जनपद चमोली के सलूड-डूंगरा गांव में रविवार को विश्व प्रसिद्ध सांस्कृतिक धरोहर रम्माण मेला का भव्य आयोजन पारंपरिक गरिमा के साथ किया गया।
रामायण की मूल कथा और उत्तराखंड की प्राचीन मुखौटा शैली पर आधारित यह अनूठा लोकनाट्य अपनी जीवंत प्रस्तुति, लोकगीतों, नृत्य और धार्मिक परंपराओं के कारण देश-विदेश में विशेष पहचान रखता है। मेले के दौरान पूरा गांव उत्सव के रंग में सराबोर नजर आया और हर ओर लोक संस्कृति की झलक देखने को मिली।
इस अवसर पर जिलाधिकारी गौरव कुमार और पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार भी उपस्थित रहे।
जिलाधिकारी ने कहा कि ‘रम्माण’ केवल एक सांस्कृतिक आयोजन नहीं, बल्कि उत्तराखंड की समृद्ध लोक परंपराओं, आस्था और सामुदायिक एकता का प्रतीक है। उन्होंने इस धरोहर को संरक्षित और आगे बढ़ाने में स्थानीय लोगों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन हमारी सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

