गंगा मां और मेरी मां…त्रिवेणी संगम पर सीएम धामी ने मां को लगवाई डुबकी, इच्छा पूरी कर हुए भावुक
भगवान के बाद अगर किसी का बड़ा दर्जा दिया गया है तो है माँ जिसकी ममता छाँव में पलकर हर कोई बड़ा होता है प्रयागराज में माँ को आस्था की डुबकी लगवाने वाले उत्तराखंड मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी संगम तट पर माँ को महाकुंभ गंगा में त्रिवेणी संगम पर स्नान करवाने के बाद भावुक हुए सीएम धामी ने कहा कि मैं इस क्षण को बयां नहीं कर सकता हूं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने त्रिवेणी संगम में मां को स्नान कराकर उनकी इच्छा पूरी की। सीएम धामी और उनकी पत्नी गीता धामी दोनों ने मिलकर मां को स्नान कराया। गंगा में डुबकी लगाने के बाद उन्होंने कहा कि यह मेरे जीवन के उन अमूल्य और भावुक क्षणों में से एक है, जिन्हें शब्दों में पिरोना संभव नहीं।
सोमवार को सीएम धामी परिवार के साथ प्रयागराज महाकुंभ पहुंचे। इस दौरान उन्होंने कहा कि त्रिवेणी संगम के पुण्य सलिल में मां को स्नान कराने का सौभाग्य मिला। वेदों, शास्त्रों और पुराणों में उल्लेखित है कि कोई भी जीव माता के ऋण से कभी उऋण नहीं हो सकता क्योंकि माता ही वह प्रथम स्रोत हैं, जिनसे हमारा अस्तित्व जुड़ा हुआ है।
माता का स्नेह अनंत, उनकी ममता अपरिमेय और उनका आशीर्वाद अक्षुण्ण होता है। इस दिव्य क्षण में अनुभव हुआ कि माँ केवल जन्मदात्री ही नहीं बल्कि सजीव तीर्थ हैं, जिनकी सेवा और सम्मान से जीवन के समस्त पुण्य फलीभूत होते हैं। यह भावपूर्ण क्षण मेरे लिए सनातन संस्कृति, परंपरा और मातृभक्ति का सजीव स्वरूप बनकर हृदयपटल पर सदैव अंकित रहेगा।
पतितपावनी माँ गंगा, माँ यमुना एवं माँ सरस्वती के परमपवित्र दिव्य त्रिवेणी संगम में महाकुंभ-2025 के अलौकिक एवं पुण्यदायी कालखंड में सपरिवार स्नान का परम सौभाग्य प्राप्त हुआ। इस अविस्मरणीय क्षण में पवित्र जलराशि से अभिसिक्त होकर आध्यात्मिक शुद्धि एवं दिव्यता का अद्वितीय अनुभव प्राप्त हुआ। तीर्थराज प्रयाग की पुनीत धरा पर ईश्वर से समस्त प्रदेशवासियों के सुख-समृद्धि एवं राज्य की उन्नति के लिए प्रार्थना की।
महाकुंभ शताब्दियों से अपनी अक्षुण्णता बनाए रखते हुए सनातन धर्म की आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक महत्ता के माध्यम से कोटि जनों को धर्म व संस्कृति से जोड़ता आ रहा है। यह केवल आध्यात्मिक चेतना ही नहीं अपितु राष्ट्रीय एकता, अखंडता और विश्व बंधुत्व का प्रतीक है जो मानवता को नैतिक मूल्यों एवं विश्व मंगल की ओर प्रेरित करता है।
महाकुंभ आस्था संगम पर मुख्यमंत्री धामी ने परिवार संग किया स्नान उत्तराखंड मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी परिवार संग महाकुम्भ में पहुंचे धार्मिक आस्था के संगम में उन्होंने परिवार संग आस्था की डुबकी लगाई महाकुंभ मेले के दौरान त्रिवेणी संगम में पवित्र स्नान किया। पवित्र स्नान के बाद उन्होंने पूजा-अर्चना की दोपहर बाद धामी प्रयागराज से उत्तराखंड वापिसी करेंगे
