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मुनस्यारी में सीएम धामी की चाय पर चर्चा, सड़क किनारे लगाई बैठकी, अनोखा दिखा अंदाज

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी दो दिवसीय पिथौरागढ़ दौरे पर है. बुधवार को सीएम धामी ने मुनस्यारी में लोगों से बात की.

पिथौरागढ़: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी इन दिनों कुमाऊं के दौरे पर हैं. मंगलवार शाम को सीएम धामी सीमा जिले पिथौरागढ़ के मुनस्यारी में पहुंचे थे. बुधवार सुबह को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी अपने अंदाज मुनस्यारी में मार्निंग वॉक पर निकले और सड़कों के किनारे स्थित दुकान पर पहुंचे. दुकान पर सीएम धामी ने चाय की चुस्कियां लेते हुए ITBP के जवानों व स्थानीय लोगों के साथ बातचीत की.

इस दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्थानीय जनता का कुशलक्षेम जाना और उनसे बात कर सरकार द्वारा संचालित विकासपरक और जनकल्याणकारी योजनाओं का फीडबैक भी लिया. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि मुनस्यारी एक सुंदर, संभावनाओं से भरपूर पर्यटन स्थल है. यहां की मनमोहक वादियों, शुद्ध पर्वतीय हवा और शांत वातावरण में एक अलग ही ऊर्जा का अनुभव होता है.

इससे पहले मुनस्यारी में रात्रि प्रवास के दौरान सीएम धामी ने स्थानीय लोगों से संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और सरकार की विभिन्न योजनाओं का फीडबैक लेते हुए सीमांत क्षेत्र के विकास की नई योजनाओं की रूपरेखा साझा की. सीएम धामी ने कहा कि देवभूमि का सीमांत क्षेत्र अब सिर्फ सीमा नहीं शक्ति, संस्कृति और समृद्धि का प्रतीक बन चुका है.

हमारी सरकार सीमांत क्षेत्रों के विकास के लिए जल्द ही सीमांत क्षेत्र विकास परिषद का गठन करने जा रही है। साथ ही नवाचार केंद्रों की स्थापना होगी जहाँ स्थानीय युवाओं को प्रशिक्षण और रोजगार के अवसर मिलेंगे। भ्रमण के दौरान पुराने मित्रों से मिलकर अपने विद्यालय के दिनों की स्मृतियों को साझा किया।

मुनस्यारी में चाय की चुस्कियां लेने के बाद सीएम धामी पिथौरागढ़ जिले के दूरस्थ सीमांत गांव मिलम में पहुंचे. यहां सीएम धामी ने ITBP के वीर जवानों और स्थानीय लोगों से मुलाकात की. इस मौके पर सीएम धामी ने कहा कि दुर्गम परिस्थितियों में भी राष्ट्र की सेवा में समर्पित हमारे जवानों की प्रतिबद्धता और सीमांत क्षेत्र के लोगों का सहयोग प्रेरणादायक है. इस दौरान उन्होंने जवानों के साथ बात कर राष्ट्र के प्रति उनके सेवा भाव और समर्पण को नमन किया.

सीएम धामी ने इस मौके पर सीमांत गांवों के विकास को लेकर केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं के बारे में भी बताया. सीएम धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र के नेतृत्व में वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम चलाया जा रहा है. वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम से सीमांत गांवों को बुनियादी सुविधाओं से जोड़ने, स्थानीय युवाओं को रोजगार देने और इन क्षेत्रों को आत्मनिर्भर बनाने के प्रयास तेज गति से जारी हैं.

