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कुलदीप यादव की शादी से चर्चा में मसूरी, बन रही सेलिब्रिटी वेडिंग डेस्टिनेशन

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मसूरी बन रही सेलिब्रिटी डेस्टिनेशन वेडिंग हब, कुलदीप यादव की शादी से फिर चर्चा में ‘क्वीन ऑफ हिल्स’

Mussoorie को लंबे समय से “क्वीन ऑफ हिल्स” के रूप में जाना जाता है, लेकिन अब यह केवल पर्यटन स्थल नहीं रह गया है। अपनी प्राकृतिक खूबसूरती और लग्जरी होटल्स की वजह से मसूरी तेजी से सेलिब्रिटी डेस्टिनेशन वेडिंग के नए केंद्र के रूप में उभर रही है।

देहरादून से करीब 45 मिनट की दूरी पर स्थित इस हिल स्टेशन में Kuldeep Yadav की शादी को लेकर इन दिनों खास चर्चा है। 13–14 मार्च को यह हाई-प्रोफाइल समारोह Welcomhotel The Savoy में आयोजित होने जा रहा है, जिसने एक बार फिर मसूरी को राष्ट्रीय सुर्खियों में ला दिया है।

प्राकृतिक सुंदरता बना रही खास वेडिंग डेस्टिनेशन

पर्वत शिखरों, दून घाटी के मनोरम दृश्यों और शांत वातावरण के कारण मसूरी शादी के लिए बेहद रोमांटिक माहौल प्रदान करती है।पर्यटन कारोबारियों का कहना है कि बीते कुछ वर्षों में यहां निजी हाई-प्रोफाइल समारोह और डेस्टिनेशन वेडिंग का चलन तेजी से बढ़ा है।

आसान पहुंच और लग्जरी रिसॉर्ट्स का आकर्षण

मसूरी होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष Sanjay Agarwal के अनुसार दिल्ली-एनसीआर से आसान पहुंच, प्राकृतिक सौंदर्य और लग्जरी रिसॉर्ट्स की मौजूदगी इसे बड़े आयोजनों के लिए बेहद आकर्षक बनाती है।

शहरों की भीड़भाड़ से दूर शांत वातावरण और खूबसूरत नज़ारे यहां होने वाली शादियों को यादगार अनुभव बना देते हैं।

क्रिकेट सितारों की भी पसंद

मसूरी में सेलिब्रिटी शादियों की चर्चा तब और बढ़ी जब विकेटकीपर बल्लेबाज Rishabh Pant की बहन की शादी यहां भव्य तरीके से आयोजित हुई थी।

इस समारोह में क्रिकेट जगत की कई बड़ी हस्तियां शामिल हुई थीं, जिनमें:

  • Mahendra Singh Dhoni

  • Suresh Raina

  • Gautam Gambhir

जैसे नाम प्रमुख थे। अब कुलदीप यादव की शादी के साथ मसूरी फिर से क्रिकेट जगत की नजरों में आ गई है।

मशहूर हस्तियों की पसंदीदा जगह

मसूरी लंबे समय से देश-विदेश की मशहूर हस्तियों के लिए पसंदीदा पर्यटन स्थल रही है। महान बल्लेबाज Sachin Tendulkar भी कई बार परिवार के साथ यहां छुट्टियां बिताने आ चुके हैं।

शांत वातावरण, हरियाली और औपनिवेशिक दौर की विरासत मसूरी को खास बनाती है। यही वजह है कि आने वाले समय में यहां सेलिब्रिटी डेस्टिनेशन वेडिंग और निजी आयोजनों की संख्या और बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है।

तीन से ज्यादा बच्चों वाले परिवारों पर रोक की मांग, विधानसभा में उठा मुद्दा

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विधानसभा में जनसंख्या नियंत्रण कानून की मांग, विधायक शिव अरोरा ने उठाया मुद्दा

Gairsain में चल रहे विधानसभा सत्र के दौरान Shiv Arora ने राज्य में जनसंख्या नियंत्रण कानून लागू करने की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि Uttarakhand में जैसे Uniform Civil Code लागू किया गया, उसी तरह जनसंख्या नियंत्रण के लिए भी कानून लाने पर सरकार को विचार करना चाहिए।

तीन से अधिक बच्चों वाले परिवारों पर रोक लगाने का सुझाव

विधानसभा में अध्यक्ष के समक्ष अपनी बात रखते हुए विधायक शिव अरोरा ने कहा कि यदि राज्य सरकार जनसंख्या नियंत्रण कानून लाती है तो तीन से अधिक बच्चों वाले परिवारों को सरकारी सुविधाओं से वंचित किया जाना चाहिए

