टिहरी गढ़वाल: उत्तराखंड के चारधामों में प्रमुख श्री बदरीनाथ धाम के श्रद्धालुओं के लिए आज का दिन बेहद खास है। वसंत पंचमी के पावन अवसर पर आज बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि की औपचारिक घोषणा की जाएगी। परंपरा के अनुसार यह घोषणा नरेंद्रनगर राजदरबार में पंचांग पूजा के बाद की जाती है। इसके लिए गाडू घड़ा (तेल कलश) यात्रा आज ऋषिकेश से रवाना होकर राजदरबार पहुंचेगी।
Badrinath Dham temple gates opening date will be announced today
बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि घोषित करने से पहले गाडू घड़ा पूजन की परंपरा निभाई जाती है। गुरुवार को श्रीलक्ष्मी-नारायण मंदिर, डिम्मर (चमोली) में विशेष पूजा-अर्चना के बाद डिमरी धार्मिक केंद्रीय पंचायत के सदस्य गाडू घड़ा लेकर ऋषिकेश के लिए रवाना हुए। आज शुक्रवार को यह यात्रा ऋषिकेश से आगे बढ़ते हुए नरेंद्रनगर राजदरबार पहुंचेगी, जहां सदियों पुरानी परंपरा के तहत तिथि की घोषणा होगी।
डिम्मर मंदिर में गाडू घड़ा का महाभिषेक
बीते गुरुवार सुबह डिम्मर गांव के पुजारी टीका प्रसाद डिमरी और आचार्यों ने मंदिर में भगवान और गाडू घड़ा का विष्णु सहस्त्रनाम और नामावलियों के साथ महाभिषेक किया। इसके बाद बाल भोग अर्पित किया गया। पूजा के बाद बदरीनाथ धाम से जुड़े डिमरी पुजारियों ने गाडू घड़ा लेकर मंदिर की परिक्रमा की और भगवान श्री बदरी विशाल के जयकारों के साथ यात्रा को विधिवत रवाना किया गया।
आज होगा कपाट तिथि का ऐलान
श्री बदरीश डिमरी धार्मिक केंद्रीय पंचायत के अध्यक्ष आशुतोष डिमरी के अनुसार, वसंत पंचमी पर आज सुबह डिमरी पुजारी गाडू घड़ा लेकर ऋषिकेश से नरेंद्रनगर राजदरबार पहुंचेंगे। राजदरबार में महाराजा मनुजेंद्र शाह परंपरागत रूप से पंचांग पूजा करेंगे। पंचांग पूजा के बाद बदरीनाथ धाम कपाटोद्घाटन की तिथि, भगवान के महाभिषेक में उपयोग होने वाले तिल के तेल को तैयार करने की प्रक्रिया, गाडू घड़ा तेल कलश यात्रा की अगली तिथियों की आधिकारिक घोषणा की जाएगी।
चारधाम यात्रा की तैयारियों को मिलेगा नया संकेत
बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि घोषित होते ही उत्तराखंड में चारधाम यात्रा की तैयारियां भी तेज हो जाती हैं। कपाट खुलने की तिथि का इंतजार देश-विदेश के श्रद्धालु लंबे समय से कर रहे होते हैं, क्योंकि इसी के आधार पर यात्री अपनी यात्रा योजना, रजिस्ट्रेशन और बुकिंग तय करते हैं।


