Wednesday, January 21, 2026
spot_imgspot_imgspot_img
HomeUttarakhandरुद्रप्रयाग के नगरासू में अवैध भ्रूण लिंग जांच का भंडाफोड़, पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड...

रुद्रप्रयाग के नगरासू में अवैध भ्रूण लिंग जांच का भंडाफोड़, पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड मशीन समेत फर्जी डॉक्टर गिरफ्तार

रुद्रप्रयाग: बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग से सटे नगरासू क्षेत्र में अवैध रूप से भ्रूण लिंग जांच किए जाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां खुद को चिकित्सक बताने वाला एक व्यक्ति चोरी-छिपे पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड मशीन के जरिए गर्भस्थ शिशु की लिंग जांच कर रहा था। स्थानीय लोगों की सतर्कता से इस गैरकानूनी गतिविधि का खुलासा हुआ, जिसके बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।

Illegal fetal sex determination tests uncovered in Nagrasu, Rudraprayag

पुलिस-प्रशासन के अनुसार नगरासू क्षेत्र में एक संदिग्ध व्यक्ति की गतिविधियों को लेकर ग्रामीणों को काफी समय से संदेह था। जैसे ही इसकी सूचना पुलिस को मिली, टीम मौके पर पहुंची और आरोपी को हिरासत में ले लिया। तलाशी के दौरान आरोपी के पास से पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड मशीन, संदिग्ध दवाइयां और अन्य आपत्तिजनक सामग्री बरामद की गई।

गुप्त तरीके से भ्रूण लिंग जांच

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी होटलों और अस्थायी ठिकानों पर रुककर लोगों से संपर्क करता था और गुप्त तरीके से भ्रूण लिंग जांच कर रहा था। गिरफ्तार व्यक्ति की पहचान उदय सिंह (69 वर्ष) के रूप में हुई है, जो खुद को BAMS चिकित्सक बताता है और मूल रूप से झांसी (उत्तर प्रदेश) का निवासी है।पुलिस ने स्पष्ट किया कि आरोपी के पास न तो अल्ट्रासाउंड मशीन रखने का वैध लाइसेंस था और न ही उसके संचालन की कोई अधिकृत अनुमति। मामले की गंभीरता को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग और पुलिस की संयुक्त जिला स्तरीय समिति गठित की गई है, जो आरोपी की शैक्षणिक योग्यता, दस्तावेजों और पूर्व गतिविधियों की गहन जांच करेगी।

अल्ट्रासाउंड मशीन रखने का लाइसेंस

PCPNDT एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज

नगरासू चौकी प्रभारी सूरज कंडारी ने बताया कि स्थानीय लोगों से मिली सूचना के आधार पर कार्रवाई की गई। आरोपी के खिलाफ PCPNDT एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। अब आगे की जांच संयुक्त समिति द्वारा की जाएगी।

DM प्रतीक जैन: गर्भपात से संबंधित सामग्री भी मिली

जिलाधिकारी प्रतीक जैन ने बताया कि नगरासू में फर्जी रेडियोलॉजिस्ट की शिकायत मिलते ही प्रशासन ने त्वरित कदम उठाए। उन्होंने कहा कि आरोपी के पास से गर्भपात से संबंधित सामग्री भी बरामद हुई है। आरोपी के खिलाफ FIR दर्ज कर अन्य पहलुओं की जांच भी की जा रही है।

क्या है PCPNDT एक्ट?

PCPNDT (Pre-Conception and Pre-Natal Diagnostic Techniques) Act का उद्देश्य भ्रूण लिंग जांच पर रोक लगाकर गिरते लिंगानुपात को सुधारना है। इस कानून के तहत गर्भधारण से पहले या गर्भावस्था के दौरान लिंग जांच पूरी तरह प्रतिबंधित है। अल्ट्रासाउंड मशीन का उपयोग केवल पंजीकृत केंद्रों और प्रशिक्षित/अधिकृत डॉक्टरों द्वारा ही किया जा सकता है। उल्लंघन पर 3 से 5 साल तक की सजा, जुर्माना, और चिकित्सकीय पंजीकरण रद्द होने का प्रावधान है।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Recent Comments