देहरादून। अभी अरुणाचल प्रदेश की सुबनसिरी जलविद्युत परियोजना एक ही स्थान पर सर्वाधिक 2000 मेगावाट बिजली उत्पादन की तैयारियों में लगी है, लेकिन अब यह रिकार्ड उत्तराखंड के नाम होने जा रहा है। अगले तीन महीने में टिहरी हाइड्रो पावर काम्प्लेक्स में 2400 मेगावाट बिजली का उत्पादन होने लगेगा। यह देश की पहली जलविद्युत परियोजना होगी, जहां एक साथ इतनी अधिक क्षमता में पानी से बिजली बनेगी।
टीएचडीसी के अध्यक्ष व प्रबंध निदेशक सिपन कुमार गर्ग के अनुसार अभी टिहरी में एक हजार मेगावाट का टिहरी हाइड्राे पावर प्रोजेक्ट, 400 मेगावाट का कोटेश्वर हाइड्रो इलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट और टिहरी पंप स्टोरेज प्लांट की तीन यूनिट (कुल 750 मेगावाट) पूरी तरह संचालित हैं। टिहरी पंप स्टोरेज प्लांट में 250 मेगावाट क्षमता का नया प्लांट शुरू होते ही टिहरी हाइड्रो पावर कांप्लेक्स की कुल क्षमता 2400 मेगावाट हो जाएगी। बताया कि टिहरी पंप स्टोरेज प्लांट केंद्रीय सेक्टर द्वारा निर्माण किए जाने वाला पहला पंप स्टोरेज प्रोजेक्ट है। यह भारत का पहला ऐसा पंप स्टोरेज प्लांट है, जो जरूरत के मुताबिक अपनी गति बदलकर बिजली को स्टोर करता है और तुरंत आपूर्ति भी।
6500 मिलियन यूनिट बिजली राष्ट्रीय ग्रिड को देगा टिहरी
टिहरी हाइड्रो पावर कांप्लेक्स सालाना लगभग 4000 मिलियन यूनिट विद्युत उत्पादन कर रहा है। पंप स्टाेरेज के पूर्ण कमीशनिंग के बाद इसमें सालाना लगभग 2500 मिलियन यूनिट जुड़ जाएंगी।
2027-28 में पूरी होगी विष्णुगाड-पीपलकोटी परियोजना
टीएचडीसी के प्रबंध निदेशक सिपन कुमार गर्ग ने बताया कि विष्णुगाड-पीपलकोटी (444 मेगावाट) जल विद्युत परियोजना का कार्य भी तेज रफ्तार से किया जा रहा है। इसे वर्ष 2027-28 में पूरा कर लिया जाएगा। कहा, टीएचडीसी अब जल, सौर, पवन, पंप स्टोरेज समेत थर्मल पावर का उत्पादन कर रही है। टीएचडीसी की कुल क्षमता दिसंबर 2025 तक 3657 मेगावाट पहुंच चुकी है।


