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पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद आज हल्द्वानी-नैनीताल में, ट्रैफिक डायवर्जन और नया रूट जानें

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हल्द्वानी: पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद सोमवार को पंतनगर से हल्द्वानी में प्रवेश करेंगे। उनके दौरे को देखते हुए पुलिस ने हल्द्वानी और नैनीताल के लिए विशेष ट्रैफिक और डायवर्जन प्लान जारी किया है। सीओ यातायात नितिन लोहनी ने बताया कि यह प्लान 27 और 28 अक्तूबर को लागू रहेगा। सोमवार को सुबह 11 बजे तक फ्लीट के हल्द्वानी पार करने तक पूरे वीवीआईपी रूट पर भारी मालवाहक वाहनों का आवागमन प्रतिबंधित रहेगा।

ऐसे रहेगा डायवर्जन प्लान

फ्लीट के पंतनगर से हल्द्वानी की ओर आने पर लालकुआं से हल्द्वानी की दिशा में आने वाले वाहन लालकुआं ओवरब्रिज से पहले डिवाइडर के पास रोके जाएंगे।

हल्द्वानी से ज्योलीकोट और नैनीताल की ओर जाने वाला ट्रैफिक…भीमताल तिराहा (काठगोदाम) से भीमताल मार्ग की ओर डायवर्ट किया जाएगा। फ्लीट के मोतीनगर पास करने पर, हल्द्वानी से लालकुआं की ओर जाने वाले वाहन…पुराना तीनपानी तिराहा पर रोके जाएंगे।फ्लीट के तीनपानी तिराहा (डिबेर कट) पार करने पर….इंदिरानगर कट, गौलापुल, कुंवरपुर कट और खेड़ा चौकी के दोनों कटों से मुख्य मार्ग की ओर आने वाला ट्रैफिक रोका जाएगा। भीमताल की ओर से हल्द्वानी आने वाला ट्रैफिक…भीमताल मोड़ (काठगोदाम से पहले), भीमताल पुल पर रोका जाएगा।

जीरो जोन 

पूर्व राष्ट्रपति के कैंची धाम से प्रस्थान करने से 15 मिनट पूर्व पूरे मार्ग पर जीरो जोन लागू किया जाएगा। इस दौरान सभी मार्गों पर आमजन के वाहनों की आवाजाही पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगी। पुलिस प्रशासन ने अपील की है कि आम नागरिक निर्धारित समय में अनावश्यक यात्रा से बचें और वैकल्पिक मार्गों का प्रयोग करें। साथ ही, मौके पर तैनात पुलिसकर्मियों के निर्देशों का पालन करने की भी सलाह दी गई है ताकि यातायात सुचारू बना रहे।

उत्तराखंड: इस जिले में चार रेलवे फाटक आज 12 घंटे के लिए बंद

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देहरादून: जिले के विभिन्न इलाकों में आज चार रेलवे फाटक 12 घंटे तक बंद रहेंगे। यह कदम रेलवे लाइन की मरम्मत कार्य के चलते उठाया गया है। रेलवे की ओर से उपजिलाधिकारी को पत्र के माध्यम से सूचित किया गया है कि रायवाला स्टेशन का फाटक संख्या 20बी, कॉसरो-डोईवाला के बीच फाटक संख्या 28सी, हर्रावाला-देहरादून के बीच फाटक संख्या 38बी और हर्रावाला-देहरादून के बीच फाटक संख्या 41बी 27 अक्टूबर को सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक बंद रहेंगे।

रेलवे प्रशासन ने स्थानीय लोगों और यात्रियों से अपील की है कि इस दौरान वैकल्पिक मार्गों का प्रयोग करें और किसी भी तरह की परेशानी से बचने के लिए रेलवे फाटक पर सुरक्षित इंतजार करें। इस बंदी के कारण यातायात में कुछ देरी और असुविधा हो सकती है, इसलिए लोगों से सलाह दी गई है कि यात्रा की योजना पहले से बनाएं।

रात में सड़क खोदने की अनुमति, पर क्यूआरटी रखेगी पैनी नजर: डीएम सविन बंसल

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प्रशासन ने सार्वजनिक उपयोगिता कार्यों पर लगाई सख्त शर्तें, अनुमति से अधिक खुदाई पर होगी FIR

सीएम धामी का खटीमा दौरा आज, छठ महोत्सव में लेंगे हिस्सा, जानिये कैसी हैं तैयारियां

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उधम सिंह नगर के खटीमा में छठ पूजा की तैयारियां जोरों पर हैं, कार्यक्रम में सीएम धामी शिरकत करेंगे.

