अंकिता भंडारी हत्याकांड के लिए उठ रही CBI जांच की मांग और उर्मिला सनावर से बुधवार को हुई पूछताछ के बाद देर शाम सीएम पुष्कर सिंह धामी ने अंकिता के माता-पिता से भी मुलाकात की। इस दौरान सीएम और अंकिता के माता-पिता के बीच लंबी बात हुई, जिस पर सीएम धामी ने कहा कि अंकिता के माता-पिता से जो बातचीत हुई है उसे पर विचार करके जल्द कोई निर्णय लिया जाएगा।
वही सीएम ने विपक्षी राजनीतिक दलों को गैर जिम्मेदार बताया।
बुधवार देर शाम हुई परिवार की सीएम से मुलाकात
बुधवार देर शाम सीएम पुष्कर सिंह धामी ने अंकिता भंडारी के माता-पिता से अपनी आवाज पर मुलाकात की। इस दौरान सीएम और अंकिता के माता-पिता के बीच लंबी बातचीत हुई।
मिली जानकारी के अनुसार, अंकिता के माता-पिता ने इस मामले की सीबीआई जांच की इच्छा जताई। जिस पर मुख्यमंत्री ने विचार के बाद जल्द कोई निर्णय लेने की बात कही।
सीएम ने कहा कि यह मामला बेहद संवेदनशील था, जिसमें अंकिता के माता-पिता ने अपनी बेटी को खोया। उन्हें काफी कष्ट हुआ। इसलिए मैंने शुरू से कहा कि जो भी उनके माता-पिता कहेंगे वैसा ही होगा। इसलिए उनके माता-पिता से मुलाकात की।
उन्होंने काफी बाते बताई है, जिस पर जल्द ही विचार करके निर्णय लिया जाएगा।
सीएम- विपक्षी राजनीतिक दलों में दिखाई नहीं दिया जिम्मेदारी का भाव
इस दौरान सीएम ने विपक्षी राजनीतिक दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्षी राजनीतिक दलों में जिस तरह की जिम्मेदारी होनी चाहिए। जिम्मेदारी का आभास होना चाहिए या जिम्मेदारी का भाव होना चाहिए।
वह बिल्कुल भी दिखाई नहीं दिया और एक ऑडियो सामने आने के बाद पूरे राज्य के अंदर एक अस्थिरता की स्थिति, लोगों में बवाल करना, आगजनी करना, लोगों को भड़काना, भ्रम और संदेह की स्थिति पैदा करना जिन लोगों ने की है जनता उनको देख रही है कि आखिर उन्होंने ऐसा किया है।
और अब जो ऑडियो आया है उनको माफी मांगनी चाहिए उत्तराखंड की जनता से और अंकिता की आत्मा को अपनी राजनीति के लिए उपयोग करने का काम किया है।
सीएम- फिलहाल जो जांच चल रही है वो चलती रहेगी
वहीं सीएम पुष्कर सिंह धामी ने इस मामले में कहा कि इस मामले में कानूनी कार्रवाई अपने स्तर पर चलती रहेगी। अभी दिल्ली हाई कोर्ट का भी इस मामले में फैसला आया है, एसआईटी की उत्तराखंड में जांच चल रही है और हम अन्य जो भी कानूनी चीज हैं उसे पर हम विमर्श कर रहे हैं।
हमें सरकार के स्तर पर जो निर्णय लेना है। अंकित के माता-पिता ने जो हमसे कहा है उस पर निर्णय लेंगे। लेकिन कानूनी कार्रवाई अपनी तरफ चलती रहेगी।
हां यह है कि जिसके कारण से पिछले 15 दिनों से ज्यादा समय से प्रदेश का समय खराब हुआ है। राज्य की इतनी सारी योजनाएं चल रही थी लोगों को उनसे भ्रमित करने का काम हुआ है, लोगों को रोकने का काम हुआ है और किसी न किसी तरीके से अवरोध पैदा करने का काम हुआ है तो उन्हें उत्तराखंड की जनता से माफी मांगनी चाहिए जो भी जिम्मेदार लोग हैं।


