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अवैध प्लॉटिंग पर एमडीडीए का कड़ा प्रहार, शहर की सुनियोजित विकास नीति पर कोई समझौता नहीं

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अवैध निर्माण और भू-माफिया के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’, सख्त कार्रवाई जारी

शहर और आसपास के क्षेत्रों का विकास मास्टर प्लान और निर्धारित मानकों के अनुरूप ही होगा- बंशीधर तिवारी

मसूरी–देहरादून विकास प्राधिकरण द्वारा प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध प्लॉटिंग के विरुद्ध सख्त रुख अपनाते हुए ध्वस्तीकरण की कार्यवाही लगातार जारी है। एमडीडीए की टीमों द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में बिना स्वीकृति विकसित की जा रही कॉलोनियों, अवैध प्लॉटिंग, अनधिकृत सड़क कटान और नियमों के विपरीत किए गए निर्माणों को चिन्हित कर त्वरित कार्रवाई की जा रही है। प्राधिकरण का स्पष्ट संदेश है कि शहर और आसपास के क्षेत्रों का विकास केवल निर्धारित मानकों और स्वीकृत मास्टर प्लान के अनुरूप ही होगा। एमडीडीए को लगातार शिकायतें प्राप्त हो रही थीं कि कुछ भू-माफिया और निजी डेवलपर्स नियमों को दरकिनार कर कृषि भूमि एवं अन्य श्रेणी की भूमि पर अवैध प्लॉटिंग कर रहे हैं। इन गतिविधियों से न केवल शहर की भौगोलिक संरचना और पर्यावरण को नुकसान पहुंच रहा है, बल्कि आम नागरिकों को भी भ्रमित कर अवैध रूप से भूखंड बेचे जा रहे हैं। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए एमडीडीए ने विशेष प्रवर्तन टीमें गठित की हैं, जो नियमित रूप से क्षेत्रवार निरीक्षण कर रही हैं।

प्राधिकरण की कार्रवाई के दौरान कई स्थानों पर अवैध रूप से विकसित की जा रही कॉलोनियों में बनाई गई आंतरिक सड़कें, बाउंड्री वॉल और प्लॉटिंग के अन्य ढांचे ध्वस्त किए गए। एमडीडीए ने स्पष्ट किया कि भविष्य में भी इस तरह की कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी और किसी भी स्तर पर दबाव या प्रभाव को स्वीकार नहीं किया जाएगा। आम नागरिकों से भी अपील की गई है कि वे किसी भी भूमि या भूखंड की खरीद से पहले उसकी वैधानिक स्थिति की जांच अवश्य करें और एमडीडीए से स्वीकृति की पुष्टि करें। अवैध प्लॉटिंग न केवल शहरी अव्यवस्था को बढ़ावा देती है, बल्कि जल निकासी, यातायात, हरित क्षेत्र और बुनियादी सुविधाओं पर भी नकारात्मक प्रभाव डालती है। इसी को देखते हुए प्राधिकरण ने अवैध प्लॉटिंग और निर्माण के विरुद्ध ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति अपनाई है। प्रवर्तन कार्यवाही के साथ-साथ संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ नियमानुसार नोटिस, सीलिंग और विधिक प्रक्रिया भी अमल में लाई जा रही है। एमडीडीए यह भी सुनिश्चित कर रहा है कि भविष्य में ऐसी गतिविधियों की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए नियमित मॉनिटरिंग, ड्रोन सर्वे और स्थानीय स्तर पर सूचना तंत्र को मजबूत किया जाए। प्राधिकरण का उद्देश्य केवल ध्वस्तीकरण नहीं, बल्कि आमजन में नियमों के प्रति जागरूकता बढ़ाना और सुनियोजित, सुरक्षित व पर्यावरण संतुलित विकास को बढ़ावा देना है।

