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धामी कैबिनेट की बैठक में बड़े फैसले, हर परिवार को यूनिक आईडी_उपनल को ग्लोबल रूट

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उत्तराखंड कैबिनेट बैठक: धामी सरकार ने लिए बड़े फैसले, अहम प्रस्तावों पर लगी मुहर

देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई राज्य मंत्रिमंडल की अहम बैठक संपन्न हो गई है। बैठक में कुल 12 प्रस्तावों पर चर्चा के बाद कई महत्वपूर्ण निर्णयों पर मुहर लगाई गई है।

बैठक में लिए गए प्रमुख फैसले इस प्रकार हैं

शहरी विकास विभाग के प्रस्ताव को मिली मंजूरी।

शहरी विकास निदेशालय के तहत PMUK (प्रोजेक्ट मैनेजमेंट यूनिट ऑफ उत्तराखंड) के गठन को कैबिनेट की स्वीकृति मिली। इसके लिए 4 पदों के सृजन को भी मंजूरी दी गई।

वित्त विभाग के प्रस्ताव पर बड़ा निर्णय

अब टेंडर प्रक्रिया में इंश्योरेंस कवरेज के तहत बीमा की गारंटी सुनिश्चित की जाएगी।

कार्मिक विभाग के तहत राहत भरा फैसला

दैनिक वेतनभोगी और संविदा कर्मियों के नियमितीकरण के लिए कटऑफ डेट तय करने हेतु समिति का गठन किया जाएगा।

आपदा प्रबंधन व पुनर्वास विभागके तहत मानवीय निर्णय

उत्तरकाशी के धराली सहित प्रदेश के अन्य आपदा प्रभावित क्षेत्रों में मृतकों के परिजनों को 5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने पर सहमति बनी।
साथ ही पक्के मकान क्षतिग्रस्त होने पर 5 लाख रुपये का मुआवजा देने का भी निर्णय लिया गया।

वाणिज्यिक संपत्तियों (कमर्शियल प्रॉपर्टीज) के मामलों में केस-टू-केस आधार पर निर्णय लिया जाएगा।

नियोजन विभाग के तहत नया कदम
राज्य में निवासरत प्रत्येक परिवार के लिए ‘देवभूमि परिवार योजना’ के तहत एक यूनिक आईडी बनाई जाएगी।

उपनल कर्मचारियों से संबंधित बड़ी घोषणा
कर्मचारियों की मांगों को देखते हुए कैबिनेट ने एक उपसमिति का गठन किया है, जो दो महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी।

इसके अलावा अब उपनल विदेशों में भी कर्मचारियों की नियुक्ति कर सकेगा। इसके लिए भारत के विदेश मंत्रालय में उपनल का पंजीकरण (रजिस्ट्रेशन) किया जाएगा।

धामी मंत्रिमंडल की बैठक जारी, उपनल कर्मचारियों के नियमितीकरण समेत इन प्रस्तावों पर लग सकती है मुहर

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उत्तराखंड कैबिनेट बैठक में स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग, शहरी विकास विभाग, साइलेज नीति में संशोधन समेत अन्य विभागों के प्रस्तावों पर मुहर लग सकती है

देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल की बैठक शुरू हो गई है. बुधवार को सचिवालय में शुरू हुई मंत्रिमंडल की बैठक काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है. दरअसल, उपनल कर्मचारी नियमितीकरण की मांग को लेकर धरना प्रदर्शन कर रहे हैं. ऐसे में संभावना बताई जा रही है कि मंत्रिमंडल की बैठक में उपनल कर्मचारियों के नियमितीकरण के लिए कोई फार्मूला तय कर सकती है. हालांकि, इन कर्मचारियों के नियमितीकरण में आरक्षण का पेंच फंस रहा है. इसके अलावा, कैबिनेट बैठक में तमाम विभागों से संबंधित महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर मुहर लग सकती है.

