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पत्नी दस्तावेज लेकर हुई फरार,परेशान पति पहुंचा कोतवाली

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नैनीताल — हल्द्वानी में एक अजीबोगरीब मामला सामने आया है, जहां एक महिला अपने प्रेमी के साथ फरार हो गई और जाते-जाते घर के जरूरी दस्तावेज भी साथ ले गई। परेशान पति ने जब पत्नी की तलाश शुरू की, तो वह एक युवक के साथ सीसीटीवी फुटेज में नजर आई। अब पति ने प्रेमी पर अपहरण का शक जताते हुए हल्द्वानी कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई है।

पुलिस के अनुसार, हल्द्वानी क्षेत्र के निवासी एक व्यक्ति ने बताया कि उसकी पत्नी बीते अगस्त महीने में अचानक बिना किसी को कुछ बताए घर से गायब हो गई। महिला अपना मोबाइल फोन घर पर ही छोड़ गई, लेकिन घर से उसका आधार कार्ड, पैन कार्ड और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज गायब थे।

काफी तलाश के बाद जब पत्नी का कोई सुराग नहीं मिला, तो पति ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरे खंगालने शुरू किए। तीनपानी इलाके के एक कैमरे में महिला एक युवक के साथ जाती हुई नजर आई। पति का आरोप है कि उसकी पत्नी पिछले छह महीनों से उत्तर प्रदेश निवासी एक व्यक्ति से लगातार बातचीत कर रही थी और संभवतः उसी ने बहला-फुसलाकर उसे अपने साथ भगा लिया है।

हल्द्वानी पुलिस बताया कि पति की शिकायत पर महिला की गुमशुदगी दर्ज कर ली गई है और मामले की जांच की जा रही है। जल्द ही महिला का सुराग लगाकर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

नॉट : यह रिपोर्ट एक चल रही पुलिस जांच पर आधारित है। सभी आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही की जाएगी।

चेकिंग के दौरान तेज रफ्तार वाहन ने 3 पुलिसकर्मियों को रौंदा, गंभीर घायल

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देहरादून में वाहन की टक्कर से घायल पुलिसकर्मियों का हॉस्पिटल में इलाज चल रहा है.

देहरादून: थाना डालनवाला के अंतर्गत आराघर टी जंक्शन पर आज सुबह तड़के चेकिंग के दौरान ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों को एक वाहन चालक ने टक्कर मार दी. आनन-फानन में घटना में बुरी तरह से घायल हुए तीनों पुलिसकर्मियों को इलाज के लिए निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया. घटना की खबर मिलते ही एसएसपी अजय सिंह भी तत्काल अस्पताल पहुंचे, जहां उन्होंने सम्बंधित अधिकारियों को कर्मियों के बेहतर इलाज के लिए कहा. वहीं पुलिसकर्मियों को टक्कर मारकर भागने वाले आरोपी को थाना डालनवाला पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. साथ ही आरोपी युवक की महिंद्रा थार वाहन को भी कब्जे में लेकर सीज किया गया हैं, जिसके द्वारा ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों पर टक्कर मारी गई.

वाहन की टक्कर से पुलिसकर्मी गंभीर घायल: राजधानी देहरादून में एक तेज रफ्तार वाहन चालक ने तीन पुलिस कर्मियों को रौंद दिया. घटना में तीनों पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हुए हैं. बता दें कि सुबह करीब 3:45 पर आराघर टी जंक्शन पर चेकिंग ड्यूटी में नियुक्त पुलिसकर्मी हेड कांस्टेबल सुगन पाल, कांस्टेबल सचिन ओर कांस्टेबल कमला प्रसाद ने आराघर टी जंक्शन में चेकिंग के दौरान एक वाहन को रोकने का इशारा किया. लेकिन तेज रफ्तार चालक ने तीनों पुलिसकर्मी को टक्कर मारकर गंभीर रूप से घायल कर दिया.

घायलों को नजदीकी हॉस्पिटल में किया गया भर्ती: जिनको तत्काल प्राथमिक इलाज के लिए 108 एम्बुलेंस के माध्यम से नजदीकी अस्पताल ले जाया गया. गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें हायर सेंटर रेफर करते हुए निजी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है, जहां पर तीनों पुलिसकर्मियों का इलाज चल रहा है. पुलिसकर्मियों को टक्कर मारकर भागने वाले आरोपी वाहन चालक को थाना डालनवाला पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. घटना की सूचना पर एसएसपी अजय सिंह ने अस्पताल पहुंचकर पुलिसकर्मियों का हाल जाना और सभी पुलिसकर्मियों को बेहतर से बेहतर इलाज उपलब्ध कराने के लिए डॉक्टरों से वार्ता की गई.