प्रधानमंत्री मोदी दो दिवसीय गुजरात दौरे पर, सरदार पटेल की 150वीं जयंती पर करेंगे समारोह का नेतृत्व

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प्रधानमंत्री मोदी दो दिवसीय गुजरात दौरे पर, सरदार पटेल की 150वीं जयंती पर करेंगे समारोह का नेतृत्व

नई दिल्ली, 29 अक्टूबर (भाषा): प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी बृहस्पतिवार से गुजरात के दो दिवसीय दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वे केवडिया में आयोजित सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती समारोह में शामिल होंगे और कार्यक्रम का नेतृत्व करेंगे।

प्रधानमंत्री बृहस्पतिवार शाम एकता नगर पहुंचेंगे, जहां वे ई-बसों को हरी झंडी दिखाएंगे और 1,140 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न अवसंरचना एवं विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे।

सीएम धामी का जागेश्वर धाम दौरा, करोड़ों की योजनाओं का किया लोकार्पण, जानिये डिटेल

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सीएम धामी ने 76.78 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित एवं स्वीकृत छह विकास योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया.

अल्मोड़ा: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रसिद्ध तीर्थस्थल जागेश्वर धाम पहुंचकर पूजा-अर्चना की. साथ ही सीएम धामी ने प्रदेश की सुख, शांति एवं समृद्धि की कामना की. इस दौरान सीएम धामी ने कहा “जागेश्वर हमारी आस्था और विश्वास का केंद्र है, इसे भव्य और दिव्य स्वरूप दिया जाएगा.”

मुख्यमंत्री धामी ने इस अवसर पर 76.78 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित एवं स्वीकृत छह विकास योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया. जिन योजनाओं का लोकार्पण किया गया, उनमें दन्या से आरा सल्पड़ मोटर मार्ग का सुधारीकरण, चायखान से थुआसिमल मोटर मार्ग का सुधार तथा सत्यों में 33/11 केवी उप संस्थान का निर्माण कार्य शामिल है. इसी क्रम में मुख्यमंत्री ने राजकीय पॉलीटेक्निक सल्ट एवं दन्या में अनावासीय भवन निर्माण कार्यों और राजकीय पॉलीटेक्निक द्वाराहाट में मैकेनिकल भवन निर्माण कार्य का शिलान्यास भी किया.

जागेश्वर धाम पहुंचकर मुख्यमंत्री ने परिसर का पैदल निरीक्षण किया. जागेश्वर धाम मास्टरप्लान की विस्तृत समीक्षा की. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी विकास कार्य तय समयसीमा में और गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरे किए जाएं. उन्होंने कहा श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए धाम की बुनियादी सुविधाओं को सुदृढ़ किया जाना आवश्यक है.

मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी को निर्देशित किया कि मास्टरप्लान से जुड़े कार्यों की नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए. निर्धारित टाइमलाइन में इन्हें पूर्ण कराया जाए. साथ ही सड़कों की स्थिति को बेहतर बनाए रखने के लिए नियमित देखरेख के निर्देश भी दिए. उन्होंने कहा वृद्ध जागेश्वर को भी जागेश्वर धाम के साथ समान रूप से विकसित किया जाए, क्योंकि दोनों स्थलों का पौराणिक और सांस्कृतिक महत्व गहरा है.

मुख्यमंत्री धामी ने कहा राज्य सरकार का लक्ष्य है कि जागेश्वर धाम न केवल आध्यात्मिक दृष्टि से, बल्कि पर्यटन और सांस्कृतिक दृष्टिकोण से भी वैश्विक पहचान प्राप्त करें. उन्होंने कहा धाम का समग्र विकास स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और आर्थिक सशक्तिकरण के नए अवसर पैदा करेगा. कार्यक्रम के दौरान जिलाधिकारी अंशुल सिंह, मुख्य विकास अधिकारी रामजीशरण शर्मा, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देवेन्द्र पींचा, उपजिलाधिकारी संजय कुमार, तहसीलदार बरखा जलाल सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे.