खटीमा: हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी खटीमा के रेलवे पार्क में बने छठ घाट पर सोमवार को भव्य छठ महोत्सव का पूर्वांचल सेवा समिति द्वारा आयोजन किया जाएगा. प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर धामी जहां इस आयोजन में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करने जा रहे हैं. वहीं खटीमा में 35 वर्षों से आयोजित हो रहे छठ महोत्सव की पूर्वांचल समाज द्वारा सभी तैयारियां को लगभग पूर्ण कर लिया गया है. पूर्वांचल समाज की महिलाओं के तीन दिन के व्रत आयोजन का यह पर्व 25 से शुरू होकर 28 की सुबह उगते सूर्य भगवान को अर्घ्य देने के उपरांत समाप्त होगा.

खटीमा के रेलवे स्टेशन के समीप संजय रेलवे पार्क में स्थित छठ घाट पर पूर्वांचल सेवा समिति के द्वारा आयोजन किया जाएगा. पूर्वांचल के लोक आस्था के प्रसिद्ध छठ महापर्व को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में हैं. विगत लगभग 35 वर्षों से खटीमा में मनाए जाने वाला छठ महापर्व में इस बार भी भव्य होगा. इस महापर्व में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी बतौर मुख्य अतिथि शिरकत करेंगे. वहीं नगर पालिका अध्यक्ष रमेश चंद्र जोशी द्वारा छठ घाट की साफ सफाई रंग रोगन व सौन्दर्यीकरण का कार्य कराया गया है.

पर्व पर श्रद्धालु महिलाएं कड़े नियमों का पालन करते हुए 36 घंटे का निर्जला व्रत रखती हैं. लोक आस्था का छठ महापर्व कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी शनिवार से नहाए खाए से शुरू हो गया है. पंचमी को खरना होगा तथा षष्ठी सोमवार को व्रती श्रद्धालु महिलाएं छठ घाट पर पहुंचेंगी. जहां डूबते हुए सूर्य को अर्घ्य देकर तथा छठ मैया की पूजा अर्चना करेंगी.

इसी क्रम में सप्तमी मंगलवार को सूर्योदय से पहले व्रती श्रद्धालु महिलाएं पारंपरिक तरीके से छठ घाट पर पहुंचेंगी जहां छठ मैया की पूजा आराधना करेंगी तथा उगते हुए सूर्य को अर्ध देकर व्रत का समापन करेंगी. इस अवसर पर श्रद्धालु महिलाएं संतान प्राप्ति के लिए अपने बच्चों व पति के दीर्घायु, सुख शांति समृद्धि व कल्याण के लिए छठ मैया और सूर्य देव से कामना करती हैं. वहीं पूर्वांचल सेवा समिति के अध्यक्ष साकेत प्रसाद सिंह ने बताया कि प्रतिवर्ष के भांति इस वर्ष भी छठ महापर्व पर भव्य आयोजन होगा.

जिसमें सूबे के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी शिरकत करेंगे. उन्होंने बताया कि छठ महापर्व पर आयोजित होने वाले कार्यक्रम में विभिन्न समाज के लोग श्रद्धा और आस्था के साथ प्रतिभा करते हैं. उन्होंने कहा कि सोमवार को रात्रि के समय पूर्वांचल के प्रसिद्ध कलाकारों तथा स्थानीय विद्यालयों के बच्चों द्वारा झांकियों के साथ मनमोहक और आकर्षक सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया जाएगा. वहीं समापन अवसर पर मंगलवार को प्रातः प्रसाद का वितरण किया जाएगा.

खटीमा में सामूहिक निकाह: इस्लामिक सामाजिक संस्था तंजीम उल्मा ए अहले सुन्नत द्वारा समय-समय पर सामाजिक कार्यों का आयोजन किया जाता है. इसी कड़ी में पहली बार खटीमा में मुस्लिम समुदाय में गरीब बेसहारा लड़कियों की सामूहिक निकाह का आयोजन 29 अक्टूबर को होगा. जिसमें आठ निर्धन जोड़ों के सामूहिक निकाह संस्था द्वारा किया जा रहा है.