उपाध्यक्ष एमडीडीए बंशीधर तिवारी का बयान
मसूरी–देहरादून विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध प्लॉटिंग और अनधिकृत निर्माण के खिलाफ किसी भी प्रकार की नरमी नहीं बरती जाएगी। शहर और आसपास के क्षेत्रों का विकास मास्टर प्लान और निर्धारित मानकों के अनुरूप ही होगा। जो लोग नियमों को ताक पर रखकर अवैध प्लॉटिंग कर रहे हैं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। आम नागरिकों से अपील है कि वे किसी भी प्रकार की भूमि खरीदने से पहले उसकी वैधानिक स्थिति की पुष्टि एमडीडीए से अवश्य करें, ताकि भविष्य में किसी तरह की परेशानी से बचा जा सके।

सचिव एमडीडीए मोहन सिंह बर्निया का बयान
एमडीडीए के सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि अवैध प्लॉटिंग के खिलाफ चल रही कार्रवाई पूरी तरह नियमों के अनुरूप और पारदर्शी है। प्रवर्तन टीमें नियमित रूप से क्षेत्रीय निरीक्षण कर रही हैं और जहां भी अनियमितता पाई जा रही है, वहां तत्काल कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि प्राधिकरण का उद्देश्य दंड देना नहीं, बल्कि शहर का सुनियोजित और सुरक्षित विकास सुनिश्चित करना है।

हल्द्वानी: रेलवे ट्रैक पर मिला 2 वर्षीय मासूम, बच्चा है सुरक्षित, परिजनों की तलाश जारी

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हल्द्वानी में उस वक्त हड़कंप मच गया जब रेलवे स्टेशन के पास रेलवे ट्रैक के पास एक करीब दो वर्षीय मासूम बच्चा अकेला मिला। बताया जा रहा है कि बच्चा लगभग दो घंटे पहले ट्रैक के किनारे भटकता हुआ पाया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल थाना बनभूलपुरा जीआरपी, हल्द्वानी रेलवे स्टेशन को सूचना दी गई।

फिलहाल मासूम बच्चा पूरी तरह सुरक्षित है और उसे जवाहर नगर स्थित आरा मशीन पर रखा गया है। बच्चे की देखरेख अनस वारसी कर रहे हैं। सूचना के अनुसार बच्चे के परिजनों की तलाश जारी है। अल्पसंख्यक आयोग के पूर्व उपाध्यक्ष मजहर नईम नवाब भी परिजनों को ढूंढने का प्रयास कर रहे हैं।

प्रशासन और पुलिस से अपील की गई है कि संबंधित थाना क्षेत्र सक्रिय होकर बच्चे के परिजनों तक जल्द से जल्द पहुंचने का प्रयास करे। वहीं स्थानीय लोगों से भी अनुरोध है कि यदि कोई व्यक्ति बच्चे के माता-पिता या परिजनों के बारे में जानकारी रखता हो तो तुरंत सूचना दे। संपर्क नंबर 8193810151

जनता दर्शन बना भरोसे का मंच: डीएम ने 171 शिकायतों पर त्वरित समाधान, शिक्षा-भरण पोषण-धोखाधड़ी मामलों में सख्त कार्रवाई

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जिलाधिकारी सविन बसंल ने सोमवार को ऋषिपर्णा सभागार में आयोजित जनता दर्शन कार्यक्रम के दौरान जन समस्याएं सुनी। जनता दरबार में दूर दराज से बडी संख्या में पहुंचे लोगों ने भूमि विवाद, भूमि का पट्टा निर्गत करने, आपसी विवाद, मारपीट, ऋण माफी, मुआवजा, आर्थिक सहायता, स्कूल फीस, भरण पोषण आदि से जुड़ी 171 समस्याएं जिलाधिकारी के समक्ष रखी। जिलाधिकारी ने बारी बारी से सबकी समस्याएं सुनी और कई मामलों का मौके पर ही निस्तारण किया और विभागों से संबंधित कुछ प्रकरणों को इससे जुड़े विभागों को अग्रसारित करते हुए विधि सम्मत त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

