Friday, March 6, 2026
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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कानून व्यवस्था को लेकर उच्च स्तरीय बैठक ली

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मुख्यमंत्री  पुष्कर सिंह धामी ने कानून व्यवस्था को लेकर उच्च स्तरीय बैठक ली
अपराधियों पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश, पुलिस को सक्रिय एवं परिणामोन्मुखी कार्यवाही के आदेश
हर स्तर पर जवाबदेही तय की जाए – सीएम
अपराधों पर तत्काल मुकदमे दर्ज किए जाएं
आदतन एवं संगठित अपराध में संलिप्त अपराधियों पर सख्त निगरानी रखने के निर्देश – मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री की संवेदनशील क्षेत्रों में गश्त और निगरानी बढ़ाने की कड़ी हिदायत

मुख्यमंत्री धामी ने सख्त शब्दों में कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने डीजीपी को निर्देश दिए कि सभी प्रकार के अपराधों पर तत्काल मुकदमे दर्ज किए जाएं और अपराधियों के विरुद्ध कठोर एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

मुख्यमंत्री  पुष्कर सिंह धामी आज मुख्यमंत्री आवास में प्रदेश की कानून व्यवस्था की समीक्षा करते हुए उच्च स्तरीय बैठक ले रहे थे ।
मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से आदतन एवं संगठित अपराध में संलिप्त अपराधियों पर सख्त निगरानी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ऐसे तत्वों की पहचान कर उनके विरुद्ध विधिक प्रावधानों के तहत कठोर कार्रवाई की जाए, ताकि समाज में कानून का भय स्थापित हो और आमजन स्वयं को सुरक्षित महसूस करें।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि पुलिस पूरी सक्रियता, सतर्कता और जवाबदेही के साथ कार्य करे। थानों और चौकियों की कार्यप्रणाली को और अधिक सुदृढ़ किया जाए तथा संवेदनशील क्षेत्रों में गश्त और निगरानी बढ़ाई जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि शहरी क्षेत्रों में यातायात एवं सुरक्षा व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए विशेष अभियान चलाए जाएं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अपराधियों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा। कानून हाथ में लेने वालों, असामाजिक तत्वों और प्रदेश की शांति भंग करने का प्रयास करने वालों के विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया कि परिणाम दिखने चाहिए और जनता को सुरक्षा का अनुभव होना चाहिए। मुख्यमंत्री श्री धामी ने कहा कि उनकी सरकार “अपराध मुक्त उत्तराखण्ड” के संकल्प के साथ कार्य कर रही है। प्रदेश की शांति, सुरक्षा और सुशासन सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना शासन की जिम्मेदारी है और इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए  कि कानून व्यवस्था से जुड़े मामलों की नियमित समीक्षा की जाए और हर स्तर पर जवाबदेही तय की जाए, ताकि प्रदेश में कानून का राज और अधिक सशक्त हो सके।

बैठक में मुख्य सचिव, डीजीपी पुलिस,  सचिव गृह,  एडीजीपी (लॉ एन्ड आर्डर), गढ़वाल कमिश्नर सहित पुलिस एवं शासन के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

तेजी से बढ़ाना है Vitamin-D? सुबह की डाइट में शामिल करें ये सुपरफूड्स

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खाना हमारी पूरी हेल्थ और इम्यून सिस्टम के लिए बहुत जरूरी है. एक्सपर्ट्स का कहना है कि इम्यूनिटी बढ़ाने में विटामिन D बहुत ज़रूरी रोल निभाता है. भारत में ज्यादातर लोग विटामिन D की कमी से परेशान हैं, यह समस्या महिलाओं में ज्यादा आम है. दरअसल, विटामिन D हड्डियों को मजबूत बनाए रखने में बहुत जरूरी रोल निभाता है.
एक्सपर्ट्स का कहना है कि इस विटामिन की कमी से थकान, स्ट्रेस, मसल्स में दर्द, कमजोरी, जोड़ों में दर्द, बाल झड़ना और पुरानी पाचन संबंधी समस्याएं हो सकती हैं. इसलिए, विटामिन D से भरपूर फूड्स खाने की सलाह दी जाती है. विटामिन D आंतों में कैल्शियम एब्जॉर्प्शन में मदद करता है. लंबे समय तक विटामिन D की कमी से कम उम्र में भी ऑस्टियोपोरोसिस हो सकता है. आइए इस खबर में जानें कि विटामिन D की कमी से बचने के लिए हमें अपनी डाइट में कौन से फूड्स शामिल करने चाहिए.

