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मुख्यमंत्री धामी ने सोमवार को राजभवन परिसर में ‘‘भगीरथ उद्यान’’ का किया उद्घाटन

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राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को राजभवन परिसर में ‘‘भगीरथ उद्यान’’ का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने उद्यान में स्थापित महान राजा भगीरथ की भव्य प्रतिमा का अनावरण भी किया।

राजभवन स्थित ‘‘भगीरथ उद्यान’’ में लगभग 10 फीट ऊंची प्रतिमा को 8 फीट ऊँचे ग्रेनाइट चबूतरे पर स्थापित किया गया है। इसे हरिद्वार के प्रख्यात कलाकार श्री शिवम चौरसिया ने फाइबर और रेजिन से निर्मित किया है। उद्यान में प्रतिमा के साथ विभिन्न प्रजातियों के पौधों का भी रोपण किया गया है, जो इसे हरियाली और आध्यात्मिकता से परिपूर्ण वातावरण प्रदान करते हैं।

 इस अवसर राज्यपाल ने कहा यह प्रतिमा केवल एक स्मारक नहीं, बल्कि एक जीवंत प्रेरणा-स्तंभ है। उन्होंने कहा कि यहाँ नक्षत्र, प्रकृति, मंदिर और पर्वत मिलकर उस दिव्य संकल्प का संदेश देते हैं कि जब ध्येय लोक कल्याण हो, तो देवत्व और प्रकृति दोनों मार्ग प्रशस्त कर देते हैं। उन्होंने इस उद्यान को तैयार करने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों की सराहना की।

 मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि यह प्रतिमा राजभवन आने वाले प्रत्येक नागरिक और अतिथियों को कर्तव्यनिष्ठा, लोक कल्याण और भारतीय संस्कृति का संदेश देती रहेगी। उन्होंने कहा यह प्रतिमा हमें सदा स्मरण दिलाएगी कि ‘भगीरथ प्रयत्न’ ही महान लक्ष्यों की प्राप्ति का मार्ग है।

उद्घाटन से पहले राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने राजभवन स्थित राजप्रज्ञेश्वर महादेव मंदिर में पूजा-अर्चना कर देश एवं प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि और खुशहाली के लिए कामना की।

इस अवसर पर सचिव राज्यपाल रविनाथ रामन, विधि परामर्शी कौशल कुमार किशोर, अपर सचिव रीना जोशी, अपर सचिव मुख्यमंत्री बंशीधर तिवारी, अपर सचिव लो.नि.वि. विनीत कुमार, देव संस्कृति विश्वविद्यालय के प्रतिकुलपति डॉ. चिन्मय पंडया, उत्तराखण्ड संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. दिनेश चन्द्र शास्त्री, वित्त नियंत्रक डॉ. तृप्ति श्रीवास्तव, सहायक अभियंता लो.नि.वि. श्री विजय धस्माना, उद्यान अधिकारी दीपक पुरोहित सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री ने की जी.एस.टी. की नई दरों और स्वदेशी अभियान पर जनप्रतिनिधियों के साथ समीक्षा बैठक

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को वर्चुअल माध्यम से प्रदेश के मंत्रीगणों, विधायकगणों एवं अन्य जनप्रतिनिधियों से संवाद किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि 22 सितंबर से देशभर में जी.एस.टी. की नई दरें प्रभावी होंगी। उन्होंने इस ऐतिहासिक निर्णय के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं केन्द्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण का आभार व्यक्त किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नई दरों का लाभ आम जनता और व्यापारिक समुदाय तक तीव्रता से पहुँचे, इसके लिए प्रदेश में व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने सभी जनप्रतिनिधियों से आह्वान किया कि वे 22 से 29 सितम्बर तक अपने-अपने क्षेत्रों में जागरूकता कार्यक्रमों का संचालन करें। इस दौरान प्रभारी मंत्री अपने-अपने जनपदों में तथा विधायकगण अपनी विधानसभाओं में अभियान का नेतृत्व करेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जी.एस.टी. की संशोधित दरों से प्रदेश की आर्थिकी को मजबूती मिलेगी तथा “वोकल फ़ॉर लोकल” और “लोकल टू ग्लोबल” की दिशा में राज्य को गति प्रदान होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड के अंब्रेला ब्रांड “हाउस ऑफ हिमालयाज” और जी.आई. टैग प्राप्त 27 उत्पाद, एक जनपद दो उत्पाद योजना तथा अन्य स्थानीय हस्तशिल्प और कृषि उत्पाद को नए कर ढांचे से बढ़ावा मिलेगा। इससे स्वरोज़गार के अवसर बढ़ेंगे और आत्मनिर्भर उत्तराखंड की परिकल्पना को साकार करने में सहयोग मिलेगा।

