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राज्य के सूचना महानिदेशक बंशीधर तिवारी ने अपने खिलाफ चल रही भ्रामक खबरों को लेकर अपनाया सख्त रुख,

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सोशल मीडिया पर डीजी सूचना के खिलाफ चल रही भ्रामक खबरें और अनर्गल प्रचार को लेकर अपनाया सख्त रुख,

एसएसपी देहरादून को औपचारिक शिकायत दर्ज कराई डीजी सूचना ने,

डीजी सूचना ने कहा कुछ लोग सुनियोजित तरीके से उनकी छवि को धूमिल करने का कर रहे प्रयास,

शिकायत में उन्होंने इस साजिश के पुख्ता डिजिटल सबूत भी पुलिस को सौंपे है,

सूचना महानिदेशक बंशीधर तिवारी ने बताया कि भ्रामक खबरों से उनकी व्यक्तिगत प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा रही हैं,

भ्रामक खबरों से विभाग की छवि को भी प्रभावित किय जा रहा है,

डीजी सूचना ने अपनी शिकायत में उल्लेख किया है कि यह पूरी मुहिम एक “गैंग” या लॉबी सिस्टम के तहत संचालित की जा रही है, जो राज्य के प्रशासनिक अधिकारियों को निशाना बनाकर माहौल बिगाड़ने का प्रयास कर रही है।

सूचना महानिदेशक ने कहा कि, “मेरे खिलाफ जो अभियान चलाया जा रहा है, वह किसी असंतुष्ट समूह की साजिश है।

सोशल मीडिया पर बिना किसी प्रमाण के आरोप लगाना और अफवाहें फैलाना मेरे सम्मान और मानसिक शांति दोनों के खिलाफ है।”

उन्होंने आगे कहा कि इस तरह का व्यवहार न केवल आईटी एक्ट और मानहानि कानूनों का उल्लंघन है,

यह सरकारी सेवा में अनुशासन और पारदर्शिता को कमजोर करने की भी कोशिश है,

उन्होंने पुलिस से अनुरोध किया है कि इन सोशल मीडिया खातों और उनके संचालकों की पहचान कर कठोर कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस प्रकार के कृत्यों पर रोक लग सके।

देहरादून पछवादून डेमोग्राफी चेंज मामला, धामी सरकार ने दिये जांच के आदेश, शुरू हुई सियासत

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जिला प्रशासन और पुलिस को कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) और अन्य प्रमाण पत्र जारी करने वाली संस्थाओं की निगरानी करने के लिए कहा गया है.

देहरादून: उत्तराखंड सरकार ने देहरादून के पछादून क्षेत्र और अन्य क्षेत्रों में कथित डेमोग्राफी चेंज की जांच के आदेश दिए हैं. अधिकारियों ने बताया कि त्रुटियों और धोखाधड़ी की खबरों के बीच, अधिकारियों को आधार कार्ड, परिवार रजिस्टर और मतदाता पहचान पत्र जैसे दस्तावेजों की जांच करने का निर्देश दिये गये हैं. मुख्यमंत्री के विशेष सचिव पराग मधुकर धकाते ने कहा आधार और परिवार रजिस्टर में विसंगतियों की शिकायतों के बाद गंभीर जांच शुरू की गई है.

मुख्यमंत्री के विशेष सचिव पराग मधुकर धकाते ने कहा राज्य सरकार उचित दिशा-निर्देशों और कार्रवाई के साथ स्थिति की जांच पर केंद्रित है. उन्होंने आगे कहा राज्य के कई जिलों में जनसांख्यिकीय परिवर्तन दर्ज किए गए हैं. जिला प्रशासन और पुलिस को कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) और अन्य प्रमाण पत्र जारी करने वाली संस्थाओं की निगरानी करने के लिए कहा गया है.

पछवादून क्षेत्र के कई गांवों में, खासकर मुस्लिम आबादी में वृद्धि को लेकर निवासियों ने चिंता जताई है. ग्रामीणों ने मुस्लिम परिवारों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि देखी है, कुछ लोग इसका श्रेय विवाहों और क्षेत्र के बाहर से रिश्तेदारों के आने को देते हैं. ढकरानी गांव के 83 वर्षीय निवासी श्याम लाल ने बताया मुस्लिम आबादी पहले कम थी, लेकिन हाल के वर्षों में इसमें वृद्धि हुई है.

पूर्व ग्राम प्रधान मौसम सिंह ने कहा, “नहर के आसपास की खाली ज़मीनों पर अतिक्रमण कर निर्माण कार्य किए गए. उस समय स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने उन्हें कानूनी दस्तावेज़ प्राप्त करने में मदद की. इसकी कोई जांच नहीं हुई. दुकानदार पंकज सहित स्थानीय लोगों ने भी पिछले 10-15 वर्षों में बढ़ती मुस्लिम आबादी पर चिंता जताई. जिनमें से कई स्थानीय समुदाय से परिचित नहीं हैं.