वाहन चालक को पुलिस ने किया गिरफ्तार: इस दौरान प्रभारी निरीक्षक कैंट और डालनवाला को पुलिसकर्मियों के इलाज के लिए हर संभव सहायता के निर्देश दिए गए. एसएसपी अजय सिंह ने बताया है कि घटना के सम्बंध में संबंधित वाहन चालक के खिलाफ धाराओं में मुकदमा पंजीकृत कर घटना में प्रयोग थार वाहन को कब्जे में लेकर आरोपी मोहम्मद उमर उर्फ ताहिर को गिरफ्तार किया गया. पुलिस द्वारा आगे की कार्रवाई जारी है.

दीपावली को लेकर स्वास्थ्य और अग्निशमन विभाग अलर्ट, संवेदनशील क्षेत्रों में तैनात रहेंगी गाड़ियां

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दीपावली को लेकर फायर ब्रिगेड और स्वास्थ्य विभाग ने 108 एम्बुलेंसों को जगह-जगह तैनात किया है.

देहरादून: दीपावली के दौरान लोग जमकर आतिशबाजी करते हैं, जिसके चलते कई बार लोग घायल हो जाते हैं. साथ ही आसपास के क्षेत्र में भी आग लगने की संभावनाएं बनी रहती हैं, ऐसे में दमकल और स्वास्थ्य विभाग की भूमिका अहम होती है. जहां एक ओर पुलिस प्रशासन ट्रैफिक व्यवस्था को दुरुस्त करने की कवायद में जुटा है, वहीं, दूसरी ओर दीपावली पर्व पर कोई अनहोनी या आगजनी की घटनाएं ना हो, इसके लिए फायर ब्रिगेड ने भी कमर कस ली है. साथ ही आपात स्थिति के लिए 108 एम्बुलेंस को भी जगह-जगह तैयार रखा गया है.

पुलिस और स्वास्थ्य विभाग ने कसी कमर: देशभर में दीपावली पर्व की धूम देखने के मिल रही है. दीपावली के लेकर जहां एक ओर बाजारों में रौनक है तो वहीं दूसरी ओर दीपावली त्यौहार की तैयारियों में स्वास्थ्य महकमा और पुलिस विभाग जुटा हुआ है. मुख्य रूप से त्यौहारी सीजन के दौरान यातायात व्यवस्था को सुचारू रखने जहां पुलिस प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती होती है तो वहीं दूसरी ओर आतिशबाजी के दौरान आग लगने के दौरान फायर ब्रिगेड भी महत्वपूर्ण रोल अदा करता है. पिछले सालों में भी आतिशबाजी के दौरान लोगों के घायल होने और आग लगने की घटना सामने आती रही हैं, खासकर शॉर्ट सर्किट की वजह से भी काफी अधिक आग लगती है.

108 एंबुलेंस सेवा तैयार: जिसको देखते हुए अग्निशमन विभाग पूरी तरह से अलर्ट हो गया है, ताकि दीपावली के दौरान अगर कहीं भी आग लगने की घटना होती है तो तत्काल अग्निशमन वाहनों को मौके पर भेजा जा सके, ताकि आग पर काबू पाए जा सके. इसी तरह 108 सेवा भी काफी महत्वपूर्ण हो जाती है, क्योंकि अगर आतिशबाजी के दौरान या फिर किसी वजह से आपात स्थिति बनती है तो 108 एंबुलेंस सेवा को तैयार रखा गया है.

दीपावली पर इतनी टीमों को किया गया तैयार: दीपावली को देखते हुए उत्तराखंड अग्निशमन एवं आपात सेवा की ओर से प्रदेश के सभी 13 जिलों में 129 स्थानों पर अग्निशमन ड्यूटी स्थल चिन्हित किए गए हैं. जहां पर फायर ब्रिगेड की गाड़ियों और टीमों को तैनात किया गया है. अल्मोड़ा जिले में 7 स्थानों, बागेश्वर जिले में तीन स्थानों, चमोली जिले में 11 स्थानों, चंपावत जिले में 6 स्थानों, देहरादून जिले में 27 स्थानों, हरिद्वार जिले में 16 स्थानों, नैनीताल जिले में 14 स्थानों, पौड़ी गढ़वाल जिले में 11 स्थानों, पिथौरागढ़ जिले में 5 स्थानों, रुद्रप्रयाग जिले में 4 स्थानों, टिहरी गढ़वाल जिले में 4 स्थानों, उधमसिंह नगर जिले में 14 स्थानों और उत्तरकाशी जिले में 7 स्थानों पर फायर ब्रिगेड की टीमों को तैनात किया गया है.