रविवार को राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी परिवार संग प्रयागराज कुम्भ पहुंचे थे सोमवार को सोशल मीडिया के माध्यम से उनकी तस्वीरें माँ को महाकुंभ में स्नान कराते हुए तस्वीरें वायरल हुई थी इस दौरान धामी ने प्रयागराज में लगाए गए प्रयागराज स्थित उत्तराखण्ड मंडपम में आयोजित भजन संध्या में सम्मिलित हुआ। कार्यक्रम में भक्ति भाव से ओत-प्रोत ऊर्जा से मन अभिभूत हो गया और एक अलग आत्मिक शांति की अनुभूति हुई। इस दौरान ‘उत्तराखण्ड मंडपम’ में बनाए गए श्री यमुनोत्री धाम, श्री गंगोत्री धाम, श्री केदारनाथ धाम, श्री बदरीनाथ धाम, श्री जागेश्वर धाम, श्री गोल्ज्यू देवता व नीब करौरी बाबा की भव्य प्रतिकृतियों का अवलोकन किया।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने महाकुंभ के दौरान प्रयागराज के त्रिवेणी संगम में पवित्र डुबकी लगाई। संगम में स्नान के बाद उन्होंने पूजा-अर्चना भी की। यह अवसर महाकुंभ मेले के दौरान श्रद्धालुओं के लिए एक महत्वपूर्ण पल था।
राष्ट्रपति के संग इस अवसर पर यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और राज्यपाल आनंदीबेन पटेल भी मौजूद थे। इससे पहले, राष्ट्रपति मुर्मू ने संगम के पास प्रवासी पक्षियों को दाना भी खिलाया, जो एक प्रतीकात्मक और आध्यात्मिक पहल थी।
महाकुंभ में उनके आगमन पर प्रयागराज के महापौर उमेश चंद्र गणेश केसरवानी ने उन्हें महानगर की चाबी भेंट कर स्वागत किया, जो एक सम्मानजनक परंपरा थी। इस मौके पर श्रद्धालुओं की भी भारी भीड़ उमड़ी रही थी, और महाकुंभ के धार्मिक महत्व को और बढ़ाया गया।
उत्तराखंड में 38 नेशनल गेम्स का समापन हल्द्वानी के गौलापार स्थित इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय खेल परिसर में होने वाले समापन कार्यक्रम को संगीत से सजाने के लिए बॉलीवुड सिंगर सुखविंदर, कुमाऊनी अभिनेत्री श्वेता महारा और दिगारी ग्रुप अपनी प्रस्तुतियां देंगे।
38वें राष्ट्रीय खेलों का जितना भव्य आगाज हुआ, उसका समापन भी उतना ही भव्य और यादगार बनाने की तैयारी है। जिस तरह से उत्तराखंड के खिलाड़ी विभिन्न प्रतिस्पर्धांओं में अभूतपूर्व प्रदर्शन कर रिकॉर्ड पर रिकॉर्ड बना रहे हैं, उसे देखते हुए समापन समारोह में खिलाड़ियों को विशेष सम्मान देने की तैयारी है। विजेता खिलाड़ियों की यादों को संजोने और प्रेरक बनाने के लिए एक स्क्रीन प्ले (गेम्स रीकैप) होगा, जिसमें आयोजन शुरू होने से लेकर अंत तक की गतिविधियों की झलक होगी। समारोह में गृहमंत्री अमित शाह मुख्य तौर पर उपस्थित रहेंगे।
उत्तराखंड में गेम्स करवाने वाली पुष्कर सिंह धामी सरकार देश भर में खेलो को लेकर राज्य के उभरते खिलाड़ियों को आगे बढ़ने का मंच इस आयोजन से देती नज़र आ रही है आयोजन की मेजबानी से उत्तराखंड में देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देहरादून में इसका शुभारम्भ कर चुके है मोदी ने कहा था उत्तराखंड में खेलो इंडिया के माध्यम से सरकार खिलाड़ियों को बेहतर माहौल देने में कामयाब रही है
