Friday, March 6, 2026
spot_img
Home Blog Page 169

राजनैतिक महारथी पुष्कर की जौनसार चकराता में धूम

0
सियासत के राजनैतिक महारथी पुष्कर की जौनसार चकराता में धूम

उत्तराखंड सियासत के माहिर राजनैतिक ख़िलाड़ी पुष्कर सिंह धामी अपनी विकास पुरुष की छवि से दिलो पर राज कर रहे है कुमायु हो या गढ़वाल और अब जोनसर बाबर हर जगह धामी सरकार विकास को देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विजन के अनुरूप आगे लेकर चल रही है विकास यात्रा में जनता का बीजेपी सरकार को भरपूर समर्थन मिलता देखा जा रहा है निकायों के चुनावो में बीजेपी 42 नगर निगम नगर पालिका नगर पंचायत पर भगवा लहरा कर नंबर एक पर रही धामी सरकार के विकास पर जनता की मोहर के रूप में इसको देखा जा रहा है

जौनसार बावर दौरे पर पहुंचे सीएम धामी ने कहा कि महासू महाराज की कृपा से बहुत सारे काम कर लिए। आज के समय में उत्तराखंड देश में विभिन्न विषयों में लगातार चर्चाओं में है। देश के अग्रणी राज्यों में हमारा स्थान आ रहा है। विकास के मामले में नीति आयोग के 2023-24 के इंडेक्स में पहले स्थान पर आया है। 

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का जौनसार-बावर दौरा क्षेत्र के विकास और सांस्कृतिक धरोहर की संरक्षण के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उन्होंने हनोल में मॉर्निंग वॉक के दौरान स्थानीय लोगों से मुलाकात की और सरकार द्वारा चलाए जा रहे विभिन्न योजनाओं के बारे में फीडबैक लिया। इसके अलावा, उन्होंने महासू देवता मंदिर क्षेत्र के पुनर्विकास के मास्टर प्लान पर चर्चा करते हुए कार्यों की गति को बढ़ाने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने मंदिर क्षेत्र के पुनर्विकास को लेकर अधिकारियों से कहा कि श्रद्धालुओं की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू किया जाए। इसके साथ ही, छात्राओं से मुलाकात कर उन्हें आगामी परीक्षाओं के लिए शुभकामनाएं दीं, जो उनके समर्पण और क्षेत्र की शिक्षा के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण को दर्शाता है।

मुख्यमंत्री की यह पहल जौनसार-बावर क्षेत्र के विकास के साथ-साथ वहां की सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण को सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

पीएम से सराहना देवभूमि के लिए गौरव की बात : रेखा आर्या

0

मन की बात के 119 वें एपिसोड में मोदी ने राष्ट्रीय खेलों पर चर्चा की

प्रधानमंत्री ने आयोजन के लिए उत्तराखंड की सराहना की

रविवार को प्रधानमंत्री के मन की बात कार्यक्रम के 119वें एपिसोड में प्रधानमंत्री ने राष्ट्रीय खेलों के आयोजन पर चर्चा की। खेल मंत्री रेखा आर्या ने आयोजन और यहां के खिलाड़ियों की प्रधानमंत्री द्वारा तारीफ करने को देवभूमि के लिए गौरव का क्षण बताया है।

मन की बात कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि 38वें राष्ट्रीय खेलों में देशभर के खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया है और कई नेशनल रिकॉर्ड ब्रेक करके भविष्य के लिए देश की उम्मीदें जगा दी हैं।प्रधानमंत्री जी ने इन खेलों में उत्तराखंड की टीम के सातवें नंबर पर रहने की तारीफ करते हुए कहा कि उत्तराखंड के खिलाड़ियों ने बेहतरीन परफॉर्मेंस दी।

रविवार को प्रयागराज में मन की बात कार्यक्रम सुनने के बाद खेल मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के मुखारविंद से सफल आयोजन की प्रशंसा में निकले शब्द हमारे लिए सबसे बड़ा पारितोषिक है। खेल मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि प्रधानमंत्री जी ने जिस तरह राष्ट्रीय खेलों में रिकॉर्ड तोड़ने वाले खिलाड़ियों और अपने प्रदर्शन से दर्शकों को चमत्कृत कर देने वाले खिलाड़ियों के नाम उद्धत करते हुए उनका उत्साह बढ़ाया, वह दिखाता है कि प्रधानमंत्री जी खेल और खिलाड़ियों को लेकर कितने संवेदनशील हैं।

प्रधानमंत्री ने उत्तराखंड को strong sporting force कहकर संबोधित किया। खेल मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि यह मेरे लिए गौरव का विषय है कि देवभूमि की पहचान अब खेल भूमि के रूप में बन चुकी है। खास बात यह रही की मन की बात कार्यक्रम में मोदी ने लगभग 3:30 मिनट का समय सिर्फ राष्ट्रीय खेलों के आयोजन को दिया, खेल मंत्री ने कहा कि इससे आयोजन को लेकर की गई हमारी दिन रात की मेहनत सार्थक हो गई।

