Friday, March 6, 2026
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दो मई को खुलेंगे केदारनाथ धाम के कपाट

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देहरादून दो मई को खुलेंगे केदारनाथ धाम के कपाट बाबा केदार की नगरी में आने को बेताब हर शिव भक्त के लिए कपाट खुलने की तिथि सामने आ गई है महाशिवरात्रि के अवसर पर केदारनाथ के रावल भीमाशंकर लिंग की मौजूदगी में श्री केदारनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि तय हुई। आचार्य द्वारा पंचांग गणना के अनुसार मंदिर के कपाट खुलने की तिथि व समय घोषित किया गया।

हर साल बाबा केदार की नगरी में लाखो तीर्थ यात्री आते है इस साल कपाट खुलने की तिथि के बाद यात्रा प्लानिंग शुरू हो चुकी है केदारनाथ धाम के रावल भीमाशंकर लिंग भी ऊखीमठ पहुंच गए थे। पुजारी शिव शंकर लिंग, बागेश लिंग और गंगाधर लिंग ने बताया कि ओंकारेश्वर मंदिर में सुबह छह बजे से पूजा-अर्चना शुरू हुई। बाबा केदार को बाल भोग, महाभोग लगाते हुए आरती की गई। इसके उपरांत रावल भीमाशंकर लिंग की मौजूदगी में श्री केदारनाथ धाम के कपाट दो मई को खोले जाने की तिथि घोषित की गई।

खटीमा मेरी कर्मभूमि विकल्प रहित संकल्प मेरा विजन : धामी

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मुख्यमंत्री ने खटीमा में ₹ 337.17 लाख के विकास कार्यों का किया शिलान्यास मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को थारू इंटर कॉलेज खटीमा में आयोजित सम्मान समारोह कार्यक्रम में प्रतिभाग करते हुए ₹337.17 लाख के तीन कार्यों का शिलान्यास किया।

मुख्यमंत्री द्वारा शिलान्यास की गई योजनाओं में ₹ 183.77 लाख कि लागत से ग्राम कल्याणपुर, रुद्रपुर के प्रशासनिक क्षेत्र में लगभग 1.5 किमी में सड़क के दोनों ओर पाथ-वे निर्माण कार्य। ₹ 67.50 लाख की लागत से ग्राम कल्याणपुर, रुद्रपुर के प्रशासनिक क्षेत्र में लगभग 1.5 किमी स्ट्रीट लाईट लगाने का कार्य एवं ₹84.90 लाख की लागत से कलेक्ट्रेट परिसर में पार्किंग निर्माण कार्य का शिलान्यास शामिल है।