उन्होंने सुझाव दिया कि ऐसे परिवारों को मिलने वाली सुविधाएं जैसे: सरकारी राशन आयुष्मान कार्ड से मुफ्त इलाज गैस सिलेंडर सरकारी योजनाओं का लाभ जैसी सुविधाएं बंद कर दी जानी चाहिए।

उत्तराखंड विधानसभा में जनसंख्या नियंत्रण कानून की मांग, विधायक शिव अरोरा का बड़ा बयान

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सरकारी सुविधाओं पर रोक का सुझाव, भाजपा विधायक ने उठाया जनसंख्या कानून का मुद्दा

उत्तराखंड में जनसंख्या नियंत्रण कानून लाने की मांग तेज

डेमोग्राफी बदलाव का मुद्दा भी उठाया

विधायक शिव अरोरा ने सदन में कहा कि राज्य में डेमोग्राफिक बदलाव को लेकर चिंता जताई जा रही है और इसे रोकने के लिए जनसंख्या नियंत्रण कानून जरूरी है। उन्होंने कहा कि यह मुद्दा केवल मैदानी जिलों तक सीमित नहीं है, बल्कि पर्वतीय क्षेत्रों में भी जनसंख्या संरचना में बदलाव देखने को मिल रहा है।

यूसीसी की तरह कानून लाने की मांग

मीडिया से बातचीत में विधायक शिव अरोरा ने कहा कि जैसे उत्तराखंड देश का पहला राज्य बना जहां समान नागरिक संहिता लागू हुई, उसी तरह राज्य सरकार को जनसंख्या नियंत्रण कानून लागू करने की दिशा में भी कदम उठाना चाहिए।उन्होंने कहा कि राज्य के संसाधनों और बजट पर बढ़ती आबादी का प्रभाव पड़ रहा है, इसलिए इस विषय पर गंभीरता से विचार करने की आवश्यकता है।

विधानसभा बजट सत्र के बीच DGP का जवानों से सीधा संवाद

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बजट सत्र में तैनात पुलिस बल का बढ़ाया मनोबल, DGP दीपम सेठ ने जवानों से किया संवाद

Deepam Seth ने विधानसभा बजट सत्र के दौरान सुरक्षा व्यवस्था में तैनात पुलिस बल का मनोबल बढ़ाने के लिए जवानों और अधिकारियों से सीधा संवाद किया। यह संवाद Bharadisain Assembly Complex में आयोजित विधानसभा बजट सत्र के दौरान ड्यूटी पर तैनात पुलिस कर्मियों के साथ किया गया।

विभिन्न बलों के जवानों से की बातचीत

डीजीपी ने ड्यूटी पर तैनात जिला पुलिस, पीएसी, एसडीआरएफ, फायर सर्विस, अभिसूचना और आईआरबी के अधिकारियों व कर्मचारियों से बातचीत की।

इन सभी बलों के जवान विधानसभा सत्र के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद बनाए रखने के लिए तैनात हैं।

कठिन परिस्थितियों में ड्यूटी निभा रहे जवान

डीजीपी दीपम सेठ ने विषम भौगोलिक परिस्थितियों में ड्यूटी कर रहे जवानों से उनकी चुनौतियों और ड्यूटी से जुड़ी कठिनाइयों के बारे में विस्तार से जानकारी ली।

उन्होंने सुरक्षा व्यवस्थाओं, रहने-खाने की सुविधाओं और ड्यूटी से संबंधित व्यवस्थाओं को लेकर भी फीडबैक लिया।

कर्तव्यनिष्ठा की सराहना

इस दौरान डीजीपी ने जवानों की कर्तव्यनिष्ठा और समर्पण की सराहना की और कहा कि पुलिस बल की मेहनत और सतर्कता से ही विधानसभा सत्र शांतिपूर्ण और सुरक्षित तरीके से संचालित हो पाता है।

उन्होंने जवानों का हौसला बढ़ाते हुए उन्हें पूरी निष्ठा और जिम्मेदारी के साथ अपनी ड्यूटी निभाने के लिए प्रेरित किया।

