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उत्तराखंड पुलिस का ‘ऑपरेशन प्रहार’: साइबर अपराधियों पर देशव्यापी करारा प्रहार

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उत्तराखंड पुलिस का ‘ऑपरेशन प्रहार’: साइबर अपराधियों पर देशव्यापी करारा प्रहार Uttarakhand Police’s ‘Operation Prahar’: A nationwide strong strike against cyber criminals

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड पुलिस ने एक बार फिर देश को यह संदेश दिया है कि अपराधी चाहे कहीं भी हों, कानून की पकड़ से बच नहीं सकते। ‘ऑपरेशन प्रहार’ नामक इस अभूतपूर्व अभियान के तहत 17 राज्यों में एक साथ छापेमारी कर 290 से अधिक साइबर अपराधियों को पकड़ा गया। यह देश में किसी राज्य पुलिस द्वारा समन्वित रूप से की गई सबसे बड़ी साइबर कार्रवाई मानी जा रही है।

देशभर में एक साथ हुई कार्रवाई

उत्तराखंड पुलिस की अगुवाई में दिल्ली, उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश, राजस्थान, गुजरात, पंजाब, हरियाणा, कर्नाटक, तमिलनाडु, तेलंगाना, आंध्रप्रदेश, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, केरल, गोवा समेत 17 राज्यों में समन्वित छापेमारी की गई। इसमें विभिन्न राज्यों की पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों ने मिलकर सहयोग किया।

मॉडल स्टेट बना उत्तराखंड

मुख्यमंत्री धामी ने कुछ माह पूर्व हुए साइबर हमले के बाद प्रदेश की साइबर सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी थी। उनके निर्देश पर:

  • साइबर थानों का आधुनिकीकरण किया गया,
  • इंटेलिजेंस नेटवर्क को व्यापक बनाया गया,
  • और तकनीकी संसाधनों से पुलिस बल को सशक्त किया गया।

इसका नतीजा आज पूरे देश ने ऑपरेशन प्रहार के रूप में देखा।

गुड गवर्नेंस का उदाहरण

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के गुड गवर्नेंस मॉडल की यह एक बड़ी उपलब्धि है, जहां शासन केवल कागज़ों पर नहीं, मौजूद कार्रवाई के ज़रिए दिखाई देता है। पारदर्शिता, त्वरित निर्णय और प्रशासनिक सक्रियता के चलते उत्तराखंड अब केवल एक धार्मिक और पर्यटक राज्य नहीं, बल्कि साइबर सुरक्षा में अग्रणी राज्य बनकर उभरा है।

राष्ट्रीय स्तर पर सराहना

‘ऑपरेशन प्रहार’ ने उत्तराखंड पुलिस की दक्षता और नेतृत्व क्षमता को राष्ट्रीय मंच पर स्थापित किया है। यह अभियान भविष्य में अन्य राज्यों के लिए मॉडल ऑपरेशन के रूप में कार्य करेगा।

उत्तराखंड में भ्रष्टाचार पर सरकार का शिकंजा: नाजिर रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार, सिंचाई विभाग के अधीक्षण अभियंता निलंबित

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उत्तराखंड में भ्रष्टाचार पर सरकार का शिकंजा: नाजिर रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार, सिंचाई विभाग के अधीक्षण अभियंता निलंबित The government’s crackdown on corruption in Uttarakhand: A clerk caught red-handed while accepting bribes, the Chief Engineer of the Irrigation Department suspended.

देहरादून, 13 मई 2025: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों पर राज्य सरकार ने भ्रष्टाचार के विरुद्ध कार्रवाई को और तेज़ कर दिया है। इसी क्रम में मंगलवार को टिहरी जनपद की तहसील धनोल्टी में तैनात नाजिर बीरेन्द्र सिंह कैन्तुरा को ₹15,000 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया है। वहीं, सिंचाई विभाग के अधीक्षण अभियंता आर.के. तिवारी को एक अन्य मामले में तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।