विटामिन D की कमी से बचने के लिए इन फूड आइटम्स को अपने डाइट में करें शामिल…

मशरूम: इनमें विटामिन D भरपूर होता है. इनमें विटामिन B1, B2, B5 और कॉपर जैसे न्यूट्रिएंट्स भी भरपूर होते हैं. हालांकि, मशरूम कई तरह के होते हैं, जैसे बटन मशरूम और स्ट्रॉ मशरूम, और विटामिन D की मात्रा अलग-अलग तरह की होती है.

 

अंडे: एक्सपर्ट्स का कहना है कि इनमें प्रोटीन और विटामिन D भरपूर होता है. हालांकि, अंडों में फैट ज्यादा होता है, इसलिए दिन में एक से ज्यादा अंडा खाने से बचना चाहिए. आप स्वाद बढ़ाने के लिए कुछ सब्जियों के साथ ऑमलेट या करी भी बना सकते हैं.

 

मछली: एक्सपर्ट्स का कहना है कि इसमें विटामिन D भरपूर होता है. मेडलाइनप्लस की एक स्टडी में पाया गया कि सैल्मन, टूना और मैकेरल जैसी फैटी मछलियां विटामिन D के बहुत अच्छे सोर्स हैं. इसके अलावा, मछली में प्रोटीन, कैल्शियम और फॉस्फोरस जैसे न्यूट्रिएंट्स पूरी हेल्थ में मदद करते हैं.

 

दूध और दही: गाय के दूध में विटामिन D भरपूर होता है. कई स्टडीज से पता चला है कि गाय के दूध का एक गिलास मक्खन के साथ पीने से शरीर की रोजाना की विटामिन D की जरूरत का 20 परसेंट पूरा होता है. इसके अलावा, एक्सपर्ट्स का कहना है कि दूध में मौजूद कैल्शियम हड्डियों की सेहत के लिए भी अच्छा होता है. दही में भी प्रोटीन और विटामिन D भरपूर होता है.

 

धूप में पंद्रह मिनट: यह सब जानते हैं कि हमारे शरीर को धूप से भरपूर मात्रा में विटामिन D मिलता है. एक्सपर्ट्स का कहना है कि यह शरीर को कैल्शियम एब्जॉर्ब करने में मदद करता है, जिससे हड्डियां हेल्दी रहती हैं. विटामिन D को नर्व और मसल्स की सेहत के लिए भी जरूरी माना जाता है. इसके अलावा, यह इम्यून सिस्टम के काम को बेहतर बनाने के लिए भी उतना ही जरूरी है. CDC की एक स्टडी में कहा गया है कि विटामिन D शरीर को खाने से कैल्शियम और फॉस्फोरस एब्जॉर्ब करने में मदद करता है और हड्डियों की ग्रोथ को बढ़ावा देता है. वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन (WHO) सलाह देता है कि लोगों को हफ्ते में दो से तीन बार 5 से 15 मिनट धूप में रहना चाहिए.