आयोजन में जोड़ों को गृहस्थी उपहार व लोगों के दावत का प्रबंधन सामाजिक संस्था तंजीम उल्मा ए अहले सुन्नत द्वारा किया जाएगा. संस्था के प्रमुख मौलाना इरफान उल हक कादरी द्वारा इसकी जानकारी दी गई. आयोजन से पहले भी फ्री मेडिकल कैंप, निर्धन लोगों को एक साल का मुफ्त राशन एवं गरीब बच्चों के पढ़ाई का इंतजाम संस्था द्वारा किया.

फिल्मों जैसी रियल स्टोरी!, सांप के काटने से हुई थी मौत, 13 साल बाद लौटा घर

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यूपी से एक ऐसी खबर सामने आ रही है जो आपको फिल्मी लग सकती है। लेकिन असल में ये रियल स्टोरी है। जिस बेटे का परिवार वालों ने जिस बेटे का गंगा में अंतिम संस्कार कर दिया था। वही 13 साल बाद माता-पिता के सामने आकर खड़ा हो गया।

दरअसल 13 साल पहले लड़के की सांप के डसने से मौत हो गई थी। जिसके बाद परिजनों ने उसे गंगा में बहा दिया था। हालांकि अब वहीं लड़का अपने घर जिंदा लौट आया है। वर्तमान में लड़के की उम्र 26 साल है। युवक को जिंदा देख सभी रिश्तेदार भी हैरान है। चलिए पूरी कहानी जान लेते हैं।

13 साल बाद मरे हुए बेटे की घर वापसी

दरअसल ये मामला औरंगाबाद के गांव सूरजपुर टिकरी का है। यहां के निवासी सुखपाल सैनी की माने तो 13 साल पहले उनके पुत्र दीपू भूसे की कोठरी से कुम काम करने के दौरान सांप द्वारा डस लिया गया था। दीपू को सांप काटने का इलाज करने वाले व्यक्ति के पास ले जाया गया। जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया था।

सांप के काटने से हुई थी मौत, 13 साल बाद लौटा घर

परिजनों ने मृत मानकर उसे ब्रजघाट में गंगा में प्रवाहित कर दिया था। बेटे की मौत से मां सुमन देवी टूट चुकी थी। वो दिन रात बेटे की याद में खोई रहती थीं। किसी ने उन्हें बताया कि सांप काटने से मृत लोगों को सपेरे जड़ी बूटियों से जीवित कर देते हैं। इसी की आस में वो आसपास के सपेरों के यहां जाने लगी।

1 साल पहले बेटे के बारे में पता लगा

सुखपाल के मुताबिक एक साल पहले पलवल में बंगाली बाबा के आश्रम में उन्हें एक अपने बच्चे जैसा युवक दिखा। उसके कान के पीछे वैसा ही निशान था जैसे उनके बेटे के कान के पीछे था। जिसके बाद उन्होंने युवक के बारे में जानकारी जुटाई।

मरा बेटा जिंदा देखकर परिवार में खुशी की लहर

परिवार की माने तो आश्रम के बुजुर्ग सपेरों ने बताया कि दीपू को गंगा में प्रवाहित करने के बाद उन्होंने निकाला था। जिसके बाद वो उसे पलवल के गांव नागल स्थित बंगाली नाथ बाबा के आश्रम लाया गया। कई दिनों तक सपेरों ने जड़ी बूटियों से उसका इलाज किया। कुछ समय बाद वो सही हो गया।

दीपू लौटा अपने घर

उसे फिर बंगाल भेज दिया गया था। छह साल पहले उसे दौबार से आश्रम लाया गया। तब से वो यहीं रह रहा है। जब परिवार वालों ने दीपू को घर ले जाने की इच्छा जताई तो सपेरों ने धार्मिक मान्यता का हवाला देकर उसे एक साल बाद भेजने की बात कही। एक साल बाद दीपू को आश्रम वालों ने उसके गांव भेज दिया। सभी परिवार वाले और रिश्तेदार उसे देखकर खुश हो गया।

उत्तराखंड के शहरों में वायु गुणवत्ता गिरावट, ‘अस्वस्थ’ स्तर पर पहुँची हवा

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दून, काशीपुर और ऋषिकेश में हवा की गुणवत्ता खराब होने का बड़ा कारण धूल है। वाहनों का धुआं भी एक वजह है।