लंबे समय से यहां रहने वाली शांति देवी ने भी इसी तरह की राय व्यक्त की. उन्होंने कहा क्षेत्र में मुस्लिम परिवारों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है. दूसरी ओर, जीवनगढ़ गांव के ज़ाहिद सहित कुछ मुस्लिम निवासियों ने अपने पिछले स्थानों की समस्याओं के कारण अपने रिश्तेदारों को इस क्षेत्र में बसाने की बात स्वीकार की है. एक अन्य निवासी मोहम्मद इमरान ने बताया वह 20 सालों से इस इलाके में रह रहे हैं.

डेमोग्राफी चेंज एक राजनीतिक मुद्दा बन गया है. भाजपा इसे देवभूमि की सांस्कृतिक पहचान के लिए खतरा बता रही है. कांग्रेस का कहना है कि भारत के किसी भी नागरिक को देश में कहीं भी बसने का अधिकार है. भाजपा के महेंद्र भट्ट ने क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान को बनाए रखने के महत्व पर ज़ोर दिया. दावा किया कि कई इलाकों में बहुसंख्यक आबादी में 40-60 प्रतिशत तक की गिरावट आई है.

कांग्रेस नेता सूर्यकांत धस्माना ने पलटवार करते हुए कहा भाजपा इस मुद्दे का राजनीतिकरण कर रही है. उन्होंने कहा पार्टी उत्तराखंड के अधिकांश समय सत्ता में रही है. उन्होंने आगे तर्क दिया कि नागरिकों को अपनी पसंद के अनुसार कहीं भी बसने का अधिकार है. इसके लिए उन्होंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल जैसे लोगों का उदाहरण दिया.

इस बार खास होगा मसूरी विंटर लाइन कार्निवल, 24 दिसंबर से शुरू होगा, जानिये इसकी वजह

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इंद्रमणि बडोनी के नाम को समर्पित किया जाएगा मसूरी विंटर लाइन कार्निवल. बैठक में पास हुआ प्रस्ताव

मसूरी: पहाड़ों की रानी मसूरी में इस साल का बहुप्रतीक्षित विंटर लाइन कार्निवल खास अंदाज में आयोजित किया जाएगा. आयोजन की तैयारियों को लेकर एसडीएम मसूरी राहुल आनंद की अध्यक्षता में एक अहम बैठक आयोजित की गई. जिसमें नगर पालिका, स्थानीय कलाकारों, होटल व्यवसायियों, व्यापार मंडल और विभिन्न विभागों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया. इस बार कार्निवल को उत्तराखंड की सांस्कृतिक चेतना के प्रतीक, ‘पहाड़ी गांधी’ के नाम से प्रसिद्ध स्व. इंद्रमणि बडोनी जी को समर्पित किया जाएगा.

बैठक में उत्तराखंड होटल एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष संदीप साहनी ने उत्तराखंड के गांधी कहे जाने वाले इंद्रमणि बडोनी की जयंती पर मसूरी विंटर लाइन कार्निवल को उनके नाम पर समर्पित करने का सुझाव दिया. जिसको सर्व समिति से बैठक में पास किया गया. तय किया गया कि कार्निवल की शुरुआत 24 दिसंबर को बडोनी जी की 100 वीं जयंती के अवसर पर होगी. बैठक में निर्णय लिया गया कि कार्निवल का उद्घाटन शोभा यात्रा और इंद्रमणि बडोनी जी के जीवन पर आधारित डॉक्यूमेंट्री और नाट्य प्रस्तुति के साथ होगा. जिससे नई पीढ़ी को उनके योगदान की जानकारी दी जा सके.

कार्निवल को इस बार पूरी तरह स्थानीय कलाकारों और उत्तराखंडी संस्कृति पर केंद्रित किया जाएगा. पालिका अध्यक्ष मीरा सकलानी ने कहा नगर पालिका की ओर से इस आयोजन में पूरा सहयोग दिया जाएगा. उन्होंने एसडीएम से मांग की कि स्थानीय कलाकारों के लिए अलग से मंच निर्धारित किया जाए. जहां वे अपनी लोक कलाओं, संगीत और नृत्य का प्रदर्शन कर सकें. साथ ही उन्होंने सुझाव दिया कि स्थानीय खिलाड़ियों को भी इस आयोजन में स्थान दिया जाए.

