Thursday, March 5, 2026
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उत्तराखंड में मौसम अलर्ट: ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी और बारिश का अनुमान

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उत्तराखंड में मौसम अलर्ट: ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी और बारिश का अनुमान

उत्तराखंड के ऊंचाई वाले जनपदों में मौसम ने करवट ले ली है। मंगलवार सुबह से अटल टनल रोहतांग सहित हिमाचल प्रदेश के जनजातीय क्षेत्रों लाहौल-स्पीति, चंबा और किन्नौर के ऊंचाई वाले हिस्सों में बर्फबारी का दौर शुरू हो गया है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से 5, 8 और 9 फरवरी को राज्य के विभिन्न स्थानों पर हल्की बारिश और बर्फबारी की संभावना जताई गई है।

बर्फबारी और बारिश का अलर्ट

अटल टनल के दोनों छोर पर बर्फबारी के कारण पुलिस प्रशासन ने सैलानियों और आम लोगों को इस दिशा में आवाजाही करने से रोक दिया है। वहीं, प्रदेश के किसान और बागवान, जो सूखे जैसे हालात से परेशान हैं, बारिश की उम्मीद में हैं। बारिश और बर्फबारी से मौसम में ठंडक आएगी, जिससे किसानों को राहत मिलने की संभावना है।

पर्वतीय इलाकों में तापमान में गिरावट

देहरादून सहित कुमाऊं मंडल के पर्वतीय क्षेत्रों में मौसम में बदलाव देखा जा रहा है, जिससे तापमान में गिरावट आई है। खासकर 3500 मीटर से अधिक की ऊंचाई वाले इलाकों में बारिश और हल्की बर्फबारी की संभावना बनी हुई है।

आगे का मौसम पूर्वानुमान

मौसम विभाग के अनुसार, उत्तरकाशी, चमोली, पिथौरागढ़, रुद्रप्रयाग, और बागेश्वर जनपदों में हल्की बारिश के साथ बर्फबारी हो सकती है। 5 फरवरी से मौसम में बदलाव की संभावना है, जिसके बाद 6 फरवरी से शुष्क मौसम रहने की उम्मीद है। इस बीच, मौसम विभाग ने ऊंचाई वाले क्षेत्रों के लिए अलर्ट जारी किया है, जिससे अगले कुछ दिनों तक इन क्षेत्रों में बारिश और बर्फबारी की संभावना बनी रहेगी।

निष्कर्ष

मौसम में बदलाव से उत्तराखंड के ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी और बारिश की संभावना बनी हुई है, जिससे ठंड बढ़ेगी और किसानों को राहत मिल सकती है। राज्य के पर्वतीय क्षेत्रों में मौसम की स्थितियों पर नजर रखी जा रही है और यात्रा से पहले प्रशासन द्वारा जारी अलर्ट का पालन करना जरूरी होगा।

खेल वन: राष्ट्रीय खेलों के दौरान पर्यावरण संरक्षण की नई पहल

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खेल वन: राष्ट्रीय खेलों के दौरान पर्यावरण संरक्षण की नई पहल

महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज के समीप स्थित वन विभाग की 2.77 हेक्टेयर भूमि अब एक नई पहचान मिलने जा रही है, और इसे खेल वन के रूप में विकसित किया जाएगा। इस पहल के तहत, राष्ट्रीय खेलों में पदक जीतने वाले 1600 खिलाड़ियों के नाम से रूद्राक्ष के पेड़ लगाए जाएंगे। यह कदम उत्तराखंड सरकार की हरित पहल को बढ़ावा देता है, जिसका उद्देश्य खेलों के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा देना है।

ग्रीन गेम्स की पहल

38वें राष्ट्रीय खेलों की थीम “ग्रीन गेम्स” रखी गई है, जो पर्यावरण संरक्षण और स्थायित्व पर जोर देती है। उत्तराखंड सरकार ने इस पहल के तहत कई कदम उठाए हैं, जो न केवल खेलों को बल्कि पर्यावरण को भी सशक्त बनाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। इस कदम की सराहना खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी की थी, जिन्होंने राष्ट्रीय खेलों के उद्घाटन समारोह में उत्तराखंड सरकार की हरित पहल की सराहना की।