उत्तराखंड कैबिनेट की महत्वपूर्ण बैठक: उत्तराखंड राज्य स्थापना दिवस के बाद हो रही पहली मंत्रिमंडल की बैठक बेहद खास मानी जा रही है. उत्तराखंड सरकार इस राज्य स्थापना दिवस को रजत जयंती वर्ष के रूप में मना रही है. ऐसे में सरकार की ओर से इस दौरान तमाम महत्वपूर्ण निर्णय और बड़ी घोषणाएं की गई हैं. ऐसे में मंत्रिमंडल की बैठक के दौरान, सरकार की ओर से लिए गए तमाम निर्णयों पर मंजूरी मिलने की संभावना है. इसके अलावा इस मंत्रिमंडल की बैठक पर उपनल कर्मचारियों की विशेष नजर है. संभावना जताई जा रही है कि उपनल कर्मचारियों के नियमितीकरण, समान काम का समान वेतन देने के विषय पर चर्चा हो सकती है. इसको लेकर प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री आरके सुधांशु की अध्यक्षता में भी एक समिति का गठन भी किया गया है.

इन प्रस्तावों पर लग सकती है मुहर: सीएम पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में चल रही कैबिनेट बैठक में स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग, शहरी विकास विभाग, साइलेज नीति में संशोधन समेत अन्य विभागों से जुड़े तमाम प्रस्तावों पर भी मुहर लग सकती है. यही नहीं, संविदा डॉक्टर की नियुक्ति ने छूट दिए जाने संबंधित प्रस्ताव पर मुहर लग सकती है. दरअसल, प्रदेश में विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी है. ऐसे में इस कमी को दूर करने के लिए राज्य सरकार मेडिकल कॉलेज और सरकारी अस्पतालों को संविदा पर विशेषज्ञ डॉक्टरों की तैनाती संबंधित छूट दी जा सकती है. ताकि स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत विशेषज्ञ डॉक्टरों की तैनाती संविदा के जरिए की जा सके.

ये प्रस्ताव भी हैं महत्वपूर्ण: इसके अलावा, महिला नीति पर भी मंत्रिमंडल बैठक में चर्चा होने की संभावना है. दरअसल, महिला नीति का प्रस्ताव महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग की ओर से पहले ही तैयार किया जा चुका है. मंत्रिमंडल की बैठक में आयुष्मान कार्ड बनाए जाने की प्रक्रिया को सरल बनाए जाने संबंधित प्रस्ताव पर मुहर लग सकती है. इसके साथ ही शिक्षा विभाग की ट्रांसफर प्रक्रिया को ऑनलाइन किए जाने संबंधित प्रस्ताव पर भी मंत्रिमंडल की मुहर लग सकती है. इसके अलावा, रोगी कल्याण समिति पर भी मुहर लगा सकती है. रोगी कल्याण समिति के तहत प्रदेश के ब्लॉक स्तर पर समिति गठित की जाएगी.

पत्रकार पर हमले के बाद अवैध निर्माण धस्त, हमलावर गिरफ्तार

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पत्रकार पर हमले के बाद प्रशासन एक्शन में, ऊंचा पुल क्षेत्र में अवैध निर्माण ध्वस्त

हल्द्वानी। ऊंचा पुल क्षेत्र में अवैध निर्माण की कवरेज के दौरान पत्रकार दीपक अधिकारी पर हुए हमले के बाद प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। बुधवार तड़के प्राधिकरण की टीम ने नजूल भूमि पर बन रही निर्माणाधीन इमारत को ध्वस्त कर दिया।

ज्ञात हो कि एक दिन पूर्व पत्रकार दीपक अधिकारी ने नहर पर हो रहे अतिक्रमण की कवरेज कर प्रशासन का ध्यान इस अवैध निर्माण की ओर आकर्षित किया था। इसी दौरान क्षेत्र के दबंग लोगों ने उन पर हमला कर दिया, जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गए। घायल अवस्था में उन्हें कृष्णा अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

घटना के बाद पूरे प्रदेश के पत्रकारों में गहरा आक्रोश है। पत्रकारों ने हमलावरों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। वहीं, पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। प्रशासन ने भी मौके पर कार्रवाई करते हुए अवैध निर्माण को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया।

बिग ब्रेकिंग: देहरादून में आयकर विभाग की बड़ी कार्रवाई। नामी बिल्डरों और शराब कारोबारियों के ठिकानों पर छापेमारी

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देहरादून। राजधानी देहरादून में आयकर विभाग की इन्वेस्टिगेशन विंग ने बुधवार सुबह बड़ी रेड शुरू की है। विभाग की कई टीमें एक साथ शहर के नामी बिल्डरों और शराब कारोबारियों के ठिकानों पर तैनात हैं।

आयकर विभाग के सूत्रों के अनुसार, यह कार्रवाई शहर के प्रमुख बिल्डर राकेश बत्ता, कमल अरोड़ा, इंदर खत्री, कसीगा स्कूल के संचालक रमेश बत्ता, शराब कारोबारी कमल अरोड़ा और प्रदीप वालिया समेत कई कारोबारियों के यहां की जा रही है।

सूत्रों का कहना है कि टीमें एमकेपी रोड, धरमपुर स्टोर क्षेत्र और राजपुर रोड स्थित ठिकानों पर तलाशी अभियान चला रही हैं। शुरुआती जानकारी के अनुसार, करोड़ों रुपए के अघोषित लेनदेन (unaccounted transactions) के बाद यह कार्रवाई की गई है।

विभागीय अधिकारी फिलहाल दस्तावेजों और डिजिटल रिकॉर्ड की जांच में जुटे हैं। छापेमारी के दौरान कई जगहों से महत्वपूर्ण दस्तावेज और कैश बरामद होने की भी संभावना जताई जा रही है।

अब घर बैठे होगी जमीन की रजिस्ट्री

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समय की बचत के साथ ही बिचौलियों का काम होगा खत्म

उत्तराखंड में 1 अप्रैल 2026 से शुरू होगा वर्चुअल सिस्टम

देहरादून। उत्तराखंड सरकार जमीन की रजिस्ट्री प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी बनाने जा रही है। राज्यभर में वर्चुअल लैंड रजिस्ट्रेशन सिस्टम लागू करने की तैयारी अंतिम चरण में पहुंच गई है। यह नई व्यवस्था 1 अप्रैल 2026 से पूरे प्रदेश में शुरू की जाएगी, जिसके बाद लोग बिना किसी बिचौलिए के घर बैठे ऑनलाइन रजिस्ट्री कर सकेंगे।

मुख्य सचिव आनंद बर्धन की अध्यक्षता में मंगलवार को सचिवालय में परियोजना की समीक्षा बैठक हुई। उन्होंने कहा कि इस सिस्टम से न केवल पारदर्शिता बढ़ेगी, बल्कि जनता का समय और खर्च दोनों बचेंगे।

उन्होंने संबंधित विभागों को तय समयसीमा में काम पूरा करने और तकनीकी व प्रशासनिक तालमेल बनाए रखने के निर्देश दिए। साथ ही कहा कि नया एप्लीकेशन-पोर्टल पूरी तरह पेपरलेस और सुरक्षित डेटा शेयरिंग प्रणाली पर आधारित होगा, जिससे रजिस्ट्री से जुड़े सभी दस्तावेज़ विभागों और एजेंसियों के बीच स्वतः साझा हो सकेंगे।

एकीकृत डेटा रिकॉर्ड से विवादों में कमी

मुख्य सचिव ने बताया कि सिस्टम लागू होने के बाद भूमि से जुड़ा एक समान और अद्यतन डेटा रिकॉर्ड सभी विभागों के पास उपलब्ध रहेगा। इससे न केवल विवादों में कमी आएगी, बल्कि शासन-प्रशासन की कार्यकुशलता और पारदर्शिता में भी बड़ा सुधार होगा।