Breaking: कालाढूंगी में जंगली जानवर का खूनी हमला, महिला की दर्दनाक मौत

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हल्द्वानी। कालाढूंगी विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत पीपल पोखरा नंबर-2 में जंगली जानवर के हमले से एक महिला की दर्दनाक मौत हो गई। मृतका की पहचान गंगा देवी (पत्नी प्रेम भारती) के रूप में हुई है।
जानकारी के अनुसार गंगा देवी पर अचानक जंगली जानवर ने हमला कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गईं। घटना के बाद परिजनों और स्थानीय लोगों ने तत्परता दिखाते हुए उन्हें उपचार के लिए सुशीला तिवारी अस्पताल, हल्द्वानी पहुंचाया। हालांकि अस्पताल में चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।
घटना के बाद पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल बना हुआ है। ग्रामीणों में भय व्याप्त है और लोग वन विभाग से तत्काल कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। स्थानीय प्रशासन और वन विभाग को घटना की सूचना दे दी गई है। वन विभाग की टीम द्वारा क्षेत्र में गश्त बढ़ाने और हमलावर जंगली जानवर की पहचान कर उसे पकड़ने की कार्रवाई किए जाने की संभावना है। ग्रामीणों ने प्रशासन से प्रभावित परिवार को उचित मुआवजा देने तथा क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ करने की मांग की है।

दून अस्पताल में अब हर फ्लोर पर रजिस्ट्रेशन काउंटर, पर्चा बनवाने के लिए लंबी कतार खत्म

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देहरादून: उत्तराखंड के सबसे बड़े सरकारी दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल में बुधवार से मरीजों को लंबी कतारों में लगकर रजिस्ट्रेशन का पर्चा बनवाने से राहत मिली है. अस्पताल प्रशासन ने इस दिशा में एक सकारात्मक कदम उठाते हुए ओपीडी के प्रत्येक फ्लोर पर रजिस्ट्रेशन काउंटर खोल दिए हैं.अस्पताल की ओपीडी में यानी 9 बजे से लेकर दोपहर 3 बजे तक आयुष्मान काउंटर भी संचालित होना शुरू हो गया है, यह नई व्यवस्था मरीजों को अनावश्यक भाग दौड़ से निजात दिलाएगी. इससे पूर्व कई मरीजों को भर्ती प्रक्रिया पूरी करने के लिए आपातकालीन विभाग जाना पड़ता था. जबकि इमरजेंसी और ओपीडी भवन अलग-अलग और काफी दूरी पर स्थित है. इससे न सिर्फ मरीजों और उनके तीमारदारों को असुविधा का सामना करना पड़ता था बल्कि आपातकालीन विभाग पर भी अनावश्यक दबाव पड़ता था.
अब दून अस्पताल के हर फ्लोर पर मरीजों की सुविधा के लिए अस्पताल प्रशासन ने रजिस्ट्रेशन काउंटर खोल दिए हैं, मरीज को अब ओपीडी का पर्चा बनाने के लिए लंबी कतार नहीं लगानी पड़ेगी. पहले या सुविधा सिर्फ ओपीडी ब्लॉक के ग्राउंड फ्लोर पर हुआ करती थी जहां लंबी लाइन लगाकर लोग अपनी बारी की प्रतीक्षा करते थे, मरीजों का अधिकतर समय पर्चा बनवाने में खप जाता था, इससे मरीज और उनके तीमारदारों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था. अस्पताल में 11 फरवरी से ओपीडी रजिस्ट्रेशन काउंटरों की संख्या बढ़ा दी गई है. अलग-अलग फ्लोर पर काउंटर शुरू कर दिए गए हैं, अस्पताल प्रशासन का यह कदम मरीजों को बेहतर सुविधा दिए जाने का प्रयास है.
दून अस्पताल के मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉक्टर एनएस बिष्ट ने बताया कि मरीजों की सुविधा के लिए दो जगह गेट नंबर 2 और गेट नंबर 5 पर आयुष्मान काउंटर संचालित किये जा रहे हैं, इसके अलावा अस्पताल प्रशासन ने नया आयुष्मान काउंटर मेन रजिस्ट्रेशन काउंटरों के पास खोल दिया है. ताकि ओपीडी से भर्ती मरीजों को ट्रैफिक की समस्या से जूझते और रोड क्रॉस करके गेट नंबर 2 और 5 पर स्थित आयुष्मान काउंटरों पर नहीं जाना पड़े.

