Wednesday, January 21, 2026
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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अंकिता भंडारी प्रकरण में CBI जांच की संस्तुति की

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मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने स्वर्गीय अंकिता भंडारी के माता–पिता की अनुरोध व उनकी भावनाओं का सम्मान करते हुए अंकिता भंडारी प्रकरण की CBI जांच कराए जाने की ससंस्तुति प्रदान की है ।

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने स्पष्ट किया कि सरकार का उद्देश्य शुरू से अंत तक निष्पक्ष, पारदर्शी और संवेदनशील तरीके से न्याय सुनिश्चित करना रहा है और आगे भी रहेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वर्गीय बहन अंकिता भंडारी के साथ हुई इस अत्यंत दुखद एवं हृदयविदारक घटना की जानकारी मिलते ही राज्य सरकार ने बिना किसी विलंब के पूर्ण संवेदनशीलता और निष्पक्षता के साथ कार्रवाई की। मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल एक महिला आईपीएस अधिकारी के नेतृत्व में विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया।

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रकरण से जुड़े सभी अभियुक्तों को शीघ्र गिरफ्तार किया गया तथा राज्य सरकार की ओर से प्रभावी एवं सशक्त पैरवी सुनिश्चित की गई, जिसका परिणाम यह रहा कि विवेचना और ट्रायल के दौरान किसी भी अभियुक्त को जमानत नहीं मिल सकी। SIT द्वारा गहन विवेचना के पश्चात अभियुक्तों के विरुद्ध चार्जशीट दाखिल की गई और निचली अदालत द्वारा सुनवाई पूर्ण होने पर अभियुक्तों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई।

मुख्यमंत्री श्री धामी ने कहा कि यह पूरे प्रकरण में इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि राज्य सरकार ने आरंभ से लेकर अंत तक निष्पक्षता, पारदर्शिता और दृढ़ता के साथ न्याय सुनिश्चित किया है। साथ ही, हाल के दिनों में सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रही कुछ ऑडियो क्लिप्स के संबंध में भी अलग–अलग एफआईआर दर्ज की गई हैं, जिन पर जांच की प्रक्रिया निरंतर जारी है।

मुख्यमंत्री ने दो टूक कहा कि सरकार की मंशा पूरी तरह स्पष्ट है और किसी भी तथ्य या साक्ष्य की अनदेखी नहीं की जाएगी। उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि अंकिता केवल एक पीड़िता नहीं थी, बल्कि वह हमारी भी बहन और बेटी थी।

मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि हाल ही में उन्होंने स्वयं स्वर्गीय अंकिता भंडारी के माता–पिता से मुलाकात की, जिसमें बातचीत के दौरान उन्होंने मामले की CBI जांच कराए जाने का अनुरोध किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वर्गीय अंकिता के माता–पिता के इस अनुरोध और उनकी भावनाओं का पूर्ण सम्मान करते हुए राज्य सरकार ने इस प्रकरण की CBI से जांच कराने का निर्णय लिया है।

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने पुनः दोहराया कि राज्य सरकार पहले भी न्याय सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध रही है और आगे भी पूरी दृढ़ता एवं संवेदनशीलता के साथ स्वर्गीय बहन अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने के लिए संकल्पबद्ध रहेगी।

सीएसआर फंड से होनहार बेटियों को नई उड़ान: जिलाधिकारी सविन बंसल ने ‘नंदा–सुनंदा’ परियोजना के तहत जीविका और नन्दिनी की शिक्षा को दिया नया जीवन