मुख्यमंत्री ने सभी विभागों एवं निकायों को इस अभियान को सफल बनाने के लिए निरंतर प्रयास करने प बल दिया। उन्होंने कहा कि ग्राम सभाओं और नगर निकायों के स्तर पर बैठकों का आयोजन हो, जिसमें ग्रामीणों और शहरी क्षेत्र में लोगों को विस्तृत जानकारी दी जाए। साथ ही उद्योग विभाग को भी यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए कि जी.आई. टैग वाले उत्पादों और “एक जनपद दो उत्पाद” योजना को और अधिक सशक्त तथा बाज़ारोन्मुख बनाया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जागरूकता अभियान केवल प्रचार तक सीमित न रहे बल्कि इसमें आमजन की सहभागिता और जनभागीदारी भी सुनिश्चित हो। इसके लिए नुक्कड़ नाटकों, लोकगीतों तथा अन्य सांस्कृतिक माध्यमों का उपयोग किया जाएगा, जिससे संदेश लोगों तक सहज और प्रभावी ढंग से पहुंचे। उन्होंने कहा कि मीडिया के विभिन्न प्लेटफार्मों का भी उपयोग कर आम नागरिकों और व्यवसायियों तक जानकारी पहुंचाई जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जी.एस.टी. की नई दरें लागू होने के बाद न केवल व्यापार सुगमता को बढ़ावा मिलेगा बल्कि उपभोक्ताओं और उत्पादकों दोनों को इसका लाभ प्राप्त होगा। इससे स्थानीय स्तर पर उत्पादकता और विपणन प्रक्रियाओं में पारदर्शिता आएगी और छोटे-छोटे उद्यमी भी राष्ट्रीय एवं वैश्विक बाजार से जुड़ सकेंगे।

बैठक में मुख्यमंत्री ने सभी जनप्रतिनिधियों से यह अपेक्षा व्यक्त की कि वे स्वयं इस अभियान में सक्रिय भूमिका निभाएं और इसे जन अभियान का स्वरूप दें। उन्होंने कहा कि देश और प्रदेश की आर्थिक शक्ति को बढ़ाने में प्रत्येक नागरिक का योगदान महत्वपूर्ण है।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने जी.एस.टी की नई दरों से आमजन और व्यवसायियों को होने वाले लाभ के बारे में विस्तार से जानकारी दी

बैठक में राज्यसभा सांसद और भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष श्री महेंद्र भट्ट, कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, श्रीमती रेखा आर्या, विधायकगण एवं अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद थे।

अखाड़ा परिषद ने आपदा राहत में निभाई अग्रणी भूमिका, मुख्यमंत्री ने किया संत समाज के योगदान का अभिनंदन

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से आज डामकोठी, हरिद्वार में अखाड़ा परिषद के एक प्रतिनिधिमंडल ने शिष्टाचार भेंट की। इस अवसर पर परिषद द्वारा हाल ही में उत्तराखण्ड में आई प्राकृतिक आपदा से प्रभावित क्षेत्रों के पुनर्निर्माण हेतु मुख्यमंत्री राहत कोष में ₹34 लाख की सहयोग राशि प्रदान की गई।

इतना ही नहीं, परिषद ने एक आपदा प्रभावित गांव को गोद लेने का भी noble संकल्प लिया, जिसे मुख्यमंत्री ने सेवा और संवेदना का अनुकरणीय उदाहरण बताया।

मुख्यमंत्री धामी ने अखाड़ा परिषद के इस प्रयास की हार्दिक सराहना करते हुए कहा “ उत्तराखण्ड की सेवा परंपरा में साधु-संत समाज का योगदान सदैव अग्रणी रहा है। आपदा के इस कठिन समय में संत समाज का सहयोग न केवल पुनर्निर्माण में सहायक है, बल्कि यह प्रभावित लोगों के लिए आशा और संबल की किरण भी बनता है।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार आपदा प्रभावित क्षेत्रों में तेजी से पुनर्वास और पुनर्निर्माण कार्य कर रही है, और समाज के सभी वर्गों से मिल रहे सहयोग से कार्यों को और गति मिल रही है।