खौफनाक वारदात! गल्ला मंडी में दोहरे हत्याकांड से हल्द्वानी सन्न जाने पूरी खबर

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हल्द्वानी मंडी परिसर के पास गल्ला मंडी के निकट युवक और युवती के शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। प्रारंभिक जांच में दोनों की पत्थर से कुचलकर निर्मम हत्या किए जाने की आशंका जताई जा रही है।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया। मौके पर एसपी सिटी मनोज कत्याल, सीओ अमित कुमार और कोतवाल विजय मेहता सहित भारी पुलिस बल पहुंचा और घटनास्थल का निरीक्षण किया। आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है।

एसपी सिटी मनोज कत्याल ने बताया कि दोनों के सिर पर गंभीर चोटें आई हैं, जिसके कारण उनकी पहचान करना मुश्किल हो रहा है। हालांकि, दोनों के पास से मिली पहचान पत्र (आईडी) के आधार पर पहचान की प्रक्रिया जारी है।
फॉरेंसिक टीम भी घटनास्थल पर पहुंच चुकी है और आसपास के सैंपल जुटा रही है। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज भी खंगालना शुरू कर दिया है। एसपी सिटी ने बताया कि जल्द ही पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा।

BREAKING: अर्जुन शर्मा हत्याकांड: पुलिस एनकाउंटर में आरोपी घायल जांच जारी

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देहरादून :उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में तिब्बती मार्केट के पास दिनदहाड़े गैस एजेंसी के मालिक अर्जुन शर्मा की गोली मारकर हत्या के मामले में पुलिस ने रात बड़ी कार्रवाई की है। हत्याकांड के मुख्य आरोपियों राजू राणा और पंकज राणा (दोनों भाई) को देर रात अलग-अलग स्थानों लाडपुर के जंगलों एवं डोईवाला के जंगलों पर एनकाउंटर में घायल कर गिरफ्तार किया गया। दोनों के पैरों में गोली लगी है और उन्हें कोरोनेशन अस्पताल  में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।
 
सूत्रों के अनुसार है कि यह हत्या कॉन्ट्रैक्ट किलिंग के तहत भी होने की संभावना है । दोनों आरोपी यमकेश्वर, पौड़ी गढ़वाल के मूल निवासी हैं। खास बात यह है कि राजू राणा पहले भी अपने पिता की हत्या के मामले में जेल जा चुका है। पुलिस अब दोनों आरोपियों के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड्स की गहन जांच कर रही है, जिसमें अन्य क्राइम हिस्ट्री और संभावित गैंग कनेक्शन भी शामिल हैं।

 
देर रात एनकाउंटर:
पुलिस को सूचना मिली कि आरोपियों ने जंगली इलाकों में शरण ली है।
 
मुठभेड़ के दौरान दोनों ने फायरिंग की, जिसके जवाब में पुलिस ने आत्मरक्षा में फायरिंग की। नियंत्रित फायरिंग से दोनों के पैर घायल हुए और वे सरेंडर करने को मजबूर हुए।
 
कॉन्ट्रैक्ट किलिंग एंगल: सूत्रों के अनुसार, हत्या परिवारिक विवाद के अलावा किसी बाहरी कॉन्ट्रैक्ट के तहत होने की संभावना है । आरोपियों से पूछताछ में बड़े खुलासे की उम्मीद है, जिसमें हायर करने वाले का नाम भी सामने आ सकता है।
 
देहरादून में पिछले कुछ दिनों में लगातार हत्याओं की घटनाएं हो रही हैं, जिससे कानून-व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। यह एनकाउंटर पुलिस के सख्त रुख को दिखाता है, लेकिन कुछ संगठन इसे जांच के दायरे में रखने की मांग कर रहे हैं।

देहरादून दहला! दिनदहाड़े रिटायर्ड कर्नल के बेटे की गोली मारकर हत्या, इलाके में सनसनी

