Saturday, March 7, 2026
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रुड़की अस्पताल में विजिलेंस की बड़ी कार्रवाई, सरकारी डॉक्टर ₹20 हजार रिश्वत के साथ गिरफ्तार

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रुड़की: हरिद्वार जिले के रुड़की में विजिलेंस की टीम ने सिविल अस्पताल से एक डॉक्टर को रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है. टीम ने अस्पताल में एक डॉक्टर को 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया. टीम द्वारा डॉक्टर से घंटों पूछताछ की गई, जिसके बाद टीम उन्हें अपने साथ देहरादून ले गई. बताया गया है कि चिकित्सक द्वारा मारपीट मामले में लीगल सप्लीमेंट्री रिपोर्ट बनाने के नाम पर 30 हजार रुपये की मांग की गई थी.

जानकारी के मुताबिक, डॉक्टर आभास सिंह का करीब एक माह पूर्व मसूरी से रुड़की के सिविल अस्पताल में ट्रांसफर हुआ. शनिवार रात को डॉक्टर आभास सिंह सिविल अस्पताल की इमरजेंसी में ड्यूटी पर थे. तभी अचानक देहरादून से विजिलेंस की टीम सिविल अस्पताल पहुंची और डॉक्टर आभास सिंह को 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया. इसके बाद टीम उन्हें लेकर उनके सरकारी आवास में गई और आवास में भी तलाशी ली. तलाशी के बाद विजिलेंस ने डॉक्टर आभास को आवास से गिरफ्तार किया.

देहरादून विजिलेंस टीम के मुताबिक, डॉक्टर आभास पर आरोप है कि मारपीट के मामले में घायल हुए एक व्यक्ति से लीगल सप्लीमेंट्री रिपोर्ट बनाने के नाम पर उन्होंने 30 हजार रुपयों की मांग की थी. जिस पर पीड़ित द्वारा इस बात की जानकारी देहरादून विजिलेंस की टीम को दी गई थी. योजना के मुताबिक, शनिवार देर शाम विजिलेंस टीम शिकायतकर्ता के साथ रुड़की सिविल अस्पताल पहुंची. शिकायतकर्ता ने डॉक्टर आभास को रुपए देने के लिए ब्लड बैंक के पास बुलाया.

शिकायतकर्ता ने केमिकल लगे हुए 20 हजार रुपये डॉक्टर आभास को जैसे ही दिए, उसी दौरान विजिलेंस की टीम ने डॉक्टर को रंगे हाथ पकड़ लिया. इसके बाद टीम द्वारा चिकित्सक के घर की भी तलाशी ली गई और डॉक्टर से लंबी पूछताछ की गई. इसके बाद विजिलेंस की टीम डॉक्टर को अपने साथ देहरादून ले गई.

अल्मोड़ा में भाजपा नेताओं के बीच बढ़ा टकराव:महेश नेगी बोले- द्वारहाट की जनता समझदार, चौखुटिया में डॉक्टर अनिल शाही नहीं, CM और स्वास्थ्य मंत्री लाए

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अल्मोड़ा जिले में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। द्वाराहाट क्षेत्र के दो प्रमुख भाजपा नेताओं- पूर्व विधायक महेश नेगी और अनिल शाही के बीच चला आ रहा टकराव अब सार्वजनिक हो गया है।

हाल ही में मुख्यमंत्री के रानीखेत दौरे के दौरान मंच पर हुई तीखी बहस के बाद यह विवाद खुलकर सामने आया। इस घटनाक्रम ने पार्टी के भीतर असहज स्थिति पैदा कर दी है और संगठन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं।

इसके बाद पूर्व विधायक महेश नेगी ने सोशल मीडिया पर लाइव आकर अनिल शाही पर सीधे और गंभीर आरोप लगाए। करीब 1 घंटा 35 मिनट के इस लाइव वीडियो में नेगी ने शाही की भूमिका को लेकर कई मुद्दे उठाए।

अवैध वसूली और संगठन को नुकसान का आरोप

महेश नेगी ने आरोप लगाया कि अनिल शाही अवैध धन वसूली में शामिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि शाही पार्टी संगठन को गुमराह कर रहे हैं, जिससे भाजपा को नुकसान पहुंच रहा है।

नेगी ने यह भी दावा किया कि अनिल शाही के पास फिलहाल पलायन आयोग के सदस्य या प्रदेश विभाग प्रभारी जैसे कोई आधिकारिक दायित्व नहीं हैं, इसके बावजूद वे खुद को बड़े पदों से जुड़ा हुआ बताकर भ्रम फैला रहे हैं।

