Tuesday, January 20, 2026
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मुख्यमंत्री ने खटीमा में किया 33 करोड़ 36 लाख 49 हजार की 9 विकास योजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास

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हमारा प्रदेश देववभूमि है,इसकी संस्कृति, अस्मिता और सम्मान के साथ हम किसी भी प्रकार का कोई षड्यंत्र बर्दाश्त नहीं करेंगे:CM धामी

उधम सिंह नगर/खटीमा :मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को खटीमा में आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग करते हुए ₹ 33 करोड़ 36 लाख 49 हजार की 9 विकास योजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास किया। जिसमें जिला विकास प्राधिकरण द्वारा 11 करोड़ 27 लाख 50 हजार की धनराशि से नवनिर्मित हाईटेक महाराणा प्रताप बस स्टेशन भी शामिल है।

मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि नानकमत्ता में बाला जी मंदिर के सौंदर्यीकरण किया जाएगा। नानकमत्ता विधानसभा के अंतर्गत ब्राह्मदेव मंदिर लोहिया पुल खटीमा में सौंदर्यीकरण व पुनःनिर्माण कार्य किया जाएगा। नानकमत्ता विधानसभा के अंतर्गत देवभूमि धर्मशाला में कक्ष, हॉल एवं सौंदर्यीकरण कार्य किया जाएगा। नानकमत्ता विधानसभा के अंतर्गत सोनूखरी – किशनपुर – बरकीडांडी – कैथुला – टुकड़ी मार्ग का हॉटमिक्स सड़क का कार्य किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने हाईटेक महाराणा प्रताप बस स्टेशन, नगर पालिका के वार्ड नंबर 7 व 8 में 48.45 लाख की धनराशि से निर्मित पेयजल नलकूप, ओवर हेड टेंक, पाईप लाईन कार्यों, विधानसभा क्षेत्र नानकमत्ता के अंतर्गत 490.21 लाख की धनराशि से राजस्व निरीक्षक व उपनिरीक्षक के आवासीय भवनों व 359.91 लाख की लागत से उपनिरीक्षकों के कार्यालय भवनों, खटीमा में ग्राम मझोला में झील से लेकर पॉलिगंज की ओर 225.62 लाख की लागत से नाला निर्माण कार्यों का लोकार्पण तथा खटीमा क्षेत्र में 499.65 लाख की लागत से 300 नग हेंडपम्प स्थापना कार्य, 29.65 लाख की लागत से खटीमा के नवनिर्मित बस अड्डे में महाराणा प्रताप द्वार निर्माण, 24.50 लाख की लागत से खटीमा में हाईटेक शौचालय निर्माण एवं 95 लाख की लागत से थारू इंटर कॉलेज खटीमा का पुनःनिर्माण कार्य का शिलान्यास किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मकर संक्रांति और घुघुतिया पर्व के पावन अवसर पर 11 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से निर्मित हाईटेक बस स्टैंड का शुभारंभ हो रहा है, जो पूरे क्षेत्र के लिए हर्ष का विषय है। मुख्यमंत्री ने कहा उन्होंने स्वयं कई बार बस स्टैंड की स्थापना के लिए प्रयास किए थे और इसकी घोषणा भी की थी। जिसका कार्य आज धरातल में उतर गया है। मुख्यमंत्री ने कहा नवनिर्मित बस स्टैंड क्षेत्र की परिवहन व्यवस्था को और अधिक सुगम और सुव्यवस्थित बनाएगा साथ ही स्थानीय व्यापार, पर्यटन और रोज़गार के नए अवसर सृजित कर क्षेत्र के विकास को भी गति प्रदान करेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राज्य विकास और समृद्धि के नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। शहरों से लेकर सुदूर पर्वतीय गाँवों तक सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल सहित सभी महत्वपूर्ण क्षेत्रों से जुड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत बन रहा है। समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए सरकार संकल्पित होकर कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा खटीमा उनका घर है और सभी खटीमावासी उनके परिवार के सदस्य हैं। मुख्यमंत्री ने कहा उन्होंने खटीमा से ही जनसेवा की यात्रा आरंभ की थी। क्षेत्र की प्रत्येक गली और गाँव उनके दिल के बेहद करीब है। खटीमा की माटी और यहाँ के लोगों से उन्हें ऊर्जा और प्रेरणा मिलती है, उसी के बल पर वो प्रदेश के विकास के लिए कार्य कर