मुख्यमंत्री ने जनता को सम्बोधित करते हुए कहा कि खटीमा मेरी कर्मभूमि रही है और यहां के लोग मेरे परिवार के ही सदस्य हैं। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन एवं सहयोग से राज्य सरकार अपने “विकल्प रहित संकल्प” के साथ उत्तराखंड को देश के अग्रणी राज्य के रूप में स्थापित करने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज जहां एक ओर शहरों से लेकर सुदूर सीमावर्ती पर्वतीय गांवों तक सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं पेयजल सहित सभी महत्वपूर्ण क्षेत्रों से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत किया जा रहा है। वहीं दूसरी ओर प्रदेश के किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से दुग्ध उत्पादन, मधु उत्पादन, कृषि, बागवानी, सुगन्धित पौधों एवं फूलों की खेती आदि को प्रोत्साहित भी किया जा रहा है। राज्य के होम स्टे योजना, लखपति दीदी योजना और सौर स्वरोजगार योजना जैसी अनेकों योजनाएं लागू कर स्वरोजगार को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि खटीमा में वो कोई भाषण देने नहीं अपितु सभी परिवारजनों के बीच अपने हृदय की बात रखने आए हैं। उन्होंने कहा वर्ष 2012 में खटीमा के लोगों ने ही उन्हें अपना प्रतिनिधि चुनकर पहली बार विधायक के रूप में विधानसभा भेजा था, तब से लेकर अब तक उन्होंने हमेशा खटीमा के विकास के बारे में सोचा है। उन्होंने कहा वो खटीमा के लोगों को कभी भूलेंगे नहीं, क्योंकि खटीमा के लोगों के उनके प्रति जो आपसी प्रेम और अपनत्व की भावना है, वो कभी बदल नहीं सकती है। उन्होंने कहा वो सदैव खटीमा के चहुंमुखी विकास और जन-जन के कल्याण हेतु प्रयासरत रहेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा खटीमा में नए बस स्टैंड का निर्माण, नई सड़कों और पुलों का निर्माण, 100 बेड के अस्पताल के नए परिसर का संचालन, जनजातीय समुदाय के बच्चों के लिए आधुनिक एकलव्य विद्यालय का निर्माण जैसे अनेको कार्यों से क्षेत्र को को आगे बढ़ाया है। मुख्यमंत्री ने अपनी यादों को साझा करते हुए कहा उन्हें अपनी युवावस्था में वो दिन याद है जब वो इसी खटीमा की धरती से पढ़ने के लिए लखनऊ जा रहे थे। उन्होंने कहा खटीमा में शिक्षा के क्षेत्र से संबंधित नए-नए कार्य भी प्रारंभ हुए हैं। आईटीआई और पॉलीटैक्निक कॉलेजों हेतु नए भवनों का निर्माण करने के साथ राजकीय महाविद्यालय खटीमा में एमकॉम और एमएससी की कक्षाएं भी प्रारंभ करवाई गई हैं। राज्य सरकार ने 16 करोड़ रुपए की लागत से चकरपुर में खेल स्टेडियम का निर्माण किया है। जहां हाल ही में 38वें राष्ट्रीय खेलों की कई प्रतियोगिताओं का आयोजन हुआ। उन्होंने कहा अब स्टेडियम में हमारे क्षेत्र के युवाओं को अभ्यास करने हेतु उच्च स्तरीय सुविधाएँ मिलेगी एवं प्रतिभावान खिलाड़ियों को भी हॉस्टल में रहने की सुविधा भी मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज खटीमा के साथ ही, हम पूरे उधमसिंह नगर जनपद में कई ऐतिहासिक विकास परियोजनाएँ संचालित कर रहे हैं। जनपद के किच्छा में करोड़ों की लागत से एम्स ऋषिकेश के सैटेलाइट सेंटर का निर्माण किया जा रहा है। प्रधानमंत्री श्री मोदी की सरकार द्वारा खुरपिया में एक स्मार्ट औद्योगिक नगर विकसित करने की प्रक्रिया भी गतिमान है। उन्होंने कहा इस औद्योगिक नगर के स्थापित होने से उधम सिंह नगर के साथ पूरे उत्तराखंड के हज़ारों लोगों को रोज़गार मिलेगा। पीएम आवास योजना (शहरी) के अंतर्गत रूद्रपुर के बागवाला गाँव में 1872 ई.डब्ल्यू.एस. आवासों का निर्माण कार्य भी किया जा रहा है। अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत जनपद के टनकपुर और काशीपुर रेलवे स्टेशन का पुनर्विकास कार्य भी प्रगति पर है।

नगर पालिका अध्यक्ष रमेश चंद्र जोशी ने मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री धामी ने प्रदेश का साथ ही खटीमा का चहुँमुखी विकास किया व निरंतर आगे भी विकास कि गंगा बहा रहे है। उन्होंने मुख्यमंत्री के समक्ष खटीमा के विकास हेतु 13 मांगो का प्रस्ताव रखा।

इस दौरान कार्यक्रम में विधायक रुद्रपुर शिव अरोरा, मेयर विकास शर्मा, दीपक बाली, अध्यक्ष नगर पंचायत नानकमत्ता प्रेम सिंह, जिलाध्यक्ष भाजपा कमल जिंदल, पूर्व विधायक प्रेम सिंह राणा, महामंत्री अमित नारंग,जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, एसएसपी मणिकांत मिश्रा एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