धूल के कारण शहरों में हवा की सेहत बिगड़ रही है। उत्तराखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड दून, काशीपुर और ऋषिकेश में राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (एनसीएपी) चला रहा है। वहां पर हवा की गुणवत्ता खराब होने का सबसे बड़ा कारण धूल माना है। इस समस्या से निपटने को लेकर कई स्तर पर काम शुरू किया गया है।

पीसीबी एनसीएपी के तहत काम कर रहा है, इसमें शहरों में हवा की गुणवत्ता खराब होने के कारणों का भी पता लगाया गया है। इसमें दून की बात करें तो यहां पर पीएम-10 का मुख्य कारण सड़क की धूल (56 प्रतिशत) निकला है, इसके अलावा जंगल की आग 19, वाहन से निकला धुआं सात प्रतिशत है। भवन निर्माण और ध्वस्तीकरण भी बड़े कारणों में एक जो नौ प्रतिशत तक है। साथ ही अन्य कारण भी हैं।

इसके अलावा संबंधित साथ ही सड़क की सफाई का मशीनों के माध्यम से कराए जाने की योजना पर कार्य को शुरू किया गया। सिंतबंर-2025 तक देहरादून, ऋषिकेश, काशीपुर के नगर निगम, परिवहन विभाग, पीसीबी और कृषि विभाग को भी इससे जुड़े कार्याें के लिए 94 करोड़ से अधिक की राशि दी गई है। बीते वर्षों में एनसीएपी के प्रोग्राम चलने के बाद सुधार भी दिखाई दे रहा है। स्वच्छ वायु सर्वेक्षण में देश में ऋषिकेश को 14, देहरादून 19 वां स्थान प्राप्त हुआ है, यह सतत प्रयासों का प्रमाण है।

पौड़ी गढ़वाल मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सोशल मीडिया पर बने चर्चा का केंद्र

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पौड़ी गढ़वाल मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सोशल मीडिया पर बने चर्चा का केंद्र मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शहीद स्मरण समारोह में की 102.82 करोड़ की विकास योजनाओं की सौगात

रिखणीखाल (पौड़ी गढ़वाल)। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को राजकीय इंटर कॉलेज रिखणीखाल में आयोजित शहीद स्मरण समारोह में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कुल 102.82 करोड़ रुपये की लागत से 11 विकास योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इनमें 56.58 करोड़ रुपये की छह योजनाओं का लोकार्पण एवं 46.24 करोड़ रुपये की पांच योजनाओं का शिलान्यास शामिल रहा।

मुख्यमंत्री की घोषणाएँ

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री धामी ने कई महत्वपूर्ण घोषणाएँ कीं, जिनमें शामिल हैं —

  • राजकीय इंटर कॉलेज रिखणीखाल का नाम श्री गुणानंद के नाम पर रखना।

  • विकासखंड रिखणीखाल में दलमोटा से बल्ली तक सड़क निर्माण।

  • प्रेक्षागृह, अतिथि गृह और हैलीपैड का निर्माण कार्य।

  • जयहरीखाल में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की स्थापना।

  • रिखणीखाल व नैनीडांडा क्षेत्र में पंपिंग योजनाओं का निर्माण।

  • विभिन्न ग्रामीण सड़कों का चौड़ीकरण व सुधार कार्य

  • सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रिखणीखाल में डॉक्टरों की नियुक्ति

  • अमर शहीदों के नाम पर मोटर मार्गों का नामकरण।

स्थानीय संस्कृति से जुड़ाव

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर विभागीय स्टॉलों का निरीक्षण किया। उन्होंने ओखली में धान कूटा, सिलबट्टे पर चटनी पीसी और मट्ठा बिलोने जैसी पारंपरिक गतिविधियों में भाग लेकर स्थानीय संस्कृति के प्रति अपनापन जताया। उन्होंने कहा कि आज पहाड़ी उत्पादों की मांग देश-विदेश में बढ़ रही है, और स्थानीय लोग स्वरोजगार अपनाकर अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत करें।

शहीदों के सम्मान में सरकार की पहल

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह कार्यक्रम शहीदों के प्रति सामूहिक श्रद्धांजलि का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि उत्तराखंड के वीर सैनिकों ने सदैव भारत माता का मस्तक ऊँचा किया है। राज्य सरकार शहीदों और उनके परिजनों के कल्याण के लिए कई कदम उठा रही है —

