केदारनाथ धाम फूलों से सजा, 22 अप्रैल को खुलेंगे कपाट
उत्तराखंड के प्रसिद्ध केदारनाथ धाम में इन दिनों भक्ति और उत्साह का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है। पूरे केदारपुरी क्षेत्र को फूलों से भव्य रूप से सजाया जा रहा है और हर ओर “हर हर महादेव” के जयकारों से वातावरण गूंज रहा है।
फाटा से गौरीकुंड पहुंची उत्सव डोली
भगवान केदारनाथ की पंचमुखी चल विग्रह उत्सव डोली फाटा से प्रस्थान कर विभिन्न पड़ावों—बड़ासू, शेरसी, रामपुर, सीतापुर और सोनप्रयाग होते हुए गौरीकुंड पहुंच गई है। गौरीकुंड स्थित गौरी माता मंदिर में डोली का भव्य स्वागत किया गया, जहां रात्रि प्रवास भी हुआ।इससे पहले डोली शीतकालीन गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर से पूजा-अर्चना के बाद रवाना होकर काशी विश्वनाथ मंदिर पहुंची थी। रास्ते भर श्रद्धालुओं ने फूल-मालाओं और अक्षत से डोली का स्वागत किया।
22 अप्रैल को खुलेंगे कपाट
केदारनाथ धाम के कपाट 22 अप्रैल को विधि-विधान के साथ खोले जाएंगे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी दर्शन करेंगे।
बर्फबारी के बीच आस्था का प्रवाह
केदारनाथ में अभी भी ठंड और बर्फबारी का असर है, जिससे तापमान लगातार बदल रहा है। इसके बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह कम नहीं है और बड़ी संख्या में भक्त धाम की ओर बढ़ रहे हैं।
गौरीकुंड का धार्मिक महत्व
गौरीकुंड को माता पार्वती की तपस्थली माना जाता है। मान्यता है कि यहां माता पार्वती ने भगवान शिव को पति रूप में पाने के लिए कठोर तप किया था।
- यहां स्थित तप्त कुंड में स्नान कर श्रद्धालु यात्रा शुरू करते हैं
- पितृ कुंड में तर्पण करने से पितरों को मोक्ष की प्राप्ति होती है
भक्ति, परंपरा और प्रकृति के अद्भुत संगम के बीच बाबा केदारनाथ धाम एक बार फिर श्रद्धालुओं के स्वागत के लिए पूरी तरह तैयार है।