गरीब, असहाय बिहार निवासी महिला रीना देवी ने डीएम को अपनी व्यथा सुनाते हुए बताया कि उनका 11 वर्ष का बेटा कुछ बोल और सुन नहीं पाता है। अपने पुत्र को पढ़ाना चाहती हूॅ। मजदूरी करके किसी तरह परिवार का पालन पोषण हो रहा है। स्कूल की फीस देने में सक्षम नहीं हूॅ। इस पर जिलाधिकारी ने जिला प्रोबेशन एवं समाज कल्याण अधिकारी को बालक का स्पेशल चाइल्ड विद्यालय में निःशुल्क दाखिला करवाने के निर्देश दिए।

आर्थिक संकट से जूझ रही बंजारावाला निवासी रश्मि चौहान ने अपने दो बच्चों की फीस माफ करने की गुहार पर जिला शिक्षा अधिकारी को प्रश्नगत प्रकरण पर संबंधित विद्यालयों से वार्ता करते हुए फीस का समाधान करने और बच्चों की पढ़ाई हर हाल में जारी रखवाने के निर्देश दिए।

जन सुनवाई में पहुंचे 70 वर्षीय बुजर्ग बीमार एवं दिव्यांग मदन सिंह ने अपनी पीडा सुनाते हुए कहा कि मेरे बच्चों एवं पत्नी द्वारा मेरे साथ धोखा करके फर्जी तरीके से मुझे मेरी ही संपत्ति से बेदखल कर दिया है। उन्होंने जीवन यापन हेतु सुरक्षा देने और जमीन पर कब्जा दिलाने की मांग पर डीएम ने मौके पर ही भरण पोषण में वाद दर्ज कराया।

पति द्वारा प्रताड़ित पत्नी मंगला सिंह ने बताया कि उनके पति ने मारपीट कर उनको दो वर्ष पूर्व घर से निकाल दिया है। पूर्व में मुकदमे के बाद पति द्वारा भरण पोषण भत्ता मिलता था, जिससे वो गुजारा करती थी। लेकिन पिछले 05 महीनों से पति द्वारा भरण पोषण भत्ता न दिए जाने और जान से मारने की धमकी दी जा रही है। इस पर एसडीएम और सीओ प्रेम नगर को पीडित महिला को त्वरित न्याय दिलाने के निर्देश दिए।

गाजियाबाद निवासी विकास ने बताया कि भूमि के एवज में अनुबंध पत्र पर जालसाजी करके उनके साथ 07 लाख की धोखाधड़ी की गई है। अपने पैसे वापस मांगने पर अब जान से मारने की धमकी दे रहे है। इस पर जिलाधिकारी मौके पर दूसरे पक्ष के विरुद्ध एफआईआर दर्ज करवाई।

सहसपुर से होरावाला-कोटडा तक तीन वर्ष पहले बसों का संचालन बंद होने पर कुछ समय पहले से टाटा मैजिकों का संचालन भी बंद होने से इलाके में ग्रामीणों को आवागमन में हो रही परेशानी की शिकायत पर रोडवेज परिवहन को तत्काल बसों के संचालन हेतु आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।

सेलाकुई नगर पालिका के पर्यावरण मित्र सौरभ ने विगत पांच महीनों से वेतन न मिलने की ईओ नगर पालिका को संबंधित ठेकेदार के विरुद्ध एक्शन लेते हुए पर्यावरण मित्रों का मानदेय भुगतान कराने के निर्देश दिए।

शाकुम्भरी गौ रक्षा सेवा समिति के पदाधिकारियों ने निराश्रित गौवंश के आश्रय के लिए भूमि उपलब्ध कराने की मांग पर एसडीएम और सीवीओ को भूमि चयन करते हुए गौवंश संचालन हेतु तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।
ग्राम पंचायत कांडी च्यामा गाता के अंतर्गत ग्राम गाता में जल जीवन मिशन के तहत स्वीकृत पेयजल योजना के टैंक व चौंबर का निर्माण न होने के बावजूद पेयजल लाइन का भुगतान करने की शिकायत पर सीडीओ को जल जीवन मिशन के नोडल अधिकारी से 05 जनवरी तक रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। ग्राम भट्ोवाला ऋषिकेश में बिला जल कनेक्शन के पानी के बिल जारी किए जाने शिकायत पर सीडीओ को जांच सौंपी।