  • अनुग्रह राशि ₹10 लाख से बढ़ाकर ₹50 लाख की गई।

  • परमवीर चक्र एवं अन्य सम्मानित सैनिकों की पुरस्कार राशि में वृद्धि।

  • शहीदों के अंतिम संस्कार हेतु ₹10,000 की सहायता राशि

  • भूमि क्रय पर 25% तक की स्टांप ड्यूटी छूट

  • 28 परिजनों को सरकारी सेवा में नियुक्ति, 13 मामलों पर प्रक्रिया जारी।

  • नियुक्ति आवेदन की समयसीमा 2 वर्ष से बढ़ाकर 5 वर्ष की गई।

मुख्यमंत्री ने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा वन रैंक वन पेंशन, आधुनिक उपकरण, जैकेट और जूते जैसी सुविधाएँ सैनिकों को प्रदान की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि देहरादून में बन रहा भव्य सैन्य धाम शीघ्र ही लोकार्पित किया जाएगा।

विकास के नए आयाम

मुख्यमंत्री धामी ने बताया कि पौड़ी जनपद में विकास कार्य तेजी से हो रहे हैं —

  • कंडोलिया में 100 मीटर ऊँचा तिरंगा और पूर्व सीडीएस जनरल बिपिन रावत पार्क का निर्माण।

  • चारधाम पैदल मार्ग का पुनः संचालन।

  • ट्राइडेंट पार्क, सतपुली झील, धारी देवी पैदल मार्ग, और हेरिटेज कलेक्ट्रेट भवन का निर्माण कार्य प्रगति पर है।

उन्होंने कहा कि सरकार क्षेत्रवाद और जातिवाद से ऊपर उठकर राज्य के सर्वांगीण विकास के लिए कार्य कर रही है। समान नागरिक संहिता (UCC), नकल विरोधी कानून, दंगा विरोधी अधिनियम, और ऑपरेशन कालनेमि जैसे ऐतिहासिक कदमों से प्रदेश में सुशासन की नई मिसाल कायम हुई है।

सम्मान और आभार

विधायक महंत दिलीप रावत ने मुख्यमंत्री का आभार जताते हुए कहा कि सैन्य धाम उत्तराखंड के गौरव को नई ऊँचाइयों पर ले जाएगा। उन्होंने मुख्यमंत्री द्वारा पारदर्शी शासन, नकल विरोधी कानून और UCC लागू करने जैसे कदमों की सराहना की।

इस अवसर पर एडम बटालियन कमांडर कर्नल मंजुल कफल्टिया ने कहा कि भारतीय सेना सदैव शहीदों के परिजनों के साथ खड़ी है और किसी भी समस्या के लिए परिजन गढ़वाल राइफल्स केंद्र, लैंसडाउन से संपर्क कर सकते हैं।

कार्यक्रम में उपस्थित प्रमुख अतिथि

कार्यक्रम में उपाध्यक्ष गौ सेवा आयोग पं. राजेंद्र अण्थवाल, जिला पंचायत सदस्य अनूप पटवाल, ब्लॉक प्रमुख रेणु रावत, प्रमुख रणवीर सजवाण, जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया, एसएसपी लोकेश्वर सिंह समेत कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

दिसंबर से लागू होगा ग्रीन टैक्स, उत्तराखंड में प्रवेश पर बाहरी वाहनों को देना होगा शुल्क

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देहरादून: अधिकारियों के अनुसार इस फैसले का उद्देश्य राज्य में प्रदूषण नियंत्रण, पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता को बढ़ावा देना है। इस टैक्स की वसूली दिसंबर में शुरू होगी।

दिसंबर से बाहरी राज्यों से उत्तराखंड आने वाले वाहनों से ग्रीन टैक्स वसूला जाएगा। अधिकारियों के अनुसार इस फैसले का उद्देश्य राज्य में प्रदूषण नियंत्रण, पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता को बढ़ावा देना है। इस टैक्स की वसूली दिसंबर में शुरू होगी।

राज्य के अतिरिक्त परिवहन आयुक्त सनत कुमार सिंह ने बताया कि राज्य की सीमाओं पर लगाए गए स्वचालित नंबर प्लेट पहचान (एएनपीआर) कैमरे आने वाले वाहनों के पंजीकरण नंबर दर्ज करेंगे। उन्होंने बताया कि सीमावर्ती क्षेत्रों में पहले से ही 16 कैमरे लगे हुए हैं और अब इनकी संख्या बढ़ाकर 37 कर दी गई है। सिंह ने बताया कि परिवहन विभाग ने ग्रीन टैक्स वसूलने के लिए एक विक्रेता कंपनी नियुक्त की है।

छठी मइया को नमन करते हुए पीएम मोदी ने कहा, यह पर्व प्रेरणादायक है

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम में मन की बात की. इस दौरान उन्होंने छठ पर्व की महत्ता पर प्रकाश डाला.