एसडीएम राहुल आनंद ने बताया कार्निवल की तैयारियों की शुरुआत हो चुकी है. उन्होंने कहा कार्निवल का बजट काफी बड़ा होता है. फंड की व्यवस्था समय से शुरू कर दी गई है, ताकि आयोजन में कोई रुकावट न आए. एसडीएम ने बताया इस बार केवल मसूरी ही नहीं, बल्कि आसपास के क्षेत्रों जैसे झड़ीपानी, हैप्पी वैली और लंढौर बाजार को भी कार्निवल की साज-सज्जा और कार्यक्रमों में शामिल किया जाएगा. इसके ज़रिए पर्यटकों को मसूरी की पूरी सांस्कृतिक छवि देखने को मिलेगी.

ऋषिकेश में निर्माणाधीन कांच के पुल से सीधे गंगा में गिरा पर्यटक, तलाश जारी

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ऋषिकेश में निर्माणाधीन बजरंग सेतु पर बड़ा हादसा, टहलते समय गंगा में गिरा पर्यटक, एसडीआरएफ की जवान तलाश में जुटे

ऋषिकेश: उत्तराखंड के ऋषिकेश में निर्माणाधीन कांच के पुल ‘बजरंग सेतु’ पर टहलते समय एक पर्यटक सीधे गंगा में जा गिरा. जो देखते ही देखते गंगा में ओझल हो गया. अब पुलिस और एसडीआरएफ की टीम गंगा में सर्च ऑपरेशन चला रही है. फिलहाल, पर्यटक का अभी तक कुछ पता नहीं चल पाया है.

अपने दोस्तों के साथ लक्ष्मण झूला घूमने आया था पर्यटक: जानकारी के मुताबिक, यह हादसा बीती रात हुआ है. जहां दिल्ली निवासी हेमंत सोनी (उम्र 31 वर्ष) अपने साथी अमित सोनी और अक्षत सेठ के साथ लक्ष्मण झूला घूमने के लिए आया था. देर रात रास्ता बंद होने के बावजूद तीनों पर्यटक बजरंग सेतु पर घूमने के लिए चले गए. घूमते-घूमते पर्यटक बजरंग सेतु के उस हिस्से में चले गए, जहां अभी कांच का पाथ नहीं लगा है.

बजरंग सेतु से सीधे गंगा में गिरा पर्यटक: रात होने की वजह से कांच न लगे होने का अंदाजा पर्यटकों को नहीं लगा. जिससे हेमंत सोनी बजरंग सेतु से सीधे गंगा में जा गिरा. जिसे देख दोस्तों के होश फाख्ता हो गए. उन्होंने चीख पुकार मचा दी. इसके साथ ही उन्होंने आनन-फानन में पुलिस को सूचना दी. सूचना मिलते ही पहले पुलिस फिर बाद में एसडीआरएफ के टीम मौके पर पहुंची.

गंगा नदी में चलाया जा रहा रेस्क्यू अभियान: जहां रेस्क्यू अभियान चलाया गया, लेकिन अंधेरा होने की वजह से उसका कुछ पता नहीं लग पाया. आज फिर से रेस्क्यू अभियान चलाया जा रहा है. ताकि, उसका पता लगाया जा सके. वहीं, एसडीआरएफ के इंस्पेक्टर कविंद्र सजवाण ने बताया कि गंगा में पर्यटक की तलाश के लिए सर्च ऑपरेशन जारी है.

घटना की जानकारी परिजनों को दे दी गई है. परिजन दिल्ली से ऋषिकेश के लिए निकल चुके हैं. फिलहाल, गंगा में गिरे पर्यटक की तलाश की जा रही है.“- संतोष पैथवाल, लक्ष्मण झूला थाना प्रभारी

ऋषिकेश में बनाया जा रहा कांच का पुल: बता दें कि विश्व प्रसिद्ध लक्ष्मण झूला के बगल में ही कांच का पुल (बजरंग सेतु) का निर्माण किया जा रहा है. जिसका काम लगभग अंतिम चरण में है. उम्मीद है कि जल्द ही कांच का पुल तैयार हो जाएगा. जिसके बाद ऋषिकेश में ही लोग ग्लास ब्रिज यानी कांच के पुल में आवाजाही कर सकेंगे. यह पुल टिहरी और पौड़ी जिले को जोड़ेगा.

बजरंग सेतु की लंबाई 132 मीटर होगी. जबकि, 5 मीटर चौड़ा बनाया जा रहा है. सेतु के दोनों साइड में डेढ़-डेढ़ मीटर का 65 मिलीमीटर की मोटाई वाला पारदर्शी कांच का फुटपाथ तैयार किया जा रहा है. यह सेतु देश और दुनिया के लोगों के लिए बेहद ही आकर्षण का केंद्र बनेगा. क्योंकि, कांच यह पुल दुनिया के चुनिंदा पुलों में एक होगा.