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जिलाधिकारी सविन बंसल विषम परिस्थितियों से जूझ रही होनहार बेटियों की शिक्षा को पुनर्जीवित कर उनके उज्ज्वल भविष्य का मार्ग प्रशस्त कर रहे हैं। जिला प्रशासन ऐसे परिवारों के लिए संबल बनकर उभर रहा है, जहाँ संसाधनों की कमी के बावजूद बेटियों के सपनों में उड़ान भरने का जज़्बा मौजूद है। जिला प्रशासन  बेटियों की शिक्षा को  नया जीवन  दे रहा  है।  इसी क्रम में जिलाधिकारी द्वारा जीविका अंथवाल (बी.कॉम द्वितीय वर्ष) एवं नन्दिनी राजपूत (कक्षा 11) को सीएसआर फंड से 1-1 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की गई है। दोनों बेटियों की शिक्षा को विगत सप्ताह प्रोजेक्ट ‘नंदा-सुनंदा’ के माध्यम से पुनर्जीवित की गई है।
जीविका अंथवाल- संघर्षों के बीच सीए बनने का संकल्प
जीविका अंथवाल के पिता गंभीर लीवर रोग से ग्रसित हैं और कई महीनों से आईसीयू में भर्ती हैं। परिवार की पूरी जिम्मेदारी उनकी माता के कंधों पर है, जो अत्यंत सीमित संसाधनों में घर चला रही हैं।
शिक्षा के लिए आवश्यक लैपटॉप एवं आर्थिक सहायता हेतु जीविका की माता द्वारा जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र दिया गया था। पारिवारिक स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने सीएसआर फंड से जीविका के बैंक खाते में 1 लाख रुपये हस्तांतरित किए हैं। साथ ही राइफल फंड से लैपटॉप उपलब्ध कराने की प्रक्रिया भी की जा रही है, ताकि जीविका की पढ़ाई निर्बाध रूप से जारी रह सके।
नन्दिनी राजपूत- नीट कर डॉक्टर बनने की तैयारी
नन्दिनी राजपूत कक्षा 11 की छात्रा हैं। वर्ष 2018 में उनके पिता का निधन हो चुका है। उनकी माता आंगनवाड़ी कार्यकर्ती हैं और पार्ट-टाइम सिलाई कर परिवार का पालन-पोषण कर रही हैं। नन्दिनी सहित उनकी तीन बेटियाँ कक्षा 12, 11 और 6 में अध्ययनरत हैं। नन्दिनी नीट परीक्षा उत्तीर्ण कर डॉक्टर बनना चाहती हैं। आर्थिक परिस्थितियों को देखते हुए जिला प्रशासन ने नन्दिनी के बैंक खाते में भी सीएसआर फंड से 1 लाख रुपये की सहायता प्रदान की है, जिससे उनकी शिक्षा बिना किसी बाधा के जारी रह सके।
जिलाधिकारी सविन बंसल ने अपेक्षा व्यक्त की कि शिक्षा हेतु दी गई धनराशि का उपयोग पूर्णतः बेटियों की पढ़ाई में किया जाएगा। उन्होंने कहा कि विभिन्न स्रोतों से प्राप्त सीएसआर फंड का उद्देश्य सदैव पात्र एवं जरूरतमंदों के कल्याण में उपयोग करना है। उन्होंने उप जिलाधिकारी न्याय, जिला कार्यक्रम अधिकारी, जिला प्रोबेशन अधिकारी एवं उनकी टीम को पात्रों के चयन हेतु सराहना एवं आभार व्यक्त किया। जिलाधिकारी ने कहा कि परिस्थितियों की मार झेल रहे परिवारों की होनहार बेटियों की शिक्षा को जीवित रखना जिला प्रशासन की सर्वाेच्च प्राथमिकताओं में है।बेटियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि वे अपने हौसले और आत्मविश्वास को बनाए रखें, शिक्षा की ‘स्पार्क’ को कभी बुझने न दें और अपने निर्धारित लक्ष्य की प्राप्ति हेतु निरंतर आगे बढ़ती रहें।
इस अवसर पर उप जिलाधिकारी न्याय कुमकुम जोशी, जिला कार्यक्रम अधिकारी (बाल विकास) जितेन्द्र कुमार, जिला प्रोबेशन अधिकारी मीना बिष्ट, बालिकाओं के अभिभावक  उपस्थित रहे।

उत्तराखंड में विकास की धुरी बनेगा स्मार्ट रोड नेटवर्क, इन फ्लाईओवर और रिंग रोड पर आगे बढ़ेगा काम

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देहरादून। वर्ष 2026 में उत्तराखंड को सड़क कनेक्टिविटी के मोर्चे पर और मजबूत, सुरक्षित व आधुनिक नेटवर्क मिलने की उम्मीद है। पर्वतीय राज्य की जरूरतों को देखते हुए सरकार का फोकस अब केवल नयी सड़कों के निर्माण तक सीमित नहीं, बल्कि टिकाऊ, आपदा-रोधी और स्मार्ट रोड नेटवर्क के विकास पर केंद्रित है। चारधाम यात्रा की सुगमता, सीमांत व ग्रामीण क्षेत्र और पर्यटन हर क्षेत्र में सड़कें विकास की मुख्य धुरी बनेंगी।

