नेपाल बाढ़: कैलाश मानसरोवर यात्रा पर जा रहे 400 श्रद्धालुओं से टूटा संपर्क

0
2

नेपाल में बाढ़ का कहर: कैलाश मानसरोवर यात्रा पर जा रहे करीब 400 श्रद्धालुओं से टूटा संपर्क, अधिकांश भारतीय यात्री शामिल

नेपाल के उत्तरी रसुवा जिले में भोटे कोशी नदी में आई अचानक बाढ़ के बाद कैलाश मानसरोवर यात्रा पर जा रहे सैकड़ों श्रद्धालुओं को लेकर चिंता बढ़ गई है। नेपाल-चीन सीमा क्षेत्र में आई इस आपदा के कारण करीब 400 तीर्थयात्रियों से संपर्क टूट गया है। इनमें बड़ी संख्या भारतीय श्रद्धालुओं की बताई जा रही है, जबकि 93 नेपाली नागरिक भी इस समूह में शामिल हैं।

कैलाश मानसरोवर यात्रा पर निकले श्रद्धालुओं से संपर्क नहीं

स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, बुधवार को रसुवागढ़ी सीमा पार कर तिब्बत स्थित कैलाश मानसरोवर जाने वाले लगभग 390 तीर्थयात्री बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में मौजूद थे। बाढ़ के बाद सड़क संपर्क और संचार व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हो गई, जिसके चलते अधिकांश यात्रियों से संपर्क स्थापित नहीं हो सका।

टच कैलाश ट्रैवल्स एंड टूर्स के प्रबंध निदेशक बाशु कुमार अधिकारी ने बताया कि दोपहर तक कुछ यात्रियों को छोड़कर अधिकांश श्रद्धालुओं की स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाई थी। प्रशासन और ट्रैवल एजेंसियां लगातार यात्रियों से संपर्क साधने की कोशिश कर रही हैं।

कई ट्रैवल एजेंसियों के यात्री प्रभावित

जानकारी के अनुसार, प्रभावित यात्रियों में विभिन्न ट्रैवल कंपनियों के ग्राहक शामिल हैं। इनमें सम्राट टूर्स एंड ट्रैवल्स, लीफ हॉलीडेज, काठमांडू हॉलीडेज, कैलाश जर्नी, एक्सप्लोर वेकेशन, ट्रेकर्स सोसाइटी, फिशटेल टूर्स एंड ट्रैवल्स, हिमालयन ग्लेशियर और अन्य एजेंसियों के यात्री शामिल हैं।

नेपाल ट्रेकिंग एजेंसियों के संघ (TAAN) के अध्यक्ष सागर पांडे ने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और उनकी लोकेशन ट्रैक करने के प्रयास लगातार जारी हैं।

नेपाल पर्यटन बोर्ड की रिपोर्ट में 384 लोग लापता

नेपाल पर्यटन बोर्ड द्वारा जारी प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार, भोटे कोशी नदी में आई बाढ़ के बाद कुल 384 पर्यटक और यात्री लापता बताए गए हैं। इनमें 291 विदेशी नागरिक और 93 नेपाली नागरिक शामिल हैं।

रिपोर्ट में बताया गया है कि लापता लोगों में भारतीय नागरिकों के कई समूह भी शामिल हैं। साथ ही 37 एनआरआई यात्रियों का भी कोई स्पष्ट पता नहीं चल पाया है। हालांकि अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यह आंकड़ा कैलाश मानसरोवर यात्रा पर जा रहे सभी श्रद्धालुओं की सूची से अलग हो सकता है।

राहत-बचाव अभियान जारी

नेपाल सरकार, सुरक्षा एजेंसियां और स्थानीय प्रशासन प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव अभियान चला रहे हैं। बाढ़ से रसुवागढ़ी क्षेत्र की सड़कें, पुल और अन्य बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है। अधिकारियों का कहना है कि संचार सेवाएं बहाल होते ही यात्रियों की वास्तविक स्थिति सामने आ सकेगी।

फिलहाल श्रद्धालुओं के परिजन और ट्रैवल एजेंसियां यात्रियों की कुशलता की जानकारी मिलने का इंतजार कर रही हैं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here