रिश्वत मांगने पर नाजिर गिरफ्तार

शिकायतकर्ता ने सतर्कता अधिष्ठान, सेक्टर देहरादून में दी शिकायत में बताया कि उसकी पत्नी ने टिहरी के जौनपुर ब्लॉक स्थित ग्राम छनाड़ में जमीन खरीदी थी, जिसकी दाखिल खारिज प्रक्रिया में नाजिर जानबूझकर बाधा डाल रहा था और सही रिपोर्ट देने के एवज में ₹15,000 की रिश्वत मांग रहा था।सतर्कता अधिष्ठान की ट्रैप टीम ने 13 मई को तहसील धनोल्टी में योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई कर नाजिर को रंगे हाथ पकड़ लिया। इसके बाद आरोपी के आवास और अन्य ठिकानों पर सम्पत्ति और दस्तावेजों की जांच जारी है।


सिंचाई विभाग के अधीक्षण अभियंता निलंबित

एक अन्य बड़ी कार्रवाई में, सिंचाई विभाग के तत्कालीन अधीक्षण अभियंता आर.के. तिवारी को हरिद्वार के पंतदीप पार्किंग की नीलामी प्रक्रिया में अनियमितताओं के आरोप में निलंबित कर दिया गया है। सीबीआई की जांच रिपोर्ट में उन्हें प्रथम दृष्टया दोषी पाया गया। शासन ने उन्हें निलंबन के बाद मुख्य अभियंता स्तर-2, अल्मोड़ा से संबद्ध कर दिया है।


जनता से अपील: भ्रष्टाचार की सूचना दें

राज्य सरकार ने आम जनता से अपील की है कि यदि कोई अधिकारी या कर्मचारी पद का दुरुपयोग कर रिश्वत की मांग करता है, या आय से अधिक संपत्ति अर्जित करता है, तो वे बेझिझक सतर्कता विभाग को सूचित करें।

संपर्क माध्यम:

  • टोल फ्री हेल्पलाइन: 1064
  • व्हाट्सएप नम्बर: 9456592300

मुख्यमंत्री धामी ने स्पष्ट संदेश दिया है कि भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और ऐसे मामलों में तत्काल और कठोर कार्रवाई की जाएगी।

हाउस ऑफ हिमालयाज” को बनेगा अंतरराष्ट्रीय ब्रांड: मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन

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हाउस ऑफ हिमालयाज” को बनेगा अंतरराष्ट्रीय ब्रांड: मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन House of Himalayas will become an international brand: Chief Secretary Anand Bardhan

देहरादून, 13 मई 2025
उत्तराखंड के मुख्य सचिव श्री आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में मंगलवार को सचिवालय में हाउस ऑफ हिमालयाज के निदेशक मंडल की बैठक आयोजित की गई। बैठक में हाउस ऑफ हिमालयाज को एक बड़े और सशक्त ब्रांड के रूप में विकसित करने की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई।

गुणवत्ता और GI टैगिंग पर विशेष जोर

मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि संस्थान की पहचान बनाए रखने के लिए उत्पादों की गुणवत्ता सुनिश्चित करना सर्वोपरि है। इसके लिए प्रत्येक उत्पाद के लिए मानक तय किए जाएं, जिससे GI टैगिंग का लाभ अधिकतम हो सके। उन्होंने कृषि और अन्य संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित करने पर भी बल दिया ताकि पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके।

ब्रांडिंग, मार्केटिंग और विस्तार की योजना

मुख्य सचिव ने कहा कि हाउस ऑफ हिमालयाज को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए ब्रांडिंग और मार्केटिंग को मजबूत किया जाए। इसके लिए:

  • ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म और स्वतंत्र वेबसाइट के माध्यम से बिक्री को प्रोत्साहित किया जाएगा।
  • अन्य राज्यों में आउटलेट्स की संख्या बढ़ाई जाएगी।
  • हथकरघा और हस्तशिल्प उत्पादों में नवाचार के लिए निरंतर नए आइटम जोड़े जाएंगे।

