

चार धाम यात्रा की शुरुआत 30 अप्रैल को होने जा रही है, और इसके साथ ही यात्रा मार्गों से लेकर तीर्थ यात्रियों के लिए बेहतर सुविधाओं का इंतजाम किया जा रहा है।

30 अप्रैल को होगा चारधाम यात्रा 2025 का शुभारंभ

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चार धाम यात्रा 2025 की तैयारी तेज, नए प्रयोग होंगे शामिल

उत्तराखंड में चार धाम यात्रा 2025 के लिए राज्य सरकार ने तैयारियां तेज कर दी हैं। यात्रा मार्गों से लेकर हवाई सेवाओं तक कई नए प्रयोग किए जाएंगे, ताकि तीर्थ यात्रियों को बेहतर अनुभव मिल सके। हर साल लाखों तीर्थ यात्री उत्तराखंड के चार धाम यात्रा में हिस्सा लेने के लिए आते हैं, और इस बार यात्रा के मार्गों और सेवाओं में कुछ खास बदलाव किए जाएंगे, जिनसे यात्रियों को सुविधाएं प्रदान की जाएंगी।

बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि तय करने की प्रक्रिया: इस साल बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि तय करने के लिए दो फरवरी को नरेंद्रनगर राजदरबार में एक विशेष धार्मिक समारोह आयोजित किया जाएगा। इस मौके पर विधिवत पूजा अर्चना और पंचांग गणना के बाद बदरीनाथ मंदिर के कपाट खुलने की तिथि की घोषणा की जाएगी।

चार धाम यात्रा का शुभारंभ: 2025 की चारधाम यात्रा का शुभारंभ 30 अप्रैल को होगा। धार्मिक परंपरा के अनुसार, अक्षय तृतीया के दिन गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट खुलेंगे, जिसके बाद यात्रा की शुरुआत होगी।

केदारनाथ और बदरीनाथ के कपाट खुलने की तिथियां:

  • बदरीनाथ के कपाट खुलने की तिथि तय करने के लिए विशेष धार्मिक आयोजन दो फरवरी को नरेंद्रनगर में होगा।
  • केदारनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि 26 फरवरी को महाशिवरात्रि पर पंचांग गणना के बाद तय की जाएगी।

तेल कलश गाडू घड़ा यात्रा: बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि के साथ-साथ तेल कलश गाडू घड़ा यात्रा की तिथि भी तय की जाएगी। बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) ने इसके लिए तैयारियां शुरू कर दी हैं।

यात्रियों की सुविधाओं के लिए राज्य सरकार विभिन्न योजनाओं पर काम कर रही है, ताकि यात्रा को और भी सुगम और सुरक्षित बनाया जा सके।

प्रधानमंत्री मोदी करेंगे 38वें राष्ट्रीय खेलों का उद्घाटन

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14 फरवरी तक चलने वाले 38वें राष्ट्रीय खेलों का आगाज 28 जनवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे। इस ऐतिहासिक आयोजन में देशभर से 11,000 से अधिक खिलाड़ी हिस्सा लेंगे। खेलों का उद्घाटन देहरादून के राजीव गांधी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में शाम 6 बजे होगा, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पारंपरिक अंदाज में स्वागत के बाद 35 टीमों के एथलीटों की परेड देखेंगे।

खास आकर्षण:
उत्तराखंड के अंतरराष्ट्रीय बैडमिंटन खिलाड़ी लक्ष्य सेन प्रधानमंत्री को मशाल सौंपेंगे। खेलों के शुभारंभ में राज्य की लोक संस्कृति की छटा दिखाने वाले रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम भी होंगे।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह, केंद्रीय खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया, केंद्रीय खेल राज्य मंत्री रक्षा निखिल खड़से, और भारतीय ओलंपिक संघ की अध्यक्ष डॉ. पीटी उषा सहित कई महत्वपूर्ण नेता इस समारोह में मौजूद रहेंगे।

मेजबान टीम के खिलाड़ी: उत्तराखंड से इस बार मेज़बान टीम से 1016 खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं, जो खेलों में अपना दमखम दिखाएंगे। यह उत्तराखंड के लिए एक गर्व का पल है, क्योंकि राज्य पहली बार राष्ट्रीय खेलों का आयोजन कर रहा है।

प्रतिभागी राज्यों के खिलाड़ी: देशभर के 28 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से कुल 11,340 खिलाड़ी प्रतियोगिताओं में भाग लेंगे। कुछ प्रमुख आंकड़े इस प्रकार हैं:

  • दिल्ली: 633 खिलाड़ी
  • महाराष्ट्र: 822 खिलाड़ी
  • कर्नाटक: 681 खिलाड़ी
  • केरल: 596 खिलाड़ी
  • पंजाब: 479 खिलाड़ी
  • उत्तर प्रदेश: 393 खिलाड़ी
  • राजस्थान: 511 खिलाड़ी
  • तेलंगाना: 282 खिलाड़ी

स्पर्धाओं के लिए आयोजन: राष्ट्रीय खेलों में कई स्पर्धाओं का आयोजन रात में भी किया जाएगा, और एथलेटिक्स में सबसे अधिक 700 खिलाड़ी हिस्सा लेंगे।

प्रधानमंत्री मोदी का जौलीग्रांट एयरपोर्ट पर स्वागत किया जाएगा, जहां वे खेलों के शुभारंभ से पहले विभिन्न परियोजनाओं का निरीक्षण करेंगे, जिनमें ऋषिकेश-हरिद्वार शारदा कॉरिडोर और बदरीनाथ-केदारनाथ पुनर्निर्माण कार्य शामिल हैं।

यह आयोजन न केवल उत्तराखंड, बल्कि पूरे देश के लिए एक ऐतिहासिक अवसर है, और यह खेलों की दृष्टि से एक नई दिशा का प्रतीक बन सकता है।

उत्तराखंड ने लागू किया समान नागरिक संहिता (यूसीसी)

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड को देश का पहला राज्य बनाने की ऐतिहासिक घोषणा की, जहां समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू की गई है। इस घोषणा के साथ, मुख्यमंत्री ने राज्य में यूसीसी की अधिसूचना का अनावरण किया और ucc.uk.gov.in पोर्टल का शुभारंभ किया।

मुख्यमंत्री ने इस पोर्टल पर सबसे पहले अपने विवाह का पंजीकरण कराया, और सबसे पहले पंजीकरण करने वाले पांच आवेदकों को प्रमाणपत्र भी प्रदान किए। इस मौके पर उन्होंने कहा कि यह दिन न केवल उत्तराखंड के लिए, बल्कि पूरे भारत के लिए ऐतिहासिक है। उन्होंने इसे समाज में समानता और समान अधिकार स्थापित करने का एक कदम बताया।

मुख्यमंत्री ने बताया कि यूसीसी लागू करने का विचार विशेषज्ञ कमेटी द्वारा 2.35 लाख लोगों से संपर्क करने के बाद किया गया। यह कदम संविधान निर्माता बाबा साहेब डॉ. बी.आर. अंबेडकर और संविधान सभा के अन्य सदस्यो को सच्ची श्रद्धांजलि है।

मुख्यमंत्री ने भावुक होते हुए कहा कि यह दिन उत्तराखंडवासियों के लिए गर्व का पल है, क्योंकि यह उनका सपना था कि राज्य में समान नागरिक संहिता लागू हो, और यह राज्य सरकार के संकल्प का परिणाम है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह का भी आभार व्यक्त किया, जिनके मार्गदर्शन में यह संभव हो पाया।

मुख्यमंत्री ने बताया कि यूसीसी के तहत विवाह, विवाह विच्छेद, उत्तराधिकार जैसे मामलों में समानता स्थापित की गई है, और इसके जरिए महिला सुरक्षा एवं सशक्तिकरण सुनिश्चित किया जा सकेगा। इसके अलावा, लिव-इन रिलेशनशिप के लिए पंजीकरण अनिवार्य कर दिया गया है।

महत्वपूर्ण बिंदु:

  • पहले छह महीने में पंजीकरण शुल्क नहीं: जिनका विवाह यूसीसी लागू होने से पूर्व पंजीकृत हुआ हो, उनसे पहले छह महीने में कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा।
  • विवाह के लिए न्यूनतम उम्र: लड़कों के लिए 21 वर्ष और लड़कियों के लिए 18 वर्ष निर्धारित की गई है।
  • लिव-इन और बाल अधिकार: लिव-इन रिलेशनशिप के तहत बच्चों को समान अधिकार मिलेंगे।
  • यूसीसी दिवस: मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि प्रति वर्ष 27 जनवरी को यूसीसी दिवस के रूप में मनाया जाएगा।

यह कदम उत्तराखंड के इतिहास में एक नए युग की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है, जो समाज में समानता और न्याय की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

