उत्तराखंड में ड्रग्स के खिलाफ सख्ती: 15 दिन में बनेगा एक्शन प्लान, स्कूलों में एंटी-ड्रग क्लब होंगे शुरू

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उत्तराखंड में ड्रग्स के खिलाफ सख्ती: 15 दिन में बनेगा एक्शन प्लान, स्कूलों में एंटी-ड्रग क्लब होंगे शुरू

उत्तराखंड में ड्रग्स के खिलाफ सख्ती: 15 दिन में बनेगा एक्शन प्लान, स्कूलों में एंटी-ड्रग क्लब होंगे शुरू

उत्तराखंड में नशे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की तैयारी शुरू हो गई है। मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय नेशनल कोआर्डिनेशन सेंटर फॉर ड्रग लॉ एनफोर्समेंट (NCORD) की 11वीं बैठक में कई अहम फैसले लिए गए।

 15 दिन में तैयार होगा ड्रग्स के खिलाफ रोडमैप

मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि:

  • अगले 15 दिनों में राज्य और जिला स्तर का रोडमैप तैयार किया जाए
  • इसमें एनफोर्समेंट (कार्रवाई) + रिहेबिलिटेशन (पुनर्वास) दोनों शामिल होंगे
  • सभी विभाग अपनी योजना बनाकर गृह विभाग को सौंपेंगे

 सप्लाई चेन तोड़ने पर जोर

  • मादक पदार्थों की तस्करी और अवैध व्यापार पर कड़ी निगरानी
  • बड़ी मात्रा में पकड़े गए मामलों पर तेज कार्रवाई और फॉलोअप
  • पुलिस को ड्रग्स की सप्लाई चेन खत्म करने के निर्देश

 स्कूल-कॉलेज होंगे फोकस में

  • स्कूलों में एंटी-ड्रग क्लब बनाए जाएंगे
  • छात्रों के बीच जागरूकता अभियान चलेंगे
  • शिक्षण संस्थानों के 100 मीटर के दायरे में तंबाकू बिक्री पर सख्ती

 लक्ष्य: नई पीढ़ी को नशे से दूर रखना

 डी-एडिक्शन पर भी बड़ा फैसला

  • हर जिले में कम से कम एक अस्पताल में डी-एडिक्शन बेड
  • निजी नशा मुक्ति केंद्रों की सख्त जांच
  • नियम न मानने वाले सेंटर तुरंत बंद होंगे

 सर्वे और स्पेशल टीम

  • पूरे राज्य में ड्रग्स उपयोग पर सर्वे कराया जाएगा
  • गढ़वाल और कुमाऊं में डेडिकेटेड ड्रग इंस्पेक्टर नियुक्त होंगे

 हेल्पलाइन 1933 का प्रचार

  • नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो की हेल्पलाइन 1933 (मानस) का प्रचार
  • सरकारी दफ्तरों और सार्वजनिक स्थानों पर जानकारी प्रदर्शित होगी

 आम लोग भी अब ड्रग्स से जुड़ी जानकारी आसानी से दे सकेंगे

 क्यों अहम है यह कदम?

  • बढ़ते नशे के खतरे पर रोक
  • युवाओं को सुरक्षित भविष्य
  • कानून व्यवस्था मजबूत
  • Uttarakhand drug action plan
  • NCORD meeting news
  • Anti drug campaign India
  • Drug helpline 1933

उत्तराखंड सरकार अब ड्रग्स के खिलाफ जीरो टॉलरेंस मोड में नजर आ रही है।
 सख्त कानून, जागरूकता और पुनर्वास—तीनों पर एक साथ काम कर
 नशे के नेटवर्क को जड़ से खत्म करने की तैयारी है।