पहाड़ी किसानों को मिलेगा लाभ: सचिव राधिका झा

बैठक में सचिव श्रीमती राधिका झा ने कहा कि हाउस ऑफ हिमालयाज का उद्देश्य पहाड़ी क्षेत्रों में किसानों को उनकी उपज का उच्च मूल्य दिलाना है। इससे खेती को लाभप्रद बनाया जा रहा है और प्रामाणिक व प्रीमियम गुणवत्ता वाले उत्पादों के माध्यम से राज्य के किसानों को सीधा लाभ मिल रहा है। उन्होंने बताया कि इसके लिए ई-कॉमर्स साइट्स और राज्य एवं राज्य के बाहर आउटलेट्स पहले से संचालित हैं।

नाम बड़े, दर्शन छोटे”: दिव्यांग बालिकाओं को ठुकराने पर डीएम सख्त, नामी संस्थाओं पर उच्च स्तरीय जांच के आदेश

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“नाम बड़े, दर्शन छोटे”: दिव्यांग बालिकाओं को ठुकराने पर डीएम सख्त, नामी संस्थाओं पर उच्च स्तरीय जांच के आदेश Big names, small visions: DM strict on rejecting divyang girls, orders high-level inquiry into renowned institutions.

देहरादून, 13 मई 2025: जिले में कार्यरत कई नामचीन दिव्यांग कल्याण संस्थाओं द्वारा जरूरतमंद मानसिक रूप से असहाय 20 दिव्यांग बालिकाओं को आश्रय देने से इंकार करने का मामला सामने आने पर जिलाधिकारी सविन बंसल ने कड़ी नाराजगी जाहिर की है। डीएम ने इसे मानवता, सेवा और व्यवस्था के खिलाफ घोर लापरवाही करार देते हुए सभी संबंधित संस्थाओं के खिलाफ 10 बिंदुओं पर आधारित उच्च स्तरीय जांच समिति गठित कर दी है।

सख्त संदेश: सेवा के नाम पर व्यापार बर्दाश्त नहीं

डीएम बंसल ने कहा:

“सेवा के नाम पर पंजीकरण लेना और ज़रूरत के समय मुंह मोड़ लेना न केवल अमानवीय है, बल्कि दिव्यांग बच्चों के अधिकारों का खुला उल्लंघन है। यदि संस्थाएं नियम, नैतिकता और सामाजिक उत्तरदायित्वों से हटती हैं, तो प्रशासन उनके पंजीकरण को निरस्त करने से पीछे नहीं हटेगा।”

धोखाधड़ी की आशंका: अभिलेखों और हकीकत में अंतर

समाज कल्याण विभाग को मिली शिकायतों और विशेष स्रोतों से मिली जानकारी के अनुसार, कई संस्थाएं:

  • संस्थान में दिखाए गए संसाधन, स्टाफ और बच्चों की संख्या को वास्तव में पूरा नहीं करतीं
  • पंजीकरण के समय दर्शाए गए दस्तावेज और मानवीय संसाधन केवल कागजों पर होते हैं।
  • जबकि ये संस्थाएं राज्य, केंद्र सरकार और विदेशी फंडिंग भी ले रही हैं।

प्रशासनिक अधिकारियों को चेतावनी

डीएम ने समाज कल्याण अधिकारी और जिला प्रोबेशन अधिकारी को निर्देश दिए कि वे केवल दस्तखत और संस्तुति तक सीमित न रहें, बल्कि अपनी जिम्मेदारियों को समझें। उन्होंने दो टूक कहा:

“आपके दस्तखत करोड़ों की सरकारी सहायता जारी कर सकते हैं, लेकिन जरूरत पर वही दस्तखत संस्थान का अस्तित्व भी समाप्त कर सकते हैं।”

जांच के दायरे में आने वाली प्रमुख संस्थाएं:

जांच की जद में आने वाली कुछ प्रमुख संस्थाएं निम्नलिखित हैं:

  • बजाल इंस्टिट्यूट ऑफ लर्निंग, राजपुर रोड
  • लतिका राय फाउंडेशन, वसंत विहार
  • रैफल राइडर चौशायर इंटरनेशनल सेंटर, मोहनी रोड
  • अरुणिमा प्रोजेक्ट विथ ऑटिज्म, ग्राम सिनोला
  • यशोदा फाउंडेशन, डोईवाला
  • एमडीआरएस, तपोवन
  • मुशीसभा सेवा सदन, हर्बर्टपुर
  • दिव्य एजुकेशन सोसायटी, निम्बुवाला
  • डिस्लेक्सिया सोसायटी ऑफ उत्तराखंड, राजपुर रोड
  • सेतु संस्था, डालनवाला
  • वसुंधरा मानव कल्याण संस्था, देहरादून
  • लर्निंग ट्री स्कूल, धर्मपुर
  • नन्ही दुनिया मूक-बधिर विद्यालय, कालीदास रोड
  • आशा स्कूल, गढ़ीकैंट
  • आशोनिक वेलफेयर सोसायटी – सशक्त स्पेशल स्कूल, बालावाला
  • नंदा देवी निर्धन दिव्यांग कल्याण एसोसिएशन, देहरादून

निष्कर्ष:

जिलाधिकारी का यह सख्त रुख एक स्पष्ट संकेत है कि दिव्यांगजनों के नाम पर चल रही तथाकथित सेवा संस्थाओं को अब जवाबदेह बनना होगा। प्रशासन अब मानव सेवा को पेशेवर व्यापार में बदलने वालों को बख्शने के मूड में नहीं है।

पाकिस्तान तक चूले हिल गई वायरल हो रहा हिंदुस्तानी भूपेंद्र का सांग

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पाकिस्तान तक चूले हिल गई वायरल हो रहा हिंदुस्तानी भूपेंद्र का सांग The song of Indian Bhoopendra is going viral, shaking even Pakistan.

देहरादून संगीत की हुँकार से पाकिस्तान को हिला देने वाला गाना बाजार में धूम बजा रहा है देहरादून के रहने वाले भूपेंद्र बसेरा का ताजा गाना हर हिंदुस्तानी के दिलो में हुँकार भर रहा है इंडियन आर्मी पर केंद्रित सांग में पाकिस्तान की चूले हिला देने वाली लाइन काफी पसंद की जा रही है भूपेंद्र बसेरा सचिवालय से जुड़े सरकारी कर्मी है वो समय समय पर संगीत से पहाड़ की संस्कृति पर गाने अपने सोशल मीडिया हैंडल से प्रस्तुत करते रहते है

इंडिया पाकिस्तान पर उनका नया गाना धूम मचाने को सोशल मीडिया हैंडल यु ट्यूब पर उपलब्ध हुआ है दो दिन पहले पोस्ट हुए गाने पर अभी तक हज़ारो लोग उसको देख चुके है भारतीय आर्मी पर फोकस किये गए गाने से पडोसी देश पर साफ इशारा किया गया है इंडिया आर्मी के हौसला बढ़ाये जाने के रूप में अभी तक कोई भी संगीत फनकार ऐसे गाने को नहीं लिख पायी है ऐसे में भूपेंद्र का सांग लोगो को काफी पसंद आ रहा है गाने में ललित गितयार ने म्यूजिक दिया है

गाने को देखने के लिए इस लिंक पर क्लिक कीजिये

Mitti Mei Mila Denge| देशभक्ति गीत| Patriotic Song| Indian Army| Bhupendra Basera| Lalit Gityar

नाबाद पुष्कर सिंह धामी सफलता की कहानी

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नाबाद पुष्कर सिंह धामी सफलता की कहानी Unwavering Pushkar Singh Dhami’s success story

देहरादून जीरो टॉलरेंस उत्तराखंड सरकार जनता के बीच कड़ा सन्देश देने में कामयाब रही है पुष्कर सिंह धामी सरकार अपने अभी तक के कार्यकाल में जनहित फैसलों से ईमानदार सरकार का चेहरा बनाये जाने में कामयाब रही है धामी सरकार के फैसले काफी लोकप्रिय रहे है नक़ल विरोधी कानून से लेकर अवैध जमीनों पर धामी सरकार का हंटर खूब चला है भू कानून जैसे मामले पर सरकार का स्टेण्ड भी मजबूत रहा जिसकी बदौलत जमीनों की खरीद पहाड़ो पर पाबंद हुई है