खेल मंत्री ने प्रयागराज महाकुंभ में लगाई आस्था की डुबकी

रेखा आर्या ने रविवार को प्रयागराज पहुंचकर त्रिवेणी घाट संगम पर महाकुंभ स्नान किया। उन्होंने गंगा तट पर राष्ट्रीय खेलों के सफल आयोजन के बाद सभी देवों का आभार जताया। इस मौके पर खेल मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि ऐसा दिव्य और भव्य महाकुंभ आयोजित कर सनातन संस्कृति का कीर्तिध्वज विश्व भर में लहराने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार बधाई की पात्र है।

रेखा आर्या ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी के नेतृत्व में महाकुंभ के लिए जिस तरह की व्यवस्था की गई है वह अपने आप में उदाहरण बन गई है। उन्होंने कहा कि आगे जब धर्मनगरी हरिद्वार में महाकुंभ का आयोजन होगा, तब हमें भी प्रयागराज की व्यवस्थाओं से काफी कुछ सीखने को मिलेगा।

हैदराबाद में आयोजित टेक्नोलॉजी सभा में बजा उत्तराखंड का डंका

0

धामी सरकार लाई उत्तराखंड में टेलीमेडिसिन क्रांति, डॉ. आर. राजेश कुमार को प्रतिष्ठित सम्मान

  • उत्तराखंड की डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं की देश भर में धूम
  • देहरादून। प्रदेश सरकार स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए निरंतर प्रयासरत है। स्वास्थ्य विभाग के प्रयासों से सुदूर गांव के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक भी स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ पहुंचाया जा रहा है। यह प्रयास टेलीमेडिसिन से ही संभव हो पाएं हैं। हैदराबाद में आयोजित एक राष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित कार्यक्रम में सरकार की स्वास्थ्य सेवाओं की धूम रही। इस कार्यक्रम में प्रदेश के स्वास्थ्य सचिव डा. आर राजेश कुमार को डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं के लिए सम्मानित किया गया। स्वास्थ्य सचिव डा. आर राजेश कुमार ने कहा कि यह सम्मान स्वास्थ्य विभाग की पूरी टीम को समर्पित है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के कुशल नेतृत्व और स्वास्थ्य मंत्री डा. धन सिंह रावत के मार्गदर्शन में स्वास्थ्य सेवाओं में तेजी से सुधार किया गया है। उन्होंने कहा कि राज्य में डिजिटल सेवाओं का विस्तार किया जा रहा है और इसके सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं।

हैदराबाद में इंडियन एक्सप्रेस समूह के सहयोगी प्रतिष्ठान एक्सप्रेस कंप्यूटर ने हाल में तीन दिवसीय अखिल भारतीय कार्यशाला ‘टेक्नोलॉजी सभा‘ का आयोजन किया था। इस कार्यशाला में देश भर के स्वास्थ्य सचिव, नगर निकायों के अधिकारी तथा कॉरपोरेट जगत के प्रतिनिधियों ने प्रतिभाग किया। कार्यशाला में विभिन्न सामाजिक एवं राजकीय क्षेत्र में डिजिटाइजेशन, टेक्नोलॉजी के प्रयोग, आर्टिफिशल इंटेलिजेंस के प्रयोग पर मंथन किया गया ताकि इस तकनीक का लाभ आम जनता को मिल सके।

स्वास्थ्य सचिव डा. आर राजेश कुमार को उनके नेतृत्व में उत्तराखंड में टेलीमेडिसिन के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं को आम जनमानस तक पहुंचाने के लिए सम्मानित किया गया। डॉ कुमार की पहल ने उत्तराखंड के भौगोलिक एवं पारिस्थितिक रूप से संवेदनशील क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवा विस्तार के लिए डिजिटलीकरण, प्रौद्योगिकी और कृत्रिम मेधा (एआई) का उपयोग करने पर ध्यान केंद्रित किया है।
गौरतलब है कि टेलीमेडिसिन सेवा राज्य के गरीब और दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले मरीजों के लिए लिए वरदान साबित हुई है। स्वास्थ्य सचिव डा. आर. राजेश कुमार के नेतृत्व में, उत्तराखंड ने टेलीमेडिसिन में महत्वपूर्ण प्रगति की है। टेलीमेडिसिन के माध्यम से गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा राज्य के सबसे दूरस्थ और वंचित क्षेत्रों तक पहुंची है।

कार्यक्रम के दौरान सरकार के दृष्टिकोण को साझा करते हुए स्वास्थ्य सचिव डा. आर राजेश कुमार कहा कि उत्तराखंड डिजिटल सेवाओं और एआई का लाभ स्वास्थ्य सेवाओं के साथ ही सामाजिक और सरकारी क्षेत्रों में भी सतत विकास और गुणवत्तापूर्ण कार्यों के लिए कर रहा है। उन्होंने कहा कि टेलीमेडिसिन के माध्यम से राज्य के अंतिम छोर तक स्वास्थ्य सेवा पहुंचाने के सरकार के मिशन को सफलता मिली है।