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राफेल लड़ाकू विमान में भरी उड़ान

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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राफेल लड़ाकू विमान में भरी उड़ान

अंबाला, 29 अक्टूबर : राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बुधवार को हरियाणा के अंबाला वायुसेना स्टेशन से राफेल लड़ाकू विमान में उड़ान भरकर इतिहास रच दिया।

इस अवसर पर एयर चीफ मार्शल ए. पी. सिंह ने भी उसी एयरबेस से एक अन्य विमान में उड़ान भरी।
उड़ान से पहले राष्ट्रपति मुर्मू ने वायुसेना पायलटों की तरह जी-सूट पहना, हाथ में हेलमेट लिया और धूप के चश्मे के साथ पायलट के संग तस्वीरें खिंचवाईं।

पूर्वाह्न 11:27 बजे विमान के उड़ान भरने से पहले उन्होंने कॉकपिट से हाथ हिलाकर उपस्थित लोगों का अभिवादन किया। वायुसेना स्टेशन पहुंचने पर उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर भी दिया गया। गौरतलब है कि भारत ने हाल ही में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान आतंकवादियों के ठिकानों को निशाना बनाने के लिए राफेल विमानों का इस्तेमाल किया था।

राष्ट्रपति मुर्मू सशस्त्र बलों की सर्वोच्च कमांडर हैं। इससे पहले उन्होंने 8 अप्रैल 2023 को असम के तेजपुर वायुसेना स्टेशन से सुखोई-30 एमकेआई विमान में उड़ान भरी थी और ऐसा करने वाली तीसरी भारतीय राष्ट्रपति बनी थीं।
उनसे पहले डॉ. ए. पी. जे. अब्दुल कलाम (2006) और प्रतिभा पाटिल (2009) ने भी सुखोई में उड़ान भरी थी।

फ्रांस की दसॉ एविएशन द्वारा निर्मित राफेल लड़ाकू विमान को सितंबर 2020 में भारतीय वायुसेना में औपचारिक रूप से शामिल किया गया था। पहले पांच राफेल विमान 17वें स्क्वाड्रन ‘गोल्डन एरोज़’ में शामिल हुए थे, जो 27 जुलाई 2020 को फ्रांस से भारत पहुंचे थे।

उत्तराखंड में यहां शिक्षिका का मिला जला हुआ शव, केयरटेकर से पूछताछ जारी

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उत्तराखंड के रुद्रपुर में संदिग्ध परिस्थितियों में बंद घर में शिक्षक का जला हुआ शव बरामद, शक के दायरे में केयरटेकर, जांच पड़ताल जारी

रुद्रपुर: उधम सिंह नगर जिले के रुद्रपुर के कौशल्या फेज 2 कॉलोनी स्थित एक घर में महिला का जला हुआ शव मिला है. जिससे पुलिस प्रशासन में हड़कंप मचा हुआ है. महिला 14-15 सालों से एक व्यक्ति (केयरटेकर) के साथ घर में रहती थी. महिला किच्छा स्थित सरकारी स्कूल में शिक्षिका थी और कुछ समय से बीमार चल रही थी. पुलिस ने केयरटेकर को हिरासत में लेकर पूछताछ में जुटी हुई है. साथ ही पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है.

दरअसल, रुद्रपुर कोतवाली क्षेत्र में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब एक बंद घर में महिला का जला हुआ शव मिला. घटना की सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेते हुए पोस्टमार्टम की कार्रवाई के लिए भेज दिया है. बताया जा रहा है कि महिला के साथ एक व्यक्ति केयरटेकर के रूप में 14-15 सालों से रह रहा था. जो रुद्रपुर में एक होटल चलाता है. फिलहाल, पुलिस केयरटेकर से पूछताछ कर रही है.

किच्छा सरकारी स्कूल में शिक्षिका थी महिला: जानकारी के मुताबिक, मूल रूप से अल्मोड़ा की निवासी महिला किच्छा स्थित सरकारी स्कूल में शिक्षिका थी. बताया जा रहा है महिला यूपी निवासी केयरटेकर विवाहित अजय मिश्रा के साथ रहती थी. अजय मिश्रा दक्ष चौराहे पर होटल चलाता है. मंगलवार सुबह वो घर के मुख्य गेट पर ताला मार कर होटल चला गया था. घर पर महिला अकेली थी.

दोपहर को जब केयरटेकर अजय मिश्रा घर पहुंचा तो घर का दरवाजा अंदर से बंद था. जैसे ही उसने जोर लगा कर दरवाजा खोला तो सामने महिला का जला हुआ शव पड़ा हुआ था. शोर सुन आसपास के लोग भी जमा हो गए. जिसके बाद सोसायटी के पदाधिकारियों ने पुलिस को मामले की सूचना दी. सूचना मिलते ही रुद्रपुर कोतवाली पुलिस एवं फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और सबूत जुटाए.

शारीरिक और मानसिक रूप से बीमार चल रही थी महिला: पुलिस ने शव को कब्जे में लेते हुए पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. पुलिस टीम को पता चला कि महिला काफी लंबे वक्त से शारीरिक और मानसिक रूप से बीमार चल रही थी. हालांकि, कॉलोनी वासियों ने केयरटेकर पर महिला की हत्या कर शव जलाने का आरोप लगाया है. फिलहाल, पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर पोस्टमार्टम रिपोर्ट की इंतजार में है.

मामला संदिग्ध है. केयरटेकर अजय मिश्रा से पूछताछ की जा रही है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद ही मौत के सही कारणों का पता चल पाएगा. फिलहाल, मामले की बारीकी से जांच पड़ताल की जा रही है.“- नवीन बुधानी, एसएसआई, रुद्रपुर कोतवाली

मसूरी में अनियंत्रित जीप ने तीन कारों और एक स्कूटी को रौंदा, बाल-बाल बचे पर्यटक, टला बड़ा हादसा

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जीप की टक्कर में कार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई जबकि बाकी दो कारों को भी को नुकसान हुआ है.

मसूरी: पहाड़ों की रानी मसूरी में मंगलवार दोपहर एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया. यहां हनीमून होटल के पास खड़ी गाड़ियों पर एक जीप अचानक अनियंत्रित होकर चढ़ गई. हादसे में तीन कारें और एक स्कूटी क्षतिग्रस्त हो गईं. गनीमत रही कि उस वक्त कोई व्यक्ति वाहनों के भीतर मौजूद नहीं था, वरना घटना गंभीर रूप ले सकती थी.

स्थानीय लोगों के अनुसार हनीमून होटल के आगे पिछले कुछ दिनों से निर्माण कार्य चल रहा है. निर्माण सामग्री (सीमेंट, बजरी आदि) पहुंचाने के लिए मंगलवार को एक लोडिंग जीप साइट पर जा रही थी. तभी अचानक जीप का ब्रेक फेल हो गया. वाहन चालक ने कई बार कंट्रोल करने की कोशिश की, लेकिन जीप सीधा होटल की पार्किंग में घुस गई. इसके बाद जीप वहां खड़ी तीन कारों से टकरा गई. टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि एक कार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई. बाकी दो कारों को भी को नुकसान हुआ है. वहीं, पास में खड़ी एक स्कूटी भी जीप की चपेट में आ गई.

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, “अगर जीप उन गाड़ियों से न टकराती, तो वह सीधा नीचे माल रोड की ओर जा गिरती. नीचे उस समय काफी भीड़ थी. ऐसे में जनहानि की संभावना बहुत ज्यादा थी. हादसे की जानकारी मिलते ही मसूरी पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और इलाके को तुरंत घेर लिया. पुलिस ने क्षतिग्रस्त वाहनों की जांच की. ड्राइवर को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की.

ड्राइवर ने बताया वह निर्माण साइट पर सामान छोड़ने जा रहा था, तभी अचानक गाड़ी के ब्रेक ने काम करना बंद कर दिया. हैंडब्रेक लगाने की कोशिश की, लेकिन जीप रुक नहीं पाई. सीधा पार्किंग में जा घुसी.

पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक जांच में मामला ब्रेक फेल का प्रतीत हो रहा है, लेकिन तकनीकी जांच के बाद ही पुष्टि की जाएगी. हादसे में जिन गाड़ियों को नुकसान पहुंचा, वे दिल्ली और हरियाणा से आए पर्यटकों की थीं. हादसे के समय सभी लोग अपने होटल कमरों में थे. एक पर्यटक ने बताया हम मसूरी घूमने आए थे. होटल में आराम कर रहे थे. तभी होटल प्रबंधन ने बताया कि हमारी गाड़ी को टक्कर मार दी गई है. नीचे जाकर देखा तो पूरी गाड़ी पिचक चुकी थी. बीमा भी क्लेम नहीं हो पाएगा, क्योंकि मामला तीसरे पक्ष से टक्कर का है. उन्होंने प्रशासन से दोषी पक्ष से मुआवज़ा दिलाने की मांग की है.