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शहीद कर्नल के बेटे और गैस एजेंसी संचालक की दिनदहाड़े हत्या से खड़े हुए गंभीर सवाल
देहरादून के तिब्बती मार्केट-परेड ग्राउंड क्षेत्र में 40 वर्षीय अर्जुन शर्मा की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई। यह वारदात सिर्फ एक आपराधिक घटना नहीं, बल्कि उन चेतावनियों, शिकायतों और सुरक्षा मांगों की अनदेखी का परिणाम बनती जा रही है, जो पहले से पुलिस प्रशासन और सिस्टम के रिकॉर्ड में मौजूद थीं।
अर्जुन शर्मा, जीएमएस रोड स्थित भारत गैस एजेंसी के संचालक थे। वह कर्नल आरसी शर्मा के पुत्र थे और आईटीबीपी क्षेत्र के निवासी बताए जा रहे हैं। बुधवार सुबह वह परेड ग्राउंड में लॉन टेनिस खेलने पहुंचे थे। खेल समाप्त होने के बाद जब वह अपनी मैरून रंग की जीप में बैठने लगे, तभी स्कूटी पर आए दो युवकों ने बेहद करीब से उन पर फायरिंग कर दी। गोली सीधे उनकी छाती में लगी। मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी, लेकिन तब तक अर्जुन की मौत हो चुकी थी।
घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। गुस्साए व्यापारियों ने तिब्बती मार्केट कुछ देर के लिए बंद कर दिया। यह वारदात उस क्षेत्र में हुई जिसे राज्य का हाई-सिक्योरिटी ज़ोन माना जाता है — सचिवालय, पुलिस मुख्यालय और देहरादून प्रेस क्लब से कुछ ही दूरी पर।
 
पहले से क्यों था जान का खतरा, दर्ज की थी शिकायत
पुलिस की प्रारंभिक जांच और सामने आए तथ्यों के अनुसार अर्जुन शर्मा पहले से गंभीर पारिवारिक और संपत्ति विवादों में घिरे हुए थे। हालात इतने तनावपूर्ण हो चुके थे कि उनकी मां ने हाईकोर्ट में प्रार्थना पत्र देकर अपने ही बेटे से जान का खतरा बताते हुए सुरक्षा की मांग की थी। यह मामला केवल घरेलू विवाद नहीं, बल्कि न्यायिक प्रक्रिया का हिस्सा बन चुका था।
इसके अलावा अर्जुन खुद भी कई बार पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों से मिलकर अपनी सुरक्षा को लेकर शिकायतें दे चुके थे। उनका उन्हें मिल रही धमकियों और विवादों की जानकारी सिस्टम के पास थी, लेकिन किसी भी स्तर पर न सुरक्षा दी गई और न ही निगरानी की कोई ठोस व्यवस्था की गई। मृतक के साथ कई वर्षों से काम कर रहे विजय ने आरोप लगाया कि अर्जुन शर्मा का विजय उनियाल नाम के व्यक्ति के साथ प्रॉपर्टी को लेकर करीब 40 से 42 करोड़ रुपये का लेनदेन विवाद चल रहा था। विजय का दावा है कि अर्जुन को पहले भी कई बार धमकियां मिल चुकी थीं। इस संबंध में वसंत विहार थाने और एसएसपी को कई बार शिकायत दी गई थी।
 
दोस्त का बयान: धमकियां, एफआईआर और रिकॉर्डिंग मौजूद
घटना के बाद अर्जुन के करीबी दोस्त राजीव यादव ने खुलासा किया कि प्रॉपर्टी विवाद को लेकर उन्हें भी लगातार जान से मारने की धमकियां मिल रही थीं। धमकी देने वाला व्यक्ति बिहार की बेऊर जेल से कॉल कर रहा था। इस मामले में उन्होंने एसएसपी को लिखित शिकायत दी, एफआईआर दर्ज कराई और कॉल रिकॉर्डिंग भी पुलिस को सौंपी गई।
राजीव यादव के अनुसार अर्जुन भी इसी तरह के विवादों से घिरे हुए थे। उन्होंने कई बार बताया था कि उन्होंने पुलिस और अधिकारियों से संपर्क किया, लेकिन शिकायतों के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। संपत्ति विवाद को लेकर अर्जुन की मां के साथ सिविल कोर्ट में मामला भी चल रहा था। मानसिक दबाव के कारण वह लंबे समय से तनाव और डिप्रेशन में भी बताए जा रहे थे।
 