डॉक्टर और सड़क निर्माण के दावों पर सवाल

डॉक्टरों की नियुक्ति को लेकर महेश नेगी ने अनिल शाही के उस दावे को झूठा बताया, जिसमें उन्होंने द्वाराहाट के लिए 19 डॉक्टर लाने की बात कही थी। नेगी ने सवाल उठाया कि कोई व्यक्ति किस हैसियत से डॉक्टर ला सकता है।

उन्होंने कहा कि यदि डॉक्टर आए हैं तो उसका श्रेय मुख्यमंत्री या स्वास्थ्य मंत्री के प्रयासों को दिया जाना चाहिए। नेगी ने ऐसे दावों को अफवाह फैलाने जैसा करार दिया।

सड़क निर्माण के मुद्दे पर भी नेगी ने कहा कि किसी भी सड़क के लिए विधायक का पत्र और पूरी प्रशासनिक प्रक्रिया जरूरी होती है। उन्होंने आरोप लगाया कि अनिल शाही सड़कों का श्रेय खुद लेकर जनता को भ्रमित करते हैं।

चुनावी हार का हवाला, शीर्ष नेतृत्व से हस्तक्षेप की मांग

महेश नेगी ने कहा कि द्वाराहाट की जनता समझदार है और यहां केवल संघर्ष के माध्यम से काम करने वाले नेताओं को ही स्वीकार किया जाता है।

उन्होंने प्रदेश अध्यक्ष और मुख्यमंत्री से पूरे मामले का संज्ञान लेने की मांग करते हुए कहा कि इस तरह की गतिविधियां पार्टी को कमजोर करती हैं। चुनावी आंकड़ों का हवाला देते हुए नेगी ने कहा कि बगवालीपोखर क्षेत्र के 26 बूथों में से 24 बूथों पर हार इसका स्पष्ट प्रमाण है।

डरावना नहीं परंतु पूरे विश्व के लिए परिवर्तन का वर्ष रहेगा 2026: आचार्य डॉक्टर चंडी प्रसाद घिल्डियाल दैवज्ञ।

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देहरादून। उत्तराखंड ज्योतिष रत्न आचार्य डॉक्टर चंडी प्रसाद दिलदार दैवज्ञ ने कहा है कि डरावना तो नहीं परंतु पूरे विश्व के लिए वर्ष 2026 परिवर्तन का वर्ष रहेगा साथ ही भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को नोबेल पुरस्कार मिलने की वैश्विक स्तर पर भूमिका बन सकती है।

मीडिया में कुछ ज्योतिषियों द्वारा वर्ष 2026 को बहुत डरावना रहने की संभावना पर चर्चा करते हुए डॉक्टर दैवज्ञ ने कहा कि ऐसा नहीं है, जब परिवर्तन होता है तो समाज में अज्ञात डर होता है, परंतु धीरे-धीरे समाज परिवर्तन को स्वीकार कर लेता है, उन्होंने ज्योतिषीय दृष्टि से अंतरराष्ट्रीय जगत की मीमांसा करते हुए आर्थिक, सामाजिक, राजनीतिक, प्रशासनिक, न्यायिक, प्राकृतिक और व्यापारिक परिवर्तनों की सटीक व्याख्या की है।

आर्थिक परिदृश्य

वैश्विक अर्थव्यवस्था में बहुत बड़ा उछाल नहीं, बल्कि स्थिर और सुरक्षित विकास की उम्मीद है। अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) और गोल्डमैन सैक्स रिसर्च के अनुसार, वैश्विक विकास दर लगभग 3.5% रहने का अनुमान है।भारत 2026 में 7.5% की अनुमानित जीडीपी वृद्धि के साथ दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था बना रहेगा। भू-राजनीतिक अनिश्चितता, व्यापार में व्यवधान और मुद्रास्फीति को प्रबंधित करने की आवश्यकता प्रमुख आर्थिक चुनौतियाँ होंगी।

तकनीकी और सामाजिक परिवर्तन

विज्ञान और वेदांत की गहरी समझ रखने वाले आचार्य दैवज्ञ कहते हैं कि AI का एकीकरण,कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) का जीवन के हर पहलू में अधिक गहरा प्रभाव पड़ेगा, सामग्री निर्माण से लेकर ग्राहक सेवा तक AI पर मानवीय नियंत्रण में कमी आने की भी संभावना रहेगी,सोशल मीडिया पर शॉर्ट-फॉर्म वीडियो, यूज़र-जनरेटेड कॉन्टेंट (UGC), और प्रामाणिकता पर जोर बढ़ेगा निजी समुदायों और डिजिटल दुनिया में वर्चुअल/ऑगमेंटेड रियलिटी (VR/AR) का उपयोग भी बढ़ेगा।

स्वास्थ्य जागरूकता: महिलाओं के स्वास्थ्य के मुद्दों, जैसे हार्मोनल असंतुलन और प्रजनन स्वास्थ्य, पर ध्यान केंद्रित करने और समय पर जांच कराने की आवश्यकता पर जोर दिया जाएगा।