सचिवालय पहुंचे इंजीनियर की हार्टअटैक से मौत

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यह खबर वाकई बहुत दुखद है। प्रभारी अधीक्षण अभियंता मूलचंद गुप्ता का निधन अचानक और अप्रत्याशित रूप से हुआ। हार्टअटैक के कारण उनका निधन, खासतौर पर ऐसे समय में जब वह एक बैठक में शामिल होने पहुंचे थे, यह बहुत ही सदमा देने वाली घटना है। उनके परिवार और सहकर्मियों के लिए यह कठिन समय होगा।

सचिवालय में उनके निधन के बाद जो उपाय किए गए, जैसे उन्हें डिस्पेंसरी में प्राथमिक उपचार देना और तुरंत अस्पताल ले जाना, यह दर्शाता है कि अधिकारियों ने हर संभव प्रयास किया, लेकिन दुर्भाग्यवश उन्हें बचाया नहीं जा सका।आपका विचार है, इस प्रकार की घटनाओं से संबंधित कोई विशेष पहल या सुरक्षा उपाय जो भविष्य में मदद कर सकते हों?

रोडवेज की सभी बसों में लगेंगे जीपीएस व कैमरे, एक ही कंट्रोल रूम से होगा ट्रैक

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उत्तराखंड रोडवेज की बसों की निगरानी अब जीपीएस और ऑनलाइन कैमरों से होगी

उत्तराखंड रोडवेज की बसों की निगरानी अब परिवहन निगम प्रबंधन द्वारा जीपीएस डिवाइस और ऑनलाइन कैमरों के माध्यम से की जाएगी। इस योजना की तैयारी शुरू हो चुकी है और जल्द ही सभी बसों में जीपीएस डिवाइस और ऑनलाइन कैमरे लगाए जाएंगे। रोडवेज बसों के संचालन, माइलेज और सवारियों की शिकायतों को ध्यान में रखते हुए परिवहन निगम प्रबंधन इस नई व्यवस्था को लागू करने की तैयारी कर रहा है।

परिवहन निगम की एमडी रीना जोशी ने इस योजना के लिए अधिकारियों को कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। इसके तहत सबसे पहले उन कंपनियों को बुलाया जाएगा जो बसों में जीपीएस और ऑनलाइन सीसीटीवी कैमरे लगाने की सुविधा प्रदान कर सकती हैं। जीपीएस लगाने का एक बड़ा लाभ यह होगा कि रोडवेज की बसें निर्धारित मार्गों से अलग नहीं चलेंगी, जिससे बसों का संचालन व्यवस्थित रहेगा और उनका माइलेज भी दुरुस्त रहेगा।

जीपीएस और सीसीटीवी की ट्रैकिंग की सुविधा

एमडी रीना जोशी ने अमर उजाला से बातचीत में बताया कि जीपीएस को एक ही कंट्रोल रूम से ट्रैक किया जा सकेगा। इसके अलावा, सीसीटीवी कैमरे की फुटेज भी कंट्रोल रूम से देखी जा सकेगी, जिससे सवारियों की शिकायतों में कमी आएगी। इसके अलावा, ड्राइवर और कंडक्टर भी ज्यादा अनुशासन के साथ अपनी ड्यूटी निभा सकेंगे।

अभी तक कुछ बसों में कैमरे तो लगे हैं, लेकिन उनकी लाइव फुटेज देखने की व्यवस्था नहीं है। यदि किसी बस में सवारियों या चालक-परिचालक के साथ अभद्रता का मामला होता है, तो फुटेज बस में रखी हार्ड डिस्क से ली जाती है। लेकिन लाइव फुटेज की व्यवस्था होने के बाद निगरानी अधिक आसान और रियल टाइम होगी।

एमडी रीना जोशी ने बताया कि इस प्रोजेक्ट पर काम चल रहा है और पहले कंपनियों से आरएफपी (रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल) लिए जाएंगे। इसके बाद ही आगे के कदम उठाए जाएंगे।