संत समाज ने मुख्यमंत्री के प्रयासों की सराहना की

अखाड़ा परिषद के संतों ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के ग्राउंड जीरो पर जाकर प्रभावितों से सीधे संवाद करने और राहत कार्यों की स्वयं निगरानी करने की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने प्रत्येक प्रभावित परिवार को भरोसा दिलाया है कि सरकार संकट की इस घड़ी में उनके साथ खड़ी है।

इस दौरान महानिर्वाणी अखाड़े के महंत रविंद्र पुरी महाराज, श्री पंचायती नया अखाड़ा उदासीन अध्यक्ष महंत धुनी दास जी, महामंडलेश्वर हरिचेतनानंद , बाबा हठयोगी, महा मंडलेश्वर स्वामी रूपेंद्र प्रकाश एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

यूट्यूबर सौरभ जोशी को कुख्यात गैंगस्टर हिमांशु भाऊ से मिली धमकी

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यूट्यूबर सौरभ जोशी को कुख्यात गैंगस्टर हिमांशु भाऊ से मिली धमकी हल्द्वानी के यूट्यूबर सौरभ जोशी को धमकी देने के मामले में सामने आया है कि इसके पीछे हरियाणा का कुख्यात अपराधी हिमांशु भाऊ है, जो इस वक्त अमेरिका में रहकर अपना आपराधिक नेटवर्क संचालित कर रहा है। यह हल्द्वानी में भाऊ गैंग की ओर से धमकी देने का पहला मामला है।

हिमांशु भाऊ: हरियाणा का दुर्दांत अपराधी

हिमांशु भाऊ, जो हरियाणा के रोहतक जिले के रतौली गांव का निवासी है, वर्ष 2022 में मात्र 24 घंटे के भीतर हरियाणा और दिल्ली-एनसीआर में तीन हत्याएं करवा चुका है। इन वारदातों के बाद वह फर्जी पासपोर्ट के जरिए अमेरिका भाग गया। अमेरिका से उसने दिल्ली, हरियाणा और राजस्थान में अपना गैंग मजबूत किया, जो अब सोशल मीडिया हस्तियों और बड़े व्यापारियों को निशाना बनाकर रंगदारी मांगने और धमकाने जैसे अपराध कर रहा है।

सौरभ जोशी को धमकी, पहले भी मिल चुकी है धमकी

यह पहली बार नहीं है जब सौरभ जोशी को जान से मारने की धमकी मिली है। पिछले साल 18 नवंबर को भी उन्हें गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के नाम पर दो करोड़ की रंगदारी मांगी गई थी। उस मामले में पुलिस ने बदायूं (उत्तर प्रदेश) निवासी अरुण कुमार को गिरफ्तार किया था, जिसने धमकी भरा पत्र कॉलोनी के गेट पर छोड़ा था और सीसीटीवी में कैद हो गया था।

एल्विश यादव भी बना गैंग का शिकार

भाऊ गैंग की धमकियों का दायरा केवल सौरभ तक सीमित नहीं है। 18 अगस्त 2025 को गुरुग्राम स्थित यूट्यूबर व बिग बॉस ओटीटी 2 के विजेता एल्विश यादव के घर पर भी फायरिंग हुई थी। इस हमले की जिम्मेदारी खुद हिमांशु भाऊ और उसके साथी नीरज फरीदपुरिया ने सोशल मीडिया पर ली थी। उन्होंने हमलावरों के नाम भी सार्वजनिक किए थे। गैंग के मुताबिक, एल्विश यादव ऑनलाइन सट्टे का प्रचार करता है, जो हमले की वजह बना।

गैंग की चेतावनी: सट्टे का प्रचार करने वालों को नहीं बख्शा जाएगा

एल्विश यादव पर हमले के बाद भाऊ गैंग ने सोशल मीडिया पर चेतावनी जारी की थी कि जो भी सोशल मीडिया पर सट्टे का प्रमोशन करेगा, वह उनकी हिट लिस्ट में आ सकता है। सौरभ जोशी को मिली धमकी को भी इसी संदर्भ में जोड़ा जा रहा है।