उत्तराखंड में हिंदुत्व काम चेहरा परवान किये जाने में पुष्कर सरकार का योगदान काफी अहम् रहा है अवैध मजारो पर हुई कारवाही ने साबित किया है सरकार ईमानदार छवि से अतिक्रमण की कमर तोड़ पाने में सफल रही है विपक्ष का दुःख इस कदम से साफ नज़र आया है कुमायु मंडल से लेकर गढ़वाल में धामी सरकार का चाबुक अवैध मजारो पर बखूबी चला जिसकी गूंज काफी दूर तक सुनाई दी है

वर्ष 2021 से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी बतौर सियासत पिच पर बैटिंग कर रहे है उनकी टीम का पूरा सहयोग भले ही उनको कई मोर्चो पर नहीं मिला लेकिन बावजूद इसके धामी अपनी राजनैतिक पिच पर अभी तक नाबाद रहे है धामी सरकार को उनके अपने समय समय पर असहज करते देखे गए है लेकिन अपनी कुशल राजनैतिक विजन पावर से धामी ने सभी को ढेर किये जाने में कोई कसर नहीं छोड़ी जिसका नतीजा एक सफल राजनेता के रूप में धामी की नाबाद पारी उदाहरण है

उत्तराखंड में 2027 में पुष्कर सिंह धामी तैयारी में जुट गए है राज्य में बीजेपी का अध्यक्ष उनकी पारी को धार देने में राजनैतिक रूप से आवश्यक है मजबूत अध्यक्ष अगर राज्य को मिलेगा तभी उत्तराखंड में ट्रिपल हैक्ट्रिक भाजपा सरकार 2027 के रण में लगाएगी कमजोर अध्यक्ष के बूते पूरा दवाब मुखिया पर पड़ सकता है अगला वर्ष 2026 उत्तराखंड में चुनावी दर्ष्टि से काफी अहम् है जनता का भरोसा कायम रख कर विधानसभा चुनाव में भाजपा सरकार को तीसरी बार सत्ता में लाने में दूसरे राज्यों में भाजपा सफल रही है ऐसे में उत्तराखंड पर बीजेपी अपने सफल प्रयोग पर विधानसभा सीटों पर मजबूत दावेदारों पर होमवर्क करेगी ताकि भगवा सरकार का उदय हैक्ट्रिक की कहानी के रूप में विजय पताका लहरा सके

केदारनाथ में भारतीय सैनिकों के नाम हुआ रुद्राभिषेक, बीकेटीसी अध्यक्ष ने की विशेष पूजा

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केदारनाथ में भारतीय सैनिकों के नाम हुआ रुद्राभिषेक, बीकेटीसी अध्यक्ष ने की विशेष पूजा

केदारनाथ (उत्तराखंड):
बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने पदभार ग्रहण करने के बाद सोमवार को पहली बार केदारनाथ धाम पहुंचकर भगवान शिव की पूजा-अर्चना की। इस अवसर पर उन्होंने भारतीय सेना के नाम से बाबा केदारनाथ का रुद्राभिषेक किया और देश की रक्षा में लगे वीर सैनिकों के लिए आशीर्वाद मांगा।

उन्होंने कहा,

ऑपरेशन सिंदूर में हमारे सैनिकों ने अद्वितीय साहस और रण कौशल का परिचय दिया है। बाबा केदार का आशीर्वाद भारतीय सेना और पूरे भारतवर्ष पर बना रहे।”


पारंपरिक स्वागत और तीर्थयात्रा व्यवस्थाओं का निरीक्षण

केदारनाथ पहुंचने पर बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी और उपाध्यक्ष विजय कप्रवाण का पारंपरिक वाद्य यंत्रों और स्थानीय संस्कृति के अनुसार भव्य स्वागत किया गया। इसके पश्चात उन्होंने बाबा केदारनाथ के दर्शन कर विशेष पूजा की।

धाम में उन्होंने यात्रा और दर्शन व्यवस्था का भी निरीक्षण किया। श्रद्धालुओं से बातचीत कर उन्होंने व्यवस्थाओं पर फीडबैक लिया और कहा कि हर एक यात्री को सरल, व्यवस्थित और सुगम दर्शन का अनुभव मिलना चाहिए।