पर्यटन के रूप में उभरेगा जादुंग गांव

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भारत-चीन युद्ध के बाद से उत्तरकाशी जिले का सीमांत जादुंग गांव वीरान पड़ा हुआ था, लेकिन अब इसे पर्यटन ग्राम के रूप में पहचान मिलने वाली है। इस लक्ष्य के लिए प्रदेश सरकार ने पर्यटन विकास की योजना पर काम शुरू कर दिया है। शीतकाल में रुके निर्माण कार्यों को अप्रैल और मई महीने से फिर से आरंभ करने की योजना है।

1962 में भारत-चीन युद्ध के बाद से जादुंग गांव वीरान था, लेकिन पिछले साल से यहां की खामोशी टूटने लगी है। सरकार ने इस गांव को पर्यटन ग्राम के रूप में विकसित करने का निर्णय लिया है। गढ़वाल मंडल विकास निगम (जीएमवीएन) को इस कार्य का दायित्व सौंपा गया है। जीएमवीएन के प्रबंध निदेशक विशाल मिश्रा के अनुसार, शीतकाल के कारण जिन निर्माण कार्यों को रोका गया था, उन्हें दो महीने बाद फिर से शुरू किया जाएगा।

पहले चरण में जीएमवीएन ने जादुंग गांव में छह पुराने और जीर्ण-शीर्ण घरों के पुनर्निर्माण पर ध्यान केंद्रित किया है। इसके लिए 19 सितंबर 2024 से कार्य शुरू किया गया था। चार घरों को पूरी तरह से ध्वस्त कर उनका पुनर्निर्माण किया जा चुका है। इस कार्य के लिए 365.33 लाख रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई थी, जिसमें से शासन स्तर पर 146 लाख रुपये की राशि अवमुक्त की जा चुकी है। इसके अलावा, आठ अन्य भवनों के पुनर्निर्माण के लिए 493.36 लाख रुपये का अनुमान तैयार किया गया है।

जादुंग गांव में उत्सव मैदान बनाए जाने के बाद यहां की रौनक लौट आएगी। इसके लिए 997.31 लाख रुपये का अनुमान तैयार किया गया है। साथ ही, भेरोंघाटी जादुंग मोटर मार्ग पर हिंडोलीगढ़ में कारवां पार्क के विकास के लिए 999.89 लाख रुपये का प्रस्ताव तैयार किया गया है।

जादुंग गांव में 91.38 लाख रुपये की लागत से प्रवेश द्वार और चेक पोस्ट का निर्माण कार्य अप्रैल महीने से शुरू किया जाएगा। इसके अलावा, भेरोंघाटी जादुंग मोटर मार्ग पर गर्तांग गली के सामने स्थित हवा बैंड में व्यू प्वाइंट बनाने के लिए 50.43 लाख रुपये और श्रीकांठा में व्यू प्वाइंट के लिए 66 लाख रुपये की स्वीकृति दी गई है।

सीमांत क्षेत्रों के विकास के लिए राज्य सरकार गंभीरता से काम कर रही है। जादुंग गांव को पर्यटन ग्राम के रूप में विकसित करने के लिए काम शुरू किया गया है। हमारी कोशिश है कि जादुंग गांव पर्यटन के मानचित्र पर प्रभावी रूप से उभरकर सामने आए, जिससे स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर मिल सकें। – पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री

उत्तराखंड के 8.21 लाख किसानों को मिला 181 करोड़ का लाभ, कृषि मंत्री ने जताया प्रधानमंत्री का आभार

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प्रधानमंत्री मोदी ने जारी की पीएम किसान सम्मान निधि की 19वीं किस्त,

कृषि मंत्री गणेश जोशी ने जताया प्रधानमंत्री का आभार, बोले-किसान के मजबूत होने से मिलेगी परिवार और देश को मजबूती

देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को बिहार के भागलपुर से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 19वीं किस्त जारी की। इस योजना के तहत देश के 9 करोड़ 80 लाख से अधिक किसानों को 22 हजार करोड़ से अधिक की सम्मान राशि डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के माध्यम से उनके बैंक खातों में भेजी गई। उत्तराखंड के किसानों को भी इस योजना के तहत बड़ी राहत मिली है। राज्य के 8.21 लाख पात्र किसानों को 181 करोड़ की धनराशि सीधे उनके खातों में हस्तांतरित की गई। अब तक की 18 किस्तों में प्रदेश के किसानों को कुल 2926.24 करोड़ की सहायता दी जा चुकी है।

सुबे के कृषि एवं कृषक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने देहरादून के सरखेत में आयोजित किसान सम्मेलन के दौरान 19वीं किस्त के हस्तांतरण कार्यक्रम में वर्चुअल माध्यम से भाग लिया। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारें किसानों की समृद्धि के लिए प्रतिबद्ध हैं और पीएम किसान सम्मान निधि योजना किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण पहल साबित हो रही है। इस दौरान विभिन्न समूह संगठनों के पदाधिकारियों को फार्म मशीनरी बैंक के तहत पावर वीडर, मल्टीक्रॉप थ्रेशर, ब्रश कटर, आटा चक्की, चौफ कटर और ट्रैक्टर जैसे उपकरण तथा किसानों को सहयोग राशि के चैक भी प्रदान किए गए।

कृषि मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में सरकार द्वारा संचालित कृषि एवं औद्यानिक योजनाओं का मुख्य उद्देश्य किसानों की आय में वृद्धि करना और कृषि क्षेत्र को सशक्त बनाना है। किसानों को अत्याधुनिक कृषि यंत्र, जल संरक्षण सुविधाएं और प्रशिक्षण प्रदान कर उनकी उत्पादकता को बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने 10 हजार किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ) भी राष्ट्र को समर्पित करने पर बधाई एवं शुभकामनाएं भी दी। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत हर वर्ष किसानों को तीन किस्तों में 6000 की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। इस योजना का उद्देश्य किसानों को उनकी कृषि जरूरतों के लिए आर्थिक सहयोग प्रदान करना है। इस योजना से न केवल छोटे और सीमांत किसानों को लाभ हो रहा है, बल्कि इससे देश की कृषि व्यवस्था को भी मजबूती मिल रही है।

इस अवसर पर कैंट विधायक सविता कपूर, सचिव कृषि डा0 एसएन पांडे, निदेशक कृषि केसी पाठक, जैविक बोर्ड के सदस्य निरंजन डोभाल, जिला पंचायत सदस्य वीर सिंह चौहान, बीडीसी बालम सिंह, ग्राम प्रधान सहित सैकड़ों किसान उपस्थित थे

मुख्यमंत्री घोषणा में शामिल प्रस्तावों पर शीघ्र कार्रवाई के निर्देश

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मानकों पर खरे विद्यालयों का होगा उच्चीकरणः डॉ. धन सिंह रावत

कहा, जनपदों से मांगे जाय विद्यालयों के उच्चीकरण के प्रस्ताव

विद्यालयी शिक्षा विभाग के अंतर्गत मानकों को पूरा करने वाले विद्यालयों का उच्चीकरण किया जायेगा। इसके लिये विभागीय अधिकारियों को उच्चीकरण संबंधी प्रस्तावों पर कार्रवाई के निर्देश दे दिये गये हैं। मुख्य शिक्षा अधिकारियों को अपने-अपने जनपदों से उच्च प्राथमिक विद्यालयों एवं उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों के प्रस्ताव भी महानिदेशालय को उपलब्ध कराने को कहा गया है। इसके अलावा मुख्यमंत्री घोषण के संबंधित उच्चीकरण के प्रस्तावों पर भी शीघ्र कार्रवाही के निर्देश अधिकारियों को दे दिये गये हैं।