राजनीतिक और पर्यावरणीय जोखिम

भू-राजनीतिक अस्थिरता, पुरानी विश्व व्यवस्था से नई की ओर संक्रमण जारी रहेगा, जिसमें अमेरिका, चीन और अन्य शक्तियों के बीच तनाव बना रह सकता है।
वैश्विक जोखिम,जलवायु परिवर्तन, जैव विविधता का पतन, सामूहिक विनाश के हथियार और सैन्य निर्णय लेने में AI का उपयोग 2026 के लिए मानवता के सामने सबसे बड़े जोखिमों में से हैं,2026 में गुरु ग्रह की चाल के कारण राजनीति और प्रशासन में अस्थिरता और अवसर दोनों आ सकते हैं, जिससे धैर्य और विवेक की आवश्यकता होगी 2026 एक परिवर्तनकारी वर्ष होने की संभावना है, जिसमें तकनीकी प्रगति और आर्थिक स्थिरता के अवसर होंगे, लेकिन साथ ही प्रमुख वैश्विक चुनौतियों के प्रति सजग रहने की भी आवश्यकता होगी।

ज्योतिष वैज्ञानिक डॉक्टर दैवज्ञ के अनुसार साल 2026 में गुरु ग्रह की चाल से बाजार, राजनीति और आम जनजीवन में बड़े फैसले, नेतृत्व परिवर्तन और प्रशासनिक सख्ती के संकेत मिल सकते हैं। उच्च पदों पर बैठे लोगों का प्रभाव बढ़ेगा 2026 परिवर्तन का वर्ष होगा *जब पुरानी शक्तियां पराजित होंगी और नई शक्तियां उभरेंगी, सूर्य व चंद्र दोनों का प्रभाव पूरे वर्ष रहने से देश का यश बढ़ेगा और सेना का शौर्य मजबूत होगा। *मूलांक 1, 3, 5, 6 और 8 वालों के लिए वर्ष 2026 विशेष रूप से शुभ रहेगा।

अनेकों राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय सम्मानों से सम्मानित आचार्य डॉक्टर चंडी प्रसाद घिल्डियाल दैवज्ञ के अनुसार इस वर्ष प्रधानमंत्री मोदी को नोबेल पुरस्कार देने के लिए वैश्विक स्तर पर धरातल तैयार हो सकता है, साल 2026 प्राकृतिक आपदाओं के लिहाज से बेहद खतरनाक साबित हो सकता है उन्होंने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि इस साल भूकंप, अत्यधिक बारिश और ज्वालामुखी विस्फोट जैसी घटनाएं सामने आ सकती हैं, इसलिए केंद्र एवं राज्य की सरकारों को सतर्क रहना होगा।

लक्सर में प्रतिबंधित मांस के साथ 6 तस्कर गिरफ्तार, पुलिस खंगाल रही कुंडली

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लक्सर: गोवंश संरक्षण स्क्वाड और पथरी पुलिस के संयुक्त ऑपरेशन में मीट की दुकान पर प्रतिबंधित मांस बेचने वाले छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है. पुलिस ने आरोपियों के पास से 150 किलो प्रतिबंधित मांस भी बरामद किया है. पुलिस की कार्रवाई से तस्करों में हड़कंप मचा हुआ है.

गौर हो कि गोवंश संरक्षण स्क्वाड व थाना पथरी पुलिस की संयुक्त टीम ने चेकिंग के दौरान ग्राम बोड़ाहेड़ी स्थित एक लाइसेंसी मीट की दुकान में प्रतिबंधित मांस बेचा जा रहा था. चेकिंग के दौरान पुलिस ने दुकान से करीब 150 किलो प्रतिबंधित मांस व उपकरण बरामद किए. पुलिस ने मामले में संलिप्त 6 आरोपियों को भी मौके से गिरफ्तार किया. मीट की दुकान की आड़ में चल रहे गोरखधंधे में पकड़े गए सभी आरोपियों के खिलाफ थाना पथरी में उत्तराखंड गौवंश संरक्षण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज न्यायालय में पेश किया.

पकड़े गए आरोपितों के नाम पते अतीक पुत्र जमील, अब्दुल्ला पुत्र महबूब, मुजम्मिल पुत्र अब्दुल हमीद, शाकिब पुत्र शकील, रहमान पुत्र ताहिर व तमरेज पुत्र जमील निवासीगण ग्राम जौरासी, रुड़की, हरिद्वार बताए गए हैं. बता दें लक्सर कोतवाली क्षेत्र और पथरी थाना क्षेत्र में कुछ दिन पूर्व भी कई मामले सामने आए थे.