केदारपुरी के विकास कार्यों की सराहना

द्विवेदी ने अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ बैठक करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के मार्गदर्शन में केदारपुरी का पुनर्निर्माण एक भव्य और दिव्य तीर्थस्थल के रूप में हो रहा है, और समिति इस कार्य को पूरी निष्ठा से आगे बढ़ा रही है।


ढाई लाख से अधिक श्रद्धालु कर चुके हैं दर्शन

बीकेटीसी के अनुसार, कपाट खुलने के बाद से अब तक केदारनाथ धाम में ढाई लाख से अधिक श्रद्धालु बाबा केदार के दर्शन कर चुके हैं, जो इस वर्ष तीर्थ यात्रा की तेजी से बढ़ती लोकप्रियता को दर्शाता है।

इससे पहले, अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने पंचकेदार गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर, ऊखीमठ में पूजा-अर्चना की और केदारनाथ के रावल भीमाशंकर लिंग से आशीर्वाद प्राप्त किया।

टेस्ट क्रिकेट से संन्यास के बाद विराट-अनुष्का पहुंचे वृंदावन, संत प्रेमानंद महाराज से ली आध्यात्मिक शिक्षा

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टेस्ट क्रिकेट से संन्यास के बाद विराट-अनुष्का पहुंचे वृंदावन, संत प्रेमानंद महाराज से ली आध्यात्मिक शिक्षा After retiring from Test cricket, Virat and Anushka reached Vrindavan and received spiritual teachings from Saint Premanand Maharaj

टेस्ट क्रिकेट से संन्यास की घोषणा के बाद पूर्व भारतीय कप्तान विराट कोहली और उनकी पत्नी, अभिनेत्री अनुष्का शर्मा, मंगलवार सुबह वृंदावन पहुंचे। यहां दोनों ने श्रीराधे हित केली कुंज आश्रम में संत प्रेमानंद महाराज से भेंट की और आध्यात्मिक मार्गदर्शन प्राप्त किया।

यह विराट कोहली की संन्यास के बाद पहली सार्वजनिक उपस्थिति मानी जा रही है, जो एक आध्यात्मिक केंद्र में हुई, जिससे यह संकेत मिलता है कि वे अब आंतरिक शांति और आत्मिक अनुभवों की ओर अग्रसर हो रहे हैं।

संत प्रेमानंद महाराज का संदेश: “कृपा का अर्थ वैभव नहीं, चेतना का परिवर्तन है”

भेंट के दौरान संत प्रेमानंद महाराज ने विराट और अनुष्का को संबोधित करते हुए कहा:

“जब प्रभु कृपा करते हैं, तो वो वैभव नहीं देते, वो अंतर का चिंतन बदलते हैं। यही असली कृपा है — जब हमारे अनंत जन्मों के संस्कार भष्म होकर, जीवन एक नवीन और उत्तम दिशा में आगे बढ़ता है।”

उन्होंने समझाया कि दुनिया की नजर में जो यश, कीर्ति और भौतिक वैभव है, वह केवल पुण्य का फल होता है, प्रभु की कृपा नहीं। कृपा तब मानी जाती है जब जीव बाह्य सुखों से विमुख होकर अंदर की ओर यात्रा शुरू करे।

प्रतिकूलता ही बनती है वैराग्य की राह

संत महाराज ने विराट कोहली और अनुष्का शर्मा से चर्चा करते हुए यह भी कहा:

“बिना प्रतिकूलता के संसार का मोह समाप्त नहीं होता। जब तक सब अनुकूल है, हम भोग में लीन रहते हैं। लेकिन जब प्रतिकूल परिस्थितियां आती हैं, तभी वैराग्य का बीज अंकुरित होता है।”

उन्होंने बताया कि भगवान दो प्रकार से कृपा करते हैं — एक, संतों का संग देकर, और दूसरी, विपरीत परिस्थितियां देकर। इन्हीं से व्यक्ति को अपने जीवन के असली उद्देश्य का बोध होता है।

