Thursday, March 5, 2026
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21 शृंगार कर नागा संन्यासियों ने अमृत स्नान की लगाई डुबकी

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महाकुम्भ अमृत स्नान अखाड़ों के नागा साधुओं की आस्था डुबकी

प्रयागराज महाकुंभ 2025 के पहले अमृत स्नान का दृश्य बेहद अद्भुत और श्रद्धा से भरपूर था। पुष्य और पुनर्वसु नक्षत्र में त्रिवेणी के तट पर महाकुंभ की शुरुआत हुई, जहां सबसे पहले नागा साधुओं ने विशेष शृंगार के साथ आदियोगी शिव के स्वरूप में खुद को सजाया।

नागा साधुओं ने अपने शरीर पर भस्म का लेप किया, और फिर चंदन, पांव में चांदी के कड़े, पंचकेश (जटा को पांच बार घुमा कर सिर में लपेटना), रोली का लेप, आंगूठी, फूलों की माला, चिमटा, डमरू, कमंडल, माथे पर तिलक, आंखों में सूरमा, लंगोट, हाथों और पैरों में कड़ा और गले में रुद्राक्ष की माला धारण कर खुद को तैयार किया। इसके बाद, इन साधुओं ने अमृत स्नान के लिए संगम तट की ओर प्रस्थान किया।

नागा साधुओं का शृंगार और उनकी धार्मिक वेशभूषा महाकुंभ के पहले स्नान में श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बनी। इन साधुओं ने नख से शिख तक भभूत लपेटा और जटाजूट की वेणी बनाई। उनकी आंखों में सूरमा, हाथों में चिमटा, और होठों पर सांब सदाशिव का मंत्र था। इसके साथ ही उनके हाथों में डमरू, त्रिशूल और कमंडल थे, और वे अवधूत की धुन में झूमते हुए स्नान स्थल की ओर बढ़ रहे थे।

महाकुम्भ अमृत स्नान अखाड़ों के नागा साधुओं की आस्था डुबकी

यह दृश्य महाकुंभ के ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व को प्रकट करता है, जहां नागा साधु 21 शृंगार के साथ पहली डुबकी लगाने के लिए संगम तट पहुंचे। यह स्नान न केवल उनके आध्यात्मिक आस्था का प्रतीक था, बल्कि देशभर के श्रद्धालुओं के लिए एक अत्यंत पवित्र और आकर्षक क्षण था।

एप्पल की मालकिन लॉरेन पॉवेल जॉब्स महाकुम्भ में बनी कमला

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एप्पल की मालकिन लॉरेन पॉवेल जॉब्स महाकुम्भ में बनी कमला

महाकुंभ 2025 में एक दिलचस्प और विशेष घटनाक्रम देखने को मिला जब लॉरेन पॉवेल जॉब्स, जो कि एप्पल के सह-संस्थापक स्टीव जॉब्स की पत्नी हैं, निरंजनी अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद सरस्वती के साथ अमृत स्नान (शाही स्नान) में शामिल हुईं। लॉरेन को भगवा वस्त्र पहने हुए और रथ पर सवार देखकर दुनियाभर की मीडिया चकित रह गई। उन्हें महाकुंभ में कल्पवास के लिए विशेष रूप से आमंत्रित किया गया था, और उन्हें उनके गुरु स्वामी कैलाशानंद ने कमला नाम दिया है।

लॉरेन पॉवेल जॉब्स ने पौष पूर्णिमा पर पहली डुबकी के साथ अपने कल्पवास की शुरुआत की। वह महाकुंभ में तीन दिन तक कल्पवास करेंगी और इस दौरान वह निरंजनी अखाड़े के आचार्य स्वामी कैलाशानंद के शिविर में रहकर सनातन परंपराओं और आध्यात्मिकता का अनुभव करेंगी। 15 जनवरी को वह महाकुंभ से वापस लौट जाएंगी।

