विश्व प्रसिद्ध कैंची धाम मंदिर और सरोवर नगरी में वाहनों के बढ़ते दबाव को कम करने के उद्देश्य से शासन स्तर पर रानीबाग से कैंची धाम और नैनीताल रोपवे की योजना तैयार की गई। जिसकी कवायत अब तेज हो गई है।केंद्र और राज्य सरकार के निर्देशों पर एक निजी कंपनी ने रोपवे का सर्वे शुरू कर दिया है। भीमताल में शुरू हुए सर्वे के बाद पर्यटकों और स्थानीय लोगों को जाम से राहत के साथ-साथ वाहनों के दबाव कम होने की उम्मीद जागने लगी है।
नैनीताल समेत भीमताल और कैंचीं धाम जाने वाले पर्यटकों को आने वाले समय में रोपवे के ज़रिये बड़ी सुविधा मिल सकती है। इसके लिए काठगोदाम के रानीबाग में पहला स्टेशन और दूसरा भीमताल में लगाने का सर्वे चल रहा है। इसके बाद, भीमताल से भवाली और फिर भवाली से नैनीताल और कैंचीं धाम तक रोपवे चलाने की संभावनाएं सर्वे के माध्यम से खोजी जा रही हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा राज्य में अवस्थापना सुविधाओं के विकास के तहत कार्य होना है मुख्यमंत्री द्वारा मार्ग में रोपवे निर्माण हेतु फिजिबिलटी अध्ययन कराये जाने हेतु बजट स्वीकृत की गई है।
रोपवे कंपनी के सुपरवाइजर मयंक श्रीवास्तव ने बताया कि इस परियोजना को लेकर एजेंसी ने भीमताल से सर्वे का काम शुरू कर दिया है। लगभग 35 किलोमीटर लम्बी इस प्रस्तावित रोपवे लाइन में लगभग पाँच स्टेशन बनाए जाने हैं। ये स्टेशन रानीबाग, भीमताल, भवाली, नैनीताल और कैंची धाम में होंगे।
अभी रोपवे परियोजना में एजेंसी ने भीमताल के सिडकुल में आधुनिक मशीनों के माध्यम से सर्वे का काम शुरू कर दिया है। इस परियोजना के पूरे होने से जहां एक तरफ पर्यटकों को बाधित यातायात और जाम से राहत मिलेगी, वहीं दूसरी तरफ वो हवा से पहाड़ों के सौंदर्य का आनंद ले सकेंगे। पर्यटन से जुड़ी सुविधाओं को बढ़ावा देने की दिशा में केंद्र और राज्य सरकार की यह योजना एक बड़ा और अहम कदम माना जाएगा।