पर्व को लेकर हाई अलर्ट पर विभाग: इसी तरह दीपावली के मद्देनजर 108 एम्बुलेंस सेवा की 272 एम्बुलेंस को हाई अलर्ट पर रखा गया है. साथ ही विभाग की ओर से सभी कर्मचारियों को किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं. देहरादून जिले में सर्वे चौक, घंटाघर, जाखन, रायपुर, बल्लूपुर चौक, प्रेमनगर, विधानसभा, रेसकोर्स के मुख्य चौराहों पर एंबुलेंस की तैनाती की गई है. 108 एम्बुलेंस सेवा के महाप्रबंधक (प्रोजेक्ट) ने बताया कि साल 2024 में 31 अक्टूबर से एक नवंबर तक कल 759 मामले सामने आए थे. जिसमें से प्रसव संबंधी 210 मामले, एंबुलेंस में प्रसव के तीन मामले, रोड एक्सीडेंट के 57 मामले, हृदय रोग से संबंधित 19 मामले और जलने समेत अन्य 473 मामले सामने आए थे.

दीपावली हर्षोल्लास का पर्व है, पर्व पर आतिशबाजी, डेकोरेशन समेत अन्य तरह की गतिविधियां रहती है. जिसको देखते हुए प्रदेश के सभी जिलों को विस्तृत दिशा निर्देश जारी किए गए हैं. जिसमें मुख्य रूप से पटाखे की बिक्री के लिए चार से पांच दिन का जो लाइसेंस दिया जाता है, उस दौरान सभी को यह आदेश दिए गए हैं कि पटाखों की बिक्री प्रतिबंधित क्षेत्र में नहीं की जाएगी. ऐसे में जो चिन्हित क्षेत्र हैं और जहां के लिए जिन विक्रेताओं को लाइसेंस दिए गए हैं, वहीं पर ही पटाखे की बिक्री होगी. इसके अलावा फायर ब्रिगेड की गाड़ियों को तैनात करने के लिए जगह भी चिन्हित है.
संदीप राणा, उपनिदेशक, अग्निशमन विभाग

कर्मियों को सतर्क रहने के निर्देश: संदीप राणा ने आगे बताया कि बाजारों और छोटी गलियों के लिए बैकपैक सेट मोटरसाइकिल तैनात किए जाते हैं, इसके अलावा अन्य जगहों पर छोटे-बड़े फायर ब्रिगेड की गाड़ियां तैनात की जाती है. पुलिस, फायर सर्विस और जिला प्रशासन की संयुक्त टीमों को यह निर्देश दिए गए हैं कि संयुक्त अभियान चलाया जाए. साथ ही जहां भी पटाखों का अवैध भंडारण किया गया है, विधिक कार्रवाई की जाए. ऐसे में सभी जिलों के मुख्य अग्निशमन अधिकारियों को दिशा निर्देश दिए गए हैं ताकि दीपावली त्यौहार के दौरान सतर्क रहे.

त्यौहारों में अक्सर लोग असावधानी के चलते दुर्घटना के शिकार हो जाते हैं. साथ ही कहा कि दीपावली के त्यौहार में अक्सर एक्सीडेंट और जलने की घटनाओं में वृद्धि देखी गई है. ऐसे में दीपावली त्यौहार को लेकर 108 एम्बुलेंस सेवा पूरी तरह से सक्रिय हैं. ऐसे में पिछले सालों के अनुभवों के आधार पर जिन स्थानों पर दुर्घटनाएं होती हैं, उन जगहों पर एम्बुलेंस की टीमें तैनात की गई हैं.
अनिल शर्मा, महाप्रबंधक (प्रोजेक्ट), 108 एम्बुलेंस

संकरी गलियों के लिए ये है व्यवस्था: अग्निशमन विभाग के उपनिदेशक संदीप राणा ने कहा कि प्रदेश के पर्वतीय क्षेत्रों के साथ ही मैदानी क्षेत्रों में जो क्षेत्र संवेदनशील हैं और जहां पर पटाखों का क्रय विक्रय किया जाता है. उनके आसपास ही फायर ब्रिगेड की टीमों को तैनात किया जाता है. ऐसे में अगर कहीं आग लगने की घटना सामने आती हैं तो तत्काल नजदीकी फायर ब्रिगेड की टीम को मौके पर भेजा जाता है. सामान्य दिनों में भी फायर ब्रिगेड की टीम में तैनात रहती हैं. जिन्हें इमरजेंसी के दौरान रवाना किया जाता है. जो संकरी गलियां या छोटे सड़क मार्ग हैं, वहां पर छोटे फायर ब्रिगेड या फिर इक्विपमेंट से बैकपैक सेट मोटरसाइकिल को भेजा जाता है.

अवैध धर्मांतरण, अतिक्रमण और दंगा फैलाने वालों पर सख्त एक्शन ले रही सरकार, 250 अवैध मदरसों को किया सील

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सूबे में सरकारी और निजी संपत्तियों पर लंबे समय से अवैध अतिक्रमण के मामले सामने आते रहे हैं. जिसके बाद सरकार लगातार एक्शन में है.