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज मन की बात के 127वें एपिसोड में बोल रहे हैं. प्रधानमंत्री ने आज के इस कार्यक्रम की शुरुआत पर्व त्योहारों पर चर्चा से की. उन्होंने छठी मइया को नमन करते हुए इस पर्व पर जोर दिया. छठ पर्व के महत्व को विस्तार से बताया.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, ‘कुछ दिन पहले हम सभी ने दिवाली मनाई और अब बड़ी संख्या में लोग छठ पूजा में व्यस्त हैं. छठ का महापर्व संस्कृति, प्रकृति और समाज की गहरी एकता का प्रतिबिंब है. समाज का हर वर्ग छठ घाटों पर एक साथ आता है.

यह नजारा भारत की सामाजिक एकता का सबसे सुंदर उदाहरण है. त्योहारों के इस अवसर पर मैंने आप सभी को अपनी भावनाओं को साझा करते हुए एक पत्र लिखा था. पत्र में मैंने देश की उन उपलब्धियों का उल्लेख किया था जिन्होंने इस वर्ष के त्योहारों को और भी जीवंत बना दिया है. मेरे पत्र के जवाब में मुझे देश के कई नागरिकों के संदेश मिले हैं.’

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘ऑपरेशन सिंदूर ने हर भारतीय को गर्व से भर दिया है. इस बार, उन इलाकों में भी खुशी के दीये जलाए गए जहाँ कभी माओवादी आतंक का अंधेरा छाया रहता था. लोग माओवादी आतंक का पूर्ण उन्मूलन चाहते हैं जिसने उनके बच्चों के भविष्य को खतरे में डाल दिया है.’

पीएम मोदी ने कहा, ‘जीएसटी बचत उत्सव को लेकर भी लोगों में काफी उत्साह है. इस बार त्योहारों के दौरान भी कुछ ऐसा ही सुखद अनुभव देखने को मिला. बाजारों में स्वदेशी वस्तुओं की खरीदारी में जबरदस्त वृद्धि हुई है. मैंने अपने पत्र में खाद्य तेल की खपत में 10फीसदी की कमी करने का भी आग्रह किया था और लोगों ने इस पर भी काफी सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है.

प्रधानमंत्री ने कहा, ‘छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में गार्बेज कैफे चलाए जा रहे हैं. ये ऐसे कैफे हैं जहाँ प्लास्टिक कचरे के बदले आपको भरपेट खाना मिलता है. अगर कोई एक किलो से ज्यादा प्लास्टिक लाता है, तो उसे दोपहर या रात का खाना दिया जाता है और आधा किलो प्लास्टिक के बदले उसे नाश्ता मिलता है. ये कैफे अंबिकापुर नगर निगम द्वारा चलाए जाते हैं.’

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, ‘बेंगलुरु को झीलों का शहर कहा जाता है और इंजीनियर कपिल शर्मा जी ने यहाँ की झीलों को नया जीवन देने का अभियान शुरू किया है. कपिल जी की टीम ने बेंगलुरु और आसपास के इलाकों में 40 कुओं और 6 झीलों का कायाकल्प किया है. खास बात यह है कि उन्होंने अपने इस मिशन में निगमों और स्थानीय लोगों को भी शामिल किया है.’

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, ‘आप सभी चाय से मेरे जुड़ाव के बारे में जानते हैं, लेकिन आज मैंने सोचा, क्यों न मन की बात में कॉफ़ी पर भी चर्चा की जाए. ओडिशा के कई लोगों ने कोरापुट कॉफी के बारे में अपनी भावनाएँ मेरे साथ साझा की. मुझे बताया गया है कि कोरापुट कॉफी का स्वाद लाजवाब है, और सिर्फ इतना ही नहीं, स्वाद के अलावा, कॉफी की खेती से भी लोगों को फायदा हो रहा है.