सुर्खियों में BKTC अनियमितता मामला, कांग्रेस के आरोपों पर भाजपा के ही नेताओं में तकरार, जानिये पूरा माजरा

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बीकेटीसी को लेकर कांग्रेस नेता गणेश गोदियाल ने कई आरोप लगाये हैं. जिसे लेकर अब भाजपा के ही दो नेता आमने सामने आ गये हैं.

देहरादून: उत्तराखंड में भाजपा के दो बड़े नेताओं के बीच में तीखी तकरार देखने को मिल रही है. ये दोनों ही नेता बदरी केदार मंदिर समिति से जुड़े हैं. इनमें एक पूर्व अध्यक्ष अजेंद्र अजय है. दूसरे नेता वर्तमान अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी हैं. दोनों नेताओं के बीच तकरार बदरी केदार मंदिर समिति में गणेश गोदियाल के लगाये गये आरोपों के बाद शुरू हुई है. कांग्रेस नेता गणेश गोदियाल ने बदरी केदार मंदिर समिति में भाजपा के पिछले कार्यकाल से लेकर अब तक चली आ रही अनियमिताओं को लेकर सवाल खड़े किये हैं.

कांग्रेस नेता गणेश गोदियाल ने मंदिर समिति में अजेंद्र अजय के कार्यकाल के दौरान के कई मुद्दों पर सवाल खड़े किये. जिसमें से एक मुद्दा अजेंद्र अजय के कार्यकाल के दौरान उनके भाई की नियुक्ति और वेतन वृद्धि से भी जुड़ा है. इसे लेकर जब वर्तमान बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी से सवाल किया गया तो उन्होंने कहा वह इस पर जांच कराएंगे. बस यही बात अजेंद्र अजय को नागवार गुजरी. इसके बाद उन्होंने वर्तमान अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी को उनके तमाम कार्य याद दिला दिये.

कांग्रेस नेता गणेश गोदियाल ने मुद्दा उठाया था कि बतौर मंदिर समिति के अध्यक्ष रहते अजेंद्र अजय ने कई अनियमितताएं की. जिसमें उन्होंने अपने भाई को लाभ पहुंचाने का काम भी किया. इस पर जब मंदिर समिति के वर्तमान अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी को पूछा गया तो उन्होंने कहा कि वो इस पर जांच कराएंगे. इसी बात से नाराज हुए पूर्व अध्यक्ष अजेंद्र अजय ने मंदिर समिति में व्याप्त भ्रष्टाचार की पोल खोल दी. अजेंद्र अजय ने वर्तमान अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी को बताया कि वो कौन-कौन से कार्य मंदिर समिति के अधूरे छोड़कर गए थे. उन पर वर्तमान अध्यक्ष ने क्या कुछ एक्शन लिया?

मंदिर समिति के पूर्व अध्यक्ष रहे अजेंद्र अजय ने वर्तमान अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी की कार्य प्रणाली पर तंज कसा. उन्होंने कहा उनके द्वारा उनके भाई की वेतन वृद्धि की जांच को लेकर जो बयान दिया गया है वो केवल बयानबाजी तक सीमित ना रहे. जल्द इसकी जांच करवाएं. इसके अलावा उन्होंने हेमंत द्विवेदी को यह भी याद दिलाया है कि साल 2010-11 से लगातार मंदिर समिति के मुख्य कार्यकारी अधिकारी के रूप में कार्यरत रहे बीडी सिंह के कार्यकाल की भी जांच होनी चाहिए. अजेंद्र अजय ने कहा उनके कार्यकाल में बीडी सिंह को हटाया गया था. VRS लेकर बीडी सिंह आज भी मंदिर समिति के साथ चिपके हुए हैं. यह सोचने वाली बात है.

अजेंद्र अजय ने वर्तमान अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी को याद दिलाया कि केदारनाथ में एक क्यूआर कोड का प्रकरण बहुत तेजी से उठा था. जिस पर उन्होंने मुकदमा दर्ज करवाया था. उस पर उन्होंने वर्तमान अध्यक्ष को संज्ञान लेने की नसीहत दी. उन्होंने कहा उनके कार्यकाल में चमोली पुलिस ने इस मामले पर बहुत तेजी दिखाई थी. अब वर्तमान अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी के कार्यकाल में इस मामले में पुलिस ढीली क्यों पड़ गई है? इस पर भी हेमंत द्विवेदी को जवाब देना चाहिए.

