उत्तराखंड के विश्व प्रसिद्ध बाबा नीम करोली कैंची धाम में 62वें स्थापना दिवस के अवसर पर सोमवार देर रात से ही श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। आस्था, श्रद्धा और भक्ति के इस महापर्व में देश-विदेश से पहुंचे हजारों श्रद्धालुओं ने बाबा के दरबार में माथा टेककर सुख, शांति और समृद्धि की कामना की। कैंची धाम का स्थापना दिवस हर वर्ष 15 जून को मनाया जाता है।
इस अवसर पर आयोजित होने वाला मेला आध्यात्मिक आस्था का बड़ा केंद्र बन चुका है। सोमवार सुबह 5 बजे से श्रद्धालुओं को परंपरागत मालपुए का प्रसाद वितरित किया गया, जिसके साथ मेले का औपचारिक शुभारंभ हुआ। सुबह होते ही मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में श्रद्धालुओं की लंबी कतारें देखने को मिलीं। बाबा नीम करोली के भक्तों में गजब का उत्साह और श्रद्धा दिखाई दी। देश के विभिन्न राज्यों के साथ-साथ विदेशों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु कैंची धाम पहुंचे।
मेले को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में नजर आया। जिला अधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सुबह से ही मौके पर मौजूद रहकर व्यवस्थाओं की निगरानी करते रहे। सुरक्षा, यातायात और भीड़ प्रबंधन के लिए विशेष इंतजाम किए गए थे।
कैंची धाम आज केवल उत्तराखंड ही नहीं बल्कि वैश्विक आध्यात्मिक मानचित्र पर भी अपनी विशेष पहचान बना चुका है। बाबा नीम करोली महाराज की शिक्षाओं और उनके प्रति अटूट आस्था के चलते हर वर्ष स्थापना दिवस पर यहां श्रद्धालुओं का विशाल जनसमूह उमड़ता है। 62वें स्थापना दिवस पर कैंची धाम एक बार फिर भक्ति, विश्वास और आध्यात्मिक ऊर्जा के अद्भुत संगम का साक्षी बना।