22 की उम्र में अपराध में कदम, 18 केस दर्ज

हिमांशु भाऊ ने महज 22 साल की उम्र में अपराध की दुनिया में कदम रखा। उस पर अब तक दिल्ली, हरियाणा और राजस्थान में हत्या, रंगदारी, अपहरण और धमकी से जुड़े कुल 18 आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस को यह भी जानकारी मिली है कि उसके गैंग में नाबालिग और युवा लड़कों की भर्ती की जा रही है।


पुलिस का बयान:

“सौरभ जोशी को धमकी मिलने की शिकायत पर तत्काल मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। ई-मेल की लोकेशन और स्रोत की जांच की जा रही है। जरूरत पड़ने पर उनकी सुरक्षा बढ़ाई जाएगी।”
डॉ. जगदीश चंद्र, एसपी क्राइम

आपदा से जूझ रहे प्रदेश के लिए मां धारी देवी से आशीर्वाद लेने पहुंचे सीएम धामी, भावुक हुए श्रद्धालु

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  • मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मां धारी देवी के मंदिर में की पूजा-अर्चना, प्रदेशवासियों की सुरक्षा, सुख-समृद्धि एवं आपदा राहत की कामना

प्रदेश में लगातार हो रही भारी बारिश और आपदा की गंभीर परिस्थितियों के बीच मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी आज पौड़ी जनपद स्थित पावन धारी देवी मंदिर पहुंचे। मुख्यमंत्री शनिवार को चमोली और रुद्रप्रयाग जिलों में आपदाग्रस्त क्षेत्रों का जायज़ा लेने के बाद पौड़ी जिले स्थित धारी देवी मंदिर पहुंचे।

मुख्यमंत्री ने मां धारी देवी के चरणों में नतमस्तक होकर प्रदेशवासियों की सुरक्षा, स्वास्थ्य, सुख-समृद्धि और प्राकृतिक आपदाओं से राहत के लिए विशेष पूजा-अर्चना की। उन्होंने कहा कि मां धारी देवी प्रदेश की आराध्य हैं, और मैं इस संकट की घड़ी में उनके चरणों में संपूर्ण उत्तराखंड की मंगलकामना लेकर आया हूं।

पूजा-अर्चना के बाद मुख्यमंत्री ने मंदिर परिसर में स्थानीय नागरिकों, व्यापारियों, तीर्थयात्रियों और मंदिर समिति के पदाधिकारियों से संवाद किया। उन्होंने लोगों से क्षेत्र की समस्याओं की जानकारी ली और आश्वस्त किया कि राज्य सरकार हर जरूरतमंद तक राहत पहुंचाने के लिए सतत प्रयासरत है।

इस दौरान श्रद्धालुओं ने चारधाम यात्रा प्रबंधन की सराहना करते हुए कहा कि आपदा के बावजूद सरकार द्वारा किए गए इंतजाम अत्यंत सराहनीय हैं। इंदौर से आए श्रद्धालु श्री संतोष पाठक ने मुख्यमंत्री को “हिंदू हृदय सम्राट” बताते हुए कहा कि “आपदा के समय जिस संवेदनशीलता और नेतृत्व क्षमता से मुख्यमंत्री कार्य कर रहे हैं, वह प्रेरणादायक है।”

मुख्यमंत्री ने मंदिर परिसर और अलकनंदा तट का निरीक्षण किया और स्पष्ट निर्देश दिए कि नदी के दोनों किनारों पर भू-कटाव रोकने के लिए ठोस सुरक्षा दीवारों का निर्माण कार्य जल्द प्रारंभ किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सुरक्षा मानकों से कोई समझौता न हो और कार्यों में गुणवत्ता व पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए।

प्रदेश सरकार पीड़ितों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है

मुख्यमंत्री ने कहा कि आपदा की इस कठिन घड़ी में राज्य सरकार हर प्रभावित व्यक्ति के साथ है। राहत और बचाव कार्यों को युद्धस्तर पर चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि “हमारा संकल्प है कि हम हर पीड़ित तक पहुंचें, उसकी ज़रूरत समझें और उसे फिर से सामान्य जीवन की ओर ले जाएं।”

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, विधायक आशा नौटियाल (केदारनाथ), विधायक भरत सिंह चौधरी (रुद्रप्रयाग), जिलाधिकारी श्रीमती स्वाति एस. भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक लोकेश्वर सिंह, अपर जिलाधिकारी अनिल गर्ब्याल, संयुक्त मजिस्ट्रेट दीक्षिता जोशी सहित अन्य अधिकारी व गणमान्यजन उपस्थित रहे।