सूबे के विद्यालयी शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने आज अपने शासकीय आवास पर विद्यालयी शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक ली। जिसमें उन्होंने विद्यालयों के उच्चीकरण के संबंध में विभागीय अधिकारियों से जानकारी हासिल करते हुये उच्चीकरण में हो रही देरी पर नाराजगी व्यक्त की। डॉ. रावत ने कहा कि प्रदेशभर के ऐसे राजकीय विद्यालय जो उच्चीकरण के मानकों को पूरा करते हो, शीघ्र उच्चीकरण किया जाय। इस संबंध में उन्होंने जनपद स्तर से मुख्य शिक्षा अधिकारी के माध्यम से जूनियर हाईस्कूल और हाईस्कूल स्तर के विद्यालयों के उच्चीकरण प्रस्ताव शीघ्र मांगे जाने के निर्देश दिये। ताकि समय पर विद्यालयों का उच्चीकरण कर स्थानीय छात्र-छात्राओं को शिक्षा ग्रहण करने में और अधिक सुगमता हो सके।
विभागीय मंत्री ने बताया कि वर्तमान में हाईस्कूल से इंटर स्तर पर उच्चीकरण हेतु मानक पूर्ण करने वाले नौ विद्यालय हैं। जिनमें चम्पावत जनपद का राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय फुॅगर, सल्ली और पल्सों शामिल है। इसी प्रकार रूद्रप्रयाग जनपद में स्व0 शहीद फते सिंह राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बाडव, टिहरी में रा0उ0मा0 वि0 मेड़, चामासारी, हरिद्वार में रा0उ0मा0 विद्यालय बेलड़ी, अल्मोड़ा में रा0उ0मा0 विद्यालय कांटली और नैनीताल में राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कैड़ागांव शामिल है जिनका शीघ्र ही उच्चीकरण कर आदेश जारी कर दिये जायेंगे। इसके अलावा उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिये कि मुख्यमंत्री घोषणा में शामिल विभिन्न विद्यालयों के उच्चीकरण संबंधी प्रस्तावों पर तत्काल कार्रवाई की जाय तथा उच्चीकरण के मानक पूर्ण न करने की स्थिति में शिथिलीकरण हेतु प्रस्ताव माननीय मुख्यमंत्री को भेजे जाय।

बैठक में अपर सचिव विद्यालयी शिक्षा रंजना राजगुरू, महानिदेशक बंशीधर तिवारी, अपर सचिव एमएम सेमवाल, प्रभारी निदेशक प्राथमिक शिक्षा अजय कुमार नौडियाल, प्रभारी निदेशक माध्यमिक शिक्षा डॉ. मुकुल सती, अपर परियोजना निदेशक कुलदीप गैरोला, उप सचिव अनिल पाण्डेय, अनु सचिव विकास श्रीवास्तव, स्टॉफ ऑफिसर समग्र शिक्षा बी.पी.मंदोली सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

पावन पर्व शिव एवं शक्ति की आराधना का पर्व महाशिवरात्रि

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेशवासियों को महाशिवरात्रि के पावन पर्व की बधाई और शुभकामनाएं दी है। इस अवसर पर जारी अपने संदेश में मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पावन पर्व शिव एवं शक्ति की आराधना का पर्व है। यह पर्व हमें प्रेम, एकता और आध्यात्मिक जागरण की प्रेरणा देता है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस पावन पर्व पर कामना की है कि भगवान शिव की असीम कृपा सभी प्रदेशवासियों पर हमेशा बनी रहे और प्रदेश उन्नति एवं खुशहाली के पथ पर हमेशा आगे बढता रहे।