मुख्यमंत्री का उद्घाटन और सुरक्षा व्यवस्था

10 फरवरी को खेल वन का उद्घाटन मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा किया जाएगा, और इस अवसर पर राष्ट्रीय खेल सचिवालय द्वारा एक बड़ा कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इस कार्यक्रम में ग्रीन गेम्स के प्रभावी संदेश को फैलाने का प्रयास किया जाएगा। इस पूरे इलाके को तैयार किया जा रहा है, और तारबाड़ की जा रही है ताकि जब पेड़ लगाए जाएं, तो उनकी सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।

चैंपियन से प्रेरणा और उनकी धरोहर

खेल वन के लिए तैयार किए गए एक बड़े बोर्ड पर विशेष रूप से यह लाइनें उकेरी जाएंगी: “चैंपियंस इंस्पायर अस, थियर लेगेसी ब्लूम्स इन एवरी ट्री वी प्लांट” (चैंपियंस हमें प्रेरित करते हैं, उनकी धरोहर हर पेड़ में खिलती है)। राष्ट्रीय खेल सचिवालय के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अमित सिन्हा के अनुसार, यहां लगाए गए प्रत्येक पेड़ से विजेताओं की यादें ताजगी से भरेंगी और उनकी प्रेरणा हमेशा बनी रहेगी।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की प्रेरणा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की प्रेरणा से हम ग्रीन गेम्स की थीम पर राष्ट्रीय खेलों का सफलतापूर्वक आयोजन कर रहे हैं। हमने कई कदम उठाए हैं, जिनसे पर्यावरण संरक्षण का संदेश दूर-दूर तक जाएगा। खेल वन इस कड़ी में एक महत्वपूर्ण कदम है।”

निष्कर्ष

खेल वन का निर्माण न केवल खेलों में पर्यावरणीय पहल को बढ़ावा देगा, बल्कि यह खिलाड़ियों की प्रेरणा और उनके योगदान को भी याद रखेगा। यह पहल खेलों और पर्यावरण संरक्षण दोनों के सामंजस्यपूर्ण विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।

दिल्ली में अंतरराष्ट्रीय पुस्तक मेला: धार्मिक, आध्यात्मिक और विदेशी भाषाओं की किताबों में बढ़ता रुझान

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दिल्ली में अंतरराष्ट्रीय पुस्तक मेला: धार्मिक, आध्यात्मिक और विदेशी भाषाओं की किताबों में बढ़ता रुझान

दिल्ली में अंतरराष्ट्रीय पुस्तक मेला: धार्मिक, आध्यात्मिक और विदेशी भाषाओं की किताबों में बढ़ता रुझान

दिल्ली में चल रहे अंतरराष्ट्रीय पुस्तक मेले ने इस साल धार्मिक और आध्यात्मिक पुस्तकों के प्रति बढ़ते रुझान को दिखाया है। रामचरितमानस, भगवद्गीता और वेद-पुराण जैसे धार्मिक ग्रंथों की बिक्री में युवाओं की बढ़ती रुचि देखने को मिल रही है। गीता प्रेस के स्टॉल पर युवा पाठकों की भारी भीड़ जुट रही है, जहां दो रुपये की हनुमान चालीसा से लेकर 1600 रुपये तक की रामायण तक की पुस्तकें खरीदी जा रही हैं। प्रकाशक इन किताबों पर विशेष छूट भी दे रहे हैं, जो अधिक आकर्षण का कारण बन रहा है।

दिल्ली में अंतरराष्ट्रीय पुस्तक मेला: धार्मिक, आध्यात्मिक और विदेशी भाषाओं की किताबों में बढ़ता रुझान