कोरापुट में ऐसे लोग हैं जो अपने जुनून से कॉफी की खेती कर रहे हैं. भारतीय कॉफी पूरी दुनिया में बहुत लोकप्रिय हो रही है. इसलिए कॉफी प्रेमी कहते हैं, भारत की कॉफी अपनी सर्वोत्तम कॉफी है. यह भारत में ही बनती है और दुनिया भर में पसंद की जाती है. चाहे कर्नाटक का चिकमंगलूर, कुर्ग और हसन हो, तमिलनाडु का पुलनी, शेवरॉय, नीलगिरी और अन्नामलाई क्षेत्र हो, कर्नाटक-तमिलनाडु सीमा पर स्थित बिलिगिरी क्षेत्र हो, या केरल का वायनाड, त्रावणकोर और मालाबार क्षेत्र हो – भारतीय कॉफी की विविधता वाकई अद्भुत है. मुझे बताया गया है कि हमारा पूर्वोत्तर भी कॉफी की खेती में प्रगति कर रहा है.

हत्या केस में जेल जाकर भी नहीं सुधरा आरोपी, महिला से छेड़छाड़ के बाद दोपहिया वाहनों में लगाई आग

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रुद्रपुर: जिले के कोतवाली क्षेत्र के सामिया लेक सिटी में दो पहिया वाहनों पर पेट्रोल छिड़क कर आग लगाने का मामला सामने आया है. आरोप है कि एक युवक द्वारा वाहनों में आग लगाई है, जो कि सामिया लेक सिटी में रहता है. युवक पर तीन दिन पूर्व सोसाइटी की महिला ने घर में घुस कर छेड़छाड़ और शिकायत करने पर जान से मारने का मुकदमा दर्ज कराया गया है. आरोपी युवक पर दिल्ली में हत्या के मामले में जेल जा चुका है. वहीं आरोपी के खिलाफ कार्रवाई को लेकर लोगों ने एसएसपी से मुलाकात की.

हत्या के मामले में जेल जा चुका है आरोपी: दिल्ली में हत्या के मामले जमानत में चल रहे आरोपी ने उधम सिंह नगर के सामिया लेक सिटी में आतंक मचाया हुआ है. कुछ दिन पूर्व सामिया लेक सिटी कॉलोनी के एक घर में घुस कर महिला से अभद्रता और छेड़छाड़ का मामला शांत भी नहीं हुआ था कि अब आरोपी ने सामिया लेक सिटी के गेट के पास खड़ी दो पहिया वाहनों में पेट्रोल छिड़क कर आग लगा दी. हालांकि गेट में तैनात सुरक्षा कर्मियों ने आग लगने के बाद आग पर काबू पा लिया.

महिला से जबरदस्ती की थी कोशिश: इस दौरान तीन दोपहिया वाहनों को आंशिक रूप से नुकसान हुआ है. आरोप है कि इस दौरान आरोपी ने सुरक्षा कर्मियों के साथ मारपीट भी की. शोर होने पर जब कॉलोनी के लोग मौके पर पहुंचे तो आरोपी कार से भाग खड़ा हुआ. लोगों का कहना है कि रुद्रपुर काशीपुर रोड स्थित सामिया लेक सिटी में युवक ने आतंक मचाया हुआ है. कुछ दिन पूर्व वह कॉलोनी के एक घर में घुस गया और महिला से जोर जबरदस्ती करने लगा.

महिला और पति पर ताना तमंचा: जैसे तैसे महिला ने खुद को बचाया, शोर शराबा होने पर कॉलोनीवासी एकत्रित हो गए. लेकिन आरोपी मौके से फरार हो गया था. आरोप है कि जब महिला अपने पति के साथ शिकायत दर्ज कराने कोतवाली जा रही थी तभी आरोपी ने उन्हें हाईवे में रोक कर उन पर तमंचा तान कर शिकायत करने पर जान से मारने की धमकी दे दी.

एसएसपी ने दिया कार्रवाई का भरोसा: इस दौरान जैसे तैसे दोनों ने अपने आप को बचाते हुए रुद्रपुर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया. सोसायटी के पूर्व अध्यक्ष कुन्दन सिंह राठौर ने बताया कि घटना को लेकर वह लोग एसएसपी से मिले थे. आश्वासन मिला है कि आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी.