SCO शिखर सम्मेलन में पीएम मोदी की आर्मेनिया और ईरान नेताओं से मुलाकात, व्यापार और रणनीतिक सहयोग बढ़ाने पर जोर

0
3

SCO शिखर सम्मेलन में पीएम मोदी की सक्रिय कूटनीति, आर्मेनिया और ईरान के नेताओं से की अहम मुलाकात

बिश्केक। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एससीओ (SCO) शिखर सम्मेलन के दौरान आर्मेनिया के प्रधानमंत्री निकोल पशिनयान और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन से अलग-अलग मुलाकात कर द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत बनाने पर चर्चा की। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत और आर्मेनिया के बीच रक्षा, सूचना प्रौद्योगिकी, अंतरिक्ष, शिक्षा और फार्मास्यूटिकल्स जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की व्यापक संभावनाएं हैं।

प्रधानमंत्री मोदी ने आर्मेनिया के प्रधानमंत्री निकोल पशिनयान के साथ हुई बैठक को बेहद सकारात्मक बताते हुए कहा कि दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए मिलकर काम किया जाएगा। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में भारत-आर्मेनिया संबंध और अधिक मजबूत होंगे।

ईरान के राष्ट्रपति से क्षेत्रीय हालात पर चर्चा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिश्केक में ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन से भी मुलाकात की। बैठक के बाद प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया पर जानकारी साझा करते हुए कहा कि भारत और ईरान के बीच लंबे समय से चले आ रहे मैत्रीपूर्ण संबंधों को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई गई।

उन्होंने कहा कि दोनों देशों ने व्यापारिक संबंधों का विस्तार करने और सहयोग के नए क्षेत्रों की तलाश पर चर्चा की। साथ ही क्षेत्रीय और वैश्विक परिस्थितियों पर भी विचार-विमर्श किया गया। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत क्षेत्र में स्थायी शांति और स्थिरता सुनिश्चित करने के सभी प्रयासों का समर्थन करता रहेगा।

ताशकंद में गूंजी पीएम मोदी की कविताएं

प्रधानमंत्री मोदी की हालिया उज्बेकिस्तान यात्रा के दौरान उनकी साहित्यिक रचनाएं भी चर्चा का विषय बनीं। ताशकंद स्टेट यूनिवर्सिटी ऑफ ओरिएंटल स्टडीज के छात्रों ने प्रधानमंत्री की कविताओं का हिंदी और उज्बेक भाषा में पाठ किया।

उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शौकत मिर्जियोयेव द्वारा आयोजित अनौपचारिक रात्रिभोज में प्रधानमंत्री मोदी की प्रसिद्ध कविता “अभी तो सूरज उगा है” पर आधारित विशेष संगीतमय प्रस्तुति भी दी गई। छात्रों ने कविता का हिंदी और उज्बेक दोनों भाषाओं में पाठ कर भारतीय संस्कृति और साहित्य के प्रति अपने सम्मान का प्रदर्शन किया।

प्रधानमंत्री की यह यात्रा न केवल कूटनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण रही, बल्कि भारत की सांस्कृतिक और साहित्यिक पहचान को भी अंतरराष्ट्रीय मंच पर नई पहचान दिलाने में सफल रही।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here