वहीं, इसके अलावा वर्तमान में मंदिर समिति में कार्यरत मुख्य कार्यकारी अधिकारी विजय थपलियाल की नियुक्ति पर भी उन्होंने सवाल खड़े किये हैं. उन्होंने कहा मंदिर समिति के सीईओ विजय थपलियाल मंदिर समिति की सेवा नियमावली के अनुसार मुख्य कार्यकारी अधिकारी की अर्हता नहीं रखते हैं. उन्होंने बताया उनके कार्यकाल में पहली बार सेवा नियमावली तैयार की गई. इस सेवा नियमावली के अनुसार मंदिर समिति का मुख्य कार्यकारी अधिकारी क्लास वन ऑफिसर होना चाहिए. अभी जो अधिकारी तैनात है वह क्लास वन तो छोड़िए क्लास 2 की भी अहर्ता नहीं रखता है.अजेंद्र अजय ने कहा उन्होंने इस संबंध में तत्कालीन चीफ सेक्रेटरी राधा रतूड़ी को शिकायत की थी. उन्होंने कहा बीकेटीसी के अध्यक्ष को इन तमाम मामलों पर भी ध्यान देना चाहिए.

शीतकाल के लिए बंद हुये रुद्रनाथ मंदिर के कपाट, जानिये अब कहां होंगे दर्शन

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रुद्रनाथ मंदिर में भगवान शंकर के एकानन यानि मुख की पूजा की जाती है.

चमोली:– आज शुभ मुहूर्त में पंच केदारों में चतुर्थ केदार रुद्रनाथ महादेव मंदिर के कपाट, शीतकाल के लिए परम्परानुसार पूर्ण विधि-विधान के साथ बंद कर दिए गए हैं. आज सुबह ब्रह्म मुहूर्त में, मंदिर के मुख्य पुजारी ने पूर्ण वैदिक विधि-विधान के साथ अंतिम पूजा-अर्चना संपन्न की. इस दौरान वातावरण शिव भक्तों के जयकारों से गूंज उठा. जिनमें अगले वर्ष फिर से यात्रा शुरू होने की आशा भरी हुई थी.

कपाट बंद होने के बाद भगवान रुद्रनाथ जी की उत्सव विग्रह डोली अपनी शीतकालीन गद्दीस्थल श्री गोपीनाथ मंदिर, गोपेश्वर के लिए रवाना हुई. अब अगले छह महीनों तक,शीतकाल के दौरान, श्रद्धालु चतुर्थ केदार भगवान रुद्रनाथ के दर्शन और पूजा-अर्चना गोपीनाथ मंदिर (गोपेश्वर) में कर सकेंगे.

बताते चलें करीब 11,808 फीट की ऊंचाई पर स्थित इस मंदिर में पहुंचने के लिए कई बुग्याल पार कर 19 किलोमीटर की चढ़ाई करनी पड़ती है. आज सुबह ब्रह्म मुहूर्त में भगवान रुद्रनाथ जी का प्रातः कालीन अभिषेक, पूजाएं संपन्न होने के बाद भगवान रुद्रनाथ की उत्सव डोली गोपेश्वर स्थित गोपीनाथ मंदिर के लिए रवाना हो गई है. मंदिर परिसर में मौजूद सैकड़ो श्रद्धालु इस अलौकिक अवसर के साक्षी बने. उच्च हिमालई शिव धाम रुद्रनाथ मंदिर में भगवान शंकर के एकानन यानि मुख की पूजा की जाती है, जबकि संपूर्ण शरीर की पूजा नेपाल की राजधानी काठमांडू के पशुपतिनाथ मंदिर में की जाती है.

रुद्रनाथ के पुजारी सुनील तिवारी ने बताया सुबह चार बजे से भगवान रुद्रनाथ की पूजा शुरू हो गई थी. सभी पूजाएं संपन्न कराने के बाद सुबह छह बजे मंदिर के कपाट शीतकाल के लिए बंद कर दिए गए. साढ़े सात बजे डोली ने रुद्रनाथ से प्रस्थान किया. पंच गंगा, पितृधार होते हुए पनार गुग्याल होते मोली बुग्याल पहुंचेगी. भगवान को राजभोग लगेगा (नए अनाजों का भोग)। वहां से डोली सगर गांव पहुंचेगी. यहां पर भी नए अनाज का भोग लगाया जाएगा. सूर्यास्त होने से पहले डोली गोपीनाथ मंदिर पहुंच जाएगी. यहां भगवान को नए अनाज का भोग लगाया जाएगा.छह माह तक भगवान रुद्रनाथ की डोली गोपीनाथ मंदिर परिसर में विराजमान रहेगी. उन्होंने बताया कि कपाट बंद होने पर भगवान को मंदार (बुखला) के 251 पुष्प गुच्छों से ढका जाएगा. कपाट खुलने पर इन फूलों को प्रसाद के रूप में बांटा जाता है.