इस पुस्तक मेले में महाकुंभ पर लिखी गई किताबों की भी बड़ी मांग रही है। ‘भारत में कुंभ’, ‘वॉइस ऑफ गंगा’, ‘ए विजिट टू कुंभ’ जैसी किताबें विशेष चर्चा में हैं। ये किताबें न केवल धार्मिक महत्व को दर्शाती हैं, बल्कि भारतीय संस्कृति और आस्था के विविध पहलुओं को भी उजागर करती हैं।

कॉमिक्स और पुरानी यादें

पुरानी यादों को ताजा करने वाली कॉमिक्स भी मेले में बिक्री के मामले में पीछे नहीं हैं। चाचा चौधरी, नागराज, कैप्टन ध्रुव, पंचतंत्र जैसी कॉमिक्स की पुरानी और नई प्रतियां युवाओं और बच्चों में समान रूप से लोकप्रिय हो रही हैं। सोशल मीडिया के युग में जहां डिजिटल कॉमिक्स का चलन बढ़ा है, वहीं इन पारंपरिक कॉमिक्स को एक बार फिर से पसंद किया जा रहा है।

विदेशी भाषाओं की किताबें

विदेशी भाषाओं के प्रति भी युवाओं का रुझान बढ़ा है। जर्मन, फ्रेंच, स्पेनिश, जापानी और कोरियन जैसी भाषाओं को सीखने के लिए किताबों की मांग तेज हुई है। जर्मन भाषा की किताबें ‘हैलो डॉइच’ और स्पेनिश की ‘हाऊ कुल बुक’ खास तौर पर युवाओं के बीच लोकप्रिय हो रही हैं। किताबों पर 20 फीसदी की छूट भी दी जा रही है, जिससे छात्रों को इन भाषाओं को सीखने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।

साथ ही, हिंदी भाषा सीखने के लिए व्याकरण की किताबें भी उपलब्ध हैं, और अब विदेशी नागरिक भी हिंदी सीखने में रुचि दिखा रहे हैं, जो इस पुस्तक मेले का एक दिलचस्प पहलू है।

निष्कर्ष

अंतरराष्ट्रीय पुस्तक मेला न केवल किताबों की विविधता का प्रतिनिधित्व कर रहा है, बल्कि यह दिखा रहा है कि धर्म, आध्यात्मिकता, और विदेशी भाषाओं के प्रति भारतीयों का रुझान लगातार बढ़ रहा है। धार्मिक ग्रंथों से लेकर विदेशी भाषाओं तक की किताबें, सभी उम्र के पाठकों के बीच अपनी जगह बना रही हैं।

5 फरवरी तक दिल्ली में नहीं मिलेगी शराब 8 को भी रहेगा ड्राई डे

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दिल्ली विधानसभा चुनाव के दौरान ड्राई डे की घोषणा, शराब तस्करी और सार्वजनिक जगहों पर शराब पीने वालों पर कड़ी कार्रवाई

दिल्ली विधानसभा चुनाव के मद्देनजर, दिल्ली आबकारी आयुक्त ने एक अधिसूचना जारी की है, जिसमें मतदान और मतगणना के दिन 3 से 5 फरवरी तक और 8 फरवरी को परिणाम घोषित होने तक ड्राई डे घोषित किया गया है। इस अवधि के दौरान शराब की दुकानों, होटलों, रेस्तरां, क्लबों और शराब बेचने या परोसने वाले अन्य प्रतिष्ठानों को शराब बेचने या परोसने की अनुमति नहीं होगी। यह कदम चुनाव के निष्पक्ष और सुरक्षित आयोजन को सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है।