 एप्लीकेशन तैयार, तकनीकी सुधार जारी

बैठक में अधिकारियों ने जानकारी दी कि वर्चुअल रजिस्ट्रेशन सिस्टम का एप्लीकेशन तैयार हो चुका है, हालांकि इसमें कुछ तकनीकी बदलाव किए जा रहे हैं। सुधारों के बाद इंफ्रास्ट्रक्चर टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

 पोर्टल पर तीन विकल्प उपलब्ध होंगे:

1. पारंपरिक तरीका – दस्तावेज़ों के साथ रजिस्ट्रार कार्यालय जाकर रजिस्ट्रेशन।

2. डिजिटल (पेपरलेस) प्रक्रिया – कार्यालय जाकर पूरी तरह डिजिटल रजिस्ट्री।

3. वर्चुअल रजिस्ट्रेशन – घर बैठे, ऑनलाइन माध्यम से रजिस्ट्री की सुविधा, बिना किसी बिचौलिए के।

धामी से मिली विश्व विजेता स्नेह राणा, सीएम बोले — आपने देश और देवभूमि का मान बढ़ाया

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देहरादून। महिला क्रिकेट विश्व कप विजेता टीम की सदस्य एवं उत्तराखंड की शान स्नेह राणा ने बुधवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से उनके आवास पर शिष्टाचार भेंट की। इस अवसर पर विशेष प्रमुख सचिव खेल अमित सिन्हा भी मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री धामी ने स्नेह राणा को भारतीय महिला क्रिकेट टीम की ऐतिहासिक जीत पर हार्दिक बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं प्रेषित कीं। उन्होंने कहा कि स्नेह राणा ने अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन और संघर्षशीलता से न केवल देश बल्कि उत्तराखंड का भी नाम विश्व स्तर पर रोशन किया है। यह उपलब्धि हम सभी के लिए गर्व का विषय है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्नेह राणा जैसी खिलाड़ी उत्तराखंड की बेटियों के लिए प्रेरणा स्रोत हैं। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार खिलाड़ियों को हरसंभव सहयोग देने के लिए प्रतिबद्ध है। इस मौके पर स्नेह राणा ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया और कहा कि राज्य सरकार की ओर से खिलाड़ियों को मिल रहा सहयोग राज्य में खेलों का वातावरण सशक्त बना रहा है। उन्होंने कहा कि वे आगे भी देश और प्रदेश का नाम रोशन करने के लिए निरंतर प्रयासरत रहेंगी।

“खेल नीति के माध्यम से खिलाड़ियों को प्रशिक्षण, नौकरी और आर्थिक सहायता जैसी सभी सुविधाएं दी जा रही हैं,” स्नेह राणा की यह उपलब्धि उत्तराखंड की खेल प्रतिभाओं के लिए प्रेरक अध्याय साबित होगी।
— मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी

गणेश गोदियाल बने उत्तराखंड कांग्रेस अध्यक्ष, प्रीतम सिंह-हरक सिंह को नई जिम्मेदारी

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नई दिल्ली: कांग्रेस हाईकमान ने उत्तराखंड संगठन में बड़ा फेरबदल करते हुए गणेश गोदियाल को उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) का नया अध्यक्ष नियुक्त किया है। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के महासचिव के. सी. वेणुगोपाल द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में यह जानकारी दी गई।

नई नियुक्ति के साथ ही पार्टी ने आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए दो अहम समितियों के अध्यक्ष भी घोषित किए हैं। पूर्व प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह को कैंपेन कमेटी का चेयरमैन बनाया गया है, जबकि डॉ. हरक सिंह रावत को इलेक्शन मैनेजमेंट कमेटी का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है।

कांग्रेस अध्यक्ष ने इस पुनर्गठन को तत्काल प्रभाव से लागू करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही, पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष करण माहरा को कांग्रेस वर्किंग कमेटी (CWC) में विशेष आमंत्रित सदस्य के रूप में शामिल किया गया है। पार्टी ने उनके कार्यकाल और योगदान की सराहना करते हुए धन्यवाद भी व्यक्त किया है।

इस फैसले को उत्तराखंड में आगामी राजनीतिक रणनीति की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। संगठनात्मक बदलाव से कांग्रेस का फोकस अब चुनावी तैयारीयों पर और तेज़ होने की उम्मीद है।

देहरादून में अधिवक्ताओं का प्रदर्शन, 2 घंटे सड़क को रखा जाम, चैंबर निर्माण की मांग पर बुलंद की आवाज

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देहरादून में अधिवक्ताओं ने सड़क जाम कर सरकार से चैंबर निर्माण की मांग की. उन्होंने कहा कि बुधवार को प्रदर्शन बड़ा रूप लेगा.

