देहरादून। उत्तराखंड के मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने मंगलवार को सचिवालय में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शिलान्यास की गई विभिन्न विकास परियोजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में राज्यभर में चल रही 40 महत्वपूर्ण परियोजनाओं की स्थिति का आकलन किया गया और संबंधित विभागों को तय समयसीमा के भीतर कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए गए।
मुख्य सचिव ने सभी विभागों के सचिवों को निर्देशित किया कि परियोजनाओं की नियमित समीक्षा कर उनकी प्रगति रिपोर्ट पोर्टल पर समय-समय पर अपडेट की जाए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक परियोजना की अपडेट रिपोर्ट में संभावित पूर्णता तिथि का भी स्पष्ट उल्लेख किया जाए, ताकि कार्यों की निगरानी अधिक प्रभावी ढंग से हो सके।
उन्होंने मानसून सीजन को देखते हुए इस वर्ष के अंत तक पूर्ण होने वाली परियोजनाओं पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने कहा कि मौसम संबंधी चुनौतियों के बावजूद कार्यों की गति बनाए रखते हुए निर्धारित समयसीमा में परियोजनाएं पूरी की जाएं।
बैठक में पर्यटन विभाग की महत्वाकांक्षी परियोजनाओं पर भी विशेष जोर दिया गया। मुख्य सचिव ने महासू देवता हनोल में समग्र बुनियादी ढांचे के विकास और जागेश्वर धाम से जुड़े कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने इन परियोजनाओं की प्रतिदिन समीक्षा कर समयबद्ध तरीके से पूरा करने को कहा।
शहरी विकास विभाग के अंतर्गत देहरादून में जलापूर्ति, सीवरेज और जल निकासी प्रणाली के विकास कार्यों की भी समीक्षा की गई। मुख्य सचिव ने इन कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग कर शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए ताकि शहर की बुनियादी सुविधाओं को और मजबूत बनाया जा सके।
ऊर्जा क्षेत्र की परियोजनाओं पर चर्चा करते हुए उन्होंने 300 मेगावाट की लखवाड़ बहुद्देश्यीय परियोजना, 220 केवी बनबसा सबस्टेशन, 400 केवी पिपलकोटी स्विचिंग सबस्टेशन और घनसाली सबस्टेशन सहित विभिन्न ट्रांसमिशन परियोजनाओं में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने वन स्वीकृति और भूमि हस्तांतरण से जुड़े मामलों की लगातार पैरवी कर बाधाओं को समय रहते दूर करने पर भी जोर दिया।
मुख्य सचिव ने कहा कि जिन परियोजनाओं का कार्य अंतिम चरण में है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर जल्द पूरा किया जाए। उन्होंने 13 जिलों में संचालित 73 पेयजल परियोजनाओं, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के तहत 133 सड़कों और 151 पुलों के निर्माण कार्यों के साथ-साथ नमामि गंगे कार्यक्रम के अंतर्गत ऊधम सिंह नगर में नदी पुनर्जीवन परियोजना को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए।
राज्य सरकार का लक्ष्य है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की परिकल्पना से जुड़ी सभी विकास परियोजनाएं तय समय पर पूरी हों, ताकि प्रदेश के नागरिकों को उनका लाभ जल्द से जल्द मिल सके।