घर से खेल के लिए निकले थे, वापस नहीं लौटे
नौकरानी रजनी नेगी के अनुसार अर्जुन शर्मा सुबह करीब आठ बजे वसंत विहार स्थित किराए के मकान से कॉफी पीकर निकले थे। परिवार फिलहाल किराए के मकान में रह रहा था, जबकि उनका मूल घर टपकेश्वर क्षेत्र में निर्माणाधीन है। उनकी मां और बड़ा भाई इंद्रानगर स्थित घर में रहते हैं। पत्नी अभिलाषा शर्मा गृहिणी हैं। अर्जुन अपने पीछे पत्नी और दो छोटे बच्चों — लगभग तीन साल की बेटी और पांच साल के बेटे — को छोड़ गए हैं।
 
पिता शहीद, मां के नाम एजेंसी
अर्जुन शर्मा के पिता सेना में शहीद हुए थे, जिसके बाद भारत गैस एजेंसी उनकी मां वीना शर्मा के नाम आवंटित की गई थी। बाद में अर्जुन शर्मा इस एजेंसी का संचालन कर रहे थे।
 
हाई-सिक्योरिटी ज़ोन में वारदात
घटना स्थल राज्य के सबसे सुरक्षित माने जाने वाले इलाकों में शामिल है। सचिवालय, पुलिस मुख्यालय और प्रेस क्लब से कुछ ही दूरी पर अपराधियों ने वारदात को अंजाम दिया और फरार हो गए। फॉरेंसिक टीम ने मौके से साक्ष्य जुटाए हैं। आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है ताकि स्कूटी सवार हमलावरों की पहचान की जा सके।
 
आईजी बोले, पुलिस की लापरवाही मिली तो होगी कार्रवाई
आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप ने बताया कि सुबह लगभग 10:30 बजे अर्जुन शर्मा पर अज्ञात हमलावरों ने फायरिंग की। गंभीर अवस्था में उन्हें दून अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। उन्होंने कहा कि एसएसपी देहरादून मौके पर पहुंचे हैं, साक्ष्य एकत्र किए गए हैं और घटना का शीघ्र खुलासा किया जाएगा। आने वाले दिनों में देहरादून एसएसपी के साथ समीक्षा बैठक कर कानून-व्यवस्था को लेकर सख्त कदम उठाए जाएंगे।
14 दिनों में 4 हत्याएं: देहरादून में बढ़ती हिंसा का पैटर्न
देहरादून और आसपास के क्षेत्रों में बीते
 
02 हफ्ते में चार बड़ी हत्याओं ने कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
29 जनवरी — विकासनगर:
12वीं की छात्रा मनीषा तोमर (18) की हत्या। चचेरा भाई दवा दिलाने के बहाने घर से ले गया था।
31 जनवरी — ऋषिकेश:
घर में घुसकर महिला की गोली मारकर हत्या। आरोपी वारदात के बाद फरार। दोनों पहले पति-पत्नी थे और तलाक के बाद अलग रह रहे थे।
02 फरवरी — पलटन बाजार, देहरादून:
भीड़भाड़ वाले बाजार क्षेत्र में 23 वर्षीय युवती गुंजन की धारदार हथियार से गला काटकर हत्या। घटना के बाद बाजार बंद कराया गया।
11 फरवरी — तिब्बती मार्केट, देहरादून:
40 वर्षीय अर्जुन शर्मा की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या।

मृत्यु प्रमाण पत्र प्रकरण में लापरवाही; डीएम ने डीपीआरओ का रोका वेतन तो जारी हुए प्रमाण पत्र