शराब तस्करी और सार्वजनिक जगहों पर शराब पीने वालों पर कड़ी कार्रवाई

साथ ही, दिल्ली पुलिस ने शराब तस्करी और सार्वजनिक स्थानों पर शराब पीने वालों पर कार्रवाई तेज कर दी है। दक्षिण पश्चिम जिले की पुलिस ने अभियान चलाकर सात शराब तस्करों और सप्लायरों को गिरफ्तार किया है, साथ ही सार्वजनिक जगहों पर शराब पी रहे 45 लोगों को भी पकड़ा है। पुलिस उपायुक्त सुरेंद्र चौधरी ने बताया कि चुनाव प्रक्रिया को स्वतंत्र, निष्पक्ष और सुरक्षित बनाने के लिए शराब तस्करों और सप्लायरों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। इसके तहत सभी थानों में अतिरिक्त पुलिस टीमों का गठन किया गया है, जो इन अपराधियों पर सतत निगरानी बनाए रखेगी।

निष्कर्ष

दिल्ली चुनाव के दौरान चुनावी माहौल को प्रभावित करने वाले तत्वों पर कड़ी नजर रखी जा रही है, और इस दिशा में पुलिस और आबकारी विभाग की तरफ से आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। ड्राई डे के दौरान शराब से संबंधित गतिविधियों पर सख्ती से नियंत्रण रखा जाएगा, ताकि मतदान और मतगणना के दिनों में किसी भी प्रकार का अनुशासनहीनता न हो।

अरविंद केजरीवाल का बड़ा दावा, दिल्ली में आएंगी 55 से 60 सीटें, भाजपा पर लगाए चुनाव में हस्तक्षेप के आरोप

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अरविंद केजरीवाल का बड़ा दावा, दिल्ली में आएंगी 55 से 60 सीटें, भाजपा पर लगाए चुनाव में हस्तक्षेप के आरोप

अरविंद केजरीवाल का बड़ा दावा, दिल्ली में आएंगी 55 से 60 सीटें, भाजपा पर लगाए चुनाव में हस्तक्षेप के आरोप

दिल्ली विधानसभा चुनाव के प्रचार के अंतिम दिन आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने एक रैली को संबोधित करते हुए बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा, “आम आदमी पार्टी को 55 सीटें मिल रही हैं और दिल्ली में एक बार फिर से आप की सरकार बनेगी।”

केजरीवाल ने इस दौरान दावा किया कि अगर सभी लोग मतदान के लिए निकलें और अपने परिवार के पुरुषों को भी आम आदमी पार्टी को वोट देने के लिए समझाएं, तो आप की पार्टी को 60 से ज्यादा सीटें भी मिल सकती हैं। उन्होंने दिल्लीवासियों से समर्थन की अपील की और कहा कि उनकी सरकार बनने पर हर परिवार को लगभग 35 हजार रुपये की बचत होगी।

अरविंद केजरीवाल का बड़ा दावा, दिल्ली में आएंगी 55 से 60 सीटें, भाजपा पर लगाए चुनाव में हस्तक्षेप के आरोप

भ्रष्टाचार और भाजपा पर आरोप

केजरीवाल ने चुनाव आयोग पर सवाल उठाते हुए भाजपा पर चुनाव में हस्तक्षेप करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भाजपा चुनाव को प्रभावित कर रही है और अपने राज्यों में शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था की हालत देखकर ही समझा जा सकता है कि उनकी सरकार किस प्रकार आम लोगों की बेहतरी के लिए काम करती है। इसके विपरीत, उन्होंने कहा, “हमने बच्चों के लिए रोजगार के बड़े मौके तैयार किए हैं, जबकि भाजपा कुछ खास लोगों को लाभ पहुंचाती है।”

भा.ज.पा. के दावों पर पलटवार

अरविंद केजरीवाल ने भाजपा द्वारा यह दावा किए जाने पर कि नई दिल्ली, कालकाजी और जंगपुरा सीटें फंसी हुई हैं, जवाब दिया कि “मतगणना के दिन ये सीटें आम आदमी पार्टी ही जीतेगी।” उनका कहना था कि दिल्ली में उन्हें जोरदार समर्थन मिल रहा है और वह पूरी तरह से आश्वस्त हैं कि आप की पार्टी जीत हासिल करेगी।

