राघव चड्ढा, संदीप पाठक समेत सात नेता अब भाजपा सांसद
राज्यसभा में राजनीतिक समीकरण पूरी तरह बदल गए हैं, क्योंकि आम आदमी पार्टी के सात सांसदों के भाजपा में विलय को मंजूरी मिल गई है। इस फैसले से सदन का अंकगणित प्रभावित हुआ है और सियासी माहौल में नई चर्चा शुरू हो गई है।
राज्यसभा के सभापति सी.पी. राधाकृष्णन ने आम आदमी पार्टी (आप) के सात सांसदों के भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में विलय को आधिकारिक मंजूरी दे दी है। इस फैसले के बाद उच्च सदन में आप की स्थिति कमजोर हो गई है। संसद की आधिकारिक वेबसाइट पर भी इन सातों सांसदों को अब भाजपा सदस्य के रूप में सूचीबद्ध कर दिया गया है, जिससे राजनीतिक समीकरण पूरी तरह बदल गए हैं।
पहले राज्यसभा में आप के 10 सांसद थे, जो अब घटकर सिर्फ 3 रह गए हैं। वहीं इस राजनीतिक बदलाव का सीधा फायदा भाजपा को मिला है, जिसकी संख्या 106 से बढ़कर 113 सांसदों तक पहुंच गई है, जिससे सदन में उसकी पकड़ और मजबूत हो गई है।