उत्तराखंड का आपदा प्रबंधन मॉडल बना मिसाल, प्रभावितों के साथ ग्राउंड जीरो पर सीएम धामी

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आपदा के समय में सीएम धामी बने “संकटमोचक”

सीएम धामी की समय पूर्व तैयारियों ने आपदा के प्रभाव को किया सीमित

पीएम मोदी का भी मिला भरपूर साथ

गत चार महीनों में उत्तराखंड ने प्रकृति के विकराल रूप का सामना किया है। धराली में तबाही से लेकर थराली, पौड़ी, टिहरी, पिथौरागढ़, हरिद्वार, देहरादून, चमोली तक हुई विनाशकारी बारिश और भूस्खलन की घटनाओं ने राज्य को झकझोर कर रख दिया है। कई बार लोगों के जहन में 2013 जैसी भयानक त्रासदी की यादें तक ताज़ा हो गई, पर इस बार एक फर्क साफ़ दिखा “तैयारी, शीघ्र प्रतिक्रिया और नेतृत्व की मौजूदगी”!

इसी वजह से जान-माल का नुकसान अपेक्षाकृत कम हुआ। यह सब मिलकर उस ‘धामी मॉडल’ को परिभाषित करते हैं जिसे आज प्रदेश और देश के कुछ हिस्सों में उदाहरण के रूप में देखा जा रहा है।

धराली में अचानक आई तबाही ने गांव, होटल और बुनियादी ढांचे को भारी क्षति पहुँचाई। शुरुआती सूचनाएँ चिंताजनक रहीं, लेकिन आपदा के कुछ ही समय के भीतर ही सीएम धामी के नेतृत्व में एक्टिव हुई राज्य व केंद्र की एजेंसियाँ—एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, सेना और स्थानीय प्रशासन सक्रिय मोड में आ गईं। हेलिकॉप्टर से आपूर्ति, रेस्क्यू दलों की तैनाती और तत्काल राहत शिविर स्थापित किए गए, जिससे कई परिवारों तक समय पर मदद पहुँची। इन समन्वयकारी प्रयासों ने राहत कार्यों में गति और पारदर्शिता दोनों जोड़े।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व की सबसे प्रमुख विशेषता उनका ग्राउंड-प्रेजेंस और सक्रिय मॉनिटरिंग रहा। हर आपदा के तुरंत बाद सीएम धामी स्वयं घटनास्थल पर पहुँचे, राहत कार्यों की निगरानी की और प्रभावितों से सीधे संवाद बनाये रखा। गुरुवार को भी सीएम धामी ने देहरादून के सहस्त्रधारा, मसूरी रोड, टपकेश्वर मंदिर क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण किया। इस सक्रिय नेतृत्व ने राहत कार्यों में जनता के विश्वास और प्रशासन की गति को मज़बूती दी है। राज्य सरकार ने प्रभावित परिवारों के लिए तत्काल आर्थिक सहायता के रूप में कई जगहों पर पाँच लाख रुपये तक के पैकेज की घोषणा की और चेक वितरण की प्रक्रिया तेज़ की, जिससे प्रभावित परिवारों को आवास, प्राथमिक जरूरतें और पुनर्वास की शुरुआती लागत का सामना करने में मदद मिली।

स्थिति के आकलन के बाद केंद्र सरकार ने भी प्रदेश के साथ समन्वय में कदम उठाए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिजली, सड़कों और पुनर्वास के मद्देनज़र 1,200 करोड़ रुपये के तात्कालिक राहत पैकेज की घोषणा की और मृतक परिवारों व घायलों हेतु मदद की व्यवस्था की। इस केंद्रीय पैकेज ने न केवल वित्तीय मदद दी बल्कि प्रदेश के पुनर्निर्माण कार्यों को गति भी प्रदान की।

धामी मॉडल की सबसे बड़ी विशेषता इसकी तैयारी और त्वरित तैनाती है। मौसम और हाइड्रोलॉजी पर लगातार निगरानी रखी जाती है, जोखिम वाले इलाकों में समय पर रेड/ऑरेंज अलर्ट जारी होते हैं, SDRF/NDRF, सेना, स्थानीय प्रशासन और स्वास्थ्य सेवाओं को एकीकृत कंट्रोल रूम से निर्देशित किया जाता है। स्थानीय प्रतिनिधियों और ग्राम स्तर की व्यवस्थाओं के जरिए राहत सामग्री वितरण में पारदर्शिता बढ़ी है, और प्रभावितों को त्वरित चेक वितरण तथा दीर्घकालिक पुनर्वास योजनाओं की रूपरेखा तैयार की जाती है।