2026 में चारधाम आल वेदर रोड परियोजना के शेष हिस्सों को अंतिम रूप देने के साथ ही उनके स्थायित्व पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में स्थायी स्लोप स्टेबिलाइजेशन, मजबूत ड्रेनेज सिस्टम और चयनित स्थानों पर टनल आधारित समाधान अपनाने की उम्मीद है। इसके साथ ही चारधाम से जुड़े फीडर मार्गों को भी राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप अपग्रेड किया जाएगा, ताकि अंतिम गांव तक निर्बाध-सुरक्षित पहुंच सुनिश्चित हो सके। इससे यात्रा समय और दुर्घटनाओं दोनों में कमी आने की संभावना है।

राष्ट्रीय राजमार्गों में गुणवत्ता सुधार पर काम तेज होगा
राष्ट्रीय राजमार्गों पर वर्ष 2026 में विस्तार और गुणवत्ता सुधार की दिशा में काम तेज होगा। देहरादून-पांवटा साहिब राष्ट्रीय राजमार्ग को चार लेन करने का कार्य पूर्णता की ओर बढ़ेगा, जिससे देहरादून से हिमाचल और औद्योगिक क्षेत्रों तक आवाजाही और तेज होगी। ऋषिकेश-बदरीनाथ मार्ग पर नये बाइपास, पुल और पार्किंग हब विकसित किए जाने की योजना है, जबकि रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड मार्ग पर तीर्थयात्रियों की सुविधा के लिए मल्टी-लेवल पार्किंग, सड़क सुरक्षा उपाय व यात्री सुविधा केंद्र विकसित किए जाएंगे।

राज्य राजमार्गों का चौड़ीकरण, पुनर्निर्माण होगा
राज्य राजमार्गों पर 2026 में सुरक्षा और पर्यटन आधारित विकास पर जोर रहने की संभावना है। देहरादून-मसूरी, हल्द्वानी-नैनीताल, कोटद्वार-पौड़ी, श्रीनगर-गोपेश्वर और चंबा-टिहरी जैसे प्रमुख मार्गों पर चौड़ीकरण, पुनर्निर्माण और सुरक्षा कार्य किए जाएंगे। इन सड़कों पर व्यू प्वाइंट, क्रैश बैरियर, रिफ्लेक्टर और बेहतर ड्रेनेज सिस्टम विकसित कर पर्यटन सीजन में जाम और दुर्घटनाओं को कम करने का लक्ष्य है।

ग्रामीण कनेक्टिविटी को और मजबूती मिलेगी
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत वर्ष 2026 में ग्रामीण कनेक्टिविटी को और मजबूती मिलने की उम्मीद है। राज्य के दूरस्थ और छूटे गांवों को पक्की सड़कों से जोड़ने, पुरानी ग्रामीण सड़कों को आल वेदर मानकों पर उन्नत करने और छोटे पुल व पुलिया निर्माण पर विशेष फोकस रहेगा। ग्रामीण सड़कों को राज्य और राष्ट्रीय राजमार्गों से सीधे जोड़ने से गांवों की बाजारों और सेवाओं तक पहुंच आसान होगी।

फ्लाईओवर और रिंग रोड पर काम आगे बढ़ेगा
शहरी क्षेत्रों में भी 2026 में सड़क और यातायात सुधार अहम रहेंगे। देहरादून में फ्लाईओवर और रिंग रोड के नए हिस्सों पर काम आगे बढ़ सकता है, जबकि हरिद्वार-रुड़की औद्योगिक कारीडोर, हल्द्वानी बाइपास और प्रमुख शहरों में ट्रैफिक जाम से राहत देने वाले वैकल्पिक मार्ग विकसित किए जाएंगे। स्मार्ट ट्रैफिक सिग्नल, चौड़े फुटपाथ और पैदल यात्रियों के लिए सुरक्षित सड़क डिजाइन शहरी मोबिलिटी का हिस्सा बनेंगे।