पौड़ी में तीन दिवसीय शहीद मेले का शुभारंभ, क्षेत्र के विकास के लिए कई घोषणाएं

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को पौड़ी के दुगड्डा पार्क में तीन दिवसीय शहीद मेले का शुभारंभ किया। कार्यक्रम से पहले मुख्यमंत्री ने दुगड्डा में अमर शहीद चंद्रशेखर आजाद, स्व. बलदेव सिंह आर्य और स्व. भवानी सिंह रावत की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर पुष्पांजलि अर्पित की।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने क्षेत्र के विकास के लिए कई घोषणाएं की गई। जिसमें नगरपालिका दुगड्डा के क्षेत्रान्तर्गत एक आधुनिक बहुउद्देशीय भवन का निर्माण। नगर पालिका के लिए एक आधिकारिक वाहन की व्यवस्था। भवानी सिंह रावत शहीद स्मृति स्थल का संरक्षण, सौंदर्यीकरण एवं पुनर्निर्माण नगर पालिका द्वारा किया जाएगा। नगर पालिका परिषद् दुगड्‌डा क्षेत्रान्तर्गत निराश्रितों के लिए एक स्थायी रैन बसेरा का निर्माण किए जाएगा। दुगड्डा नगर में स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र का विकास एवं इसका नाम स्व. मोहनलाल बौंठियाल के नाम पर रखा जाएगा। दुगड्‌डा ब्लॉक में एक मिनी स्टेडियम की स्थापना की जाएगी। फतेहपुर में सिलगाड नदी पर पुल का निर्माण कराया जाएगा। मटियाली में सिद्धबाबा मंदिर का सौंदर्यीकरण एवं विकास कार्य कराए जाने की घोषणाएं की।

मुख्यमंत्री ने अमर शहीदों के योगदान को याद करते हुए कहा कि उनका साहस और बलिदान हमें देश की सेवा में समर्पण और कर्तव्य का मार्गदर्शन देता है। इस प्रकार के आयोजन हमारे इतिहास और संस्कृति के प्रति युवाओं को जागरूक करते हैं, जिनसे हमें शहीदों के आदर्शों को अपनाने की प्रेरणा मिलती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधाममंत्री के नेतृत्व में स्वतंत्रता संग्राम की गौरवशाली गाथाओं का नई पीढ़ी को पुनः स्मरण कराने के लिए पूरे देश में स्मारकों और संग्रहालय का निर्माण कराया जा रहा है। राज्य सरकार द्वारा ऐसे वीर स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों, सैनिकों व उनके परिवारों के कल्याण के लिए कई योजनाओं की शुरुआत की गयी है। इस कड़ी में उत्तराखंड का पांचवा धाम सैनिक धाम देहरादून के गुनियाल गांव में बनाया जा रहा है। सरकार स्वतंत्रता सेनानियों के आश्रितों को स्वास्थ्य सेवाओं और आवासीय योजना में भी प्राथमिकता दे रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा पूरे राज्य में 5 हजार हेक्टेयर से भी अधिक जमीन को अतिक्रमण मुक्त किया गया है। सरकार ने चार दिन पहले विधानसभा सत्र में सशक्त भू कानून को पूर्ण बहुमत से पारित कर दिया है। वनाग्नि की समस्या के समाधान के लिए भी प्रशासन द्वारा पूरी तैयारी की जा रही है। उन्होंने जनता से अपील करते हुए कहा कि वनाग्नि पर नियंत्रण के लिए प्रशासन का सहयोग करें। उन्होंने कहा जिस भी वन क्षेत्र में आग लगेगी संबंधित वन विभाग के आधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी। साथ ही आग लगाने वालों के खिलाफ कार्यवाही और नुकसान की भरपाई भी उन्हीं लोगों से की जाएगी। इसके लिए जल्द कानून भी बनाया जायेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मानव वन्यजीव संघर्ष और विकास बनाम वन संरक्षण के संबंध में केंद्र सरकार के साथ चर्चा की जाएगी। इससे चुनौतियों का समाधान होगा और जो विकास कार्य नहीं हो पाते हैं उन पर काम हो सकेगा। साथ ही वन्यजीव हमलों के सबंध में संबंधित अधिकारियों को विधि सम्मत कार्यवाही को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि सबकी जान बचाना हमारी प्राथमिकता है। वन्य जीवों के हमलों को लेकर भी जल्द कानून बनाया जाएगा।

शहीद मेले में रीप परियोजना, बाल विकास, वन विभाग, कृषि विभाग, उद्यान, सहकारिता, समाज कल्याण, डेयरी विभाग, स्वास्थ्य विभाग सहित अन्य विभागों द्वारा लगाए स्टॉल लगाकर लाभार्थियों को लाभान्वित किया गया।

कार्यक्रम में विधायक महंत दिलीप रावत, विधायक यमकेश्वर रेनू बिष्ट,मेयर कोटद्वार शैलेंद्र सिंह रावत, अध्यक्ष नगर पालिका परिषद दुगड्डा शांति बिष्ट, जिला अध्यक्ष भाजपा वीरेंद्र सिंह रावत, जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक लोकेश्वर सिंह, मुख्य विकास अधिकारी गिरीश गुणवंत, एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

नर्सिंग अधिकारियों को मिलेगी दो सप्ताह के भीतर नियुक्तिः डॉ. धन सिंह रावत

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पांच मेडिकल कॉलेजों व कैंसर संस्थान में रिक्त पदों के सापेक्ष होंगे तैनात

विभागीय मंत्री डॉ. रावत ने अधिकारियों को दिये शीघ्र नियुक्ति के निर्देश

उत्तराखंड चिकित्सा सेवा चयन बोर्ड से चयनित 1314 नर्सिंग अधिकारियों को दो सप्ताह के भीतर नियुक्ति दे दी जायेगी। इन सभी नर्सिंग अधिकारियों को प्रदेश के पांच राजकीय मेडिकल कॉलेजों व राजकीय कैंसर संस्थान हल्द्वानी में रिक्त पदों के सापेक्ष तैनात किया जायेगा। इसके लिये विभागीय अधिकारियों को सभी औचारिकताएं पूर्ण करने के निर्देश दे दिये गये हैं।

चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने बताया कि राज्य के पांच राजकीय मेडिकल कॉलेजों को दो सप्ताह के भीतर नर्सिंग अधिकारी मिल जायेंगे। इसके लिये विभागीय अधिकारियों को नियुक्ति प्रक्रिया की सभी औचारिकताएं पूर्ण करने के निर्देश दे दिये गये है। उन्होंने बताया कि राजकीय मेडिकल कॉलेजों में नर्सिंग अधिकारियों के स्वीकृत पद लम्बे समय से रिक्त पड़े हैं, जिनमें राजकीय मेडिकल कॉलेज देहरादून में 323, हल्द्वानी 320, रूद्रपुर 310, अल्मोड़ा 207 और श्रीनगर में 300 पद शामिल है। इस प्रकार राजकीय कैंसर संस्थान हल्द्वानी में भी 64 पद स्वीकृत हैं। इन सभी स्वीकृत पदों के सापेक्ष सेवा चयन बोर्ड से चयनित नर्सिंग अधिकारियों को तैनात किया जायेगा।

विभागीय मंत्री ने बताया कि मेडिकल कॉलेजों से सम्बद्ध चिकित्सालयों में मरीजों की देखभाल और स्वास्थ्य सुविधाओं के सुधारीकरण के दृष्टिगत चिकित्सा शिक्षा विभाग द्वारा राज्य चिकित्सा सेवा चयन बोर्ड को नर्सिंग अधिकारियों की भर्ती का अधियाचन भेजा था। जिसके क्रम में सेवा चयन बोर्ड द्वारा भर्ती प्रक्रिया को पूरा कर 1314 नर्सिंग अधिकारियों का अंतिम चयन परिणाम विभाग को सौप दिया गया है। इन चयनित नर्सिंग अधिकारियों का वर्तमान में दो स्तरों पर सत्यापन चल रहा है, जिसमें अधिक समय लगने के चलते चयनित अभ्यर्थियों को शीघ्र तैनाती देने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने बताया कि सत्यापन प्रक्रिया पृथक से चलती रहेगी यदि नौकरी पाने के उपरांत किसी अभ्यर्थी के सत्यापन में गड़बड़ी पाई जाती है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जायेगी।

डॉ. रावत ने बताया कि सरकार की प्राथमिकता मेडिकल कॉलेजों में जल्द से जल्द नर्सिंग अधिकारियों को नियुक्ति देना है ताकि मेडिकल कॉलेजों में मरीजों की देखभाल व स्वास्थ्य सुविधाओं में और अधिक सुधार को सुनिश्चित किया जा सके।