Saturday, March 7, 2026
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उत्तराखंड में अवैध मदरसों के खिलाफ धामी सरकार का अभियान जारी

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उत्तराखंड में अवैध मदरसों के खिलाफ मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की सरकार ने एक सख्त अभियान छेड़ रखा है। सीएम धामी ने स्पष्ट रूप से कहा कि उनकी सरकार ने अवैध निर्माण और अतिक्रमण के खिलाफ ठोस कार्रवाई करने का संकल्प लिया है। जहां से भी अवैध निर्माण और मदरसों के बारे में शिकायतें प्राप्त होंगी, वहां जांच की जाएगी और तदनुसार कार्रवाई की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने एक कार्यक्रम के दौरान मीडियाकर्मियों से बातचीत करते हुए कहा कि उनकी सरकार अवैध मदरसों और अतिक्रमण के खिलाफ कठोर कदम उठाएगी। उन्होंने कहा, “हमारी सरकार ने अवैध निर्माण और अतिक्रमण के खिलाफ संकल्प लिया है। हम हर शिकायत का संज्ञान लेंगे और हर मामले की जांच करेंगे।”

प्रदेश में अवैध मदरसों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी गई है। पिछले 15 दिनों में 52 से ज्यादा अवैध रूप से संचालित मदरसों को सील कर दिया गया है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर यह कार्रवाई की गई, जिसमें देहरादून के विकासनगर में 12 और खटीमा में 9 अवैध मदरसों को सील किया गया। इससे पहले भी विभिन्न जिलों में 31 मदरसों पर कार्रवाई की जा चुकी है।

यह अभियान इस बात का संकेत है कि धामी सरकार अवैध गतिविधियों के खिलाफ गंभीर है और ऐसे मामलों में कोई भी लापरवाही नहीं बरती जाएगी।

सीएम आवास में उत्तराखंड की सांस्कृतिक समृद्धि और एकता के हुए दर्शन

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अबीर-गुलाल संग और निखरे लोक संस्कृति के रंग

होली मिलन कार्यक्रम में जुटे प्रदेश भर के लोक कलाकार

गढ़वाल-कुमाऊं से लेकर जौनसार तक के गूंजे होली गीत

एक तरफ, हारूल नृत्य करते जौनसारी कलाकार, तो दूसरी तरफ, अपनी ही धुन में मगन होली गीत गातीं नाचतीं लोहाघाट से आईं महिला कलाकार। इन सबके बीच, पौड़ी जिले के राठ क्षेत्र से आई सांस्कृतिक टोली का अपना आकर्षण था, थारू जनजाति का नृत्य तो छोलिया नृत्य करते अल्मोड़ा के कलाकारों की अपनी मस्ती।

सीएम आवास पर होली मिलन कार्यक्रम की यही तस्वीर उभरी, जिसमें गढ़वाल-कुमाऊं से लेकर जौनसार तक का होली गायन था, नृत्य था। लोक संस्कृति का वह प्रभाव भी था, जो उत्तराखंड को सांस्कृतिक तौर पर विशिष्टता प्रदान करता है। सीएम आवास केे खुले परिसर मेें गुरूवार को उत्तराखंड की लोक संस्कृृति के तमाम रंग बिखरे। उत्तराखंड की सांस्कृतिक एकता और समृृद्धि के दर्शन हुए।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिह धामी के आमंत्रण पर सीएम आवास पर सांस्कृृतिक दलों का एक मेला सा जुटा। होली के गीत गूंजे। पारंपरिक गायन हुआ। ढोल, मंजीरे बजे। पारंपरिक वाद्य यंत्रों की संगत ने होली गीतों के प्रभाव को और बढ़ा दिया। आओ दगड़ियो, नाचा गावा, आ गई रंगीली होली का आह्वान यदि अल्मोड़ा से आए कलाकारों ने किया, तो राठ क्षेत्र के कलाकारों ने गाया-आई डान्ड्यू बसंत, डाली मा मौल्यार।