चुनाव में गड़बड़ी पर तंज

केजरीवाल ने भाजपा पर आरोप लगाया कि वे वोटिंग प्रक्रिया को प्रभावित करने के लिए उंगली पर काली स्याही लगाने की योजना बना सकते हैं, और दावा किया कि चुनाव आयोग इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं करता है। उन्होंने यह भी कहा कि इस गड़बड़ी को रोकने के लिए आप ने स्पाई और बॉडी कैमरा कार्यकर्ताओं को दिए हैं ताकि हर घटना का रिकॉर्ड रखा जा सके।

चुनाव आयोग और पुलिस पर आरोप

केजरीवाल ने दिल्ली में चुनाव कवर कर रहे पत्रकारों पर हमले होने की बात कही और आरोप लगाया कि भाजपा की मदद से चुनाव में गड़बड़ी हो रही है। उन्होंने यह भी कहा कि चुनाव आयोग ने भाजपा के सामने हथियार डाल दिए हैं और अब यह लगता है कि आयोग निष्पक्ष चुनाव करवाने में नाकाम है। मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार के रिटायरमेंट की ओर इशारा करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें शायद पद की लालसा है, इसलिए वे निष्पक्ष चुनाव के लिए कदम नहीं उठा रहे हैं।

निष्कर्ष: अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली के आगामी चुनावों के लिए अपनी उम्मीदों को जाहिर करते हुए भाजपा और चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने यह भी कहा कि आम आदमी पार्टी की सरकार दिल्ली में फिर से बनेगी और हर नागरिक को लाभ मिलेगा।

गन्ना विकास मंत्री सौरभ बहुगुणा द्वारा गन्ना पर्यवेक्षकों को नियुक्ति पत्र वितरण और रेड रौट रोग पर समीक्षा बैठक

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गन्ना विकास मंत्री सौरभ बहुगुणा द्वारा गन्ना पर्यवेक्षकों को नियुक्ति पत्र वितरण और रेड रौट रोग पर समीक्षा बैठक

गन्ना विकास मंत्री सौरभ बहुगुणा द्वारा गन्ना पर्यवेक्षकों को नियुक्ति पत्र वितरण और रेड रौट रोग पर समीक्षा बैठक

विधानसभा स्थित सभागार कक्ष में गन्ना विकास मंत्री सौरभ बहुगुणा ने नव चयनित गन्ना पर्यवेक्षकों को नियुक्ति पत्र वितरित किया और राज्य में गन्ने की फसल को रेड रौट रोग से हुए नुकसान तथा विभाग द्वारा किए गए सुरक्षा उपायों पर एक समीक्षा बैठक का आयोजन किया।

गन्ना विकास मंत्री ने कहा कि लंबे समय से गन्ना बाहुल्य क्षेत्रों जैसे उद्यमसिंह नगर और हरिद्वार में गन्ना पर्यवेक्षकों की कमी देखी जा रही थी। इसे ध्यान में रखते हुए आज 70 गन्ना पर्यवेक्षकों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का विशेष रूप से धन्यवाद करते हुए कहा कि इन पदों को भरे जाने से गन्ना विकास विभाग के कार्यों की गति बढ़ेगी और किसानों को समय पर सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सकेगा।

गन्ना विकास मंत्री सौरभ बहुगुणा द्वारा गन्ना पर्यवेक्षकों को नियुक्ति पत्र वितरण और रेड रौट रोग पर समीक्षा बैठक

मंत्री ने बताया कि काशीपुर, नादेही और बाजपुर में रेड रौट फंगस के कारण गन्ने की फसल को भारी नुकसान हुआ है, जिसका असर मुख्य रूप से नादेही, बाजपुर और हरिद्वार स्थित चीनी मिलों पर पड़ा है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि आगामी सत्र के लिए बीज वितरण और किसानों को रेड रौट फंगस के बारे में जागरूक करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं।