ग्राम धनपौ से लोहारी तक दैवीय आपदा से क्षतिग्रस्त पैदल मार्ग की मरम्मत न होने की शिकायत पर एसडीमए चकराता को पैदल मार्ग की मरम्मत का प्रस्ताव शीघ्र उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

ग्राम भट्ोवाला में लोक निर्माण विभाग द्वारा निर्मित सार्वजनिक मार्ग पर अवैध कब्जा करते हुए दीवार निर्माण करने तथा मार्ग को निजी भूमि बताने की शिकायत पर एसडीएम ऋषिकेश एवं एक्शन लोनिवि को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। अजबपुर कलां में सरकारी भूमि पर कब्जा करने की शिकायत पर उप नगर आयुक्त को तत्काल अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए।

जन सुनवाई में मोहना निवासी मोहन सिंह, सुशीला देवी, कालू राम आदि ने बताया कि 50-60 वर्षाे से मजदूरी करते हुए मोहना में निवास करते है। उन्होंने भूमि का पट्टा दिलाए जाने की गुहार लगाई। इस दौरान पीडित लोगों ने भूमि का सीमांकन, रजिस्ट्री, अवैध कब्जा हटवाने से जुड़ी तमाम शिकायतें और समस्याएं जिलाधिकारी के समक्ष रखी। जनता दरबार में एसडीमए स्मृता परमार, एसडीएम अपूर्वा सिंह, एसडीएम विनोद कुमार, परियोजना निदेशक विक्रम सिंह, जिला प्रोबेशन अधिकारी मीना बिष्ट, जिला समाज कल्याण अधिकारी दीपांकर घिल्डियाल सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद थे।

स्कूलों में गूंजेंगे श्रीमद्भागवत गीता के श्लोक, धामी सरकार ने किया अनिवार्य

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‘देवभूमि’ उत्तराखंड में स्कूली शिक्षा को लेकर सरकार ने एक बड़ा और अहम फैसला लिया है। राज्य सरकार ने प्रदेश के सभी स्कूलों में श्रीमद्भागवत गीता के श्लोकों का पाठ अनिवार्य कर दिया है। इस निर्णय का उद्देश्य नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति, नैतिक मूल्यों और जीवन जीने की कला से परिचित कराना है।

क्या है नया आदेश?

शिक्षा विभाग द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, यह व्यवस्था राज्य के सभी सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूलों में लागू की जाएगी। यद्यपि अभी विस्तृत रूपरेखा सामने आनी बाकी है, लेकिन माना जा रहा है कि स्कूलों में सुबह की प्रार्थना सभा (मॉर्निंग असेंबली) के दौरान छात्रों द्वारा गीता के श्लोकों का सस्वर पाठ किया जाएगा। यह पाठ दैनिक दिनचर्या का हिस्सा होगा।

सरकार का तर्क – नैतिक मूल्यों का होगा विकास

सरकार का मानना है कि श्रीमद्भागवत गीता केवल एक धार्मिक ग्रंथ तक सीमित नहीं है, बल्कि यह संपूर्ण मानवता के लिए जीवन जीने का एक मार्गदर्शक दर्शन है। सरकार का तर्क है कि आज के प्रतिस्पर्धी दौर में छात्रों को मानसिक तनाव से निपटने के लिए गीता की शिक्षाएं मददगार साबित होंगी।

कर्तव्य बोध – गीता कर्म प्रधान ग्रंथ है, जो छात्रों को उनके कर्तव्यों के प्रति जागरूक करेगा।