ग्रीन हाईवे की अवधारणा को बढ़ावा
सड़क और पुल निर्माण में पर्यावरण संतुलन को नये वर्ष में और अधिक महत्व दिया जाएगा। ग्रीन हाईवे अवधारणा के तहत पौधरोपण, वर्षा जल निकासी, जैव-तकनीकी उपाय और सड़क सुरक्षा से जुड़े नवाचार अपनाने पर जोर रहेगा। पुराने और संकरे पुलों के स्थान पर नई पीढ़ी के मजबूत और आपदा-रोधी पुलों के निर्माण से राज्य के सड़क नेटवर्क को भविष्य के लिए तैयार करने की दिशा में कदम बढ़ेगा।

रुद्रपुर में टायर फैक्ट्री और गोदाम में भीषण आग

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रुद्रपुर के तीनपानी क्षेत्र के पास भदईपुरा में शुक्रवार सुबह एक टायर फैक्ट्री और गोदाम में भीषण आग लग गई। आग इतनी विकराल थी कि देखते ही देखते सैकड़ों टायर जलकर राख हो गए और फैक्ट्री की बिल्डिंग भी ध्वस्त हो गई। दमकल विभाग की टीम ने करीब दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, कनकपुर निवासी गुरप्रीत सिंह की बसंत विहार तीनपानी के पास गुरप्रीत इंटरप्राइजेज के नाम से टायरों की फैक्ट्री और गोदाम है। गुरुवार रात वह गोदाम बंद कर घर चले गए थे। शुक्रवार सुबह करीब सात बजे आसपास के लोगों ने फैक्ट्री से धुआं उठता देखा और तुरंत इसकी सूचना गुरप्रीत सिंह व दमकल विभाग को दी।

सूचना मिलते ही दमकल विभाग के तीन से चार वाहन मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक आग ने विकराल रूप ले लिया था। आग बुझाने के प्रयास में दमकल कर्मियों को काफी मशक्कत करनी पड़ी। इस अग्निकांड में कार, ट्रक, जीप, पिकअप समेत विभिन्न वाहनों के सैकड़ों टायर जल गए। साथ ही वहां खड़ी एक बाइक भी आग की चपेट में आकर पूरी तरह नष्ट हो गई।

देहरादून में बांग्लादेशी महिला गिरफ्तार: नाम बदलकर फर्जी आधार-पैन और वोटर आईडी के सहारे दो साल से रह रही थी

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देहरादून। उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों के खिलाफ चल रहे अभियान के तहत पटेलनगर थाना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक बांग्लादेशी महिला को गिरफ्तार किया है। महिला बीते दो वर्षों से नाम बदलकर और फर्जी भारतीय दस्तावेजों के सहारे देहरादून के संस्कृति लोक कॉलोनी क्षेत्र में रह रही थी। पुलिस ने उसके पास से कई फर्जी दस्तावेजों के साथ बांग्लादेश का मूल पहचान पत्र भी बरामद किया है।

एसएसपी देहरादून अजय सिंह ने बताया कि गिरफ्तार महिला ने पूछताछ में अपना नाम सुबेदा बेगम (40 वर्ष), पुत्री सादिक मियां, निवासी बांग्लादेश बताया। महिला करीब चार वर्ष पहले कोविड काल के दौरान अवैध रूप से भारत में दाखिल हुई थी। इसके बाद वह पश्चिम बंगाल में लगभग दो वर्षों तक रही, जहां उसने स्थानीय निवासी कौशर शाह से निकाह किया। करीब दो साल पहले वह अपने पति के साथ देहरादून आ गई। वर्तमान में उसका पति दुबई में काम कर रहा है, जबकि महिला यहां घरों में झाड़ू-पोछा कर गुजर-बसर कर रही थी।

पुलिस जांच में सामने आया कि महिला ने खुद को भारतीय नागरिक साबित करने के लिए अलग-अलग नामों से फर्जी जन्म प्रमाण पत्र तैयार कराए। उसने सुबेदा बीबी, मोनी और प्रिया रॉय जैसे नामों का इस्तेमाल करते हुए आधार कार्ड, पैन कार्ड और वोटर आईडी कार्ड बनवा लिए थे। तलाशी के दौरान पुलिस को उसके पास से सुबेदा बेगम के नाम का मूल बांग्लादेशी पहचान पत्र भी मिला, जिससे उसकी असल पहचान सामने आई।