सौरभ बहुगुणा ने बताया कि उत्तराखंड में गन्ना किसानों द्वारा अधिक उपयोग में लाया जाने वाला गन्ने का बीज ‘0238’ रेड रौट फंगस से सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है। उन्होंने अधिकारियों को गन्ने के इस बीज को बदलने, क्रॉप रोटेशन को अपनाने और किसानों को बेहतर बीज उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। मंत्री ने यह भी कहा कि रेड रौट फंगस की रोकथाम के लिए पंतनगर विश्वविद्यालय द्वारा गन्ना बाहुल्य क्षेत्रों का सर्वे कराया गया है, और उसकी रिपोर्ट के आधार पर किसानों को उत्तम बीज उपलब्ध कराया जाएगा।

बैठक में गन्ना विकास सचिव रणवीर सिंह चौहान, आयुक्त गन्ना विकास चंद्र सिंह धर्मसत्तू और अन्य अधिकारीगण भी उपस्थित थे।

कौशल विकास मंत्री सौरभ बहुगुणा की समीक्षा बैठक

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कौशल विकास मंत्री सौरभ बहुगुणा की समीक्षा बैठक

विधानसभा स्थित सभागार कक्ष में कौशल विकास मंत्री सौरभ बहुगुणा ने आईटीबीपी के साथ मिलकर प्रदेश के युवाओं को कौशल विकास प्रशिक्षण और रोजगार उपलब्ध कराने के संबंध में एक समीक्षा बैठक की।

मंत्री ने बैठक में कहा कि कौशल विकास विभाग और आईटीबीपी मिलकर प्रदेश के युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान करने के लिए कार्ययोजना पर काम कर रहे हैं। इस योजना के तहत, आईटीबीपी द्वारा युवाओं को राफ्टिंग और माउंटेनियरिंग जैसे साहसिक खेलों में प्रशिक्षण दिया जाएगा, और इसके बाद इन प्रशिक्षित युवाओं को रोजगार भी प्रदान किया जाएगा।

कौशल विकास मंत्री सौरभ बहुगुणा की समीक्षा बैठक

सौरभ बहुगुणा ने कहा कि यह प्रदेश में इस प्रकार की पहली पहल है, जिसमें युवाओं को प्रशिक्षण के साथ-साथ रोजगार भी उपलब्ध कराया जाएगा। मंत्री ने यह भी बताया कि 16 युवाओं के बैच का प्रशिक्षण खर्च कौशल विकास विभाग द्वारा वहन किया जाएगा, जबकि प्रमाण पत्र और रोजगार हेतु प्लेसमेंट का कार्य आईटीबीपी द्वारा किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस संबंध में जल्द ही कौशल विकास विभाग और आईटीबीपी के बीच एक एमओयू (मेमोरंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग) किया जाएगा।

मंत्री ने आगे कहा कि इस पहल से प्रदेश के युवाओं को राफ्टिंग और माउंटेनियरिंग के क्षेत्र में रोजगार के अवसर मिलेंगे और साहसिक पर्यटन क्षेत्र में भी रोजगार सृजन के नए अवसर उत्पन्न होंगे। उन्होंने यह भी बताया कि उत्तराखंड देश का पहला राज्य है, जहां आईटीबीपी और पशुपालन विभाग ने मिलकर एक एमओयू किया है, जिसके अच्छे परिणाम सामने आए हैं। इस एमओयू के माध्यम से प्रदेश के पशुपालकों और मत्स्यपालकों से आईटीबीपी ने 04 महीने में लगभग सवा करोड़ रुपये की खरीद की है।

बैठक में कौशल विकास सचिव सी. रविशंकर, आईटीबीपी के महानिरीक्षक संजय गुंजियाल और अन्य अधिकारीगण भी उपस्थित थे।

कौशल विकास मंत्री सौरभ बहुगुणा की समीक्षा बैठक

सीएम विधानसभा के विवेक पांडे ने वेटलिफ्टिंग में जीता कांस्य

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विवेक पांडे ने वेटलिफ्टिंग में जीता कांस्य, खेल मंत्री ने दी बधाई