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इठारना में आयोजित बहुउ‌द्देशीय शिविर प्राप्त शिकायत पर प्रदत्त निर्देशों का अनुपालन करने पर हुई थी कार्रवाई
प्रमाण पत्र जारी होने के उपरान्त ही जिला प्रशासन ने दी वेतन आहरण की संस्तुति
देहरादून, दिनांक 11 फरवरी 2026 (सूवि) जिलाधिकारी सविन बंसल की अध्यक्षता में जिले के विकास खंड डोईवाला ग्राम इठारना, तहसील ऋषिकेश में 01.12.2025 को आयोजित बहुउद्देशीय शिविर में प्राप्त शिकायतों के क्रम में जिला प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। ग्राम पंचायत गौहरी माफी निवासी प्रदीप सिंह पुत्र स्व० भगत सिंह द्वारा अपने पिताजी का मृत्यु प्रमाण पत्र जारी किए जाने तथा बलबीर सिंह रावत पुत्र स्व० चन्दन सिंह द्वारा अपनी माता स्व० जयवन्ती देवी का मृत्यु प्रमाण पत्र जारी न किए जाने संबंधी शिकायत प्रस्तुत की गई थी।
प्रकरण में में उपजिलाधिकारी, ऋषिकेश के पत्र 18.12.2025 के माध्यम से आवश्यक कार्यवाही हेतु निर्देश निर्गत किए गए थे। तत्पश्चात कार्यालय 29.12.2025 द्वारा सहायक विकास अधिकारी (पंचायत), विकासखंड डोईवाला को निर्देशित किया गया कि प्रकरण पर तीन दिवस के भीतर कार्यवाही सुनिश्चित करते हुए कृत कार्यवाही से अवगत कराएं।
इसके बावजूद पंचायतराज स्तर पर समयबद्ध कार्यवाही न किए जाने की शिकायत जिलाधिकारी को प्राप्त हुई। शिकायतकर्ताओं के प्रार्थना पत्रों पर अपेक्षित कार्रवाई में लापरवाही पाए जाने पर जिलाधिकारी ने संज्ञान लेते हुए प्रकरण के निस्तारण तक जिला पंचायत राज अधिकारी, देहरादून के वेतन आहरण पर अग्रिम आदेशों तक रोक लगाने के निर्देश दिए थे, जिसके फलस्वरुप जिला पंचायत राज अधिकारी, देहरादून के वेतन आहरण पर रोक लगा दी गई है।
वेतन रोकने की कार्रवाई के तत्पश्चात संबंधित ग्राम पंचायत विकास अधिकारी, ग्राम पंचायत गौहरी माफी द्वारा प्रदीप सिंह के पिता स्व० भगत सिंह तथा बलबीर सिंह रावत की माता स्व० जयवन्ती देवी का मृत्यु प्रमाण पत्र 08.02.2026 को जारी कर दिया गया है। प्रकरण के निस्तारण उपरांत जिला पंचायत राज अधिकारी, देहरादून के वेतन आहरण पर लगी रोक हटाए जाने के संबंध में पत्रावली उच्च स्तर पर प्रस्तुत की गई है। जिला प्रशासन के सख्त निर्देश हैं कि जनमानस की शिकायतों के निस्तारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही पर क्षम्य नही होगी। अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि समयबद्ध एवं पारदर्शी कार्यप्रणाली सुनिश्चित करना सभी अधिकारियों की जिम्मेदारी है। इसमें किसी भी प्रकार की हिलाहवाली स्वीकार्य नहीं होगी ।

बनभूलपुरा रेलवे अतिक्रमण: सुप्रीम सुनवाई से पहले सख्ती, रात 11 के बाद दुकानें बंद

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हल्द्वानी। बनभूलपुरा जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में रात 11 बजे के बाद भी खानपान समेत अन्य सामग्री की दुकानें खुली रहती हैं। जिस पर पुलिस ने इन दुकानदारों के विरुद्ध सख्ती बरतनी शुरू कर दी है। साथ ही दुकान बंद करने के निर्देश मिलने के बावजूद अगर व्यापारी फिर दुकानें खोलता पाया गया तो कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।

बनभूलपुरा रेलवे भूमि प्रकरण को लेकर सुप्रीम कोर्ट में 23 या 24 फरवरी को सुनवाई संभावित है। सुनवाई से पहले ही क्षेत्र में फिर पुलिस एक्टिव हो गई है। बनभूलपुरा क्षेत्र में रात के समय लोगों का झुंड न लगे, इसको लेकर पुलिस क्षेत्र में गश्त भी कर रही है।