देहरादून: उत्तराखंड की सौहार्दभाव को ठेस पहुंचाने वालों और अवैध धर्मांतरण, अतिक्रमण पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने फिर कड़ा संदेश दिया है. सीएम धामी ने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर लिखा कि उत्तराखंड में अवैध धर्मांतरण, अतिक्रमण और दंगा फैलाने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जा रही है. उत्तराखंड में 9,000 एकड़ से अधिक सरकारी भूमि ‘लैंड जिहादियों’ से वापस ली गई है और 250 अवैध मदरसों को सील किया जा चुका है.

सरकार कर रही सख्त कार्रवाई: सीएम पुष्कर सिंह धामी ने अपने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर लिखा कि “जिस प्रकार दीपावली में दीपों की ज्योति अंधकार को समाप्त करती है, उसी प्रकार हमारी सरकार देवभूमि उत्तराखंड में सुशासन का दीप प्रज्वलित कर जिहादी और नक्सली सोच को समाप्त करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है. प्रदेश में अवैध धर्मांतरण, अतिक्रमण और दंगा फैलाने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जा रही है”

सरकार की जीरो टॉलरेंस की नीति: गौर हो कि उत्तराखंड में धामी सरकार का रूख सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जे और अतिक्रमण समेत अवैध धार्मिक निर्माणों के खिलाफ सख्त रहा है. साथ ही यूपी की तर्ज पर धामी सरकार भी लगातार कार्रवाई करती आ रही है. यहां तक कि उत्तराखंड सरकार ने लैंड जिहाद जैसे मामलों पर जीरो टॉलरेंस की नीति स्पष्ट की है. जिसके बाद पूर्व में प्रदेश भर में बड़े पैमाने पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई.

250 अवैध मदरसों को किया सील: उत्तराखंड में सीएम धामी का ताबड़तोड़ एक्शन भी सियासी गलयारों में चर्चा का विषय बना रहा. रुड़की में भाजपा के नए कार्यालय के उद्घाटन के मौके पर सीएम धामी ने कहा किसीएम धामी ने कहा कि उत्तराखंड में 9,000 एकड़ से अधिक सरकारी भूमि ‘लैंड जिहादियों’ से वापस ली गई है. 250 अवैध मदरसों को सील किया जा चुका है और 500 से अधिक अवैध ढांचों को ध्वस्तीकरण किया जा चुका है. उन्होंने आगे कहा कि अभी भी सरकार का एक्शन जारी है. इस पर काम अभी भी जारी है.

मदरसा बोर्ड को समाप्त करने का फैसला: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि पूरे प्रदेश में ‘ऑपरेशन कालनेमि’ के तहत “सनातन हिंदू धर्म को बदनाम करने वाले छद्मवेशियों” के खिलाफ कड़ी कार्रवाई जारी है. जो अपनी असली पहचान छिपाकर हिंदू संतों का ढोंग रचकर लोगों को ठगते हैं.उन्होंने आगे कहा कि सरकार ने “हाल ही में अल्पसंख्यक शिक्षा अधिनियम बनाकर राज्य में मदरसा बोर्ड को समाप्त करने का भी फैसला किया है.

विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर युवक से लाखों की ठगी, वाहन हटाने को लेकर दो पक्षों में मारपीट

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राजधानी देहरादून में विदेश में एक युवक को नौकरी का झांसा देकर लाखों की ठगी का मामला सामने आया है.

देहरादून: विदेश में नौकरी लगवाने के नाम पर दो युवकों ने एक युवक से लाखों रुपए ठग लिए. युवक ने सरकारी नौकरी के लिए कई बार प्रतियोगी परीक्षा देने के बावजूद असफल रहने पर विदेश में नौकरी करने का निर्णय लिया था. लेकिन युवक का यह सपना पूरा नहीं हुआ. युवक ने नौकरी के लिए गहने बेचकर रकम जुटाई थी. पीड़ित युवक पर दोनों आरोपियों के खिलाफ थाना रायपुर में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है. फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है.

युवक से लाखों की ठगी: उत्तरकाशी बड़कोट निवासी जगदीश सिंह ने शिकायत दर्ज कराई है कि उसे काफी समय से नौकरी की तलाश थी. पीड़ित ने सरकारी नौकरी के लिए कहीं प्रतियोगी परीक्षाएं दी लेकिन सफल नहीं हो पाया. ऐसे में उसने नौकरी के लिए विदेश जाने का निर्णय लिया. लेकिन उसे विदेश में नौकरी के बारे में कोई जानकारी नहीं थी. इसी दौरान उसकी मुलाकात रोहित पंवार निवासी टिहरी गढ़वाल से हुई, जिसने विदेश में नौकरी के नाम पर 2 लाख 23 हजार रुपए की डिमांड की.