गैस एजेंसियों पर बड़ी निगरानी, अवैध रिफिलिंग पर होगी जेल

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एलपीजी गैस अवैध संग्रहण, कालाबाजारी पर अब सीधे जेल; आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 व बीएनएस के प्राविधानों के अन्तर्गत होगी कार्यवाही, डीएम ने दिए निर्देश

एजेसियों पर गैस वितरण का अवैध संग्रहण, व्ययपर्वतन बिचौंलियों की संलिप्तता, अवैध रिफिलिंग पाए जाने पर  गैस एजेंसियों होगी सील

एलपीजी गैस वितरण समस्या निस्तारण  डीएम ने स्थापित किया कन्ट्रोलरूम 1077, 0135-2626066,2726066 वाट्सएप्प नम्बर 7534826066 पर करें सम्पर्क;

एडीएम के निर्देशन में डीएसओ, सहित रोज सुबह 1 घंटा बैठेगें तेल कम्पनियों के प्रतिनिधि गैस सम्बन्धी शिकायतों व प्रिन्ट सोशल मीडिया इनपुटस का करेंगे निस्तारण

1 दफा बुकिंग के पश्चात 25 दिन रहेगा लॉकइन समय; 25 दिन उपरांत ही करा सकेंगे दूसरी बुकिंग;

डीएम की जनमानस से अपील अफवाहों में आकर पैनिक न करें, गैस से सम्बन्धित शिकायत कन्ट्रोलरूम में कराएं दर्ज

गैस ऐजेसियों को बल्क मैसेज, फ्लेक्सी के माध्यम से जागरूक करने के निर्देश

उप जिलाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में सीओ व पूर्ति निरीक्षक संग गैस एजेंसियों पर छापेमारी करने के निर्देश

72 की 72 गैस एजेंसियों के गोडाउन की लोकेशन प्रशासन के रडार पर

उत्तराखंड में मेधावी छात्रों के लिए ‘वरदान’ बनी छात्रवृत्ति योजना, 21 हजार बच्चों को मिला लाभ

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मेधावी छात्रों के लिए ‘वरदान’ बनी छात्रवृत्ति योजनाएं, 21 हजार से अधिक बच्चों को मिला लाभ

Uttarakhand में मेधावी छात्रों को प्रोत्साहित करने के लिए राज्य सरकार की छात्रवृत्ति योजनाएं बड़ी राहत साबित हो रही हैं। सरकार द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं के तहत अब तक 21,743 से अधिक छात्रों को छात्रवृत्ति दी जा चुकी है। इन योजनाओं के माध्यम से सरकार ने कुल 17 करोड़ 67 लाख 77 हजार 300 रुपये की राशि वितरित की है।

राज्य सरकार का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहन देना है, ताकि शिक्षा के क्षेत्र में उनकी प्रतिभा को उचित मंच मिल सके।

मुख्यमंत्री मेधावी छात्र प्रोत्साहन योजना से सबसे अधिक लाभ

प्रदेश में चल रही Mukhyamantri Medhavi Chhatra Protsahan Scholarship Scheme के तहत सबसे अधिक छात्रों को लाभ मिला है।

इस योजना के अंतर्गत अब तक 17,852 मेधावी छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति प्रदान की गई है।

विधानसभा के बजट सत्र के दौरान शिक्षा मंत्री Dhan Singh Rawat ने जानकारी देते हुए बताया कि इस योजना के तहत कक्षा 6 से 12 तक के मेधावी छात्रों को 600 से 1200 रुपये तक की छात्रवृत्ति दी जा रही है।

अन्य छात्रवृत्ति योजनाओं से भी मिल रहा लाभ

राज्य सरकार द्वारा मेधावी छात्रों के लिए कई अन्य योजनाएं भी संचालित की जा रही हैं, जिनमें प्रमुख हैं:

  • Shridev Suman State Merit Scholarship Scheme – अब तक 3,289 छात्रों को लाभ

  • Dr Shivanand Nautiyal Memorial Scholarship Scheme527 छात्रों को छात्रवृत्ति

  • National Indian Military College Scholarship – मेधावी विद्यार्थियों को सहायता

इसके अलावा राज्य सरकार प्रदेश से बाहर सैनिक स्कूलों में पढ़ रहे मेधावी छात्रों को भी छात्रवृत्ति प्रदान कर रही है।

मेधावी छात्रों के लिए सरकार का विशेष फोकस

सरकार का मानना है कि शिक्षा ही राज्य के भविष्य को मजबूत बनाने का आधार है। इसलिए प्रतिभाशाली छात्रों को आर्थिक सहायता देकर उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। राज्य सरकार की इन योजनाओं से हजारों विद्यार्थियों को पढ़ाई जारी रखने में मदद मिल रही है और शिक्षा के क्षेत्र में उनकी उपलब्धियों को नई दिशा मिल रही है।

