सरकार पहुंची जनता के द्वार: तीन दिन में हजारों लोगों को मिला योजनाओं का लाभ, समस्याओं का हुआ समाधान

0
0
सरकार पहुंची जनता के द्वार: तीन दिन में हजारों लोगों को मिला योजनाओं का लाभ, समस्याओं का हुआ समाधान

जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ अभियान बना जनसमस्याओं के समाधान का प्रभावी माध्यम

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर प्रदेशभर में संचालित ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ अभियान को जनता का व्यापक समर्थन मिल रहा है। अभियान के पहले तीन दिनों में ही हजारों लोगों ने विभिन्न विशेष शिविरों में पहुंचकर सरकारी योजनाओं का लाभ उठाया और अपनी समस्याओं का त्वरित समाधान प्राप्त किया।

प्रदेश में 4 जुलाई से शुरू हुए 15 दिवसीय इस विशेष अभियान के तहत जिला, तहसील और ब्लॉक स्तर पर शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। इन शिविरों में विभिन्न विभागों के अधिकारी, कर्मचारी और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहकर आमजन की शिकायतों का मौके पर निस्तारण कर रहे हैं।

एक ही स्थान पर मिल रही कई सरकारी सेवाएं

विशेष शिविरों में नागरिकों को समाज कल्याण पेंशन, आयुष्मान कार्ड, राजस्व प्रमाण पत्र, चिकित्सा उपकरण, कृषि उपकरण, बीज वितरण तथा अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके अलावा स्वास्थ्य परीक्षण शिविरों के माध्यम से लोगों की जांच कर आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं भी प्रदान की जा रही हैं।

अभियान के दौरान सड़क, बिजली, पानी, राजस्व, सामाजिक सुरक्षा और अन्य स्थानीय समस्याओं से जुड़े मामलों का भी त्वरित समाधान किया जा रहा है, जिससे लोगों को सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने की आवश्यकता नहीं पड़ रही।

पिछले अभियान में 5 लाख से अधिक लोगों ने की थी भागीदारी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की पहल पर दिसंबर माह में भी 45 दिवसीय ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ अभियान संचालित किया गया था। उस दौरान प्रदेशभर में 681 शिविर आयोजित किए गए थे, जिनमें 5.33 लाख से अधिक लोगों ने प्रत्यक्ष रूप से भाग लिया था।

अभियान के दौरान लगभग 33 हजार जन शिकायतों का समाधान किया गया था। बेहतर जनसंपर्क, त्वरित समस्या समाधान और योजनाओं की सीधी पहुंच के कारण इस पहल को सुशासन की एक सफल मॉडल व्यवस्था के रूप में भी सराहा गया।

जनता तक पहुंच रही सरकार

राज्य सरकार का उद्देश्य है कि नागरिकों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें। इसी सोच के तहत प्रशासन स्वयं गांव-गांव और क्षेत्र-क्षेत्र में पहुंचकर लोगों की समस्याएं सुन रहा है तथा मौके पर समाधान सुनिश्चित कर रहा है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि सरकार “सरलीकरण, समाधान और संतुष्टि” के मंत्र के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना और जनसमस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ अभियान के माध्यम से उत्तराखंड में जनभागीदारी आधारित सुशासन की दिशा में एक मजबूत पहल देखने को मिल रही है, जिसका लाभ प्रदेश के हजारों नागरिकों को सीधे तौर पर मिल रहा है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here