देहरादून 3 फरवरी। उत्तराखंड के विवेक पांडे ने पुरुषों की 109+ किलोग्राम भारवर्ग वेटलिफ्टिंग में कांस्य पदक जीतकर प्रदेश का नाम रोशन किया है। विवेक की इस उपलब्धि पर सीएम पुष्कर सिंह धामी सहित खेल मंत्री रेखा आर्या ने उन्हें बधाई दी है।

यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि पिछले नेशनल गेम्स में उत्तराखंड ने इस श्रेणी में भाग नहीं लिया था। चंपावत जिले के टनकपुर निवासी विवेक ने महज दो साल पहले वेटलिफ्टिंग की शुरुआत की थी। अपनी इस सफलता पर उन्होंने अपने माता-पिता और कोच को श्रेय दिया। खेल मंत्री रेखा आर्या ने विवेक पांडे को इस उपलब्धि पर बधाई देते हुए कहा कि सिर्फ 2 साल के अभ्यास से अपने स्तर को इतने ऊपर तक उठाना बड़ी बात है,

इससे इस खिलाड़ी के जज्बे, दृढ निश्चय और समर्पण का पता चलता है। खेल मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि विवेक की इस सफलता ने राज्य को वेटलिफ्टिंग क्षेत्र को नई पहचान दी है और उनके इस पदक से प्रेरित होकर उत्तराखंड के और युवा इस खेल की ओर आकर्षित होंगे।

स्वाति मालीवाल ने केजरीवाल पर लगाया गंभीर आरोप, यमुना नदी के पानी को लेकर उठाया सवाल

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स्वाति मालीवाल ने केजरीवाल पर लगाया गंभीर आरोप, यमुना नदी के पानी को लेकर उठाया सवाल

राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल ने अरविंद केजरीवाल पर निशाना साधते हुए कहा, “अरविंद केजरीवाल महिलाओं से इतना डरते क्यों हैं?” उन्होंने दावा किया कि आज हजारों पूर्वांचली महिलाएं उनसे मिलने आई थीं और यमुना नदी का दूषित पानी लाकर उन्हें दिखाने के लिए कहने आई थीं, लेकिन केजरीवाल अपने घर में छिप गए। स्वाति मालीवाल ने कहा, “जब हम यमुना का पानी लेकर आए, जो इस समय अत्यधिक प्रदूषित है, तो अरविंद केजरीवाल बाहर तक नहीं आए। उन्हें बाहर आकर उस पानी को पीना चाहिए था, लेकिन वह तो डुबकी लगाने की बात छोड़िए, बाहर तक नहीं निकले।” उन्होंने यह भी सवाल उठाया, “केजरीवाल डरते क्यों हैं?”

जेपी नड्डा ने केजरीवाल पर साधा निशाना

दिल्ली की बुराड़ी विधानसभा में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने अरविंद केजरीवाल पर कड़ा हमला बोला। उन्होंने कहा, “आपने 10 साल में अपनी नाकामियों को छुपाया है और कुछ भी काम नहीं किया। अरविंद केजरीवाल झूठ बोलने की मशीन बन गए हैं। उन्होंने सिवाय झूठ बोलने और लोगों को गुमराह करने के कुछ नहीं किया।” नड्डा ने आगे कहा कि केजरीवाल की सरकार ने दिल्ली में कोई सुधार नहीं किया और उनके कामों का कोई ठोस परिणाम नहीं निकला।

स्वाति मालीवाल की चुनौती और यमुना नदी की सफाई

दिल्ली चुनाव के बीच, राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल ने यमुना नदी से प्रदूषित पानी लेकर पूर्वांचल की महिलाओं के साथ अरविंद केजरीवाल के आवास पर जाने की घोषणा की। उन्होंने कहा, “अरविंद केजरीवाल की वजह से यमुना नदी नाले में तब्दील हो गई है। हम यहां आई हैं, और यहां की स्थिति इतनी खराब है कि बदबू के कारण हम खड़े भी नहीं हो पा रहे।” स्वाति मालीवाल ने कहा कि पूर्वांचली महिलाएं उनके साथ केजरीवाल के आवास पर जाएंगी और उनसे सवाल करेंगी कि यमुना नदी की सफाई के लिए आवंटित 7500 करोड़ रुपये कहां गए?