सांस्कृतिक जुड़ाव: इससे बच्चे अपनी जड़ों और प्राचीन भारतीय ज्ञान परंपरा से जुड़ सकेंगे।

उत्तराखंड सरकार के इस कदम को शिक्षा में सांस्कृतिक मूल्यों को शामिल करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है। कई शिक्षाविदों और सामाजिक संगठनों ने इस फैसले का स्वागत किया है, उनका कहना है कि इससे छात्रों के चरित्र निर्माण में मदद मिलेगी।
हालाँकि, शिक्षा के धर्मनिरपेक्ष ढांचे में किसी एक धार्मिक ग्रंथ को अनिवार्य करने पर कुछ स्तरों पर बहस छिड़ने की भी संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है।

बहरहाल, अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि इस आदेश का जमीनी स्तर पर किस तरह से क्रियान्वयन किया जाता है और स्कूली पाठ्यक्रम के साथ इसका सामंजस्य कैसे बैठाया जाएगा।

आईएसबीटी क्षेत्र में सख्ती: निकासी गेट का अवैध निर्माण ध्वस्त, चौकी शिफ्ट व यातायात सुधार के निर्देश

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देहरादून, दिनांक 22 दिसम्बर 2025 (सूवि) जिलाधिकारी  सविन बंसल ने आज अंतर्राज्यीय बस टर्मिनल (आईएसबीटी) क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने यातायात व्यवस्था, पार्किंग, निकासी मार्ग एवं अव्यवस्थित गतिविधियों का गहन जायजा लिया तथा संबंधित विभागों को मौके पर ही आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
 
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने हरिद्वार बाईपास की तरफ आईएसबीटी फ्लाई ओवर के समीप सड़क किनारे खाली बड़ी खाली जगह पर टाइल्स लगाकर सुव्यवस्थित पार्किंग विकसित करने के निर्देश दिए, जिससे यात्रियों एवं आमजन को जाम की समस्या से राहत मिल सके। दिल्ली जाने वाली बसों के लिए बनाए गए निकासी गेट के बंद पाए जाने पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की तथा एमडीडीए को तत्काल गेट खोलने के निर्देश दिए। पूर्व में दिए गए निर्देशों का अनुपालन न होने पर उन्होंने संबंधित एआरएम के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए।
 
जिलाधिकारी ने फ्लाईओवर के नीचे अवैध कट बंद करते हुए सुरक्षित क्रॉसओवर बनाए जाने के निर्देश दिए। साथ ही फ्लाईओवर के नीचे व्यवस्थित पार्किंग विकसित करने तथा निकासी गेट के समीप बनी पुलिस चौकी को अन्यत्र स्थानांतरित करने के निर्देश दिए। उन्होंने आईएसबीटी गेट के पर किए गए निर्माण को ध्वस्त कर निकासी गेट को पूर्ण रूप से सुचारू करने के निर्देश भी दिए गए। ताकि यातायात सुचारू रूप से संचालित हो सके। जिलाधिकारी ने आरटीओ को सड़क किनारे अवैध रूप से खड़े वाहनों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
 
जिलाधिकारी ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएच) के अधिकारियों को आईएसबीटी के समीप राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे टाइल्स लगाकर पार्किंग विकसित करने के निर्देश दिए। इसके लिए जिलाधिकारी द्वारा मौके पर ही आवश्यक धनराशि की स्वीकृति भी प्रदान की गई।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि आईएसबीटी क्षेत्र में किसी भी प्रकार की अव्यवस्था, अतिक्रमण अथवा यातायात बाधा को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और निर्देशों के अनुपालन में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।
 
निरीक्षण के दौरान मुख्य नगर आयुक्त नगर निगम नमामी बंसल, पुलिस अधीक्षक नगर प्रमोद कुमार, नगर मजिस्टेªट प्रत्युष सिंह, उप जिलाधिकारी सदर हरिगिरि, संभागीय परिवहन अधिकारी अनिता चमोला, एमडीडीए, एनएच के अधिकारी उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हेमवती नंदन बहुगुणा स्टेडियम, अल्मोड़ा में सांसद खेल महोत्सव का किया शुभारंभ