स्थानीय नागरिकों ने हादसे के बाद हनीमून होटल के आगे चल रहे निर्माण कार्यों पर गंभीर सवाल उठाए हैं. उनका कहना है कि यहां पर एमडीडी द्वारा कई ऐसे क्षेत्रों में नक्शे पास किए गए हैं, जो नोटिफाइड और संवेदनशील ज़ोन में आते हैं. पिछले बोर्ड के समय कई प्लॉट्स को अवैध रूप से वैध ठहराया गया. इन फर्जी सर्टिफिकेट्स के चलते आज ऐसे निर्माण हो रहे हैं जो सुरक्षा के लिहाज से खतरनाक हैं. इस हादसे को चेतावनी समझा जाना चाहिए.

दून अस्पताल के बाहर फायरिंग मामला, पुलिस के हत्थे चढ़ा गोलीकांड का मास्टरमाइंड

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दून अस्पताल के सामने युवक पर फायरिंग करने वाले मास्टरमाइंड को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. 5 आरोपी पहले ही गिरफ्तार हो चुके हैं.

देहरादून: दून अस्पताल के सामने फायरिंग की घटना को अंजाम देने वाले मास्टरमाइंड को पुलिस ने आईटी पार्क के पास से गिरफ्तार कर लिया है. विवाद के कारण आरोपी के कहने पर उसके साथियों ने फायरिंग की घटना को अंजाम दिया था. घटना के बाद से ही गिरफ्तारी से बचने के लिए आरोपी फरार चल रहा था. पुलिस घटना में शामिल 5 अन्य आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है.

ये है मामला: दरअसल, 18 अक्टूबर की रात देहरादून के कैनाल रोड स्थित सरकारी कैंटीन पर पैसों के लेन-देन और महिला पर अभद्र टिप्पणी को लेकर दिशांत व उसके साथियों का नृपेंद्र धामा उर्फ काव्यांश धामा, रोहन आर्य और विशाल तोमर के साथ विवाद हुआ था. इसके बाद काव्यांश धामा, रोहन और विशाल के कहने पर दून अस्पताल के पास रात को ही दिशांत पर काव्यांश के तीन अन्य साथियों सोहेल खान, शानू और जावेद ने गोली चला दी थी. जिसमें दिशांत घायल हो गया था. साथ ही आरोपी फरार हो गए थे.

घटना में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 20 अक्टूबर को रोहन और विशाल तोमर को गिरफ्तार किया था. उसके बाद 22 अक्टूबर की रात को पुलिस के साथ हुई मुठभेड़ में सोहेल खान, शानू और जावेद को गिरफ्तार किया गया. ये मुठभेड़ छिद्दरवाला से लालतप्पड़ में हुई थी. जहां तीनों ने बचने के लिए पुलिस पर फायरिंग भी की थी.

इस दौरान पुलिस की तरफ से भी आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग की गई. जहां दो आरोपियों के पैर में गोली लगी. गोली लगने के बाद पुलिस की गिरफ्त में आए आरोपियों के पास से दो तमंचे, चार जिंदा और कारतूसों के दो खोखे बरामद हुए थे. इस मुकदमे में घटना का मास्टरमाइंड आरोपी नृपेंद्र धामा उर्फ काव्यांश धामा घटना के बाद से ही लगातार फरार चल रहा था. जिसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमों की ओर से लगातार उसके सभी संभावित ठिकानों पर दबिशें दी जा रही थी.

क्या बोली पुलिस? मामले में नगर कोतवाली प्रभारी प्रदीप पंत ने बताया कि तमाम प्रयासों से 28 अक्टूबर को पुलिस टीम ने घटना के मुख्य षड्यंत्रकारी आरोपी नृपेंद्र धामा उर्फ काव्यांश धामा को मुखबिर की सूचना पर आईटी पार्क के पास से गिरफ्तार किया है. जिसे पुलिस ने न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया है.