दरअसल, बनभूलपुरा में देर रात तक हमेशा चहल-पहल रहती है। भोजन, कपड़े, डेली नीड्स आदि की दुकानें भी खुली रहती हैं। इस दौरान लोग भी इकट्ठा होते हैं। अधिकतर दुकानें खुली रहने से लोगों का जमावड़ा भी लग जाता है। हालांकि पुलिस का मानना है कि क्षेत्र में रात के समय शांति रहने पर यहां अपराध भी कम होंगे।

जबकि रेलवे भूमि प्रकरण को लेकर सुप्रीम सुनवाई से पहले लोग तरह-तरह की अफवाहें न उड़ाएं, इसको लेकर भी विशेष रूप से ध्यान दिया जा रहा है। रात में दुकानें बंद होने के चलते चहल-पहल भी कम रहेगी। इससे अफवाहों पर भी लगाम लगेगी और दुकानें बंद होंगी तो लोग भी बाहर नहीं निकलेंगे।

उत्तराखंड: अस्पताल में बच्चे को छोड़ भागा सगा भाई, नर्सिंग स्टाफ ने निभाई इंसानियत

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देहरादून: भाई की राह देखता रहा गुलशन, दो महीने बीत गए। दून अस्पताल में गुलशन का मामला केवल एक बच्चे की कहानी नहीं, बल्कि हमारी सामाजिक जिम्मेदारी का आईना है। Doon Medical College Hospital से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां गुलशन नाम का 12 साल का लड़का अपने भाई द्वारा छोड़े जाने के बाद दो महीने से ऑर्थो वार्ड में अकेला इंतज़ार कर रहा है।

देहरादून के दून हॉस्पिटल से एक बेहद संवेदनशील और चिंताजनक मामला सामने आया है। यहां 12 साल का बच्चा गुलशन पिछले दो महीनों से अकेले ऑर्थो वार्ड में रह रहा है। घटना न केवल स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है, बल्कि समाज की संवेदनशीलता पर भी गंभीर चिंतन को मजबूर करती है।

भाई के साथ इलाज के लिए आया था गुलशन
गुलशन 3 दिसंबर को अपने बड़े भाई के साथ Haridwar से देहरादून पहुंचा था। उसे जांघ की हड्डी की सर्जरी करवानी थी। अस्पताल में डॉक्टरों द्वारा सफलतापूर्वक उसका इलाज किया गया और ऑपरेशन के बाद उसे ऑर्थो वार्ड में भर्ती किया गया।

इलाज के बाद भाई हुआ लापता

इलाज के मात्र दो दिन बाद ही गुलशन का भाई उसे अस्पताल में अकेला छोड़कर चला गया। शुरुआत में स्टाफ को लगा कि वह किसी जरूरी काम से गया होगा, लेकिन जब कई दिन बीत गए और वह वापस नहीं लौटा, तब चिंता बढ़ने लगी। नर्सिंग स्टाफ द्वारा दिए गए मोबाइल नंबर पर कई बार कॉल की गई, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला।
शक होने पर पुलिस को दी गई सूचना

जब लगातार संपर्क नहीं हो पाया, तो अस्पताल प्रशासन और नर्सिंग स्टाफ को मामला संदिग्ध लगा। इसके बाद पुलिस में इसकी शिकायत दर्ज कराई गई। पुलिस अब बच्चे के परिजनों का पता लगाने और पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है।

नर्सिंग स्टाफ बना गुलशन का सहारा
इस मुश्किल समय में अस्पताल का नर्सिंग स्टाफ गुलशन के लिए परिवार बन गया है। वही उसकी देखभाल कर रहे हैं, समय पर खाना दे रहे हैं और मानसिक रूप से भी उसे संभालने की कोशिश कर रहे हैं। स्टाफ का कहना है कि वे बच्चे को अकेला महसूस नहीं होने देंगे।

दून अस्पताल में गुलशन का मामला केवल एक बच्चे की कहानी नहीं, बल्कि हमारी सामाजिक जिम्मेदारी का आईना है। एक मासूम का दो महीने तक अकेले अस्पताल में रहना सिस्टम की कमजोरी और पारिवारिक लापरवाही दोनों को उजागर करता है।