राष्ट्रीय खेलों पर देश ने सुनी पीएम के ‘मन की बात’

0

उत्तराखंड की पीठ थपथपाई, स्ट्राॅंग स्पोर्टिंग फोर्स के रूप में उभरने का जिक्र किया

प्रधानमंत्री ने ही 28 जनवरी को किया था राष्ट्रीय खेलों का शुभारंभ

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री के प्रति जताया आभार

38 वें राष्ट्रीय खेलों के भव्य और विराट आयोजन पर रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूरे देश से अपने ‘मन की बात’ कही। उत्तराखंड की पीठ थपथपाते हुए उन्होंने कहा-उत्तराखंड स्ट्राॅंग स्पोर्टिंग फोर्स के रूप में उभर रहा है। प्रधानमंत्री ने 28 जनवरी को देहरादून में 38 वें राष्ट्रीय खेलों का शुभारंभ किया था। तब उन्होंने ये उम्मीद जताई थी कि उत्तराखंड राष्ट्रीय खेलों का सफल आयोजन करेगा। उत्तराखंड ने न सिर्फ खेलों का भव्य आयोजन किया, बल्कि खेल मैदान में भी उसका प्रदर्शन शानदार साबित हुआ।

आकाशवाणी पर अपने लोकप्रिय कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 119 वें एपिसोड में प्रधानमंत्री ने इन सारी बातों का जिक्र किया। उनके कार्यक्रम का काफी हिस्सा उत्तराखंड में हुए राष्ट्रीय खेेलों पर केंद्रित रखा।

‘मन की बात’ कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने ये कहा-
-मेरे प्यारे देशवासियों, आप में से बहुत सारे लोग ऐसे होंगे, जिन्होंने उत्तराखंड में हुए राष्ट्रीय खेलों के रोमांच का आनंद उठाया होगा। देशभर के 11,000 से अधिक एथलीट ने इसमें शानदार प्रदर्शन किया। इस आयोजन ने देवभूमि के नए स्वरुप को पेश किया। उत्तराखंड अब देश में स्ट्राॅंग स्पोर्टिंग फोर्स के रूप में उभर रहा है। उत्तराखंड के खिलाड़ियों ने भी शानदार प्रदर्शन किया। इस बार उत्तराखंड 7वें स्थान पर रहा। यही तो पाॅवर ऑफ स्पोर्ट्स है, जो इंडिविजुअल और कम्युनिटीज के साथ-साथ पूरे राज्य का कायाकल्प कर देती है। इससे जहां भावी पीढ़ियां प्रेरित होती हैं, वहीं कल्चरल एक्सीलेंस को भी बढ़ावा मिलता है। उत्तराखंड में हुए नेशनल गेम्स ने ये भी दिखाया कि कभी हार न मानने वाले जीतते जरूर है। कम्फर्ट के साथ कोई चैंपियन नहीं बनता। आज देश-भर में इन खेलों के कुछ यादगार प्रदर्शनों की खूब चर्चा है। इन खेलों में सबसे ज्यादा गोल्ड मैडल जीतने वाली सर्विस की टीम को मेरी बहुत-बहुत बधाई। राष्ट्रीय खेलों में हिस्सा लेने वाले हर खिलाड़ी की भी मैं सराहना करता हूँ।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा आज मन की बात कार्यक्रम में आदरणीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने उत्तराखंड में आयोजित 38वें राष्ट्रीय खेलों की भव्यता और सफल आयोजन की सराहना की। यह हम सभी प्रदेशवासियों के लिए गर्व और प्रेरणा का क्षण है। देवभूमि से विशेष लगाव रखने वाले आदरणीय प्रधानमंत्री जी का समस्त प्रदेशवासियों की ओर से हृदय तल से आभार! इस राष्ट्रीय प्रतियोगिता में उत्तराखंड के खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया और प्रदेश का नाम रोशन किया। आदरणीय प्रधानमंत्री जी के कुशल नेतृत्व में हमारी डबल इंजन सरकार उत्तराखंड को खेलों का हब बनाने और खिलाड़ियों के समग्र उत्थान के लिए विभिन्न योजनाओं के माध्यम से निरंतर कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का विधानसभा में विपक्ष के आरोपों का तीखा जवाब

0

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का विधानसभा में विपक्ष के आरोपों का तीखा जवाब और उनके द्वारा उठाए गए मुद्दे राज्य की राजनीति में एक महत्वपूर्ण मोड़ को दर्शाते हैं। उन्होंने जो जवाब दिया, वह न केवल विपक्ष के आरोपों को नकारता है, बल्कि यह भी बताता है कि उनकी सरकार का फोकस विकास और कार्यों पर है, न कि सिर्फ राजनीति पर।