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हेमवती नंदन बहुगुणा स्टेडियम, अल्मोड़ा में सांसद खेल महोत्सव का शुभारंभ करने के साथ ही खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया। इस अवसर पर विभिन्न खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को पुरस्कृत कर अल्मोड़ा जनपद में खेलों को प्रोत्साहित करने हेतु विभिन्न घोषणाएं भी की।

प्रदेश में खेल और खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए खेल इंफ्रास्ट्रक्चर को लगातार सुदृढ़ बनाया जा रहा है। इसी का परिणाम है कि आज प्रदेश के खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना रहा हैं।

प्रदेश में 23 खेल अकादमियों के विकास की दिशा में तेज़ी से कार्य हो रहा है। इसके साथ ही हल्द्वानी में राज्य के पहले खेल विश्वविद्यालय तथा चंपावत में पहले महिला स्पोर्ट्स कॉलेज की स्थापना जैसे ऐतिहासिक कदम उठाए जा रहे हैं।

आउटसोर्सिंग भर्तियों के विरोध में बेरोजगार संघ का सचिवालय कूच, बड़े आंदोलन की चेतावनी

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राजधानी देहरादून की सड़कों पर एक बार फिर युवा बेरोजगार सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करने उतरे। इस बार बेरोजगार संघ के निशाने पर राज्य के सरकारी विभागों में हो रही आउटसोर्सिंग भर्तियां है जिनको समाप्त करने की मांग को लेकर उत्तराखंड बेरोजगार संघ ने प्रदर्शन करते हुए सचिवालय कूच किया। बेरोजगार संघ ने प्रदर्शन करते हुए सरकार से आउटसोर्सिंग भर्ती को समाप्त करने और कनिष्ठ अभियंता भर्ती के लिए विज्ञापन जारी करने की मांग की।

आउटसोर्सिंग भर्तियों को समाप्त करने की मांग पर प्रदर्शन

उत्तराखंड बेरोजगार संघ के सैकड़ो की संख्या में देहरादून के परेड ग्राउंड में इकट्ठा हुए युवाओं ने सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए सचिवालय कूच किया इस दौरान हाथों में स्लोगन लिखे बैनर लिए युवाओं ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की। प्रदर्शन कर रहे युवा बेरोजगार संघ के कार्यकर्ताओं ने सरकार से सरकारी विभागों में आउटसोर्सिंग माध्यम से भरे जा रहे पदों पर अपना विरोध प्रदर्शन किया इन युवाओं ने सरकार से मांग की है कि सरकार को आउटसोर्सिंग भर्तियों को समाप्त कर देना चाहिए या फिर भर्ती परीक्षा आयोजित करने वाले आयोग को बर्खास्त कर देना चाहिए।

बेरोजगार संघ के अध्यक्ष ने दी आंदोलन की चेतावनी

देहरादून की सड़कों पर आउटसोर्सिंग भर्ती को समाप्त करने और नई भर्तियों के विज्ञापन जारी करने की मांग पर प्रदर्शन कर रहे बेरोजगार संघ के अध्यक्ष राम कंडवाल ने कहा कि पिछले चार-पांच सालों से JE और AE की भर्ती नहीं निकल गई है और विभाग में आउटसोर्सिंग माध्यम से भारतीय कर ली गई और जिन लोगों को आउटसोर्सिंग के जरिए भर्ती किया गया अब वह खुद के नियमितीकरण की बात कर रहे है राम कंडवाल ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि या तो सरकार आयोग को भंग कर दे और सारी भर्तियों को उपनल और आउटसोर्सिंग के माध्यम से निकले या फिर आउटसोर्सिंग को समाप्त कर दे नहीं तो आज एक ट्रेलर दिखाया है पिक्चर अभी बाकी है।

क्रिसमस और नए साल के जश्न के लिए तैयार सरोवर नगर, ट्रैफिक रूट किया तय

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नैनीताल में क्रिसमस, न्यू ईयर पार्टी के लिए पुलिस प्रशासन ने गाइडलाइन जारी कर दी है.