बनभूलपूरा हिंसा को संभालकर ‘हीरो’ बने, पंचायत चुनाव से लगा ‘दाग’, ऐसा रहा प्रह्लाद मीणा का कार्यकाल

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नैनीताल एसएसपी आईपीएस प्रह्लाद नारायण मीणा का ट्रांसफर, उतार-चढ़ाव वाला रहा दो साल का कार्यकाल, खूब चर्चाओं में रहे मीणा

नैनीताल: बीती रोज उत्तराखंड में शासन ने कई आईपीएस और पीपीएस अधिकारियों के तबादले किए हैं. जिसमें नैनीताल जिले के एसएसपी का भी तबादला किया गया है. जिसके तहत आईपीएस प्रह्लाद नारायण मीणा से नैनीताल की जिम्मेदारी वापस लेते हुए मंजूनाथ टीसी को नया कप्तान बनाया गया है. अगर आईपीएस मीणा के कार्यकाल की बात करें तो नैनीताल एसएसपी रहते हुए उनका दो साल का कार्यकाल उतार-चढ़ाव वाला रहा.

बता दें कि आगामी 3 और 4 नवम्बर को धामी सरकार ने राज्य स्थापना दिवस को लेकर विधानसभा का दो दिवसीय विशेष सत्र बुलाया है. ऐसे में सत्र आहूत होने से पहले सरकार ने बड़े पैमाने पर कई जिलों समेत मुख्यालय स्तर पर आईपीएस और पीपीएस यानी प्रांतीय पुलिस सेवा के तबादले किए हैं. जिसमें नैनीताल जिले का कप्तान भी बदला गया है.

बताया जा रहा है कि सत्र में प्रदेश की कानून व्यवस्था को लेकर विपक्ष सरकार को सदन में घेर सकता था. जिसमें सबसे पहला जिला नैनीताल था. पिछले दो सालों से नैनीताल जिले की कमान प्रह्लाद नारायण मीणा संभाले हुए थे, लेकिन पंचायत चुनाव के दौरान कोर्ट से लेकर विपक्षी दलों के निशाने पर एसएसपी मीणा रहे. लिहाजा, अब शासन ने सत्र से पहले नैनीताल जिले की कमान मंजूनाथ टीसी को सौंपी है.

कैसा रहा बतौर कप्तान मीणा का 2 साल का कार्यकाल: गौर हो कि बीती 14 सितंबर 2023 को आईपीएस प्रह्लाद नारायण मीणा ने नैनीताल एसएसपी के रूप में कमान संभाली थी. तब से लेकर जिले में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के रूप में कई मामलों का खुलासा किया, लेकिन एसएसपी तब काफी चर्चाओं में आए, जब उन्होंने बनभूलपुरा में हुए हिंसा में खुद कमान संभालने हुए अपने एक-एक जवान और अन्य कर्मियों को सकुशल हिंसा क्षेत्र से बाहर निकाला.

इस दौरान वे पूरे घटनाक्रम में काफी आक्रामक रूप में दिखाई दिए थे. इतना ही नहीं हिंसा के आरोपियों को उन्होंने जेल भेजने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी. इस सबके बीच उन्होंने ऑपरेशन रोमियो और शाम को नशा कर वाहन चलाने वालों के खिलाफ ताबड़तोड़ कार्रवाई कर जनता के मन में अपनी जगह बना ली.

इतना ही नहीं समय-समय पर उन्होंने अधीनस्थों के पेच भी कसे, लेकिन पंचायत चुनाव में सही निर्णय और दबाव के बीच वो अपनी सख्त छवि को बरकरार नहीं रख पाए. जिला पंचायत अध्यक्ष पद के चुनाव के दौरान हुए बवाल को सुलझाने के बजाय उन्होंने मामले को और उलझा दिया. जिस कारण उन्हें कोर्ट की फटकार के साथ विपक्षी दल के विरोध का सामना करना पड़ा.