एप्पल की मालकिन लॉरेन पॉवेल जॉब्स महाकुम्भ में बनी कमला

इस दौरान, लॉरेन पॉवेल जॉब्स महाकुंभ के पहले शाही स्नान में भी शामिल हुईं। वह आचार्य कैलाशानंद सरस्वती के साथ रत्न जड़ित शाही रथ पर सवार होकर संगम तट पहुंची और कड़ी सुरक्षा के बीच पवित्र डुबकी लगाई।

महाकुंभ में अपने इस प्रवास के दौरान, वह भारतीय संस्कृति और सनातन परंपराओं से रूबरू होंगी और आध्यात्मिक ज्ञान प्राप्त करने की कोशिश करेंगी। कैलाशानंद गिरि के शिविर में रहकर वह शिव तत्व और सनातन संस्कृति को समझने का प्रयास करेंगी। यह घटनाक्रम महाकुंभ की विश्वव्यापी प्रसिद्धि और भारतीय आध्यात्मिकता की ओर एक महत्वपूर्ण कदम है।

महाकुम्भ अमृत स्नान अखाड़ों के नागा साधुओं की आस्था डुबकी

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महाकुम्भ अमृत स्नान अखाड़ों के नागा साधुओं की आस्था डुबकी

प्रयागराज महाकुंभ 2025 का आयोजन भक्तों और श्रद्धालुओं के लिए एक अद्भुत धार्मिक अनुभव बन चुका है। इस वर्ष महाकुंभ की शुरुआत पौष पूर्णिमा पर भजन-कीर्तन और जयकारों के साथ हुई, और मकर संक्रांति के दिन, विभिन्न अखाड़ों के नागा साधु संगम में पवित्र डुबकी लगा रहे हैं। इस अवसर पर महाकुंभ का दृश्य बहुत ही भव्य और श्रद्धा से भरपूर है, जहां हर-हर महादेव और जय श्रीराम के जयघोष के साथ श्रद्धालु आस्था की डुबकी लगा रहे हैं।

महानिर्वाणी अखाड़े के नागा साधुओं ने सबसे पहले अमृत स्नान किया, जिसके बाद निरंजनी, आनंद, जूना, आवाहन और पंच अग्नि अखाड़े के संतों ने भी पवित्र स्नान किया। इस दौरान संगम तट पर अद्भुत नजारा देखने को मिल रहा है, और संतों के साथ-साथ अन्य श्रद्धालु भी इस दिव्य स्नान का हिस्सा बन रहे हैं।

महाकुम्भ अमृत स्नान अखाड़ों के नागा साधुओं की आस्था डुबकी

महाकुंभ में केवल भारतीय श्रद्धालु ही नहीं, बल्कि विदेशों से भी भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे हैं। अमेरिका, यूरोप, ऑस्ट्रेलिया और एशिया के विभिन्न देशों से आए भक्त भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिकता से अभिभूत हो रहे हैं। वे गंगा किनारे योग, ध्यान और सत्संग में भाग लेकर आत्मशांति का अनुभव कर रहे हैं। महाकुंभ में विदेशी श्रद्धालुओं की भागीदारी इस आयोजन को और भी खास बना रही है।

अखाड़ों के संतों का स्नान सुबह के निर्धारित समय पर हो रहा है। महानिर्वाणी और अटल अखाड़े के संतों ने सुबह सवा पांच बजे स्नान के लिए प्रस्थान किया और सवा छह बजे संगम पहुंचे। इसके बाद निरंजनी और आनंद अखाड़े के संतों ने 7:05 बजे स्नान किया, और जूना, आवाहन तथा पंच अग्नि अखाड़े के संतों ने 8 बजे पवित्र स्नान किया।

इस तरह महाकुंभ का आयोजन, जिसमें आस्था, धर्म, और संस्कृति की गहरी छाप है, श्रद्धालुओं के लिए एक अद्वितीय अनुभव बन चुका है।

गेम चेंजर नहीं बन पाए फॉलोअर्स कलाकार फिल्मो में पिटे

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साउथ सुपरस्टार राम चरण की फिल्म ‘गेम चेंजर’ और सोनू सूद की फिल्म ‘फतेह’ दोनों ही बॉक्स ऑफिस पर अपेक्षाकृत कमजोर प्रदर्शन कर रही हैं। दोनों फिल्मों के फॉलोअर्स की संख्या काफी बड़ी है, लेकिन इसके बावजूद उनकी कमाई में गिरावट देखी जा रही है।