हल्द्वानी के गौलापार स्थित इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय खेल परिसर में होने वाले समापन कार्यक्रम को संगीत से सजाने के लिए बॉलीवुड सिंगर सुखविंदर, कुमाऊनी अभिनेत्री श्वेता महारा और दिगारी ग्रुप अपनी प्रस्तुतियां देंगे। कार्यक्रम में गृहमंत्री शाह के अलावा सीएम पुष्कर सिंह धामी, भारतीय ओलंपिक संघ की अध्यक्ष पीटी उषा और खेल मंत्री रेखा आर्या का संबोधन रहेगा।समापन कार्यक्रम में योगासन और मलखंब की विशेष प्रस्तुतियां रखी गई हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने समापन समारोह के लिए व्यापक व्यवस्थाएं करने के निर्देश दिए हैं।
15 हजार से ज्यादा लोग करेंगे शिरकत खेल मंत्री आर्या ने बताया कि खेलों के पूरे आयोजन के दौरान आम जनता ने सक्रियता से भागीदारी निभाई। समापन समारोह में भी आमजन शामिल रहेंगे। इसके लिए स्टेडियम में 15 हजार से ज्यादा लोगों की बैठने की व्यवस्था की जा रही है। मुख्य कार्यक्रम शुरू होने से पहले कुमाऊनी अभिनेत्री श्वेता महारा और दिगारी ग्रुप की प्रस्तुतियां होंगी। औपचारिक आयोजन समाप्त होने के बाद बॉलीवुड सिंगर सुखविंदर प्रस्तुतियां देंगे।
अगले मेजबान राज्य को सौंपा जाएगा फ्लैग समापन समारोह में राष्ट्रीय खेलों का फ्लैग अगले मेजबान राज्य को सौंपा जाएगा, हालांकि अगला मेजबान राज्य कौन रहेगा, इसका फैसला भारतीय ओलंपिक संघ को करना है, जिसकी अभी घोषणा होनी बाकी है। उत्तराखंड को गोवा से फ्लैग मिला था।
ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर निर्देश खेल मंत्री आर्या ने बताया कि शुभारंभ कार्यक्रम में कुछ वजहों से यातायात जाम की समस्या उतपन्न हुई थी, उसके अनुभव से सबक लेते हुए गौलापार स्टेडियम के आसपास ट्रैफिक के इंतजाम दुरुस्त रखने के निर्देश दिए गए हैं।रेखा आर्या, खेल मंत्री ने बताया आमतौर पर राष्ट्रीय खेलों के समापन समारोह का कार्यक्रम औपचारिक मात्र होता है, लेकिन जिस तरह से हमारे खेलों का भव्य आयोजन और खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन रहा, वैसे ही समापन भी यादगार बनाएंगे।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज प्रयागराज में आयोजित ‘समानता के साथ समरसता’ कार्यक्रम में भाग लिया, जो आचार्य शिविर, सेक्टर-09, गंगेश्वर मार्ग पर आयोजित किया गया था। इस कार्यक्रम में उत्तराखंड राज्य में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने के लिए मुख्यमंत्री को संतों द्वारा अभिनंदन किया गया। संतों ने पुष्पमाला पहनाकर मुख्यमंत्री का सम्मान किया और उन्हें आशीर्वाद दिया।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर सभी संतों का धन्यवाद अर्पित करते हुए कहा कि महाकुंभ के शुभ अवसर पर संतों का आशीर्वाद प्राप्त करना उनके लिए सौभाग्य की बात है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत के विकास की ओर बढ़ते हुए, समान नागरिक संहिता को लागू करने को एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
मुख्यमंत्री ने 2022 विधानसभा चुनाव से पहले किए गए वादे को याद करते हुए बताया कि उत्तराखंड सरकार ने अपने पहले मंत्रीमंडल की बैठक में ही समान नागरिक संहिता के लिए एक समिति का गठन किया था, और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राज्य में इसे सबसे पहले लागू किया गया। उन्होंने यह भी कहा कि समान नागरिक संहिता लागू होने के बाद अपराधों जैसे श्रद्धा वाकर हत्या जैसी घटनाओं को रोका जा सकेगा, और अब बेटियों के साथ कोई अपराध नहीं कर पाएगा।
आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरि महाराज ने उत्तराखंड को एक दिव्य स्थान बताया और मुख्यमंत्री धामी को सभी संतों का प्रिय बताया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड का छोटा राज्य होने के बावजूद, इसने देश में सबसे पहले समान नागरिक संहिता लागू कर एक महत्वपूर्ण कदम उठाया।
स्वामी चिदानंद मुनि महाराज ने भी मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि उत्तराखंड ने अपने नेतृत्व में UCC लागू करके भारत माता का मान बढ़ाया है। इस कार्यक्रम में कई अन्य संतगण और श्रद्धालु भी मौजूद थे।
मणिपुर में मई 2023 से जारी जातीय हिंसा के बीच मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने रविवार शाम को राज्यपाल अजय कुमार भल्ला को अपना इस्तीफा सौंपा, हालांकि राज्यपाल ने उन्हें नए मुख्यमंत्री की नियुक्ति तक पद संभालने के लिए कहा है।
बीरेन सिंह ने इस्तीफा देने से पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की थी और फिर राज्य में हिंसा के लिए माफी मांगी थी। उन्होंने 2023 के मई से लेकर अब तक के हालात को खराब बताते हुए कहा कि राज्य के लोग अपने प्रियजनों को खो चुके हैं और कई लोग अपने घर छोड़ने के लिए मजबूर हुए हैं। बावजूद इसके, उन्होंने उम्मीद जताई कि 2025 तक राज्य में शांति स्थापित हो जाएगी।
अपने इस्तीफे में बीरेन सिंह ने कुछ महत्वपूर्ण मुद्दों पर जोर दिया, जिनमें मणिपुर की क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा, सीमा पर घुसपैठ की रोकथाम, नशे के खिलाफ लड़ाई, और एमएफआर के तहत बायोमेट्रिक जांच की सख्ती शामिल हैं।
राज्य में जारी जातीय हिंसा के कारण मुख्यमंत्री पर भारी दबाव था। नवंबर 2023 में जिरीबाम में हुई तीन महिलाओं और उनके बच्चों की हत्या के बाद हिंसा और बढ़ गई थी। इसके चलते एनडीए की सहयोगी पार्टी एनपीपी ने भी मणिपुर सरकार से अपना समर्थन वापस ले लिया था, और नेतृत्व परिवर्तन की मांग की थी।
यह हिंसा मणिपुरी समुदाय को अनुसूचित जनजाति सूची में शामिल करने की मांग से शुरू हुई थी, जब आदिवासी छात्रों संघ (ATSUM) ने मणिपुर उच्च न्यायालय के आदेश के खिलाफ रैली की थी। इसके बाद से मणिपुर में हिंसा बढ़ती चली गई और स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए केंद्र सरकार को अर्धसैनिक बलों को तैनात करना पड़ा।
प्रयागराज में महाकुंभ के दौरान भारी जाम की स्थिति सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गई है। लोग अपनी यात्रा के दौरान लग रहे जाम के वीडियो और रील्स शेयर कर रहे हैं, जिनमें यातायात व्यवस्था को लेकर नाराजगी जताई जा रही है। इस दौरान लोग ट्रेन से यात्रा करने की सलाह दे रहे हैं, ताकि वाहन से आने वाले श्रद्धालुओं को इस भीषण जाम से बचा जा सके।