आरोपी ने युवक को धमकाया: उसने यह रकम गोपाल सिंह निवासी सहस्रधारा रोड एमडीडीए के खाते में डलवाए. दोनों ने मिलकर नौकरी का एक फर्जी एग्रीमेंट किया और एक फर्जी टिकट पीड़ित को देकर उसे दिल्ली एयरपोर्ट भेज दिया. पीड़ित के दिल्ली पहुंचने पर पुलिस ने बताया कि यह टिकट फर्जी है. पीड़ित के अनुसार उसने अपने जीवनकाल में कभी हवाई यात्रा नहीं की थी, जिस कारण हवाई टिकट के बारे में कोई जानकारी नहीं थी. पीड़ित द्वारा रकम मांगने के लिए जब वह गोपाल सिंह के घर मयूर विहार सहस्त्रधारा रोड गया तो आरोपी ने कहा कि वह रिटायर्ड पुलिसकर्मी है और उसका वह कुछ नहीं बिगाड़ सकेगा.

पीड़ित जगदीश सिंह की तहरीर के आधार पर दोनों आरोपी रोहित पंवार ओर गोपाल सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर पुलिस मामले की जांच कर रही है.
गिरीश नेगी,थाना रायपुर प्रभारी

वाहन हटाने को लेकर मारपीट: थाना नेहरू कॉलोनी क्षेत्र के अंतर्गत फवारा चौक पर शनिवार दोपहर दूध के वाहन को हटाने को लेकर दो पक्षों में जमकर मारपीट हो गई. इस दौरान एक पक्ष में पिस्टल लहराकर हमला किया. इस मामले में नेहरू कॉलोनी थाना रायपुर ने एक नामजद समेत अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है. जानकारी के अनुसार फवारा चौक पर दूध की डेयरी चलने वाले युवक ने शिकायत दर्ज कराई है कि उसके पड़ोसी में एक युवक दूध का कारोबार करता है.

पुलिस ने किया मुकदमा दर्ज: शनिवार दोपहर डेयरी के बाहर उसका दूध के केन से भरा वाहन खड़ा था, जिसे हटाने के लिए दूध बेचने वाला दुकानदार गाली गलौज करने लगा. विरोध करने पर आरोपी ने अपने साथियों के साथ उसके ऊपर हमला कर दिया. इस दौरान पिस्टल लहराने लगा. इस संबंध में नेहरू कॉलोनी थाना प्रभारी संजीत कुमार ने बताया है कि तहरीर के आधार पर आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है.

दीपावली पर प्रदूषण नियंत्रण को लेकर गाइडलाइन जारी, थर्ड पार्टी भी रखेगी निगरानी, जानिये प्लान

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इस बार केवल प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ही नहीं, बल्कि एक थर्ड पार्टी एजेंसी भी राज्य में वायु गुणवत्ता की जांच करेगी.

देहरादून: दीपावली पर पर्यावरण प्रदूषण कई शहरों में अपने चरम पर पहुंच जाता है. भारी मात्रा में पटाखों का उपयोग पर्यावरण के लिए इस दौरान बेहद नुकसान देने वाला दिखाई देता है. ऐसे में न केवल राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड बल्कि अब थर्ड पार्टी भी पर्यावरण की सेहत पर नजर रखने वाली है. जानिए क्या है प्लान..

दीपावली के दौरान प्रदूषण पर काबू पाने के लिए उत्तराखंड में अब पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड अलर्ट मोड पर है. सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड ने राज्यों को विशेष गाइडलाइन जारी करते हुए कहा है कि दीपावली से पांच दिन पहले और पांच दिन बाद तक वायु गुणवत्ता पर सघन निगरानी रखी जाए. इसके तहत राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को पर्यावरण की स्थिति पर नजर बनाए रखनी है, ताकि वायु प्रदूषण में अचानक बढ़ोतरी पर तुरंत कार्रवाई की जा सके.

खास बात यह है कि इस बार केवल प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ही नहीं, बल्कि एक थर्ड पार्टी एजेंसी भी राज्य में वायु गुणवत्ता की जांच करेगी. एजेंसी को इस अवधि में अलग-अलग शहरों में प्रदूषण के स्तर की रिपोर्ट तैयार करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है.

पर्यावरण की सेहत जानने के लिए चार मुख्य मानकों पीएम 2.5, पीएम 10, कार्बन डाइऑक्साइड और नाइट्रोजन ऑक्साइड पर निगरानी रखी जाएगी. इसके लिए राज्यभर में एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग स्टेशन सक्रिय कर दिए गए हैं. इन स्टेशनों से मिलने वाले आंकड़ों के आधार पर जिलाधिकारियों को आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए जाएंगे.

