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रजत जयंती वर्ष पर प्रधानमंत्री मोदी ने राज्य को दी 8260.72 करोड़ की सौगात

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सौंग बांध और जमरानी बांध परियोजनाओं से होगी पेयजल आपूर्ति

100.67 करोड़ से होगा चौरासी कुटिया का पुनरोद्धार

देहरादून। उत्तराखण्ड राज्य स्थापन के रजत जयंती वर्ष समारोह में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने लगभग ₹8260.72 करोड़ की योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया।

प्रधानमंत्री ने लगभग ₹7329.06 करोड़ की 19 योजनाओं का शिलान्यास किया। इनमें सिंचाई विभाग की ₹2491.96 करोड़ लागत की सौंग बांध पेयजल परियोजना और ₹2584.10 करोड़ की जमरानी बांध पेयजल परियोजना प्रमुख हैं।

देहरादून व टिहरी जनपद में प्रस्तावित सौंग बांध पेयजल परियोजना से देहरादून जनपद में 150 एमएलडी पेयजल की आपूर्ति होगी। परियोजना में 130 मीटर ऊंचा बांध बनाया जाएगा। इससे देहरादून शहर की जलापूर्ति में सुधार होगा।

 

वहीं नैनीताल जनपद में प्रस्तावित जमरानी बांध परियोजना एक बहुउद्देशीय परियोजना है। परियोजना से 57065 हेक्टेयर क्षेत्रफल में सिंचाई होने के साथ 14 मेगावाट बिजली का भी उत्पादन होगा।

प्रधानमंत्री जी ने ₹100.53 करोड़ की Toe Protuction and Landslide Stablization work along left bank of Alaknanda River at Jyotirmath in Distt. Chamoli, ₹140.22 करोड़ की जनपद पिथौरागढ के धारचूला में काली नदी के दाएं पार्श्व में स्थित विभिन्न स्थलों पर बाढ़ सुरक्षा योजना,

₹340.29 करोड़ की जनपद चमोली के पीपलकोटी में 400 के.वी. पीपलकोटी स्वीचिंग उपसंस्थान एवं सम्बन्धित पारेषण लाइन,
₹277.23 करोड़ लागत का जनपद टिहरी के घनसाली में 220 के.वी. उपसंस्थान, ₹129.37 करोड़ लागत से समस्त जनपदों में शासकीय भवनों में सोलर पावर प्लान्ट की स्थापना, ₹223.71 करोड़ की लागत से चम्पावत के बनबसा में 220 के.वी. उपसंस्थान (100 एमवीए) एवं संबंधित पारेषण लाइन (0.3 सर्किट किमी), ₹256.96 करोड़ लागत का चम्पावत के लोहाघाट में “महिला खिलाड़ियों के खेल कौशल विकास हेतु महिला स्पोर्टस कॉलेज, ₹127.43 करोड़ लागत से केन्द्रीय सडक अवस्थापना निधि के अन्तर्गत 08 विभिन्न योजनाओं तथा राज्य योजना के अन्तर्गत 02 विभिन्न योजनाओं का निर्माण कार्य, ₹100.89 करोड़ लागत का जनपद पौड़ी गढ़वाल के यमकेश्वर में गौहरी रेंज के अन्तर्गत चौरासी कुटिया का पुनरोद्धार कार्य, ₹100.67 करोड़ के राजकीय पॉलिटेक्निक लोहाघाट, सल्ट, दन्या, गरूड़, द्वाराहाट व पोखरी में भवन निर्माण कार्य, ₹58.21 करोड़ लागत के जनपद टिहरी व देहरादून के पर्यटन विकास कार्य ₹55.00 करोड़ लागत के देहरादून एवं हल्द्वानी में भर्ती मरीजों के तीमारदारों के ठहरने हेतु रैन बसेरा ₹39.42 करोड़ लागत का उप जिला चिकित्सालय खानपुर का भवन निर्माण, ₹79.83 करोड़ लागत के कपकोट व कर्णप्रयाग में पम्पिंग पेयजल योजना एवं नानकमत्ता में पेयजल योजना पुनर्गठन कार्य, ₹80.77 करोड़ लागत के जनपद नैनीताल के लालकुआं में दुग्ध संघ में 1.50 लाख ली०/दिन की अत्याधुनिक दुग्धशाला की स्थापना, ₹15.16 करोड़ लागत की जनपद पौड़ी में गढ़वाल में पेयजल योजना और ₹11.48 करोड़ लागत के वीर चन्द्र सिंह गढ़वाली उत्तराखण्ड औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, भरसार पौड़ी गढ़वाल में चैनलिंक फेन्सिग कार्य का शिलान्यास किया।

 