रुद्रनाथ मन्दिर उत्तराखंड के चमोली जिले में स्थित भगवान शिव का एक मन्दिर है. यह पंचकेदार में से एक है. रुद्रनाथ मंदिर भव्य प्राकृतिक छटा से परिपूर्ण है. रुद्रनाथ मंदिर में भगवान शंकर के एकानन यानि मुख की पूजा की जाती है, जबकि संपूर्ण शरीर की पूजा नेपाल की राजधानी काठमांडू के पशुपतिनाथ में की जाती है.

अशासकीय विद्यालयों में अनियमितता मामला, CBCID जांच की तैयारी, आज जारी होगा आदेश

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अपर सचिव गृह निवेदिता कुकरेती ने बताया मामले में सीबीसीआईडी जांच कराने से जुड़े निर्देश मिले हैं. जिसका आदेश जल्द जारी किया जाएगा.

देहरादून: मुख्यमंत्री कार्यालय को दी गई शिकायत से शिक्षा विभाग में हड़कंप मचा हुआ है. मामला अवैध नियुक्ति और वित्तीय अनियमितता का है. जिस पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गृह विभाग को जांच कराने के निर्देश दिए हैं. हालांकि अभी जांच को लेकर आधिकारिक पत्र जारी नहीं हुआ है. उम्मीद है कि शुक्रवार को सीबीसीआईडी से जांच करने से जुड़ा आधिकारिक पत्र जारी कर दिया जाएगा.

अशासकीय विद्यालयों में अवैध नियुक्ति और अनियमित का मामला वैसे तो कोई नई बात नहीं है लेकिन इस बार बात सीबीसीआईडी जांच तक पहुंच गई है. हालांकि शिक्षा विभाग के स्तर पर इसके लिए कोई कदम उठाए जाने की बजाय मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने खुद मामले का संज्ञान लेते हुए आदेश किए हैं.

बात पौड़ी के अशासकीय विद्यालय की है, जिसमें गलत तरीके से नियुक्ति की बात सामने आई है. हैरत की बात यह है कि यह मामला पहले ही शिक्षा विभाग के संज्ञान में आ गया था. इस पर जांच भी की गई थी लेकिन आगे मामले में कोई कार्रवाई नहीं हो पाई।.यह बात एक शिकायतकर्ता ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी तक पहुंचाई. जिसके बाद सीएम धामी ने इस पर जांच के निर्देश दिए हैं.

आरोप लगाया गया है कि फर्जी जाति प्रमाण पत्र के आधार पर नियुक्तियां दी गई. अशासकीय इंटर कॉलेज जाखेटी और इंटर कॉलेज डांगीधार में लिपिक के पद पर गलत तरीके से नियुक्ति की शिकायत की गई है. यहां लिपिक के अलावा शिक्षिका की भी गलत प्रमाण पत्र के आधार पर नियुक्ति की बात कही गई है. अब मुख्यमंत्री ने गृह विभाग को संदर्भ में सीबीसीआईडी जांच करने के निर्देश दिए हैं. अभी इस मामले में आधिकारिक रूप से जांच सीबीसीआईडी को नहीं सौंपी गई है.

मामला अवैध नियुक्ति और करोड़ों के भ्रष्टाचार से जुड़ा है. लिहाजा इसे अब बेहद गंभीरता से लिया जा रहा है. अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं. अपर सचिव गृह निवेदिता कुकरेती ने ईटीवी भारत से बात करते हुए कहा कि प्रकरण पर सीबीसीआईडी जांच कराने से जुड़े निर्देश मिले हैं. अभी इसपर जांच के लिए आधिकारिक आदेश करने की तैयारी की जा रही है.

इससे पहले भी अशासकीय विद्यालयों को लेकर पूर्ववर्ती सरकारों में गड़बड़ी की बातें सामने आती रही है. कभी इस पर कोई बड़ी कार्रवाई नहीं हुई है. ऐसे में अब मान जा रहा है की पौड़ी के इस अशासकीय विद्यालय में गड़बड़ी पाई जाती है तो सीबीसीआईडी के स्तर पर जांच के बाद दोषियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई हो सकती है.

आज बिहार दौरे पर रहेंगे सीएम धामी, एनडीए के लिए करेंगे प्रचार, यहां देखिये कार्यक्रम

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बिहार चुनाव में सीएम धामी का धाकड़ अंदाज देखने को मिलेगा. सीएम धामी आज बिहार के कई इलाकों में रोड शो करेंगे.