गेम चेंजर की शुरुआत 10 जनवरी, 2025 को शानदार रही थी, लेकिन अब यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर नाकामयाब साबित हो रही है। चार दिनों में फिल्म ने कुल 61 लाख 79 हजार टिकट बेचे हैं, जो उम्मीदों के मुताबिक बहुत कम है। राम चरण और कियारा आडवाणी जैसे बड़े स्टार्स के बावजूद फिल्म की कमाई में गिरावट देखी जा रही है। इन दोनों के कुल 7 करोड़ फॉलोअर्स हैं, फिर भी फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर अच्छा प्रदर्शन नहीं किया है।

वहीं, ‘फतेह’, जो सोनू सूद द्वारा निर्देशित और अभिनीत फिल्म है, ने भी बॉक्स ऑफिस पर उम्मीदों के अनुसार प्रदर्शन नहीं किया। चार दिनों में फिल्म ने केवल 4 लाख 80 हजार टिकट बेचे हैं, जबकि सोनू सूद और जैकलीन फर्नांडीज के कुल 13 करोड़ फॉलोअर्स हैं। फिल्म की चार दिन की कमाई 6.07 करोड़ रुपये है, और यह पहले सप्ताहांत में 10 करोड़ रुपये तक भी नहीं पहुंच सकी।

हालांकि, ‘गेम चेंजर’ ने चौथे दिन 4.19 करोड़ रुपये की कमाई की, जिससे कुल कलेक्शन अब 92.69 करोड़ रुपये हो गया है। फिल्म जल्द ही 100 करोड़ क्लब में शामिल हो सकती है, जबकि ‘फतेह’ को बॉक्स ऑफिस पर संघर्ष करना पड़ रहा है, और सोमवार को इसकी कमाई केवल 45 लाख रुपये रही।

इन आंकड़ों से यह स्पष्ट होता है कि बड़े फॉलोअर्स और स्टार पावर के बावजूद, फिल्में बॉक्स ऑफिस पर दर्शकों की उम्मीदों पर खरा नहीं उतर पा रही हैं।

महाकुंभ में बन रहा समुद्र मंथन का दुर्लभ संयोग

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महाकुंभ 2025 का आयोजन विशेष रूप से ग्रहों की दुर्लभ स्थिति और संयोगों के कारण अत्यधिक पुण्यकारी और विशिष्ट माना जा रहा है। इस बार महाकुंभ में जो ग्रहों का संयोग बन रहा है, वह 144 वर्षों में एक बार बनता है। बुध, बृहस्पति और चंद्रमा के शुभ संयोग के साथ-साथ शनि की कुंभ राशि में स्थिति और शुक्र का राशि परिवर्तन इस महाकुंभ को खास बना रहे हैं।

ग्रहों की स्थिति और संयोग:

  1. बुधादित्य योग – बुध और सूर्य के संयोजन से यह योग बन रहा है, जो पूरे महाकुंभ को आशीर्वाद देने वाला है।
  2. कुंभ योग और राशि परिवर्तन योग – शनि की कुंभ राशि, शुक्र और बृहस्पति के राशि परिवर्तन का संयोग इस महाकुंभ को अद्वितीय बना रहा है। यह संयोग 144 वर्षों में एक बार बनता है।
  3. श्रवण नक्षत्र और सिद्धि योग – इस समय श्रवण नक्षत्र और सिद्धि योग का संयोग भी बन रहा है, जो कि त्रिवेणी के तट पर श्रद्धालुओं के लिए विशेष महत्व रखता है।

महाकुंभ की ऐतिहासिक और पौराणिक महत्वता: महाकुंभ का आयोजन तब होता है जब देवगुरु बृहस्पति अपनी 12 राशियों का चक्र पूरा कर वृषभ राशि में आते हैं। जब बृहस्पति वृषभ में होते हैं, तब सूर्य देव मकर राशि में होते हैं और बृहस्पति की दृष्टि सूर्य पर पड़ती है, जिससे वह समय अत्यंत पुण्यदायी माना जाता है। महाकुंभ की अवधारणा को शास्त्रों में अत्यधिक महत्व दिया गया है, और जब यह 12 चक्र पूरे होते हैं, तो इसे पूर्ण महाकुंभ कहा जाता है।