सत्र में हंगामे की आशंका को देखते हुए शासन ने उनसे नैनीताल की कमान को हटाते हुए पुलिस सतर्कता मुख्यालय की कमान सौंपी है. अब उनकी जगह मंजूनाथ टीसी नैनीताल जिले के नए एसएसपी होंगे. इस तरह से देखा जाए तो उनका कार्यकाल काफी उठा पटक वाला रहा है.

देहरादून आढ़त बाजार शिफ्टिंग अपडेट, 3 नवंबर से शुरू होगी रजिस्ट्री प्रक्रिया

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प्राधिकरण स्तर पर अधिकांश कार्य पहले ही पूरे किए जा चुके हैं. बाकी कार्य को निर्धारित समय-सीमा में पूरा किया जा रहा है.

देहरादून: आढ़त बाजार पुनर्विकास परियोजना पर एमडीडीए 3 नवंबर से प्रभावित भू-स्वामियों की रजिस्ट्री प्रक्रिया शुरू करेगा. साथ ही रजिस्ट्री से पहले सभी भू-स्वामी से एक शपथ पत्र (अफिडेविट) लिया जाएगा. जिसमें यह उल्लेख होगा कि रजिस्ट्री की तारीख से 15 दिनों के भीतर वह अपने प्रभावित निर्माणों को खुद ध्वस्त करेंगे, यदि निर्धारित अवधि में ऐसा नहीं किया जाता,तो एमडीडीए,पीडब्ल्यूडी और जिला प्रशासन संयुक्त रूप से ध्वस्तीकरण की कार्रवाई करेंगे. इस प्रक्रिया में भू-स्वामी को किसी प्रकार की आपत्ति स्वीकार नहीं होगी.

दरअसल, मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) की ओर से आढ़त बाजार पुनर्विकास परियोजना के क्रियान्वयन को लेकर बैठक आयोजित की गई. बैठक की अध्यक्षता सचिव मोहन सिंह बर्निया ने की. जिसमें विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों ने भाग लिया. निर्माण की समीक्षा के दौरान लेखपाल नजीर अहमद ने आढ़त बाजार के निर्माण कार्य की वर्तमान स्थिति के बारे में बताया. उन्होंने बताया प्राधिकरण स्तर पर अधिकांश कार्य पहले ही पूरे किए जा चुके हैं. बाकी कार्य को निर्धारित समय-सीमा में पूरा किया जा रहा है. बैठक में यह निर्णय लिया गया कि जिन भू-स्वामियों की पत्रावलियां किसी न्यायिक प्रक्रिया या वाद-विवाद में लंबित नहीं हैं. जिनका स्वामित्व विधिवत सिद्ध हो चुका है, उन्हें जल्द ही भू-खण्ड आवंटन और धनराशि वितरण की प्रक्रिया में शामिल किया जाएगा. साथ ही 3 नवंबर 2025 से रजिस्ट्री कार्य शुरू किया जाए. इसके तहत पात्र भू-स्वामियों की रजिस्ट्री समय से पूरी की जाएगी. जिससे परियोजना के अगले चरणों को गति मिल सके.

सचिव मोहन सिंह बर्निया ने बताया परियोजना का उद्देश्य केवल भौतिक ढांचे का निर्माण नहीं, बल्कि पुराने व्यापारिक क्षेत्र को नई ऊर्जा और पहचान देना है. देहरादून के केंद्र में एक ऐसा आधुनिक बाजार विकसित कर रहे हैं जो स्थानीय पहचान को बनाए रखते हुए सुविधाजनक, स्वच्छ और सुव्यवस्थित हो. एमडीडीए के अनुसार, इस परियोजना को पारदर्शिता, जनसुविधा और समयबद्ध क्रियान्वयन की भावना से आगे बढ़ाया जा रहा है. जिससे शहर का यह ऐतिहासिक क्षेत्र नई पहचान के साथ पुनर्जीवित हो सके.