देहरादून: शहर के पुरानी जिला अदालत की खाली जमीन पर चैंबर निर्माण की मांग को लेकर अधिवक्ताओं ने सड़क पर 2 घंटे का सांकेतिक जाम रखा. अधिवक्ताओं ने सरकार को आने वाले समय में प्रदर्शन को और तेज किए जाने की चेतावनी भी दी है.

मंगलवार को देहरादून के अधिवक्ताओं ने जिला जज न्यायालय परिसर में रैन बसेरा बनाए जाने का विरोध किया. बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों का क्या कहना है कि न्यायालय परिसर में वकीलों और अन्य कर्मचारियों की संख्या बहुत अधिक है. जिस कारण उन्हें आमंत्रित की गई भूमि कम पड़ रही है.

बार एसोसिएशन के अध्यक्ष मनमोहन कंडवाल ने बातचीत करते हुए जिला जज न्यायालय परिसर में हरिद्वार रोड स्थित सिविल कंपाउंड पर स्वास्थ्य विभाग की तरफ से प्रस्तावित रैन बसेरा बनाए जाने का विरोध करते हुए कहा कि अधिवक्ता अपनी मांगों को लेकर बुधवार को चरणबद्ध तरीके से आंदोलन करने जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि अन्य राज्यों की सरकारें वकीलों के चैंबर बनाकर देती है, क्योंकि न्यायपालिका और अधिवक्ता एक ही गाड़ी के दो पहिए हैं.

उन्होंने कहा कि देहरादून में 5 हजार अधिवक्ता, पांच हजार टाइपिस्ट और वेंडरों के अलावा कई वादकारियों का कोर्ट आना जाना लगा रहता है. लेकिन उनके लिए परिसर में पर्याप्त जगह तक नहीं है. जिस कारण उन्हें आवंटित भूमि कम पड़ रही है. उन्होंने मांग उठाई कि उन्हें चैंबर निर्माण के लिए अतिरिक्त भूमि आवंटित की जाए. उन्होंने कहा कि जिला जज न्यायालय परिसर में सिविल कंपाउंड हरिद्वार रोड की जमीन भी अधिवक्ताओं को चैंबर निर्माण के लिए मिलनी चाहिए.

मनमोहन कंडवाल ने कहा कि उत्तराखंड आंदोलन से लेकर स्वतंत्रता आंदोलन तक अधिवक्ताओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही है. यहां के वकीलों ने उत्तराखंड आंदोलनकारियों की निशुल्क पैरवी की है. यहां के अधिवक्ताओं ने उत्तराखंड आंदोलन के समय उत्तर प्रदेश में बंद रहे आंदोलनकारियों को लाने के लिए निशुल्क बसों की व्यवस्था भी की थी. लेकिन सरकार हमारी मांग को अनसुना कर रही है.

बता दें कि सोमवार से अधिवक्ता देहरादून की सड़कों पर सांकेतिक जाम कर प्रदर्शन कर रहे हैं. सोमवार को अधिवक्ताओं ने सुबह 10:30 बजे से 11:30 बजे तक (एक घंटा) का सांकेतिक जाम रखा. जबकि मंगलवार को सुबह 10:30 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक (2 घंटे) का सांकेतिक जाम किया. अब अधिवक्ताओं ने धीर-धीरे चरणबद्ध तरीके से अपने आंदोलन को बढ़ाने की चेतावनी दी है.