प्रधानमंत्री ने ₹931.65 करोड़ की 12 योजनाओं का लोकार्पण भी किया। इनमें ₹161.98 करोड़ की जिला पिथौरागढ के धारचूला में 220/33 के.वी. (50 एम.वी.ए.) बरम, उपसंस्थान एवं सम्बन्धित (25.12 सर्किट किमी) पारेषण लाइन, ₹38.71 करोड़ की जनपद देहरादून के मसूरी, कैन्ट एवं राजपुर रोड में 132 के.वी. बिंदाल-पुरकुल पारेषण लाइन, ₹32.61 करोड़ लागत से राज्य के समस्त जनपदों में शासकीय भवनों में सोलर पावर प्लान्ट की स्थापना,

 

₹128.56 करोड़ की जनपद देहरादून के धर्मपुर, रायपुर, मसूरी एवं कैन्ट में अमृत 1.0 कार्यक्रम अन्तर्गत देहरादून जलापूर्ति की 23 जोन आच्छादन की योजना, ₹126.27 करोड़ लागत से राजकीय पॉलिटेक्निक चम्पावत, टनकपुर, ताकुला, बाडेछीना, चिन्यालीसौण व कुल्सारी में भवनों का निर्माण कार्य, ₹ 110.03 करोड़ लागत की राज्य योजना के अन्तर्गत 03 विभिन्न योजनाओं और केन्द्रीय अवस्थापना निधि के अन्तर्गत 07 विभिन्न योजनाओं का निर्माण कार्य, ₹80.81 करोड़ लागत की जनपद पिथौरागढ़ में गंगोलीहाट, जनपद बागेश्वर में बागेश्वर नगर तथा जनपद पौड़ी गढ़वाल एवं श्रीनगर में पम्पिंग पेयजल योजना, ₹57.50 करोड़ लागत की जनपद पिथौरागढ़ के गंगोलीहाट में बेलपट्टी ग्राम समूह पम्पिंग पेयजल योजना,

₹84.09 करोड़ के जिला पिथौरागढ़ में धारचूला के ग्वालगांव भूस्खलन के उपचारात्मक कार्य,₹66.57 करोड़ लागत से जनपद पिथौरागढ़ एवं देहरादून में बाढ़ सुरक्षात्मक कार्य, ₹26.91 करोड़ की लागत से निर्मित Precision Manufacturing की कार्यशाला और ₹18.61 करोड़ के जिला नैनीताल के हल्द्वानी स्टेडियम के निर्माण कार्य में हॉकी ग्राउंड (एस्ट्रोट्रफ) के लोकार्पण शामिल हैं।

कोतवाली डोईवाला क्षेत्र में हुई चोरी की घटना का ,6 घंटे में किया खुलासा, 2 आरोपी गिरफ्तार

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देहरादून।  कोतवाली डोईवाला क्षेत्र में हुई चोरी की घटना का दून पुलिस ने 6 घंटे के अंदर खुलासा कर दिया है। पुलिस ने घटना में शामिल 2 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जिनके कब्जे से चोरी की गई नगदी और देशी शराब बरामद की गई है।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मनीष रावत और राजू के रूप में हुई है, जो नशे के आदी हैं। आरोपी राजू पूर्व में भी चोरी के मामले में जेल जा चुका है, जिसके विरुद्ध विभिन्न आपराधिक मामलों के आधा दर्जन अभियोग दर्ज हैं।

पुलिस के अनुसार, आरोपी अपने नशे की लत के चलते चोरी की घटनाओं को अंजाम देते हैं। देसी शराब की दुकान में भी आरोपियों ने अपने नशे की लत के चलते चोरी की घटना को अंजाम दिया था।

गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से 15000 रुपये नगद और 84 टेट्रा पैक देशी शराब बरामद की गई है। पुलिस टीम में उ0नि0 नवीन डंगवाल, अ0उ0नि0 वीरेन्द्र सिंह नेगी, हे0का0 देवेन्द्र नेगी, कानि0 रविन्द्र टम्टा, कानि0 धर्मेन्द्र नेगी और कानि0 आशीष शर्मा शामिल थे।

उत्तराखंड राज्य स्थापना दिवस, पीएम मोदी देंगे ₹8260 करोड़ की सौगात, कई योजनाओं का करेंगे शिलान्यास

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पीएम नरेंद्र मोदी 9 नवंबर यानि आज उत्तराखंड के स्थापना दिवस पर आयोजित रजत जयंती समारोह में शिरकत करेंगे.

देहरादून: रजत जयंती के मुख्य कार्यक्रम में शिरकत करने आ रहे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 9 नवंबर यानि आज उत्तराखंड वासियों को कई बड़ी सौगात देंगे. यह सौगात न केवल स्थानीय लोगों के लिए होगी बल्कि यहां आने वाले भक्तों के लिए भी होगी. नौ दिनों से चल रहे उत्तराखंड में राज्य स्थापना दिवस के कार्यक्रम की रौनक प्रदेशभर में देखने के लिए मिल रही है. आज सबसे बड़ा कार्यक्रम राजधानी देहरादून के फॉरेस्ट रिसर्च सेंटर के मैदान में आयोजित होगा. जिसमें पीएम मोदी शिरकत करेंगे.