गैरसैंण के विकास का मुद्दा भी मुख्यमंत्री ने मजबूती से उठाया और इस पर विपक्ष के आरोपों को नकारते हुए बताया कि उन्होंने इस क्षेत्र को राजनीति का नहीं, बल्कि विकास का मुद्दा बनाया है। साथ ही, उन्होंने अन्य मुद्दों जैसे नकल विरोधी कानून, धर्मांतरण, और दंगा विरोधी कानून की बात भी की, जो उनकी सरकार के कामकाज की दिशा को स्पष्ट करते हैं।

मुख्यमंत्री का भ्रष्टाचार के मामले में तंज भी दिलचस्प था, खासकर विपक्षी नेताओं के खनन और शराब के पट्टे बांटने के आरोपों के संदर्भ में। यह न केवल उनकी सरकार की ईमानदारी को पेश करता है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि मुख्यमंत्री किसी भी तरह के आरोपों से बचने के बजाय सख्त कदम उठाने के पक्ष में हैं।

जहां तक विपक्ष के आरोपों की बात है, मुख्यमंत्री ने कोविड के दौरान की राजनीति और वैक्सीनेशन से जुड़ी विपक्ष की भूमिका पर भी प्रहार किया। ऐसे बयान यह स्पष्ट करते हैं कि सरकार अपनी कार्यों की रिपोर्ट जनता के सामने रखने का दावा कर रही है और किसी भी प्रकार के आरोपों का जवाब देने के लिए तैयार है।

इन सब बातों के बीच, मुख्यमंत्री का यह कहना कि “हमने जो कहा, उसे किया” और “झूठे सपने नहीं दिखाए” उन मतदाताओं को सीधा संदेश है जो सरकार के कामकाज पर सवाल उठा रहे हैं।

सदन में संसदीय कार्यमंत्री और विपक्षी विधायक के बीच बहस

0

विधानसभा सत्र के दौरान शुक्रवार को पहाड़-मैदान को लेकर सदन में हंगामा हो गया था। जिसके बाद आज फिर सदन में क्षेत्रवाद की बात को लेकर विपक्ष ने हंगामा कर दिया । नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने संसदीय कार्यमंत्री प्रेमचंद अग्रवाल पर असंसदीय भाषा का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया। उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष से कार्रवाई करने की मांग की।

सदीय कार्यमंत्री ने कहा कि मैंने सदन में ही अपना पक्ष स्पष्ट कर दिया था। मेरी बात को तोड़ मरोड़ कर पेश किया जा रहा है। इसके बाद पहाड़ मैदान की बात को लेकर सदन में हंगामे पर विधानसभा अध्यक्ष भड़क गईं। उन्होंने विपक्षी सदस्यों को फटकार लगाई। कांग्रेस के एक विधायक ने सदन में कागज फाड़ा। इसके बाद उन्होंने सदन से वॉकआउट कर दिया।

बीते रोज सदन के भीतर दिए गए बयान पर वित्त मंत्री डॉ. प्रेमचंद अग्रवाल ने खेद प्रकट किया है। उन्होंने कहा है कि उत्तराखंड में रह रहे सभी लोग उनके परिवार हैं। परिवार के लोगों के समक्ष अनजाने में कही गई बात के लिए खेद प्रकट करने में उन्हें संकोच नहीं है। सदन के भीतर उनके द्वारा कही गई बात को तोड़ मरोड़कर पेश किया जा रहा है। मैंने कहा था कि सारे उत्तराखंड में देश के सभी हिस्सों के लोग रहते हैं। हम सभी उत्तराखंड के हैं और उत्तराखंड हमारा है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड हमारे हृदय में समाया है। मैंने सारे उत्तराखंड की बात की थी। मेरे बयान में सारे शब्द को गलत तरीके से पेश किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मेरी बात से कई लोगों की भावनाएं आहत हो गई हैं, ऐसा मुझे महसूस हो रहा है। मेरी वजह से किसी को पीड़ा पहुंचे यह मेरा स्वभाव नहीं है। इसलिए जाने अनजाने जिस किसी को भी पीड़ा पहुंची है उसके लिए मैं हृदय से खेद व्यक्त करता हूं।

दरअसल, शुक्रवार को सत्र के दौरान पहाड़ में नक्शा पास कराने में हो रही दिक्कतों के सवाल का संसदीय व विभागीय मंत्री जवाब दे रहे थे। इसी दौरान कांग्रेस विधायक बिष्ट ने टिप्पणी कर दी। इस बात पर मंत्री बिफर गए। वह इस कदर नाराज हो गए कि उन्होंने विपक्षी विधायक पर पहाड़ व मैदान के नाम पर उत्तराखंड को बांटने की कोशिश करने का आरोप लगाया। कहा, विपक्ष के विधायक पहाड़ मैदान की बात कर उत्तराखंड को कहां ले जाना चाहते हैं। बात को पहाड़ी व देसी पर ले जाया जा रहा है। यह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है। उत्तराखंड से कौन है, कोई राजस्थान से और कोई मध्यप्रदेश आया।