वहीं, उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने इस पहल को देहरादून के विकास का महत्वपूर्ण अध्याय बताया. आढ़त बाजार पुनर्विकास परियोजना शहर के सौंदर्यीकरण के साथ-साथ व्यापारिक ढांचे को नई दिशा देगी. यह एमडीडीए की प्राथमिकता है कि विकास कार्यों में किसी भी नागरिक को असुविधा न हो और सभी प्रक्रियाएं सही ढंग से पूरी हों. प्राधिकरण का लक्ष्य है कि यह परियोजना राज्य की सर्वश्रेष्ठ शहरी पुनर्विकास माडल के रूप में स्थापित हो.

छांगुर धर्मांतरण मामला, आगरा से देहरादून लाये गये 5 आरोपी, कोर्ट ने भेजा जेल

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बरेली निवासी एक व्यक्ति ने थाना प्रेमनगर में धर्मांतरण मामले को लेकर शिकायत दर्ज करवाई थी.

देहरादून: अवैध रूप से धर्मान्तरण के सम्बन्ध में थाना प्रेमनगर में उत्तराखंड धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था. मुकदमे की विवेचना के दौरान पांच आरोपियों को तलब करने के लिए पुलिस ने न्यायालय में प्रार्थना पत्र दिया गया. न्यायालय के आदेश पर आगरा पुलिस ने जिला कारागार आगरा में निरुद्ध 5 आरोपियों को न्यायालय में पेश किया. साथ ही आरोपियों के खिलाफ साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने पांचों आरोपियों को न्यायिक अभिरक्षा में भेजा है.

दरअसल, बरेली निवासी एक व्यक्ति ने थाना प्रेमनगर में अपनी छोटी बहन के आगरा पुलिस द्वारा धर्मान्तरण के अपराध में गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों के सम्पर्क में होने और व्यक्तियों द्वारा उनकी बहन को अपनी बातों में फंसाकर उसका ब्रेनवॉश करते हुए उसका धर्मान्तरण करने व उसे अन्य हिन्दू युवक/युवतियों को भी धर्म परिवर्तन करने का मामला दर्ज करवाया. शिकायत के आधार पर थाना प्रेमनगर में उत्तराखंड धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम का मुकदमा दर्ज किया गया.

मुकदमे की जांच में जानकारी मिली कि बहन की फेसबुक के माध्यम से आयशा उर्फ कृष्णा नाम की महिला से जान पहचान हुई. जिसने उसे अपनी बातों में फंसाकर लालच देते हुए अपने अन्य साथियों अब्दुल रहमान, उसके पुत्र अब्दुल रहीम और अब्दुल्ला के साथ मिलकर उसका धर्मान्तरण कराते हुए उसे अन्य युवक युवतियों को भी इस्लाम धर्म अपनाने के लिए प्रेरित किया. उसे प्रलोभन देते हुए उसके खाते में पैसे जमा कराए.

आरोपी अब्दुल रहमान ने पीड़ित युवती को सहसपुर निवासी अब्दुर रहमान से मिलाते हुए उस पर रानीपोखरी निवासी एक अन्य पीड़िता को धर्म परिवर्तन करने के लिए उकसाने का भी प्रयास किया. सभी आरोपियों को आगरा पुलिस ने आगरा में दर्ज धर्मान्तरण से सम्बन्धित मुकदमे में गिरफ्तार किया. मुकदमे की विवेचना के दौरान प्रकाश में आए तथ्यों और प्राप्त साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने सभी आरोपियों को वारंट बी पर तलब करने के लिए न्यायालय से अनुरोध किया गया.

एसएसपी अजय सिंह ने बताया कोर्ट के आदेश अनुसार आगरा पुलिस ने जिला कारागार आगरा में निरुद्ध पांचों आरोपियों को देहरादून न्यायालय के समक्ष पेश किया. जहां प्राप्त साक्ष्यों के आधार पर कोर्ट ने पांचों आरोपियों अब्दुल रहमान उर्फ महेन्द्र पाल सिंह निवासी नगर दिल्ली,एसवी कृष्णा उर्फ आयशा माहेनूर निवासी गोवा,अब्दुर रहमान उर्फ रूपेन्द्र सिंह निवासी देहरादून,अब्दुल रहीम निवासी दिल्ली और अब्दुल्ला निवासी दिल्ली को जेल भेज दिया है.