राठ क्षेत्र कला समिति के कलाकार इस बात से बेहद खुश दिखे कि उन्हें विशेष तौर पर बुलाया गया। अपने होली के गीतों से इस समिति ने कम समय में खास पहचान बनाई है। इस समिति के प्रमुख प्रेम सिंह नेगी ने कहा-हमारा 19 सदस्यीय दल सीएम आवास पर प्रस्तुति देकर गौरवान्वित है। लोहाघाट के शिवनिधि स्वयं सहायता समूह केे दल का आकार बड़ा रहा। इस दल में 54 सदस्यों ने होली गीतों पर बेहतरीन प्रस्तुति दी। इस ग्रुप की प्रमुख अलका का कहना है-उन्होंने पहली बार सीएम आवास में प्रस्तुति दी। यह अवसर पूरे ग्रुप के लिए महत्वपूर्ण है।

कलाकारोें संग होली के रंग में रंगे मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी लोक कलाकारों के संग होली के रंगों में पूरी तरह से रंगे नजर आए। उन्होंने विभिन्न दलों के कलाकारों के साथ काफी समय बिताया। उनके साथ वह थिरके भी। ढोल, थाली और अन्य पारंपरिक वाद्य यंत्रों पर हाथ भी आजमाया।

लोक संस्कृृति पर सीएम कर रहे अच्छा काम

उत्तराखंड के विभिन्न स्थानों से आए लोक कलाकारों ने इस मौके पर कहा कि लोक संस्कृति पर सीएम अच्छा काम कर रहे हैं। खटीमा की वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप थारू उत्थान समिति के कलाकारों के 20 सदस्यीय दल ने भी गुरूवार को अपनी प्रस्तुति दी। इस दल के बंटी राणा व रिंकूू राणा का कहना था कि बेहतर काम करने वाले कलाकारों को तलाश कर अवसर दिए जा रहे हैं।

प्रेम, सौहार्द और एकता का प्रतीक है होली का पर्व – मुख्यमंत्री

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी बुधवार को नई दिल्ली में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग राज्य मंत्री अजय टम्टा के सरकारी आवास पर आयोजित पारंपरिक होली मिलन समारोह में सम्मिलित हुए। इस अवसर पर उन्होंने सभी को होली की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि होली पर्व प्रेम, सौहार्द तथा आपसी एकता का प्रतीक है। होली का पर्व हमारे समाज में सांस्कृतिक एकता और समरसता को भी सुदृढ़ करता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि होली केवल रंगों का उत्सव नहीं, बल्कि यह सामाजिक मेलजोल को प्रगाढ़ करने और सकारात्मक ऊर्जा का भी संचार करता है। यह पर्व हमें आपसी भेदभाव भुलाकर एकता के सूत्र में बांधने की प्रेरणा देता है। उत्तराखंड की पारंपरिक बैठकी और खड़ी होली हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत की प्रतीक हैं, जो समाज में प्रेम और सौहार्द का संदेश देता हैं।

प्रगति के नए आयाम स्थापित कर रहा है उत्तराखंड

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कथन का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री जी ने 21वीं सदी के तीसरे दशक को उत्तराखंड का दशक बताया है। राज्य सरकार इसी संकल्प के साथ विकास के पथ पर आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि नीति आयोग की एस.डी.जी. (सतत विकास लक्ष्य) रिपोर्ट 2023-24 में उत्तराखंड की सर्वाेच्च रैंकिंग प्राप्त करने की उपलब्धि राज्य सरकार के समर्पित प्रयासों का परिणाम है, जिससे प्रतीत होता है कि उत्तराखंड विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहा है।

उत्तराखण्ड यू.सी.सी लागू करने वाला बना देश का पहला राज्य।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड समान नागरिक संहिता लागू करने वाला देश का पहला राज्य बन गया है। उन्होंने इसे समाज में समानता और न्याय की दिशा में एक बड़ा सुधार बताते हुए कहा कि यह जनता की अपेक्षाओं के अनुरूप है। लंबे समय से इस पर चर्चा चल रही थी, और अब उत्तराखंड ने इसे लागू कर देश के अन्य राज्यों के लिए एक मिसाल पेश की है।

उन्होंने कहा कि यह अवसर उत्तराखंड के लिए ही नहीं बल्कि पूरे भारत वर्ष के लिए भी ऐतिहासिक है। उत्तराखंड में समाज में समानता स्थापित करने के लिए, समान नागरिक संहिता लागू हो गई है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता लागू करके राज्य सरकार संविधान निर्माता बाबा साहेब डॉ बी.आर. अंबेडकर सहित संविधान सभा के सभी सदस्यों को सच्ची भावांजलि दी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यू.सी.सी. से राज्य में प्रत्येक नागरिक के संवैधानिक और नागरिक अधिकार एक समान हो गए हैं। साथ ही सभी धर्म की महिलाओं को भी समान अधिकार मिल गए हैं। इसके लिए उन्होंने पूरे उत्तराखंडवासियों की ओर से प्रधानमंत्री और गृहमंत्री का आभार भी व्यक्त किया।

सशक्त भू-कानून लागू करने की ऐतिहासिक पहल

मुख्यमंत्री ने प्रदेश में लागू सशक्त भू-कानून का उल्लेख करते हुए कहा कि यह उत्तराखंडवासियों की लंबे समय से उठ रही मांग को पूरा करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। उन्होंने कहा, यह कानून प्रदेश के संसाधनों, सांस्कृतिक धरोहर और नागरिकों के अधिकारों की रक्षा के लिए लाया गया है। इससे राज्य के लोगों की जमीन सुरक्षित रहेगी और अनियंत्रित भूमि खरीद-बिक्री पर रोक लगेगी।

समारोह में प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर के अनेक गणमान्य व्यक्तियों ने प्रतिभाग किया। सभी अतिथियों ने एक-दूसरे को गुलाल लगाकर होली की शुभकामनाएं दीं और पारंपरिक संगीत व सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साक्षी बनें। लोकगीतों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने पूरे वातावरण को उल्लासमय बना दिया, जिसमें अतिथियों ने भी उत्साहपूर्वक सहभागिता रही।

इस अवसर पर भाजपा के वरिष्ठ नेता मुरली मनोहर जोशी,बीजेपी प्रदेश प्रभारी दुष्यंत गौतम, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष व राजसभा सांसद महेंद्र भट्ट, उत्तराखंड आपदा प्रबंधन उपाध्यक्ष विनय रोहिल्ला, दिल्ली के विधायक मनोज शौकीन आदि उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री आवास में होली मिलन कार्यक्रम का भव्य आयोजन

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सीएम आवास में दिखे उत्तराखंड की समृद्ध संस्कृति के विविध रंग

मुख्यमंत्री आवास में आज उत्तराखण्ड की समृद्ध संस्कृति के रंगों के साथ भव्य होली मिलन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेशवासियों को होली की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह पर्व प्रेम, सौहार्द और एकता का प्रतीक है, जो समाज में सांस्कृतिक एकता और समरसता को सुदृढ़ करता है।

कार्यक्रम में मंत्रीगणों, विधायकों, जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों एवं प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से आए गणमान्य लोगों ने मुख्यमंत्री से भेंट कर उन्हें होली की शुभकामनाएं दीं।

इस अवसर पर उत्तराखण्ड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के विविध रंग दिखाई दिए। गढ़वाल, कुमाऊं, जौनसार, थारू सहित विभिन्न क्षेत्रों के कलाकारों ने अपनी-अपनी परंपराओं के अनुसार मनाई जाने वाली होली का शानदार प्रदर्शन किया। पारंपरिक होली गायन, नृत्य और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम को जीवंत बना दिया।

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने संबोधन में कहा कि राज्य सरकार प्रदेश की सांस्कृतिक धरोहर को सहेजने और उसे राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने सभी प्रदेशवासियों से आग्रह किया कि वे होली के इस पावन पर्व को सौहार्दपूर्ण वातावरण में मनाएं और समाज में प्रेम, भाईचारे एवं शांति का संदेश दें।

कार्यक्रम में शामिल सभी अतिथियों ने मुख्यमंत्री के साथ मिलकर रंग-गुलाल खेला और एक-दूसरे को होली की शुभकामनाएं दीं।

मुख्यमंत्री ने नगर निगम देहरादून में ई-कोष वेबसाईट का किया लोकार्पण

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को नगर निगम देहरादून द्वारा आयोजित होली मिलन कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने नगर निगम देहरादून में वित्तीय कार्यों में पारदर्शिता बनाये रखने के उद्देश्य से बनाई गई ई-कोष वेबसाईट का लोकार्पण भी किया। मुख्यमंत्री ने सभी प्रदेशवासियों को हर्ष, उल्लास, उमंग और रंगों से भरे पर्व होली की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह पर्व समाज में सांस्कृतिक एकता को मजबूती प्रदान कर समरसता की भावना को भी मजबूत करता है। उन्होंने कहा कि हमारी इस सांस्कृतिक विरासत को अगली पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए सभी को निरंतर प्रयास करने होंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी ट्रिपल इंजन की सरकार देहरादून के प्रत्येक नागरिक के जीवन स्तर को और अधिक बेहतर बनाने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। देहरादून नगर निगम द्वारा जहां एक ओर उच्च कोटि की जन सुविधाएँ प्रदान करने के लिए कार्य किये जा रहे हैं, वहीं शहर में स्वच्छता को और भी अधिक बेहतर बनाने का प्रयास भी किया जा रहा है। केदारपुरम में 3.5 हेक्टेयर भूमि पर 5 करोड़ की लागत से योगा पार्क बनाया जा रहा है और यमुना कालोनी में 1.3 करोड़ रूपए की लागत से एक नए पार्क का निर्माण किया जा रहा है। विभिन्न पार्कों के सौंदर्यीकरण एवं उच्च कोटि की कूड़ा प्रबंधन व्यवस्था बनाए जाने के लिए 2 स्थानों पर मैकेनाईज्ड ट्रांसफ़र स्टेशन स्थापित करने और वार्डों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले 3 पर्यावरण मित्रों को प्रत्येक माह स्वच्छता सेनानी सम्मान योजना के अन्तर्गत दस हजार रूपये प्रति माह का सम्मान भी दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि नगर निगम द्वारा भवन कर का भुगतान के लिए ऑनलाइन सुविधा देने के साथ ही वित्तीय प्रकरणों में पारदर्शिता बनाये रखने के उद्देश्य से ई-कोष वेबसाईट तैयार की गयी है। स्वच्छ सर्वेक्षण 2023 में नगर निगम देहरादून को देश में 68 वां तथा उत्तराखण्ड के सभी नगर निगमों में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ था। उन्होंने आशा व्यक्त की कि इस वर्ष देहरादून की स्वच्छता रैंकिंग में और अधिक सुधार आएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा राज्य की जन भावनाओं के अनुरूप राज्य के विकास के लिए हर संभव प्रयास किये जा रहे हैं। विधानसभा में उत्तराखंड का भू कानून के लिए विधेयक पारित किया जा चुका है। राज्य की जनभावनाओं के अनुरूप सख्त भू कानून लाया जा रहा है। सामान नागरिक संहिता लागू करने वाला उत्तराखंड देश का पहला राज्य बना है। यूसीसी महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक नया अध्याय लिख रहा है और महिलाओं के लिए सुरक्षा कवच साबित हो रहा है। उन्होंने कहा कि यूसीसी की ये गंगा देश के हर राज्य को लाभ देने का कार्य करेगी। उत्तराखण्ड में निवेश के लिए निवेशको का रूझान तेजी से बढ़ रहा है, उनको सिंगल विंडो सिस्टम से अनुमतियां प्रदान की जा रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि 04 जुलाई 2021 को शपथ लेने के बाद उन्होंने राज्य में सरकारी विभागों में सभी रिक्त पदों को भरने का निर्णय लिया था। इस साढ़े तीन साल में 20 हजार से अधिक युवाओं को राज्य में नौकरी दी गई है। यह कालखण्ड रोजगार का कालखण्ड भी है।

मेयर देहरादून सौरभ थपलियाल ने होली मिलन कार्यक्रम में सीएम का आभार जताया। उन्होंने कहा कि सीएम के मार्गदर्शन में राज्य ऊंचाईयों की ओर अग्रसर है। सरकार आम जन की भावनाओं के अनुरूप नीतियों को लागू कर रही है जिससे उन्हें अधिकतम लाभ मिल सके। मेयर ने शहर के समस्त नागरिकों को होली की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि शहर वासियों को बेहतर जन सुविधाएं देने के लिए नगर निगम प्रयासरत है। सहस्त्रधारा स्थित पूर्व ट्रेचिंग ग्राउंड के लीगेसी वेस्ट को 2025 तक समाप्त कर दिया जाएगा। इसके बाद इस स्थल को आम जन के लिए सुरक्षित व्यापक हाट बाजार में तब्दील किए जाने की योजना है। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, विधायक खजान दास, सविता कपूर, दुर्गेश्वर लाल, पूर्व मेयर सुनील उनियाल गामा, अन्य जनप्रतिनिधिगण, नगर आयुक्त नमामि बंसल, नगर निगम के अधिकारी ओर कर्मचारी उपस्थित थे।

प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0: नए नियम और बदलाव

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प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0 की शुरुआत के साथ ही इसके नए नियम भी जारी कर दिए गए हैं। इस बार एक महत्वपूर्ण बदलाव किया गया है, जिसके तहत अगर किसी परिवार के पिता ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत घर लिया है, तो उसके बच्चों को अगले 20 साल तक इस योजना का लाभ नहीं मिल सकता है। केंद्र ने इस संबंध में सभी नए नियम जारी कर दिए हैं।

नए नियमों के अनुसार, अब उन लोगों को इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा, जिनके माता-पिता पहले ही इस योजना के तहत लाभान्वित हो चुके हैं। पहले, प्रधानमंत्री आवास योजना में माता-पिता के अलावा उनके बेटों को भी इसका फायदा मिलता था, लेकिन अब पीएम आवास योजना-2 में यह प्रावधान बदल दिया गया है। अब वे लोग इस योजना में शामिल नहीं होंगे, जिनके माता-पिता पहले ही इसका लाभ ले चुके हैं।

नए नियम में यह भी कहा गया है कि अगर माता-पिता अब जीवित नहीं हैं, तो उनकी संपत्ति के मालिक उनके बेटे होंगे, लेकिन इसमें 20 सालों की एक सीमा निर्धारित की गई है। इसका मतलब यह है कि अगर 20 सालों में किसी परिवार को इस योजना का लाभ मिला है, तो वह इस योजना से बाहर रहेगा।

अब केवल वही लोग इस योजना के लिए आवेदन कर सकते हैं, जिनके परिवार को अभी तक योजना का लाभ नहीं मिला है। अगर इसके बाद भी कोई लाभार्थी बनता है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उत्तराखंड ने भी प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत अपनी नई आवास नीति को लागू किया है।

इसके अलावा, इस बार पीएम आवास योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन भी किए जा रहे हैं। इसके लिए सरकार ने “आवास प्लस” (AwaasPlus App) लॉन्च किया है, जिसमें आधार नंबर डालकर पंजीकरण फॉर्म भरा जा सकता है। आवेदन के लिए आवश्यक दस्तावेजों में आधार कार्ड, पैन कार्ड, आय प्रमाण पत्र, वोटर आईडी, जाति प्रमाण पत्र और पते का प्रमाण शामिल है।

प्रपंच पड़ा भारी, पांच पर गाज, मुख्यमंत्री हैं नाराज

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प्रपंच पड़ा भारी, पांच पर गाज, मुख्यमंत्री हैं नाराज उत्तराखंड सचिवालय में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की मीटिंग के दौरान एक कर्मी की हरकत के बाद पांच पुलिसकर्मियों पर गाज गिरी है। सीएम धामी की सुरक्षा में चूक के इस मामले में इंटेलिजेंस ने कार्रवाई करते हुए इन कर्मियों को उनके मूल तैनाती स्थान पर हटा दिया है।

खबरों के मुताबिक, राज्य संपत्ति विभाग के कर्मी द्वारा की गई इस घटना को उत्तराखंड में कुछ ऐसे लोगों द्वारा तूल दिया जा रहा है जो सरकार के खिलाफ लगातार आवाज उठाते रहे हैं। फिलहाल मामले की जांच जारी है और इस कर्मी के आचरण को लेकर कई और अधिकारियों से भी गलत आचरण किए जाने की जानकारी मिली है। लेकिन अब तक कर्मी के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है, जिससे कई सवाल उठ रहे हैं।

राज्य संपत्ति विभाग ने उत्तराखंड शासन को पत्र भेजकर हंगामा करने वाले कर्मी वीरेंद्र भट्ट के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश की है। हालांकि, सूत्रों के अनुसार, सोमवार के बाद मंगलवार को उक्त कर्मी मुख्यमंत्री कैंप के बाहर भी नजर आया। ऐसे में विभाग ने इस कर्मी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का मन बना लिया है, लेकिन यह देखना होगा कि पहले की तरह इस बार कार्रवाई पर क्या असर पड़ता है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी इस मामले को लेकर खासे नाराज हैं।

बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सचिवालय अपने कार्यालय की ओर जा रहे थे, इसी दौरान वहां मौजूद एक कर्मचारी ने हंगामा किया। इस दौरान पांचों सुरक्षाकर्मी ड्यूटी पर तैनात थे। इन सुरक्षाकर्मियों को अब उनकी मूल तैनाती स्थानों पर भेज दिया गया है। मामले की जांच की जा रही है और जांच में प्रथम दृष्टया इन पुलिसकर्मियों की लापरवाही सामने आई है।

प्राथमिक जांच के बाद, मंगलवार को इंटेलिजेंस मुख्यालय ने एएसआई शमशेर सिंह को हटाते हुए उन्हें जिला हरिद्वार, कांस्टेबल पिंकी शैव को जिला देहरादून, कांस्टेबल संजीत शर्मा को पीएसी हरिद्वार, कांस्टेबल शीला शर्मा को जिला हरिद्वार और कांस्टेबल पीएसी अनिल सिंह को आईआरबी द्वितीय देहरादून भेज दिया गया है।

विकासनगर में अवैध मदरसों पर शासन की कार्रवाई लगातार जारी

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विकासनगर में अवैध मदरसों पर शासन की कार्रवाई लगातार जारी है। मंगलवार को पांच अवैध मदरसे सील किए गए, जिनमें से तीन केदारवाला, एक अपर छरबा और एक खुशहालपुर में था। इस दौरान यहां भारी भीड़ भी जमा हो गई।

सोमवार को भी टीम ने एक के बाद एक 10 अवैध मदरसों को सील किया था। हालांकि, इस दौरान टीम को मुस्लिम समुदाय से हल्का-फुल्का विरोध भी देखने को मिला, लेकिन भारी पुलिस बल के बीच कार्रवाई बिना किसी रुकावट के जारी रही। अब तक कुल 19 अवैध मदरसों को सील किया जा चुका है, जबकि 10 और मदरसों पर कार्रवाई होनी बाकी है।

जिलाधिकारी सविन बंसल ने इस कार्रवाई के लिए प्रशासन, पुलिस, एमडीडीए, मदरसा बोर्ड, अल्पसंख्यक विभाग, शिक्षा विभाग और मदरसा बोर्ड की एक टीम गठित की है। सोमवार को एसडीएम विनोद कुमार और सीओ, विकासनगर बीएल शाह के नेतृत्व में टीम ने सहसपुर में अवैध मदरसों पर कार्रवाई की। ढाकी में मदरसा जामिया सब्बीबुल रशाद द्वितीय शाखा और उस्मानपुर में मुस्लिम समुदाय के हल्के विरोध का सामना करना पड़ा। विरोध कर रहे लोगों का कहना था कि केवल मदरसों को ही टारगेट किया जा रहा है।

जब लोग विरोध करने लगे, तो सीओ और थाना प्रभारी सहसपुर, शंकर सिंह बिष्ट ने स्थिति को संभाला और लोगों से कहा कि अगर मदरसे वैध हैं, तो वे तहसील प्रशासन के समक्ष अपने दस्तावेज प्रस्तुत करें। वहीं, बैरागीवाला में मदरसा जामिया अनवारुल कुरान को सील करते समय स्थानीय जनप्रतिनिधि टीम के साथ उलझ गए। जनप्रतिनिधियों का दावा था कि मदरसे में कोई छात्र नहीं पढ़ता, लेकिन सर्वे टीम ने वहां 15 छात्रों को पंजीकृत पाया।

पुलिस ने सख्ती दिखाई और जनप्रतिनिधि शांत हो गए। एसडीएम ने बताया कि आठ अवैध मदरसों में कुल 303 छात्र पढ़ रहे थे, जबकि दो अवैध मदरसों के छात्र संख्या की जानकारी नहीं मिल पाई। टीम ने सहसपुर थाना क्षेत्र के सहसपुर, ढाकी, खुशहालपुर, जस्सोवाला, बैरागीवाला, धर्मावाला और तिमली में 10 अवैध मदरसों को सील किया। कई मदरसे ट्यूशन के नाम पर चल रहे थे और कुछ अवैध मदरसे किराए पर लिए गए भवनों में चल रहे थे। यहां किरायेदारों और आसपास के लोगों ने बताया कि छात्र ट्यूशन के लिए इन कमरों में आते थे। किरायेदारों और भवन मालिकों ने टीम से केवल कमरों को सील करने की अपील की, जिसे टीम ने माना और कई जगह अवैध मदरसों को चल रहे कमरों को सील कर दिया।

भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी पहुंचे देहरादून

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भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी अपनी पत्नी साक्षी और अन्य लोगों के साथ क्रिकेटर ऋषभ पंत की बहन साक्षी पंत की शादी में शिरकत करने के लिए देहरादून पहुंचे। जौलीग्रांट एयरपोर्ट पर जैसे ही धोनी पहुंचे, उनके प्रशंसकों ने उन्हें घेर लिया। इसके बाद वह मसूरी के लिए निकल पड़े।

सूत्रों के मुताबिक, धोनी करीब ढाई बजे विशेष चार्टर्ड विमान से देहरादून एयरपोर्ट पहुंचे। जैसे ही वे एयरपोर्ट पहुंचे, प्रशंसकों ने उन्हें घेर लिया, लेकिन धोनी ने किसी से भी बातचीत नहीं की।

इसके बाद धोनी अपनी ब्लैक रंग की कार में बैठकर रवाना हो गए। एयरपोर्ट के सूत्रों के अनुसार, अभी कुछ और क्रिकेटरों के एयरपोर्ट पहुंचने की संभावना है, और सभी मसूरी में शादी समारोह में शामिल होने के लिए जाएंगे।

यूथ फाउंडेशन जलवायु संकट से लड़ने के लिए युवाओं, सरकार और वैज्ञानिकों को एक मंच पर लाया

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“चिपको से जियोथर्मल इनोवेशन तक: उत्तराखंड लिख रहा है हरित क्रांति का नया अध्याय”

वाडीया इंस्टीट्यूट के सभागार में यूथ फाउंडेशन द्वारा पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय और वाडिया हिमालय भूविज्ञान संस्थान के साथ “जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा: चुनौतियां एवं समाधान” विषय पर आयोजित राष्ट्रीय सेमिनार कार्यक्रम में उत्तराखंड के माननीय मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य को जलवायु संकट के प्रति जागरूक करने और सामूहिक कार्यवाही का ऐलान किया। कार्यक्रम में पर्यावरण योद्धा गौरा देवी के योगदान को याद करते हुए युवाओं को नई पीढ़ी के “चिपको आंदोलन” का नेतृत्व करने का आह्वान किया गया।

मुख्यमंत्री का ऐतिहासिक संबोधन: “प्रकृति बचेगी, तभी उत्तराखंड बचेगा”

मुख्य अतिथि पुष्कर सिंह धामी ने कार्यक्रम को गौरा देवी की विरासत: चिपको आंदोलन का नया अवतार बताते हुए कहा, “यह सम्मेलन उत्तराखंड के लिए एक जन-आंदोलन की शुरुआत है। हर साल वनाग्नि हमारे जंगलों, जैव विविधता और आजीविका को भस्म कर देती है। हमारी सरकार ने ड्रोन टेक्नोलॉजी, अग्निशामक दलों का आधुनिकीकरण और जैव विविधता संरक्षण मिशन शुरू किया है, लेकिन यह लड़ाई सिर्फ सरकार की नहीं, हर नागरिक की है।”

युवाओं से अपील:
युवाओं से आग्रह है: अपने कॉलेज में “ग्रीन चैंपियन” टीम बनाएँ, उत्तराखंड के लिए सोशल मीडिया अभियान चलाएँ, और जलवायु संरक्षण को प्राथमिकता दें।

इस मुहिम में हमें वैज्ञानिक संस्थानों, ग्रामीण समुदायों और निजी क्षेत्र का सहयोग भी चाहिए। वाडिया इंस्टीट्यूट जैसे संस्थानों से मैं अनुरोध करता हूँ कि वे ग्लेशियर शोध को और गति दें। गाँवों में “वन पंचायतों” को मजबूत करें। निजी उद्योग हरिद्वार जैसे शहरों में जल संरक्षण तकनीकों को अपनाएँ।

मुख्यमंत्री ने मंच से सभी को तीन संकल्प लेने का आह्वान किया:
पहला – “मैं हर महीने कम से कम एक पेड़ अवश्य लगाऊँगा/लगाऊँगी।”
दूसरा – “मैं अपने घर में वर्षा जल संचयन का प्रबंध करूँगा/करूँगी।”
तीसरा – “मैं अपने समुदाय को जलवायु परिवर्तन के प्रति जागरूक करने का प्रयास करूँगा/करूँगी।”

मुख्यमंत्री ने कहा जिस प्रकार से यूथ फाउंडेशन के जाबाज़ युवाओं ने कर्नल कोठियाल के मार्गदर्शन और नेतृत्व में हर परिस्थिति में साहसिक कार्य किए, चाहे वह गंगोत्री की दैविय त्रासदी हो , केदारनाथ जैसी भीषण आपदा हो या फिर पिथौरागढ़ की आपदा, फॉरेस्ट फायर , कोविड महामारी हो या नंदा राजजात यात्रा हो या गोट विलेज जैसे मॉडल हो उनसे ये प्रतीत होता है कि जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा में भी यूथ फाउंडेशन अग्रणी भूमिका निभाएगा और यूथ फाउंडेशन को इस मिशन की कामयाबी के लिए शुभकामनाएं दी।

अंतर-मंत्रालयी सहयोग पर जोर:

  • “पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय, वन एवं पर्यावरण मंत्रालय और वाडिया इंस्टीट्यूट को एकजुट होकर इस चुनौती पर काम करना होगा। हम 2030 तक उत्तराखंड को ‘कार्बन न्यूट्रल’ बनाने की राह पर हैं।

कार्यक्रम में गौरा देवी के साहस और पर्यावरण प्रेम को श्रद्धांजलि देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “गौरा देवी जी ने पेड़ों से लिपटकर इतिहास रचा। आज उनकी विरासत युवाओं के हाथों में है”

गढ़रत्न नरेंद्र सिंह नेगी का योगदान: “लोकगीतों से जगाएंगे पर्यावरण चेतना”

प्रख्यात लोक गायक एवं सामाजिक कार्यकर्ता गढ़रत्न श्री नरेंद्र सिंह नेगी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा, “पहाड़ की संस्कृति और लोकगीत प्रकृति के प्रति सम्मान सिखाते हैं। मैं युवाओं के साथ मिलकर पर्यावरण जागरूकता के लिए संगीत यात्राएं आयोजित करूंगा।”

यूथ फाउंडेशन के संस्थापक कर्नल अजय कोठियाल ने युवाओं को दिया मंत्र: “जोश और होश के साथ लड़ें जंग”

फाउंडेशन के संस्थापक कर्नल अजय कोठियाल ने युवाओं का आह्वान करते हुए कहा, ” जलवायु युद्ध में जीत के लिए हमें जोश और होश दोनों चाहिए। युवा समाधान का हिस्सा हैं और हमें गौरा देवी की विरासत को 21वी सदी की तकनीक से जोड़कर ज़मीन पर काम करना है। हम सब मिलकर जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में काम कर दुनिया को एक बार फिर पर्यावरण का संदेश देंगे।

वैज्ञानिकों और अधिकारियों ने रखे ठोस सुझाव

– डॉ. जे. वी. सिंह (वरिष्ठ वैज्ञानिक,पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय): ने कहा”हम AI-आधारित जलवायु पूर्वानुमान प्रणाली विकसित करेंगे, ताकि वनाग्नि और बाढ़ जैसी आपदाओं का पहले अनुमान लग सके।”

  • डॉ. विनीत कुमार गहलोत (निदेशक, वाडीया इंस्टीट्यूट): “हिमालयी ग्लेशियरों के पिघलने पर शोध को प्राथमिकता देंगे। कार्यक्रम का संचालन नवीन पिरशाली द्वारा किया इस कार्यक्रम में वैज्ञानिकों, विशेषज्ञों और युवाओं के साथ सरकार के शीर्ष अधिकारियों ने भी भाग लिया।