एसएसपी के अनुसार पुलिस अब उन लोगों और नेटवर्क की पहचान कर रही है, जिन्होंने महिला को फर्जी दस्तावेज बनवाने में मदद की। बिना समुचित सत्यापन के वोटर आईडी जैसे महत्वपूर्ण दस्तावेज जारी करने वाले संबंधित विभागीय कर्मियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। महिला के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उसे न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है।

इसी क्रम में देहरादून पुलिस ने बंद घरों में चोरी करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का भी खुलासा किया है। कोतवाली नगर पुलिस ने जम्मू-कश्मीर के जिला डोडा निवासी जावेद अहमद उर्फ मेराजुद्दीन (38) और फरीद (35) को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से करीब 18 लाख रुपये मूल्य के सोने-चांदी के जेवरात और मूर्तियां बरामद की गई हैं। पुलिस के अनुसार आरोपियों में से एक पौड़ी जिले का शातिर गैंगस्टर भी है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि राज्य में अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों और अंतरराज्यीय अपराधियों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और आगे भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।

देहरादून में अवैध मजार पर गरजा बुलडोजर, सरकारी जमीन कराई मुक्त

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देहरादून में में प्रशासन की टीम द्वारा बड़ी कार्रवाई की गई है. प्रशासन की टीम ने देहरादून में अवैध मजार को ध्वस्त किया.

देहरादून: अवैध मजारों पर प्रदेश के सीएम पुष्कर सिंह धामी के सख्त निर्देशों के बाद प्रशासन ने कार्रवाई तेज कर दी है. सीएम के निर्देश के बाद प्रशासन द्वारा देहरादून शहर और आसपास सरकारी भूमि पर बने अवैध मजारों को हटाने का अभियान शुरू कर दिया है. प्रशासन ने बीती रात देहरादून घंटाघर के पास एचएनबी कॉम्प्लेक्स में बने अवैध मजार को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया है. इस दौरान मौके पर भारी पुलिस बल की तैनाती की गई थी. अभी तक राज्य में उन 573 अवैध मजारों को धामी सरकार ने हटाया है, जोकि सरकारी भूमि पर कब्जे कर बनाई थी.

गौर हो कि उत्तराखंड में फिर बुलडोजर एक्शन तेज हो गया है. बीती रात नगर प्रशासन, एमडीडीए, नगर निगम की टीम ने घंटाघर के पास एचएनबी कॉम्प्लेक्स में बने अवैध मजार को बुलडोजर से ध्वस्त करते हुए उसका मलबा, टीन शेड को हटा दिया गया है. कार्रवाई के दौरान मौके पर भारी पुलिस फोर्स तैनात रही. नगर मजिस्ट्र प्रत्यूष सिंह, एसडीएम हरिगिरि, पुलिस अधीक्षक नगर प्रमोद कुमार समेत अन्य अधिकारी मौके पर मौजूद रहे.

नगर मजिस्ट्रेट प्रत्यूष सिंह ने बताया कि डीएम सविन बंसल के निर्देश पर उक्त अवैध संरचना का पहले सर्वे किया गया और इसके भूमि, निर्माण संबंधी दस्तावेज दिखाने के लिए एमडीडीए द्वारा नोटिस दिया गया था. उन्होंने बताया कि संरचना को हटाने के दौरान यहां किसी भी तरह के कोई अवशेष आदि नहीं मिले.

सीएम पुष्कर सिंह धामी ने बीते दिन देहरादून जिला प्रशासन की एक महत्वपूर्ण बैठक में स्पष्ट कहा था कि सरकारी भूमि से अतिक्रमण हटाने का काम तेज किया जाए. देहरादून शहर और आसपास दो दर्जन से अधिक अवैध मजारें बताई जा रही हैं, जोकि सरकारी भूमि पर कब्जे कर बनाई गई हैं.

बताते चलें कि सीएम पुष्कर सिंह धामी ने सरकारी भूमि से अतिक्रमण हटाने का अभियान पूरे राज्य में शुरू किया हुआ है, अभी तक करीब 11 हजार एकड़ सरकारी भूमि को अवैध कब्जों से मुक्त कराया जा चुका है. साथ ही 573 अवैध मजारों को भी हटाया गया है. उल्लेखनीय है कि पिछले कुछ सालों से सरकारी भूमि कब्जा कर वहां मस्जिद मजारें बना दी गई और कुछ ऐसे अवैध निर्माणों को वक्फ बोर्ड में भी दर्ज कर दिया गया है.