उधर वायुमंडल में धूल के कणों को नियंत्रित करने के लिए नगर निगमों को सड़कों और निर्माण स्थलों पर नियमित रूप से पानी का छिड़काव करने को कहा गया है. दीपावली के दौरान पटाखों की बिक्री और उनके मानकों की जांच के लिए भी विशेष दिशा-निर्देश जारी हुए हैं. नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के संकेत दिए गए हैं.

थर्ड पार्टी के रूप में चयनित कंपनी अब पूरे राज्य में निर्धारित मानकों के अनुरूप वायु गुणवत्ता की निगरानी करेगी. इस बार टिहरी को भी प्रदूषण निगरानी के दायरे में शामिल किया गया है, जबकि देहरादून की दो जगहों और ऋषिकेश की एक साइट पर पहले से निगरानी की जा रही है. इसके अलावा काशीपुर में भी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का स्टेशन सक्रिय है.

गौरतलब है कि पिछले कुछ समय में उत्तराखंड के प्रमुख शहरों की एयर क्वालिटी इंडेक्स में सुधार देखने को मिला है. प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का प्रयास है कि दीपावली के दौरान और बाद में भी यह सुधार कायम रहे. सरकार ने लोगों से प्रदूषण मुक्त दिवाली मनाने की अपील की है.

देहरादून के बड़े अस्पताल में नर्सिंग स्टाफ के साथ छेड़छाड़, अटेंडेंट को नर्सों ने सिखाया सबक

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हरिद्वार रोड स्थित एक प्रतिष्ठित अस्पताल की घटना, पुलिस के हवाले किया गया आरोपी बदतमीज अटेंटेंड

देहरादून: राजधानी के एक बड़े अस्पताल में एक नर्स के साथ छेड़छाड़ किए जाने की शर्मनाक घटना सामने आई है. अस्पताल में एक अटेंडेंट ने अस्पताल में तैनात नर्सिंग स्टाफ के साथ छेड़खानी कर दी. जिसके बाद नर्सिंग स्टाफ ने अटेंडेंट पर थप्पड़ों की बौछारें कर दी.

बड़े अस्पताल के नर्सिंग स्टाफ के साथ बदतमीजी: दरअसल मामला हरिद्वार रोड स्थित एक प्रतिष्ठित अस्पताल का बताया जा रहा है. यहां एक अटेंडेंट ने ड्यूटी में तैनात नर्सिंग स्टाफ के साथ बदतमीजी कर दी. अटेंडेंट की बदतमीजी से वहां मौजूद नर्स का पारा हाई हो गया. उसने अटेंडेंट पर जमकर थप्पड़ जड़ दिए. नर्स द्वारा की गई पिटाई का वीडियो तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है.

बदतमीज अटेंडेंट को नर्सिंग स्टाफ ने सिखाया सबक: इस घटना का जो वीडियो सामने आया है, उसमें स्टाफ नर्स अटेंडेंट को चांटे रसीद करते हुए दिखाई दे रही हैं. बदतमीजी करने वाला अटेंडेंट माफी मांगता पर नजर आ रहा है. फिलहाल आरोपी को पुलिस के हवाले कर दिया गया है. यह घटना गुरुवार देर रात की है, किंतु हंगामा की यह घटना शुक्रवार की बताई गई है.

अस्पताल से निकालने के बाद अटेंडेंट ने फिर की घुसपैठ: शुक्रवार को मामला और गंभीर हो गया था. अभद्रता किए जाने के बाद गुरुवार की रात को ही वहां मौजूद स्टाफ ने उसे अस्पताल परिसर से बाहर कर दिया था. लेकिन शुक्रवार को एक बार फिर अटेंडेंट अस्पताल परिसर में वापस आ गया और नर्सिंग स्टाफ से दुर्व्यवहार करने लगा. तभी अस्पताल की एक महिला स्टाफ ने उसको पकड़ लिया और थप्पड़ जड़ दिये. जिसके बाद वहां मौजूद सुरक्षा कर्मियों और मेडिकल स्टाफ ने आरोपी को पड़कर पुलिस के हवाले कर दिया.

पुलिस के हवाले किया गया आरोपी अटेंडेंट: वीडियो में स्टाफ नर्स के आसपास मौजूद मरीजों के तीमारदार भी इस व्यक्ति को पुलिस के हवाले करने की बात कर रहे हैं. अटेंडेंट पर यह भी आरोप है कि वह ड्यूटी में तैनात सभी महिला स्टाफ कर्मियों के साथ इसी तरह का दुर्व्यवहार करके अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा था.

9 महीने में उत्तराखंड में कटे 8643 चालान, 2405 ड्राइविंग लाइसेंस सस्पेंड, जिलेवार जानिये आंकड़े

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उत्तराखंड पुलिस प्रदेशभर में नशे के खिलाफ लगातार एक्शन ले रही है.