उन्होंने कहा, “हम सभी अरविंद केजरीवाल के आवास पर जाएंगे और उन्हें चुनौती देंगे कि वह हमारे सामने आएं और हम जो काला पानी लेकर आए हैं, उसे देखें, डुबकी लगाएं और अगर हो सके तो उसे पी भी लें।”

स्वाति मालीवाल का यह बयान दिल्ली के चुनावी माहौल में एक नई राजनीति का संकेत देता है, जिसमें आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है।

दिल्ली विधानसभा चुनाव में जहरीला पानी विवाद से आम आदमी पार्टी को बड़ा नुकसान, केजरीवाल पर कई राज्य के मुख्यमंत्री हुए हमलावर

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दिल्ली विधानसभा चुनाव में जहरीला पानी विवाद से आम आदमी पार्टी को बड़ा नुकसान, केजरीवाल पर कई राज्य के मुख्यमंत्री हुए हमलावर

दिल्ली विधानसभा चुनाव में जहरीला पानी विवाद से आम आदमी पार्टी को बड़ा नुकसान, केजरीवाल पर कई राज्य के मुख्यमंत्री हुए हमलावर

दिल्ली विधानसभा चुनाव में जहरीला पानी विवाद ने आम आदमी पार्टी (AAP) को बड़ा नुकसान पहुंचाते हुए एक नई चुनौती खड़ी कर दी है। इस विवाद को लेकर केजरीवाल कई बार घिरे हुए हैं, और यमुना को लेकर विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री भी उन पर हमलावर हो चुके हैं। प्रचार के अंतिम दिन तक केजरीवाल दिल्ली विधानसभा चुनाव में कई मोर्चों पर घिरे रहे।

दिल्ली विधानसभा चुनाव में जहरीला पानी विवाद से आम आदमी पार्टी को बड़ा नुकसान, केजरीवाल पर कई राज्य के मुख्यमंत्री हुए हमलावर

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने यमुना नदी के प्रदूषण को लेकर तीखा बयान दिया। उन्होंने कहा, “यमुना दुनिया की सबसे प्रदूषित नदियों में से एक है। बीते 10 सालों में आम आदमी पार्टी प्रदूषण पर नियंत्रण नहीं कर पाई है। यह सब सिर्फ डबल इंजन वाली सरकार ही कर सकती है।” उन्होंने आगे कहा, “वैश्विक स्तर पर आप देख सकते हैं कि साम्यवाद का क्या हाल हुआ है। मैंने बहुत पहले ही कहा था कि साम्यवाद खत्म हो चुका है, और अब केवल पर्यटन ही समृद्ध होगा। चीन भी राजनीति में साम्यवादी है, लेकिन विकास और अर्थव्यवस्था में नहीं।”

चंद्रबाबू नायडू ने दिल्ली के प्रदूषण को लेकर भी चिंता जताते हुए कहा, “दिल्ली में प्रदूषण और राजनीतिक प्रदूषण दोनों ही लोगों के स्वास्थ्य के लिए खतरनाक हैं। दिल्ली में शासन व्यवस्था पूरी तरह से विफल हो चुकी है। यह एक विफल मॉडल है।”

चुनाव प्रचार का अंतिम दिन, मतदान 5 फरवरी को

दिल्ली विधानसभा चुनाव प्रचार अब अंतिम चरण में पहुंच चुका है। 3 फरवरी यानी आज शाम 5 बजे चुनाव प्रचार थम जाएगा, और इसके बाद सभी राजनीतिक दलों के दिग्गज नेता जोर-शोर से प्रचार में जुटे हुए हैं। मतदान 5 फरवरी को होगा और चुनाव परिणाम 8 फरवरी को घोषित किए जाएंगे।