साइबर ठगों ने अपनाया नया तरीका: RTO चालान का फर्जी लिंक भेजकर खाते से निकाले 3.68 लाख रुपये, 2 एफडी भी तोड़ीं

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देहरादून। साइबर ठगों ने आरटीओ चालान का फर्जी लिंक भेजकर दून के एक व्यक्ति से 3.68 लाख रुपये ठग लिए। इस मामले में नेहरू कॉलोनी थाना पुलिस ने अज्ञात के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया है।

पुलिस को दी गई शिकायत में केदारपुरम, एमडीडीए डिफेंस कॉलोनी निवासी सुबोध रावत ने बताया कि 27 दिसंबर को उनके मोबाइल पर एक मैसेज आया। इसमें आरटीओ चालान का नाम देकर एक लिंक भेजा गया था। जैसे ही उन्होंने लिंक खोला तो वह फोन में स्टॉल हो गया।

इसके बाद उनके बैंक खाते से ट्रांजेक्शन शुरू हो गए। ठगों ने चार अलग-अलग किस्तों में रकम निकाली। खाते में जमा रकम के साथ साइबर ठगों ने दो एफडी तोड़कर उनकी रकम भी ट्रांसफर कर ली।

खाते से लगातार रुपये कटने के मैसेज देख पीड़ित के होश उड़ गए। जिसके बाद उन्होंने साइबर हेल्पलाइन और थाने में शिकायत दर्ज कराई। थानाध्यक्ष नेहरू कॉलोनी संजीत कुमार ने बताया कि शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया है।

गजब! पीने के पानी में कीड़े-जोंक, बीमारी का बना हुआ है खौफ और जिम्मेदार मौन

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देहरादून: शहर के वार्ड-24 शिवाजी नगर की शिव कालोनी और आसपास के इलाकों में लोगों को शुद्ध पेयजल नहीं, बल्कि कीड़े-जोंक और बदबू से भरा पानी नसीब हो रहा है। हालात इतने भयावह हैं कि लोग पानी पीना तो दूर, उससे खाना बनाना और कपड़े धोना भी जोखिम मान रहे हैं। डेढ़ साल से शिकायतों का अंबार लगा है, लेकिन जल संस्थान की उदासीनता जस की तस बनी हुई है।

नलों से आने वाले पानी में कीचड़, दुर्गंध और मृत-जीवित कीड़े साफ नजर आए। स्थानीय लोगों में बीमारी फैलने का डर गहराता जा रहा है।

दरअसल, वार्ड-24 में करीब 12 हजार की आबादी रहती है। सहारनपुर-बल्लूपुर मार्ग स्थित शिव कालोनी की लगभग 1500 आबादी सबसे अधिक प्रभावित है। मजबूरी में संपन्न लोग आरओ का सहारा ले रहे हैं, जबकि आर्थिक रूप से कमजोर परिवार पानी उबालकर या दूर-दराज से पानी ढोकर जरूरतें पूरी कर रहे हैं।

सीवर और पेयजल लाइन साथ-साथ, रिसाव बना जहर

स्थानीय लोगों का आरोप है कि एडीबी द्वारा बिछाई गई सीवर लाइन घरों के पास से गुजरती है और उसी के सटकर जल संस्थान की पेयजल लाइन डाली गई है। सीवर लाइन में लीकेज होते ही गंदा पानी सीधे पेयजल लाइन में घुस रहा है। कई जगहों पर पुरानी पाइपलाइन जर्जर है, जो गंदी नालियों से होकर गुजरती है। नतीजा, हर सप्लाई के साथ घरों में बीमारी का खतरा बना रहता है।

सवालों के घेरे में जलसंस्थान

जब पानी में कीड़े आ रहे हों, बदबू हो और बीमारी का खतरा मंडरा रहा हो, तब शुद्ध पेयजल आपूर्ति की जिम्मेदारी किसकी है? कब बदली जाएंगी जर्जर लाइनें? कब अलग होंगी सीवर और पेयजल लाइनें? जवाब का इंतजार अब भी क्षेत्र की जनता ही कर रही है।

ज्योति अधिकारी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत पर भेजा जेल

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हल्द्वानी में सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर ज्योति अधिकारी को अदालत ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। रिमांड मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किए जाने के बाद यह कार्रवाई की गई।