देहरादून/पिथौरागढ़: सड़क सुरक्षा को सुदृढ़ बनाने तथा नशे की हालत में वाहन चलाने जैसी घातक प्रवृत्तियों पर नियंत्रण के लिए यातायात निदेशालय, उत्तराखण्ड पुलिस ने राज्य के सभी जनपदों में विशेष प्रवर्तन अभियान लगातार संचालित किया जा रहा है. अभियान के तहत इस अभियान का उद्देश्य नशे में वाहन संचालन से होने वाली दुर्घटनाओं में कमी लाना और आम जनता में यातायात अनुशासन के प्रति जागरुकता बढ़ाना है.

जनवरी से सितम्बर 2025 तक की प्रवर्तन कार्यवाही, पुलिस मुख्यालय और यातायात निदेशालय के निर्देशन में प्रदेश के अलग-अलग जनपदों में कुल 8643 चालान नशे की हालत में वाहन चलाने के मामलों में कार्यवाही की गई है. कुल 2405 ड्राइविंग लाइसेंस (DL) निलंबन के लिए परिवहन विभाग को प्रेषित किए गए. यातयात निदेशालय द्वारा जारी आंकड़े तस्दीक करते हैं कि देहरादून में सबसे अधिक नशे में वाहन चलाने पर कार्यवाही हुई है. डीएल निलंबन के लिए परिवहन विभाग को प्रेषित किया गया है.

जनपदों में हुई कार्रवाई

  1. देहरादून जिले में 4286 चालान, 1144 डीएल निलंबन के लिए प्रेषित.
  2. पौड़ी गढ़वाल जिले में 1682 चालान, 752 डीएल निलंबन के लिए प्रेषित.
  3. हरिद्वार जिले में 1097 चालान, 77 डीएल निलंबन के लिए प्रेषित.
  4. नैनीताल जिल में 448 चालान, 157 डीएल निलंबन के लिए प्रेषित.
  5. पिथौरागढ़ जिले में 291 चालान, 80 डीएल निलंबन के लिए प्रेषित.
  6. ऊधम सिंह नगर जिले में 279 चालान, 19 डीएल निलंबन के लिए प्रेषित.
  7. टिहरी गढ़वाल जिले में 212 चालान,95 डीएल निलंबन के लिए प्रेषित.
  8. चमोली जिल में 72 चालान,19 डीएल निलंबन के लिए प्रेषित.
  9. उत्तरकाशी जिले में 66 चालान,14 डीएल निलंबन के लिए प्रेषित.
  10. चम्पावत जिले में 65 चालान,11 डीएल निलंबन के लिए प्रेषित.
  11. अल्मोड़ा जिले में 52 चालान, 8 डीएल निलंबन के लिए प्रेषित.
  12. बागेश्वर जिले में 47 चालान,19 डीएल निलंबन के लिए प्रेषित.
  13. रुद्रप्रयाग जिले में 46 चालान,10 डीएल निलंबन के लिए प्रेषित.

यातयात निदेशक अनंत शंकर ताकवाले ने बताया नशे में वाहन चलाने वाले वाहनों के खिलाफ कार्यवाही की समीक्षा की गई.समीक्षा के दौरान जनपद स्तर पर निरंतर प्रभावी प्रवर्तन और जागरूकता अभियानों को और अधिक सुदृढ़ करने के निर्देश दिए. साथ ही नशे की हालत में वाहन चलाना न केवल चालक के जीवन को खतरे में डालता है,बल्कि अन्य सड़क उपयोग कर्ताओं के लिए भी गंभीर जोखिम उत्पन्न करता है.

दीपावली के दौरान सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से परिवहन विभाग, पिथौरागढ़ एक्शन मोड में है. एआरटीओ (प्रवर्तन) शिवांश कांडपाल के नेतृत्व में चल रहे विशेष अभियान के तहत पिछले दो दिनों में सड़क सुरक्षा से संबंधित विभिन्न धाराओं के अंतर्गत 70 वाहनों के चालान किए गए हैं. 2 वाहनों को सीज किया गया है. एआरटीओ कांडपाल ने बताया 18 से 25 अक्टूबर तक जनपद में व्यापक चेकिंग अभियान संचालित किया जाएगा. जिसमें विशेष रूप से ओवरलोडिंग पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी.

हल्द्वानी में रेस्टोरेंट में लगी भीषण आग, लाखों का सामान जलकर राख

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हल्द्वानी में शॉर्ट सर्किट से एक रेस्टोरेंट में भीषण आग लग गई.