जिसको देखते हुए बीते दिन संपन्न हुई क्राइम मीटिंग में हरिद्वार एसएसपी प्रमेंद्र डोभाल ने सभी थाना क्षेत्र के प्रभारी को सख्त निर्देश दिए थे कि अराजक तत्वों पर कड़ी कार्रवाई की जाए. जिसके तहत पथरी थाना और गोवंश संरक्षण स्क्वाड हरिद्वार की संयुक्त टीम द्वारा छापेमारी करते हुए कार्रवाई को अंजाम दिया गया है. वहीं पथरी थाना प्रभारी मनोज नौटियाल ने बताया कि सभी आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा पंजीकृत किया गया है.

अंकिता भंडारी हत्याकांड पर कांग्रेस का जोरदार प्रदर्शन, देहरादून में निकाला कैंडल मार्च

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गणेश गोदियाल का सरकार पर हमला, सीबीआई जांच की दोहराई मांग

देहरादून। अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर उत्तराखंड की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। मामले में न्याय की मांग को लेकर प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने राजधानी देहरादून में जोरदार प्रदर्शन किया और कैंडल मार्च निकालकर अपना विरोध दर्ज कराया। इस दौरान कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल भी मार्च में शामिल हुए और राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए।

कैंडल मार्च को संबोधित करते हुए गणेश गोदियाल ने कहा कि अंकिता की हत्या सिर्फ एक आपराधिक घटना नहीं है, बल्कि यह सत्ता के संरक्षण में दबाए गए सच का प्रतीक बन चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार शुरू से ही आरोपियों को बचाने का प्रयास करती रही है, जिससे जनता के बीच सरकार की मंशा पर सवाल खड़े हो रहे हैं। गोदियाल ने कहा कि एक बेटी को न्याय दिलाने में सरकार की उदासीनता बेहद शर्मनाक है।

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री एवं उत्तराखंड प्रभारी दुष्यंत गौतम और भाजपा विधायक रेणु बिष्ट की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि इन नामों पर लगातार चर्चाएं होने के बावजूद अब तक किसी भी स्तर पर निष्पक्ष जांच नहीं कराई गई। उन्होंने कहा कि जब भाजपा से जुड़े लोग स्वयं ‘वीआईपी संरक्षण’ की बात सार्वजनिक रूप से स्वीकार कर रहे हैं, तो फिर सरकार सीबीआई जांच से पीछे क्यों हट रही है।

इस बीच, अंकिता हत्याकांड को लेकर राज्य की सियासत और तेज हो गई है। भाजपा के राष्ट्रीय नेतृत्व ने भी पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रदेश संगठन से रिपोर्ट तलब की है। हालांकि, कांग्रेस का आरोप है कि जब तक निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच नहीं होगी, तब तक सच्चाई सामने नहीं आ पाएगी।

गणेश गोदियाल ने दोहराया कि कांग्रेस पार्टी किसी भी दबाव में झुकने वाली नहीं है और दोषी चाहे कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो, उसे कानून के दायरे में लाकर सजा दिलाई जाएगी। उन्होंने स्पष्ट कहा कि अंकिता को न्याय दिलाने की लड़ाई अंतिम निर्णय तक जारी रहेगी।

कांग्रेस की प्रमुख मांगें

दुष्यंत गौतम और रेणु बिष्ट की भूमिका की निष्पक्ष जांच कर तत्काल कार्रवाई की जाए।

पूरे हत्याकांड की सीबीआई से जांच कराई जाए, जिसकी निगरानी सर्वोच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश करें।

जांच प्रक्रिया को किसी भी वीआईपी, राजनीतिक दबाव या सत्ता संरक्षण से पूरी तरह मुक्त रखा जाए।

महिला उद्यमियों को सीएम धामी ने किया सम्मानित, बोले महिलाओं के नेतृत्व में बदलेगा उत्तराखंड

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को मुख्य सेवक सदन देहरादून में बिजनेस उत्तरायणी संस्था द्वारा आयोजित Manthon-2025: 5th National Leader’s Summit (Women’s Special) कार्यक्रम में प्रतिभाग किया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने स्टार्टअप, आत्मनिर्भरता एवं अन्य क्षेत्रों में विशिष्ट कार्य करने वाली महिलाओं को सम्मानित किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह समिट महिला उद्यमियों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है। महिलाओं ने अपनी प्रतिभा, परिश्रम और नवाचार के बल पर अपने परिवार समाज और प्रदेश को आगे बढ़ाया है।

महिलाएं राज्य की आर्थिक और सामाजिक विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नारी तू नारायणी के मंत्र के साथ मातृशक्ति के कल्याण एवं सशक्तिकरण के लिए संकल्पित होकर निरंतर कार्य कर रहे है।