ज्योति अधिकारी पर कुमाऊं की सामाजिक और सांस्कृतिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के गंभीर आरोप हैं। आरोप है कि उन्होंने सार्वजनिक रूप से आपत्तिजनक बयान देते हुए कुमाऊं की महिलाओं को “नाचने वाली” कहा, साथ ही लोक देवताओं को फर्जी बताकर उनके अस्तित्व पर भी सवाल खड़े किए। इसके अलावा खुलेआम दराती लहराने का मामला भी उनके खिलाफ दर्ज है।

गुरुवार शाम मुखानी थाना पुलिस ने सामाजिक कार्यकर्ता जूही चुफाल की शिकायत पर दर्ज एफआईआर के आधार पर ज्योति अधिकारी को गिरफ्तार किया था। पुलिस के अनुसार, ज्योति के बयानों से क्षेत्र में आक्रोश फैल गया था और कानून-व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका थी।

फिलहाल ज्योति अधिकारी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। जानकारी के अनुसार, शुक्रवार को उनके वकील जमानत के लिए अदालत में पैरवी कर सकते हैं

मुख्यमंत्री ने की देहरादून जनपद के विकास कार्यों की समीक्षा

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मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को राजपुर रोड स्थित वन मुख्यालय के मंथन सभागार में देहरादून जनपद के विकास कार्यों की समीक्षा की। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि सड़कों से जुड़े निर्माण कार्यों के दौरान बिजली, पानी, गैस की भूमिगत लाईन सहित अन्य जो भी कार्य होने हैं, उन्हें संबंधित विभाग आपसी समन्वय कर निर्धारित समयावधि के अन्दर कार्य पूर्ण करें। सभी विभाग वर्षभर में प्रस्तावित कार्यों को सूचीबद्ध कर कार्य करें। उन्होंने जिलाधिकारी देहरादून को निर्देश दिये कि इसके लिए ठोस कार्ययोजना बनाकर समय निर्धारित करते हुए ही कार्य करने की अनुमति दी जाए। साथ ही आंतरिक सड़कों के रख-रखाव पर भी विशेष ध्यान दिया जाए।

मुख्यमंत्री ने बैठक में अधिकारियों को सख्त निर्देश दिये कि आयुष्मान कार्ड, राशन कार्ड, परिवार रजिस्टर, बिजली के बिल और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेजों के सत्यापन की कार्यवाही नियमित की जाए। जिन लोगों के गलत तरीके से दस्तावेज बने हैं, उनको निरस्त करने की कार्यवाही निरंतर की जाए और गलत प्रमाण पत्र जारी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई भी की जाए। उन्होंने जिला प्रशासन, वन विभाग, एमडीडीए, एवं नगर निगम अतिक्रमण हटाने की भी निरंतर कार्रवाई किए जाने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने बैठक में नियमित कार्यों के साथ-साथ नवाचार आधारित विकास कार्यों को भी प्राथमिकता देने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सड़क एवं कॉरिडोर के विस्तार व सुधार कार्यों से देहरादून की कनेक्टिविटी में उल्लेखनीय सुधार हुआ है, जिससे शहर में पर्यटकों एवं आमजन की आवाजाही बढ़ेगी। भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए विकास योजनाओं को और गति देने की आवश्यकता है। इसके लिए जनप्रतिनिधियों के विचार-विमर्श कर योजनाओं पर कार्य किया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार‘ कार्यक्रम के माध्यम से जन समस्याओं का मौके पर समाधान किया जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि जो लोग जिन योजनाओं के तहत पात्रता की श्रेणी में हैं, उन्हें योजनाओं का लाभ अवश्य मिले। मुख्यमंत्री ने कहा कि पारदर्शिता, समयबद्धता और जनहित सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है, इन लक्ष्यों की पूर्ति के लिए सभी विभाग पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करें। शीतकाल को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री ने महिलाओं एवं बुजुर्गों के प्रति विशेष संवेदनशीलता बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नगर निगम के रैन बसेरों में सभी आवश्यक सुविधाओं के साथ ही प्रमुख चौक-चौराहों पर ठंड से बचाव के लिए अलाव की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री ने बैठक के दौरान पुलिस को यातायात प्रबंधन पर विशेष ध्यान देने, रात्रिकालीन गश्त बढ़ाने, नशा मुक्ति अभियान के तहत नियमित जागरूकता के साथ ही रैण्डम चैकिंग करने के निर्देश भी दिये।