कई सर्वे सीएम धामी के आपदा प्रबंधन मॉडल की सीधे तौर पर सराहना भी कर चुके हैं। हालिया में एक प्रतिष्ठित न्यूज ग्रुप द्वारा सर्वे में भी लोगों ने आपदा प्रभावित राज्यों में सीएम धामी के आपदा प्रबंधन मॉडल को सबसे बेहतर बताया है।

प्रदेश में आई ये आपदा केवल प्राकृतिक घटना नहीं, बल्कि शासन-प्रणाली और तैयारियों की कसौटी भी है। मुख्यमंत्री के निर्णायक कदम, त्वरित राहत और केंद्र–राज्य समन्वय ने इस बार नुकसान को कम करने में भूमिका निभाई और यही कारण है कि कई राष्ट्रीय प्लेटफॉर्मों ने इस प्रतिक्रिया मॉडल पर ध्यान दिया है।

जनता की समस्याओं के समाधान हेतु तत्पर मुख्यमंत्री धामी

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सदैव अपनी व्यस्ततम दिनचर्या के बावजूद जनता के बीच समय निकालकर उनकी समस्याओं को सुनने और समाधान दिलाने को प्राथमिकता देते हैं। इसका जीवंत उदाहरण तब देखने को मिला जब प्रातःकाल ही उनके खटीमा आवास पर बड़ी संख्या में लोग अपनी-अपनी समस्याएँ लेकर पहुँचे।

मुख्यमंत्री ने बड़ी गंभीरता और धैर्य के साथ प्रत्येक व्यक्ति की बात ध्यानपूर्वक सुनी। किसी की समस्या भूमि से जुड़ी थी, किसी की रोजगार से, किसी की पारिवारिक परेशानी से तो किसी की प्रशासनिक स्तर पर अटकी हुई फाइल से। हर समस्या को सुनते हुए उन्होंने तुरंत ही संबंधित अधिकारियों को मौके पर मौजूद रहते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए और यह सुनिश्चित किया कि समाधान शीघ्र और पारदर्शी तरीके से किया जाए।

यह दृश्य अपने आप में दर्शाता है कि मुख्यमंत्री धामी केवल “सत्ता के शीर्ष” पर बैठे नेता नहीं हैं, बल्कि जनता के बीच रहने वाले जननायक हैं। उनका यह व्यवहार जनता के मन में यह विश्वास और मजबूत करता है कि उत्तराखण्ड का नेतृत्व ऐसे व्यक्ति के हाथों में है जो वास्तव में उनकी परेशानियों को अपनी जिम्मेदारी समझते हैं।

धामी की यही संवेदनशीलता और जनता के साथ सीधा संवाद उन्हें अन्य नेताओं से अलग पहचान देती है। जनता का कहना है कि— “हमारे मुख्यमंत्री सचमुच धाकड़ हैं, जो हर समय जनता की आवाज़ सुनने और उसे हल करने के लिए तत्पर रहते हैं।”

मुख्यमंत्री धामी ने लिया रुद्रप्रयाग जनपद के आपदा प्रभावित क्षेत्रों का जायजा, केदारनाथ यात्रा की व्यवस्थाओं को चाक-चौबंद बनाने के दिए निर्देश

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आपदा पीड़ितों को हर संभव सहायता पहुंचाना हमारी प्राथमिकता- मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को जनपद रुद्रप्रयाग के आपदा प्रभावित बसुकेदार क्षेत्र के तालजामण, डूंगर, बड़ेथ, जौला, कमद, उछोला, छैनागाड़, पटुय आदि गांवों का हवाई सर्वेक्षण किया। तत्पश्चात उन्होंने जिला पंचायत सभागार, रुद्रप्रयाग में बैठक कर आपदा प्रभावित क्षेत्रों में चल रहे बचाव एवं राहत कार्यों, विद्युत, पेयजल, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सुविधाओं की उपलब्धता, मोटर मार्गों की अद्यतन स्थिति और श्री केदारनाथ धाम यात्रा की व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष मानसून काल में समूचे प्रदेश ने आपदा के कारण कठिन परिस्थितियों और चुनौतियों का सामना किया है। उन्होंने प्रभावितों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की और आपदा के समय जिला प्रशासन की तत्परता से कार्य करने पर सराहना की। उन्होंने कहा कि स्थानीय प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के प्रभावित क्षेत्रों में तत्परता से पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्य किए जाने से प्रभावितों को हौसला मिला है।