Dharmendra के निधन की खबर निकली झूठी, बेटी एशा देओल ने बताया पिता का ताजा हेल्थ अपडेट

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बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता धर्मेंद्र इन दिनों चर्चा में बने हुए हैं। हाल ही में सोशल मीडिया पर उनके निधन की झूठी खबर तेजी से वायरल हुई, जिसके बाद फैन्स के बीच अफरा-तफरी मच गई। धर्मेंद्र मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती हैं, और उनकी तबीयत को लेकर कई तरह की अफवाहें फैलने लगीं। अब उनकी बेटी और अभिनेत्री एशा देओल ने इन खबरों पर प्रतिक्रिया दी है और पिता की सेहत को लेकर महत्वपूर्ण अपडेट साझा किया है।

बेटी ने क्या कहा

एशा ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट के ज़रिए बताया कि उनके पिता बिल्कुल जीवित और स्वस्थ हैं। उन्होंने धर्मेंद्र की मौत से जुड़ी खबरों को साफ तौर पर अफवाह बताया और लोगों से ऐसी झूठी खबरों पर ध्यान न देने की अपील की।

Disclaimer: पूर्व में धर्मेंद्र के निधन से जुड़ी खबर में तथ्यात्मक त्रुटि हुई थी, जिसे सुधार लिया गया है। इस गलती के लिए हमें खेद है। हम हमेशा तथ्यों की सटीकता और सत्यता के लिए प्रतिबद्ध है और अपने पाठकों तक पुष्ट और प्रमाणिक जानकारी पहुंचाने के लिए सदैव तत्पर रहता है।

केन्द्रीय मंत्री जितिन प्रसाद से मिले महाराज

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साइबर क्राइम और साइबर कानून पर हुई चर्चा

देहरादून/नई दिल्ली। प्रदेश पर्यटन, लोक निर्माण, सिंचाई, पंचायती राज, ग्रामीण निर्माण, जलागम, धर्मस्व एवं संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज ने केन्द्रीय वाणिज्य एवं उद्योग तथा इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री जितिन प्रसाद से उनके आवास पर शिष्टाचार भेंट कर उनसे साइबर क्राइम और साइबर कानून पर चर्चा की।

प्रदेश पर्यटन, लोक निर्माण, सिंचाई, पंचायती राज, ग्रामीण निर्माण, जलागम, धर्मस्व एवं संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज ने सोमवार को केन्द्रीय वाणिज्य एवं उद्योग तथा इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री जितिन प्रसाद से उनके नई दिल्ली आवास पर शिष्टाचार भेंट कर उनसे साइबर क्राइम और साइबर कानून पर चर्चा की। उन्होंने केन्द्रीय मंत्री से हुई चर्चा के दौरान कहा कि आज के डिजिटल युग में साइबर अपराध एक बड़ी चुनौती बन गया है। साइबर अपराधियों के द्वारा कंप्यूटर, नेटवर्क और इंटरनेट के माध्यम से हैकिंग, फिशिंग, मैलवेयर, साइबर स्टॉकिंग और ऑनलाइन धोखाधड़ी जैसे अपराध निरन्तर बढ़ते जा रहे हैं। साइबर कानून वे नियम और विनियम हैं जो साइबर अपराधों को रोकने और उनके लिए दंड देने के लिए बनाए गए हैं। हमें साइबर अपराधों से बचाव के तरीके अपनाने होंगे और साइबर सुरक्षा जागरूकता बढ़ानी होगी।

श्री महाराज ने केन्द्रीय राज्यमंत्री मंत्री से कहा कि साइबर अपराधों के लिए कड़े दंड का प्रावधान होना चाहिए।
इनकी रोकथाम के लिए अभियान चलाने चाहिएं, साइबर सुरक्षा प्रशिक्षण देना चाहिए ताकि लोग साइबर अपराधों से बचाव के तरीके सीख सकें। साइबर अपराधों के लिए विशेष अदालतें स्थापित करनी चाहिए ताकि मामलों का तेजी से निपटारा हो सके।