कैबिनेट मंत्री एवं जनपद के प्रभारी मंत्री श्री सुबोध उनियाल ने कहा कि कार्यों में तेजी लाने के लिए सभी विभागों आपसी समन्वय के साथ कार्य करें। कार्यों की प्राथमिकता तय कर उनको समयबद्ध ढंग से पूर्ण किया जाए। उन्होंने कहा कि साइबर अपराध पर प्रभावी नियंत्रण की दिशा में और अधिक प्रभावी प्रयास करने होंगे।

जिलाधिकारी देहरादून श्री सविन बंसल ने जनपद में संचालित विकास कार्यों की प्रगति एवं प्रमुख उपलब्धियों के संबंध में माननीय मुख्यमंत्री को अवगत कराया। उन्होंने बताया कि समान नागरिक संहिता के अंतर्गत जिले में अब तक 61 हजार पंजीकरण किए जा चुके हैं। सीएम हेल्पलाइन पर पंजीकृत 7,662 शिकायतों में से 6,480 का निस्तारण किया जा चुका है, जबकि शेष शिकायतों का समयबद्ध समाधान किया जा रहा है। जनपद में 3,58,536 राशन कार्डों में से 2,81,366 का सत्यापन करते हुए 5,590 कार्ड निरस्त किए गए हैं। इसी प्रकार 12,06,960 आयुष्मान कार्डों में से 1,36,676 का सत्यापन कर 9,428 कार्ड निरस्त किए गए हैं। जिलाधिकारी ने बताया कि जिले में कुल 57 हेक्टेयर अतिक्रमित भूमि में से 47 हेक्टेयर भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया जा चुका है।

जिलाधिकारी ने बताया कि लोक निर्माण विभाग के चार प्रमुख प्रोजेक्ट सहित रिस्पना एवं बिंदाल एलिवेटेड कॉरिडोर परियोजनाएं प्रगति पर हैं। साथ ही पांवटा साहिब-बल्लूपुर फ्लाईओवर निर्माण कार्य अंतिम चरण में है तथा दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे से जुड़ने वाली चार लेन ग्रीनफील्ड सड़क का निर्माण भी जारी है। जिला चिकित्सालय गांधी शताब्दी में मॉडल टीकाकरण केंद्र, रक्त गरुड़ वाहन सेवा एवं 12 बेडेड एसएनसीयू की स्थापना की गई है। प्रोजेक्ट उत्कर्ष के अंतर्गत सरकारी विद्यालयों में आधारभूत सुविधाओं एवं खेल सामग्री का प्रावधान किया गया है। बाल भिक्षावृत्ति निवारण के तहत 267 बच्चों का रेस्क्यू कर 154 को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ा गया है। नंदा-सुनंदा परियोजना के अंतर्गत 93 बालिकाओं को अब तक 33 लाख रुपये की सहायता प्रदान की गई है। शहर के प्रमुख चौक-चौराहों का चौड़ीकरण एवं सौंदर्यीकरण किया गया है तथा परेड ग्राउंड, तिब्बती मार्केट एवं दून अस्पताल में ऑटोमेटिक पार्किंग का निर्माण किया गया है।

बैठक में राज्यसभा सांसद श्री नरेश बंसल, विधायकगण श्री खजान दास, श्री विनोद चमोली, श्री उमेश शर्मा काऊ, श्रीमती सविता कपूर, श्री बृज भूषण गैरोला, मेयर देहरादून श्री सौरभ थपलियाल, मेयर ऋषिकेश शंभू पासवान, एमडीडीए के उपाध्यक्ष श्री बंशीधर तिवारी, मुख्य नगर आयुक्त श्रीमती नामामि बंसल, मुख्य विकास अधिकारी श्री अभिनव शाह, डीएफओ श्री अमित कंवर, सीएमओ डॉ एमके शर्मा, सिटी मजिस्ट्रेट श्री प्रत्यूष सिंह, एसडीएम श्री हरि गिरी, एस.एल.ई.ओ. श्रीमती स्मृता प्रमार, एसडीएम सुश्री कुमकुम जोशी, परियोजना निदेशक डीआरडीए श्री विक्रम सिंह सहित सभी विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।