रविवार को जाम की स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि कई वाहन चालकों को एक घंटे का रास्ता तय करने में पूरे दिन का समय लग रहा था। महाकुंभ के श्रद्धालुओं की संख्या इतनी अधिक थी कि जिले के सभी रास्ते और महाकुंभ क्षेत्र तक जाने वाले मार्ग पूरी तरह से जाम हो गए थे। पुलिस की कोशिशों के बावजूद यातायात नियंत्रण में कोई सुधार नहीं हो पाया, और कई इलाकों में सड़कें तक बैरिकेडिंग के बावजूद जाम की चपेट में आ गईं।
साथ ही, सोशल मीडिया पर कुछ लोग इस जाम को लेकर मजेदार और व्यंग्यात्मक पोस्ट भी कर रहे हैं, जिससे यह ट्रेंड बना हुआ है। यही नहीं, यात्रियों ने जाम की स्थिति का वीडियो बनाकर अपनी परेशानियों को साझा किया है, जिससे स्थिति की गंभीरता और भी अधिक सामने आई है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को प्रयागराज, उत्तर प्रदेश पहुंचकर महाकुंभ 2025 में स्थापित किए गए उत्तराखण्ड मंडपम का अवलोकन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने उत्तराखण्ड मंडपम में आए तीर्थ यात्रियों से मुलाकात कर उनका कुशलक्षेम जाना। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री के निर्देशों पर राज्य सरकार द्वारा प्रयागराज महाकुंभ 2025 में उत्तराखण्ड मंडपम की स्थापना की गई है।
मुख्यमंत्री ने उत्तराखण्ड मंडपम में राज्य के तीर्थ यात्रियों को प्रदान की जा रही आवासीय सुविधा एवं भोजन व्यवस्थाओ का भी जायज़ा लिया। मुख्यमंत्री ने कहा उत्तराखण्ड मंडपम से महाकुंभ में देश दुनिया से आने वाले श्रद्धालु उत्तराखंड की संस्कृति से परिचित हो रहे हैं। उत्तराखण्ड मंडपम श्रद्धालुओं के ठहरने के साथ ही महाकुंभ में उत्तराखंड का अहसास करवाता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड मंडपम के माध्यम से राज्य के पारंपरिक उत्पादों को जन जन तक पहुंचाया जा रहा है। महाकुंभ में उत्तराखण्ड राज्य के देवभूमि स्वरूप के प्रदर्शन के साथ ही राज्य की कला-संस्कृति एवं विशिष्ट उत्पादों के प्रदर्शन तथा बिक्री की भी व्यवस्था की गयी है, जो सराहनीय पहल है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को सेक्टर-08, प्रयागवाल मार्ग, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश में आयोजित ज्ञान महाकुंभ “भारतीय शिक्षा : राष्ट्रीय संकल्पना” कार्यक्रम में प्रतिभाग किया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सभी को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षा के प्रचार प्रसार के लिए ज्ञान महाकुंभ का आयोजन किया गया है। जिससे हमारे युवाओं, आने वाली पीढ़ी को शिक्षा के क्षेत्र में नई दिशा प्रदान होगी। महाकुंभ के साथ ज्ञानकुंभ का आयोजन देश को नई दिशा देगा। यह हमारे लिए ऐतिहासिक क्षण है कि अनेकों विकास कार्य आज हमारे देश के अंदर हो रह हैं। आज भारत निरंतर आगे बढ़ रहा है। भारत हर क्षेत्र में नए-नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में उत्तराखंड की राज्य सरकार ने देश की आजादी के बाद सबसे पहले उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता लागू कर सभी देवभूमिवासियों के लिए समान कानून लागू किए हैं। देवभूमि में किसी भी धर्म, जाति के रहने वाले लोगों के लिए अब समान कानून होंगे। जो संकल्प हमारी सरकार ने जनता के सामने रखा, उसे हमने पूरा किया है। कई लंबे अध्ययन के बाद हमने राज्य में यूसीसी लागू किया है।
इस अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबले, डॉ. वी नारायण, आर.एस वर्मा, संजय एवं अन्य लोग मौजूद रहे।
ड्रोन दीदी – वंचित वर्ग की बेटियां ड्रोन पायलट बन भर रही हैं ऊंची उड़ान
आईटीडीए कैल्क करवा रहा है 52 युवतियों को ड्रोन सर्विस टैक्नीशियन का कोर्स
देहरादून। पिथौरागढ़ की तनुजा वर्मा, गैरसैंण की रौशनी और उत्तरकाशी की जशोदा। ग्रामीण पृष्ठभूमि और सामाजिक तौर पर कमजोर तबके से आने वाली इन तीनों युवतियों ने आज से कुछ समय पहले तक लैपटॉप तक नहीं चलाया था, लेकिन आज वो ड्रोन दीदी बनकर, ड्रोन असेम्बलिंग, रिपेयरिंग से लेकर फ्लाइंग तक का काम आसानी से कर रही हैं। ये संभव हो पाया है, उत्तराखंड सरकार के उपक्रम आईटीडीए कैल्क के ड्रोन सर्विस टैक्नीशियन कोर्स, ड्रोन दीदी से।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी लगातार ग्रामीण और आर्थिक सामाजिक रूप से कमजोर पृष्ठभूमि वाले युवाओं में तकनीकी कौशल बढ़ाने पर जोर रहे हैं। इसी क्रम में आईटीडीए कैल्क, भारत सरकार की वित्तीय सहातया और उत्तराखंड युवा कल्याण विभाग के सहयोग से, अनुसूचित जाति की युवतियों के लिए ड्रोन सर्विस टैक्नीशियन कोर्स संचालित कर रहा है। देहरादून में प्रांतीय युवा कल्याण निदेशालय परिसर में चल रहे इस कोर्स के पहले बैच की शुरुआत, छह जनवरी से हो चुकी है, जिसमें प्रदेश भर से 52 युवतियां शामिल हो रही हैं। कोर्स के तहत उन्हें 37 दिन में कुल 330 घंटे का प्रशिक्षण दिया जाना है। इसमें प्रशिक्षण से लेकर रहने, खाने और आने जाने का व्यय तक सरकार की ओर से उठाया जा रहा है
पुरस्कार में मिलेंगे निशुल्क ड्रोन उत्तराखंड सरकार, युवाओं को ड्रोन रिपेयरिंग और संचालन का प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए ऋषिकेश और पिथौरागढ़ में दो आईटी स्किल ग्रोथ सेंटर संचालित कर रही है। देहरादून में चल रहा प्रशिक्षण कार्यक्रम ऋषिकेश सेंटर के जरिए प्रदान किया जा रहा है। ऋषिकेश सेंटर के प्रभारी वीरेंद्र चौहान के मुताबिक कोर्स के बाद परीक्षा आयोजित की जाएगी, जिसमें सफल प्रशिक्षणार्थियों को भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय की ओर से प्रमाणपत्र प्रदान किया जाएगा, साथ ही प्रशिक्षण में प्रथम पांच स्थान पर रहे प्रशिक्षणार्थियों का निशुल्क ड्रोन भी दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि योजना के तहत कुल 200 युवक – युवतियों को निशुल्क प्रशिक्षण दिया जाना है।
खुलेंगे रोजगार के अवसर प्रशिक्षण प्राप्त कर रही युवतियों का कहना है कि अब वो ड्रोन सेवाओं पर आधारित स्वरोजगार करने के साथ ही आपदा और चिकित्सा सेवा में भी सरकार को सहयोग प्रदान कर सकते हैं। इसमें से कुछ खुद का ड्रोन भी खरीदने की योजना बना रही हैं।
उत्तराखंड के युवाओं को उच्च तकनीकी कौशल प्रदान करने के लिए सरकार कई योजना चला रही है। इसी क्रम में ड्रोन दीदी योजना भी संचालित की जा रही है। भविष्य में ड्रोन सेवाओं का दायरा बढ़ने वाला है, इसलिए हमारे पास इसके लिए पहले से ही प्रशिक्षित मानव बल उपलब्ध होगा।