देहरादून: सीएम धामी आज बिहार में भाजपा के लिए चुनाव प्रचार की कमान संभालेंगे. आज सीएम धामी बिहार के गोरियाकोठी पहुंचेंगे. जहां सीएम धामी भाजपा प्रत्याशी देवेशकांत सिंह के लिए प्रचार करेंगे. इसके साथ ही सीएम धामी सिवान विधानसभा क्षेत्र में भाजपा प्रत्याशी मंगल पांडेय, वारसलीगंज (नवादा) से भाजपा प्रत्याशी अरुणा देवी के समर्थन भी प्रचार प्रसार करेंगे. इस दौरान सीएम धामी जनसभा व रोड शो में हिस्सा लेंगे.

बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर बीजेपी एक्शन में है. यही कारण है कि बिहार विधानसभा चुनाव के लिए बीजेपी ने अपने सभी मुख्यमंत्रियों को प्रचार की कमान सौंपी है. बीजेपी ने सीएम धामी को भी बिहार चुनाव में स्टार प्रचारकों की लिस्ट में शामिल किया है. इसी कड़ी में आज सीएम धामी बिहार में चुनाव प्रचार करेंगे.

बिहार चुनाव से पहले सीएम धामी ने दिल्ली विधानसभा में चुनाव प्रचार किया था. जहां बीजेपी सरकार बनाने में सफल रही. इससे पहले सीएम धामी हरियाणा, मध्यप्रदेश, राजस्थान में भी चुनाव प्रचार की कमान संभाल चुके हैं. सीएम धामी तेज तर्रार वक्ता है. उनके फैसलों ने देशभर में उन्हें एक नई पहचान दिलाई है.

उत्तराखंड में यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू कर कर सीएम धामी देशभर में सुर्खियों में छाये. इसके बाद सीएम धामी लैंड जिहाद के खिलाफ एक्शन लिया. इसके अतिरिक्त प्रदेश की आपदाओं को अपने मजबूत नेतृत्व से संभालने को लेकर भी सीएम धामी की खूब तारीफ होती है.

बिहार चुनाव को लेकर अभी बीजेपी ने 101 उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी है. यहां बीजेपी ने जातिगत आधार पर प्रत्याशियों को मैदान में उतारा है. मिशन 2025 को फतह करने के लिए भाजपा ने ‘भूरा बाल’ यानी भूमिहार, राजपूत, ब्राहमण और लाला पर भरोसा किया है.बिहार में मुसलमान की आबादी 17.70% है भारतीय जनता पार्टी ने टिकट बंटवारे के दौरान मुसलमानों को महत्व नहीं दिया. भारतीय जनता पार्टी ने 101 उम्मीदवारों की सूची में एक भी मुसलमान का नाम शामिल नहीं किया. 101 सीट में एक सीट भी अल्पसंख्यक समुदाय के हिस्से नहीं गई पार्टी को ऐसा लगता है कि अल्पसंख्यक समुदाय का वोट उन्हें नहीं मिलता है, इस वजह से वह टिकट देना भी मुनासिब नहीं समझते.

उत्तराखंड कैबिनेट विस्तार की सुगबुगाहट तेज, भाजपा की नजर युवा नेताओं पर — 2027 का फॉर्मूला तैयार

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उत्तराखंड कैबिनेट विस्तार की सुगबुगाहट तेज, भाजपा की नजर युवा नेताओं पर — 2027 का फॉर्मूला तैयार?

पांच खाली पद, दीपावली से पहले मिल सकता है राजनीतिक तोहफा

देहरादून: उत्तराखंड की राजनीति में एक बार फिर कैबिनेट विस्तार को लेकर हलचल तेज हो गई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दो दिवसीय दिल्ली दौरे को इस दिशा में बेहद अहम माना जा रहा है। माना जा रहा है कि इस दौरान वे पार्टी के शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात कर कैबिनेट विस्तार पर अंतिम मुहर लगवा सकते हैं।

वर्तमान में राज्य कैबिनेट में पाँच पद खाली हैं, जिनमें से चार लंबे समय से रिक्त चल रहे हैं, जबकि एक पद पूर्व संसदीय कार्य मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल के इस्तीफे के बाद खाली हुआ।

कौन आएगा, कौन जाएगा — चर्चाओं का दौर तेज

राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि आगामी कैबिनेट विस्तार में भाजपा का फोकस 2027 के विधानसभा चुनाव को देखते हुए युवा चेहरों पर हो सकता है। हालांकि वरिष्ठ नेताओं के नाम भी प्रमुखता से चर्चा में हैं।

  • कुमाऊँ से दो बड़े नाम सामने आ रहे हैं — अरविंद पांडेय (गदरपुर) और बिशन सिंह चुफाल, दोनों ही वरिष्ठ विधायक हैं।