मुख्यमंत्री ने आपदा की इस घड़ी में राज्य को पूर्ण सहयोग देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में आई आपदा की स्थिति की जानकारी का अपडेट समय-समय पर प्रधानमंत्री ले रहे थे। देहरादून पहुंचकर उन्होंने प्रभावितों से भेंट करने के साथ ही प्रभावित क्षेत्रों में तात्कालिक राहत पहुंचाने के लिए 1200 करोड़ की धनराशि देने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को आगामी 30 सितम्बर तक अलर्ट मोड पर रहकरआपदा से निपटने के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए।उन्होंने नदी-नालों पर अतिक्रमण हटाने पर विशेष निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मानसून के बाद श्री केदारनाथ धाम में श्रद्धालुओं की संख्या में तेजी से वृद्धि होने की संभावना है, इसके दृष्टिगत यात्रा व्यवस्थाओं को चाक – चौबंद बनाए रखना जरूरी है।उन्होंने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है और यात्रा को सुगम बनाने के लिए युद्ध स्तर पर कार्य किए जाएं।

जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग प्रतीक जैन ने मुख्यमंत्री को जनपद में मानसून काल तथा 28 अगस्त को आई आपदा से प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति से अवगत कराया। उन्होंने आपदा के दौरान प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाने एवं राहत शिविरों में आश्रय देने की व्यवस्था, खाद्यान्न किट, रिफ्रेशमेंट किट, सोलर लाइट, कंबल, टेंट, तिरपाल, टॉर्च, चिकित्सा सुविधाएं एवं मेडिकल कैंप संचालित किए जाने राहत एवं बचाव कार्यों में मानवीय संसाधन, हेली सेवा द्वारा प्रसव पीड़िताओं को अस्पताल पहुंचाना, खाद्यान्न वितरण आपदा से पशु क्षति, निजी संपत्ति एवं पशुधन क्षति, भवन व गौशालाओं की क्षति सहित सड़क मार्ग, पेयजल योजनाएं, विद्युत पोल-ट्रांसफार्मर, कृषि भूमि आदि प्रभावित हुए परिसंपत्तियों के बारे में मुख्यमंत्री को विस्तृत जानकारी दी।

जिलाधिकारी द्वारा मुख्यमंत्री को जनपद के सड़क मार्गों पर जवाड़ी बाईपास, सिरोबगड़, मुनकटिया, गौरीकुंड हाईवे सहित संवेदनशील स्थलों तथा श्री केदारनाथ धाम पैदल मार्ग पर हुए नुकसान एवं सुधार कार्यों की जानकारी प्रस्तुत की गई तथा केदारनाथ यात्रा के दूसरे चरण में अनुमानित यात्रियों की संख्या, हेली सेवाओं एवं व्यवस्थाओं की जानकारी भी दी गई।

विधायक रुद्रप्रयाग एवं विधायक केदारनाथ ने आपदा की घड़ी में त्वरित कार्यवाही के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने अपने-अपने क्षेत्रों में आपदा से हुई क्षति, सड़क मार्ग निर्माण एवं अन्य समस्याओं से भी अवगत कराया।

इस अवसर पर चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम कठैत, विधायक रुद्रप्रयाग भरत चौधरी, विधायक केदारनाथ आशा नौटियाल, राज्य मंत्री चंडी प्रसाद भट्ट, जिला पंचायत उपाध्यक्ष रितु नेगी, भाजपा जिलाध्यक्ष भारत भूषण भट्ट, भाजपा पूर्व जिलाध्यक्ष महावीर पंवार, जिलाधिकारी प्रतीक जैन, पुलिस अधीक्षक अक्षय प्रहलाद कोंडे, अपर जिलाधिकारी श्याम सिंह राणा सहित विभिन्न विभागीय अधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं आमजन उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री ने प्रभावितों का दुःख साझा करते हुए हरसंभव सहायता का दिया भरोसा

