देहरादून, 22 जुलाई 2026।उत्तराखण्ड राज्य आपदा प्रबंधन सलाहकार समिति के उपाध्यक्ष विनय रुहेला ने बुधवार को कोषागार सभागार, देहरादून में मानसून के दौरान संभावित आपदाओं से निपटने के लिए विभिन्न विभागों की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक के बाद उन्होंने कलेक्ट्रेट परिसर में वृक्षारोपण भी किया।
समीक्षा बैठक में लोक निर्माण विभाग, सिंचाई विभाग, जल संस्थान, ऊर्जा निगम, स्वास्थ्य विभाग, पुलिस, नगर निगम, वन विभाग, जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण एवं अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों ने मानसून से निपटने के लिए किए गए प्रबंधों की जानकारी दी।
सभी विभाग 24×7 अलर्ट मोड पर रहें
विनय रुहेला ने कहा कि मानसून अवधि उत्तराखण्ड के लिए अत्यंत संवेदनशील समय है। ऐसे में सभी विभागों को पूर्ण सतर्कता और आपसी समन्वय के साथ कार्य करना होगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी कंट्रोल रूम चौबीसों घंटे सक्रिय रखें और किसी भी आपदा की सूचना मिलने पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करें।
उन्होंने विशेष रूप से भूस्खलन संभावित क्षेत्रों, नदी-नालों के किनारे बसे इलाकों और संपर्क मार्ग प्रभावित होने वाले क्षेत्रों की लगातार निगरानी के निर्देश दिए।
सड़कों को शीघ्र खोलने के लिए मशीनरी रहे तैयार
उपाध्यक्ष ने लोक निर्माण विभाग, राष्ट्रीय राजमार्ग और पीएमजीएसवाई के अधिकारियों को निर्देशित किया कि जेसीबी, पोकलैंड और अन्य आवश्यक मशीनरी रणनीतिक स्थानों पर पहले से तैनात रखी जाए, ताकि मार्ग अवरुद्ध होने पर तत्काल कार्रवाई की जा सके।
उन्होंने निर्माणाधीन सड़कों के मलबे को डंपिंग जोन के अलावा अन्य स्थानों पर डाले जाने की शिकायतों पर भी रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
नदियों के जलस्तर और जलभराव क्षेत्रों पर विशेष निगरानी
सिंचाई विभाग को नदियों के जलस्तर की नियमित निगरानी और तटबंधों की स्थिति का प्रतिदिन आकलन करने के निर्देश दिए गए। वहीं नगर निगम और स्थानीय निकायों को जलभराव वाले क्षेत्रों में ड्रेनेज व्यवस्था मजबूत करने और नालों की नियमित सफाई सुनिश्चित करने को कहा गया।
उन्होंने चौक नालियों, बंद नालों और जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त करने पर विशेष जोर दिया।
स्वास्थ्य विभाग को दवाओं और मेडिकल टीम की तैयारी रखने के निर्देश
मुख्य चिकित्सा अधिकारी को निर्देशित किया गया कि संभावित आपदा प्रभावित क्षेत्रों में दवाओं, चिकित्सा उपकरणों, एंबुलेंस और मेडिकल टीमों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। साथ ही मानसून के दौरान फैलने वाले डेंगू, मलेरिया और डायरिया जैसे रोगों की रोकथाम के लिए विशेष तैयारी रखने को कहा गया।
एसडीआरएफ और पुलिस को त्वरित राहत-बचाव के निर्देश
पुलिस, एसडीआरएफ और एनडीआरएफ को संवेदनशील क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों के लिए पूरी तरह तैयार रहने को कहा गया। दूरस्थ और संपर्कविहीन क्षेत्रों के लिए वैकल्पिक संचार व्यवस्था और राहत सामग्री आपूर्ति तंत्र को भी सक्रिय रखने के निर्देश दिए गए।
लापरवाही पर होगी कार्रवाई
विनय रुहेला ने स्पष्ट चेतावनी दी कि आपदा प्रबंधन में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के विरुद्ध आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत कार्रवाई की संस्तुति की जाएगी। उन्होंने सभी विभागों को माइक्रो प्लान तैयार करने, जिम्मेदार अधिकारियों की सूची निर्धारित करने और नियमित फील्ड निरीक्षण करने के निर्देश दिए।
जिले में 66 जेसीबी तैनात
बैठक में जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने जिले की मानसून तैयारियों की जानकारी देते हुए बताया कि संवेदनशील क्षेत्रों में 66 जेसीबी मशीनें तैनात की गई हैं। इसके अलावा ड्रेनेज कार्य, नदी चैनलाइजेशन और पुलों की सुरक्षा के लिए विभिन्न उपाय किए गए हैं।
बैठक में प्रभागीय वनाधिकारी नीजर शर्मा, अपर जिलाधिकारी के.के. मिश्रा, संयुक्त मजिस्ट्रेट राहुल आनंद, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. मनोज शर्मा, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी ऋषभ कुमार सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