मुख्यमंत्री ने कहा प्रधानमंत्री के नेतृत्व में महिला सशक्तिकरण के लिए महिलाओं को संसद और विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण, बेटी बचाओ- बेटी पढ़ाओ अभियान, उज्ज्वला योजना, जन धन योजना, लखपति दीदी योजना को लागू एवं ट्रिपल तलाक जैसी कुप्रथा को समाप्त किया गया है।

उन्होंने कहा प्रधानमंत्री के नेतृत्व में नए भारत की नारीशक्ति प्रत्येक क्षेत्र में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रही है। महिलाएं उद्योग, कला , शिक्षा, विज्ञान तक, खेल, अनुसंधान, सेना जैसे अनेकों क्षेत्रों में पहचान बना रही हैं

मुख्यमंत्री ने कहा प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में राज्य सरकार भी मातृशक्ति के कल्याण के लिए समर्पित होकर कार्य कर रही है। शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्यमिता, स्वरोजगार जैसे क्षेत्रों में महिलाओं की अधिक से अधिक भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है।

राज्य सरकार ने उत्तराखंड राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन, सशक्त बहना उत्सव योजना और मुख्यमंत्री महिला स्वयं सहायता समूह सशक्तिकरण योजना के माध्यम से राज्य की मातृशक्ति को नए अवसर प्रदान करने का काम भी किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना के अंतर्गत महिला समूहों द्वारा निर्मित उत्पादों को एक ब्रांड के रूप में विकसित करने का काम भी किया है। 15 हज़ार से अधिक महिला उद्यमियों, स्वयं सहायता समूहों और लखपति दीदियों को इन्क्यूबेशन की सुविधा भी प्रदान कर रहे हैं।

राज्य में हाउस ऑफ हिमालयाज नाम से अम्ब्रेला ब्रांड की शुरुआत भी की गई है। जिसके अंतर्गत हम उच्च-गुणवत्ता वाले उत्पादों को विभिन्न ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स और इनहाउस स्टोर्स के माध्यम से लोगों तक पहुंचा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में लगभग 70 हजार स्वयं सहायता समूह बनाकर लगभग 5 लाख महिलाएँ संगठित होकर अपना व्यवसाय कर रही हैं। 7 हजार से अधिक ग्राम्य संगठन और 500 से अधिक क्लस्टर संगठनों के माध्यम से राज्य की महिलाएँ सामूहिक नेतृत्व की एक अद्वितीय मिसाल भी पेश कर रही हैं।

राज्य की 1 लाख 68 हजार से अधिक बहनों ने लखपति दीदी बनकर महिला सशक्तिकरण की दिशा में नया इतिहास रचा है। प्रदेश की मातृशक्ति द्वारा किए जा रहे कार्य को देखते हुए राज्य सरकार, राज्य में उत्पादों की प्रोसेसिंग, पैकेजिंग और बिक्री के लिए एक सशक्त इकोसिस्टम विकसित करने का काम कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा प्रदेश की महिलाएँ स्टार्टअप के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय उपलब्धियाँ हासिल कर रही हैं। नारीशक्ति द्वारा स्थापित स्टार्टअप आज पारंपरिक कला, कृषि-उत्पादों, शिक्षा, डिजिटल और टेक्नोलॉजी जैसे विविध क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य कर रहे हैं।

उन्होंने कहा उत्तराखंड को ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में एचीवर्स की श्रेणी मिली है। वहीं स्टार्टअप रैंकिंग में भी लीडर्स की श्रेणी प्राप्त हुई है। मुख्यमंत्री ने कहा राज्य में महिलाओं के लिए सरकारी सेवाओं में 30 प्रतिशत आरक्षण लागू किया गया है।

महिलाओं की सुरक्षा और उनके अधिकारों की रक्षा हेतु राज्य में सर्वप्रथम समान नागरिक संहिता को लागू करने का ऐतिहासिक कार्य भी किया है।

इस अवसर पर उपाध्यक्ष राज्य स्तरीय महिला उद्यमिता परिषद विनोद उनियाल, वीरेंद्र सेमवाल, गंगा बिष्ट, कर्नल डी.पी. डिमरी ( से नि) , मधु भट्ट, गीता खन्ना, नीरज एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

चौबट्टाखाल को महाराज ने फिर दिया 64 करोड़ की योजनाओं का तोहफा

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बीरोंखाल (पौड़ी)। प्रदेश के सिंचाई, लोक निर्माण, पर्यटन, पंचायतीराज, ग्रामीण निर्माण, जलागम धर्मस्व एवं संस्कृति मंत्री और चौबट्टाखाल विधायक सतपाल महाराज ने विकासखण्ड बीरोंखाल के ग्राम नागणी और राजकीय हाईस्कूल देवीखाल, कोठा में आयोजित आयोजित कार्यक्रमों में बतौर मुख्य अतिथि प्रतिभाग करते हुए लोक निर्माण विभाग, शिक्षा विभाग, पंचायतीराज विभाग, लघु डाल खण्ड, श्रीनगर की 6387.51 लाख की विभिन्न विकास योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास कर अपने विधानसभा क्षेत्र चौबट्टाखाल की जनता को फिर से बड़ा तोहफा दिया है।