इस हंगामे से नाराज विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण ने कहा, सत्तापक्ष व विपक्ष इस तरह का व्यवहार कर रहा है, जैसे चौराहे पर हैं। हम सब उत्तराखंड के लोग हैं। पहाड़ व देसी नहीं है। उत्तराखंड की लड़ाई हम सबने लड़ी है। बार-बार बोलने के बाद भी सदन में इस तरह की टिप्पणी की जा रही है जो दुर्भाग्यपूर्ण है।

आयुष के फलक पर बिखरी उत्तराखंड की चमक, देश भर में सिर्फ तीन को आयुष मंत्रालय ने दिया धन्वंतरी पुरस्कार

0

डाॅ मायाराम उनियाल को प्रतिष्ठित धन्वंतरी पुरस्कार, प्रकृति परीक्षण अभियान में सराहना

उत्तराखंड में डेढ़ लाख लोगों ने कराया अपनी प्रकृति का परीक्षण

आयुष के बडे़ फलक पर उत्तराखंड की चमक बिखरी है। पहाड़ के लाल और देश के जाने-माने आयुर्वेद, जड़ी-बूटी विशेषज्ञ डाॅ मायाराम उनियाल को केंद्रीय आयुष मंत्रालय ने प्रतिष्ठित धन्वंतरी पुरस्कार प्रदान किया है। देशभर के सिर्फ तीन विशेषज्ञों को यह पुरस्कार दिया गया है। दूसरी तरफ, आयुष मंत्रालय के बेहद महत्वपूर्ण प्रकृति परीक्षण अभियान के पहले चरण में उत्तराखंड को उसके प्रयासों के लिए सराहना मिली है। पूरे प्रदेश में डेढ़ लाख लोगों का प्रकृति परीक्षण किया गया है।

मुंबई में आयुष मंत्री ने किया डॉ उनियाल का सम्मान
केंद्रीय आयुष मंत्रालय की ओर से 20 फरवरी को मुंबई में आयोजित कार्यक्रम में डाॅ मायाराम उनियाल को यह पुरस्कार दिया गया। केंद्रीय आयुष मंत्री (स्वंतत्र प्रभार) ने प्रताप राव जाधव ने डाॅ उनियाल के साथ ही आयुर्वेद विशेषज्ञ प्रताप डाॅ ताराचंद व डाॅ जमदग्नि को धन्वंतरी पुरस्कार प्रदान किया। इस पुरस्कार के अंतर्गत विशेषज्ञों को पांच-पांच लाख रूपये की धनराशि प्रदान की गई है। डाॅ उनियाल को इससे पहले, आयुष मंत्रालय की ओर से प्रतिष्ठित लाइफ टाइम अचीवमेंट पुरस्कार भी दिया जा चुका है। उन्होंने आयुर्वेद, जड़ी-बूटी के क्षेत्र में कई शोध किए हैं। डाॅ उनियाल का कहना है कि जब से प्रधानमंत्री की कुर्सी पर नरेंद्र मोदी आसीन हुए हैं, तब से आयुष क्षेत्र ने गति पकड़ी है। उन्होंने कहा कि आयुष के क्षेत्र में उत्तराखंड तमाम संभावनाओं से भरा हुआ है।

उत्तराखंड में डेढ़ लाख लोगों का प्रकृति परीक्षण
केंद्रीय आयुष मंत्रालय के बेहद महत्वपूर्ण प्रकृति परीक्षण अभियान के पहले चरण में उत्तराखंड में डेढ़ लाख लोगों का प्रकृति परीक्षण किया गया है। इस अभियान का शुभारंभ मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने किया था। इस अभियान के तहत उत्तरकाशी के महीडांडा जैसे सीमांत इलाके में स्थित आईटीबीपी की पोस्ट तक भी आयुष टीम पहुंची और जवानों का प्रकृति परीक्षण किया। राज्य समन्वयक डाॅ जेएन नौटियाल के अनुसार-विपरीत भौगोलिक स्थितियों के बावजूद डेढ़ लाख लोगों का उत्तराखंड में प्रकृति परीक्षण किया गया है। इसकी सराहना हुई है। उत्तराखंड समेत सभी राज्यों के समन्वयकों को मंत्रालय के स्तर पर सम्मानित किया गया है।

देश ने पार किया एक करोड़ का निर्धारित लक्ष्य
प्रकृति परीक्षण अभियान में पूरे देश में एक करोड़ लोगों के प्रकृति परीक्षण का लक्ष्य रखा गया था। लक्ष्य से ज्यादा एक करोड़ 29 लाख लोगों का प्रकृति परीक्षण किया गया है। इस अभियान में केंद्रीय आयुष मंत्रालय ने एक पोर्टल लाॅच किया है, जिसमें रजिस्ट्रेशन कराने के बाद संबंधित व्यक्ति से बातचीत के आधार पर उसकी प्रकृति का निर्धारण किया जा रहा है। वात, कफ व पित्त की स्थिति का आंकलन करके संबंधित व्यक्ति की प्रकृति उसे बताई जा रही है। इसके साथ ही, आयुर्वेद चिकित्सक संबंधित व्यक्ति को उसकी प्रकृति के अनुरूप आहार-विहार का परामर्श दे रहे हैं।

देश के प्रकृति परीक्षण अभियान में लक्ष्य से ज्यादा लोगों का परीक्षण किया गया है और कई कीर्तिमान बने हैं। कठिन भौगोलिक स्थितियों वाले उत्तराखंड राज्य ने इस अभियान को सफल बनाने के लिए अच्छे प्रयास किए हैं। इस अभियान का दूसरा चरण गतिमान है। लोगों के उत्तम स्वास्थ्य के लिए यह अभियान उपयोगी साबित होगा।
डाॅ आशुतोष गुप्ता, सचिव देश का प्रकृति परीक्षण अभियान।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश आयुष के क्षेत्र में देश निरंतर प्रगति कर रहा है। देश के प्रकृति परीक्षण अभियान को पहले चरण में मिली सफलता उत्साहित करने वाली है। इससे लोगों का जीवन निरोगी व स्वस्थ होगा। मैं इस अभियान से जुडे़ समस्त लोगों और पुरस्कृत होने वाले विशेषज्ञों को हार्दिक बधाई देता हूं।
पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री

विस मे सशक्त भू-कानून पास होने पर भट्ट ने दी प्रदेश वासियों को बधाई

0

सीएम का जताया आभार, कहा अब सुरक्षित रहेगी पर्वतीय क्षेत्र की भूमि

भाजपा ने विधानसभा में सशक्त भू कानून पास होने पर समस्त प्रदेशवासियों को बधाई दी है।
प्रदेश अध्यक्ष श्री महेंद्र भट्ट ने जनभावनाओं के अनुरूप राज्य की भू संपदा के संरक्षण वाले इस कानून के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि लंबे समय से प्रदेश में लागू वर्तमान भू कानून में सुधार करते हुए अधिक कठोर बनाने की जरूरत महसूस की जा रही थी। भाजपा राज्य निर्माण से लेकर इस संवेदनशील मुद्दे पर बेहद गंभीर रही है। राज्य में विशेषकर पर्वतीय क्षेत्रों में सीमित भूमि होने से उन पर लगातार माफियाओं द्वारा अतिक्रमण करने की कोशिशें की जा रही हैं। इसे समझते हुए विधेयक लाने से पूर्व ही मुख्यमंत्री धामी के निर्देश पर प्रशासन द्वारा गलत मंशा से खरीदी जमीनों पर कठोर कार्यवाही की जा रही हैं।

भट्ट ने कहा कि हम विश्वास पूर्वक कह सकते हैं कि अब इस कानून के धरातल पर उतरने से देवभूमि की पवित्र भूमि पर कोई गलत निगाह नहीं डाल सकता है। इस कानून का पास होना, हमारी सरकार की राज्य के स्वरूप बरकरार रखना की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

उन्होंने जनभावनाओं के अनुरूप ठोस भू कानून बनाने और उसे सदन से पास कराने के लिए मुख्यमंत्री धामी समेत उनकी समस्त टीम का आभार व्यक्त किया है। वहीं उन्होंने विपक्ष के सभी विधायकों का भी इस सार्थक चर्चा में शामिल होने होकर विधेयक पास कराने के लिए आभार व्यक्त किया है।

भट्ट ने कहा कि इस कानून के संरक्षण और जनता के सहयोग से हम राज्य आंदोलनकारियों के सपनों के अनुरूप उत्तराखंड का निर्माण करेंगे। ऐसे तमाम ऐतिहासिक और साहसिक कदमों बताते हैं कि विकास और विरासत के मूल मंत्र पर विकसित उत्तराखंड बनाने के लिए हम सही दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।

विधानसभा में सर्व सहमति से पारित हुआ उत्तराखण्ड (उत्तर प्रदेश जमींदारी विनाश और भूमि व्यवस्था अधिनियम, 1950) (संशोधन) विधेयक, 2025

0

हमारा संकल्प उत्तराखंड के संसाधनों, जमीनों, को भू माफियाओं से बचाए रखना है : मुख्यमंत्री।

विधानसभा बजट सत्र के दौरान मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखण्ड (उत्तर प्रदेश जमींदारी विनाश और भूमि व्यवस्था अधिनियम, 1950) (संशोधन) विधेयक, 2025 पर चर्चा के दौरान कहा कि यह संशोधन भू सुधारों में अंत नहीं अपितु एक शुरुआत है। राज्य सरकार ने जन भावनाओं के अनुरूप भू सुधारों की नींव रखी है। भू प्रबंधन एवं भू सुधार पर आगे भी अनवरत रूप से कार्य किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने राज्य की जनता की जनभावनाओं एवं अपेक्षाओं के अनुरूप निर्णय लिया है। सरकार कई नए महत्वपूर्ण मामलों पर ऐतिहासिक निर्णय ले रही है। उन्होंने कहा हम उत्तराखंड के संसाधनों, जमीनों को भूमाफियाओं से बचाने का संकल्प है। जिन उद्देश्यों से लोगों ने जमीन खरीदी है, उसका उपयोग नहीं दुरुपयोग हुआ, ये चिंता हमेशा मन में थी। उन्होंने कहा उत्तराखंड में पर्वतीय इलाकों के साथ मैदानी इलाके भी हैं। जिनकी भौगोलिक परिस्थिति एवं चुनौतियां अलग-अलग है। उन्होंने कहा जब से स्व.अटल जी ने उत्तराखंड राज्य के लिए औद्योगिक पैकेज दिया तब से राज्य सरकार बड़ी संख्या में औद्योगीकरण की ओर जा रही है। ऐसे में राज्य में आने वाले असल निवेशकों को कोई दिक्कत न हो, निवेश भी न रुके। उसके लिए इस नए संशोधन / कानून में हमने सभी को समाहित किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार सबकी जन भावनाओं के अनुरूप कार्य कर रही है। हम लोकतांत्रिक मूल्यों पर विश्वास रखते हैं। बीते कुछ वर्षों में देखा जा रहा था कि प्रदेश में लोगों द्वारा विभिन्न उपक्रम के माध्यम से स्थानीय लोगों को रोजगार देने के नाम पर जमीनें खरीदी जा रही थी। उन्होंने कहा भू प्रबंधन एवं भू सुधार कानून बनने के पश्चात इसपर पूर्ण रूप से लगाम लगेगी। इससे असली निवेशकों और भू माफियाओं के बीच का अंतर भी साफ होगा। राज्य सरकार ने बीते वर्षों में बड़े पैमाने पर राज्य से अतिक्रमण हटाया है। वन भूमि और सरकारी भूमियों से अवैध अतिक्रमण हटाया गया है। 3461.74 एकड़ वन भूमि से कब्जा हटाया गया है। यह कार्य इतिहास में पहली बार हमारी सरकार ने किया। इससे इकोलॉजी और इकॉनमी दोनों का संरक्षण मिला है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में कृषि एवं औद्योगिक प्रयोजन हेतु खरीद की अनुमति जो कलेक्टर स्तर पर दी जाती थी। उसे अब 11 जनपदों में समाप्त कर केवल हरिद्वार और उधम सिंह नगर में राज्य सरकार के स्तर से निर्णय लिए जाने का प्रावधान किया गया है। किसी भी व्यक्ति के पक्ष में स्वीकृत सीमा में 12.5 एकड़ से अधिक भूमि अंतर्करण को 11 जनपदों में समाप्त कर केवल जनपद हरिद्वार एवं उधम सिंह नगर में राज्य सरकार के स्तर पर निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने कहा आवासीय परियोजन हेतु 250 वर्ग मीटर भूमि क्रय हेतु शपथ पत्र अनिवार्य कर दिया गया है। शपथ पत्र गलत पाए जाने पर भूमि राज्य सरकार में निहित की जाएगी। सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्योगों के अंतर्गत थ्रस्ट सेक्टर एवं अधिसूचित खसरा नंबर भूमि क्रय की अनुमति जो कलेक्टर स्तर से दी जाती थी, उसे समाप्त कर, अब राज्य सरकार के स्तर से दी जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा इसके साथ की नए कानून में कई बड़े बदलाव किए गए हैं। उन्होंने कहा सरकार ने गैरसैंण में भी हितधारकों, स्टेकहोल्डर से विचार लिए थे। इस नए प्रावधानों में राज्यवासियों के विचार लिए गए हैं, सभी के सुझाव भी लिए गए हैं। सभी जिलों के जिलाधिकारियों एवं तहसील स्तर पर भी अपने जिलों में लोगों से सुझाव लिए गए। सभी के सुझाव के अनुरोध ये कानून बनाया गया है। उन्होंने कहा उत्तराखंड राज्य मूल स्वरूप बना रहे, यहां का मूल अस्तित्व बचा रहे। इसके लिए इस भू सुधार किए गए हैं। उन्होंने कहा राज्य की डेमोग्राफी बची रहे इसका विशेष ध्यान रखा गया है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में औद्योगिक, पर्यटन, शैक्षणिक, स्वास्थ्य तथा कृषि एवं औद्यानिक प्रयोजन आदि हेतु आतिथि तक राज्य सरकार एवं कलेक्टर के स्तर से कुल 1883 भूमि क्रय की अनुमति प्रदान की गयी। उक्त प्रयोजनों / आवासीय प्रयोजनों हेतु क्रय की गयी भूमि के सापेक्ष कुल 599 भू-उपयोग उल्लंघन के प्रकरण प्रकाश में आये हैं, जिनमें से 572 प्रकरणों में उत्तराखण्ड (उत्तर प्रदेश जमींदारी विनाश और भूमि व्यवस्था अधिनियम, 1950) (अनुकूलन एवं उपान्तरण आदेश-2001) की धारा 166/167 के अन्तर्गत वाद योजित किये गये हैं तथा 16 प्रकरणों में वाद का निस्तारण करते हुए 9.4760 हे० भूमि राज्य सरकार में निहित की गयी है। अवशेष प्रकरणों में कार्यवाही की जा रही है।

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने 7वें काॅमन रिव्यू मिशन की बैठक में प्रतिभाग किया

0

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी तथा भारत सरकार, ग्रामीण विकास मंत्रालय के तहत 7वें काॅमन रिव्यू मिशन का नेतृत्व कर रहे संजय अग्रवाल (सेनानिवृत आईएएस, पूर्व सचिव कृषि एवं कृषक कल्याण ) ने राज्य में काॅमन रिव्यू मिशन से अपेक्षाओं के सम्बन्ध में आज विधानसभा भवन में बैठक ली।

सीआरएम (काॅमन रिव्यू मिशन) द्वारा 7वें काॅमन रिव्यू मिशन के तहत मुख्य सचिव एवं ग्रामीण विकास, जलागम, पंचायती राज सहित सभी सम्बन्धित विभागों से राज्य की विशेष परिस्थितियों के अनुरूप वर्तमान में संचालित योजनाओं में आवश्यक बदलावों के सम्बन्ध में सुझाव मांगे गए हैं।

सीआरएम द्वारा ग्राम्य विकास से सम्बन्धित विभिन्न योजनाओं से बेहतर परिणाम प्राप्त करने हेतु प्रत्येक योजना में कम से कम 5 इनोवेटिव सुझाव मांगे गए हैं। इसके साथ ही सीआरएम सदस्यों ने राज्य में योजनाओं के क्रियान्वयन दौरान अपनायी जा रही बेस्ट प्रैक्टिसेज का विवरण भी सीआरएम को देने के निर्देश दिए हैं। सीआरएम द्वारा राज्य में योजनाओं के क्रियान्वयन के दौरान आ रही समस्याओं, बाधाओं एव कमियों से भी अवगत कराने के निर्देश दिए हैं, ताकि उनमें आवश्यक सुधार किया जा सके।

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने राज्य के विशेष परिस्थितियों के अनुरूप कुछ योजनाओं में नीतिगत स्तर पर आवश्यक सुधारों की बात कही। उन्होंने मनेरगा के तहत सेवा क्षेत्र को सम्मिलित करने तथा वाॅटर शेड प्रोग्राम में राज्य के विशेष परिस्थितियों के अनुकूल सुधार के सुझाव दिए हैं।

ग्रामीण विकास मंत्रालय, भारत सरकार का 7वां कॉमन रिव्यू मिशन (सी०आर०एम०) 18 फरवरी से 02 मार्च तक प्रस्तावित है। सी०आर०एम० को ग्रामीण विकास कार्यक्रमों के प्रकरणों को समझने एवं बेहतर सार्वजनिक सेवा वितरण हेतु सुझाव देने का कार्य सौंपा गया है।

7वां सी०आर०एम० संजय अग्रवाल, पूर्व सचिव, कृषि एवं कृषक कल्याण मंत्रालय द्वारा लीड किया जा रहा है, जिसके अन्तर्गत विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञ, वरिष्ठ शिक्षाविदों सहित कुल 36 सदस्यों द्वारा उत्तराखंड सहित 09 राज्यों का दौरा किया जायेगा। सी०आर०एम० के सदस्यों द्वारा 21 फरवरी को राज्य के अधिकारियों के साथ मुख्य सचिव राधा रतूड़ी की अध्यक्षता में ब्रीफिंग सेशन किया गया, तत्पश्चात् सदस्य दो समूहों में गठित होकर 22 फरवरी से दिनांक 24 फरवरी तक दो जनपदों का दौरा करेंगे, जिसके उपरान्त सचिवालय में 25 फरवरी को सभी सदस्य पुनर्गठित होकर सचिव, ग्राम्य विकास विभाग की अध्यक्षता में डीब्रीफिंग सत्र में प्रतिभाग करेंगे।

बैठक में सचिव राधिका झा, चन्द्रेश कुमार, अपर सचिव मनुज गोयल सहित सभी सम्बन्धित विभागों के अपर सचिव एवं अधिकारी मौजूद रहे।