गैरसैंण से धामी ने गिनाईं उपलब्धियां, विकास और सुशासन पर जोर

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विकल्प रहित संकल्प के साथ विकास की राह पर उत्तराखंड: मुख्यमंत्री धामी

Pushkar Singh Dhami ने कहा कि राज्य सरकार विकास, सुशासन और जनकल्याण के “विकल्प रहित संकल्प” के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने बुधवार को Bharadisain Assembly Complex में स्थित विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव का जवाब देते हुए सरकार की उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं का विस्तृत खाका प्रस्तुत किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य Uttarakhand को समृद्ध, सशक्त और आत्मनिर्भर राज्य बनाना है, जिसके लिए निरंतर विकास कार्य किए जा रहे हैं।

शहीदों और आंदोलनकारियों को नमन

अपने संबोधन की शुरुआत करते हुए मुख्यमंत्री ने देवभूमि के देवी-देवताओं, देश के लिए बलिदान देने वाले शहीदों और उत्तराखंड राज्य आंदोलन के सेनानियों को नमन किया। उन्होंने कहा कि आंदोलनकारियों के संघर्ष और त्याग के कारण ही आज उत्तराखंड विकास की नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ रहा है।

गैरसैंण पहाड़ की उम्मीदों का प्रतीक

मुख्यमंत्री ने कहा कि Gairsain सरकार के लिए केवल एक भौगोलिक स्थान नहीं बल्कि पहाड़ की आकांक्षाओं, उम्मीदों और स्वाभिमान का प्रतीक है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने अपनी नीतियों और योजनाओं में गैरसैंण की भावना को केंद्र में रखा है।

अटल जी के सपने को आगे बढ़ाने का संकल्प

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड राज्य के गठन का श्रेय पूर्व प्रधानमंत्री Atal Bihari Vajpayee को जाता है।
उन्होंने कहा कि आज प्रधानमंत्री Narendra Modi के मार्गदर्शन में राज्य को नई दिशा और गति मिल रही है।

उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के उस कथन को भी याद किया जिसमें कहा गया था कि “21वीं सदी का तीसरा दशक उत्तराखंड का दशक होगा।”

ऐतिहासिक बजट से विकास को नई दिशा

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि वर्ष 2026-27 का बजट कई मायनों में ऐतिहासिक है। उन्होंने बताया कि राज्य का बजट आकार लगभग ₹1.11 लाख करोड़ है, जो पिछले वर्ष की तुलना में करीब 10 प्रतिशत अधिक है।

उन्होंने कहा कि यह बजट केवल आय-व्यय का दस्तावेज नहीं बल्कि राज्य के सवा करोड़ लोगों की आकांक्षाओं का प्रतिबिंब है। इसमें मातृशक्ति, युवाओं, किसानों, विज्ञान-नवाचार, संस्कृति और पर्यटन जैसे क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया गया है।

घोषणाओं को धरातल पर उतारने पर जोर

मुख्यमंत्री ने विपक्ष के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि सरकार केवल घोषणाएं नहीं करती बल्कि उन्हें समयबद्ध तरीके से पूरा भी करती है

उन्होंने बताया कि मुख्यसेवक के रूप में की गई 3885 घोषणाओं में से 2408 घोषणाएं पूरी हो चुकी हैं, जबकि बाकी पर तेजी से कार्य जारी है।

आर्थिक विकास में तेजी

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले चार वर्षों में राज्य की अर्थव्यवस्था में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।

  • राज्य की GSDP में तेजी से वृद्धि

  • प्रति व्यक्ति आय में लगभग 41% की बढ़ोतरी

  • राज्य का बजट ₹60 हजार करोड़ से बढ़कर ₹1.11 लाख करोड़ से अधिक

उन्होंने कहा कि निवेश, उद्योग और पर्यटन के क्षेत्र में भी तेजी से प्रगति हो रही है।

रोजगार और उद्योगों को बढ़ावा

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि रोजगार बढ़ाने के लिए सरकार ने 30 से अधिक नई नीतियां लागू की हैं।

इसके परिणामस्वरूप:

  • राज्य में 20 हजार से अधिक नए उद्योग स्थापित हुए

  • स्टार्टअप की संख्या 700 से बढ़कर लगभग 1750 हो गई

  • पर्यटन, होटल और होमस्टे क्षेत्र में रोजगार के अवसर बढ़े

नकल माफिया और भ्रष्टाचार पर सख्ती

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने नकल माफिया और भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है।

उन्होंने बताया कि उत्तराखंड में देश का सबसे सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया गया है। इसके बाद भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित हुई है और पिछले साढ़े चार वर्षों में 30 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी मिली है।

समान नागरिक संहिता जैसे ऐतिहासिक फैसले

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने कई ऐतिहासिक निर्णय लिए हैं।
उन्होंने कहा कि Uniform Civil Code लागू करने वाला उत्तराखंड देश का पहला राज्य बना है।

इसके साथ ही सरकार ने:

  • सख्त भू-कानून

  • धर्मांतरण विरोधी कानून

  • कानून-व्यवस्था को मजबूत करने वाले फैसले

जैसे महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं।

कनेक्टिविटी और इंफ्रास्ट्रक्चर में बड़ा निवेश

मुख्यमंत्री ने बताया कि केंद्र और राज्य सरकार के सहयोग से लगभग ₹2 लाख करोड़ से अधिक की विकास परियोजनाओं पर काम चल रहा है।

उन्होंने कहा कि Rishikesh–Karnaprayag Railway Project और Char Dham All Weather Road जैसी परियोजनाएं राज्य के विकास को नई गति देंगी।

किसानों, महिलाओं और युवाओं के लिए योजनाएं

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार किसानों की आय बढ़ाने के लिए कई योजनाएं चला रही है।

  • किसानों को ₹3 लाख तक ब्याज मुक्त ऋण

  • कृषि उपकरणों पर 80% तक सब्सिडी

  • करीब 1.70 लाख महिलाएं “लखपति दीदी” बन चुकी हैं

उन्होंने कहा कि युवाओं के लिए रोजगार, कौशल विकास और स्टार्टअप को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।

पर्यटन और संस्कृति को मिल रहा बढ़ावा

मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यटन राज्य की अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार है। इसलिए धार्मिक, साहसिक, ईको और वेलनेस पर्यटन को बढ़ावा दिया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि Kedarkhand और Manaskhand मंदिरों का विकास, शीतकालीन यात्रा और फिल्म पर्यटन से राज्य की पहचान वैश्विक स्तर पर मजबूत हो रही है।

विकसित उत्तराखंड का लक्ष्य

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन के अंत में कहा कि सरकार का लक्ष्य पर्यावरण और अर्थव्यवस्था के संतुलन के साथ सतत विकास सुनिश्चित करना है।

उन्होंने कहा कि सरकार का संकल्प है कि विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे, युवाओं को रोजगार मिले और उत्तराखंड देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो।

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हिंदू नववर्ष 2084: देहरादून में जलेेंगे 2100 दीप

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हिंदू नववर्ष 2084 पर देहरादून में जलेेंगे 2100 दीप, घंटाघर में होगा दीपोत्सव

हिंदू नववर्ष Hindu New Year (नववर्ष प्रतिपदा 2084) के अवसर पर Uttarakhand Brahman Samaj Mahasangh द्वारा 2100 दीप प्रज्ज्वलित किए जाएंगे। यह कार्यक्रम Ghantaghar Dehradun परिसर में 19 मार्च को शाम 7 बजे आयोजित होगा। यह निर्णय मंगलवार को महासंघ की बैठक में लिया गया, जिसमें शहर की विभिन्न ब्राह्मण संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

पूजा-अर्चना के बाद होगा दीपोत्सव

बैठक की अध्यक्षता करते हुए महासंघ के अध्यक्ष Ramprasad Gautam ने बताया कि हर वर्ष की तरह इस बार भी नववर्ष प्रतिपदा के अवसर पर घंटाघर परिसर में विधि-विधान से पूजा-अर्चना के बाद दीपोत्सव आयोजित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस अवसर पर 2100 दीप जलाकर नववर्ष का स्वागत किया जाएगा और सनातन परंपराओं को आगे बढ़ाने का संदेश दिया जाएगा।

ये होंगे कार्यक्रम के मुख्य अतिथि

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में Tapkeshwar Mahadev Temple के महंत Kishangiri Maharaj,
देहरादून के मेयर Saurabh Thapliyal और पूर्व मेयर Sunil Uniyal Gama को आमंत्रित किया जाएगा। ये सभी अतिथि पूजा-अर्चना के बाद दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ करेंगे।