पा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा राज्य सरकार, खटीमा के समग्र विकास के लिए निरंतर प्रयासरत है। खटीमा क्षेत्र में कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए गदरपुर-खटीमा बाईपास और नौसर में पुल का निर्माण, पूरे क्षेत्र में सड़कों के व्यापक नेटवर्क का विकास भी सुनिश्चित किया गया है। उन्होंने कहा खटीमा में केंद्रीय विद्यालय की स्थापना करने के साथ ही चकरपुर में राष्ट्रीय स्तर के आधुनिक खेल स्टेडियम का निर्माण भी कराया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा खटीमा में आधुनिक आईटीआई और पॉलीटेक्निक कॉलेज तथा 100 बेड के नए अस्पताल परिसर का निर्माण कर बुनियादी सुविधाओं को मजबूत किया गया है। विद्यार्थियों के लिए साथी केंद्र एवं औद्योगिक विकास को गति देने लिए सिडकुल की स्थापना भी की गई है। उन्होंने कहा कि हम खटीमा और टनकपुर के बीच एक भव्य सैन्य स्मारक भी बनाने जा रहे हैं, जिस पर जल्द ही कार्य प्रारंभ हो जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा सरकार पंतनगर में अंतर्राष्ट्रीय स्तर के हवाई अड्डे के निर्माण पर कार्य कर रही हैं। जिस पर शीघ्र ही कार्य प्रारंभ हो जाएगा। उन्होंने कहा राजकीय महाविद्यालय खटीमा में एमकॉम और एमएससी की कक्षाएं शुरू कराई गई हैं, जनजाति बाहुल्य क्षेत्र में एकलव्य विद्यालय का संचालन भी प्रारंभ किया गया है। राज्य सरकार ने जमरानी बांध बहुउद्देशीय परियोजना का निर्माण पुनः प्रारंभ कर पूरे तराई क्षेत्र की पेयजल और सिंचाई की समस्या का समाधान करने की दिशा में कार्य किया है। वहीं, क्षेत्र के लोगों को उत्कृष्ट चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए एम्स के सेटेलाइट सेंटर की स्थापना करने के साथ-साथ खुरपिया में इंडस्ट्रियल स्मार्ट सिटी के माध्यम से इस पूरे क्षेत्र के विकास को गति देने का प्रयास भी किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आगे भी खटीमा के विकास में कोई कमी नहीं आने दी जायेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में दंगों की राजनीति करने वालों को सबक सिखाने के लिए सख्त दंगारोधी कानून बनाकर दंगों में होने वाले नुकसान की भरपाई भी दंगाईयों से ही करने का काम किया गया है। राज्य सरकार ने राज्य में नया कानून लागू कर मदरसा बोर्ड को भी समाप्त करने का निर्णय लिया है। इस कानून के लागू होने के पश्चात 1 जुलाई 2026 के बाद उत्तराखंड में केवल वही मदरसे संचालित हो पाएंगे, जिनमें हमारे सरकारी बोर्ड द्वारा निर्धारित पाठ्यक्रम पढ़ाया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार ने राज्य में अवैध रूप से संचालित लगभग 250 से अधिक मदरसों को भी बंद करवाया है। हमारा प्रयास है कि राज्य में शिक्षा के मंदिर स्थापित हों, जहां तय मानकों के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दी जाए । उन्होंने कहा कि सरकार राज्य में सनातन संस्कृति को बदनाम करने वाले पाखंडियों के विरुद्ध भी ऑपरेशन कालनेमि के माध्यम से भी सख्त कार्रवाई कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने भर्ती प्रक्रियाओं को पारदर्शी बनाने और नकल माफियाओं पर अंकुश लगाने के लिए देश का सबसे सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया। इसी का परिणाम है कि पिछले साढ़े 4 वर्षों में राज्य के लगभग 27 हजार युवाओं को सरकारी नौकरी प्राप्त हुई है, जो अपने आप में नया रिकॉर्ड है। इस कानून के लागू होने के बाद बीते 4 वर्षों में 100 से अधिक नकल माफियाओं को सलाखों के पीछे पहुंचाया गया है। उन्होंने कहा हमने समाज में असमानताओं को समाप्त करने तथा सभी के लिए समान अधिकार एवं न्याय सुनिश्चित करने के लिए देश में सबसे पहले ‘समान नागरिक संहिता’ कानून को लागू करने का साहसिक कार्य भी किया है। उन्होंने कहा कि हमारा प्रदेश, देवभूमि है इसकी संस्कृति, अस्मिता और सम्मान के साथ हम किसी भी प्रकार का कोई षड्यंत्र बर्दाश्त नहीं करेंगे।