फॉरेस्ट रिसर्च सेंटर के मैदान में आयोजित कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज 11:00 बजे पहुंचेंगे. रजत जयंती के मुख्य कार्यक्रम में आ रहे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 8260 करोड़ रुपए से अधिक की योजनाओं का लोकार्पण करेंगे. इसमें सबसे बड़ी दो योजना जिसमें केदारनाथ रोपवे प्रोजेक्ट और जमरानी बांध परियोजना है. दोनों ही योजनाएं गढ़वाल और कुमाऊं की तस्वीर बदलकर रख देंगी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ऊर्जा विभाग से संबंधित पर्यटन विभाग और पीडब्ल्यूडी से संबंधित कई योजनाओं का भी लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे.

कार्यक्रम की भव्यता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि जिस स्थल पर यह कार्यक्रम होगा, वहां टेंट लगाने का कार्य बीते 9 दिनों से चल रहा है. राज्य सरकार को यह उम्मीद है कि आज होने वाले कार्यक्रम में 70,000 से अधिक लोग सीधे तौर पर प्रधानमंत्री को सुनने के लिए पहुंचेंगे. प्रधानमंत्री यहां पर कुछ लाभार्थियों से भी मुलाकात कर सकते हैं. राज्य में चल रही योजनाओं का सीधा असर लाभार्थियों को कैसे मिल रहा है, इसकी जानकारी भी पीएम मोदी लेंगे. कार्यक्रम स्थल पर एक प्रदर्शनी भी लगाई गई है.

जिसमें उत्तराखंड की 25 सालों की यात्रा उत्तराखंड में चल रहे तमाम प्रोजेक्ट के बारे में विस्तार पूर्वक बताया गया है. बताया जा रहा है कि लगभग 2 घंटे से अधिक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राजधानी देहरादून में रहेंगे. कार्यक्रम में सभी पूर्व मुख्यमंत्री, कैबिनेट मंत्री, बुद्धिजीवी वर्ग और अन्य फील्ड से जुड़े लोगों को भी आमंत्रित किया गया है. सीएम धामी ने कहा है कि राज्य पीएम मोदी को सुनने के लिए बेहद उत्साहित रहता है. लोगों में 9 नवंबर यानि आज होने वाले भव्य कार्यक्रम को लेकर भी बेहद उत्साह है.आज राज्य के लिए महत्वपूर्ण दिन है, जब पीएम कई सौगात राज्य को सौंपेंगे, हमने सभी तैयारी को अंतिम रूप दे दिया है.

कालाढूंगी: सड़क पर लावारिस पशु से टकराए युवक की मौत, परिवार में कोहराम

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कालाढूंगी (हल्द्वानी)। सड़क पर लावारिस पशु से टकराकर घायल हुए बाइक सवार युवक की उपचार के दौरान मौत हो गई। हादसे से परिवार में मातम छा गया है। आज मृतक का अंतिम संस्कार किया जाएगा।

जानकारी के अनुसार, कालाढूंगी वार्ड नंबर-2 निवासी 30 वर्षीय राजेंद्र सिंह गुर्रो बीते गुरुवार को बाइक से रामनगर से अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान कमोला के पास अचानक सड़क पर आए जानवर से उनकी बाइक टकरा गई। हादसे में राजेंद्र गंभीर रूप से घायल हो गए।

उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद पुलिस ने हायर सेंटर हल्द्वानी भेजा, जहां डॉक्टरों ने उनकी गंभीर हालत को देखते हुए श्रीराम मूर्ति अस्पताल, बरेली रेफर कर दिया था। इलाज के दौरान शनिवार को उनकी मौत हो गई।

राजेंद्र सिंह छोई (रामनगर) स्थित एक होटल में कार्यरत थे। उनके परिवार में पत्नी, आठ वर्षीय बेटा, सात माह की बेटी, माता-पिता और भाई शामिल हैं। राजेंद्र की असमय मौत से पूरे परिवार में कोहराम मचा हुआ है।

देहरादून :(बड़ी खबर) राज्य के विकास में छात्र भी साझीदार बन सकेंगे

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रजत जयंती समारोह में सभी आम ओ खास की रहेगी शिरकत, पीएम नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में छात्र देख सकेंगे राज्य की तरक्की की उभरती हुई तस्वीर, राज्य के विकास में छात्र भी बन सकेंगे साझीदार।

देहरादून। रजत जयंती समारोह में सभी आम ओ खास शिरकत करेंगे। पीएम नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में राज्य के हजारों छात्र देख सकेंगे राज्य की तरक्की की उभरती हुई तस्वीर। राज्य के विकास में छात्र भी साझीदार बन सकेंगे।