हल्द्वानी: शहर के ट्रांसपोर्ट नगर क्षेत्र में बीती देर रात एक रेस्टोरेंट में भीषण आग लगने से अफरा तफरी मच गई. देखते ही देखते रेस्टोरेंट पूरी तरह से जलकर राख हो गया. आग लगने की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया. हालांकि तब तक रेस्टोरेंट का ऊपरी हिस्सा और अंदर रखा लाखों रुपये का सामान जलकर राख हो चुका था.

सामान जलकर हुआ राख: रेस्टोरेंट स्वामी ने बताया कि रेस्टोरेंट के पास ही लगे बिजली के पोल से देर रात अचानक तेज स्पार्किंग हुई, जिसके बाद आग तेजी से फैल गई. उन्होंने आरोप लगाया कि कई बार बिजली विभाग को पोल पर लटक रहे ढीले तारों और खराब कनेक्शन की जानकारी दी गई थी, लेकिन विभाग ने इस पर कोई ध्यान नहीं दिया. नतीजा यह हुआ कि एक लापरवाही ने उनका सब कुछ जला दिया.

फायर ब्रिगेड ने आग पर पाया काबू: रेस्टोरेंट स्वामी ने बताया कि आग लगने से रेफ्रिजरेटर, फर्नीचर, रसोई उपकरण और जरुरी दस्तावेज पूरी तरह से जल गए, आग इतनी भीषण थी कि आसपास की दुकानों तक फैलने का खतरा पैदा हो गया. हालांकि फायर ब्रिगेड की टीम ने समय रहते आग को नियंत्रित कर लिया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया.

आग लगने की घटना की जांच तेज: फायर ब्रिगेड अधिकारी मिंदर पाल सिंह ने बताया कि जैसे ही नियंत्रण कक्ष को आग लगने की सूचना मिली, तुरंत अग्निशमन वाहन मौके पर भेजा गया. टीम ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाया और आसपास के क्षेत्र को सुरक्षित किया. उन्होंने बताया कि प्राथमिक जांच में आग लगने का कारण विद्युत शार्ट सर्किट प्रतीत हो रहा है. स्थानीय लोगों ने कहा कि विभागीय कर्मचारी समय से चेत जाते, तो लाखों की संपत्ति बच सकती थी. फिलहाल पुलिस और फायर विभाग ने मामले की जांच शुरू कर दी है.

मसूरी में पेट्रोल-डीजल से भरा ट्रक गहरी खाई में गिरा, मचा हड़कंप

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मसूरी में एक ट्रक अनियंत्रित होकर गहरी खाई में गिर गया.

मसूरी: केम्पटी फॉल के पास शनिवार सुबह एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया, जब पेट्रोल और डीजल से भरा एक ट्रक पेट्रोल पंप के ठीक सामने अचानक गहरी खाई में गिर गया. खाई में गिरते ही ट्रक के टैंक फट गए और डीजल-पेट्रोल का तीव्र रिसाव शुरू हो गया, जिससे इलाके में आग लगने का खतरा गहरा गया. घटना सुबह के समय की है, जब देहरादून से आ रहा ट्रक, जो पेट्रोल और डीजल से पूरी तरह भरा हुआ था, केम्पटी स्थित पेट्रोल पंप पर आपूर्ति के लिए रुका था. फिलहाल पुलिस घटना की जांच कर रही है.

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, चालक ने ट्रक को हैंड ब्रेक लगाकर खड़ा किया और पंप की ओर चला गया. लेकिन कुछ ही पलों में ट्रक धीरे-धीरे पीछे की ओर खिसकता हुआ खाई में जा गिरा. खाई में गिरने से ट्रक के ईंधन टैंक बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए और पेट्रोल-डीजल तेजी से बहने लगा. पूरे इलाके में पेट्रोल की गंध फैल गई .रिसाव इतना अधिक था कि पेट्रोल/डीजल की धारा सड़क की ओर बहने लगी. घटना की सूचना मिलते ही केम्पटी पुलिस और मसूरी फायर सर्विस की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और इलाके को चारों ओर से घेर लिया. फायर सर्विस अधिकारियों ने आग की संभावना को देखते हुए चेतावनी जारी की.

फायर सर्विस और स्थानीय प्रशासन ने तत्परता दिखाते हुए रिसते हुए ट्रक से पेट्रोल और डीजल को एक अन्य खाली टैंकर में स्थानांतरित करना शुरू किया गया. इसके लिए विशेष पाइप का उपयोग किया गया, ताकि किसी भी चिंगारी या घर्षण से आग न लगे. फायर ऑफिसर धीरज तडियाल ने बताया कि दीपावली के समय पर पेट्रोल और डीजल से भरा ट्रक गिरना खतरा भरा है. पुलिस ने बताया कि ट्रक चालक से पूछताछ की जा रही है. प्रारंभिक जानकारी के अनुसार ट्रक में तकनीकी खामी हो सकती है. पुलिस तकनीकी टीम की सहायता से पूरे मामले की जांच कर रही है.