इस बार महाकुंभ के दौरान ग्रहों की स्थिति, जो देवासुर संग्राम के समय के समान है, समुद्र मंथन की स्थिति को दर्शाती है। शुक्र और बृहस्पति की स्थिति देवगुरु और असुर गुरु की भूमिका में हैं, जैसे कि देवासुर संग्राम के दौरान था। यह महाकुंभ श्रद्धालुओं के लिए विशेष रूप से पुण्यदायक और आध्यात्मिक रूप से उन्नति देने वाला होगा।

दीपक रावत ने उत्तरायणी मेले में अपनी आवाज का जादू बिखेरा

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बागेश्वर में उत्तरायणी मेले के शुभारंभ के मौके पर कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत ने अपनी आवाज का जादू बिखेरते हुए लोगों का दिल जीत लिया। मेले के शुभारंभ के दौरान, कमिश्नर रावत ने मंच से गीत प्रस्तुत की, जिससे वहां मौजूद लोगों का मन मोह लिया। इसके बाद, लोगों की फरमाइश पर उन्होंने जिले के छाना बिलौरी गांव से जुड़ा प्रसिद्ध कुमाउनी गीत “झन दिया बौज्यू छाना बिलौरी लागला बिलौरी का घामा…” गाया।

उत्तरायणी कौतिक के शुभारंभ के लिए कुमाऊं कमिश्नर रावत बागेश्वर पहुंचे, जहां उन्होंने तहसील परिसर से निकली झांकी को हरी झंडी दिखाई। फिर वह झांकी के साथ बाजार में पैदल चलते हुए नुमाइशखेत मैदान तक गए, जहां उन्होंने मेले का औपचारिक शुभारंभ किया और सांस्कृतिक मंच का भी उद्घाटन किया। इस दौरान, मेले में आए लोगों ने उनसे गीत गाने की फरमाइश की, और कमिश्नर रावत ने उनके आग्रह को स्वीकार करते हुए कुमाउनी गीत गाया, जिसका वहां उपस्थित दर्शकों ने भरपूर आनंद लिया।

मकर संक्रति पर्व गंगा स्नान मेला एरिया में पुलिस बल तैनात

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मकर संक्रांति पर्व पर हरिद्वार में गंगा स्नान के दौरान होने वाली भारी भीड़ को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने अपनी तैयारियों को पुख्ता कर लिया है। एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल ने पुलिस बल को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए हैं, जिनमें श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सही तरीके से यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करना प्रमुख है।

इस वर्ष मेला क्षेत्र को आठ जोन और 21 सेक्टरों में बांटा गया है। सभी सेक्टरों में पुलिस बल तैनात किया जाएगा और पूरे क्षेत्र की निगरानी सीसीटीवी कैमरों से की जाएगी। एसएसपी ने यह भी बताया कि स्नान के दौरान घाटों पर श्रद्धालुओं के डूबने की घटनाएं हो सकती हैं, इसलिए जल पुलिस की टीमें पूरी तरह से सतर्क रहेंगी। इसके अलावा, यातायात व्यवस्था के पालन को सुनिश्चित करने के लिए विशेष ध्यान दिया जाएगा।

एसएसपी ने पुलिस बल से यह भी कहा कि जैसे-जैसे लोहड़ी और मकर संक्रांति पर भीड़ बढ़ने की संभावना है, सभी कर्मियों को पहले से तैयार रहना होगा। हर एक पुलिसकर्मी को अपनी जिम्मेदारी के बारे में जागरूक किया गया है ताकि स्नान के दौरान किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना से बचा जा सके।

राजनैतिक द्रोणाचार्य मुख्यमंत्री धामी ने बीजेपी के लिए बना दिए एकलव्य

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राजनैतिक द्रोणाचार्य मुख्यमंत्री धामी ने बीजेपी के लिए बना दिए एकलव्य
देहरादून निकाय चुनाव उत्तराखंड में कई दावेदार एकलव्य बने नज़र आ रहे है तो वही उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी निकाय चुनाव में राजनैतिक द्रोणाचार्य की भूमिका में देखे जा रहे है अपने राजनैतिक कौशल से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बीजेपी के सांसद,विधायकों से लेकर संघठन नेताओं से रूठो को मनाये जाने का फार्मूला ईजाद किया था जिसमे 90 प्रतिशत बीजेपी अनुसार सफलता हासिल की है

कांग्रेस के बड़े नेताओं को बीजेपी में ज्वाइन करवा कर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एक तीर से दो निशाने साध दिए है निकाय चुनाव उत्तराखंड में बीजेपी अपनी राजनैतिक हवा से कांग्रेस को पंचर करती नज़र आ रही है प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष मथुरा दत्त जोशी ने कांग्रेस पार्टी से इस्तीफा दे दिया। सीएम धामी की मौजूदगी में मथुरा दत्त जोशी ने भाजपा की सदस्यता ग्रहण की। मथुरा दत्त जोशी पिथौरागढ़ नगर निगम में पत्नी को महापौर का टिकट नहीं मिलने से नाराज थे। तभी से उनके सुर बगावती हो गए। निकाय चुनाव में टिकट कटने से कांग्रेस में विरोध के स्वर थम नहीं रहे थे। डैमेज कंट्रोल करने के लिए प्रदेश कांग्रेस ने रूठों को मनाने की योजना बनाई थी।

उत्तराखंड निकाय चुनाव के लिए 23 जनवरी को मतदाता अपने मत का प्रयोग कर छोटी सरकार को चुनेगे जिसका परिणाम 25 जनवरी को आएगा

उत्तराखंड राज्य के एक नगर पालिका देवप्रयाग और दो नगर पंचायत नानकमत्ता और दिनेशपूर के बीजेपी अध्यक्ष निर्विरोध निर्वाचित हुए। वहीं, नगर निगमों के 14 पार्षद, नगर पालिका के 20 वार्ड सदस्य और नगर पंचायतों के 10 वार्ड सदस्यों का भी निर्विरोध निर्वाचित हो गया।

उत्तराखंड के 100 नगर निकायों के चुनावी मैदान में अब 5399 प्रत्याशी अपनी किस्मत आजमाएंगे। 47 प्रत्याशी निर्विरोध निर्वाचित हो गए जबकि 782 ने अपने नामांकन वापस ले लिए थे। बृहस्पतिवार को प्रदेशभर में निकाय चुनाव नामांकन करने वालों को नाम वापसी का मौका दिया गया। जो बगावत कर गए उनको बीजेपी ने पार्टी प्रत्याशी के पक्ष में चुनावी प्रचार कर बैठ जाने का मौका दिया है जो नहीं मानेगे उनको पार्टी से बहार का रास्ता दिखाया जायेगा

सीएम पुष्कर सिंह धामी जैकेट,मफलर का राज

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हर घर में जलाएं दीप मुख्यमंत्री धामी की अपील

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी पहनते हैं मलारी और मुनस्यारी सहित पहाड़ के अन्य क्षेत्रों के ट्वीड से बनी जैकेट,मफलर

वोकल फॉर लोकल’ को दिया बढ़ावा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मलारी,मुनस्यारी सहित प्रदेश के अन्य क्षेत्रों में बने ट्वीड से बनी जैकेट पहनकर ‘वोकल फॉर लोकल’ अभियान को बढ़ावा दे रहे हैं।लगातार सरकारी और राजनीतिक कार्यक्रमों में उनको राज्य के बने उत्पाद दे तैयार वस्त्रों के पहने हुए देखा जा सकता है। यह पहल राज्य के स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहन देने और उनकी ब्रांडिंग को मजबूत करने के उद्देश्य से की गई है।

मुख्यमंत्री ने इसके पूर्व राज्य के सभी विभागों को निर्देश दिए हैं कि वे स्थानीय उत्पादों की खरीद को प्राथमिकता दें। यह कदम न केवल राज्य के पारंपरिक कारीगरों और उत्पादकों को आर्थिक समर्थन प्रदान करेगा, बल्कि उत्तराखंड के अनूठे हस्तशिल्प और उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने में भी मदद करेगा।

हर घर में जलाएं दीप मुख्यमंत्री धामी की अपील

मुख्यमंत्री ने कहा, “हमारा लक्ष्य है कि स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहन देकर उत्तराखंड की संस्कृति और परंपरा को जीवित रखें। मुनस्यारी के ट्वीड जैसे उत्पाद हमारी समृद्ध विरासत का प्रतीक हैं। सरकार हर संभव प्रयास करेगी कि स्थानीय कारीगरों और उद्यमियों को बढ़ावा मिले।”

सरकार के इस कदम से स्थानीय उद्योगों को नया जीवन मिलेगा और राज्य में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिलेगा। इसके अलावा, इस पहल से राज्य के पर्यटन क्षेत्र को भी फायदा होने की उम्मीद है, क्योंकि स्थानीय उत्पाद पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बन सकते हैं।
इसी अभियान को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने राज्य के अधिकारियों, कर्मचारियों से भी अपेक्षा की है सभी लोग स्थानीय उत्पाद का उपयोग करें और कपड़े व स्थानीय ऊन से तैयार वस्त्रों को पहन कर इस अभियान को बढ़ावा दें।

निकाय चुनाव एकलव्य भूमिका में कई दावेदार

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निकाय चुनाव में एकलव्य भूमिका में कई दावेदार
निकाय चुनाव में एकलव्य भूमिका में कई दावेदार

पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल ने आज प्रेस कांफ्रेंस में भाजपा प्रत्याशी विकास शर्मा को समर्थन देने का ऐलान किया। उन्होंने बताया कि यह निर्णय समर्थकों से राय-मशविरा करने के बाद लिया गया है और इसे कांग्रेस के लिए एक मुश्किल स्थिति पैदा कर सकता है। ठुकराल ने भाजपा में ज्वाइनिंग के बारे में कहा कि मुख्यमंत्री से मुलाकात ही उनकी भाजपा में ज्वाइनिंग है, और उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा उनकी राजनीतिक माता है। वे मुख्यमंत्री और पार्टी के संगठन के निर्देशों का पालन करेंगे और विकास शर्मा को जीत के रूप में मुख्यमंत्री को तोहफा देने का वादा किया।

गदरपुर नगर पालिका सीट पर बीजेपी और कांग्रेस के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिल सकता है, खासकर अध्यक्ष पद को लेकर। कई वार्डों में बीजेपी को खतरा महसूस हो रहा है। कांग्रेस, जो अब निर्दलीय प्रत्याशी के पर्चे के निरस्त होने के बाद मजबूती से चुनाव में उतरी है, भाजपा के लिए चुनौती बन सकती है।

गदरपुर की राजनीति में मौजूदा विधायक अरविंद पांडे की साख भी चुनाव में महत्वपूर्ण होगी। बीजेपी में दो गुटों की आपसी खींचतान और कई दावेदारों की नाराजगी चुनाव में अपनी भूमिका निभा सकती है। गुंजन सुखीजा गुट और अन्य नेताओं के बीच के मतभेदों से चुनाव में असंतोष और गुटबाजी के संकेत मिल रहे हैं।

निकाय चुनाव में एकलव्य भूमिका में कई दावेदार

गदरपुर सीट पर बीजेपी के लिए अध्यक्ष पद पर जीत हासिल करना एक बड़ी चुनौती बन गई है। मनोज गुम्बर, जो हाल ही में कांग्रेस छोड़कर भाजपा में आए हैं, पार्टी के लिए एक अहम दावेदार बने हैं, लेकिन बीजेपी के कई पुराने कार्यकर्ता टिकट न मिलने से नाराज हैं। इन अंदरूनी मतभेदों के कारण बीजेपी को चुनाव में कठिनाई हो सकती है, और यह सीट पार्टी के लिए अग्नि परीक्षा साबित हो सकती है।