रजत जयंती समारोह सरकारी कार्यक्रम है। इस कार्यक्रम में राज्य के सभी लोगों की भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है। राज्य निर्माण कितने संघर्ष और बलिदानों से हुआ, इससे नई पीढ़ी को रूबरू कराने को सरकार हर संभव कदम उठा रही है। सरकार इस आयोजन में समाज के प्रत्येक वर्ग को जोड़ने का प्रयास कर रही है। इसको जन जन का आयोजन बनाया गया है।

सरकारी विभागों के द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी के जरिए छात्रों को राज्य के विकास की जानकारी दी जाएगी। प्रदर्शनी के जरिए राज्य की नीतियों और जन उपयोगी योजनाओं की जानकारी छात्रों और युवा पीढ़ी को दिए जाने पर विपक्ष की ओर से उठाए जा रहे विपक्ष के सवालों को उनका मानसिक दिवालियापन बताया जा रहा है।

 

रुद्रप्रयाग : वाहन दुर्घटनाग्रस्त दो लोगों की मौत, छह घायल

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दुखद : मैक्स वाहन खाई में गिरा, आठ लोग थे सवार

उखीमठ। रुद्रप्रयाग गौरीकुंड हाईवे पर भीरी बाजार के समीप एक मैक्स वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो गया। दुर्घटना में चालक सहित दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। अन्य 6 घायलों को उपचार के लिए सीएचसी अगस्त्यमुनि लाया गया। जहां सभी की स्थिति खतरे से बाहर है।

मक्कू में मेले से शनिवार देर शाम को लौट रहा मैक्स वाहन भीरी बाजार के समीप अनियंत्रित होकर करीब 10 मीटर नीचे खाई में जा गिरा। वाहन में आठ लोग सवार थे। वाहन की चपेट में आने से सड़क किनारे खड़े करीब 6 दोपहिया वाहन भी क्षतिग्रस्त हो गए। थानाध्यक्ष ऊखीमठ मुकेश चौहान ने बतायाकि पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से रेस्क्यू किया। घटना में दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई थी।

मृतकों की पहचान चालक विकास (28) व शिशुपाल (45) निवासी बिजनौर (यूपी) के रूप में हुई। जबकि टिल्लू (42), सुनील (32), जॉनी कुमार (28), सुनील कुमार (38), पवन, नत्थू सभी निवासी बिजनौर घायल हो गए। जिन्हें उपचार के लिए सीएचसी अगस्त्यमुनि में भर्ती कराया गया है। बताया जा रहा है कि सभी लोग फेरी का काम करते थे और मेले से लौट रहे थे। दुर्घटना के कारणों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।

धामी सरकार ने उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारियों की पेंशन बढाई

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आंदोलनकारी पर हेलिकॉप्टर से की गई पुष्प वर्षा

देहरादून। उत्तराखंड राज्य स्थापना रजत जयंती वर्ष के अवसर पर प्रदेश के सभी तहसील मुख्यालय पर उत्तराखंड सरकार द्वारा राज्य निर्माण आंदोलनकारियों को सम्मानित किया गया। इसी क्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी देहरादून पुलिस लाईन में में आयोजित कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि प्रतिभाग कर राज्य आंदोलनकारियों और शहीदों के परिजनों को सम्मानित करने के साथ-साथ उनके लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं भी की।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को देहरादून स्थित शहीद स्थल कचहरी परिसर में उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी शहीदों को पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। राज्य स्थापना के रजत जयंती वर्ष के अवसर पर मुख्यमंत्री ने शनिवार को पुलिस लाइन में आयोजित राज्य आंदोलनकारी सम्मान समारोह में राज्य आंदोलनकारियों और शहीद राज्य आंदोलनकारियों के परिवारजनों को सम्मानित किया। इस दौरान कचहरी परिसर शहीद स्थल और पुलिस लाइन देहरादून में राज्य आंदोलनकारियों पर हेलिकॉप्टर से पुष्प वर्षा भी की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड राज्य का निर्माण केवल राजनीतिक निर्णय नहीं, बल्कि देवभूमि के लाखों लोगों के बलिदान, संघर्ष और तप का परिणाम है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड आंदोलन के दौरान खटीमा, मसूरी और रामपुर तिराहा जैसी दर्दनाक घटनाएं हमारे इतिहास के अमर अध्याय हैं।

राज्य निर्माण में अपने प्राणों की आहुति देने वाले सभी ज्ञात-अज्ञात बलिदानियों को नमन करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य सरकार आंदोलनकारियों के सम्मान को सर्वोच्च प्राथमिकता देती रही है और देती रहेगी। उन्होंने राज्य आंदोलनकारियों के लिए संचालित पेंशन एवं अन्य सुविधाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि यह केवल सहायता नहीं, बल्कि हमारी कृतज्ञता का प्रतीक है।

उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी के लिए मुख्यमंत्री की घोषणा

1-शहीद राज्य आन्दोलनकारियों के नाम पर उनके क्षेत्र की मुख्य अवस्थापना सुविधाओं का नामकरण किया जायेगा।
2-उत्तराखण्ड राज्य आंदोलन के दौरान 7 दिन जेल गये अथवा राज्य आन्दोलन के दौरान घायल हुये आन्दोलनकारियों की पेंशन प्रतिमाह 6 हजार रुपए से बढ़ाकर 7 हजार रुपए प्रतिमाह की जाएगी।
3-उत्तराखण्ड राज्य आन्दोलन के दौरान जेल गये या घायल श्रेणी से भिन्न अन्य राज्य आन्दोलनकारियों की पेंशन प्रतिमाह 4500 रुपए से बढ़ाकर 5500 रुपए प्रतिमाह की जाएगी।
4-उत्तराखंड राज्य आन्दोलन के दौरान विकलांग होकर पूर्णतः शय्याग्रस्त हुए राज्य आन्दोलनकारियों की पेंशन प्रतिमाह 20,000 हजार रूपए से बढ़ाकर 30,000 हजार रुपए की जाएगी और उनकी देखभाल के लिए मेडिकल अटेंडेंड की व्यवस्था भी की जाएगी।
5 -उत्तराखण्ड राज्य आन्दोलन के दौरान शहीद हुये राज्य आन्दोलनकारियों के आश्रितों की पेंशन प्रतिमाह 3000 रुपए से बढ़ाकर 5500 रुपए की जाएगी।
6- उत्तराखण्ड राज्य आन्दोलनकारियों के चिन्हीकरण हेतु वर्ष 2021 तक जिलाधिकारी कार्यालय में प्राप्त लम्बित आवेदन पत्रों के निस्तारण हेतु छः माह का समय विस्तार प्रदान किया जायेगा।
7-समस्त शहीद स्मारकों का सौंदर्यीकरण किया जाएगा।

राज्य स्थापना की रजत जयंती — 25 वर्षों की विकास यात्रा और वर्तमान परिप्रेक्ष्य

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देहरादून उत्तराखंड, जिसे “देवभूमि” के नाम से जाना जाता है, अपनी प्राकृतिक सुंदरता और सांस्कृतिक धरोहर के लिए मशहूर है। इस राज्य की स्थापना 9 नवंबर 2000 को हुई थी, और तब से यहाँ कई नेताओं ने मुख्यमंत्री के रूप में कार्य किया है। उत्तराखंड अपना रजत जयंती वर्ष मना रहा है राज्य में अपने जन्म के बाद से लेकर अभी तक 25 साल पूरे किये जाने का सफर देखा है जिसमे राज्य की सरकारों का लेखा जोखा यहाँ के मतदाता बखूबी समझते है बीजेपी सरकार ने मुख्यमंत्री कई ऐसे लोगो को बनाया जो अपना कार्यकाल राज्य में पूरा नहीं कर सके या उनका सिमित समय मुख्यमंत्री की कुर्सी पर रहा जिसमे सबसे पहला नाम नित्यांनंद स्वामी का आता है फिर उनकी जगह भगत सिंह कोश्यारी मुख्यमंत्री बने

पहले विधानसभा चुनाव 2002में उत्तराखंड में कांग्रेस सरकार मुख्यमंत्री नारायण दत्त तिवारी के नेतृत्व में बनी जो पांच साल तक राज्य में विकास से लेकर बड़े उद्योग लगा कर लाखो परिवारों को रोज़गार का साधन उपलब्ध करवा पाई इसके बाद कांग्रेस का कोई भी मुख्यमंत्री अपना कार्यकाल पूरा नहीं कर पाया

वर्ष 2007 में भुवन चंद खंडूरी को उत्तराखंड का नया मुख्यमंत्री बनाया गया लेकिन ये भी अपना कार्यकाल पूरा नहीं कर सके उनके कड़क फैसले अधिकारी वर्ग के लिए कड़क साबित हुए जिसके बाद रमेश पोखरियाल निशक को मुख्यमंत्री बनाया गया लेकिन अपना कार्यकाल ये भी पूरा नहीं कर पाए उनको हटा कर फिर से भुवन चंद खंडूरी को दोबारा मुखयमंत्री बनाया गया लेकिन विधानसभा चुनाव 2012 में खंडूरी है जरुरी नारे की हवा ठीक वैसे ही निकल दी जैसी हवा हरदा है मतलब हरीश रावत विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को भरी पड़ी

विजय बहुगुणा 2012 में मुख्यमंत्री बनाये गए जो 31 जनवरी 2014 तक रहे इसके बाद उनको हटा कर हरीश रावत को राज्य का मुख्यमंत्री बनाया गया लेकिन हरीश रावत सरकार ने कई तरह के उतार चढ़ाव देखे आपदा से तबाह हुए केदारनाथ धाम में फिर से यात्रा को पटरी पर लाने में वक्त लगा लेकिन उत्तराखंड रोजगार विहीन होने से कई वर्षो तक अपने पैरो पर खड़ा नहीं हो पाया उत्तराखंड में 2017 के लिए विधानसभा चुनावो में कांग्रेस सरकार को सत्ता से हटा दिया जो आज तक सत्ता से दूर है

2017 में हुए विधानसभा चुनावो में बीजेपी सरकार सत्ता में आई त्रिवेंद्र सिंह रावत ने मुख्यमंत्री के रूप में अपनी पारी को शुरू किया लेकिन वो अपना कार्यकाल पूरा नहीं कर सके उनको भी निशंक की तरफ हटाया गया उसके बाद तीरथ सिंह रावत को मुख्यमंत्री बनाया गया लेकिन कुछ महीने बाद भी उनको हटा कर युवा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को मुख्यमंत्री बना कर सत्ता में वापिसी का मसौदा तैयार किया गया लेकिन धामी खटीमा से साजिश रूप में मुख्यमंत्री रूप में वैसे ही हराये गए जैसे हरीश रावत को हराया गया था धामी हार जाने के बाद भी बीजेपी हाई कमान ने दूसरी बार पुष्कर सिंह धामी को 2022 में मुख्यमंत्री बनाया गया तब से लेकर अभी तक धामी कांग्रेस के तिवारी सरकार से अधिक समय तक अपना कार्यकाल चला रहे है रजत जयंती वर्ष में उत्तराखंड अपने 25 सालो का विकास यात्रा का उल्लेख कर रहा है ऐसे में युवा मुख्यमंत्री का उल्लेख भी किया जाना जरुरी है कांग्रेस सरकार के समय सबसे बड़ी युवा मोर्चा रैली से विधानससभा कूच ने तिवारी सरकार को असहज कर दिया था आज तक इतनी बड़ी युवा कूच कोई भी राजनैतिक दल धामी को छोड़ कर नहीं कर पाया है

रजत जयंती उत्सव उत्तराखंड 25 साल साथ रहा अवसर है अब आगे अपना कार्य आपको नए संकल्प से कार्य करना है उत्तराखंड बहुत आगे जाना चाहिए ऐसी आशा है नए विचार नयी सोच नया संकल्प बहुत कुछ करीब से देखने का अवसर मिला ये उत्तराखंड देवो की भूमि से लेकर साजिश रचनाकारों की कई कहानियो का केंद्र रहा है आज अगर देखा जाएं तो उत्तराखंड को एक नयी दिशा का अग्रदूत बन रहा है राज्य में हो रहे हर काम यहाँ के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी कर रहे है ऐसे में उनकी चर्चा सनातन सस्कृति से लेकर हर वर्ग का विकास किये जाने वाली जानी कही जा सकती है हर वयक्ति को साथ रखने का कोई हुनर अगर धामी जी के पास है समय के अनुकूल वो हर कदम को पहचान लेते है

पर्यटन क्षेत्र में 1200 करोड़ की परियोजनाओं पर हुआ निजी निवेश: महाराज

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प्रदेश में बनेंगे नए पर्यटन डेस्टिनेशन

राज्य के 25 वर्षों की विकास यात्रा में महत्वपूर्ण रही पर्यटन विभाग की भूमिका

देहरादून। राज्य की 25 वर्षों की विकास यात्रा में पर्यटन विभाग की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण रही है। राज्य सरकार द्वारा पर्यटन क्षेत्र में अवस्थापना सुविधाओं एवं प्रदेश में तमाम पर्यटक सुविधाओं का लगातार विस्तार हुआ है। पर्यटन सेक्टर में निजी पूंजी निवेश को आकर्षित करने के लिए नई पर्यटन नीति 2023-30 लागू होने के बाद पर्यटन क्षेत्र में 1200 करोड़ की परियोजनाओं पर निजी निवेशकों ने कार्य प्रारंभ किया है।

उक्त बात प्रदेश के पर्यटन, धर्मस्व एवं संस्कृति मंत्री मंत्री सतपाल महाराज ने उत्तराखंड की रजत जयंती पर राज्य की विकास यात्रा में पर्यटन विभाग की भूमिका की जानकारी देते हुए भविष्य में किये जाने वाले कार्यों के विषय में भी सरकार के योजनाओं का खाका खींचा है। उन्होंने कहा कि राज्य गठन के समय वर्ष 2000 में जहां राज्य में 110.79 लाख देशी और 56,766 लाख विदेशी पर्यटक उत्तराखंड आए वहीं वर्ष 2024 तक राज्य में 593.74 लाख देशी और 177 लाख विदेशी सहित कुल 596 लाख पर्यटक उत्तराखंड की धरती पर आए। वर्ष 2000 में जहां राज्य में विश्व प्रसिद्ध चारधाम यात्रा एवं हेमकुंड यात्रा पर 1619961 आये वहीं 2025 में 59 लाख श्रद्धालु और पर्यटकों का उत्तराखंड में आगमन हुआ है।

पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि 2013 में आई केदारनाथ त्रासदी के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के दिशा-निर्देशों राज्य सरकार ने केदारनाथ धाम में 225 करोड़ के पुनर्निर्माण कार्य करवाए हैं जबकि 191 करोड़ के कार्य अभी भी चल रहे हैं। इसी प्रकार बद्रीनाथ धाम को “स्मार्ट स्पिरिचुअल हिल टाउन”के रूप में विकसित करने के उद्देश्य से राज्य सरकार द्वारा चरणबद्ध रूप से भारत सरकार के विभिन्न सार्वजनिक उपक्रमों से 273 करोड़ के सीएसआर फंड से कार्य करवाए जा रहे हैं।

श्री महाराज ने कहा कि राज्य में वीर चंद्र सिंह गढ़वाली पर्यटन स्वरोजगार योजना के तहत पर्यटन व्यवसाय के लिए अधिकतम 33 लाख तक के अनुदान का प्रावधान किया गया है। दीन दयाल उपाध्याय गृह आवास विकास योजना के अंतर्गत अधिकतम 15 लाख के अनुदान का प्रावधान किया गया है। इसी योजना से अब तक 1118 लोग लाभन्वित भी हो चुके हैं। राज्य सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन एवं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में शीतकालीन यात्रा के साथ साथ सहासिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए कई कदम उठा रही है। आदि कैलाश यात्रा को सरल, सुगम और व्यवस्थित बनाने पर जोर दिया जा रहा है। हमारा प्रयास है कि भारत की धरती लिपुलेख से कैलाश मानसरोवर के दर्शन हो सकें इसके लिए भी कार्य योजना तैयार की जा रही है। उत्तराखंड सरकार का लक्ष्य अगले पांच वर्षों में राज्य की जी०डी०पी० को दोगुना करना है, जिसमें पर्यटन क्षेत्र का महत्वपूर्ण योगदान होगा।

पर्यटन मंत्री श्री महाराज ने कहा कि राज्य के युवाओं को विभिन्न प्रकार के कौशल विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत अतिथ्य सत्कार, टूरिस्ट डेस्टिनेशन गाइड, टूर मैनेजर, एस्ट्रो टूर गाइड, स्ट्रीट फूड वेंडर आदि में 8,000 से अधिक युवक एवं युवतियों को रोजगार से जोड़ा गया है। राज्य में पर्यटन सर्किटों की स्थापना एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसका उद्देश्य राज्य के विभिन्न धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों को पर्यटन सुविधाओं से जोड़ना है। राज्य सरकार ने शाक्त, शैव और वैष्णव सर्किटों के अलावा विवेकानंद सर्किट, गोल्ज्यू सर्किट, गुरुद्वारा सर्किट, नवग्रह सर्किट, नागराजा सर्किट, हनुमान सर्किट और महासू देवता सर्किट जैसे कई पर्यटन सर्किटों की स्थापना की है।मानसखंड मंदिर माला मिशन के तहत 16 प्राचीन मंदिरों को पर्यटन सुविधाओं से जोड़ा जा रहा है, जिससे कुमाऊं क्षेत्र में पर्यटन बढ़ेगा। सरकार मानसखंड मंदिर माला मिशन की तरह ही केदारखण्ड मंदिर माला मिशन योजना को भी धरातल पर उतारने का प्रयास कर रही है।

श्री महाराज ने कहा कि देहरादून से मसूरी, गोविन्द घाट से हेमकुण्ड साहिब तथा सोनप्रयाग से केदारनाथ रोपवे के निर्माण की कार्यवाही गतिमान है। जनपद देहरादून के ग्राम हनोल में महासू देवता के लिए 120 करोड़ की धनराशि से मास्टर प्लान तैयार कर अवस्थापना सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। जनपद चमोली के अन्तर्गत भारत के प्रथम गांव माणा एवं उत्तरकाशी के जादुंग गांव को वाईब्रेट विलेज के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसके अलावा नीति गांव के समीप टिम्मर सैंण महादेव को अमरनाथ की तर्ज पर विकसित किया जा रहा है। जनपद उत्तरकाशी में ऐतिहासिक गर्तंग गली को 59 वर्षों बाद जीर्णोद्धार एवं नवीनीकरण के बाद पर्यटकों के लिए खोला गया है। भारतीय पर्यटन अवस्थापना के लिए एक ऐतिहासिक पहल करते हुए ऋषिकेश के गुलर में “द बिग ब्रिज होटल” का निर्माण किया गया है। चारधाम यात्रा मार्ग पर अनुपयोगी हो चुके पुराने पुलों को पर्यटक सुविधाओं की दृष्टि से विकसित किया जा रहा है। कैबिनेट ने पहले चरण में टिहरी, चमोली और रूद्रप्रयाग जिलों में तीन पुलों पर रेस्टोरेंट, पार्किंग और शौचालय बनाने की मंजूरी दी है। उत्तराखण्ड पर्यटन विकास परिषद् के माध्यम से इन पुलों को पर्यटक सुविधाओं के लिए इस्तेमाल किया जाएगा। इसके अलावा राज्य में सरकार की योजना विभिन्न पर्यटन गंतव्य को विकसित करने की भी है जिससे पर्यटक उत्तराखंड का रुख कर सकें।

रजत जयंती 2025 साजिश जयचंद नाबाद पुष्कर सिंह धामी

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उत्तराखण्ड राज्य स्थापना की रजत जयंती — 25 वर्षों की विकास यात्रा और वर्तमान परिप्रेक्ष्य

देहरादून, जिसे “देवभूमि उत्तराखण्ड” के नाम से जाना जाता है, अपनी प्राकृतिक सुंदरता, सांस्कृतिक धरोहर और अध्यात्मिक पहचान के लिए प्रसिद्ध है। यह राज्य 9 नवम्बर 2000 को अस्तित्व में आया था, और आज रजत जयंती वर्ष 2025 में अपने 25 वर्षों की विकास यात्रा का साक्षी बन रहा है।

राजनीतिक सफर: 25 वर्षों का इतिहास

राज्य गठन के बाद से उत्तराखण्ड ने कई मुख्यमंत्रियों को देखा —
पहले मुख्यमंत्री नित्यानंद स्वामी बने, जिनके बाद भगत सिंह कोश्यारी ने पद संभाला।

वर्ष 2002 में हुए पहले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के नारायण दत्त तिवारी मुख्यमंत्री बने। उनके कार्यकाल में राज्य में उद्योगों की स्थापना और रोजगार के अवसरों का विस्तार हुआ। यह वह दौर था जब उत्तराखण्ड ने विकास की ठोस नींव रखी।

इसके बाद 2007 में सत्ता परिवर्तन हुआ और भुवन चंद्र खंडूरी ने मुख्यमंत्री पद संभाला। उनके सख्त प्रशासनिक निर्णयों ने शासन में अनुशासन लाया, परंतु राजनीतिक अस्थिरता के कारण उनका कार्यकाल अधूरा रह गया।
बाद में रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ मुख्यमंत्री बने, परंतु उन्हें भी जल्द ही पद छोड़ना पड़ा, और खंडूरी को दोबारा मुख्यमंत्री बनाया गया।

2012 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस सत्ता में लौटी और विजय बहुगुणा मुख्यमंत्री बने। 2014 में उनकी जगह हरीश रावत को जिम्मेदारी सौंपी गई। हरीश रावत सरकार ने आपदा प्रभावित केदारनाथ धाम के पुनर्निर्माण का कार्य किया, परंतु रोजगार और औद्योगिक क्षेत्र में अपेक्षित प्रगति नहीं हो सकी।
2017 के चुनावों में कांग्रेस सत्ता से बाहर हो गई और आज तक वापसी नहीं कर सकी।

बीजेपी युग और पुष्कर सिंह धामी का नेतृत्व

2017 में भारतीय जनता पार्टी ने प्रचंड बहुमत से सरकार बनाई।
पहले त्रिवेंद्र सिंह रावत, फिर तीरथ सिंह रावत, और उसके बाद पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री के रूप में कार्यभार संभाला। धामी, जो राज्य के सबसे युवा मुख्यमंत्री हैं, 2022 में दूसरी बार पद संभालने के बाद से लगातार राज्य की विकास योजनाओं पर कार्य कर रहे हैं।

धामी सरकार ने राज्य को ड्रग-फ्री, डिजिटल, और आत्मनिर्भर उत्तराखण्ड बनाने के लक्ष्य के साथ अनेक जन-हितकारी योजनाएँ लागू की हैं।
उनका नेतृत्व न केवल संगठनात्मक रूप से मजबूत माना जा रहा है, बल्कि वह हर वर्ग को साथ लेकर चलने वाले नेता के रूप में उभरे हैं।

रजत जयंती वर्ष — आत्मचिंतन और संकल्प का समय

उत्तराखण्ड की 25 वर्षीय यात्रा उपलब्धियों, चुनौतियों और अनुभवों से भरी रही है।
आज जब राज्य अपनी रजत जयंती मना रहा है, यह अवसर है कि हम अपने अतीत से सीखते हुए एक नए भविष्य का संकल्प लें।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य विकास के नए आयाम छू रहा है।
उनकी कार्यशैली में सनातन संस्कृति के संरक्षण और हर वर्ग के विकास की झलक स्पष्ट दिखाई देती है।
यह कहा जा सकता है कि उत्तराखण्ड अब एक नई दिशा और नई सोच के साथ आगे बढ़ रहा है।

लेखक: नारायण परगाई
संपादक, उत्तराखण्ड का पहला डिजिटल पोर्टल — “भड़ास फॉर इंडिया”