  • यदि कैबिनेट में युवा नेताओं को प्राथमिकता दी जाती है, तो संभव है कि इनमें से किसी एक को बाहर रखा जाए।

वहीं, चर्चा है कि यदि मौजूदा मंत्री गणेश जोशी को मंत्रिमंडल से बाहर किया जाता है, तो उनकी जगह धर्मपुर विधायक विनोद चमोली को मौका मिल सकता है।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट का बयान

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने स्पष्ट किया है कि कैबिनेट विस्तार को लेकर मुख्यमंत्री से चर्चा हो चुकी है। उन्होंने बताया कि:

“सीएम धामी 17 अक्टूबर को दिल्ली जा रहे हैं। शीर्ष नेतृत्व की सहमति के बाद जल्द ही कैबिनेट का विस्तार होगा।”

भट्ट ने यह भी कहा कि अब तक निकाय चुनाव, पंचायत चुनाव, उपचुनाव और आपदा जैसे कारणों से यह प्रक्रिया टलती रही, लेकिन अब इसका इंतजार जल्द खत्म होने वाला है।

गढ़वाल से संभावित चेहरे — युवा विधायक आगे

गढ़वाल मंडल से तीन नए चेहरों को मंत्रिमंडल में शामिल किया जा सकता है। चर्चा में प्रमुख नाम:

  • विनोद कंडारी (देवप्रयाग विधायक): छात्र राजनीति से निकले, संगठन की गहरी समझ रखने वाले और प्रभावी वक्ता माने जाते हैं।

  • आशा नौटियाल (केदारनाथ) और भरत चौधरी के नाम भी चर्चा में हैं, हालांकि इनकी संभावनाएं फिलहाल कम नजर आ रही हैं।

अनुसूचित जाति से एक मंत्री संभव

गुजरात मॉडल को देखते हुए उत्तराखंड कैबिनेट में अनुसूचित जाति वर्ग से भी एक मंत्री बनाए जाने की संभावना है। इसके तहत नाम उभर कर आए हैं:

  • खजान दास

  • शक्तिलाल शाह (संभावित नया चेहरा)

  • राजकुमार पोरी

राज्य स्थापना दिवस बन सकता है मौका

एक पक्ष का मानना है कि कैबिनेट विस्तार बिहार चुनाव के बाद किया जाए, जबकि दूसरा पक्ष चाहता है कि यह प्रक्रिया उत्तराखंड के राज्य स्थापना दिवस (9 नवंबर) से पहले पूरी हो।

राज्य सरकार उत्तराखंड के 25 वर्ष पूरे होने पर बड़ा आयोजन करने जा रही है, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत कई दिग्गज नेताओं के शामिल होने की संभावना है। ऐसे में इससे पहले कैबिनेट विस्तार होने की संभावना प्रबल हो गई है।

नज़र 2027 पर: भाजपा का युवा कार्ड

यह स्पष्ट है कि भाजपा 2027 के विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए ऐसे नेताओं को कैबिनेट में शामिल करना चाहती है जो आने वाले वर्षों में पार्टी के लिए जमीनी स्तर पर असरदार साबित हों।

अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि मुख्यमंत्री धामी का दीपावली उपहार किन विधायकों के हिस्से आता है।

गोरियाकोठी में भाजपा प्रत्याशी के समर्थन में पहुंचे उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी

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गोरियाकोठी में भाजपा प्रत्याशी के समर्थन में पहुंचे उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी

‘धाकड़ धामी’ के भाषण ने भरा जनता में जोश, सभा में उमड़ी भारी भीड़

सिवान (बिहार): गोरियाकोठी विधानसभा क्षेत्र में भाजपा प्रत्याशी देवेशकांत सिंह के नामांकन व आशीर्वाद सभा के अवसर पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शिरकत की। इस मौके पर आयोजित जनसभा में हजारों की भीड़ उमड़ पड़ी और ‘धाकड़ धामी’ का गर्मजोशी से स्वागत किया गया।

सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री धामी ने अपने ओजस्वी भाषण से माहौल को जोशीला बना दिया। उन्होंने केंद्र और उत्तराखंड सरकार के गुड गवर्नेंस मॉडल को साझा करते हुए बिहार के विकास की दिशा में भाजपा की प्रतिबद्धता को रेखांकित किया।

धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में विकास, सुरक्षा और सुशासन की नई परिभाषा लिखी जा रही है। उन्होंने बिहार की जनता से भाजपा प्रत्याशी को विजयी बनाने की अपील की।

सभा में उमड़ी भारी भीड़ ने यह स्पष्ट संकेत दिया कि बिहार में भी प्रधानमंत्री मोदी और भाजपा के प्रति जनता का भरोसा मजबूत बना हुआ है।