हल्द्वानी: पर्यटन डेस्टिनेशन नैनीताल में क्रिसमस, कार्निवल, 31st और नए साल को लेकर प्रशासन अलर्ट मोड पर है. पर्यटकों की यात्रा सुगम हो इसके लिए पुलिस प्रशासन ने रूट प्लान तैयार किया है. साथ ही पर्यटक स्थलों के होटल एसोसिएशन के साथ बैठक कर अतिथि सत्कार की अपील प्रशासन द्वारा की गई है.

नैनीताल जिले में अगले दो सप्ताह चुनौती भरे रहने वाले हैं क्योंकि विंटर कार्निवाल, क्रिसमस और 31st के साथ-साथ शीतकालीन पर्यटन का शानदार आगाज होने वाला है. लिहाजा यातायात व्यवस्था से लेकर पर्यटकों को असुविधा न हो यह जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती है. क्रिसमस और 31st के मौके पर नैनीताल पर्यटकों से गुलजार रहता है, देश विदेश के सैलानी यहां घूमने के लिए आते हैं. वीकेंड में पर्यटक कैंची धाम में बाबा के दर्शन के लिए पहुंचते हैं. ऐसे में पुलिस प्रशासन ने जहां विशेष यातायात व्यवस्था की तैयारी कर दी है, तो वहीं जिला प्रशासन ने होटल एसोसिएशन से बेहतर व्यवस्था बनाए रखने और रेट लिस्ट तैयार करने के निर्देश दिए हैं. पर्यटकों को यातायात के दौरान कोई भी परेशानी नहीं आए इसके लिए पर्यटकों को रामनगर, नैनीताल और कैंची धाम भवाली और भीमताल की ओर जाने वाले पर्यटकों के लिए रूट तय किए गए हैं. इतना ही नहीं अलग अलग रूट में जाने वाले वाहनों को जनपद में प्रवेश के दौरान बैरिकेडिंग में स्टीकर लगा कर आगे को भेजा जाएगा.

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मंजूनाथ टीसी ने बताया कि 22 दिसंबर से 7 जनवरी तक जनपद में कार्निवल, क्रिसमस, 31st, न्यू ईयर के साथ साथ पर्यटक सीजन है. इसको देखते हुए पुलिस प्रशासन ने सभी तैयारी पूरी कर ली हैं. पुलिस सभी अधिकारियों के साथ कोऑर्डिनेशन बैठक कर चुकी है. पर्यटकों की यात्रा सुगम हो इसकी रूपरेखा भी तैयार की जा चुकी है. जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने बताया कि अतिथि भावना के साथ नैनीताल में पर्यटकों का स्वागत हो इसका पूरा ध्यान रखा जाएगा. होटल एसोसिएशन के साथ बैठक की जा चुकी है. जनपद पर्यटकों के स्वागत के लिए खड़ा है.

देहरादून में वकीलों ने किया घंटाघर जाम:2-2KM तक गाड़ियां फंसी, कोर्ट का कामकाज ठप

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देहरादून में आज वकीलों ने घंटाघर जाम कर दिया, जिससे राजपुर, प्रेमनगर, रेलवे स्टेशन और बस अड्डे को जाने वाली रोड में 2 किलोमीटर लंबा जाम लग रहा है। बार एसोसिएशन देहरादून के वकीलों ने चैंबर निर्माण की मांग को लेकर सोमवार को घंटाघर पर चक्का जाम कर जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान वकीलों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों को लेकर नाराजगी जताई। आंदोलन के चलते पूरे दिन न्यायालयों और कार्यालयों का कामकाज पूरी तरह ठप रहा।