ब्राह्मण संगठनों को भी आमंत्रण

महासंघ ने नगर के सभी ब्राह्मण संगठनों और सामाजिक संस्थाओं को भी कार्यक्रम में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया है, ताकि सनातन संस्कृति और परंपरा के उत्सव को सामूहिक रूप से मनाया जा सके।

स्वामी दामोदरानंद सरस्वती का हुआ स्वागत

बैठक में विशेष रूप से आमंत्रित Swami Damodaranand Saraswati का महासंघ के मुख्य संरक्षक SP Pathak, अध्यक्ष रामप्रसाद गौतम और VD Sharma द्वारा माल्यार्पण कर स्वागत किया गया।

स्वामी दामोदरानंद सरस्वती ने कहा कि मानव कल्याण और सनातन धर्म की रक्षा के लिए समाज को आगे आना होगा और ब्राह्मण समाज को अपने कर्तव्यों और दायित्वों का बोध होना चाहिए।

खेलभूमि उत्तराखंड की ओर बड़ा कदम, हर ब्लॉक में बनेगा स्पोर्ट्स स्टेडियम

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उत्तराखंड में हर ब्लॉक में बनेंगे मिनी स्टेडियम, धामी सरकार का बड़ा ऐलान

Pushkar Singh Dhami ने घोषणा की है कि Uttarakhand के हर ब्लॉक में मिनी स्टेडियम बनाए जाएंगे। खेल सुविधाओं को जमीनी स्तर तक पहुंचाने के लिए यह बड़ा कदम माना जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने बुधवार को विधानसभा के बजट सत्र के तीसरे दिन सदन को जानकारी देते हुए बताया कि वित्तीय वर्ष 2026–27 के बजट में हर ब्लॉक में मिनी स्टेडियम निर्माण का प्रावधान किया गया है

खेलभूमि के रूप में उभर रहा उत्तराखंड

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2025 में राज्य ने National Games 2025 की सफल मेजबानी की थी। इस आयोजन में उत्तराखंड ने 103 पदक जीतकर अपना अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन भी किया।

इस उपलब्धि के बाद राज्य को खेलभूमि उत्तराखंड के रूप में नई पहचान मिली है।

अंतरराष्ट्रीय स्तर का खेल ढांचा तैयार

राष्ट्रीय खेलों के आयोजन के लिए प्रदेश में अंतरराष्ट्रीय स्तर का खेल आधारभूत ढांचा तैयार किया गया था। अब सरकार इस ढांचे का अधिकतम उपयोग करने के लिए लेगेसी पॉलिसी (Legacy Policy) पर काम कर रही है।

इस नीति के तहत इन खेल परिसरों को स्पोर्ट्स एकेडमी के रूप में विकसित करने की योजना है, ताकि प्रदेश की युवा प्रतिभाओं को बेहतर प्रशिक्षण मिल सके।

बजट में मिनी स्टेडियम का प्रावधान

वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में हर ब्लॉक में मिनी स्टेडियम निर्माण का प्रावधान किया गया है। यह कदम ग्रामीण और पर्वतीय क्षेत्रों में खेल सुविधाओं को बढ़ाने के लिए अहम माना जा रहा है।

खेल मंत्री ने बताई निर्माण की रूपरेखा

प्रश्नकाल के दौरान खेल मंत्री Rekha Arya ने बताया कि पर्वतीय क्षेत्रों में मिनी स्टेडियम के निर्माण के लिए लगभग 1.18 एकड़ भूमि की आवश्यकता होगी। उन्होंने कहा कि एक मिनी स्टेडियम के निर्माण के लिए लगभग ₹1 करोड़ 70 लाख की राशि का प्रावधान किया गया है।सरकार का उद्देश्य है कि राज्य के हर ब्लॉक में आधुनिक खेल सुविधाएं उपलब्ध हों, जिससे ग्रामीण और पहाड़ी क्षेत्रों के युवा खिलाड़ियों को बेहतर अवसर मिल सके।

भराड़ीसैंण में सीएम धामी का बड़ा संदेश अग्निवीर कैडेट्स से संवाद

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भराड़ीसैंण में अग्निवीर कैडेट्स से बोले सीएम धामी: भविष्य की सुरक्षा सरकार की जिम्मेदारी