यूसीसी नियमावली उत्तराखंड

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यूसीसी नियमावली उत्तराखंड

  1. दायरा:
    • उत्तराखंड राज्य के सभी क्षेत्रों पर लागू होगा, केवल अनुसूचित जनजातियों को छोड़कर।
    • राज्य से बाहर रहने वाले उत्तराखंड के निवासी भी इसके दायरे में आएंगे।
  2. प्राधिकार:
    • ग्रामीण क्षेत्र: एसडीएम रजिस्ट्रार और ग्राम पंचायत विकास अधिकारी सब रजिस्ट्रार होंगे।
    • नगर पंचायत/नगर पालिका: संबंधित एसडीएम रजिस्ट्रार और कार्यकारी अधिकारी सब रजिस्ट्रार होंगे।
    • नगर निगम: नगर आयुक्त रजिस्ट्रार और कर निरीक्षक सब रजिस्ट्रार होंगे।
    • छावनी क्षेत्र: संबंधित CEO रजिस्ट्रार और रेजिडेंट मेडिकल ऑफिसर या सीईओ द्वारा अधिकृत अधिकारी सब रजिस्ट्रार होंगे।
    • रजिस्ट्रार जनरल के तहत सभी रजिस्ट्रार और सब रजिस्ट्रार कार्य करेंगे, जो सचिव स्तर के अधिकारी और इंस्पेक्टर जनरल ऑफ रजिस्ट्रेशन होंगे।
  3. रजिस्ट्रार जनरल के कर्तव्य:
    • यदि रजिस्ट्रार निर्धारित समय में कार्रवाई नहीं करते हैं तो मामला रजिस्ट्रार जनरल के पास जाएगा।
    • रजिस्ट्रार या सब रजिस्ट्रार के आदेश के खिलाफ अपील 60 दिन के भीतर रजिस्ट्रार जनरल से की जा सकती है।
  4. रजिस्ट्रार के कर्तव्य:
    • सब रजिस्ट्रार के आदेश के खिलाफ 60 दिन में फैसला करना।
    • लिव-इन या विवाह कानूनों के उल्लंघन की सूचना पुलिस को देना।
  5. सब रजिस्ट्रार के कर्तव्य:
    • दस्तावेजों की जांच और आवेदक से स्पष्टीकरण की प्रक्रिया 15 दिन में करनी होगी, तत्काल मामलों में तीन दिन में।
    • नियम उल्लंघन या समय पर आवेदन न देने पर जुर्माना और पुलिस को सूचित करना।
    • विवाह की जानकारी सत्यापित न होने पर माता-पिता या अभिभावकों को सूचित करना।
  6. विवाह पंजीकरण:
    • 26 मार्च 2010 से पहले हुए विवाह का पंजीकरण अगले 6 महीनों में करवाना होगा।
    • संहिता लागू होने के बाद हुए विवाह का पंजीकरण विवाह तिथि से 60 दिन के भीतर करना होगा।
  7. आवेदकों के अधिकार:
    • यदि रजिस्ट्रार समय पर कार्रवाई नहीं करता है तो ऑनलाइन शिकायत की जा सकती है।
    • अस्वीकृति के खिलाफ 30 दिन के भीतर अपील की जा सकती है।
  8. लिव-इन रिलेशनशिप:
    • संहिता लागू होने से पहले लिव-इन रिलेशनशिप का पंजीकरण एक महीने के भीतर कराना होगा।
    • संहिता लागू होने के बाद लिव-इन रिलेशनशिप में प्रवेश के एक महीने के भीतर पंजीकरण कराना होगा।
    • लिव-इन समाप्ति के लिए एक साथी द्वारा ऑनलाइन या ऑफलाइन आवेदन किया जा सकता है।
    • यदि महिला गर्भवती हो जाती है तो रजिस्ट्रार को सूचना देनी होगी और बच्चे के जन्म के 30 दिन के भीतर इसे अपडेट करना होगा।
  9. विवाह विच्छेद:
    • तलाक या विवाह शून्यता के आवेदन में विवाह पंजीकरण, अदालत केस नंबर, अंतिम आदेश की तिथि, बच्चों का विवरण और कोर्ट के अंतिम आदेश की कॉपी की आवश्यकता होगी।
  10. वसीयत आधारित उत्तराधिकार:
    • वसीयत तीन तरीकों से हो सकेगी: ऑनलाइन पोर्टल पर फॉर्म भरकर, हस्तलिखित या टाइप्ड वसीयत अपलोड करके, या तीन मिनट की वीडियो में वसीयत बोलकर।
  11. यूसीसी की यात्रा:
    • 27 मई 2022: यूसीसी पर विशेषज्ञ समिति का गठन।
    • 02 फरवरी 2024: यूसीसी पर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत।
    • 08 फरवरी 2024: राज्य विधानसभा द्वारा अनुमोदन।
    • 08 मार्च 2024: भारत के राष्ट्रपति द्वारा अनुमोदन।
    • 12 मार्च 2024: यूसीसी उत्तराखंड अधिनियम 2024 जारी।
    • 18 अक्टूबर 2024: यूसीसी नियमावली प्रस्तुत।
    • 27 जनवरी 2025: यूसीसी लागू।
  12. यूसीसी क्रियान्वयन योजना:
    • ऑनलाइन आवेदन के लिए पोर्टल (ucc.uk.gov.in) का विकास।
    • कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) प्रशिक्षण भागीदार के रूप में नामित।
    • जिलों में नोडल अधिकारी नियुक्त किए गए।
    • हेल्पडेस्क (1800-180-2525) स्थापित किया गया।
    • विधिक प्रश्नों के समाधान के लिए जिला स्तरीय अधिकारी नियुक्त।
    • नागरिक जागरूकता के लिए शॉर्ट वीडियो और बुकलेट्स उपलब्ध कराए गए।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 530 चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 530 चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 530 चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए। यह नियुक्तियां 352 स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं (महिला ए.एन.एम) और 178 स्केलर के पदों पर दी गईं। सोमवार को आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने इन अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र सौंपे।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि उत्तराखंड राज्य के लिए यह समय रोजगार का कालखंड है, और राज्य ने रोजगार के अवसरों में उल्लेखनीय वृद्धि की है। उन्होंने बताया कि पहले राज्य में भर्तियों में पक्षपात और भ्रष्टाचार हुआ करता था, लेकिन अब राज्य सरकार ने नकल विरोधी कानून लागू कर प्रदेश के युवाओं के भविष्य को सुरक्षित किया है। साथ ही, एक साल में बेरोजगारी दर में 4.4 प्रतिशत की कमी लाने में सफलता हासिल की है, जो राष्ट्रीय औसत से अधिक है।

मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं और स्केलर के चयनित अभ्यर्थियों की नियुक्तियों को राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत बनाने और पर्यावरण संरक्षण में मदद देने के रूप में बताया। उन्होंने कहा कि एएनएम स्वास्थ्य कार्यकर्ता समाज के हर परिवार में स्वास्थ्य सेवाओं के सेतु का काम करते हैं और उनकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।

उन्होंने प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए आयुष्मान योजना के तहत 58 लाख आयुष्मान कार्ड वितरित किए जाने की जानकारी भी दी, जिससे 11 लाख से ज्यादा मरीजों को कैशलेस उपचार मिल चुका है। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि राज्य सरकार राज्य के प्रत्येक जिले में मेडिकल कॉलेज स्थापित कर रही है ताकि दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को भी आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें।

वन विभाग के तहत 178 स्केलर की नियुक्ति को भी मुख्यमंत्री ने राज्य के पर्यावरण संतुलन और जैव विविधता की सुरक्षा में महत्वपूर्ण कदम बताया।इस कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री अजय टम्टा, वन मंत्री सुबोध उनियाल, स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, विधायक खजान दास, और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

सूचना विभाग द्वारा प्रकाशित 2025 के कलेन्डर ’’विकसित उत्तराखण्ड संकल्प से शिखर तक’’ का विमोचन

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मुख्यमंत्री ने किया सूचना विभाग द्वारा प्रकाशित 2025 के कलेन्डर ’’विकसित उत्तराखण्ड संकल्प से शिखर तक’’ का विमोचन

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को महाराणा प्रताप स्पोर्टस कॉलेज परिसर में सूचना एवं लोक संपर्क विभाग द्वारा प्रकाशित 2025 के कलेन्डर ’’विकसित उत्तराखण्ड संकल्प से शिखर तक’’ का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने कलेन्डर में प्रकाशित विषयवस्तु के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि कलेन्डर में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के उत्साहवर्धक संदेश के साथ राज्य के प्रमुख ऐतिहासिक, धार्मिक, पर्यटन स्थलों को प्रदर्शित किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रकाशित कलेन्डर राज्य के नैसर्गिक सौन्दर्य एवं धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा देने में मददगार होगा।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर सूचना विभाग द्वारा प्रकाशित एकपृष्ठीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नौ आग्रहों एवं राष्ट्रीय खेलों पर आधारित कलेन्डर का भी विमोचन किया।

इस अवसर पर प्रमुख सचिव आरके सुधांशु, सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम, पंकज कुमार पांडेय, विनय शंकर पांडेय, महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी, विशेष कार्याधिकारी मा. मुख्यमंत्री एस.पी.एस. रावत, अपर सचिव एस.एस. टोलिया, अपर निदेशक सूचना आशिष कुमार त्रिपाठी, उपनिदेशक मनोज कुमार श्रीवास्तव उपस्थित थे।