प्रदेश के सिंचाई, लोक निर्माण, पर्यटन, पंचायतीराज, ग्रामीण निर्माण, जलागम धर्मस्व एवं संस्कृति मंत्री और चौबट्टाखाल विधायक सतपाल महाराज ने क्षेत्र भ्रमण के तीसरे दिन शनिवार को विकासखण्ड बीरोंखाल के ग्राम नागणी और राजकीय हाईस्कूल देवीखाल, कोठा में आयोजित आयोजित कार्यक्रमों में बतौर मुख्य अतिथि प्रतिभाग करते हुए विकासखण्ड बीरोंखाल के ग्राम नागणी में लोक निर्माण विभाग के अन्तर्गत राज्य योजना मद के तहत 1480.55 लाख की रसियामहादेव-नाउ-नागणी-चित्तडखाल मोटर मार्ग के सुधार एवं पुनर्निर्माण कार्य का लोकार्पण करने के साथ-साथ केंद्रीय सड़क और संरचना निधि के अंतर्गत 32 किमी लम्बाई की 5759.62 लाख की लागत के स्वo श्री गीताराम पोखरियाल मोटर मार्ग संराईखेत-मरचूला-बैंजरो-पोखडा-सतपुली राज्य मार्ग का सुधार एवं सड़क सुरक्षा कार्य का शिलान्यास करने के आलावा शिक्षा विभाग के अन्तर्गत राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय देवीखाल कोठा में 46.74 लाख की लागत से बनने वाले भवन के निर्माण कार्य का शिलान्यास भी किया।

कैबिनेट मंत्री और चौबट्टाखाल विधायक श्री महाराज ने विकासखंड बीरोंखाल के देवीखाल में 28.14 लाख की लागत से बने राजकीय उच्चतर प्राथमिक विद्यालय भवन और घोडियानाखाल में 224.24 लाख की धनराशि से निर्मित राजकीय इंटर कॉलेज विद्यालय भवन, ग्राम पंचायत चंदोली, तलाई, डुमैला मल्ला, कोटा, सुंगरिया बड़ा, मंगौर में 60.00 लाख की लागत से बने पंचायत भवनों, लघु डाल खण्ड, श्रीनगर के अन्तर्गत विकास खण्ड बीरोंखाल के ग्राम डांगू तल्ला में 77.08 लाख से बनी लिफ्ट सिंचाई योजना और ग्राम बुंगीधार मल्ला में 43.14 लाख की लागत की सोलर आधारित लिफ्ट सिंचाई योजना का लोकार्पण के साथ ही विकास खण्ड बीरोंखाल को 6387.51 लाख की विकास योजनाओं तोहफा दिया।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन एवं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में प्रदेश के साथ-साथ चौबट्टाखाल विधानसभा क्षेत्र का भी सर्वांगीण विकास हो रहा है। इस दौरान उन्होंने बीरोंखाल मंडल में भाजपा पदाधिकारी, कार्यकर्ताओं, बूथ अध्यक्षों, बीएलए-2, शक्ति केंद्र संयोजकों तथा वर्तमान व पूर्व पदाधिकारी के साथ बैठक कर सरकार की विकास योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान भी किया।

कार्यक्रम में युवा भाजपा नेता सुयश रावत, बीरोंखाल भाजपा मंडल अध्यक्ष ओमपाल, महामंत्री सुरेंद्र ढोंडियाल, मुकेश, ग्राम प्रधान जगमोहन पटवाल, जिला पंचायत सदस्य शांति देवी, जिला उपाध्यक्ष मैत्री प्रकाश, पूर्व जिला पंचायत सदस्य सरिता पोखरियाल, क्षेत्र पंचायत सदस्य दीपा देवी, सुभाष ध्यानी, बसंत रावत, प्रेम सिंह, एसडीएम कृष्ण त्रिपाठी, वरसा भारद्वाज, विद्यालय की प्राचार्य अमृता रावत, लोक निर्माण विभाग एवं पंचायतीराज विभाग के अधिकारी सहित अनेक भाजपा कार्यकर्ता एवं पदाधिकारी मौजूद थे।

भिकोना गांव के पास पकड़ा गया मादा भालू, ग्रामीणों ने ली राहत की सांस

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देर रात  देहरादून चिड़ियाघर की टीम ने ट्रेंकुलाइज कर पिंजरे में बंद किया