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami ने मंगलवार को Bhararisain में अग्निवीर सैनिकों के रूप में भर्ती होने वाले कैडेट्स के साथ संवाद किया। इस दौरान कैडेट्स ने मुख्यमंत्री से कई सवाल पूछे, जिनका उन्होंने सहजता और स्पष्टता के साथ जवाब दिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अग्निवीरों के भविष्य की सुरक्षा करना सरकार की जिम्मेदारी है और राज्य सरकार ने उनके लिए वर्दीधारी पदों में 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण की व्यवस्था भी की है।

सैनिकों के अनुशासन से मिली प्रेरणा

संवाद के दौरान कैडेट शंकर सिंह राणा ने मुख्यमंत्री से पूछा कि सैनिक परिवार से होने के बावजूद क्या उनका मन सेना में जाने का नहीं हुआ। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सेना में सेवा करना अत्यंत सम्मान की बात है।

उन्होंने बताया कि अपने पिता के साथ रहते हुए उन्होंने सैनिकों के अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा को करीब से देखा है। उसी भावना से वे प्रदेश के मुख्य सेवक के रूप में Uttarakhand की जनता की सेवा करने का प्रयास कर रहे हैं।

“प्रदेश की जनता ही मेरा परिवार”

कैडेट हिमांशु रौतेला ने मुख्यमंत्री से पूछा कि व्यस्त राजनीतिक जीवन में वे अपने परिवार को समय कैसे दे पाते हैं।

इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सार्वजनिक जीवन में जिम्मेदारियां बहुत बढ़ जाती हैं और उनके लिए प्रदेश के सभी लोग ही उनका परिवार हैं तथा हर गांव उनका अपना गांव है।

अग्निवीरों के लिए रोजगार की व्यवस्था

कैडेट ओ.पी. कण्डारी ने अग्निवीरों की सेवा अवधि पूरी होने के बाद रोजगार को लेकर सवाल पूछा।

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने वर्दीधारी सेवाओं में अग्निवीरों के लिए 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण का प्रावधान किया है। इसके अलावा केंद्र सरकार भी विभिन्न क्षेत्रों में अग्निवीरों को अवसर प्रदान कर रही है।

उन्होंने कहा कि हर अग्निवीर का भविष्य सुरक्षित करना सरकार की जिम्मेदारी है।

“धाकड़ धामी” की पहचान पर भी दिया जवाब

कैडेट रितेश पंवार ने मुख्यमंत्री से पूछा कि उन्हें “धाकड़ धामी” क्यों कहा जाता है। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि एक जनप्रतिनिधि का व्यवहार हमेशा सौम्य होना चाहिए, लेकिन राज्यहित और जनहित में कई बार साहसिक और कठोर निर्णय भी लेने पड़ते हैं।

उन्होंने बताया कि उत्तराखंड देश का पहला राज्य है जिसने Uniform Civil Code लागू किया है। इसके अलावा राज्य में नकल विरोधी कानून और दंगा विरोधी कानून भी लागू किए गए हैं।

सकारात्मक ऊर्जा का राज

कैडेट अमन सेमवाल ने मुख्यमंत्री से पूछा कि उनके चेहरे पर हमेशा मुस्कान का क्या राज है।

इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें कार्य करने की ऊर्जा और प्रेरणा प्रदेश की जनता के आशीर्वाद से मिलती है और सरकार जनभावनाओं के अनुरूप राज्य के विकास के लिए लगातार काम कर रही है।

सैनिकों के योगदान को किया नमन

मुख्यमंत्री ने अग्निवीरों और पूर्व सैनिकों को संबोधित करते हुए कहा कि उत्तराखंड की पहचान सैनिकों की भूमि के रूप में है और यहां लगभग हर परिवार से कोई न कोई सदस्य सेना या अर्द्धसैन्य बलों में सेवा दे रहा है।

उन्होंने कहा कि Narendra Modi के नेतृत्व में भारतीय सेना तेजी से आत्मनिर्भर बन रही है और रक्षा क्षेत्र में भारत का निर्यात भी लगातार बढ़ रहा है।

देहरादून में बन रहा भव्य सैन्यधाम

मुख्यमंत्री ने बताया कि सैनिकों और शहीदों के सम्मान में Dehradun में एक भव्य सैन्यधाम का निर्माण किया जा रहा है, जहां राज्य के वीर बलिदानियों की गौरवगाथाएं और स्मृतियां संजोई जाएंगी।

इस अवसर पर Ajay Kothiyal, पूर्व सैनिकगण, अग्निवीर कैडेट्स और अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