वही सांसद अजय भट्ट एवं पूर्व विधायक डॉ प्रेम सिंह राणा ने नवनिर्मित बस अड्डे के लोकार्पण पर सभी क्षेत्रवासियों को बधाई दी। उन्होंने कहा की यह बस अड्डा निर्माण मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का ड्रीम प्रोजेक्ट था। उन्होंने नवनिर्मित हाईटेक बस अड्डे का का नाम महाराणा प्रताप रखने पर मुख्यमंत्री का आभार भी व्यक्त किया। उन्होंने कहा की मुख्यमंत्री श्री धामी के कार्यों व निर्णयों को देश के अन्य राज्य भी अनुशरण कर रहे है यह हमारे लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा की मुख्यमंत्री क्षेत्र व प्रदेश के सर्वागींण विकास के लिए कटिबद्ध है।

कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष अजय मौर्य, विधायक शिव अरोरा, नगर पालिका अध्यक्ष खटीमा रामेश चंद्र जोशी, नगर पंचायत अध्यक्ष नानकमत्ता प्रेम सिंह टूरना, दर्जा मंत्री अनिल कपूर डब्बू, फरजाना बेगम, मंजीत सिंह, जिलाध्यक्ष कमल जिन्दल, महामंत्री रमेश जोशी, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मणिकांत मिश्रा, एवं अन्य लोग मौजूद रहे.

हरिद्वार: लोहड़ी के दौरान कार में लगी आग, 20 मिनट बाद पहुंची फायर ब्रिगेड, ट्रैफिक पुलिस ने दिखाया साहस

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हरिद्वार: शहर के चंद्राचार्य चौक पर मंगलवार शाम आयोजित लोहड़ी कार्यक्रम के दौरान अचानक एक खड़ी कार में आग लग गई. इससे मौके पर अफरा तफरी मच गई. सूचना मिलते ही ट्रैफिक कर्मी मौके पर पहुंचे आग को बुझाने का प्रयास शुरू किया. बीस मिनट की देरी से फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची. तब तक कार का अधिकांश हिस्सा जलकर राख हो गया था.

कार्यक्रम चंद्राचार्य व्यापार मंडल की ओर से हर वर्ष की तरह आयोजित किया गया था. व्यापारी और स्थानीय लोग लोहड़ी जलाकर उत्सव मना रहे थे. तभी लोहड़ी की आग पास में खड़ी एक कार तक पहुंच गई. देखते ही देखते कार धू-धू कर जलने लगी. घटना के बाद कार्यक्रम स्थल पर अफरा तफरी मच गई. इसी दौरान मौके पर मौजूद ट्रैफिक पुलिस कर्मियों ने बिना देरी किए फर्स्ट रिस्पॉन्स दिया.

मौके पर पहुंचे सीपीयू इंचार्ज हितेश कुमार ने तत्काल आसपास की दुकानों से अग्निशामक यंत्र मंगवाए और आग बुझाने का प्रयास शुरू किया. इसके साथ ही व्यापारियों के सहयोग से पानी की बाल्टियों के जरिए भी आग पर काबू पाने की कोशिश की गई. कड़ी मशक्कत के बाद आग को काफी हद तक नियंत्रित कर लिया गया, जिससे आसपास खड़े अन्य वाहनों और दुकानों को नुकसान होने से बचा लिया गया.

व्यापारियों का आरोप है कि घटनास्थल से महज पांच मिनट की दूरी पर फायर ब्रिगेड का मुख्य कार्यालय स्थित है. इसके बावजूद फायर ब्रिगेड की टीम करीब 20 मिनट बाद मौके पर पहुंची. फायर ब्रिगेड के पहुंचने तक आग को पूरी तरह से बुझा दिया गया था. गनीमत रही कि इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई और समय रहते आग फैलने से रोक ली गई.

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यदि ट्रैफिक पुलिस तत्परता नहीं दिखाती, तो आग आसपास की दुकानों और वाहनों तक फैल सकती थी, जिससे बड़ा हादसा हो सकता था. फिलहाल आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है. प्रारंभिक तौर पर माना जा रहा है कि लोहड़ी की आग की चिंगारी कार तक पहुंचने से यह हादसा हुआ. सीपीयू इंचार्ज हितेश कुमार ने बताया कि-

लोहड़ी के कार्यक्रम के दौरान कार में आग लगने की सूचना मिली. सूचना मिलते ही आसपास ड्यूटी कर कर रही ट्रैफिक कर्मियों की टीम मौके पर पहुंची. टीम ने आग पर काबू पा लिया. इस दौरान कोई जनहानि नहीं हुई.
-हितेश कुमार, सीपीयू इंचार्ज-

खूबसूरत पर्यटन स्थल मुक्तेश्वर में पर्यटकों की राह होगी सुगम, बनेगी 400 वाहनों की पार्किंग

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हल्द्वानी। नैनीताल व कैंची धाम के साथ ही मुक्तेश्वर में भी पर्यटकों की संख्या लगातार बढ़ रही है। अक्सर यहां पर जाम की स्थिति पैदा हो जाती है। इसकी वजह से पर्यटकों को आवागमन में असुविधाओं का सामना करना पड़ता है। यहां रिसार्ट व होटल हैं। धार्मिक दृष्टि से चौली की जाली से लेकर प्रसिद्ध शिव मंदिर है।

खूबसूरत पहाड़ और सेब के बागान हैं। पर्यटकों की इस समस्या के समाधान के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान को आइवीआरआइ की खाली पड़ी 500 स्क्वायर मीटर की भूमि के लिए अनुरोध किया है। सीएम की इस पहल पर पर्यटन विभाग ने 400 वाहनों की पार्किंग बनाने के लिए प्रक्रिया भी शुरू कर दी है।

नैनीताल, कैंची धाम के बाद अब मुक्तेश्वर भी कुमाऊं के प्रमुख पर्यटन केंद्रों में तेजी से उभर रहा है। चारों ओर फैली हरियाली, हिमालयी दृश्य, सेब के बागान, चौली की जाली और प्राचीन शिव मंदिर पर्यटकों को लगातार आकर्षित कर रहे हैं।

बढ़ती लोकप्रियता के साथ यहां पर्यटकों की संख्या में लगातार बढ़ोत्तरी हो रही है, लेकिन सीमित सड़कें और पार्किंग की कमी चुनौती बनी हुई है। पर्यटन सीजन के दौरान अक्सर जाम की स्थिति पैदा हो जाती है। इसकी वजह से पर्यटकों के साथ-साथ स्थानीय लोगों को भी आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ता है। पर्यटकों की इस गंभीर समस्या के समाधान की दिशा में राज्य सरकार ने पहल तेज कर दी है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखकर मुक्तेश्वर स्थित आइवीआरआई (भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान) की खाली पड़ी लगभग 500 स्क्वायर मीटर भूमि को पार्किंग के लिए उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है। इस भूमि पर करीब 400 वाहनों की पार्किंग विकसित की जा सकती है, जिससे मुक्तेश्वर आने वाले पर्यटकों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

धामी सरकार का बड़ा फैसला, आंदोलनकारियों को गेस्‍ट हाउसों में रियायती दरों पर मिलेंगे कमरे

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उत्तराखंड की धामी सरकार ने राज्य आंदोलनकारियों के लिए एक महत्वपूर्ण फैसला लिया है। अब इन आंदोलनकारियों को राज्य अतिथि गृहों में ठहरने के लिए रियायती दरों पर कमरे उपलब्ध कराए जाएंगे। यह निर्णय आंदोलनकारियों को बड़ी राहत प्रदान करेगा और उनके प्रति सरकार की संवेदनशीलता को दर्शाता है। इस कदम से उन्हें आर्थिक सहायता मिलेगी।

जिला प्रशासन का मिशन सफाई; स्वयं पीड़ित मां की शिकायत पर आदतन अपराधी दिव्यकांत लखेड़ा को डीएम ने किया जिला बदर

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मौहल्ले के बुजुर्ग, बहु-बहनों लिए हिंसा आतंक का पर्याय बने दिव्यकांत लखेड़ा पर गूंडा एक्ट; जिला बदर
बुजुर्ग माता से करता था मारपीट डर के मारे माता ने छोड़ दिया था घर; मौहल्ले की महिलाओं पर  अभद्र टिप्पणी; परेशान होकर मौल्लेवासियों ने डीएम से लगाई थी गुहार
आसामािजक तत्वों से मिलकर घर को बना रखा था नशे का अड्डा, 
जनपद देहरादून में कानून-व्यवस्था एवं नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिलाधिकारी सविन बंसल ने कड़ा प्रशासनिक कदम उठाते हुए आदतन अपराधी को जिला बदर कर दिया गया है। मौहल्लेवासियों के लिए भय और हिंसा का पर्याय बने आदतन अपराधी दिव्यकांत लखेड़ा को गुण्डा नियंत्रण अधिनियम के अंतर्गत जिला बदर किया गया है।
प्रकरण में प्राप्त तथ्यों एवं जनसुनवाई के दौरान मौहल्लेवासियों की शिकायतों के आधार पर यह सामने आया कि विपक्षी दिव्यकांत लखेड़ा पुत्र स्व० राम बिहारी लखेड़ा, निवासी लेन ऋषि विहार, माजरी माफी, देहरादून द्वारा अपनी वृद्ध माता के साथ मारपीट की जाती थी, जिससे भयभीत होकर माता को घर छोड़ना पड़ा। इसके अतिरिक्त, वह मौहल्ले की महिलाओं पर अभद्र टिप्पणियाँ करता था तथा असामाजिक तत्वों के साथ मिलकर अपने घर को नशे के अड्डे के रूप में संचालित कर रहा था। इन गतिविधियों से क्षेत्र में लगातार अशांति एवं भय का माहौल बना हुआ था।
उक्त परिस्थितियों को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन ने विपक्षी के विरुद्ध जारी नोटिस 14.10.2025 की पुष्टि की गई तथा गुण्डा नियंत्रण अधिनियम की धारा 3(3) के अंतर्गत जनहित में उसे “गुण्डा” घोषित करते हुए आदेश की तिथि से 06 माह की अवधि के लिए जनपद देहरादून की सीमा से बाहर रहने का आदेश पारित किया गया है।
आदेशानुसार, इस अवधि में यदि विपक्षी किसी कारणवश जनपद में प्रवेश करेगा, तो उसे पूर्व में इस जिला मजिस्टेªट न्यायालय को सूचना देकर स्वीकृति प्राप्त करनी होगी। साथ ही, जनपद की सीमा से बाहर रहते हुए अपने निवास स्थान का पूर्ण पता इस न्यायालय एवं थानाध्यक्ष, थाना नेहरू कॉलोनी, देहरादून को उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा। आदेश के उल्लंघन की स्थिति में विपक्षी को न्यूनतम 06 माह से लेकर अधिकतम 03 वर्ष तक के कठिन कारावास एवं जुर्माने से दंडित किया जा सकेगा।ण्
थानाध्यक्ष, थाना नेहरू कॉलोनी को निर्देशित किया गया है कि आदेश की प्रति विपक्षी को तामील कराते हुए 24 घंटे के भीतर जनपद से बाहर जाने के निर्देश दें तथा अनुपालन आख्या जिला मजिस्टेªट न्यायालय को प्रेषित करेंगें।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जनपद में असामाजिक तत्वों के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जा रही है और नागरिकों की सुरक्षा से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।

देहरादून में DM सविन बंसल की बड़ी कार्रवाई, 827 शस्त्र लाइसेंस निरस्त.. जानिए कारण

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देहरादून में डीएम सविन बंसल ने 827 शस्त्र लाइसेंसधारकों के लाइसेंस तुरंत प्रभाव से रद्द कर दिए। प्रशासन ने यह कदम हथियारों के सुरक्षित रख-रखाव और लाइसेंस नवीनीकरण में चूक के मामलों को ध्यान में रखते हुए उठाया।

देहरादून: देहरादून में जिला प्रशासन ने सुरक्षा और नियमों के उल्लंघन को लेकर बड़ी कार्रवाई की है। जिला मजिस्ट्रेट (DM) ने 827 शस्त्र लाइसेंसधारकों के लाइसेंस को तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया। यह कदम राज्य सरकार के सुरक्षा दिशा-निर्देशों और हथियारों के रख-रखाव नियमों के पालन की अनदेखी के कारण उठाया गया।

Dehradun DM Savin Bansal has cancelled 827 arms licenses

देहरादून में जिला प्रशासन ने शस्त्र लाइसेंसधारकों के बीच सुरक्षा और नियमों के उल्लंघन को रोकने के लिए बड़ी कार्रवाई की। जिलाधिकारी सविन बंसल ने स्पष्ट किया कि 827 लाइसेंस रद्द किए गए हैं। यह कदम आयुध (संशोधन) नियम-2019 और गृह मंत्रालय के निर्देशों के अनुपालन में उठाया गया है। प्रशासन ने कहा कि यह कार्रवाई सभी शस्त्रधारकों के लिए सुरक्षा मानकों के पालन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की गई है। जिला प्रशासन ने 54 लाइसेंस ऐसे रद्द किए गए जिनके पास दो से अधिक शस्त्र थे। वहीं 773 लाइसेंस ऐसे रद्द किए गए जिन्होंने एनडीएएल-एएलआईएस पोर्टल पर यूनीक आइडेंटिफ़ायर नंबर (UIN) जनरेट नहीं किया।

निर्धारित सुरक्षा मानकों का अनुपालन

देहरादून जिला प्रशासन का कहना है कि यह कार्रवाई उन लोगों के खिलाफ की गई है जिन्होंने निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया। इनमें कुछ ऐसे मामले भी शामिल हैं जहां लाइसेंस समय पर नवीनीकरण नहीं किए गए थे या दस्तावेज़ अधूरी स्थिति में पाए गए थे। जिला मजिस्ट्रेट ने कहा कि सुरक्षा किसी भी व्यक्ति या समाज के लिए प्राथमिकता होनी चाहिए। हथियारों के अनुचित उपयोग और नियमों की अनदेखी गंभीर परिणाम ला सकती है। प्रशासन की यह कार्रवाई यह सुनिश्चित करने के लिए की गई है कि सभी लाइसेंसधारी नियमों के अनुसार अपने हथियारों का रख-रखाव करें।

बयान और पुनः आवेदन की प्रक्रिया

जिलाधिकारी सविन बंसल ने बताया कि “सुरक्षा किसी भी समाज और व्यक्ति के लिए प्राथमिकता है। जिन लोगों ने नियमों का पालन नहीं किया, उनके लाइसेंस रद्द करना आवश्यक था। यह कदम यह सुनिश्चित करने के लिए लिया गया है कि सभी शस्त्रधारक कानून और सुरक्षा मानकों का पालन करें।” जिन लोगों के लाइसेंस रद्द किए गए हैं, उन्हें दोबारा आवेदन करने का अवसर दिया जाएगा।
नए आवेदन में सभी दस्तावेज़ों की जाँच, यूनीक आइडेंटिफ़ायर नंबर (UIN) का निर्माण, नियमों और सुरक्षा मानकों का पालन और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि भविष्य में कोई भी लाइसेंसधारी नियमों का उल्लंघन न करे। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिन लोगों के लाइसेंस निरस्त किए गए हैं, उन्हें निर्धारित प्रक्रिया का पालन करते हुए पुनः आवेदन करने का अवसर दिया जाएगा। इसके लिए सुरक्षा मानकों और दस्तावेजों की पूर्ण जाँच की जाएगी।

हल्द्वानी : लालकुआं थाने की महिला दरोगा मंजू नेगी निलंबित

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हल्द्वानी में एसएसपी मंजूनाथ टीसी ने महिला अपराध से जुड़े एक गंभीर मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए लालकुआं थाने में तैनात महिला उपनिरीक्षक मंजू नेगी को निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई दुष्कर्म के एक प्रकरण की विवेचना में प्रतिवादी को अनुचित लाभ पहुंचाने के आरोपों के बाद की गई है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, लालकुआं थाने में अक्टूबर 2025 में एक युवती द्वारा शादी का झांसा देकर दुष्कर्म किए जाने का मुकदमा दर्ज कराया गया था। इस मामले में आरोप है कि विवेचना अधिकारी महिला एसआई मंजू नेगी द्वारा आरोपी भगवत सरण को लाभ पहुंचाने का प्रयास किया गया, जिससे निष्पक्ष जांच प्रभावित हुई।

मामले की आंतरिक जांच में आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए जाने पर एसएसपी मंजूनाथ टीसी ने तत्काल प्रभाव से महिला एसआई को निलंबित करने के आदेश जारी किए।

एसएसपी मंजूनाथ टीसी ने स्पष्ट किया कि उत्तराखंड पुलिस महिला सुरक्षा को लेकर अत्यंत गंभीर है और महिला अपराध से जुड़े मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही या पक्षपात बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी

Uttarakhand Weather Update: मौसम में बदलाव के संकेत, पश्चिमी विक्षोभ से पहाड़ों में बारिश और बर्फबारी की संभावना

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उत्तराखंड में फिलहाल ठंड, कोहरा और शीत दिवस की स्थिति बनी हुई है, जिसके चलते कई जिलों में यलो अलर्ट जारी किया गया है। हालांकि लंबे समय से जारी शुष्क मौसम के बाद अब मौसम में बदलाव के संकेत मिल रहे हैं।

देहरादून: उत्तराखंड में बीते कई दिनों से शुष्क मौसम बना हुआ है, लेकिन अब मौसम के मिजाज में बदलाव के संकेत मिलने लगे हैं। पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से आने वाले दिनों में राज्य के पर्वतीय इलाकों में वर्षा और बर्फबारी की संभावना जताई जा रही है।

Uttarakhand Weather Update 14 January 2026

उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में पाला पड़ने और मैदानी क्षेत्रों घना कोहरा छाने के कारण न्यूनतम तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है, जिससे सुबह और शाम के समय कड़ाके की ठंड लोगों को बेहाल कर रही है। मंगलवार को देहरादून और आसपास के क्षेत्रों में दिनभर बादल छाए रहे। सुबह के समय हल्की धुंध और कोहरे का असर देखने को मिला, जबकि दिन में धूप और बादलों के बीच आंख-मिचौनी चलती रही। तेज हवाओं के कारण ठंड में इजाफा हुआ और अधिकतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की गई। शाम होते-होते आसमान साफ हो गया, लेकिन ठिठुरन बनी रही। राज्य के पर्वतीय इलाकों में सर्द हवाओं के चलते ठंड और अधिक बढ़ गई है। कुछ क्षेत्रों में आंशिक बादल छाए रहे, वहीं कहीं-कहीं पाला पड़ने की संभावना भी जताई गई है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, पाले की वजह से फसलों और बागवानी को नुकसान पहुंच सकता है, जिससे किसान चिंतित नजर आ रहे हैं।

मौसम का पूर्वानुमान

मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, उत्तराखंड में आज बुधवार 14 जनवरी और कल 15 जनवरी को मौसम शुष्क रहने की संभावना है। प्रदेश के हरिद्वार और ऊधम सिंह नगर जिलों में आज भी शीत दिवस की स्थिति को देखते हुए यलो अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा हरिद्वार, ऊधम सिंह नगर, नैनीताल, चंपावत, पौड़ी और देहरादून के मैदानी इलाकों में घने कोहरे की संभावना बनी हुई है, जिससे जनजीवन और यातायात प्रभावित हो सकता है। प्रदेश में अगले दो दिनों तक मौसम शुष्क रहने के बाद शुक्रवार को कुछ जिलों में बारिश और बर्फबारी की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार आगामी शुक्रवार 16 जनवरी से पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव के चलते उत्तरकाशी, चमोली और पिथौरागढ़ जिलों में कहीं-कहीं हल्की बारिश या बर्फबारी हो सकती है।

तापमान की स्थिति

बीते मंगलवार को देहरादून का अधिकतम तापमान 19.8 डिग्री और न्यूनतम तापमान 6.5 डिग्री सेल्सियस था। वहीं पंतनगर का अधिकतम तापमान 19.5 डिग्री और न्यूनतम तापमान 5.6 डिग्री सेल्सियस रहा। जबकि मुक्तेश्वर का अधिकतम तापमान 18.7 डिग्री और न्यूनतम तापमान 3.3 डिग्री सेल्सियस था। नई टिहरी का अधिकतम तापमान 14.8 और न्यूनतम तापमान 3.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

Uttarakhand News: हरिद्वार में लोहड़ी और मकर संक्रांति, पुलिस ने बनाया सख्त यातायात प्लान

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हरिद्वार में लोहड़ी और मकर संक्रांति स्नान पर्व के दौरान भारी भीड़ और यातायात दबाव को देखते हुए पुलिस ने विशेष यातायात योजना बनाई है। भारी वाहनों की एंट्री रोकने और पार्किंग/रूट व्यवस्था के पालन से जाम और असुविधा को कम किया जाएगा।

हरिद्वार: लोहड़ी और मकर संक्रांति स्नान पर्व के दौरान हरिद्वार में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ और यातायात दबाव को देखते हुए पुलिस ने विशेष यातायात प्रबंधन योजना बनाई है। इसके तहत स्नान संपन्न होने तक शहर में भारी वाहनों की एंट्री पर रोक रहेगी। पुलिस ने आमजन से अपील की है कि निर्धारित रूट और पार्किंग व्यवस्था का पालन करें ताकि जाम और असुविधा से बचा जा सके।

Traffic plan in Haridwar for Lohri and Makar Sankranti

एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल ने बताया कि यदि यातायात दबाव बढ़ता है, तो भारी वाहनों को शहर की सीमाओं पर ही रोका जाएगा। ऋषिकेश का चीला मार्ग केवल एक्जिट मार्ग के रूप में प्रयोग होगा। चंडी चौक पर दबाव बढ़ने पर 4.2 डायवर्जन से वन-वे व्यवस्था लागू की जाएगी। सामान्य वाहनों को गुरुकुल कांगड़ी सर्विस लेन से शंकराचार्य चौक भेजा जाएगा, जिससे शहर में वाहनों की गति नियंत्रित रहे। टोल प्लाजा पर एक्जिट का दबाव बढ़ने पर वाहनों की निकासी नहर पटरी से कराई जाएगी। देहरादून और ऋषिकेश जाने वाली प्राइवेट बसों को आवश्यकता पड़ने पर मोहंड मार्ग से भेजा जाएगा।

दिल्ली, मेरठ की ओर से आने वाले वाहन

दिल्ली, मेरठ की ओर से आने वाले वाहनों के लिए मार्ग निर्धारित है: दिल्ली–मेरठ–मुजफ्फरनगर–नारसन–मंगलौर–कोर कॉलेज–ख्याति ढाबा–गुरुकुल कांगड़ी–शंकराचार्य चौक–हरिद्वार, जबकि उनकी पार्किंग लकनंदा, दीनदयाल, पंतद्वीप, चमगादड़ टापू में रहेगी। अत्यधिक यातायात के समय वाहनों को नारसन–मंगलौर–नगलाइमरती–लक्सर–फेरूपुर–जगजीतपुर–एसएम तिराहा–शनि चौक–मात्रृसदन पुलिया–बैरागी कैंप पार्किंग में भेजा जाएगा।

देहरादून/ऋषिकेश से आने वाले वाहनों की व्यवस्था

देहरादून/ऋषिकेश से आने वाले वाहन नेपाली फार्म–रायवाला होते हुए हरिद्वार पहुंचेंगे। लालजीवाला, पंतद्वीप और चमगादड़ टापू में पार्किंग रहेगी। नजीबाबाद और मुरादाबाद से आने वाले छोटे वाहन चिड़ियापुर–श्यामपुर–चंडी चौकी–चंडी चौक से प्रवेश करेंगे और दीनदयाल उपाध्याय व पंतद्वीप में खड़े होंगे। भारी वाहनों को 4.2 डायवर्ट कर गौरीशंकर और नीलधारा पार्किंग भेजा जाएगा। यातायात दबाव बढ़ने पर देहरादून, ऋषिकेश और रायवाला की ओर से आने वाले ऑटो और विक्रम जयराम मोड़ तक ही जा सकेंगे। ज्वालापुर, बीएचईएल और कनखल की ओर जाने वाले वाहनों के लिए अलग डायवर्जन तय किए गए हैं। ललतारौ पुल से शिवमूर्ति तक सभी वाहनों का आवागमन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।

AIIMS ऋषिकेश में भावुक कर देने वाला दृश्य, 8 दिन की नवजात की मौत के बाद देहदान

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ऋषिकेश: अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में मानवता को झकझोर देने वाली एक मिसाल देखने को मिली। महज 8 दिन की नवजात बच्ची की मृत्यु के बाद उसके माता-पिता ने टूटे दिल के बावजूद चिकित्सा शिक्षा के लिए उसका देहदान कर दिया। इस फैसले ने वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम कर दीं।

Body donated after newborn death at AIIMS Rishikesh

बीते 2 जनवरी को चमोली जिले की निवासी हंसी देवी, पत्नी संदीप राम ने मेडिकल कॉलेज श्रीनगर में एक बच्ची को जन्म दिया। जन्म से ही नवजात की आंतों में गैंग्लिया का अभाव पाया गया, जो एक गंभीर चिकित्सकीय स्थिति थी। हालत नाजुक होने पर 4 जनवरी को नवजात को एम्स ऋषिकेश रेफर किया गया। एम्स में डॉक्टरों ने नवजात का ऑपरेशन किया, लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद रविवार को रिफ्रैक्टरी सेप्टिक शॉक के कारण बच्ची की मौत हो गई। अपने जिगर के टुकड़े को खोने के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।

मोहन फाउंडेशन ने कराया देहदान का मार्ग प्रशस्त

एम्स के नर्सिंग स्टाफ ने परिजनों का संपर्क मोहन फाउंडेशन उत्तराखंड के प्रोजेक्ट लीडर संचित अरोड़ा से कराया। अरोड़ा, नेत्रदान कार्यकर्ता और लायंस क्लब ऋषिकेश देवभूमि के चार्टर अध्यक्ष गोपाल नारंग के साथ एम्स पहुंचे और परिजनों को देहदान के महत्व की जानकारी दी। परिजनों की सहमति के बाद एम्स ऋषिकेश के एनाटॉमी विभाग से संपर्क कर सभी औपचारिकताएं पूरी की गईं और नवजात की देह विभाग को सौंपी गई। इससे मेडिकल छात्र अध्ययन और शोध के माध्यम से भविष्य में अन्य बच्चों की जान बचाने में सक्षम हो सकेंगे।

तमाम प्रयासों के बावजूद नहीं बचा मासूम

नवजात के पिता संदीप राम ने कहा कि उनका बच्चा जन्म से ही गंभीर बीमारी से पीड़ित था और तमाम प्रयासों के बावजूद उसे बचाया नहीं जा सका। उन्होंने कहा, “हमने सोचा कि भले ही हमारा बच्चा इस दुनिया में न रह सका, लेकिन उसका शरीर किसी और बच्चे के जीवन की उम्मीद बन सकता है।” संदीप राम ने बताया कि उनका यह निर्णय केवल एक भावना से जुड़ा था— कि उनके बच्चे की मौत किसी और के जीवन की रोशनी बन जाए। आज यह नवजात, मेडिकल छात्रों की पढ़ाई और मानव कल्याण के माध्यम से अमर हो गई है।