चमोली –  जिले में मानव बस्तियों के नजदीक दिखाई दे रहे एक जंगली भालू को वन विभाग ने सुरक्षित तरीके से पकड़ लिया है। यह कार्रवाई पोखरी क्षेत्र के भिकोना गांव के आसपास की गई, जहां पिछले कुछ समय से भालू की मौजूदगी से ग्रामीणों में दहशत बनी हुई थी।

वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में देहरादून चिड़ियाघर से विशेषज्ञों की एक टीम क्षेत्र में तैनात की गई थी। देर रात विशेष अभियान के तहत वन्यजीव विशेषज्ञों ने भालू को बेहोश कर उसे सुरक्षित रूप से पिंजरे में शिफ्ट किया। पकड़ा गया भालू लगभग छह वर्ष की मादा बताया जा रहा है।

मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में बड़ा कदम: इंटेंसिव केयर सेंटर से 154 बच्चे शिक्षा की मुख्यधारा में शामिल

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मा0 मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में देहरादून जिला प्रशासन द्वारा भिक्षावृत्ति से रेस्क्यू किए गए 27 बच्चों को शनिवार को इंटेंसिव केयर सेंटर से विभिन्न स्कूलों में दाखिला दिलाया गया। जिला प्रशासन द्वारा अब तक भिक्षावृत्ति, बालश्रम एवं कूड़ा बीनने में संलिप्त 267 बच्चों को रेस्क्यू किया गया है, जिनमें से 154 बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ा जा चुका है।

शनिवार को साधुराम इंटर कॉलेज में आयोजित कार्यक्रम में मा0 विधायक खजान दास एवं जिलाधिकारी सविन बंसल ने इंटेंसिव केयर सेंटर में रखे 27 बच्चों को स्टेशनरी एवं स्कूल यूनिफॉर्म प्रदान कर विद्यालयों में प्रवेश दिलाया। इन 27 बच्चों में से 10 बच्चों का दाखिला प्राथमिक विद्यालय परेड ग्राउंड में तथा 17 बच्चों का दाखिला साधुराम इंटर कॉलेज में कराया गया। जबकि 127 बच्चों का पूर्व में ही दाखिला कराया जा चुका है।

साधुराम इंटर कॉलेज में आयोजित इस कार्यक्रम में विधायक खजान दास ने कहा कि देहरादून जिला प्रशासन द्वारा बाल भिक्षावृत्ति निवारण के लिए अत्यंत सराहनीय कार्य किया गया है। एक वर्ष पूर्व उठाए गए इस कदम का परिणाम आज हम सभी के सामने है। उन्होंने जिलाधिकारी सविन बंसल एवं जिला प्रशासन की पूरी टीम को इस पुनीत कार्य के लिए साधुवाद दिया। विधायक ने कहा कि अंतिम छोर पर विपरीत परिस्थितियों में जीवन यापन कर रहे निसहाय बच्चों को प्रथम श्रेणी में लाने के लिए जिस सोच और दृढ़ संकल्प के साथ जिला प्रशासन ने कार्य किया है, वह प्रशंसनीय है। इस प्रयास से जहां बच्चों को शिक्षा प्राप्त कर मुख्यधारा में लौटने का अवसर मिला है, वहीं शहर की सड़कों को भिक्षावृत्ति और बालश्रम से मुक्ति भी मिली है। उन्होंने सभी रेस्क्यू किए गए बच्चों को शुभकामनाएं देते हुए निरंतर पढ़ाई जारी रखने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर उन्होंने इंटेंसिव केयर सेंटर की व्यवस्थाओं का निरीक्षण करते हुए वार्षिक पत्रिका का विमोचन भी किया। साथ ही इंटेसिंव केयर सेंटर में छात्र इंद्रजीत को अनुशासन एवं यूनिफार्म, छात्रा रोशनी को रेग्यूलर उपस्थिति एवं पढ़ाई, अनुराधा को करिकुलम गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने पर प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया।

जिलाधिकारी सविन बंसल ने कहा कि समाज में अनेक ऐसे परिवार हैं जो किसी कारणवश मुख्यधारा से वंचित रह जाते हैं। मा0 मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में ऐसे वंचित परिवारों के बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा में लाने का निरंतर प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि शिक्षा सबसे शक्तिशाली हथियार है। जिलाधिकारी ने अभिभावकों से अपील करते हुए कहा कि परिस्थितियां कैसी भी हों, बच्चों की पढ़ाई को पूरा कराना ही हमारा लक्ष्य होना चाहिए। उन्होंने बताया कि वर्तमान में 154 बच्चे विद्यालयों से जुड़ चुके हैं, लेकिन अभी पूर्ण सेचुरेशन नहीं हुआ है। यह अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा। उन्होंने भिक्षावृत्ति निवारण हेतु इस कार्य में जुड़े सभी एनजीओ, शिक्षकों एवं विभागीय अधिकारियों को बधाई देते हुए इस कार्य को ऑटो मोड में जारी रखने के निर्देश दिए।

मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह ने कहा कि बाल भिक्षावृत्ति निवारण देहरादून जिला प्रशासन की एक महत्वपूर्ण पहल है। रेस्क्यू किए गए बच्चों को प्रीमियम सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। प्रशासन हर समय बच्चों को सहयोग प्रदान करने के लिए तत्पर है। भिक्षावृत्ति निवारण एवं आईसीसी सेंटर संचालन के लिए विभिन्न व्यवस्थाओं हेतु एसओपी भी तैयार की गई है।

उत्तराखंड: सीएम धामी ने “पैली-पैली बार” उत्तराखण्डी गीत का किया विमोचन

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मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को मुख्यमंत्री आवास में “पैली-पैली बार” उत्तराखण्डी गीत का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने सभी लोक गायकों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह गीत सरकार के विकास कार्यों को जन-जन तक पहुंचाएगा। इन गीतों के माध्यम से समाज में जागरूकता आएगी और उत्तराखंड में पहली बार हुए विकास कार्यों से बड़ी संख्या में लोग अवगत हो सकेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा लिए जा रहे निर्णय अन्य राज्यों के लिए भी उदाहरण बन रहे हैं। लोक कलाकारों के प्रयासों की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार उत्तराखण्ड की लोकसंस्कृति, भाषा और परंपराओं के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा राज्य, विकास के क्षेत्र में निरंतर आगे बढ़ रहा है। ऐतिहासिक फैसलों और योजनाओं के माध्यम से आम जन को सहूलियत पहुंचाई जा रही है। विभिन्न चुनौतियों के बाद भी राज्य ईज ऑफ डूइंग बिजनेस, स्टार्टअप, कृषि, रिवर्स पलायन , बागवानी, हर क्षेत्र में नया इतिहास रच रहा है।

“पैली-पैली बार” गीत में उत्तराखण्ड राज्य के इतिहास में पहली बार हुए विकास कार्यों का उल्लेख किया गया है। गीत में नकल विरोधी कानून, वृहद स्तर पर सरकारी जमीनों पर हुए अतिक्रमण को हटाने, धर्मान्तरण विरोधी कानून, यूसीसी, शीतकालीन यात्रा, पर्यटन और तीर्थाटन को बढ़ावा, आदि कैलाश यात्रा, रिवर्स पलायन, राजस्व वृद्धि, किसानों को प्रदान की जा रही सुविधाओं, सरकारी नियुक्तियों जैसे महत्वपूर्ण और विकासपरक योजनाओं का उल्लेख किया गया है।

इस गीत के बोल उत्तराखण्ड के विकास कार्यों को प्रमुखता से उजागर करते हैं और कैसे राज्य का समग्र विकास किया जा रहा है, को भी परिभाषित करते हैं। साथ ही सरकार द्वारा वर्तमान में चलाए जा रहे अभियान “जन जन की सरकार, जन जन के द्वार” की भावना को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया गया है।

इस गीत में उत्तराखण्ड के प्रमुख लोकगायक श्री सौरभ मैठाणी, गोविन्द दिगारी, राकेश खनवाल, ललित गित्यार, भूपेन्द्र बसेड़ा, मनोज सामन्त, चन्द्रप्रकाश, लोकगायिका सुश्री खुशी जोशी एवं सोनम ने सम्मिलित रूप से स्वर प्रदान किया है। साथ ही इसकी धुन व गीत श्री भूपेन्द्र बसेड़ा द्वारा और संगीत श्री ललित गित्यार द्वारा तैयार किया गया है। विभिन्न गायकों/गायिकाओं द्वारा रचित यह उत्तराखण्डी लोकधुन पर आधारित गीत सुनने में अत्यधिक कर्णप्रिय लग रहा है और सरकार की विकास योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने, विकास कार्यों के प्रति समझ को बढ़ाने तथा जन-जन को विकास योजनाओं को इस बारे में सुगमता से जानकारी प्रदान करने का भरसक प्रयास किया गया है।

इस अवसर पर दायित्वधारी श्री कैलाश पंत, लोकगायक श्री सौरभ मैठाणी, श्री गोविन्द दिगारी (वर्चुअल), श्रीमती खुशी जोशी दिगारी ( वर्चुअल ), श्री भूपेन्द्र बसेड़ा, श्री ललित गित्यार, श्री राकेश खनवाल, श्री चन्द्रप्रकाश, सुश्री सोनम, श्री कुंदन कोरंगा, श्री बसंत तिवारी, श्री नवीन जोशी, श्री पूरन नगरकोटी, श्रीमती भागीरथी नगरकोटी, श्रीमती मीनाक्षी जोशी, श्री मोहित जोशी, संगीतकार श्री सुरेन्द्र बिष्ट एवं अन्य लोग मौजूद थे।