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  • मुख्यमंत्री ने चमोली जिले के आपदा प्रभावित क्षेत्रों का किया निरीक्षण
  • अधिकारियों को निर्देश – राहत एवं रेस्टोरेशन कार्यों में न रहे कोई कसर
  • मृतकों के परिजनों को प्रदान की 5-5 लाख के सहायता राशि

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को चमोली जनपद के नंदानगर क्षेत्र में आपदा से हुए नुकसान का जायजा लिया और प्रभावितों का हाल जाना। मुख्यमंत्री ने कहा कि संकट की इस घड़ी में सरकार पूरी तरह से प्रभावित परिवारों के साथ खड़ी है। इस दौरान मुख्यमंत्री ने राहत कार्याे की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को प्रभावित क्षेत्रों में हुए नुक़सान का विस्तृत आकलन करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख की सहायता राशि के चेक भी प्रदान किये।

मुख्यमंत्री ने आपदा प्रभावित कुंतारी लगा फाली और कुंतारी लगा सरपाणी का स्थलीय निरीक्षण करने के साथ ही धुर्मा, मोख, कुंडी, बांसबारा और मोखमल्ला गांवों का हवाई सर्वेक्षण कर आपदा से नुकसान एवं राहत कार्यों का विस्तृत जायजा लिया। मुख्यमंत्री ने आपदा प्रभावितों से भेंट कर कहा कि आपदा की इस घड़ी में सरकार पूरी तरह से प्रभावितों की साथ खड़ी है। प्रभावित क्षेत्रों में युद्धस्तर पर राहत और बचाव कार्य संचालित किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जन-जीवन को जल्द सामान्य करने के लिए राहत एवं बुनियादी सुविधाओं की बहाली के कार्यों को पूरी क्षमता व तत्परता से संचालित करने में निरंतर जुटे रहें। प्रभावित क्षेत्रों में विद्युत एवं पेयजल की सुचारू आपूर्ति और सभी क्षेत्रों तक सड़क संपर्क बहाल करने के काम को प्राथकिता से पूरा किया जाय।

इस दौरान जिलाधिकारी चमोली श्री संदीप तिवारी ने आपदा से हुए नुकसान तथा राहत एवं बचाव कार्यों की जानकारी देते हुए कहा कि आपदा प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्य लगातार जारी है। अब तक 12 घायल व्यक्तियों को हेलीकॉप्टर के माध्यम से हायर सेंटर रेफर किया गया है, जिनमें से 01 घायल व्यक्ति को एम्स ऋषिकेश तथा 11 घायलों को मेडिकल कॉलेज श्रीनगर भेजा गया। कुंतरी लगा फाली, सरपाणी, धुर्मा, सेरा एवं मोख में लगभग 45 भवन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हुए हैं तथा 15 गौशालाएं भी नष्ट हुई हैं, वहीं इन क्षेत्रों में 08 पशु मृत एवं 40 पशु लापता बताए गए हैं। प्रभावित क्षेत्रों में विस्तृत सर्वेक्षण का कार्य गतिमान है। प्रभावित लोगों को खाद्य सामग्री, आश्रय, स्वास्थ्य एवं अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

इस दौरान जनपद के प्रभारी मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, विधायक थराली भूपाल राम टम्टा, जिला पंचायत अध्यक्ष दौलत सिंह बिष्ट, भाजपा जिलाध्यक्ष गजपाल बर्तवाल, पुलिस अधीक्षक सर्वेश पंवार, एसडीएम चमोली आर.के.पाण्डेय सहित जनपद के अन्य अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री धामी ने नगर निगम देहरादून द्वारा आयोजित प्रदर्शनी का किया शुभारंभ

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सेवा पखवाड़ा के अंतर्गत शुक्रवार को नगर निगम देहरादून द्वारा आयोजित प्रदर्शनी का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सेवा पखवाड़ा के तहत प्रदेश में स्वच्छता, स्वास्थ्य सेवा, महिला सशक्तिकरण एवं सामाजिक जागरूकता से जुड़े विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। जन सुविधाओं के लिए बहुद्देशीय शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। केन्द्र और राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं से लोगो को लाभान्वित किया जा रहा है। उन्होंने सभी को सेवा पखवाड़ा की गतिविधियों में सक्रिय सहयोग का आह्वान किया।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट, नरेश बंसल, मेयर सौरभ थपलियाल, विधायक खजानदास, उमेश शर्मा काऊ, अन्य जन प्रतिनिधिगण मौजूद थे।