दून मेडिकल कॉलेज में फिर रैगिंग का मामला, जूनियर पीजी डॉक्टर ने सुनाई आपबीती
देहरादून। दून मेडिकल कॉलेज में एक बार फिर रैगिंग का मामला सामने आने से चिकित्सा शिक्षा संस्थानों में छात्रों की सुरक्षा और अनुशासन व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। इस बार मामला एमबीबीएस छात्रों का नहीं, बल्कि स्नातकोत्तर (पीजी) पाठ्यक्रम के डॉक्टरों से जुड़ा है। एक जूनियर पीजी डॉक्टर ने अपने सीनियर डॉक्टरों पर मानसिक प्रताड़ना और अपमानजनक व्यवहार का आरोप लगाते हुए राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग (NMC) में शिकायत दर्ज कराई है।
पीड़ित डॉक्टर ने बताया कि फरवरी 2026 में पीजी कोर्स में प्रवेश लेने के बाद शुरुआती एक माह तक माहौल सामान्य रहा, लेकिन मार्च से कुछ सीनियर डॉक्टरों ने उन्हें लगातार नीचा दिखाना शुरू कर दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि कई बार एमबीबीएस छात्रों के सामने भी उनके साथ अपमानजनक व्यवहार किया गया, जिससे उन्हें गहरा मानसिक आघात पहुंचा।
“अब पढ़ाई में भी मन नहीं लगता”
पीड़ित डॉक्टर ने भावुक होते हुए कहा कि वह पिछले छह महीनों से मानसिक पीड़ा झेल रहे हैं। लगातार अपमान और प्रताड़ना के कारण उनका आत्मविश्वास प्रभावित हुआ है और अब पढ़ाई में भी मन नहीं लगता। उन्होंने बताया कि शुरुआत में पढ़ाई में कमजोर होने पर सब सामान्य था, लेकिन जब उन्होंने बेहतर प्रदर्शन करना शुरू किया तो कुछ लोगों ने उनसे रंजिश रखनी शुरू कर दी।
डॉक्टर के अनुसार उन्होंने मामले की शिकायत विभागाध्यक्ष से भी की थी, लेकिन उनकी शिकायत को गंभीरता से नहीं लिया गया। इसके बाद भी कथित प्रताड़ना जारी रही, जिससे उनका मानसिक तनाव और बढ़ गया।
NMC में शिकायत, कॉलेज ने शुरू की जांच
मामले की गंभीरता को देखते हुए पीड़ित डॉक्टर ने राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग (NMC) से हस्तक्षेप की मांग की है। वहीं, दून मेडिकल कॉलेज की प्राचार्य डॉ. गीता जैन ने मामले की जांच एंटी रैगिंग कमेटी को सौंप दी है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
इसलिए गंभीर है मामला
यह मामला इसलिए भी चिंताजनक माना जा रहा है क्योंकि आरोप पीजी के सीनियर डॉक्टरों पर लगे हैं, जो मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस छात्रों को पढ़ाने और क्लीनिकल प्रशिक्षण देने की जिम्मेदारी भी निभाते हैं। ऐसे में शिक्षण और मार्गदर्शन की भूमिका निभाने वाले वरिष्ठ डॉक्टरों पर रैगिंग के आरोप लगना संस्थान की छवि और चिकित्सा शिक्षा व्यवस्था दोनों के लिए गंभीर प्रश्न खड़े करता है।
दून मेडिकल कॉलेज में पहले भी सामने आ चुके हैं रैगिंग के मामले
- 2019: जूनियर छात्रों ने सीनियरों पर मानसिक उत्पीड़न का आरोप लगाया, छह छात्रों पर कार्रवाई हुई।
- 2021: एक छात्र ने ई-मेल के जरिए शिकायत की कि उसे गर्दन झुकाकर चलने के लिए मजबूर किया जाता है।
- 2023: सीनियर छात्रों द्वारा जूनियर की पिटाई के मामले में आठ छात्रों पर कार्रवाई हुई।
- जनवरी 2026: जूनियर छात्र की बेल्ट और चप्पलों से पिटाई तथा जबरन बाल कटवाने का मामला सामने आया।
- अप्रैल 2026: जूनियर छात्र पर दाढ़ी और बाल कटवाने का दबाव बनाने की शिकायत हुई, जिसमें कॉलेज प्रशासन ने कार्रवाई की थी।