देवभूमि परिवार विधेयक-2026 उत्तराखंड में हर परिवार की बनेगी यूनिक ID

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देवभूमि परिवार विधेयक 2026: हर परिवार की बनेगी यूनिक ID, योजनाओं का लाभ मिलेगा सीधे

Pushkar Singh Dhami सरकार ने कल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और लाभार्थियों तक पारदर्शी तरीके से सहायता पहुँचाने के लिए “देवभूमि परिवार विधेयक-2026” को सदन के पटल पर पेश कर दिया है।

यह विधेयक लागू होने के बाद Uttarakhand में एकीकृत और सत्यापित परिवार आधारित डेटाबेस “देवभूमि परिवार” स्थापित किया जाएगा। इसका उद्देश्य विभिन्न विभागों में बिखरे लाभार्थी डेटा को एक मंच पर लाकर योजनाओं को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और समन्वित बनाना है।

परिवार की वरिष्ठ महिला होंगी मुखिया

प्रस्तावित व्यवस्था के अनुसार देवभूमि परिवार आईडी में परिवार के मुखिया के रूप में 18 वर्ष से अधिक आयु की वरिष्ठतम महिला सदस्य का नाम दर्ज किया जाएगा। सरकार का मानना है कि इससे महिलाओं की भागीदारी और सामाजिक सशक्तिकरण को भी बढ़ावा मिलेगा।

क्यों जरूरी है देवभूमि परिवार आईडी

वर्तमान में राज्य के अलग-अलग विभाग अपनी योजनाओं के लिए अलग-अलग लाभार्थी डेटाबेस का उपयोग करते हैं। इससे कई समस्याएं सामने आती हैं—

  • लाभार्थी डेटा का दोहराव

  • बार-बार सत्यापन की जटिल प्रक्रिया

  • विभागों के बीच समन्वय की कमी

  • योजनाओं के मूल्यांकन में कठिनाई

इन चुनौतियों को दूर करने के लिए राज्य सरकार एक एकीकृत परिवार-स्तरीय डेटा प्रणाली तैयार कर रही है।

बनेगा “Single Source of Truth”

इस विधेयक के लागू होने के बाद एक एकीकृत परिवार डेटा भंडार तैयार होगा, जो विभिन्न विभागों और एजेंसियों के लिए लाभार्थियों की जानकारी का विश्वसनीय स्रोत (Single Source of Truth) बनेगा।

इसके माध्यम से—

  • योजनाओं का लक्षित वितरण बेहतर होगा

  • जरूरतमंद परिवारों की सही पहचान संभव होगी

  • प्रशासनिक संसाधनों का बेहतर उपयोग होगा

डेटा सुरक्षा के लिए विशेष प्रावधान

सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह पूरी व्यवस्था Digital Personal Data Protection Act 2023 के प्रावधानों के अनुरूप संचालित की जाएगी।

इसमें नागरिकों के डेटा की सहमति, पारदर्शिता और सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी तथा विभागों के बीच सुरक्षित और विनियमित डेटा आदान-प्रदान प्रणाली विकसित की जाएगी।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के अनुसार यह विधेयक सुशासन की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा और इससे योजनाओं का लाभ अधिक प्रभावी ढंग से नागरिकों तक पहुंच सकेगा।

सदन में पेश किए गए अन्य महत्वपूर्ण विधेयक

इसके साथ ही विधानसभा में कई अन्य संशोधन और नए विधेयक भी प्रस्तुत किए गए, जिनमें—

  • उत्तराखंड माल और सेवा कर (संशोधन) विधेयक-2026

  • उत्तराखंड दुकान एवं स्थापना (रोजगार विनियमन और सेवा शर्त) संशोधन विधेयक-2026

  • आरक्षण से संबंधित उत्तराखंड (संशोधन) विधेयक-2026

  • उत्तराखंड जन विश्वास अधिनियम (संशोधन) विधेयक-2026

  • उत्तराखंड सार्वजनिक द्यूत रोकथाम विधेयक-2026

  • उत्तराखंड भाषा संस्थान (संशोधन) विधेयक-2026

  • उत्तराखंड अल्पसंख्यक आयोग (संशोधन) विधेयक-2026

  • उत्तराखंड कारागार एवं सुधारात्मक सेवाएं (संशोधन) विधेयक-2026  उत्तराखंड में हर परिवार की बनेगी देवभूमि परिवार ID