सुबह करीब 11 बजे वकील विधि भवन के हाल में इक्ट्ठा हुए। इसके बाद 11:30 बजे गांधी रोड और दर्शन लाल चौक होते हुए सभी वकील घंटाघर पहुंचे, जहां उन्होंने चक्का जाम कर दिया। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में अधिवक्ताओं की भागीदारी रही। आंदोलन में शामिल वकीलों ने रजिस्टर में हस्ताक्षर कर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।

बार एसोसिएशन देहरादून के अध्यक्ष मनमोहन कंडवाल ने कहा कि वकील लंबे समय से शांतिपूर्वक धरना दे रहे थे और उनका उद्देश्य किसी को परेशान करना नहीं था। उन्होंने कहा कि

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हम जनता को परेशान नहीं करना चाहते, क्योंकि हम जनता से ही जुड़े हुए हैं। सरकार से लगातार बातचीत हो रही है, लेकिन अब तक कोई ठोस आश्वासन नहीं मिला। कुछ मंत्रियों ने समर्थन जरूर दिया, लेकिन जमीन पर कोई कार्रवाई नहीं हुई

उत्तराखंड : स्कूल में घुसा भालू, बच्चे को उठाया, शिक्षकों-बच्चों की हिम्मत से जान बची

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पोखरी (चमोली): उत्तराखंड के चमोली जिले के पोखरी क्षेत्र में सोमवार सुबह एक भयावह घटना ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी। जूनियर हाईस्कूल हरिशंकर में कक्षा 6 के छात्र आरव को एक भालू ने स्कूल परिसर से उठा लिया। गनीमत रही कि शिक्षकों और अन्य बच्चों ने तुरंत हिम्मत दिखाई और भालू से बच्चे को छुड़ाकर उसकी जान बचा ली। बच्चे पर भालू के नाखूनों के निशान आए हैं, लेकिन वह खतरे से बाहर है।

घटना सुबह स्कूल के समय हुई। आरव क्लास में थे, जब भालू स्कूल परिसर में घुस आया। बच्चे दहशत में कमरे में छिप गए। भालू ने दरवाजा तोड़ने की कोशिश की, लेकिन आरव को उठाकर झाड़ियों की ओर ले गया। कुछ बहादुर बच्चे और शिक्षकों ने तुरंत दौड़कर भालू पर शोर मचाया और बच्चे को झाड़ियों से निकाल लिया। आरव को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है।

स्कूल में अफरा-तफरी मच गई। बच्चे रोने लगे और पूरा परिसर भय के साए में डूब गया। शिक्षकों ने बताया कि दो दिन पहले भी इसी स्कूल के एक छात्र पर रास्ते में भालू ने हमला किया था। लगातार हो रही ऐसी घटनाओं से स्कूल जाने वाले बच्चों और जंगल में चारा-पत्ती लेने वाली महिलाओं में खौफ का माहौल है।

वन विभाग की ओर से सुरक्षा उपाय थानो वन रेंज के अंतर्गत पहाड़ी इलाकों में भालू के बढ़ते आतंक को देखते हुए वन विभाग ने विशेष कदम उठाए हैं। वन प्रहरियों की छह सदस्यीय टीम बनाई गई है, जो भालू संभावित क्षेत्रों के स्कूलों में बच्चों को सुरक्षित पहुंचाने का काम कर रही है। साथ ही, घास-लकड़ी जुटाने वाली महिलाओं के साथ भी वन प्रहरी जंगल तक जाते हैं।

इसके अलावा, संभावित क्षेत्रों में सोलर लाइट लगाई गई हैं और भालू को पकड़ने के लिए पिंजरे भी स्थापित किए गए हैं। हाल ही में गडूल पंचायत के कमेठ (सोड) गांव में दो भालुओं ने एक महिला को गंभीर रूप से घायल कर दिया था, जिसके बाद पूरे क्षेत्र में भालू हमलों का खतरा बढ़ गया है।