वृंदावन में आत्मिक शांति की खोज

विराट कोहली का यह दौरा उस खिलाड़ी की बदलती मानसिकता को दर्शाता है, जो जीवन के सक्रिय चरण से विराम लेकर अब आध्यात्मिक यात्रा पर आगे बढ़ रहा है। अनुष्का शर्मा, जो पहले भी योग और अध्यात्म में रुचि रखती रही हैं, इस यात्रा में उनके साथ दिखाई दीं।

विराट-अनुष्का की वृंदावन यात्रा केवल एक व्यक्तिगत भेंट नहीं, बल्कि एक गहन आध्यात्मिक संकेत है। यह दर्शाता है कि सफलता और प्रसिद्धि के शिखर पर पहुंचने के बाद भी, जीवन का अंतिम सत्य अंदर की शांति और आध्यात्मिक ज्ञान में ही छिपा है।

ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद पीएम मोदी का आदमपुर एयरबेस दौरा: पाकिस्तान के प्रोपेगेंडा को करारा जवाब

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ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद पीएम मोदी का आदमपुर एयरबेस दौरा: पाकिस्तान के प्रोपेगेंडा को करारा जवाब

ऑपरेशन सिंदूर‘ के तहत भारत की ओर से मिली कामयाबी के बाद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को पंजाब के आदमपुर एयरबेस का दौरा कर एक बार फिर यह स्पष्ट संदेश दिया कि भारत न सिर्फ सैन्य मोर्चे पर सतर्क है, बल्कि सूचना युद्ध में भी पूरी तरह तैयार है।

प्रधानमंत्री का यह दौरा ऐसे समय हुआ है, जब भारत और पाकिस्तान के बीच हालिया सैन्य तनाव के बाद पाकिस्तान ने यह झूठा दावा किया था कि उसने भारत के आदमपुर एयरबेस को गंभीर नुकसान पहुंचाया है और यहां तैनात एस-400 एयर डिफेंस सिस्टम को भी नष्ट कर दिया है। पीएम मोदी की उपस्थिति ने न सिर्फ इन दावों को झूठा सिद्ध किया, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पाकिस्तान के दुष्प्रचार अभियान को बेनकाब भी किया।


जवानों के साथ एकजुटता का प्रदर्शन

जालंधर स्थित इस प्रमुख एयरबेस पर पहुंचकर प्रधानमंत्री मोदी ने वायुसेना के जवानों से मुलाकात की और उन्हें ‘भारत माता की जय’ तथा ‘वंदे मातरम’ के नारों के साथ उत्साहवर्धन किया। यह दृश्य न केवल देशवासियों में गर्व भरने वाला था, बल्कि पाकिस्तान को यह भी दिखाने के लिए पर्याप्त था कि भारत अपने सशस्त्र बलों के साथ एकजुट है।


तस्वीरों के पीछे का रणनीतिक संदेश

प्रधानमंत्री की यात्रा के दौरान सामने आई एक तस्वीर विशेष रूप से चर्चा में रही, जिसमें उनके पीछे MiG-29 लड़ाकू विमान और अत्याधुनिक S-400 एयर डिफेंस सिस्टम स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे थे। यह केवल एक सामान्य फोटो अवसर नहीं था, बल्कि एक रणनीतिक संदेश था:

  • पाकिस्तान द्वारा किए गए झूठे दावे कि एयरबेस नष्ट हो चुका है – पूरी तरह असत्य सिद्ध हुए।
  • भारत का सुरक्षा ढांचा पूरी तरह सक्रिय और सुरक्षित है।
  • सरकार अपने सैन्य ढांचे और सैनिकों के मनोबल को लेकर पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ खड़ी है।

प्रोपेगैंडा को जवाब देने की भारतीय रणनीति

पाकिस्तान लंबे समय से सूचना युद्ध और प्रोपेगेंडा का सहारा लेकर भारत की छवि को धूमिल करने की कोशिश करता रहा है। लेकिन इस बार भारत ने केवल सैन्य स्तर पर नहीं, बल्कि प्रभावशाली दृश्य और कूटनीतिक संकेतों के जरिए पाकिस्तान को उसी की भाषा में जवाब दिया।

प्रधानमंत्री का यह दौरा दर्शाता है कि भारत अब न सिर्फ आतंक और संघर्ष का जवाब देता है, बल्कि झूठे प्रचार को भी उसी दृढ़ता से नेस्तनाबूद करता है।


निष्कर्ष

प्रधानमंत्री मोदी का आदमपुर एयरबेस दौरा केवल एक औपचारिक यात्रा नहीं थी, बल्कि एक साफ और सटीक संदेश था – भारत हर मोर्चे पर सतर्क है, चाहे वह सीमा हो या सूचना का क्षेत्र। यह संदेश न केवल दुश्मनों के लिए चेतावनी है, बल्कि देशवासियों के लिए भी एक प्रेरणा है कि भारत आज आत्मविश्वास, शक्ति और सच्चाई के साथ खड़ा है

Well Done Uttarakhand पुष्कर सरकार के बढ़ते कदम

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उत्तराखंड का शानदार प्रदर्शन: छोटे राज्यों में वित्तीय प्रदर्शन में गोवा के बाद दूसरा स्थान

उत्तराखंड ने वित्तीय प्रबंधन और सुशासन के क्षेत्र में एक और शानदार उपलब्धि हासिल की है। देश की प्रतिष्ठित बिजनेस समाचार वेबसाइट फाइनेंशियल एक्सप्रेस की ताजा रैंकिंग के अनुसार, छोटे राज्यों की वित्तीय स्थिति के मामले में उत्तराखंड ने गोवा के बाद दूसरा स्थान प्राप्त किया है। यह उपलब्धि राज्य के मजबूत वित्तीय अनुशासन, पारदर्शी प्रशासन और विकासोन्मुख नीतियों का परिणाम है। रिपोर्ट में बताया गया है कि उत्तराखंड ने राजकोषीय घाटे को नियंत्रित करने, स्वयं के कर राजस्व में वृद्धि, बकाया ऋण को संतुलित करने और सरकारी गारंटियों के प्रबंधन में उल्लेखनीय प्रदर्शन किया है। इसके अलावा, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे सामाजिक क्षेत्रों में बेहतर निवेश ने भी राज्य की रैंकिंग को और मजबूती प्रदान की है।

सुशासन में भी उत्तराखंड अव्वल
वित्तीय प्रबंधन के साथ-साथ उत्तराखंड ने सुशासन के क्षेत्र में भी अपनी धाक जमाई है। राज्य में व्यवसायिक माहौल को बेहतर बनाने, न्यायिक प्रक्रियाओं को तेज करने और डिजिटल ई-सेवाओं को सशक्त करने के प्रयासों ने उत्तराखंड को प्रशासनिक दक्षता में अग्रणी बनाया है।

उत्तराखंड की यह सफलता नीति-निर्माण और कार्यान्वयन में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार की दृढ़ता का उदाहरण पेश करती है। राज्य सरकार ने भविष्य में विकास की गति को और तेज करने का संकल्प लिया है, ताकि उत्तराखंड न केवल वित्तीय, बल्कि समग्र विकास के मामले में भी देश में शीर्ष पर पहुंचे।
उत्तराखंड सरकार अब डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर को और मजबूत करने, पर्यटन को बढ़ावा देने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त करने पर विशेष ध्यान दे रही है।


“उत्तराखंड के लिए यह गर्व का क्षण है। छोटे राज्यों में वित्तीय प्रदर्शन में दूसरा स्थान हासिल करना हमारी सरकार की नीतियों, कड़ी मेहनत और जनता के विश्वास का परिणाम है। हमने वित्तीय अनुशासन को प्राथमिकता दी और शिक्षा, स्वास्थ्य, डिजिटल सेवाओं व न्याय व्यवस्था को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित किया। ‘डबल इंजन सरकार’ के तहत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के मार्गदर्शन में हम उत्तराखंड को देश का अग्रणी राज्य बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। हमारा लक्ष्य उत्तराखंड को ऐसा राज्य बनाना है, जहां हर नागरिक को गुणवत्तापूर्ण सेवाएं और अवसर उपलब्ध हों। यह उपलब्धि उत्तराखंड के उज्ज्वल भविष्य की ओर एक और कदम है, जो विकास और समृद्धि के नए कीर्तिमान स्थापित करने की दिशा में अग्रसर है।

पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री